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  • पंजाब के गांवों में बदली तस्वीर, ‘आप’ सरकार की योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार

    पंजाब के गांवों में बदली तस्वीर, ‘आप’ सरकार की योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार

    चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कई ऐसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनका सीधा प्रभाव आगामी जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों पर पड़ना निश्चित है। सरकार का यह दावा है कि यह चुनाव विकास के एजेंडे पर लड़ा जाएगा और ग्रामीण जनता ने ‘आप’ सरकार द्वारा किए गए बदलावों को न केवल स्वीकार किया है, बल्कि उसे अपना समर्थन देने का मन बना लिया है।

    बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार सरकार ने ग्रामीण कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत 44,920 किलोमीटर की लिंक रोड परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह सड़कों का जाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में लगने वाला समय और लागत दोनों कम हुई है। बेहतर सड़कें अब गांवों को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं, जो आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

    युवा सशक्तीकरण और शिक्षा में निवेश युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खोलना ‘आप’ सरकार की एक प्रमुख उपलब्धि रही है। अब तक 60,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिनमें ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं की एक बड़ी संख्या शामिल है। इस पहल ने गांवों में बेरोजगारी को कम करने और आर्थिक स्थिरता लाने में मदद की है। इसके समानांतर, गांवों के स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में विकसित किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता में यह सुधार सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण छात्रों को भी शहरी छात्रों के समान बेहतर अवसर मिलें, जिससे वे उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

    हर द्वार पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवा स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘आप’ सरकार ने एक क्रांति ला दी है। मोहल्ला क्लीनिक की स्थापना से आम लोगों को मुफ्त जांच और दवाएं उनके घर के करीब ही मिलने लगी हैं। ग्रामीण आबादी, जो पहले स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर शहरों पर निर्भर थी, अब इस सुविधाजनक और मुफ्त इलाज की सुविधा से अत्यधिक संतुष्ट है। स्वास्थ्य सेवाओं का लोकव्यापीकरण एक ऐसा बड़ा कारक है, जिसके चलते लोग सरकार के इस कदम की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।

    नशा मुक्ति और खेल संस्कृति का पुनरुत्थान नशों के खिलाफ छेड़े गए ‘युद्ध’ ने ग्रामीण समुदायों में एक सकारात्मक लहर पैदा की है। सरकार के प्रयासों से लगभग 50% गांव नशा मुक्त हो चुके हैं, जो एक बड़ी सामाजिक उपलब्धि है। इसके अलावा, युवाओं को सही दिशा में लगाने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए, पूरे पंजाब में 3100 शानदार खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। ये खेल के मैदान न केवल युवाओं के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देंगे, बल्कि गांवों में एक नई खेल संस्कृति को भी जन्म देंगे।

    विकास के आधार पर चुनावी समीकरण ये सभी विकास कार्य सीधे तौर पर ग्रामीण निवासियों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में इन विकास कार्यों का बड़ा असर देखने को मिलेगा। स्थानीय स्तर पर हो रहे इन चुनावों में, मतदाता उन उम्मीदवारों और पार्टियों का समर्थन करेंगे जिन्होंने उनके जीवन में मूर्त और सकारात्मक बदलाव लाए हैं। विकास के सिर पर, आम आदमी पार्टी को इन चुनावों में बड़ी लीड के साथ जीत मिलने की उम्मीद है, जो इस बात का संकेत है कि पंजाब की ग्रामीण जनता ने सरकार के ‘काम की राजनीति’ को स्वीकार कर लिया है।

  • मान सरकार की पहल: बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए Dr. बलबीर सिंह ने स्वास्थ्य केंद्रों का लिया जायजा

    मान सरकार की पहल: बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए Dr. बलबीर सिंह ने स्वास्थ्य केंद्रों का लिया जायजा

    चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. बलबीर सिंह ने फतेहगढ़ साहिब जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसमें सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष जोर दिया गया है। डॉ. सिंह ने इस दौरान चिकित्सा स्टाफ, दवाइयों की उपलब्धता, और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया।

    औचक निरीक्षण के दौरान विधायक डॉ. बलबीर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों और चिकित्सा कर्मचारियों से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और क्या सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि मान सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।

