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  • शर्मनाक हार से बौखलाई विपक्षी पार्टियां जनता के स्पष्ट जनादेश के बावजूद पंजाब के सबसे शांतिपूर्ण नगर निगम चुनावों पर सवाल उठा रही हैं

    शर्मनाक हार से बौखलाई विपक्षी पार्टियां जनता के स्पष्ट जनादेश के बावजूद पंजाब के सबसे शांतिपूर्ण नगर निगम चुनावों पर सवाल उठा रही हैं

    चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि नगर निगम चुनावों में करारी हार के बाद बौखलाई विपक्षी पार्टियों ने अब चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इन चुनावों को राज्य के इतिहास के सबसे शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी स्थानीय निकाय चुनाव बताया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि ये स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। राज्य सरकार के वे कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं जिन्होंने इन चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। हालांकि विपक्ष अपनी शर्मनाक हार को पचा नहीं पा रहा है और अब चुनाव परिणामों को लेकर अनावश्यक शोर मचा रहा है।”

    उन्होंने कहा कि चुनावों की निष्पक्षता इस तथ्य से स्पष्ट होती है कि कई वार्डों और स्थानीय निकायों में विपक्षी उम्मीदवार भी विजयी हुए हैं, जिनमें बेहद कम अंतर से जीतने वाले उम्मीदवार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इन चुनावों की पारदर्शिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई क्षेत्रों में विपक्षी उम्मीदवारों ने सीटें जीतीं और कुछ ने तो बहुत कम मतों के अंतर से विजय प्राप्त की। यह जनता की वास्तविक इच्छा को दर्शाता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को पंजाब की जनता ने बार-बार इसलिए नकारा है क्योंकि वे कोई सकारात्मक एजेंडा प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब के लोग ‘आप’ और उसकी जन-समर्थक नीतियों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं।

    हमने जनता के सक्रिय सहयोग से हर उपचुनाव, पंचायत चुनाव, जिला परिषद चुनाव, नगर निगम चुनाव और अन्य चुनावी मुकाबलों में जीत हासिल की है। ये परिणाम हमारी सरकार में पंजाबियों के अटूट विश्वास को दर्शाते हैं।” पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “केवल सिंह ढिल्लों को हमेशा कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता रहा है। अब दोनों नेता अलग-अलग राहों पर चलते दिखाई देते हैं और इस बदलाव का कारण वही बेहतर जानते हैं। यह अब भी एक रहस्य है कि दोनों के बीच की निकटता आखिर क्यों समाप्त हो गई।” उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संगरूर से चुनाव लड़ा था, तब केवल सिंह ढिल्लों ने उनका समर्थन किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजपा से अधिक सीटें हासिल की हैं। पंजाब के लोगों ने भाजपा को पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया है। यह जनादेश स्पष्ट रूप से उसके नकारात्मक एजेंडे को जनता द्वारा खारिज किए जाने का प्रतीक है।”

    राज्य की भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर विश्वास व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के बीच दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की लड़ाई तक सीमित रहेगा, जबकि ‘आप’ जनता के आशीर्वाद और समर्थन से आसानी से सरकार बनाएगी।”

  • महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के पांच कैडेट एनडीए से पास-आउट

    महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के पांच कैडेट एनडीए से पास-आउट

    चंडीगढ़ : पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक क्षण उस समय आया जब महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएएफपीआई), एसएएस नगर के पांच पूर्व कैडेट आज पुणे के खड़कवासला स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से स्नातक होकर पास-आउट हुए। उल्लेखनीय है कि चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम ने 150वें एनडीए कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया। इन पांच कैडेटों में संगरूर के जसकीर्तन सिंह, जालंधर के मनजोत सिंह वालिया और ध्रुव भंडारी, पटियाला के हर्षदीप सिंह तथा मोहाली के पार्थ कवि शामिल हैं। इन सभी ने एमआरएसएएफपीआई में दो वर्षों का प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद एनडीए में तीन वर्षों का कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। विशेष बात यह है कि इनकी अधिकांश प्रशिक्षण अवधि कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान रही, जो इनके समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। अब ये कैडेट अपनी-अपनी सेवा प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल होंगे, जहां से अगले वर्ष वे भारतीय सशस्त्र सेनाओं में कमीशंड अधिकारी के रूप में नियुक्त होंगे। कैडेटों को बधाई देते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इन युवाओं ने पंजाब का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान’के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उस पहल का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके तहत राज्य के युवाओं को देश की रक्षा सेवाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कैडेटों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेना में सेवा देकर देश और पंजाब का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। एमआरएसएएफपीआई के निदेशक मेजर जनरल अजय एच . चौहान (वी एस एम )ने कहा कि सफलता का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, क्योंकि संस्थान के 25 अन्य कैडेट एसएसबी साक्षात्कार के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियां संस्थान और पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय हैं।
  • प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के बकाया भुगतान के लिए जारी किए 100 करोड़ रुपये

