Blog

  • दूसरी शादी करना चाहती हैं एक्ट्रेस Mahima Chaudhary, बोली – ‘सपोर्ट सिस्टम जरुरी है’

    दूसरी शादी करना चाहती हैं एक्ट्रेस Mahima Chaudhary, बोली – ‘सपोर्ट सिस्टम जरुरी है’

    मनोरंजन: बॉलीवुड एक्ट्रेस महिला चौधरी इन दिनों खूब सुर्खियों में बनी हुई हैं। एक्ट्रेस की हाल ही में फिल्म दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी रिलीज हुई है। फिल्म को भले ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला परंतु इसकी कहानी की फैंस ने काफी तारीफ की है। 52 साल की महिमा चौधरी इसमें दूसरी बार शादी करती हैं। अब इसी बीच एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि रियल लाइफ की बात करें तो एक्ट्रेस असल में भी घर बसाने को तैयार है। हाल ही में उन्होंने इस बारे में बात की है।

    शादी करना चाहती हैं महिमा चौधरी

    एक्ट्रेस की एक बेटी हैं अरियाना चौधरी। वह उसकी काफी अच्छी परवरिश कर रही हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर वो जरुर दूसरी शादी के बारे में सोचती हैं। वो भी तब जब वो लोगों की आंखों में फिल्म देखने के बाद एक अलग उम्मीद देख रही हैं। इस बारे में चर्चा होती देख रही हैं। एक्ट्रेस ने बताया कि भले ही उनकी पहली शादी चल नहीं पाई लेकिन उनका इस बंधन पर से विश्वास नहीं उठा है। उन्हें मौका मिला तो वो जरुर ये करना चाहेंगी परंतु इस मामले में अब भी एक अड़चन है।

    ‘मुझे अहसास हुआ’

    एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने कहा कि – ‘मैंने अपने माता-पिता की लंबी शादी देखी थी और उसमें इतना प्यार था, तो मैं तलाक के बारे में सोचती ही नहीं थी। मैं जब भी किसी के डिवोर्स के बारे में सुनती थी तो मुझे लगता शायद किसी एक ने इस शादी को बचाने की उतनी कोशिश नहीं की होगी मैं इनकी जगह होती तो बहुत ट्राई करती मगर जब मुझ पर बीती तो अहसास हुआ। मैं तब उतनी मजबूत नहीं थी मगर हां मेरे पास एक सपोर्टिव फैमिली थी मेरी मां ने मुझे सपोर्ट किया मेरी नानी ने मुझे हिम्मत दी वो बोली कि ठीक है बच्चे हम पाल लेंगे’।

    ‘अकेले की बेटी की परवरिश’

    एक्ट्रेस ने आगे बताया कि वो शादी करना चाहती है लेकिन इसमें एक रुकावट है। वो बोली – ‘अभी तक मेरा तलाक नहीं हुआ है। मेरा डिवोर्स पेंडिंग है मगर दोबारा शादी करने के बारे में बिल्कुल सोचती हूं मैं और अब तो और ज्यादा सोच रही हूं जबसे इस फिल्म का शादी वाला फोटो वायरल हुआ है लोग मेरी दूसरी शादी की उम्मीद कर रहे हैं मैं उन लोगों में से हूं जो एक बारे में हार नहीं मानते मैं शादी के बंधन में यकीन करती हूं। मेरा मानना है कि दो लोग मिलकर जिंदगी को खुशनुमा बना सकते हैं। ये सपोर्ट सिस्टम जरुरी होता है होना चाहिए’। सिंगल पेरेंट होने के नाते महिमा को कई तरह की मुश्किलों से जूझना पड़ा। उन्होंने कहा कि – ‘चुनौतियां होती है मगर मेरी बेटी अरियाना अपने ग्रैंड पेरेंट्स के साथ पली बढ़ी है तो उसकी इतनी डिमांड्स नहीं होती। वो बचपन से ही समझदार और संवेदनशील है उसने मुझे कभी किसी मुश्किल परिस्थिति में नहीं पड़ने दिया’।            
  • दर्दनाक हादसा: 25 बच्चों से भरी स्कूली बस नदी में पलटी, मची चीख-पुकार