    पंजाब सरकार ने पिछले कुछ समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मोहल्ला क्लीनिक योजना, आम आदमी क्लीनिक, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था जैसी पहल शुरू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके घर के करीब ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। इस दिशा में नियमित निरीक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

    डॉ. बलबीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया कि स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा। उन्होंने चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिए कि वे अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें। विधायक ने कहा कि जो भी कमियां पाई गई हैं, उन्हें तुरंत दूर करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए जाएंगे।

    स्थानीय लोगों ने विधायक डॉ. बलबीर सिंह के इस औचक निरीक्षण की सराहना की है। कई मरीजों और उनके परिजनों ने कहा कि ऐसे निरीक्षण से स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार होता है और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सतर्क रहते हैं। एक मरीज के परिजन ने कहा, “यह सरकार सच में जनता के लिए काम कर रही है। जब नेता खुद आकर हमारी समस्याएं सुनते हैं, तो हमें विश्वास होता है कि हमारी आवाज सुनी जा रही है।”

    मान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, और बुनियादी ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का मानना है कि जनता की सेवा करना ही असली राजनीति है और इसी सिद्धांत के साथ हर विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।

    विधायक डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर पहुंच रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी को भी किसी सरकारी विभाग में कोई समस्या का सामना करना पड़े, तो वे बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज कराएं। सरकार हर शिकायत को गंभीरता से लेती है और समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

    पंजाब की जनता ने मान सरकार को इस विश्वास के साथ चुना था कि यह सरकार उनकी आवाज बनेगी और उनकी समस्याओं का समाधान करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधार और नियमित निरीक्षण इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. बलबीर सिंह का यह निरीक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो यह संदेश देता है कि मान सरकार जनता के लिए काम करने वाली सरकार है।

  • Goa Nightclub Fire मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, Club पर चला बुल्डोजर

    Goa Nightclub Fire मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, Club पर चला बुल्डोजर

    नेशनल डेस्क। गोवा सरकार ने क्लब में लगी भीषण आग (Goa Nighclub Fire) में जलकर हुई 25 लोगों की मौत मामले में सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के आदेश के बाद बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। वहीं, सीएमओ ने एक बयान जारी कर बताया कि इंटरपोल ने भी नाइट क्लब के मालिकों गौरव और सौरभ लूथरा के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। गोवा पुलिस ने दोनों के खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था है।

    आग लगने से 25 लोगों की गई थी जान
    बता दें इसके मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा हैं। ये दोनों ही रोमियो लेन के पास बर्च के भी मालिक हैं, जहां 7 दिसंबर को आग लगने से 25 लोगों की जान चली गई थी। अग्निकांड के बाद क्लब के दोनों मालिक दिल्ली के रास्ते थाईलैंड भाग गए हैं। अब उनका नाम इंटरपोल की लिस्ट में आ चुका है। पुलिस उन्हें भारत वापस लाने की कोशिश में लगी है।

  • Farrhana पर भड़के गौरव खन्ना के पिता, बोले – ‘अगर मैं होता तो थप्पड़ मार देता’

    Farrhana पर भड़के गौरव खन्ना के पिता, बोले – ‘अगर मैं होता तो थप्पड़ मार देता’

    मनोरंजन: बिग बॉस 19 का खिताब जीतने के बाद गौरव खन्ना सुर्खियों में बन गए हैं। एक्टर के सभी फैंस और दोस्त उन्हें बधाई देते नजर आ रहे हैं। गौरव की जीत इस वजह से भी खास है क्योंकि उन्होंने बिना कोई लड़ाई, गाली गलौच और फेक ड्रामा क्रिएट करके अपनी बिग बॉस की जर्नी पूरी की। उन्होंने शांत रहकर गेम खेला और उसको जीता भी। अब गौरव की जीत के बाद उनके पेरेंट्स काफी खुश है। गौरव के पापा ने फरहाना पर अपना गुस्सा भी निकाला है।

