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  • Punjab News: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को कोर्ट में किया गया पेश, इतने दिन की मिली पुलिस रिमांड, देखें वीडियो

    Punjab News: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को कोर्ट में किया गया पेश, इतने दिन की मिली पुलिस रिमांड, देखें वीडियो

    अमृतसरः पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को आज DM गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में अमृतसर की अदालत में पेश किया गया।अमृतसर पुलिस ने अदालत से भुल्लर की सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके। हालांकि, अदालत ने पुलिस की मांग पर विचार करने के बाद पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी है।

    गौरतलब है कि DM गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान भुल्लर से आगे की पूछताछ करके मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी।

    अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए लालजीत सिंह भुल्लर की पत्नी ने कहा कि उनके पति पूरी तरह से बेकसूर हैं और उन्हें एक झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सच जल्द ही सामने आएगा और न्याय निश्चित रूप से मिलेगा। इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाएं चल रही हैं और आने वाले दिनों में पुलिस जांच से और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • मान सरकार द्वारा साहनेवाल के लिए 23.99 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों को मंजूरी

    मान सरकार द्वारा साहनेवाल के लिए 23.99 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों को मंजूरी

    चंडीगढ़/लुधियाना: ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जन सेवाओं को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने लुधियाना ज़िले के साहनेवाल क्षेत्र के लिए 23.99 करोड़ रुपये के दो प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। इनमें ऐतिहासिक गांव श्री भैणी साहिब के लिए मेगा सीवरेज योजना और साहनेवाल के लिए आधुनिक सब-तहसील कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री एवं साहनेवाल से विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि श्री भैणी साहिब गांव के लिए 13.36 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना को मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत 1.80 किमी लंबा मुख्य या इंटरसेप्टिंग सीवर और 18.13 किमी लंबा लेटरल सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा तथा 670 घरों को कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके साथ ही एक मुख्य पंपिंग स्टेशन का निर्माण और 1.0 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि यह मांग गांव की पंचायत और श्री भैणी साहिब संप्रदाय प्रबंधक समिति द्वारा संयुक्त रूप से रखी गई थी क्योंकि बढ़ती आबादी और पुरानी हो चुकी सीवरेज सुविधाओं के कारण नए सीवरेज और जल आपूर्ति प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। गौरतलब है कि 9 जनवरी, 2026 को जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गांव का दौरा किया था, जहां यह सामने आया कि 2001-02 में बिछाया गया मौजूदा सीवरेज सिस्टम अपनी मियाद पूरी कर चुका है और गांव में किसी भी प्रकार की ट्रीटमेंट सुविधा उपलब्ध नहीं है।

    इसी तरह एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत पंजाब सरकार ने साहनेवाल में नया सब-तहसील कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए 10.64 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह प्रोजेक्ट प्रशासनिक ढांचे को मज़बूत करने और लोगों को नागरिक सेवाएं सुगमता से प्रदान करने पर केंद्रित है। नया कॉम्प्लेक्स साहनेवाल और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को राजस्व विभाग से संबंधित और प्रशासनिक सेवाओं के लिए लुधियाना जाने की आवश्यकता से मुक्त करेगा। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि ये दोनों प्रोजेक्ट साहनेवाल क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगे और ज़मीनी स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं को और मज़बूत करेंगे। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के साथ-साथ लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं और प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

  • जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के कुलपति ने राज्यपाल से की भेंट

    जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के कुलपति ने राज्यपाल से की भेंट

    जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सोलन के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा ने आज लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने युवाओं के भविष्य निर्माण और राज्य के समग्र विकास में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को समाज और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा छात्रों में शोध और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    आशा व्यक्त की कि जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने में पूर्व की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने और कुशल मानव संसाधन के विकास में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की। इस अवसर पर कुलपति ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक, शोध एवं विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ करने, नवाचार को बढ़ावा देने और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहल के बारे में भी अवगत कराया। जेपी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आर.के. शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • Jalandhar News: इस इलाके से शव बरामद, लोगों में दहशत, देखें वीडियो

