ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार को राजकीय उत्कृष्ट कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, ऊना में लड़कियों की अंडर-19 आयु वर्ग की 66वीं राज्य स्तरीय इंडोर खेल प्रतियोगिता का विधिवत शुभारम्भ किया।इस अवसर पर उपायुक्त ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और सभी खिलाड़ियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि खेलों से न केवल शारीरिक व मानसिक विकास होता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आपसी भाईचारे का भी संचार होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए, इंसान या तो जीतता है या सीखता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता को हार न समझें, बल्कि उसे सीखने का अवसर मानें। निरंतर प्रयास और दृढ़ निश्चय से सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
उपायुक्त ने युवाओं से नशे की बुराई के खिलाफ जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज से इस कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि युवा वर्ग को इसके प्रभाव से बचाया जा सके।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन पुरुष खिलाड़ियों की तुलना में अधिक सराहनीय रहा है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इससे पूर्व, उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक अनिल कुमार तक्खी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं में प्रदेश के सभी जिलों से 690 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह प्रतियोगिताएं 16 अक्तूबर तक आयोजित की जाएंगी, जिनमें बैडमिंटन, बॉक्सिंग, टेनिस, कुश्ती, ताइक्वांडो, कराटे, शतरंज और जूडो जैसी विधाएं शामिल हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ के उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर, उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोम लाल धीमान ,एडीपीईओ जगजीत सिंह और राजेंद्र शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।









उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में ब्यूटी और वेलनेस तथा फैशन उद्योग के विस्तार के दृष्टिगत युवाओं को इस इंडस्ट्री की तरफ आकर्षित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित ब्रांड्स के साथ समन्वय स्थापित किया गया है और युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जा रहा है। आधुनिक समय की मांग को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों को तैयार किया जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे प्राकृतिक आपदा संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन विषय का अपना महत्त्व है। इसके दृष्टिगत प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहु तकनीकी एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में बच्चों को आपदा प्रबन्धन विषय की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इसके तहत उन्हें आपदा से निपटने का व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में प्रदेश के युवाओं के लिए राज्य में स्किल अकेडमी और डिजिटल यूनिवर्सिटी को भी स्थापित किया जाएगा। बैठक में सचिव तकनीकी शिक्षा संदीप कदम और निदेशक तकनीकी शिक्षा अक्षय सूद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