    फरहाना पर भड़के एक्टर के पिता

    गौरव की इस जीत के बाद उनके माता-पिता काफी खुश हैं। एक्टर के पापा ने एक इंटरव्यू में फरहाना संग उनकी लड़ाई पर भी रिएक्शन दिया है। गौरव के पिता ने कहा कि – ‘सबसे ज्यादा गुस्सा मुझे तब आया था जब फरहाना ने उसे कहा था कि तुम कहां के टीवी सुपरस्टार हो क्या कर लोगे तुम तब गौरव ने उसे बताया कि वो क्या करके दिखाएगा। उस समय गौरव के गले की नसें फूल गई थी। मुझे बहुत गुस्सा आया था। मैं अगर वहां पर होता तो शायद थप्पड़ मार देता’। ‘मुझे पहले गौरव को वहां पर गेम खेलता देख मजा नहीं आ रहा था। मैं सोच रहा था कि वो कैसे करेगा। वहां आपस में काफी लड़ाई झगड़े होते हैं लेकिन जैसे-जैसे गौरव की जर्नी आगे बढ़ी वो भी अच्छा खेलता गया। फिर मुझे बेटे को देखने में मजा आने लगा। मैंने सोचा शायद ये कर लेगा। वो शो में कूल बनकर रहा’।

    बचपन से ही जिद्दी है गौरव

    गौरव के पापा ने कहा कि उनके बेटे को बहुत उम्मीदें रहती है। ‘वो बहुत जिद्दी है। वो जो भी सोच लेता है करता है। वो उसके नेचर में है जैसे गौरव मास्टरशेफ जीता था। उसने बहुत मेहनत की थी। उसने सोच लिया था मैंने जीतना है तो वो जीता मुझे भी लगता था कि बिग बॉस भी शायद जीत जाए। गौरव के पापा ने जीशान, बसीर अली, अभिषेक की लड़ाईयों को भी कॉलआउट किया’। उन्होंने कहा कि – ‘उनकी लड़ाई देखकर मुझे लगा कि पता नहीं गौरव कैसे करेगा उसे खुद ही मैनेज करना था क्योंकि उसका साथ देने के लिए हम वहां पर नहीं थे’। गौरव की मां ने कहा कि पहले उन्होंने अपने बेटे को रिएलिटी शो में जाने से मना किया था क्योंकि वो लड़ाई झगड़ा गाली गलौच नहीं करता था लेकिन शो में उसने डीसेंट खेला वो कायदे के साथ रहा। कोई सीमा नहीं लांघी न ही किसी को भला बुरा कहा जैसे गौरव घर में रहता है वैसे ही शो में रहा। गौरव बचपन से ही जिद्दी रहा है। उसको जो चाहिए होता था वो करके छोड़ता है।  
  • Punjab News: सब्जी मंडी में गुंडागर्दी का नंगा नाच, 2 पक्षों में हुई मारपीट, देखें वीडियो

    Punjab News: सब्जी मंडी में गुंडागर्दी का नंगा नाच, 2 पक्षों में हुई मारपीट, देखें वीडियो

    होशियारपुरः जिले की रहीमपुर सब्जी मंडी में गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। जहां 2 पक्षों में तेजधार हथियारों से हमला किया गया। मिली जानकारी के अनुसार आलू लेकर जा रहे व्यक्ति से पहले मारपीट की गई, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने कुछ नौजवानों को बुला लिया और दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया गया। घटना की वीडियो भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि दुकान में घुसकर मारपीट की गई।

    हालांकि इस दौरान एक युवक को वह काबू कर लेते है और उसके साथ तेजधार हथियारों से उस पर हमला कर देते है और उसकी बेरहमी से मारपीट की गई। इस दौरान 2 नौजवानों के हाथों में तेजधार हथियार देखें गए। घटना देर रात की है। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुहिरां पुलिस को दी गई। एएसआई सुखदेव सिंह पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गई। इस दौरान मौके पर एक बाइक को जब्त किया गया। वहीं घटना के दौरान वह सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां से पीड़ित उपचार करवाकर घर चला गया था।

    एएसआई सुखदेव सिंह ने बताया कि इस घटना में मुकेश कुमार पुत्र बुद्धिराम घायल हुआ था और वह अस्पताल से छुट्टी लेकर चला गया। वहीं दूसरे पक्ष का व्यक्ति सिविल अस्पताल भी पहुंचा था। एएसआई ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को लेकर झगड़ा हुआ था। दुकानदार को नौजवानों को पेश करने के लिए कहा गया। पुलिस ने कहा कि घायल व्यक्ति के बयान दर्ज करके उक्त नौजवानों को राउंडअप किया जाएगा।