    Jalandhar News: इस इलाके से शव बरामद, लोगों में दहशत, देखें वीडियो

    जालंधर, (ENS): महानगर से एक संदिग्ध परिस्थितियों में व्यक्ति का शव बरामद होने का मामला सामने आया है। जिसकी पहचान राजा उम्र 34 साल गोराया के रहने वाले के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, थाना लाम्बरा के अंतर्गत आने वाले इलाके में खेतों के बीच युवक का शव पड़ा हुआ मिला। यह शव सबसे पहले वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने देखा। जैसे ही इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिली, इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत फैल गई।

    घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

    आगे की जांच जारी
    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक की मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण है। जल्द ही मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने ARTRAC समारोह में किया सम्मान वितरण

    लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने ARTRAC समारोह में किया सम्मान वितरण

    शिमला: आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रैक) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम ने आज डैनफे ऑडिटोरियम, शिमला में आयोजित आरटैक अलंकरण समारोह 2026 की अध्यक्षता की। इस अवसर पर प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षण संस्थानों और सैन्य कर्मियों को सम्मानित किया गया।

    समारोह के दौरान, प्रतिष्ठित जीओसी-इन-सी आर्मी ट्रेनिंग कमांड यूनिट साइटेशन आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज, आर्मड कॉर्पस सेंटर एंड स्कूल, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री सेंटर एंड स्कूल तथा राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज को प्रदान किया गया, साथ ही दो संबद्ध इकाइयों को भी सम्मानित किया गया। वित्तीय उत्कृष्टता, डिजिटलीकरण और तकनीकी नवाचार के लिए भी पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 16 व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए।

    इस अवसर पर सेना कमांडर ने आरटैªक के चल रहे परिवर्तनकारी प्रयासों पर प्रकाश डाला और आधुनिक युद्ध में नई तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने ड्रोन की बढ़ती भूमिका पर बल देते हुए बताया कि 50,000 से अधिक सैन्य कर्मियों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने विशेषज्ञता केंद्र विकसित करने, ऑनलाइन प्रशिक्षण और परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा लैंगिक समानता और सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों का भी उल्लेख किया। पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सभी कर्मियों को निरंतर सीखने, नई चुनौतियों के अनुसार स्वयं को ढालने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आरटैक भविष्य में भी आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना के निर्माण तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण से कार्य करता रहेगा।

  • Jalandhar News: नशा तस्करी मामले में पूर्व कांग्रेस प्रधान बिट्टू 2 साथियों सहित गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: नशा तस्करी मामले में पूर्व कांग्रेस प्रधान बिट्टू 2 साथियों सहित गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जालंधर, (ENS): गोराया पुलिस नशा तस्करी मामले में कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पूर्व कांग्रेस प्रधान कमलदीप सिंह बिट्टू को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए अन्य आरोपियों की पहचान सुमित अरोड़ा और रमदीप सिंह (निवासी बड़ा पिंड) के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान तीनों के पास से 11 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

    पुलिस जांच जारी
    पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ तीन लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    कैसा रहा बिट्टू का राजनीतिक सफर
    कमलदीप सिंह बिट्टू कभी इलाके के बड़े और प्रभावशाली नेता माने जाते थे। उन्होंने करीब 25 साल तक गोराया नगर कौंसिल में अपना दबदबा बनाए रखा। फिल्लौर और नकोदर इलाके में भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी। लेकिन समय के साथ उनकी छवि कमजोर होती गई। बताया जा रहा है कि नशे की लत ने उनके राजनीतिक करियर को काफी नुकसान पहुंचाया। हाल ही में हुए नगर कौंसिल चुनावों में उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि वे 100 वोट का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए।

    इलाके में चर्चा तेज
    उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे जालंधर देहात क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग अब न सिर्फ उनके पुराने राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठा रहे हैं, बल्कि यह भी चर्चा कर रहे हैं कि कैसे एक बड़ा नेता नशे के जाल में फंस गया।

     

  • देश में पहली बार इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा ने Delhi AIIMS में ली अंतिम सांस, 13 साल से कोमा में थे

    देश में पहली बार इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा ने Delhi AIIMS में ली अंतिम सांस, 13 साल से कोमा में थे