    प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के बकाया भुगतान के लिए जारी किए 100 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत लंबित भुगतान को चुकाने के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को उनके घर के निकट बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके दृष्टिगत पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चमियाणा, आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में आधुनिक ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इन प्रयोगशालाओं में खून के एक ही नमूने से कई तरह की जांच की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इन प्रयोगशालाओं में उपकरणों और टांडा व हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य के अस्पतालों में विश्वस्तरीय तकनीक उपलब्ध करवाकर मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को एमआरआई, सीटी स्कैन जैसी जांच के लिए प्रतीक्षा अवधि शून्य करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में बड़ी शल्य चिकित्सा के लिए भी शून्य प्रतीक्षा अवधि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में लोगों को विशेषज्ञ और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मरीजों को ब्रांडेड और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को दवाओं की खरीद की जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सुशील कुमार सिंगला, विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. अश्वनी शर्मा, प्रबंध निदेशक राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम राजेश्वर गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

  • Jalandhar News: RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत मर्डर केस में चचेरा भाई गिरफ्तार, देखें Live

    Jalandhar News: RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत मर्डर केस में चचेरा भाई गिरफ्तार, देखें Live

    जालंधरः शहर के चर्चित RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला प्रेस कांफ्रैंस करते हुए मीडिया जानकारी देते हुए बताया कि हत्या की वजह प्रॉपर्टी का विवाद है। मामले में सिमरनजीत सिंह के मामे का बेटा (चचेरा भाई) शरणजीत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सिमरनजीत को फगवाड़ा बाईपास से गिरफ्तार किया है, दोनों के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद था। इसी को लेकर दोनों के बीच बहस-बाजी हो गई। जिसके बाद शरणजीत ने गोली चला दी।

    DIG  ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा
    जालंधर रेंज के DIG  नवीन सिंगला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह प्रॉपर्टी और पैसों के लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी शरणदीप को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किये गये हथियार को भी बरामद कर लिया गया है। जिन्हें फारेंसिक जांच के लिये भेज दिया गया है।

    आरोपी से पूछताछ जारी
    पुलिस ने आरोपी शरणदीप को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है ताकि हत्या से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आ सके।

     

  • Punjab News: बेकाबू ट्रक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, कई लोग घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: बेकाबू ट्रक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, कई लोग घायल, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के मोती नगर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को टक्कर मार दी। जिसके बाद कई लोग घायल हो गये। मिला जानकारी के अनुसार हादसा इतना जबरदस्त था कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    मोटरसाइकिल सवार युवक गंभीर रूप से घायल
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक तेज गति से वाहन चला रहा था। अचानक उसका ट्रक पर नियंत्रण बिगड़ गया और उसने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान मोटरसाइकिल सवार मोहित नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    दो ई-रिक्शा भी आए ट्रक की चपेट में
    हादसे में दो ई-रिक्शा भी ट्रक की टक्कर का शिकार हो गए। इनमें सवार तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों की पहचान कमलेश और अजय के रूप में हुई है, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं टिब्बा रोड निवासी ई-रिक्शा चालक तारकेश्वर पांडे भी घायल हो गए। इसके अलावा बाजड़ा निवासी ई-रिक्शा चालक नरेश कुमार का ई-रिक्शा भी हादसे की चपेट में आ गया, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा।

    ई-रिक्शा में बैठी सवारियां बाल-बाल बचीं
    ई-रिक्शा चालक ने बताया कि उसके वाहन में पांच सवारियां बैठी हुई थीं। ट्रक की जोरदार टक्कर से ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी सवारियां सुरक्षित रहीं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
    घटना की जानकारी मिलते ही पीसीआर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और यातायात को सुचारू करने का काम किया।

    जांच में जुटी पुलिस टीम
    मामले की जानकारी देते हुए एएसआई सरबजीत सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • अंतिम चरण में ऊना जिला की 81 पंचायतों का मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न

    अंतिम चरण में ऊना जिला की 81 पंचायतों का मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न