    दर्दनाक हादसा: 25 बच्चों से भरी स्कूली बस नदी में पलटी, मची चीख-पुकार

    नेशनल डेस्क। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। जहां, जोहड़ गांव के पास एक स्कूल बस अचानक नदी में गिर गई। बस में स्कूली बच्चे सवार थे। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूल बस में लगभग 25 बच्चे थे। बस के नदी में गिरते ही स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर बच्चों को निकाला बाहर
    हादसे के बाद आनन-फानन में बच्चों को बस से बाहर निकाला गया। कई बच्चों को चोटें आई हैं। कुछ बच्चों को हल्की चोटें लगीं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
    घायल बच्चों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सभी बच्चों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।

    6 बच्चों को लाया गया विदिशा मेडिकल कॉलेज
    विदिशा मेडिकल कॉलेज के बीएमओ डॉ. नारायण ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर करीब 1:30 बजे 6 बच्चों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया। उन्होंने बताया कि बस जाहोद नदी में गिर गई थी।

    दो बच्चों के सिर में गंभीर चोट
    डॉ. नारायण के अनुसार, भर्ती किए गए 6 बच्चों में से 2 बच्चों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है। बाकी बच्चों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

     
  • Jalandhar News : डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने नागरिक सेवाओं में जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    Jalandhar News : डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने नागरिक सेवाओं में जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    कहा, देरी बर्दाश्त नहीं, सभी अधिकारी समय पर आवेदनों का करें निपटारा

    जालंधर, ENS: डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिक सेवाएं उपलब्ध करवाने और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्राप्त आवेदनों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करते हुए जीरो पेंडेंसी के लक्ष्य को हासिल किया जाए।

    जिला प्रशासकीय कम्प्लेक्स में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान जिले भर के सेवा केंद्रों में 3,75,774 आवेदकों द्वारा विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाया गया है। अभी भी 0.22 प्रतिशत बकाया दर पाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित निगरानी और बकाया आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए इसे जीरो पर लाया जाए।

    निश्चित समय सीमाओं की सख्ती से पालना करने पर जोर देते हुए डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी बिना वजह देरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लोगों को निर्विघ्न, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से नागरिक सेवाएं उपलब्ध करवाना पहली प्राथमिकता दी जा रही है। इसी प्रतिबद्धता के तहत अनेक क्रांतिकारी पहलकदमियां शुरू की गई है और सरकारी दफ्तरों में लोगों की सुविधा के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

    पब्लिक ग्रीवैंस रिड्रेसल सिस्टम (पी.जी.आर.एस.) के तहत बकाया आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए डा. अग्रवाल ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समय पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। पी.जी.आर.एस. पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का मतलब इसे जल्द से जल्द हल करना है और इसमें की गई देरी पोर्टल के उद्देश्य को कमजोर करती है।

    प्रशासन द्वारा जनता की सेवाएं उपलब्ध करवाने को और मजबूती से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डिप्टी कमिश्नर ने नागरिक सेवाओं को समय पर, प्रभावी और निर्विघ्न ढंग से उपलब्ध करवाने के लिए सभी को सुचारु तालमेल से काम करने को कहा।

  • IND vs PAK U19 Asia Cup : भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 90 रन से रौंदा

    IND vs PAK U19 Asia Cup : भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 90 रन से रौंदा

    खेल डेस्क। भारत ने अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 46.1 ओवर में 240 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 41.2 ओवर में 150 रन पर ही आउट हो गई। भारत ने इस मैच को 90 रन से जीतकर लगातार दूसरी जीत अपने नाम की।

    बारिश के बावजूद मैच हुआ पूरा
    इस मैच की शुरुआत बारिश के कारण थोड़ी देर से हुई। हालांकि, मैच में सिर्फ एक-एक ओवर की कटौती की गई, जिससे दोनों टीमों को पूरा खेलने का मौका मिला।

    भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन
    वैभव सूर्यवंशी से इस मैच में जोरदार पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह सिर्फ 5 रन ही बना सके। कप्तान आयुस म्हात्रे ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। उन्होंने 25 गेंदों पर 38 रन बनाए।