    दिल्ली के एम्स (AIIMS) में इच्छामृत्यु की प्रक्रिया के तहत हरीश राणा का निधन हो गया। सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज सीमित किया गया और धीरे-धीरे उनकी जीवन रक्षक प्रक्रिया बंद की गई। कुछ दिनों पहले उनका पोषण (खाना-पीना) भी धीरे-धीरे रोक दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। 13 साल से कोमा में थे हरीश हरीश राणा पिछले करीब 13 साल से कोमा में थे। एक हादसे में छत से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके बाद वे कभी होश में नहीं आ सके। उनके परिवार ने देश के कई बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने भी साफ कह दिया था कि उनके ठीक होने की संभावना बहुत कम है। आर्थिक बोझ बना बड़ी समस्या हरीश के इलाज पर हर महीने लगभग 60 से 70 हजार रुपये खर्च हो रहे थे। लंबे समय तक इलाज चलने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई थी। जब उम्मीद पूरी तरह खत्म हो गई, तब उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में इच्छामृत्यु की अनुमति के लिए याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी कोर्ट ने सभी मेडिकल रिपोर्ट और स्थिति को देखते हुए इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारत में इस तरह के मामलों में सख्त नियमों का पालन किया जाता है। एम्स में डॉक्टरों की निगरानी में हुआ पूरा प्रोसेस हरीश को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें पैलिएटिव केयर (Palliative Care) विभाग में रखा गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही थी। सबसे पहले उनका पोषण धीरे-धीरे बंद किया गया, फिर अन्य मेडिकल प्रक्रियाएं भी सीमित की गईं, ताकि उन्हें किसी तरह का दर्द न हो। क्या होती है इच्छामृत्यु (Euthanasia)? इच्छामृत्यु का मतलब है ऐसी स्थिति में इलाज को रोकना या सीमित करना, जब मरीज के ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं होती। भारत में यह प्रक्रिया केवल सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही की जा सकती है। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें होती हैं।
    • मरीज के ठीक होने की संभावना बहुत कम हो
    • परिवार की सहमति हो
    • डॉक्टरों की टीम की मंजूरी हो
    • पूरी प्रक्रिया में यह ध्यान रखा जाता है कि मरीज को दर्द न हो
    इस दौरान मरीज को आराम देने के लिए दवाएं दी जाती हैं और धीरे-धीरे जीवन बनाए रखने वाली सुविधाएं हटाई जाती हैं। एक भावुक और कठिन फैसला यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद कठिन था। परिवार ने 13 साल तक हर संभव कोशिश की, लेकिन जब उम्मीद खत्म हो गई, तब उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया।
  • 92,600 टन LPG लेकर जल्द भारत पहुंचेंगे 2 जहाज

    92,600 टन LPG लेकर जल्द भारत पहुंचेंगे 2 जहाज

    नई दिल्लीः अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 25वां दिन हैं। ईरान में मंगलावर को कई जगह एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्टचर पर हमला हुआ। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, ईरान के इस्फहान शहर में गैस प्लांट और गैस कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया गया। इसके अलावा खोर्रमशहर के पावर प्लांट और उसकी गैस पाइपलाइन पर भी हमला हुआ। वहीं अमेरिका-इजराइल और ईरान का असर भारत में देखने को मिल रहा है। एलपीजी कमी से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा लगातार प्रयास जारी है। वहीं सरकार ने बताया कि आज एलपीजी से भरे 2 जहाज पाइन गैस और जग वसंत – सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर आ रहे हैं।

    पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पाइन गैस जहाज 27 मार्च को न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी है। जबकि, जग वसंत जहाज 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लोड है। इसके अलावा, 20 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में मौजूद हैं। इससे पहले, जहाज ट्रैकिंग डेटा में दिखाया गया था कि दोनों जहाजों को सुरक्षित रास्ते की मंजूरी मिलने के बाद वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में आमतौर पर करीब 14 घंटे का समय लगता है।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे यह अहम समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है। जग वसंत ने कुवैत से एलपीजी लोड की थी, जबकि पाइन गैस ने यूएई के रुवैस से अपना कार्गो लिया था। तनाव के कारण ये जहाज पहले फंसे हुए थे, लेकिन अब इन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है। इस महीने की शुरुआत में भी दो अन्य भारतीय जहाज इसी रास्ते से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।

    इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सरकार वैश्विक तेल संकट से देश के लोगों को बचाने के लिए कई कदम उठा रही है और ऊर्जा सप्लाई के अंतरराष्ट्रीय रास्तों को सुचारू रखने की कोशिश कर रही है। राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए उन्होंने हर क्षेत्र में से,खासकर ईंधन परिवहन और समुद्री मार्गों में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि देश और देशवासियों को वैश्विक झटकों से बचाने का एकमात्र उपाय आत्मनिर्भरता है। वर्तमान में भारत का करीब 90 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है, जिससे हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसी भी वैश्विक संकट या युद्ध के समय स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 70,000 करोड़ रुपए की लागत से भारतीय जहाजों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