    ऊना सुशील पंडित : ऊना जिला की 81 पंचायतों में आज(शनिवार) को मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिला मुख्यालय पर सायं 6 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार तीसरे व अंतिम चरण में कुल 1,15,712 मतदाताओं में से 91,263 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया तथा औसत मतदान 78.87 प्रतिशत रहा। इनमें 47564 महिला और 43,699  पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के दौरान युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं सहित सभी वर्गों में लोकतंत्र के पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
    यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिला की 81 पंचायतों में से सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशतता 81.91 बंगाणा उपमण्डल में रहीं। यहां 15 पंचायतों के 77 वार्डों में कुल 14185 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया, जिनमें 7,394 महिला एवं 6,791 पुरुष मतदाता शामिल रहे। वहीं, अंब में मतदान प्रतिशतता 80.23 रहीं। इनमें कुल 19,530 मतदाताओं ने वोट किया जिनमें .10,058 महिला और 9,472 पुरुष मतदाता शामिल हैं। ऊना में मतदान 76.57 फीसदी रहा, जिनमें कुल 20082 मतदाताओं ने अपने वोट का प्रयोग किया, जिनमें 10,496  महिला और 9586 पुरुष मतदाता शामिल रहे। गगरेट में 79 प्रतिशत मतदान रहा जिनमें कुल 19,113 मतदाताओं ने वोट किया जिनमें 9,981 महिला और 9,132 पुरुष मतदाता शामिल रहे। इसके अलावा हरोली में मतदान प्रतिशतता 77.66 रहा, जिनमें कुल 18,353 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया जिनमें 9,635 महिला और 8,718 पुरुष मतदाता शामिल रहे।
  • Jalandhar News: अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक पिस्तौल के साथ युवक गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक पिस्तौल के साथ युवक गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जालंधरः देहाती पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए विदेश से चलाए जा रहे अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक युवक को अवैध पिस्तौल, मैगज़ीन और ज़िंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान जशनप्रीत सिंह, पुत्र सुरिंदर सिंह, निवासी ग्राम मंडी,  पुलिस थाना फिल्लौर के रूप में हुई है।

    ये कार्रवाई एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के निर्देशों के अनुसार और विनीत अहलावत, IPS, पुलिस अधीक्षक (जांच), जालंधर ग्रामीण तथा भारत मसीह लाधर, P.P.S., पुलिस उपाधीक्षक, उप-मंडल फिल्लौर (P/DSP) की देखरेख में फिल्लौर पुलिस स्टेशन के मुख्य अधिकारी लवनीत बांगर के नेतृत्व वाली पुलिस टीम द्वारा की गई।

    मीडिया को जानकारी देते हुए भारत मसीह लाधर, P.P.S., पुलिस उपाधीक्षक, उप-मंडल फिल्लौर ने बताया कि गांव मंडी में चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान ASI  सुखदेव सिंह (प्रभारी, पुलिस चौकी अप्परा) ने जशनप्रीत सिंह के घर की तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान, एक 7.63 mm पिस्तौल, एक मैगज़ीन और छह ज़िंदा 7.63 mm कारतूस बरामद किए गए।

    इस संबंध में पुलिस स्टेशन फिल्लौर, जिला जालंधर ग्रामीण में शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धारा 25/54/59 के तहत दिनांक 28.05.2026 को मामला संख्या 140 दर्ज किया गया है।

    प्रारंभिक जांच के दौरान, यह खुलासा हुआ कि उक्त पिस्तौल कथित तौर पर लवप्रीत सिंह उर्फ ​​लाडी (शेर सिंह का बेटा, निवासी गांव भज्जल, पुलिस स्टेशन गढ़शंकर, जिला होशियारपुर) द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। लवप्रीत सिंह वर्तमान में आर्मेनिया में रह रहा है और उसने यह पिस्तौल किसी बड़े आपराधिक कृत्य को अंजाम देने के इरादे से दी थी।

    जांच के दौरान, यह भी सामने आया है कि पंजाब के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लवप्रीत सिंह उर्फ ​​लाडी के खिलाफ अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी जशनप्रीत सिंह को न्यायालय में पेश किया गया है और उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की गहन जांच चल रही है ताकि इस अवैध हथियार आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और कड़ियों की पहचान की जा सके।

  • डीजीपी गौरव यादव ने बटाला में शहीद ASI Joga Singh के परिवार से मुलाकात कर गहरा दुख किया व्यक्त

    डीजीपी गौरव यादव ने बटाला में शहीद ASI Joga Singh के परिवार से मुलाकात कर गहरा दुख किया व्यक्त

    चंडीगढ़: पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज बटाला के गांव घनिए के बांगर स्थित शहीद सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) जोगा सिंह के घर जाकर बहादुर पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त की।

    डीजीपी ने कहा, “एएसआई जोगा सिंह ने अपनी बहादुरी, समर्पण और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से पंजाब पुलिस की सर्वोच्च परंपराओं को कायम रखते हुए ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके बलिदान को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाएगा।”

    एएसआई जोगा सिंह (54), जो वर्ष 1989 में पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे और वर्तमान में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस के ट्रैफिक स्टाफ में तैनात थे, ने 24 मई 2026 को ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उनके परिवार में उनकी माता, पत्नी, पुत्र और पुत्री हैं।

