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  • डीसी ने पूबोवाल, कुठारबीत व दुलैहड़ में किया तालाबों का निरीक्षण

    डीसी ने पूबोवाल, कुठारबीत व दुलैहड़ में किया तालाबों का निरीक्षण

    तालाबों के सौंदर्यीकरण करने के दिए निर्देश
    ऊना/ सुशील पंडित : उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पूबोवाल, कुठारबीत व दुलैहड़ में बने तालाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएफओ ऊना सुशील कुमार, बीडीओ हरोली मुकेश, एससी पीडब्ल्यूडी जीएस राणा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने डीएफओ ऊना को तालाबों के सौंदर्यीकरण हेतू शीघ्र प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तालाबों के किनारे फलदार व छायादार वृक्ष लगाने को कहा ताकि गर्मियो ंमें स्थानीय लोगों को आरामदायक व स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।
    इसके अलावा बीडीओ हरोली को निर्देश दिए कि पूबोवाल में निर्माणाधीन पंचवटी पार्क के शेष बचे कार्य को जल्द पूर्ण करें ताकि स्थानीय लोगों को पार्क की सुविधा का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने बीडीओ को यह भी निर्देश दिए कि दुलैहड़ में पंचवटी पार्क के लिए मनरेगा के तहत बजट का प्रावधान कर शीघ्र पार्क का निर्माण कार्य आरंभ करवाएं।
  • अमृतपाल सिंह को लेकर एक और बड़ा खुलासाः पुलिस ने उच्च अधिकारी के रीडर को किया गिरफ्तार!

    अमृतपाल सिंह को लेकर एक और बड़ा खुलासाः पुलिस ने उच्च अधिकारी के रीडर को किया गिरफ्तार!

    हरियाणा : अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने 8 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं पुलिस को जानकारी मिली कि अमृतपाल सिंह 19-20 मार्च को शाहबाद के एक घर में अमृतपाल सिंह रुका था। शाहबाद हरियाणा-दिल्ली हाईवे पर पड़ता है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है। वहीं अब इस मामले में एक बड़ा और खुलासा हुआ है कि जिस घर में अमृतपाल रुका वह हरियणा के लाडवा के एसडीएम के यहां रीडर के तौर पर तैनात है। बताया जा रहा है कि अमृतपाल सिंह की आखिरी लोकेशन हरियाणा के शाहबाद में ट्रेस हुई है। जहां रविवार को बलजीत कौर नामक महिला ने उसे अपने घर में शरण दी। सूत्रों के अनुसार पप्पलप्रीत सिंह और अमृतपाल सिंह स्कूटरी के रास्ते से शाहबाद जाते है। 

    रीडर की पहचान हरजिंदर निवासी मामू माजरा के तौर पर हुई है तथा उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे कड़ी पूछताछ हो रही है। पुलिस ने जिस महिला को गिरफ्तार किया है, वह उक्त रीडर की बहन बताई जा रही है। पुलिस को आज ही जानकारी मिली थी हरियाणा के शाहबाद इळाके के सिद्धार्थ नगर में एक घर में अमृतपाल रुका तथा आसपास के लोगों ने भी उसे देखा है।

    बता दें कि पंजाब पुलिस अमृतपाल की तलाश में जुटी है। उसके देश में ही छिपे होने की आशंका है। ऐसे में पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश ,उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में अलर्ट जारी किया गया है। अमृतपाल के इन्हीं राज्यों में से किसी जगह पर छिपे होने की संभावना है। ऐसे में पंजाब पुलिस इन राज्यों की पुलिस की भी मदद ले रही है। अमृतपाल विदेश न भागे इसके लिए पाकिस्तान और नेपाल से सटे बॉर्डर पर बीएसएफ और एसएसबी को अलर्ट पर रखा गया है।

    अमृतपाल ने फरवरी में अपने समर्थकों के साथ अजनाला में थाने पर हमला बोला था। इसके बाद से पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए योजना बना रही थी। 18 मार्च को पुलिस ने अमृतपाल को पकड़ने के लिए सात जिलों की पुलिस टीम बनाई थी। 50 से ज्यादा पुलिस गाड़ियां उसके पीछे थी। पुलिस ने नाका भी लगाया, उसे रोकने की कोशिश भी की, उसे दौड़ाया भी, उसका पीछा भी किया। उसके बावजूद अमृतपाल भागने में कामयाब रहा।

  • जालंधरः अवतार नगर में बौनी पर हमला करने वाले पिंडी सहित अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज

    जालंधरः अवतार नगर में बौनी पर हमला करने वाले पिंडी सहित अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज

    जालंधर, वरुण/वरिंदरः अवतार नगर गली नंबर 1 में स्थित टैगोर डे बोर्डिंग स्कूल के पास दो दिन पहले बौनी नामक युवक पर हमलावारों ने लात-घूंसों सहित ईंटों से हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें देखा जा सकता है कि 8 से 9 हमलावार एक युवक पर हमला ईंटों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। बौनी को स्थानीय लोगों की मदद से ऑक्सफोर्ड अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

    बीते दिन थाना भार्गव कैंप के एएसआई रघुवीर बौनी का बयान लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन युवक की हालात ज्यादा गंभीर होने के चलते बयान नहीं ले पाए थे। वहीं आज पुलिस ने बौनी के बयानों के आधार पर पिंडी पुत्र जसपाल निवासी भार्गव कैंप सहित कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एएसआई रघुवीर ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था।

    दरअसल, बौनी करियाने की दुकान से सामान लेने के लिए गया था। जिस दौरान उसकी बाइक की टक्करर पिंडी नामक युवक की बाइक के साथ हो गई थी। इस दौरान पिंडी और उसके दोस्तों ने लात-घूंसो सहित ईंटों से बौनी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पुलिस ने घायल बौनी के बयानों पर पिंड सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर नंबर 31 के तहत 307, 323, 341, 148, 149 आईपीसी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। 

  • जिला में 5,544 दिव्यांगजनों को दिया जा रहा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ

    जिला में 5,544 दिव्यांगजनों को दिया जा रहा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ

    अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याणार्थ संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं बारे करें जागरूक

    ऊना/ सुशील पंडित : अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। सभी विभागों के अधिकारी संबंधित विभागों के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों हेतू संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में आयोजित शिवरों में जागरूक करें ताकि पात्र व्यक्ति इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। यह बात एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने बताया कि जिला में अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित 51 आंगनबाड़ी वर्कर तथा 46 आंगनबाड़ी सहायिकाएं एकीकृत बाल विकास योजनाएं में सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में 6 साल तक के 948 बच्चों तथा 260 माताओं को लाभान्वित किया गया। उन्होंने बताया कि 209 बच्चे प्री-स्कूल शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एडीसी ने बताया कि जिला में 13 अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। 

    एडीसी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना और मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना के तहत एक-एक पात्र व्यक्ति को लाभान्वित किया गया है। मनरेगा के तहत 1,106 जाब कार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में 154 छात्र व छात्राओं को कौशल विकास भत्ता और 60 को बेरोजगारी भत्ता तथा 3 औद्योगिक कौशल विकास भत्ते का लाभ प्रदान किया गया है। 

    आर्थिक क्रियाकलापों के लिए अधिवृद्धित ऋण सहायता योजना का ले लाभ

    एडीसी ने बताया कि अल्पसंख्यक वर्ग की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए आर्थिक क्रियाकलापों के लिए अधिवृद्धित ऋण सहायता योजना चलाई गई है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के पात्र व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 98 हज़ार रूपये तथा शहरी क्षेत्रों में रहने वालों की सालाना आय 1.20 लाख रूपये की आय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आवेदक दुकान के लिए 5 लाख तथा रोजगार के लिए मशीन एवं गाड़ी खरीद के लिए 20 लाख रूपये तक का ऋण ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि 10 लाख रूपये तक की ऋण राशि पर 6 प्रतिशत तथा उससे ज्यादा ऋण राशि के लिए 8 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है। एडीसी ने बताया कि इस योजना के तहत अभी तक जिला ऊना से किसी भी उम्मीदवार ने आवेदन नहीं किया है। उन्होंने पात्र युवाओं से आहवान किया कि वे अपनी आर्थिकी में सुधार लाने के लिए इस योजना का लाभ लें।

    राष्ट्रीय न्यास के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक

    एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत मानसिक रूप से दिव्यांगजनों स्वपरायणता, प्रमस्तिक घात, मानसिक मंदता तथा बहु दिव्यांगता से ग्रस्त दिव्यांगजन के लिए विधिक संरक्षण सुविधा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि जो दिव्यांग व्यक्ति इससे ग्रसित है, को माता या उनकी मृत्यु उपरांत अन्य कानूनी संरक्षक द्वारा संरक्षण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला में अबतक 92 मामलों में विधिक संरक्षता प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