     

  • Punjab News: भीषण सड़क हादसे में एक्टिवा सवार लड़की की मौत

    Punjab News: भीषण सड़क हादसे में एक्टिवा सवार लड़की की मौत

    होशियारपुरः जिले के माहिलपुर गढ़शंकर रोड पर आज सड़क हादसा हो गया। दरअसल, सैले खुर्द के पास पेपर मिल के सामने खड़े टिप्पर से एक एक्टिवा सवार लड़की की टक्कर हो गई। इस घटना में लड़की की मौत हो गई। मृतक की पहचान सिम्मी कजला पुत्री अमरजीत सिंह, निवासी पंडोरी गंगा सिंह माहिलपुर के रूप में हुई है।

    सिम्मी पब्बी गारमेंट की दुकान पर काम करती थी और किसी काम से किसी की एक्टिवा लेकर जा रही थी। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची थाना माहिलपुर अंतर्गत चौकी इंचार्ज ने वाहन व लाश कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • Haryana News: ईआरवी टीम ने 3 घंटे में ढूंढा लापता बच्चा, परिवार ने जताया आभार, देखें वीडियो

    Haryana News: ईआरवी टीम ने 3 घंटे में ढूंढा लापता बच्चा, परिवार ने जताया आभार, देखें वीडियो

    पंचकूला: पुलिस की ईआरवी-522 की टीम ने खोए हुए 8 साल के बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता से मिलवाया है। यह घटना 7 दिसंबर की शाम पिंजौर क्षेत्र की है। करीबन 5 बजे परिजनों से डांट खाने के बाद बच्चा घर से नाराज होकर निकल गया।

    परिवार वालों ने आस-पास तलाशी ली परंतु बच्चा उन्हें कहीं नहीं मिला। इसके बाद तुरंत उन्होंने इस बारे में पंचकूला पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही ईआरवी इंचार्ज रामू स्वामी के नेतृत्व में इंचार्ज केशपाल और एसपीओ रमन कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे।

    क्षेत्र में लाउडस्पीकर के जरिए से उन्होंने बच्चे की तलाश शुरु की। इसके बाद पुलिस ने पिंजौर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सर्च अभियान चलाया गया। टीम की सतर्कता और तेजी के जरिए बच्चा रात में 8 बजे एप्पल मंडी, पिंजौर क्षेत्र से सुरक्षित पाया गया।

    पुलिस ने जरुरी सवाल पूछे जाने के बाद बच्चे को सही सलामत उसके परिवार वालों को दे दिया। बच्चे को देखकर परिवार वाले काफी खुश नजर आए थे। परिवार वालों ने पंचकूला पुलिस की तुरंत कार्रवाई और मानवीय रवैये के लिए आभार व्यक्त किया।

    अधिकारियों का यह कहना है कि हमारा पहला कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा और उनकी मदद करना है। खासतौर पर ऐसे मामलों में जहां बच्चों की सुरक्षा की बात है हम हर संभव प्रयास करते हैं कि उन्हें जल्द और सुरक्षित तौर पर उनके परिवार वालों के साथ मिलवाया जाए।

  • उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पहले सेंसर-आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का किया निरीक्षण

    उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पहले सेंसर-आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का किया निरीक्षण

    रोड़ा में 6.50 करोड़ से बन रहा प्रदेश का पहला अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क

    ऊना/सुशील पंडित: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार देर सायं हरोली के रोड़ा में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य में गति लाने और गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल पार्क पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनेगा।

    यह पार्क प्रदेश का पहला सेंसर-आधारित अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क होगा। इसमें लाइसेंस ट्रायल के लिए नवीनतम तकनीक, वाहन पासिंग और जांच के लिए सेंसरयुक्त ऑटोमेटिक सिस्टम, सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों की आधुनिक व्यवस्था होगी। यहां वाहन चालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक-सम्पन्न प्रणाली से लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज़ और निष्पक्ष बनेगी। वाहन फिटनेस और जांच प्रक्रिया में दक्षता आएगी, जिससे सड़क सुरक्षा मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हरोली क्षेत्र विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह ट्रैफिक पार्क युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण दोनों के अवसर प्रदान करेगा।