    डीजीपी गौरव यादव ने एएसआई जोगा सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि पंजाब पुलिस इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

    डीजीपी ने आगे कहा कि पंजाब सरकार एएसआई जोगा सिंह के परिवार की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें सभी प्रकार की सहायता तथा कल्याणकारी लाभ उपलब्ध कराएगी।

  • उच्च शिक्षा देने में सराहनीय रोल रहा प्रो डॉ आरती शर्मा का

    उच्च शिक्षा देने में सराहनीय रोल रहा प्रो डॉ आरती शर्मा का

    ऊना सुशील पंडित : उच्च शिक्षा देने में रोल मॉडल रही मोहनलाल राजकीय महाविद्यालय खड्ड की हिंदी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. आरती शनिवार को अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गईं। उन्होंने वर्ष 2004 से नियमित रूप से उच्च शिक्षा विभाग में लगभग 22 वर्षों तक सराहनीय सेवाएं दीं। ओर एन एस एस स्वयंसेवकों की 10 बर्ष तक कार्यक्रम प्रभारी रही । राष्ट्र हित में इन सेवकों को जोड़ने के लिय अन्य राज्यों की संस्कृति रहन सहन जानने के लिय देश भर का भ्रमण किया । उच्च शिक्षा में इनका परिणाम शत प्रतिशत रहा है । डॉ. आरती ने अपने सेवाकाल की शुरुआत वर्ष 2004 में संत बाबा ढंiगू वाला गुर्जर राजकीय महाविद्यालय बीटन से की, जहां उन्होंने 2015 तक सेवाएं दीं। इसके पश्चात वर्ष 2015 से 2021 तक अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में कार्यरत रहीं। बंगाणा प्रवास के दौरान उन्होंने लगभग 2 वर्षों तक कार्यकारी प्राचार्य के रूप में भी महाविद्यालय का कुशल नेतृत्व किया।

    वर्ष 2021 से 2023 तक राजकीय महाविद्यालय हरोली में सेवाएं देने के बाद अगस्त 2023 में उन्होंने मोहनलाल राजकीय महाविद्यालय खड्ड में कार्यभार ग्रहण किया, जहां से वे आज सेवानिवृत्त हुईं। इस दौरान उन्होंने राजकीय महाविद्यालय ऊना तथा राजकीय महाविद्यालय कोटला खुर्द में प्रतिनियुक्ति पर भी अपनी सेवाएं दीं। शिक्षण कार्य के साथ-साथ डॉ. आरती ने लगभग 10 वर्षों तक राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी के रूप में भी कर्तव्य का निर्वहन किया। एनएसएस के माध्यम से उन्होंने युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्हें पौधारोपण का विशेष शौक रहा और उन्होंने महाविद्यालय परिसरों को हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सेवानिवृत्ति अवसर पर महाविद्यालय परिवार द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यकारी प्राचार्य ने डॉ. आरती के समर्पण, अनुशासन एवं शिक्षा के प्रति निष्ठा की सराहना करते हुए उनके सुखद एवं स्वस्थ भावी जीवन की कामना की।

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से Harbhajan Singh ने की मुलाकात, पंजाब से जुड़े इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से Harbhajan Singh ने की मुलाकात, पंजाब से जुड़े इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    नई दिल्लीः क्रिकेट और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हरभजन ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। हरभजन ने अपने एक्स अकाउंट पर केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, नई दिल्ली में मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों, राज्य के विकास, जन कल्याण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। मैंने पंजाब के हितों की रक्षा करने और राज्य के विकास को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।   आप छोड़ने के बाद भाजपा के किसी बड़े नेता से हरभजन की ये पहली मुलाकात भारतीय क्रिकेट का बड़ा चेहरा रहे और टी20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2011 में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में अपनी घूमती गेंदों से अहम भूमिका निभाने वाले हरभजन सिंह 2022 में आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य के रूप में पंजाब से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। 2026 में मतभेदों की वजह से राघव चड्ढा के नेतृत्व में आप के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने की घोषणा की थी। इन 7 सांसदों में एक नाम हरभजन सिंह का भी है। कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से हरभजन सिंह को आप कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। आप कार्यकर्ताओं ने जालंधर स्थित हरभजन सिंह के घर के बाद उनके खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर भी हरभजन सिंह को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आप कार्यकर्ता उन्हें राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की सलाह भी दे रहे हैं। केंद्र सरकार की तरफ से दी गई सुरक्षा पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार ने हरभजन के भाजपा में शामिल होते ही उनसे राज्य सरकार की तरफ से दी गई सुरक्षा भी वापस ले ली थी। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से सुरक्षा दी गई है।