    जिला स्तरीय दिव्यांग समिति की समीक्षा बैठक

    एडीसी ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत दिव्यांगजनों को समाज में समानता के अधिकार के संदर्भ में जीवन-यापन हेतू विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकें। उन्होंने बताया कि जिला में 5,544 दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत चालू वर्ष में अब तक 9 करोड़ 27 लाख 38 हज़ार रूपये की धन राशि व्यय की जा चुकी है। दिव्यांग विवाह पुरस्कार योजना के तहत दिव्यांग व्यक्ति से शादी करने पर 40 से 74 प्रतिशत दिव्यांगता पर 25 हज़ार रूपये तथा इससे अधिक अक्षमता पर 50 हज़ार रूपये का विवाह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 6 लाभार्थियों को दो लाख रूपये की राशि प्रदान की गई है। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 69 लाख रूपए की राशि की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए की वह इस योजना के बारे में विद्यार्थियो ंको जागरूक करें ताकि कोई दिव्यांग विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि कम्पयूटर ऐपलिकेशन योजना के तहत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांगजनों को कम्पयूटर प्रशिक्षण प्रदान करने की सुविधा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्रदान करने वाले संस्थान को 1500 रूपये प्रति दिव्यांग छात्र टयूशन प्रदान की जाती है तथा प्रशिक्षण के उपरांत विभिन्न कार्यालयों में छः माह के लिए अप्रेंटिस प्लेसमेंट दी जाती है। इस अवधि के दौरान दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 1800 रूपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 4 दिव्यांगजनों को इसका लाभ दिया जा रहा है। 

    इसके अतिरिक्त एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाने हेतु जिला में अबतक 5,356 आवेदन पंजीकृत हुए है जिनमें से 5,018 यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके है जबकि 338 मामले वेरिफिकेशन के लिए सीएमओ पॉर्टल पर है। इस मौके पर जिला कल्याण अधिकारी अनीता शर्मा, जिला चिकित्सा अधिकारी ऊना सुखद्वीप सिंह सिधू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • ਪੰਜਾਬ : ਪੁਲ ਸਮੇਤ ਇੱਕ ਪੈਟਰੌਲ ਪੰਪ ‘ਤੇ ਲਿਖ਼ੇ ਮਿਲੇ ਖ਼ਾਲਿਸਤਾਨ ਜਿੰਦਾਬਾਦ ਦੇ ਨਾਅਰੇ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ 

    ਪੰਜਾਬ : ਪੁਲ ਸਮੇਤ ਇੱਕ ਪੈਟਰੌਲ ਪੰਪ ‘ਤੇ ਲਿਖ਼ੇ ਮਿਲੇ ਖ਼ਾਲਿਸਤਾਨ ਜਿੰਦਾਬਾਦ ਦੇ ਨਾਅਰੇ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ 

    ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ/ਅਨਿਕੇਤ : ਜਿਲ੍ਹਾ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਦੇ ਕਸਬਾ ਮਾਹਿਲਪੁਰ ਦੇ ਬਾਹਰਵਾਰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਰੋਡ ‘ਤੇ ਅੱਜ ਸਵੇਰੇ ਘਰਾਂ ਤੋਂ ਸਵੇਰ ਦੀ ਸੈਰ ਲਈ ਜਾ ਰਹੇ ਲੋਕ ਅਚਾਨਕ ਉਸ ਸਮੇਂ ਡਰ ਗਏ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਮਾਹਿਲਪੁਰ ਦੇ ਨਾਲ ਲਗਦੇ ਪੁਲ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਟੂਟੋਮਜਾਰਾ ਦੇ ਚੋਅ ਉੱਪਰ ਬਣੇ ਪੁਲ ਸਮੇਤ ਇੱਕ ਪੈਟਰੌਲ ਪੰਪ ‘ਤੇ ਲਿਖ਼ੇ ਖ਼ਾਲਿਸਤਾਨ ਜਿੰਦਾਬਾਦ ਦੇ ਨਾਹਰੇ ਦੇਖ਼ੇ | ਪੈਟਰੌਲ ਪੰਪ ਦੇ ਕਰਿੰਦਿਆਂ ਨੇ ਥਾਣਾ ਮਾਹਿਲਪੁਰ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ  ਸੂਚਿਤ ਕੀਤਾ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਤੁੰਰਤ ਹੀ ਕਾਲਾ ਪੇਂਟ ਲੈ ਕੇ ਇਹ ਨਾਅਰੇ ਮਿਟਾ ਦਿੱਤੇ |

    ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਦੋਂ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਥਾਣਾ ਮਾਹਿਲਪੁਰ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਤੋਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੰਗ ਰਹੀ ਸੀ ਤਾਂ ਥਾਣਾ ਮੁਖੀ ਸਾਫ਼ ਕੋਈ ਜਵਾਬ ਨਾ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ  ਹੀ ਰਿਪੋਰਟ ਦਰਜ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਆਖ਼ਣ ਲੱਗੇ | ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ  ਹੋਰ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲੀ ਕਿ ਪਿੰਡ ਟੂਟੋਮਜਾਰ ਦੇ ਪੁਲ ਉੱਪਰ ਵੀ ਛੇ ਵਾਰ ਖਾਲਿਸਤਾਨੀ ਪੱਖ਼ੀ ਨਾਅਰੇ ਲਿਖ਼ੇ ਹੋਏ ਹਨ | ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ  ਮਿਟਾਉਂਦੀ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ  ਕੈਮਰਿਆਂ ਵਿਚ ਕੈਦ ਕਰ ਲਿਆ | ਮਾਹਿਲਪੁਰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਪੈਟਰੌਲ ਪੰਪ ‘ਤੇ ਲੱਗੇ ਸੀ ਸੀ ਟੀ ਵੀ ਕੈਮਰਿਆਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਪੜਤਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ |

  • अमृतपाल का करीबी और खालिस्तानी सपोर्टर लवप्रीत तूफान घर से हुआ लापता

    अमृतपाल का करीबी और खालिस्तानी सपोर्टर लवप्रीत तूफान घर से हुआ लापता

    गुरदासपुर : अजनाला हिंसा में रिहाई को लेकर चर्चा में अमृतपाल सिंह के करीबी लवप्रीत तूफान को लेकर बड़ी ख़बर सामने आई है। अमृतपाल सिंह का करीबी लवप्रीत एक सप्ताह ले लापता है। दरअसल, 18 मार्च में अमृतपाल सिंह के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन अमृतपाल चलाया हुआ है। जिसके तहत पुलिस  अमृतपाल सिंह के कई समर्थकों को हिरासत में ले चुकी है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि अब तक लवप्रीत को पुलिस गिरफ्तार भी नहीं कर पाई है। जानकारी के मुताबिक, लवप्रीत सिंह तूफान की मां हरजीत कौर और मौसी कुलजीत कौर ने कहा कि वह अपने बेटे को समझाती थी कि वह इन मामलों में न पड़े लेकिन वह नहीं समझता था। तूफान सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है और वह खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता है।

    तूफान सिंह 24 फरवरी को घर आया था। तभी से तूफान सिंह का अमृतपाल से कोई संपर्क नहीं था। जिसके बाद लवप्रीत की मां कहना है कि उसकी तालाश जारी है। मां का कहना है कि उन्होंने तूफान को समझाया था और कहा था कि  उसका बेटा अभी छोटा है, वह उसकी परवरिश पर ध्यान दे। 16 मार्च को तूफान बाबा बकाला से तरना दल का मुखिया अपनी सांसारिक  यात्रा का कहकर घर से निकला था, जिसके बाद तूफान घर नहीं लौटा।

    वहीं इस मामले को लेकर डीएसपी रिपुतापन ने कहा कि तूफान सिंह पुलिस की गिरफ्त में नहीं है। उनके घर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। गौर हो कि 18 फरवरी को अजनाला पुलिस ने युवक को बंधक बनाकर उसकी पिटाई करने के मामले में लवप्रीत तूफान सिंह गिरफ्तार किया था। जिसके बाद अमृतपाल ने अपने साथियों के साथ अजनाला थाने का घेराव किया था। इस दौरान पुलिस ने लवप्रीत को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी और 23 फरवरी को कोर्ट में लवप्रीत तूफान सिंह को रिहा कर दिया था। इस दौरान लवप्रीत काफी चर्चा का विषय रहा। 

  • पंजाबः नाभा जेल ब्रेक में 9 गैंगस्टर और 2 जेल पुलिस मुलाजिम को लेकर कोर्ट का आया बड़ा फैसला

    पंजाबः नाभा जेल ब्रेक में 9 गैंगस्टर और 2 जेल पुलिस मुलाजिम को लेकर कोर्ट का आया बड़ा फैसला

