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  • पंजाब : सरकार का बड़ा फैसला,  कल तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

    पंजाब : सरकार का बड़ा फैसला, कल तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

    चंडीगढ़ : वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस का एक्शन जारी है। किसी भी वक्त अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी की जा सकती है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब में जो इंटरनेट सेवा पहले रविवार दोपहर 12 बजे तक बंद की गई थी उसे अब 21 मार्च तक कर दिया गया, यानि अब मंगलवार मार्च तक पंजाब में इंटरनेट बंद रहने वाला है। पंजाब सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यह आदेश जारी किया गया है।

    अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर किसी भी घटना से निटपने के लिए पूरे पंजाब में पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वो पाकिस्तान से सोशल मीडिया के जरिए भेजी जा रही झूठी जानकारियों पर यकीन ना करें।

    पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानियों के द्वारा की तरफ से फेक आइडीज के माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रहा है। ऐसे में पंजाब सरकार ने पहले ही साफ किया है कि अमृतपाल अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है और पंजाब में हालात सामान्य हैं।

  • पंजाब : सांसद सिमरनजीत सिंह मान के खिलाफ प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

    पंजाब : सांसद सिमरनजीत सिंह मान के खिलाफ प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

    जालंधर/वरुण : अमृतपाल सिंह के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर केंद्र पूरी तरह से नजर रखे हुए है । तीन दिन से चल रही कार्रवाई के दौरान जहां अमृतपाल सिंह के समर्थकों की धरपकड़ जारी है, वहीं उसके समर्थकों के सोशल मीडिया अकाउंट भी लगातार बैन किए जा रहे हैं। इसी कार्रवाई के बीच अब भारत सरकार ने एक सांसद का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया है।

    केंद्र सरकार ने यह कार्रवाई अमृतपाल सिंह व खालिस्तान समर्थक और संगरूर से सांसद सिमरनजीत सिंह मान के खिलाफ की है। केंद्र सरकार ने सिमरनजीत सिंह मान का ट्विटर अकाउंट Simranjeet Sada को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, उनकी पार्टी का अकाउंट (शिरोमणि अकाली दल अमृतसर) अभी भी चल रहा है। गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह शुरू से ही अमृतपाल सिंह का खुले तौर पर समर्थन करते आए हैं।

  • जालंधर: अमृतपाल सिंह के चाचा और ड्राइवर ने किया सरेंडर, देखें वीडियो

    जालंधर: अमृतपाल सिंह के चाचा और ड्राइवर ने किया सरेंडर, देखें वीडियो

    जालंधर/वरुण: ऑपरेशन अमृतपाल सिंह मैं तीसरे दिन भी पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस लगातार अमृतपाल सिंह के समर्थकों पर कार्रवाई कर रही है। इस बीच अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह और ड्राइवर ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

    अब तक अमृतपाल सिंह के 112 क़रीबियों को हिरासत में लिया गया है। समाचार एजेंसी ने एसएसपी जालंधर (ग्रामीण) स्वर्णदीप सिंह के हवाले से ये जानकारी दी है। एसएसपी के अनुसार, दोनों ने रविवार रात ही सरेंडर कर दिया था।

  • जालंधरः इस हलके में नही रुक रहा चिट्टे का कारोबार

    जालंधरः इस हलके में नही रुक रहा चिट्टे का कारोबार

    जल्द पुलिस को नशा बेचने वालों की लिस्ट जारी करेगा ये भाजपा नेता

    जालंधर, वरुण/वरिंदरः पंजाब सरकार भले ही नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। दरअसल, वेस्ट हलके के न्यू दशमेश नगर, तिलक नगर, उदय नगर के वार्ड नंबर 40 में नहीं नशे का कारोबार रुकने नाम नहीं ले रहा है। इस हलके में चिट्टे का कारोबार और पीने वालों की गिनती काफी ज्यादा मात्रा में बढ़ रही है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस का इन हलको पर ध्यान ही नहीं जा रहा।

    ये आरोप भाजपा के ओबीसी मोर्चा के जिला प्रधान प्रमोद कश्यप ने लगाए है। वार्ड नंबर 40 में वह पिछले काफी समय से रहने वाले प्रमोद कश्यप ने मीडिया से बातचीत दौरान बताया कि उनके एरिया में पिछले काफी समय से चिट्टे की सप्लाई हो रही है और चिट्टा पीने वाले भी काफी मात्रा में नशेड़ी बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि उनके एरिया में कुछ खाली प्लाटों में आकर युवक नशा बेचते है और नशा लगाते है।

    प्रमोद कश्यप ने कहा कि हलके के हालात यह हो गए है कि नशेड़ी युवक मोहल्ले की लड़कियों को चौक में खड़े तंग परेशान करते हैं। इस दौरान पड़े उन्होंने थाना भार्गव कैंप की पुलिस से मांग की है कि जालंधर वेस्ट वार्ड नंबर 40 में क्राइम काफी बढ़ गया है। इसलिए उनके हलके में पुलिस को गशत बढ़ानी चाहिए। प्रमोद कश्यप ने कहा कि वह जल्द ही थाना भार्गव कैंप पुलिस को नशा बेचने वालों की लिस्ट जारी करेंगे। 

  • पंजाबः डॉक्टर द्वारा ग्लूकोज दिए जाने के बाद 33 वर्षीय एक लड़की की हुई मौत, देखें वीडियो

    पंजाबः डॉक्टर द्वारा ग्लूकोज दिए जाने के बाद 33 वर्षीय एक लड़की की हुई मौत, देखें वीडियो

    कपूर अस्पताल कोटकपूरा पर लगाए आरोप।

    कोटकपूराः 33 वर्षीय युवती के पति व परिजनों ने सिर दर्द को लेकर डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए थे। एक दिन पहले ही उसने डॉक्टर को दिखाया था और आज डॉक्टर ने उसे ग्लूकोज चढ़ाया था। पति ने डॉक्टर पर आरोप लगाया कि ग्लूकोज देने के बाद जब मेरी पत्नी नहीं हिली तो डॉक्टर ने हमें दूसरे डॉक्टर के पास ले जाने को कहा और डॉक्टर ने कहा कि मैं भी साथ चलूंगा, लेकिन रास्ते में डॉ. गायब हो गया। 

    जब हम दूसरे डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्होंने मेरी पत्नी को मृत घोषित कर दिया।  इलाज के दौरान मेरी पत्नी की मौत हो गई थी, डॉक्टर ने हमें बहाना बनाकर दूसरे डॉक्टर के पास भेज दिया। मृतक के आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है । मौके पर पहुंची पुलिस ने कहा कि वह इस घटना के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।
     

  • जालंधरः ठग ट्रैवल एजेंट बृजेश मिश्रा सहित 2 के खिलाफ FIR दर्ज 

    जालंधरः ठग ट्रैवल एजेंट बृजेश मिश्रा सहित 2 के खिलाफ FIR दर्ज 

    कनाडा भेजने के नाम पर एक और मामला आया सामने

    700 विदेशी स्टूडेंट्स के डिपोर्ट मामले में आया था चर्चा में

    जालंधर/वरुणः कनाडा भेजने की आड़ में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। वहीं अब ताजा मामला एजुकेशन माइग्रेशन सर्विस सेंटर के मालिक बृजेश मिश्रा और अन्य 2 साथियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पीड़िता की शिकायत पर थाना 6 की पुलिस ने एजेंट और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने एफआईआर नंबर 47 में आईपीसी की धारा 406, 420, 465, 467, 468, 471 और 120 के तहत बृजेश मिश्रा पुत्र जयशंकर मिश्रा निवासी एमआईजी फ्लैट गुरु गोबिंद सिंह एवन्यू, गुरनाम सिंह पुत्र धर्मसिंह निवासी चीमा नगर एक्सटेशन, मिठ्ठापुर, राहुल भार्गव पुत्र नरिंदर कुमार निवासी कबीर एवन्यू लद्देवाली के रूप में हुई है।

    थाना 6 के प्रभारी कमलजीत सिंह ने बताया कि उक्त आरोपियों ने न्यू मैन कंसल्टेंट ग्रीन पार्क में अपना दफ्तर खोला हुआ था। दर्ज की गई शिकायत के अनुसार उक्त एजेंट ने एंबेसी में फर्जी दस्तावेज लगाकर लड़की से 17 लाख रुपए लिए थे। जिसके बाद पीड़िता को एंबेसी के जरिए पता चला कि उनकी फाइल में लगे दस्तावेज फर्जी है। जिसके बाद उन्हें सही दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा गया नहीं तो उन्हे ब्लैकलिस्ट घोषित कर दिया जाएगा। इस मामले के बाद पीड़ित परिवार जब उक्त एजेंट के पास गया तो एजेंट अपनी एंबेसी में उच्च अधिकारियों के साथ अपनी जान-पहचान बताकर मामले को टाल मटोल करता गया।

    काफी समय बीत जाने के बाद जब उक्त एजेंट से संपर्क किया तो उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। एजेंट बृजेश मिश्रा के दफ्तर पहुंचे तो वह बंद पड़ा हुआ है। जिसके बाद उन्हें पता चला कि उक्त एजेंट ने उनसे लाखों रुपए की ठगी की है। इस मामले के बाद पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित परिवार के बयानों पर पुलिस ने एजेंट बृजेश मिश्रा और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर छापेमारी की जा रही है। बता दें कि उक्त एजेंट के द्वारा विदेश भेजने के मामले में लोगों से ठगी करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले उक्त एजेंट कनाडा में 700 भारतीय विद्यार्थियों को डिपोर्ट करने के मामले में चर्चा में आया था। जहां एजेंट ने छात्रों को फर्जी ऑफर लेटर मुहैया करवा कनाडा कॉलेज में दाखिला दिलवा दिया। जो मुद्दा इस समय काफी चर्चा में है। वहीं इस मामले में कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी (सीबीएसए) ने 700 भारतीय छात्रों को चिट्‌ठी जारी कर कहा की कि उन्हें अब भारत वापस जाना पड़ेगा। इन छात्रों के पास अब सिर्फ कोर्ट में नोटिस को चुनौती देने का रास्ता बचा है, जिसकी सुनवाई में 3 से 4 साल लग सकते हैं।

    बताया जा रहा है कि 700 छात्रों ने जालंधर स्थित एजुकेशन माइग्रेशन सर्विस सेंटर के जरिए स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन किया था। हंबर कॉलेज में प्रवेश के लिए प्रति छात्र 16 से 20 लाख रुपए लिए गए थे। साथ में हवाई टिकट और सुरक्षा खर्च अलग थे। छात्रों ने कहा कि जब वह विदेश पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कॉलेज की सभी सीटें भर चुकी हैं और छात्रों को अगले सेमेस्टर तक 6 महीने तक इंतजार करना होगा। इन छात्रों को एजेंसी ने फीस वापस कर दी और अगले सेमेस्टर के लिए दाखिल करवाया गया। छात्रों ने पढ़ाई पूरी की। वर्क एक्सपीरियंस हासिल कर पीआर के लिए आवेदन किया। पीआर के समय जब सीबीएसए ने उनके दस्तावेजों की जांच की तो सामने आया कि छात्रों को जो ऑफर लेटर एजेंट ने मुहैया करवा वह फर्जी थे। इसलिए इन सभी छात्रों को डिपोर्ट करने के लिए पत्र या नोटि दिए गए हैं। छात्रों ने जालंधर के कार्यालय में संपर्क किया तो एजेंट के दफ्तर का ताला लगा मिला। बताया जा रहा है कि एजेंट भाग गया है।

  • खेलते-खेलते शख्स को आया हार्ट आटैक, हुई मौत

    खेलते-खेलते शख्स को आया हार्ट आटैक, हुई मौत

    राजकोटः गुजरात से एक हैरान करने वाली खबर  सामने आ रही है जहां पर  क्रिकेट खेल रहे शख्स की हार्ट आटैक होने से मौत हो गई। उसे अटैक आने के फौरन बाद ही अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे वहां मृत घोषित कर दिया गया। क्रिकेट खेलते समय जिसकी मौत हुई उसका नाम मयूर मकवाना बताया गया है। देश में आए दिन हार्ट आटैक की घटनाओं में तेज़ी देखी जा रही है। युवाओं की दिल का दौरा पड़ने से हो रही मौतें चिंता का सबब बन रही हैं।

    जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय मयूर मकवाणा राजकोट के रेसकोर्स मैदान पर रविवार को छुट्टी के कारण दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। फील्डिंग के दौरान उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और वे ग्राउंड पर गिर पड़े। दोस्तों ने उन्हें तुरंत पास के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मयूर मकवाना के परिजनों ने बताया है कि मयूर सुबह क्रिकेट खेलने गया था. वहां उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वे गिर पड़े। उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया. वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. वह हर रविवार को क्रिकेट खेलने जाते थे।

  • पंजाब से बड़ी ख़बरः अमृतपाल सिंह को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर

    पंजाब से बड़ी ख़बरः अमृतपाल सिंह को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर

    याचिका में लीगल एडवाईज़र ने बताया अमृतपाल की जान को खतरा

    चंडीगढ़ः वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, अमृतपाल के दो दिन से कोई जानकारी ना मिलने के मामले में वारिस पंजाब दे के लीगल एडवाईज़र इमान सिंह खारा ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की है। सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक पटीशन में कहा गया है कि अमृतपाल सिंह को पुलिस ने पकड़ रखा है लेकिन पेश नहीं किया जा रहा है। बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट (Habeas Corpus) नाम की इस पटीशन  में कहा गया है कि अमृतपाल सिंह की जान को खतरा है। 24 घंटे के बाद भी पुलिस कुछ नहीं बता रही है।

    30 घंटे बाद भी अमृतपाल को नहीं किया अदालत में पेश 

    मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि अमृतपाल गिरफ्तार हो गया है। 30 घंटे बाद भी अमृतपाल को अदालत में नहीं पेश किया गया है। खारा का कहना है कि यह संभव नहीं है कि 60 पुलिस की गाड़ियों के काफिले से अमृतपाल सिंह कैसे भाग गए। पटीशन में कहा गया है कि अमृतपाल सिंह का फेक एन्काऊंटर हो सकता है। इस मामले में अदालत में पंजाब सरकार की तरफ से एडवोकेट विनोद घई  ने सरकार का पक्ष पेश किया तथा कहा कि अमृतपाल सिंह अभी तक पकड़ा नहीं गया है।

    21 मार्च को होगी सुनवाई

    अदालत की तरफ से इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दिया है तथा 21 मार्च को दोबारा इस मामले में सुनवाई होगी। कोर्ट ने वारंट अफिसर तैनात करने की पटीशनर की मांग ठुकरा दी है। इस मामले में अमृतसर तथा जालंधर देहाती पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किए गए हैं।

    क्या है Habeas Corpus (बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट )

    पुलिस किसी भी नागरिक को बिना चार्ज किये महीनों, वर्षो तक कारागार में बंदी बना कर रख सकते है ऐसे में उन नागरिको के पास विरोध करने या चुनौती देने का कोई कानूनी साधन उपलब्ध नहीं होता है। बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट (Habeas Corpus)  गैरकानूनी बंदी या हिरासत में लिए जाने के खिलाफ़ नागरिकों के पास एक हथियार है जो नागरिकों को अपने हितो की रक्षा का लिए उच्चतम न्यायालय जाने का शक्ति प्रदान करता है।

  • किसानों का पुलिस को अल्टीमेटम, महापंचायत के दौरान किया ये काम तो खड़ी होगी समस्या

    किसानों का पुलिस को अल्टीमेटम, महापंचायत के दौरान किया ये काम तो खड़ी होगी समस्या

    नई दिल्ली: किसानों की एमएसपी की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। एक बार फिर किसान दिल्ली कूच की तैयारी में हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में सोमवार को सुबह 10 बजे से किसानों का महापंचात होना है, जहां देशव्यापी आंदोलन को लेकर फैसला किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने आज, रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली पुलिस कल महापंचायत में आ रहे किसानों को रोकती है या परेशान करती है तो कोई बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

    किसान नेता दर्शनपाल ने बताया कि इस बारे में राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मांग याद रहनी चाहिए। किसान नेता हनन मोल्ला ने कहा कि सरकार ने वादाखिलाफी की। आंदोलन खत्म किए जाने और लिखित के बाद भी सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। किसान आंदोलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन के बाद 14 महीने पहले स्थगित कर दिया गया था। प्रधानमंत्री ने किसानों से वादा किया था कि उनकी सभी मांगें मान ली जाएंगी। उनकी अपील के बाद किसानों ने दिल्ली सीमा खाली की थी।

    किसान नेता लगातार सरकार से लिखित में किए गए वादे को पूरा करने की अपील कर रहे थे। बावजूद इसके, किसानों का कहना है कि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, जिसके बाद आंदोलन ही एक जरिया है। किसान नेता दर्शनपाल ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अब मिशन कर्जा मुक्ति और मिशन एमएसपी चलेगा और तमाम राजनीतिक दलों के सामने किसानों की मांग सबसे बड़ी चुनौती होगी। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली महापंचायत में 500 किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। किसानों ने सितंबर 2020 में संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं एक साल लंबा आंदोलन किया। किसानों ने तीनों कानूनों को किसान विरोधी करार दिया था। इसके बाद नवंबर 2021 में सरकार को तीनों कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। कानूनों की वापसी के अलावा किसानों की दूसरी सबसे बड़ी मांग एमएसपी थी, जिसके बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों का आश्वस्त किया था, लेकिन किसान नेताओं का आरोप है कि उन्होंने अपने वादे को पूरा नहीं किया।

  • देवव्रत यादव चुने मुख्य सलाहकार

    देवव्रत यादव चुने मुख्य सलाहकार

    रणजीत सिंह ठाकुर बने कार्यकारी अध्यक्ष

    बद्दी/सोलन:  भारतीय मजदूर संघ के जिला इकाई के त्रिवार्षिक चुनाव में देवव्रत यादव को मुख्य सलाहकार, रणजीत ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। बद्दी में राज्य महामंत्री देवीदत्त तनवर की देखरेख में सर्वसम्मति से चुनाव हुए। जबकि चुनाव प्रक्रिया का संचालन ईएसआईसी से सेवानिवृत हुए सहायक निदेशक  देवव्रत यादव ने  किया। 

    बद्दी के नगर परिषद हाल में कराए गए चुनाव में हृदय राम शर्मा को जिला इकाई का दबोरा अध्यक्ष चुना गया जबकि रणजीत ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष और देवव्रत यादव को मुख्य सलाहकार चुना गया।  गोपाल चौधरी, विद्यादत्त, तारा चंद और शशी ठाकुर को उपाध्यक्ष, राजू भारद्वाज को महासचिव, देवेंद्र संधू, बलदेव राज, मंजू देवी  और विरेंद्र ठाकुर को सह महामंत्री, खेम चंद विक्की को कोषाध्यक्ष, बाल किशन को संगठन मंत्री, संतोष को कार्यकारी सचिव, जगतार सैणी को प्रचार सचिव, क्षेत्रीय सचिव सीमा ठाकुर चुना गया। जबकि गुरचरणी, निर्मल सिंह, पूजा रानी और प्रिय दर्शन को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के राज्य उद्योग प्रभारी मेला राम चंदेल, सीमेंट उद्योग कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश, हिमाचल प्रदेश तकनीकी कर्मचारी यूनियन के वर्किंग प्रधान देवेंद्र संधू विशेष  रूप से उपस्थित रहे।