  • Punjab News: पिंक प्लाज़ा मार्केट के दुकानदारों ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    Punjab News: पिंक प्लाज़ा मार्केट के दुकानदारों ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के चौड़ा बाजार के अंदर पिंक प्लाज़ा मार्केट दुकानदारों की तरफ से धरना लगाया गया। चौड़ा बाजार में बने पिंक प्लाज़ा मार्केट के अध्यक्ष रुबेल के मुताबिक चौड़ा बाजार थाना के बाहर अनाधिकृत तरीके से ठेलियां लगी हुई थीं, जिन्हें नगर निगम ने कुछ समय पहले हटवाया था। लेकिन अब नगर निगम के अधिकारियों के बदले जाने के बाद अवैध कब्जे फिर से लगने शुरू हो गए।

    इससे परेशान होकर दुकानदारों ने आज धरना लगाया। दूसरी तरफ ठेलेवालों का कहना था कि हम पिछले 20 साल या उससे भी ज्यादा समय से ठेलियां लगा रहे हैं, हमारी आजीविका इन ठेलों पर निर्भर है। समय‑समय पर सरकारों ने हमारे कार्ड भी बनाए हैं। जब तक वेंडिंग जोन निर्धारित नहीं होता, तब तक हमें ना हटाया जाए। वहीं अधिकारी द्वारा कहा गया कि वह दस्तावेज लेकर सुबह दफ्तर आ जाए, उसके बाद दफ्तर में बैठकर मामले को लेकर बात की जाएगी।

    वाइस प्रेजिडेंट जसकरण सिंह ने कहाकि 2 माह पहले भी उनके द्वारा अवैध कब्जे को लेकर धरना लगाया था। वहीं आज दोबारा से अवैध कार्रवाई शुरू होने लगी है। इसी के विरोध में धरना लगाया गया और कहा कि यहां अवैध कब्जे को बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि पता चला है कि चौड़ा बाजार के लिए 150 करोड़ रुपए का टेंडर पास हुआ है, लेकिन उनकी मांग है कि इस बाजार को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया जाए, यह बाजार अपने आप सुंदर लगना शुरू हो जाएगा।

  • नए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी: विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में सब-कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक

    नए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी: विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में सब-कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में नए जिले, तहसील और उप–तहसील निर्माण से संबंधित सब–कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमेटी के सदस्य के रूप में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को अधिक परिणामकारी बनाने की दिशा में कदम— पंवार

    बैठक उपरांत कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नई इकाइयों के गठन पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों द्वारा गांवों को तहसील एवंनए प्रशासनिक ढांचे की तैयारी: विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में सब-कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक उप–तहसील में शामिल करने संबंधी सरकार के पास अनेक प्रस्ताव आ रहे हैं, जिनमें से आज की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और मानदंडों के अनुसार सिफारिशें तय की गई हैं। पंवार ने बताया कि कमेटी द्वारा प्राप्त सभी प्रस्तावों व मानदंडों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे अब अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा। उप तहसील बनाने के लिए निर्धारित मानदंडों में 10 से अधिक गांव, 5 से 10 पटवार सर्कल, 60 हजार से अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा उप मंडल मुख्यालय 15 किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए। इसी प्रकार तहसील के लिए निर्धारित मापदंडों में 20 या इससे अधिक गांव, दो उप-तहसील, पांच से अधिक पटवार सर्कल, 80 हजार या अधिक जनसंख्या, 15 हजार हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल तथा एक उपमंडल से दूरी 15 किलोमीटर होनी चाहिए। उपमंडल के लिए यह मापदंड 40 या इससे अधिक गांव, एक या उससे अधिक तहसील/उप तहसील, 15 या इससे अधिक पटवार सर्कल, ढाई लाख या इससे अधिक जनसंख्या,15 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल व जिला मुख्यालय से दूरी 10 किलोमीटर या इससे अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नए जिलों के मामलों में यह मानदंड 125 से 200 गांव, एक या दो उपमंडल, एक से तीन तहसील या उप तहसील, चार लाख या इससे अधिक की जनसंख्या, 80 हजार हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्रफल तथा किसी अन्य जिला मुख्यालय से दूरी 25 से 40 किलोमीटर होनी चाहिए।