    एरॉन जॉर्ज ने अपनी लगातार अच्छी फॉर्म जारी रखी और 88 गेंदों में 12 चौके और 1 छक्के की मदद से 85 रन बनाए। अंत में कनिष्क चौहान ने 46 गेंदों पर 46 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने भारत को 240 रनों तक पहुंचाने में मदद की।

    पाकिस्तान की बल्लेबाजी रही कमजोर
    पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छे शुरूआत की कोशिश की, लेकिन केवल कुछ बल्लेबाज ही टिक पाए। हुजैफा अहसान ने सर्वाधिक 70 रन की पारी खेली। कप्तान फरहान यूसुफ ने 23 और उस्मान खान ने 16 रन बनाए। बाकी सभी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके।

    भारतीय गेंदबाजों की शानदार गेंदबाजी
    भारत की तरफ से दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने शानदार प्रदर्शन किया और तीन-तीन विकेट लिए। भारत की कसी हुई गेंदबाजी के आगे पाकिस्तान के तीन बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके।

    बड़ी जीत के मायने
    भारत ने पाकिस्तान को 90 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत अपने नाम की। टीम इंडिया की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही शानदार रही। इस जीत के साथ भारत अंडर-19 एशिया कप में अपनी स्थिति मजबूत करता दिख रहा है।

     

     

  • Punjab News : फर्जी वोटिंग कराने के आरोप में पीठासीन अधिकारी बदला गया, देखें वीडियो

    Punjab News : फर्जी वोटिंग कराने के आरोप में पीठासीन अधिकारी बदला गया, देखें वीडियो

    गुरदासपुर। जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के दौरान गुरदासपुर के गांव चाहिआ में प्रेसिडिंग अधिकारी रजनी प्रकाश पर फर्जी वोटिंग का एक पार्टी विघायक ने आरोप लगया। मिली जानकारी के अनुसार फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर मतदान प्रक्रिया 1 घंटे तक रूकी रही। इसके बाद मामले संबंधी इलेक्शन कमीशन को शिकायत दी गई।

    शिकायत मिलते ही इलेक्शन कमीशन के अधिकारी दुर्गा दास ने मौके पर पहुंचे। इसके बाद कार्रवाई करते हुए प्रेसिडिंग अधिकारी रजनी प्रकाश को पोलिंग बूथ से हटा दिया और नया प्रोजेक्टिंग अफसर तैनात किया है। जिसके बाद सुचारू रूप वोटिंग प्रक्रिया फिर से शुरू करवा दी गई है।

  • पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को दिया ‘सेकंड चांस’, PSIEC की OTS योजना 31 दिसंबर 2025 तक लागू

    पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को दिया ‘सेकंड चांस’, PSIEC की OTS योजना 31 दिसंबर 2025 तक लागू

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को एक अभूतपूर्व राहत देते हुए ऐतिहासिक वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। यह योजना उन 1,145 औद्योगिक प्लॉट धारकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है जो पिछले चालीस से अधिक वर्षों से बढ़ी हुई जमीन की लागत और मूल राशि के भुगतान में डिफॉल्ट होने के कारण कानूनी और वित्तीय परेशानियों का सामना कर रहे थे। पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) की यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक खुली है और इससे उद्योगपतियों को कुल 410 करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल पुराने विवादों को सुलझाने में मदद करेगी, बल्कि पंजाब में औद्योगिक विकास को भी गति देगी और हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगी।

    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 3 मार्च 2025 को मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी मिलने के मात्र 10 दिनों के भीतर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया, जो सरकार की त्वरित कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “यह योजना उन औद्योगिक इकाइयों के लिए एक नया जीवन है जो दशकों से वित्तीय बोझ तले दबी हुई थीं। मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह उद्योग-समर्थक सरकार है।” योजना के तहत डिफॉल्टर प्लॉट धारकों को केवल 8 प्रतिशत साधारण ब्याज पर अपनी बकाया राशि का भुगतान करना होगा और 100 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज माफ कर दिया जाएगा। यह छूट उन उद्योगपतियों के लिए भी लागू है जिनके प्लॉट पहले ही रद्द हो चुके हैं।

    इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिन उद्योगपतियों के आवंटन रद्द हो चुके हैं, वे भी अपनी बकाया राशि का भुगतान करके अपने प्लॉट वापस पा सकते हैं। यह ‘सेकंड चांस’ की संकल्पना उन सैकड़ों छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी औद्योगिक इकाइयां खो दी थीं। योजना 1 जनवरी 2020 से पहले आवंटित सभी औद्योगिक प्लॉट, शेड और आवासीय प्लॉट पर लागू होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह योजना बढ़ी हुई भूमि लागत और विलंबित मूल भुगतान से संबंधित औद्योगिक विवादों को निपटाने की सुविधा प्रदान करेगी। PSIEC द्वारा विकसित औद्योगिक फोकल पॉइंट्स में स्थित सभी संपत्तियां इस योजना के दायरे में आएंगी।

    लुधियाना से राज्यसभा सांसद और पश्चिम लुधियाना से विधायक संजीव अरोड़ा ने इस योजना को एक “गेम चेंजर” बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस मुद्दे को सरकार के साथ उठाते रहे हैं। उन्होंने कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की और उद्योगपतियों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। अरोड़ा ने कहा, “यह योजना केवल वित्तीय राहत नहीं है, बल्कि उद्योगपतियों के भरोसे को बहाल करने का माध्यम है। जो लोग दशकों से अनिश्चितता में जी रहे थे, अब वे आत्मविश्वास से अपने व्यवसाय को पुनर्जीवित कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि लुधियाना में सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां इस समस्या से प्रभावित थीं और अब उन्हें नई उम्मीद मिली है।

    पंजाब के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से मिली प्रतिक्रियाएं बेहद सकारात्मक हैं। जालंधर के एक छोटे उद्योगपति रविंदर सिंह ने बताया, “2018 में मुझे एक प्लॉट आवंटित हुआ था, लेकिन व्यवसाय में आई कठिनाइयों के कारण मैं बढ़ी हुई लागत का भुगतान नहीं कर सका। मेरा प्लॉट रद्द हो गया और मैंने सोचा कि सब कुछ खत्म हो गया। अब इस योजना ने मुझे फिर से खड़े होने का मौका दिया है।” इसी तरह मोहाली के औद्योगिक क्षेत्र से हरदीप कौर ने कहा, “हम पिछले पांच वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे और भारी वकीलों की फीस चुका रहे थे। यह योजना हमारे लिए राहत की सांस है। अब हम अपना पूरा ध्यान व्यवसाय विस्तार पर लगा सकते हैं।” उद्योग संघों ने भी इस पहल की सराहना की है और अधिक से अधिक सदस्यों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

    इस योजना का आर्थिक प्रभाव व्यापक होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 1,145 उद्योगपतियों को राहत मिलने से न केवल उनके व्यवसाय स्थिर होंगे, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ये उद्योगपति सामूहिक रूप से हजारों लोगों को रोजगार देते हैं। PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना पंजाब को एक उद्योग-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करेगी और नए निवेश को आकर्षित करेगी। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, इस योजना से राज्य की GDP में भी वृद्धि होगी क्योंकि बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयां फिर से शुरू होंगी। PSIEC को भी लंबे समय से लंबित बकाया राशि मिलने से उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वह नई औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश कर सकेगा।

    पंजाब सरकार ने योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। PSIEC द्वारा एक विशेष वर्चुअल हेल्प डेस्क स्थापित की गई है जहां उद्योग प्रवर्तक योजना का लाभ उठाने के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह हेल्प डेस्क आवेदकों के लिए एक सुगम और परेशानी मुक्त प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। PSIEC के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत केवल प्लॉट की मूल लागत और बढ़ी हुई भूमि लागत पर ही OTS लागू होगी। मूल राशि किसी भी तरह से माफ नहीं की जाएगी, लेकिन 100 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज की छूट और केवल 8 प्रतिशत साधारण ब्याज का प्रावधान उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि डिफॉल्टर इस योजना के तहत भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो बकाया राशि उनके संबंधित आवंटन की शर्तों के अनुसार वसूल की जाएगी।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था, जो सरकार की उद्योग-केंद्रित नीतियों का प्रमाण है। मान सरकार ने अपने कार्यकाल में कई उद्योग-समर्थक पहल की हैं, जिनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और निवेशक अनुकूल नीतियां शामिल हैं। इस OTS योजना को भी उसी शृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा, “यह पहल पंजाब में औद्योगिक विकास को गति देगी, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी और व्यवसायों तथा रोजगार सृजन के समर्थन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।” यह योजना पंजाब को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    31 दिसंबर 2025 की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए, उद्योगपतियों से अपील की जाती है कि वे जल्द से जल्द इस योजना का लाभ उठाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान है, बल्कि यह भविष्य में बेहतर औद्योगिक माहौल की नींव भी रखती है। सोशल मीडिया पर भी उद्योगपतियों और व्यापारियों ने इस योजना की खूब सराहना की है। कई लोग इसे “मान सरकार का उद्योगों के लिए दिवाली गिफ्ट” बता रहे हैं। राज्य भर में उद्योग संघ अपने सदस्यों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविर आयोजित कर रहे हैं। PSIEC के कार्यालयों में पूछताछ करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।

    पंजाब सरकार की यह पहल यह संदेश देती है कि जब सरकार उद्योग-अनुकूल होती है तो न केवल व्यवसायों को फायदा होता है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलता है। औद्योगिक इकाइयों के पुनर्जीवित होने से रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और पंजाब की समग्र विकास दर में सुधार होगा। यह योजना उन हजारों परिवारों के लिए आशा की किरण है जो इन औद्योगिक इकाइयों पर निर्भर हैं। अब जिम्मेदारी उद्योगपतियों की है कि वे समय रहते इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों को सुलझाकर पंजाब के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना की सफलता अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

  • Nitin Nabin बने बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

    Nitin Nabin बने बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

    नई दिल्ली। बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। पार्टी ने उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस पद पर वे जेपी नड्डा की जगह लेंगे। बीजेपी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पार्टी के संसदीय बोर्ड ने यह फैसला लिया है। बयान के अनुसार, नितिन नबीन की यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

    Read in English:

    https://encounternews.in/india/bihar-minister-nitin-nabin-appointed-bjps-national-working-president/

    पार्टी और राजनीति में नई रणनीति
    बीजेपी के इस फैसले को बिहार और देश की राजनीति में एक नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करना चाहती है। इसी सोच के तहत नितिन नबीन को यह अहम जिम्मेदारी दी गई है।

    नबीन के पास संगठन चलाने का अच्छा अनुभव
    केंद्रीय नेतृत्व का कहना है कि नितिन नबीन के पास संगठन चलाने का अच्छा अनुभव है। उन्हें जमीनी राजनीति की गहरी समझ है और प्रशासनिक कामकाज में भी वे मजबूत माने जाते हैं। इन्हीं कारणों से उन्हें यह बड़ा पद सौंपा गया है।

    चार बार के रह चुके हैं विधायक
    नितिन नबीन बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वे चार बार विधायक रह चुके हैं। फिलहाल वे बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री के पद पर हैं। उन्होंने पटना के बांकिपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार चुनाव जीते हैं।

    राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया
    नितिन नबीन ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने सरकार और संगठन—दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। पार्टी के अंदर उनकी छवि एक मेहनती और भरोसेमंद नेता की रही है।

    सड़क और आवास योजनाओं में योगदान
    पथ निर्माण मंत्री के तौर पर नितिन नबीन ने बिहार में सड़कों की हालत सुधारने पर खास ध्यान दिया। उनके कार्यकाल में सड़क निर्माण को तेज़ी मिली। इसके साथ ही उन्होंने शहरी आवास योजनाओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई।

    युवा नेता से राष्ट्रीय पद तक का सफर
    युवा राजनीति से शुरुआत कर कैबिनेट मंत्री बनने और अब बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तक पहुंचना नितिन नबीन के लंबे राजनीतिक सफर को दिखाता है। आज वे बीजेपी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जा रहे हैं।

     

  • Punjab News : फर्जी वोटिंग करने को लेकर दो पार्टी वर्कर आपस में भिड़े, देखें वीडियो

    Punjab News : फर्जी वोटिंग करने को लेकर दो पार्टी वर्कर आपस में भिड़े, देखें वीडियो

    अमृतसर। पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के लिए वोटिंग हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 4 बजे तक चली। लोगों ने बैलेट पेपर के जरिए वोट डाले। चुनाव नतीजे 17 दिसंबर को आएंगे। राज्य में 22 जिला परिषदों के 347 जोन और 153 पंचायत समितियों के 2,838 जोन के सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान हुआ है। कुल 9,000 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। कुल 1.36 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र हैं।

    पार्टी वर्करों ने फर्जी वोटिंग का एक-दूसरे पर लगाया आरोप
    वहीं, राजासांसी के महमदपुरा गांव में दो पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि बिना पहचान पत्र के वोट देने पहुंचे एक वोटर को रोकने पर झगड़ा हो गया। पोलिंग एजेंट के आधार कार्ड मांगने पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में जमकर बहस हो गई। मौके पर पहुंचे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच लड़ाई हो गई। जिसके चलते पिछले आधे घंटे तक पोलिंग रुकी रही। इसके बाद दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आये। इधर, पोलिंग बूथ नंबर 93 पर ईंट-पत्थर फेंके गये।

  • Punjab News: इस इलाके में चुनाव के दौरान दो गुटों में हुई झड़प, गरमाया माहौल, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में चुनाव के दौरान दो गुटों में हुई झड़प, गरमाया माहौल, देखें वीडियो

    अमृतसर: मजीठा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले गांव तलवंडी दोसांदा में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान माहौल गरमा गया। इस दौरान दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया जिसके बाद तोड़फोड़ भी हुई। इस घटना से जुड़ी लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है।

    एक पक्ष के युगराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी और मामा के साथ वोट डालने के लिए जा रहे थे। तभी रास्ते में मौजूद सरपंच जतिंदर और उनके साथियों ने उनकी गाड़ी रोककर मारपीट और धमकियां दी।

    युगराज सिंह के अनुसार, करीबन 30-35 लोगों ने उनकी कार में तोड़फोड़ की। इसके बाद आगे का शीशा और साइड मिरर तोड़ दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक व्यक्ति ने 45 बौर का पिस्तौल निकाल लिया था। आरोप यह भी लगाया गया है कि उनकी पगड़ी उतारी गई वहीं पत्नी के गहने खींचने की कोशिश की गई।

    युगराज सिंह ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं है। सिर्फ अपने वोट का अधिकार इस्तेमाल करने जा रहे थे। दूसरे पक्ष ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि युगराज सिंह ने ही उकसाने वाली हरकत की थी।

    गांव में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और किसी तरह की गंभीर मारपीट नहीं हुई। मामले को लेकर डीएसपी धर्मिंदर कल्याण ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सभी पोलिंग बूथों पर मतदान शांतिपूर्वक चल रहा है। किसी तरह की रुकावट नहीं है।

    पुलिस का कहना है कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मतदाताओं से बिना डरे हुए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की है।

     

  • उत्कर्ष शर्मा बने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर 

    उत्कर्ष शर्मा बने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर 

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की हरोली तहसील के छोटे से गांव चांदपुर (कलेहरा) निवासी उत्कर्ष शर्मा का चयन भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में हुआ है। उनके पिता नरेश शर्मा एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं तथा उनकी माता मोनिका शर्मा गृहिणी हैं। उत्कर्ष शर्मा पढ़ाई में अत्यंत मेधावी रहे हैं। उन्होंने नॉन-मेडिकल स्ट्रीम से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री पूरी की। एक गौरवशाली रक्षा पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले उत्कर्ष को अपने दादा स्वर्गीय सूबेदार केशवा नंद शर्मा से प्रेरणा मिली है, जिन्होंने भारतीय सेना में सेवा दी थी। कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर उत्कर्ष शर्मा ने अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण किया। उन्होंने देहरादून में आयोजित पांच दिवसीय सेवा चयन बोर्ड (SSB) साक्षात्कार को भी पहले प्रयास में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया, जिससे न केवल ऊना जिला बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन हुआ। भारतीय वायुसेना द्वारा 12 दिसंबर 2025 को घोषित परिणामों के अनुसार, उत्कर्ष शर्मा का भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन हेतु चयन हुआ है। उन्हें 28 दिसंबर 2025 को हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां जनवरी 2026 से उनका प्रशिक्षण बैच प्रारंभ होगा।