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  • आर्मी ट्रक और एंबुलेंस में टक्कर, 3 लोगों की मौत, दो लोग घायल

    आर्मी ट्रक और एंबुलेंस में टक्कर, 3 लोगों की मौत, दो लोग घायल

    श्रीगंगानगरः श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में 6 बजे नेशनल हाईवे-62 पर सेना के ट्रक और एंबुलेंस के बीच टक्कर होने का मामला सामने आया है। हादसा इतना जबरदस्त था कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार हादसा सूरतगढ़ सदर थाना क्षेत्र में 22 एलजीडब्लयू के पास हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। घायलों को तुरंत सूरतगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मृतक श्रीगंगानगर के हिंदुमलकोट थाना क्षेत्र के 5 बी कोनी गांव के रहने वाले थे।

     

  • रामलला मंदिर केस: SIT ने खोले सुरक्षा ढील और अंदरूनी नेटवर्क के राज़

    रामलला मंदिर केस: SIT ने खोले सुरक्षा ढील और अंदरूनी नेटवर्क के राज़

    रामलला मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की जांच ने कई परतें खोल दी हैं। सूत्र बताते हैं कि दान की गिनती करने वाले कर्मचारी बेहद सुनियोजित तरीके से काम करते थे। गणना कक्ष में वे न तो बातचीत करते थे और न ही एक-दूसरे की ओर देखते थे, ताकि किसी को शक न हो। बाहर भी उनका व्यवहार ऐसा होता था मानो वे एक-दूसरे को जानते ही न हों। जांच में सामने आया कि चोरी की प्रक्रिया पहले से तय रहती थी। नकदी निकालकर उसे बाथरूम या अन्य जगहों पर छिपाया जाता और बाद में सुरक्षा से बचाकर बाहर ले जाया जाता था। केवल पार्टी के मौकों पर ही उनके बीच घनिष्ठता दिखाई देती थी। एक पूर्व बैंक कैशियर ने एसआईटी को बताया कि पहले सुरक्षा बेहद सख्त थी, गहन तलाशी, विशेष ड्रेस और कई स्तर की जांच के बाद ही गणना कक्ष में प्रवेश मिलता था। लेकिन बाद में इन व्यवस्थाओं में ढील दी गई। कैशियर ने यह भी दावा किया कि मंदिर परिसर में चार लोगों का विशेष प्रभाव था, चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव और टिन्नू यादव। खासकर टिन्नू यादव का नाम लेने पर किसी भी जगह आने-जाने में रोक-टोक नहीं होती थी। करीब 10×15 फीट के गणना कक्ष में 10 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में नकदी और सिक्कों की गिनती होती थी। नकदी की छंटनी, गिनती और बंडलिंग की जाती थी, जबकि सिक्कों को अलग झोलों में रखा जाता था। कर्मचारियों को कई स्तर की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता था, पुलिस तलाशी, हुंडी कार्यालय में जांच, उपस्थिति दर्ज कराना, मोबाइल और निजी सामान लॉकर में जमा करना और विशेष ड्रेस पहनना। इसके बाद ही प्रवेश मिलता था। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती थी। गिनती पूरी होने के बाद नकदी का रिकॉर्ड दर्ज कर वाउचर तैयार किया जाता और फिर लोहे के कंटेनर में बैंक भेजा जाता था।
     
  • पति को बाथरूम में दफनाने का मामलाः आरोपी पत्नी को भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

    पति को बाथरूम में दफनाने का मामलाः आरोपी पत्नी को भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

    आगराः यूपी के आगरा में पति को बाथरूम में दफनाने वाली पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जेल जाते वक्त रूबी घूंघट में मुंह छिपाती रही। पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि पति सुरेंद्र शराब पीकर उसे मारता-पीटता था। वह 16 साल से परेशान थी। इसलिए उसने पति के खाने में नींद की गोलियां पीसकर मिला दीं। रात करीब 3 बजे उठी तो देखा कि उनकी सांसें नहीं चल रही थी।

    उसने बताया कि सुबह उसने सास और बच्चों को जेठ के साथ राजस्थान भेज दिया। बाथरूम में गड्ढा खोदा। शव घसीटकर ले गई और गाड़ दिया। 400 रुपए में मिट्टी मंगाई। मिट्टी से जगह बराबर की। अगले दिन मजदूर बुलाकर वहां सीमेंट का फर्श बनवा दिया था।

    पुलिस शुक्रवार को सुरेंद्र के भाई की सूचना पर उसके घर पहुंची, वहां पुलिस को रूबी का व्यवहार संदिग्ध लगा। सुरेंद्र इसके बाद पुलिस ने घर की जांच कराई, तो बाथरूम की फर्श पर संदेह हुआ। इसके बाद बाथरूम की खुदाई कराई गई, जहां से सुरेंद्र का कंकाल मिला।

    पत्नी ने बताया कि पति की हत्या से 2 दिन पहले 16 मई को सुरेंद्र भरतपुर में अपनी रिश्तेदारी में गया था। वहां पर भी मेरा उससे झगड़ा हो गया था। मेरे रिश्तेदारों ने पुलिस केस करने की बात कही थी। इसके बाद सुरेंद्र ने रिश्तेदारों को समझाने के लिए 17 मई को मुझे फिर से भरतपुर भेजा।

    लेकिन, वहां पर मेरे साथ भी बुरा व्यवहार हुआ। पति और बच्चों के साथ मुझे भी जेल भेजने की धमकी दी गई। इससे मैं आहत थी। मेरे मन में पति के व्यवहार को लेकर बहुत गुस्सा था।

    रूबी ने बताया- मेरा पति और सास नींद की गोलियां खाती थीं। मैंने पति के खाने में नींद की गोलियां पीसकर मिला दी। खाना खाकर पति और बच्चे सब एक कमरे में सो गए। रात करीब 3 बजे मैं उठी। मैंने देखा कि पति की सांसें थम चुकी हैं।

    मैंने रात में बच्चों को उठाकर दूसरे कमरे में सुला दिया। पति की लाश को उसी कमरे में छोड़ दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। अक्सर पति सुबह देर से उठता था। ऐसे में मैंने बच्चे और सास को सुबह ही अपने जेठ को फोन कर उनके साथ भेज दिया था।

    सुबह जब सब लोग घर से चले गए तो घर का दरवाजा बंद किया। इसके बाद बाथरूम में जाकर करीब डे़ढ फीट गड्‌ढा खोदा। फिर पति की लाश का हाथ पकड़कर घसीटते उसे बाथरूम में ले गई। वहां लाश को गड्ढे में डाल दिया।

     

  • Sister से छेड़छाड़, भाई पर Car चढ़ाने की कोशिश, देखें वीडियो

    Sister से छेड़छाड़, भाई पर Car चढ़ाने की कोशिश, देखें वीडियो

    मोहालीः मोहाली में एक युवक पर कार चढ़ाने की वीडियो वायरल हो रही है। आरोप है कि एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो के ड्राइवर ने मोहाली की एक निजी सोसायटी में युवक पर कार चढ़ाने की कोशिश की। साथ ही गाड़ी में बैठे अन्य लोगों ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ भी की।

    युवक ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी है। पीड़ित युवक का आरोप है कि बाजार से ही स्कॉर्पियो गाड़ी ने उसका और उसकी बहन का पीछा किया। गाड़ी में पुलिस की एक वर्दी लटकी हुई थी। जब गाड़ी के नंबर से पड़ताल की तो यह बठिंडा के एक राजनेता की निकली। गाड़ी में एक विधायक के गनमैन सवार थे।

    पुलिस ने शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

    श्री गुरुहरसहाय सोसायटी के निवासी मनप्रीत सिंह ने बताया है कि वह शुक्रवार को अपनी बहन के साथ बाजार गए थे। जब वह बाजार से लौट रहे थे तो एक सफेद रंगी की स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनका पीछा किया। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार लोगों ने मेरी बहन के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। वहां से बच निकलने के लिए हम दोनों अपनी वर्ना कार में बैठ गए और मोहाली स्थित अपनी सोसाइटी में आए। आरोप है कि स्कॉर्पियो ड्राइवर यहां भी उनका पीछा करते गाड़ी लेकर पहुंच गया।

    आरोप लगाया है कि जब वे स्कॉर्पियो ड्राइवर से बचने के लिए अपनी कार में जा रहे थे, तब स्कॉर्पियो उनका पीछा कर रही थी और पीछे से लगातार लाइट और हॉर्न देकर उनकी वर्ना कार को रुकवाने की कोशिश की जा रही थी। डर की वजह से उन्होंने रास्ते में गाड़ी नहीं रोकी। जब वे सोसाइटी में पहुंचे तो उनके दो कजिन ब्रदर वहां टहल रहे थे। उन्होंने इशारा देकर स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश की, लेकिन स्कॉर्पियो ड्राइवर दूसरी गली से गाड़ी घुमाकर तेज रफ्तार में आया और उन पर कार चढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस से उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

     

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो इनामी बदमाश Encounter में ढेर, हांसी हत्याकांड में थे वांछित

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो इनामी बदमाश Encounter में ढेर, हांसी हत्याकांड में थे वांछित

    रोहतकः हरियाणा के बहादुरगढ़ में हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल की संयुक्त कार्रवाई की है। कार्रवाई में पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो आरोपियों को ढेर किया है। जानकारी के अनुसार लॉरेंस के ये दोनों आऱोपियों शार्प शूटर थे, जिनको पुलिस ने रविवार तड़के एनकाउंटर किया है।

    आपको बता दें दोनों आरोपी हांसी में जिम संचालक की हत्या के मामले में वांछित थे और एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि आरोपियों की पहचान हिसार जिले के तिब्बा दानाशेर निवासी प्रवेश और जाखोड़ खेड़ा निवासी हिमांशु के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस को उनकी तलाश थी।

    पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों हथियारों के साथ बहादुरगढ़ इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर हरियाणा एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने का प्रयास किया।

    पुलिस के अनुसार जब टीम ने दोनों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ में एक पुलिस कांस्टेबल के पैर में गोली लगी, जबकि चार अन्य पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हो गए।

    घायल बदमाशों को तत्काल बहादुरगढ़ के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल पुलिसकर्मी को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया है। एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि पूरे मामले की आगे की जांच बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा की निगरानी में की जाएगी।

     

     

  • Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित, देखें वीडियो

    Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित, देखें वीडियो

    जत्थेदार गड़गज ने कहा- अकाल तख्त दुनिया का सबसे ऊंचा न्याय का स्थान हैं

    अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर श्री दरबार साहिब में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सिख श्रद्धालुओं ने शिरकत की और श्री अकाल तख्त साहिब में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज ही के दिन 1606 में छठे गुरु हरगोबिंद साहिब ने मीरी-पीरी के सिद्धांत को व्यक्त करते श्री अकाल तख्त साहिब की रचना की थी। उन्होंने कहा कि उस समय जब जुल्म और अन्याय का दौर था और दुनियावी गद्दी से न्याय की उम्मीद खत्म हो गई थी, तब श्री गुरु साहिब ने सिख समुदाय को सर्वोच्च न्याय का सिंहासन प्रदान किया।

    जत्थेदार ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब न केवल सिखों का धार्मिक केंद्र है, बल्कि पूरे खालसा पंथ को धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने वाला सर्वोच्च सिंहासन है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में रहने वाले सिख जो गुरु नानक का नाम लेते हैं, हर बड़े मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब की ओर देखते हैं और यहां से हमेशा हक, सच्चाई और न्याय की आवाज़ उठी है। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे सिख समुदाय को बधाई दी और अपील की कि सिख समुदाय को विभाजित करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करना चाहिए।

    ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बेगुनाह लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि फेक एनकाउंटर और बेगुनाह लोगों की हत्या जैसी घटनाएं इंसानियत के लिए चिंता की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासकों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी भी बेगुनाह व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हमेशा से पूरी इंसानियत को गले लगाने, आपसी भाईचारे और सबकी भलाई का संदेश देता रहा है। गुरुओं की शिक्षाओं के अनुसार, सिख धर्म का असली मकसद हर इंसान में भगवान को देखना और सच्चाई, न्याय और इंसानियत की सेवा के रास्ते पर चलना है।

     

     

  • युवक ने फंदा लगा की आत्महत्या, Suicide से पहले दी चेतावनी, देखें वीडियो

    युवक ने फंदा लगा की आत्महत्या, Suicide से पहले दी चेतावनी, देखें वीडियो

    लुधियानाः लुधियाना ग्यासपुरा के हरि गोबिंद नगर गली-9 में एक 26 वर्षीय अविवाहित युवक द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अरविंद नगर निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से यहां धागा प्लांट (ओसवाल) में काम करता था और कमरे पर अकेला रहता था। खुदकुशी करने से पहले युवक ने अपने मोबाइल पर एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने गंभीर चेतावनी दी थी।
     
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    मृतक के चाचा प्रमोद शर्मा ने बताया कि वे अपनी ड्यूटी पर थे जब उनके भतीजे का फोन आया। भतीजे ने फोन पर कहा चाचा, आधे घंटे या एक घंटे में आ जाओ नहीं तो फिर मेरा मुंह नहीं देख पाओगे। प्रमोद शर्मा के मुताबिक भतीजा पहले भी शराब के नशे में इस तरह की बातें कर चुका था इसलिए उन्होंने इसे सामान्य समझा। फिर भी मन में शंका होने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे सनी कुमार को तुरंत बाइक देकर कमरे पर देखने के लिए भेजा। पिता के कहने पर जब सनी कुमार तुरंत ग्यासपुरा स्थित कमरे पर पहुंचा, तो वहां अंधेरा था और कुंडी खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला। सनी ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि वह अभी 10 मिनट पहले ही बात कर रहा था। दोबारा जांच करने पर जब लाइट जलाकर अंदर देखा गया, तो दीपक कुमार फंदे से लटका हुआ था। परिजनों ने तुरंत उसे फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार मृतक ने फंदा लगाने से ठीक पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह कह रहा है कि फोन उठा लो, नहीं तो मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे। हालांकि, उसने यह वीडियो किसे भेजी या वह किसे फोन करने की बात कर रहा था, इस बात का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई है और युवक का मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। चाचा प्रमोद शर्मा ने बताया कि सुबह भतीजा उनके पास आया था और खाना खाकर गया था। वह थोड़ा बीमार था और उसने बताया था कि वह ग्लूकोज/पानी चढ़वा कर आया है। इस पर चाचा ने उसे फल और दवाइयों के लिए 500 रुपए भी दिए थे। परिजनों का कहना है कि उसका किसी के साथ कोई लड़ाई-झगड़ा या विवाद नहीं था और उसने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।      
  • Whatsapp के Username को लेकर मचा बवाल, भारत सरकार ने कंपनी को भेजा नोटिस