  • मलोट में ₹16.25 करोड़ का वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट शुरू, 1 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

    मलोट में ₹16.25 करोड़ का वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट शुरू, 1 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

    चंडीगढ़: मलोट विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के प्रयासों से मलोट शहर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि अमरूत 2 योजना के तहत ₹16.25 करोड़ की लागत से मलोट शहर के लिए वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की आज शुरुआत की गई है, जिससे लगभग एक लाख की आबादी को सीधे लाभ मिलेगा।

    उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत सरहिंद फीडर पर नई पंपिंग मशीनरी स्थापित की जाएगी तथा लीकेज के कारण खराब हो चुकी 8300 मीटर पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही शहर के हर कोने तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 20 किलोमीटर नई पाइपलाइन भी डाली जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के अंतर्गत लगभग 3000 घरों को नए हाउस कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध होगा डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मलोट के निवासियों को पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • टीबी उन्मूलन की राह पर तेजी से अग्रसर जिला ऊना – महेंद्र पाल गुर्जर

    टीबी उन्मूलन की राह पर तेजी से अग्रसर जिला ऊना – महेंद्र पाल गुर्जर

    क्षेत्रीय अस्पताल में मनाया गया विश्व क्षय रोग दिवस

    ऊना/सुशील पंडित: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला ऊना द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जिला स्तरीय विश्व क्षय रोग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने इस जिला स्तरीय विश्व क्षय रोग दिवस के उपलक्ष्य पर निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि जिला ऊना क्षय रोग नियंत्रण के लिए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिलामें आशा वर्करों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें टीमें घर-घर जाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक किया जाएगा और क्षय रोग के संभावित रोगियों का क्षय रोग की जांच के लिए चयनित कर, संभावित रोगियों के एक्सरे जांच व बलगम के नमूने गांव-गांव में निक्षय वाहन के माध्यम एकत्रित किए जाएंगे।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला में टीबी जांच की दर में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की गई है और यह प्रसन्नता का विषय है जिला ऊना टीबी मुक्त भारत के तहत सभी श्रेणियों में नम्बर वन पर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले के पांच अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक से क्षय रोग की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और पोषण सहायता को प्राथमिकता देते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।

    चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया ने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस वर्ष 1982 से हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है । इसका उद्देश्य टीबी (तपेदिक) पर नियंत्रण की दिशा में हासिल की गई उपलब्धियों को याद दिलाना और उनका सम्मान करना है। उन्होंने जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ विशाल ठाकुर व क्षयरोग नियंत्रण के लिए कार्य कर रहे समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को जिला ऊना में क्षयरोग कार्यक्रम में बेहतर सेवाएं देने के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया की जिला ऊना ने वर्ष 2025 में 31029 संभावित रोगियों की जांच की गई व जिला में 796 क्षय रोगी दर्ज किए गए जिनका उपचार निशुल्क विभिन स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत किया जा रहा है। उन्होंने क्षय रोग नियंत्रण के लिए आमजन को इस अभियान में बढ़-़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया ताकि क्षय रोगियों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके व शीघ्र अति शीघ्र उपचार भी सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी रोगी की जान को बचाया जा सके

    जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ विशाल ठाकुर ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर बताया कि, हम टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं और टीबी मुक्त भारत की दिशा में सामूहिक प्रयासों को सुदृढ़ करते हैं। यह दिन शीघ्र निदान, संपूर्ण उपचार, पोषण संबंधी सहायता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है। निक्षय मित्र जैसी पहलों के माध्यम से व्यक्तियों और संगठनों को टीबी रोगियों को पोषण और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करके उनका समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उपचार के परिणाम और स्वास्थ्य लाभ में सुधार होता है।

    इस अवसर पर जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण, जिला क्षयरोग एवं एच आई वी कार्यक्रम समन्वयक गुलशन कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश ठाकुर , वरिष्ठ क्षय रोग लैब निरीक्षक संदीप धीर अस्पताल का समस्त स्टाफ सहित नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं।