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  • कुटलैहड़ भाजपा मंडल का पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाअभियान प्रशिक्षण शुरू, भाजपा नेता भुट्टो रहे मौजूद

    कुटलैहड़ भाजपा मंडल का पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाअभियान प्रशिक्षण शुरू, भाजपा नेता भुट्टो रहे मौजूद

    भाजपा की कार्यपद्धति में प्रशिक्षण का विशेष महत्व: दविंदर भुट्टो

    ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत कुटलैहड़ भाजपा मंडल का प्रशिक्षण वर्ग विधिवत रूप से शुरू हुआ। भाजपा कार्यालय बंगाणा में प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा के पदाधिकारी, कार्य कर्ता और विभिन्न मोर्चों से जुड़े सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने संगठनात्मक प्रशिक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की कार्यपद्धति में प्रशिक्षण का विशेष महत्व है, क्योंकि यही प्रशिक्षण प्रत्येक कार्यकर्ता को विचारधारा, संगठनात्मक व्यवस्था और कार्य शैली के प्रति और अधिक सशक्त बनाता है।

    भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि विचारों और संस्कारों पर आधारित एक मजबूत संगठन है। यही कारण है कि भाजपा में छोटे से छोटे कार्यकर्ता और छोटे से छोटे कार्यालय को भी पूरा सम्मान और महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती का आधार ही कार्यकर्ता होता है और भाजपा हमेशा अपने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देती है। पूर्व विधायक भुट्टो ने कहा कि भाजपा की कार्यप्रणाली अन्य दलों से बिल्कुल अलग है। यहां हर कार्य कर्ताओं को लगातार प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाता है ताकि वे समाज के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और विचारधारा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से कार्य कर्ताओं को संगठन की नीतियों, अनुशासन और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है।

    भुट्टो ने कहा कि आज के समय में संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ता केवल राजनीतिक गतिविधियों के बारे में ही नहीं सीखते बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को भी बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। इस प्रशिक्षण वर्ग को लेकर कुटलैहड़ भाजपा मंडल के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने इसे संगठन को नई ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी जिला पार्षद कृष्ण पाल शर्मा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ भाजपा नेत्री संतोष सैनी मनोहर लाल शर्मा राम किशन भारती सूरम सिंह रंजीत सिंह के सभा सभी मोर्चा प्रकोष्ठ मंडल की समस्त कार्यकारणी एवं गणमान्य मौजूद रहे।

     

  • जलग्रां टब्बा में हर्ष-विपन मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता, बीटन टीम बनी विजेता

    जलग्रां टब्बा में हर्ष-विपन मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता, बीटन टीम बनी विजेता

    ऊना /सुशील पंडित: जिला मुख्यालय के साथ लगती ग्राम पंचायत जलग्रां टब्बा में रविवार को हर्ष और विपन मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्थानीय युवाओं द्वारा अपने मित्रों की याद में आयोजित किए गए इस बड़े टूर्नामेंट में जिला भर से करीब 35 टीमों ने भाग लेकर अपना हुनर दिखाया। प्रतियोगिता के रोमांचक मुकाबलों में हरोली उपमंडल की बीटन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया, जबकि झलेड़ा टीम उपविजेता रही। फाइनल मुकाबला देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी भी मैदान में मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सतपाल सिंह सत्ती ने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होना चाहिए, ताकि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों के प्रति प्रेरित होने का अवसर मिल सके।

  • Punjab News: तेज रफ्तार कार दुकान से टकराई, Driver  गंभीर रूप से घायल, देखें CCTV

    Punjab News: तेज रफ्तार कार दुकान से टकराई, Driver गंभीर रूप से घायल, देखें CCTV

    मोहाली: खरड़ में देर रात एक तेज रफ्तार कार के दुकान से टकराने का मामला सामने आया है। इस हादसे में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार, देर रात एक कार तेज़ रफ़्तार में सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया और कार सड़क किनारे बनी एक दुकान में जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि दुकान के बाहर लगा सामान और कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे में कार चालक को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    घटना की पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। वायरल हुई फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार काफी तेज़ रफ़्तार में आ रही थी और अचानक दुकान से जा टकराती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चालक ने तेज़ रफ़्तार के कारण वाहन पर से नियंत्रण खो दिया था या फिर उसके सामने अचानक कोई जानवर आ गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और CCTV फुटेज के आधार पर हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

     

     

     

  • जोगीपंगा में राज्य अनुसूचित जाति आयोग का जागरूकता शिविर आयोजित

    जोगीपंगा में राज्य अनुसूचित जाति आयोग का जागरूकता शिविर आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले की कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के जोगीपंगा में रविवार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग की ओर से एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस अवसर पर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा तथा अधिवक्ता शालिनी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। शिविर का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं तथा कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

    अपने संबोधन में आयोग के अध्यक्ष पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग को अनेक महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं, लेकिन आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग इनके प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अनुसूचित जाति वर्ग के किसी व्यक्ति के साथ अत्याचार होता है तो वह आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। आयोग ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और आयोग 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि आयोग में प्राप्त होने वाली शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और मामलों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे जागरूकता शिविर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।

    डॉ. अंबेडकर के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करते रहो। संघर्ष के बिना कौमें बिखर जाती हैं।” उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ. अंबेडकर ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए शिक्षा, सरकारी नौकरियों और विधायिका में आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला। इस अवसर पर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुटलैहड़-बंगाणा दौरे के दौरान क्षेत्र को मिली महत्वपूर्ण सौगातों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

    उन्होंने विशेष रूप से तुरकाल-पंगा पेयजल योजना के शिलान्यास तथा बंगाणा में डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इन निर्णयों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं और कानून व्यवस्था दोनों सुदृढ़ होंगी। उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर बनाने में मदद मिल रही है। इसके अलावा अनुवर्ती कार्यक्रम, कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को राहत दिलाने संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा तथा अधिवक्ता शालिनी ने भी अपने विचार रखते हुए उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। आयोग के सदस्य सचिव वरिंद्र शर्मा ने भी आयोग के कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी।

    इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति वर्ग के सैंकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और गंभीरता के साथ विचार सुने। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश समन्वयक अनुसूचित जाति विभाग लेख राज भारती, जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग बलराम महे, ब्लॉक अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग कुटलैहड़ गुरपाल कलसी,राज महे राष्ट्रीय दलित आंदोलन महासचिव, चरणी देवी, सुषमा देवी  और नीलम देवी महिंदर सिंह लाठियानी, रमेश बंगा, गुलजारी लाल, दुर्गा दास और राकेश कटनोरिया,सत्या देवी के अतिरिक्त कार्यक्रम में कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका,  उपमंडलाधिकारी सोनू गोयल, बीडीओ किशोरी लाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आवास पंडित सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • 13 साल से जिंदगी और मौत से लड़ रहे Harish Rana, सामने आया Emotional Video

    13 साल से जिंदगी और मौत से लड़ रहे Harish Rana, सामने आया Emotional Video

    नई दिल्ली: जिंदगी हर इंसान को प्यार होती है। हर पल जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है परंतु गाजियाबाद के हरीश राणा की किस्मत कुछ और ही कहानी लिख रही थी। हरीश राणा का लाइफ स्पोर्ट सिस्टम अब हटा दिया गया है। उनकी दुनिया से विदा करने की तैयारी की जा रही है। इसी से जुड़ा एक बहुत ही इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उनकी इस दुनिया से विदाई की तैयारी दिखाई देती है।

    इच्छामृत्यु की याचिका पर सुनाया गया फैसला

    हरीश राणा को घर से दिल्ली में स्थित एम्स में शिफ्ट किया गया है। यहां डॉक्टरों की खास टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। हरीश पिछले लगभग 13 साल से बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े थे। डॉक्टरों के अनुसार, उनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं बची थी। इसी स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एम्स की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इच्छामृत्यु की याचिका पर फैसला सुनाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि एम्स में सम्मानजनक तरीके से उनके जीवन के अंतिम चरण की चिकित्सा प्रक्रिया पूरी की जाए।

    आखिर क्या होता है पैसिव यूथेनेशिया?

    इच्छामृत्यु उस स्थिति को कहते हैं जब किसी गंभीर और असाध्य बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को असहनीय पीड़ा से राहत दिलवाने के लिए जीवनरक्षक इलाज वापिस ले लिया जाता है। आमतौर पर इसको दो तरह के प्रकारों में बांट दिया जाता है। सक्रिय और निष्क्रिय। पैसिव यूथेनेशिया में मरीज को इलाज या फिर लाइफ सपोर्ट को धीरे-धीरे हटाकर उसे प्राकृतिक रुप से जीवन की अंतिम अवस्था तक जाने दिया जाता है।

    वायरल वीडियो में सामने आई सच्चाई

    सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें 22 सैकेंड के वीडियो ने लोगों को भावुक कर दिया है। वीडियो में हरीश राणा बिस्तर पर लेटे हुए दिखाई देते हैं और उनकी नजरें लगातार ऊपर की ओर टिकी रहती हैं। उनकी आंखों में उदासी साफ दिखाई देती है लेकिन चेहरे पर एक अजीब सी शांति भी दिखती है। क्लिप में एक महिला उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाती है। उस पर हरीश के चेहरे पर सालों की पीड़ा झलकती है। मगर साथ ही ऐसा भी लगता है कि जैसे उन्हें यह एहसास हो कि अब लंबे समय से सह रहे दर्द से मुक्ति मिलने वाली हैं। महिला हरीश का सिर सहलाते हुए कहती है कि सबको माफ करते हुए सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ। इस दृश्य से सोशल मीडिया पर कई लोगों को भावुक कर दिया है।

    13 साल से बीमार हैं हरीश राणा

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरीश राणा करीबन 13 साल चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान एक हादसे का शिकार हो गए थे। बताया जाता है कि वह हॉस्टल की इमारत से गिर गए थे। इसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह कोमा जैसी स्थिति में चले गए। लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने के कारण उनके शरीर में कई जटिल समस्याएं भी पैदा हो गई। परिवार ने सालों तक उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी लेकिन डॉक्टरों ने साफ किया है कि उनके ठीक होने की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है। आखिरकार इसी स्थिति को देखते हुए परिवार ने अदालत से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और हालात को ध्यान में रखते हुए पैसिव यूथेनेशिया को इजाजत दे दी है ताकि हरीश को लंबे समय से चल रही पीड़ा से मुक्ति मिल पाए।      
  • उद्योगपति सुरेंद्र जैन को अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग शिखर सम्मेलन में किया सम्मानित

    उद्योगपति सुरेंद्र जैन को अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग शिखर सम्मेलन में किया सम्मानित

    कोरूगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर के स्पेशल सत्र में उद्योगपतियों का मंथन बद्दी/सचिन बैंसल: भारतीय पैकेजिंग संस्थान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा  भारतीय पैकेजिंग उद्योग के लिए छठे अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का विषय पैकेजिंग 5 एस (सुरक्षित, संरक्षित, स्टैंडर्डाइज्ड, स्मार्ट और स्टेबल) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसरखा गया है। कार्यक्रम के दूसरे दिन  कौरुगेटेड पैकेजिंग, सुरक्षा, ट्रेसिंग और एंड-ऑफ-लाइन में भविष्य के लिए तैयार स्वचालन पर विशेष सत्र का का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन डॉ. माधब चक्रवर्ती, पूर्व संयुक्त निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख, आई आई पी ने किया। कार्यक्रम में विशेष रुप से पहुंचे नालागढ़ के उद्यमी व हिमाचल प्रदेश गत्ता उद्योग संघ के प्रदेश संरक्षक सुरेंद्र जैन जो कि दो दशक से गत्ता उद्योग से जुडे हैं ने इस उत्पाद के संरक्षण संवर्धन व इतिहास पर विस्तार डाला। उन्होने कहा कि भारत या विदेश में कोई भी उत्पाद बने इसमें पैकिंग का खर्च पांच फीसदी तक होता है। अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग शिखर सम्मेलन में संपूर्ण भारत में प्रिटिंग एंड पैकेजिंग में अपना अतुलनीय योगदान देने के लिए नालागढ़ के उद्योगपति सुरेंद्र जैन को पैकेजिंग शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया वहीं विशेष कार्य करने वाले उद्यमियों को सुरेंद्र जैन के हाथों सम्मानित करवाया गया। सुरेंद्र जैन ने इस अवसर पर सभी को बधाई दी और कहा के आने वाला समय कॉरुगेशन बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला है जिसमें ऑटोमेशन मशीनरी अपना एक विशेष रोल निभायगी। सुरेंद्र जैन ने इस कार्यक्रम में बुलाने के लिए एडिशनल डायरेक्टर प्रो तनवीर आलम आईआईपी नई दिल्ली, डायरेक्टर आईआईपी मुंबई शेखर  और आईआईपी दिल्ली विजिटिंग फैकल्टी डॉ अशोक मारवा का आभार प्रकट किया और कहा कि ऐसे सम्मेलनों से संबधित क्षेत्रों में आ रही नवीन तकनीकों के अलावा बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
  • Health Tips: गर्मियों में खीरा खाना सेहत के लिए क्यों होता फायदेमंद, जानें इसकी वजह

    Health Tips: गर्मियों में खीरा खाना सेहत के लिए क्यों होता फायदेमंद, जानें इसकी वजह

    Health Tips: गर्मियों के मौसम में सलाद, रायता या स्नैक्स के रूप में खीरा खाना काफी पसंद किया जाता है। खीरा शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी को भी पूरा करता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बाहर से ताजा दिखने वाला खीरा अंदर से कड़वा निकल जाता है, जिससे पूरे सलाद या रायते का स्वाद खराब हो जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि खीरा खरीदते समय ही पता चल जाए कि वह कड़वा है या नहीं, तो कुछ आसान तरीकों से बिना काटे ही इसकी पहचान की जा सकती है। बिना काटे खीरा कड़वा है या नहीं, ऐसे करें पहचान
    1. खीरे के ऊपरी हिस्से को हल्का रगड़कर देखें
    खीरे के डंठल वाले हिस्से को थोड़ा काटकर उस हिस्से को खीरे पर रगड़ने से कई बार सफेद झाग जैसा निकलता है। यह झाग कुकुरबिटासिन (Cucurbitacin) नाम के यौगिक के कारण बनता है, जो खीरे में कड़वाहट का कारण होता है। अगर ज्यादा झाग निकलता है तो इसका मतलब है कि खीरे के उस हिस्से में कड़वाहट हो सकती है। पुराने समय से लोग इस हिस्से को रगड़कर कड़वाहट कम करने की कोशिश करते हैं।
    1. खीरे का रंग और सख्ती जरूर देखें
    ताजा और अच्छा खीरा आमतौर पर गहरे हरे रंग का और सख्त होता है। अगर खीरा पीला पड़ने लगा हो, ज्यादा नरम लगे या दबाने पर मुलायम महसूस हो, तो उसमें कड़वाहट होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए हमेशा ऐसा खीरा चुनें जो दबाने पर कड़ा लगे और जिसकी त्वचा चमकदार दिखाई दे।
    1. खीरे का आकार भी बताता है उसकी क्वालिटी
    बहुत ज्यादा मोटे, टेढ़े-मेढ़े या असमान आकार वाले खीरे कई बार कड़वे निकलते हैं। अच्छे स्वाद के लिए मध्यम आकार का, सीधा और गहरे हरे रंग का खीरा लेना बेहतर माना जाता है। ऐसे खीरे आमतौर पर ताजे और स्वाद में अच्छे होते हैं।
    1. खुशबू से भी पहचान सकते हैं ताजा खीरा
    ताजा खीरे में हल्की और फ्रेश खुशबू होती है। अगर खीरे से अजीब या तेज गंध आए तो समझ लें कि वह ज्यादा ताजा नहीं है या खराब हो सकता है। ऐसे खीरे को खरीदने से बचना चाहिए। खीरा खाने के फायदे खीरा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें लगभग 96 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है। इसके अलावा खीरा खाने के कई और फायदे भी होते हैं, जैसे पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है, वजन कम करने में मदद करता है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है। त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करता है। इसलिए गर्मियों में रोजाना सलाद या रायते में खीरा शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। अगर आप ऊपर बताए गए आसान टिप्स अपनाएंगे तो खीरा खरीदते समय ही कड़वाहट से बच सकते हैं और आपके खाने का स्वाद भी खराब नहीं होगा।  
  • Jalandhar News: थाने के अंदर दो पक्षों में हुई जमकर मारपीट, लगे ये आरोप, देखें वीडियो

    Jalandhar News: थाने के अंदर दो पक्षों में हुई जमकर मारपीट, लगे ये आरोप, देखें वीडियो

    जालंधर: महानगर के अधीन पड़ते भार्गव कैंप थाने के अंदर दो पक्षों में आपस में मारपीट करने का मामला सामने आया है। जहां, बताया जा रहा है कि यह झगड़ा पुलिस मुलाजिमों की मौजूदगी में हुआ, जिससे थाने के अंदर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार किसी मामले को लेकर दोनों पक्ष थाने पहुंचे हुए थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर मुक्केबाजी होने लगी।

    पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया
    थाने में मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने तुरंत बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को काबू में किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया।

    घटना का वीडियो भी आया सामने
    इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को लगातार मुक्के मारते नजर आ रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

    पुलिस का आया बयान
    थाना भार्गव कैंप के जांच अधिकारी लखबीर सिंह ने बताया की युवक पर दरवाजा तोड़ने के आरोप लगाने की शिकायत दी, जिसके बाद दोनों पक्ष थाने के अंदर पहुंचे थे और किसी बात को लेकर दोनों में हाथापाई हो गई तो मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को पीछे किया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम मामले की जांच में जुटी हुई है और वह बनती कार्रवाई करेंगे।

    ये था पूरा मामला
    शहर की बूटा मंडी में ढाबा मालिक ने युवक पर लकड़ी चोरी के आरोप लगा मारपीट की फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। युवक की ओर से थाने में समाजसेवी पहुंचे तो थाने के अंदर ही पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई, जिसकी वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना ली। थाने के अंदर पुलिस की मारपीट होने के बाद पुलिस के थाने के गेट बंद दिया, जिसके लोगों ने इसका विरोध जमाया।

    सतीश कुमार खोसला ने बताया यह फाइनेंस का काम करते हैं और पास इंद्रजीत नाम का युवक काम करता है। इंद्रजीत पत्नी का भाई जोबन बूटा मंडी में शेरू पंजाबी ढाबा से निकल रहा था कि ढाबे के बाहर एक टेबल पड़ा था, जिसकी लक्कड़ जोबन ने उठा ली तो ढाबा संचालक ने चोरी के आरोप लगाकर युवक के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। मारपीट के दौरान उसकी बाजू को तीन जगह से तोड़ दिया और बाद पुलिस को शिकायत दे दी, जिसके बाद पुलिस जोबन को थाने ले आई तो पीड़ित परिवार उनके पास मदद के लिए आया। वह परिवार के साथ थाने में पहुँचे तो ढाबा संचालक ने पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ थाने के अंदर मारपीट की और मारपीट की वीडियो उनके साथियों ने बना ली। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्होंने मारपीट की धाराओं उसके गले में पहनी सोने की चेन की तोड़ दी, जिसकी शिकायत उन्होंने थाना भार्गव कैंर की पुलिस को दी है।

     

     

  • जानें इस बार महाअष्टमी और किस तारीख को मनाया जाएगा राम जन्मोत्सव, देखें लिस्ट

    जानें इस बार महाअष्टमी और किस तारीख को मनाया जाएगा राम जन्मोत्सव, देखें लिस्ट

    Dharam News: हिंदू धर्म में नवरात्रि के दिन बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन नौ दिनों में भक्त माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से माता दुर्गा भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं और जीवन के दुख-दर्द दूर करती हैं। चैत्र मास में आने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। इन नौ दिनों में अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल अष्टमी और राम नवमी की तिथि को लेकर लोगों के मन में थोड़ी उलझन बनी हुई है। ऐसे में आइए आसान शब्दों में जानते हैं कि महाअष्टमी और राम नवमी 2026 में कब मनाई जाएगी और इनका क्या महत्व है।

    महाअष्टमी 2026 कब है?
    साल 2026 में महाअष्टमी 26 मार्च, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। नवरात्रि का आठवां दिन माता दुर्गा के महागौरी स्वरूप को समर्पित होता है। इस दिन भक्त पूरे विधि-विधान के साथ माता महागौरी की पूजा-अर्चना करते हैं। महाअष्टमी के दिन घरों और मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है। कई लोग इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं, जिसमें छोटी कन्याओं को माता का रूप मानकर उन्हें भोजन करवाया जाता है और उपहार दिए जाते हैं।

    राम नवमी 2026 कब है?
    चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। साल 2026 में राम नवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। मान्यता है कि भगवान राम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए कई स्थानों पर इस समय विशेष पूजा और आरती की जाती है। वहीं उदयातिथि के अनुसार कुछ लोग 27 मार्च को भी राम नवमी का पर्व मना सकते हैं।

    महाअष्टमी का धार्मिक महत्व
    नवरात्रि का आठवां दिन यानी महाअष्टमी पूजा-पाठ के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों जैसे देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण में भी अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष फलदायी बताया गया है। इस दिन माता महागौरी की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है। महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का भी विशेष महत्व होता है।

    राम नवमी का महत्व
    राम नवमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन भगवान राम की पूजा की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि राम नवमी के दिन पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

    इसके अलावा यह दिन भगवान राम के आदर्श जीवन और उनके सिद्धांतों को याद करने का भी अवसर होता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

     

     

  • Middle East में चल रहे तनाव के बीच रद्द हुई CBSE की परीक्षाएं, इस वजह से लिया गया फैसला

    Middle East में चल रहे तनाव के बीच रद्द हुई CBSE की परीक्षाएं, इस वजह से लिया गया फैसला

    नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच में भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने खाड़ी क्षेत्र में पढ़ रहे 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। यह फैसला उन देशों में रहने वाले छात्रों के लिए बहुत जरुरी है जहां भारतीय प्रवासी परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए सीबीएसई से जुड़े स्कूलों पर निर्भर है। सीबीएसई की ओर से जारी किए गए नोटिस के जरिए से बताया गया है कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में निर्धारित सभी 12वीं कक्षा की परीक्षाएं अब नहीं होगी। इन परीक्षाओं का समय 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक तय किया गया था। इसके अलावा मार्च के पहले हफ्ते में पहले से स्थगित की गई परीक्षाएं भी अब पूरी तरह मानी जाएगी। Read in English:
    CBSE Cancels Class 12 Board Exams Across Middle East Amid Escalating Conflict

    सीबीएसई ने सुनाया फैसला

    सीबीएसई ने साफ किया है कि 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च 2026 को स्थगित की गई परीक्षाओं को भी अब रद्द माना जाएगा। बोर्ड ने यह भी कहा है कि इन देशों में पढ़ रहे छात्रों के मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया बाद में की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि इन देशों में कक्षा 12वीं के उम्मीदवारों के लिए परिणाम घोषित करने का तरीका उचित समय पर अलग से अधिसूचित किया जाएगा।

    क्षेत्रीय तनाव का दिखा असर

    यह कदम मध्य पूर्व में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय संकट को देखते हुए लिया गया है। खाड़ी देशों में कई भारतीय प्रवासी परिवार रहते हैं। इनके बच्चे भारतीय शिक्षा प्रणाली में पढ़ाई कर रहे हैं। सीबीएसई की यह पहल छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत की बात है क्योंकि अप्रत्याशित परिस्थितियों में यात्रा करना और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना सुरक्षित नहीं था।

    CISCE ने रद्द की परीक्षाएं

    सीबीएसई ने यह फैसला काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस से पहले लिए गए फैसले के बाद आया है। सीएससीई ने भी संयुक्त अरब अमीरात में सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर आईसीएसई और आईएससी परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इससे यह साफ होता है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

    जारी हुआ नोटिस

    खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव का असर अब भारतीय छात्रों की पढ़ाई पर भी दिख रहा है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे हालात के कारण से सीबीएसई से बड़ा फैसला किया है। बोर्ड ने 7 देशों में रह रहे 12वीं के छात्रों के सभी एग्जाम रद्द किए हैं। 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच होने वाली सभी परीक्षाएं अब नहीं होगी। इससे पहले जो एग्जाम 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च के सर्कुलर के जरिए पोस्टपोन हुए थे। वो भी अभी पूरी तरह कैंसिल माने जाएंगे। सीबीएसई ने यह साफ किया है कि इन देशों के 12वीं के छात्रों का परिणाम कैसे निकाला जाएगा। यह अलग से बताया जाएगा। फिलहाल इस पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है।