    Whatsapp के Username को लेकर मचा बवाल, भारत सरकार ने कंपनी को भेजा नोटिस

    टेक्नोलॉजी: व्हाट्सऐप के यूजरनेम फीचर पर इस समय बवाल मच चुका है। आम लोगों के बीच में इस फीचर को लेकर काफी कंफ्यूजन पैदा हो चुकी है। भारत सरकार ने बुधवार को कंपनी को नोटिस भेजा और तीन दिनों के अंदर जवाब देने को कहा कि – ‘साथ ही अभी यूजरनेम फीचर को होल्ड करने का कहा है’। अब सवाल यहां पर यह आता है कि क्या यूजरनेम फीचर को लेना जरुरी है या फिर- नहीं है। व्हाट्सऐप ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके कुछ जरुरी सवालों पर जवाब दिए हैं। व्हाट्सऐप ने एक्स करके सबसे पहला सवाल ये है कि क्या व्हाट्सऐप यूजरनेम लेना जरुरी है? इसके जवाब में खुद व्हाट्सऐप ने जवाब दिया है कि नहीं है। यह सर्विस पूरी तरह से ऑप्शन्ल है। इसको लेना या फिर ना लेना पूरी तरह से यूजर के विवेक के ऊपर होता है।

    यूजरनेम की मदद से मैसेज भेजने की सुविधा नहीं है उपलब्ध

    व्हाट्सऐप ने आगे जवाब दिया है कि फिलहाल यूजरनेम की मदद से मैसेज भेजने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह फीचर आएगा और नया शख्स मैसेज भेजेगा तो मैसेज भेजने वाले के देश की जानकारी दी जाएगी। पहली बार मैसेज भेजने वाले पर अलर्ट भी दिखाया जाएगा।

    अभी नहीं किया यूजरनेम फीचर को लॉन्च

    व्हाट्सऐप ने अपने पोस्ट में यह साफ कर दिया है कि अभी इस यूजरनेम फीचर को लॉन्च नहीं किया गया है। व्हाट्सऐप ने यूजरनेम फीचर के ऑफिशियल लॉन्च से पहले ही रिजर्वेशन की सुविधा शुरु कर दी है। इसके पीछे तर्क दिया है कि कंपनी का यह मानना है कि लोग अपने पसंदीदा यूजरनेम को लेकर काफी गंभीर है।

    साल के अंतर तक होगा लॉन्चिंग

    व्हाट्सऐप ने बताया है कि वह इस फीचर को जल्दबाजी में लॉन्च नहीं करना चाहते हैं। वह यूजर्स को फीडबैक लेकर इस साल के अंत में फीचर को सही तरीक से लॉन्चिंग करने की योजना बना रहे हैं। अभी इसको सिर्फ रिजर्वेशन के लिए जारी किया है।        
  • चंडीगढ़ बिल्डिंग हादसा: मलबे में दबने से दो लोगों की मौत, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ बिल्डिंग हादसा: मलबे में दबने से दो लोगों की मौत, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम एक बिल्डिंग गिर गई। होटल द फर्न के नजदीक ये बड़ा हादसा हुआ। हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस-प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद है और बिल्डिंग के मलबे को हटाने का काम तेजी से जारी है। कुछ लोगों के दबे होने की आशंका भी जताई जा रही है।
     
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    रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मेयर सौरभ जोशी के साथ खास बातचीत की गई। मेयर ने बताया कि 4 से 5 के बीच सूचना मिली थी कि इंडस्ट्री एरिया फेस टू में बिल्डिंग गिरी है। जिसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। मौके पर पहुंची टीमों ने तीन व्यक्तियों को बाहर निकाल लिया था। लेकिन दो व्यक्ति अंदर क्रिटिकल सिचुएशन में फंसे हुए थे। जिनको बाहर निकलना आसान नहीं था तो एनडीआरएफ की टीमों को तुरंत सूचित किया गया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीमों ने कड़ी मशक्क्त के बाद दोनों व्यक्तियों को बाहर निकाल लिया गया है। लेकिन मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सेना, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और चंडीगढ़ प्रशासन की टीमों ने करीब 6 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर फंसे लोगों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी तरुण जैन (45) और तरुण कौशिश (48) के रूप में हुई है। वहीं कुलदीप सिंह, कुलबीर सिंह, उमेश, राहुल और अजीत को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मेयर ने कहा कि मामले में कहां गलती हुई है, इसको लेकर जांच करवाई जाएगी। वहीं मानसून से पहले जो चंडीगढ़ में जर्जर बिल्डिंग है, जिसे आने वाले समय में खतरा पैदा हो सकता है, उसको लेकर भी एक्शन लिया जाएगा।      
  • स्नान पूर्णिमा के बाद बीमार होते हैं भगवान जगन्नाथ, ये है रथयात्रा से जुड़ी पौराणिक कथा

    स्नान पूर्णिमा के बाद बीमार होते हैं भगवान जगन्नाथ, ये है रथयात्रा से जुड़ी पौराणिक कथा

    धर्म: पूरी के जगन्नाथ मंदिर में होने वली रथ यात्रा का भक्तों को पूरे साल इंतजार रहता है। यह सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि आस्था परंपरा और भक्ति का अद्भूत मिलन है। हर साल लाखों भक्त जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं लेकिन रथ यात्रा से ठीक पहले भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार पड़ जाते हैं। इस दौरान भक्त उनके दर्शन नहीं कर पाते हैं।

    स्नान पूर्णिमा के बाद आखिर कब शुरु होगा अनसर काल

    रथ यात्रा से पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान पूर्णिमा का आयोजन होता है। इस मौके पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को 108 पवित्र घड़ों के जल से विशेष स्नान कराया जाता है। धार्मिक मान्याओं के अनुसार, इतने भव्य स्नान के बाद भगवान को बुखार आ जाता है और वे अस्वस्थ हो जाते हैं। इसी कारण भगवान 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि को अनसर काल या अनवसर काल कहते हैं। इस दौरान मंदिर के गर्भगृह के कपाट आम भक्तों के लिए बंद रहते हैं और भगवान का विशेष तौर पर उपचार किया जाता है।

    भगवान जगन्नाथ का पिघल गया था दिल

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के परम भक्त माधव दास काफी समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने अपने आराध्य का कष्ट दूर करने के लिए प्रार्थना भी की। इसके उत्तर में भगवान ने बताया कि उनके पिछले जन्म के कर्मों के कारण अभी 15 दिनों की बीमारी और शेष है। इसके बाद ही उन्हें मुक्ति मिलेगी। अपने भक्त का कष्ट देखकर भगवान जगन्नाथ का हृदय पिघल गया है। माना जाता है कि उन्होंने माधव दास की बीमारी के वो आखिरी 15 दिन खुद अपने ऊपर ले लिए। परिणामस्वरुप माधव दास स्वस्थ हो गए और खुद भगवान अस्वस्थ हो गए। तब से यह परंपरा चली आ रही है कि स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों तक बीमार रहते हैं।

    कई तरह की औषधियों से किया जाता है भगवान का उपचार

    अनसर काल के दौरान भगवान को सामान्य भोग अर्पित नहीं करते हैं। उनकी सेवा वैद्य परंपरा के अनुसार, ही की जाती है। भगवान को जल्द स्वस्थ करने के लिए उन्हें काढ़े, औषधियों और जड़ी-बूटियों से तैयार विशेष भोग अर्पित किए जाते हैं। जब भगवान पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं तो भक्त नवयौवन दर्शन के जरिए से उनके दर्शन कर पाते हैं। इसके बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ यात्रा पर निकलते हैं। भगवान जगन्नाथ के बीमार होने की यह कथा सिर्फ एक धार्मिक मान्यता नहीं है बल्कि भगवान और भक्त के बीच में अटूट प्रेम का प्रतीक है। यह कहानी यह दर्शाती है कि सच्ची भक्ति के सामने भगवान खुद अपने भक्तों के कष्टों को सहने के लिए तैयार रहते हैं। यही कारण है कि जगन्नाथ रथ यात्रा करोड़ों भक्तों की भावनाओं और विश्वास एक महामिलन बन गई है।