    पटियालाः बहुचर्चित नाभा जेल ब्रेक मामले में पटियाला की अदालत ने वीरवार को 22 दोषियों को दस-दस साल की कैद की सजा सुनाई। इनमें नौ खतरनाक गैंगस्टर और दो जेल मुलाजिम शामिल हैं। इस मामले में छह आरोपियों को बरी किया जा चुका है। बरी किए आरोपियों में मोहम्मद असीम, नरेश नारंग, तेजिंदर शर्मा, जतिंदर सिंह उर्फ टोनी, वरिंदर सिंह उर्फ रिकी सहोता व रणजीत सिंह शामिल हैं। इन सभी पर जेल ब्रेक कांड की साजिश रचने, जेल तोड़ने वाले अपराधियों को हथियार मुहैया कराने, इनकी पैसों से मदद करने व बाद में इन्हें पनाह देने के आरोप लगे थे। लेकिन सबूतों के अभाव में कोर्ट ने इन सभी को बरी कर दिया। अदालत की ओर से दोषी करार दिए 22 अपराधियों में 9 खतरनाक गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों, अमनदीप सिंह उर्फधोतियां, सुलखन सिंह उर्फ बब्बर, मनवीर सिंह उर्फ मनी सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दियोल, गुरप्रीत सिंह खौरा, बिकर सिंह, पलविंदर सिंह उर्फ पिंदा व जगतवीर सिंह उर्फ जगता शामिल हैं।

    इनके अलावा दोषी करार दिए अपराधियों में गुरप्रीत, गुरजीत सिंह उर्फ लडा, हरजोत सिंह उर्फ जोत, कुलविंदर सिंह उर्फ ढिमबरी, राजविंदर सिंह उर्फ राजू सुल्तान, रविंदर सिंह उर्फ ग्याना, सुखचैन सिंह उर्फ सुक्खी, मनजिंदर सिंह, अमन कुमार, सुनील कालड़ा, किरण पाल सिंह उर्फ किरणा, जेल मुलाजिम भीम सिंह व जगमीत सिंह शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक जेल मुलाजिमों पर अनलाफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) व भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे, लेकिन अदालत में यह साबित नहीं हो सके और इन दोनों जेल मुलाजिमों को कोर्ट ने केवल ड्यूटी में लापरवाही बरतने का ही दोषी पाया है। वहीं मनजिंदर सिंह, अमन कुमार, सुनील कालड़ा व किरण पाल सिंह पर आरोपियों को आश्रय देने के दोष साबित हुए हैं। बाकी पर हत्या की कोशिश, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, डकैती करने की धाराओं के तहत दोष साबित हुए हैं।

    बता दें कि 27 नवंबर 2016 को नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल पर पुलिस की वर्दियों में गाडिय़ों में सवार होकर आए अपराधियों ने ताबड़-तोड़ फायरिंग करते हुए हमला बोला और जेल से खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के प्रमुख आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू व आतंकी कश्मीर सिंह समेत चार खूंखार गैंगस्टरों हरजिंदर सिंह भूल्लर उर्फ विक्की गौंडर, गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दियोल और अमनदीप सिंह उर्फ धोतियां को भगा कर ले गए थे। बाद में गिरफ्तार किए आतंकी मिंटू की अप्रैल 2018 में जेल में दिल का दौरा पडने से मौत हो गई थी।। आतंकी कश्मीर सिंह अभी तक फरार है। विक्की गौंडर जनवरी 2018 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था और बाकी गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दियोल और अमनदीप सिंह उर्फ धोतियां जेल में हैं।

  • CBI की बड़ी कार्रवाईः गिरफ्तार एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल को किया सस्पेंड

    CBI की बड़ी कार्रवाईः गिरफ्तार एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल को किया सस्पेंड

    चंडीगढ़ः सीबीआई द्वारा रिश्वत मामले में गिरफ्तार चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई वीरेंद्र कुमार और हेड कॉन्स्टेबल रणदीप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। चंडीगढ़ पुलिस ने इनके सस्पेंशन आर्डर भी जारी कर दिए हैं। आदेश में जानकारी दी गई कि, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और दोनों को पुलिस लाइन ट्रांसफर कर दिया गया है। रिश्वत केस के आरोपी एएसआई वीरेंद्र कुमार और हेड कॉन्स्टेबल रणदीप सिंह को सीबीआई ने 21 मार्च की रात को गिरफ्तार किया था।

    इसके बाद 22 मार्च को सीबीआई ने दोनों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड हासिल की। हालांकि, सीबीआई ने कोर्ट से 4 दिन रिमांड देने की गुजारिश की थी लेकिन कोर्ट ने दो दिन की रिमांड दी। बता दें कि, वीरेंद्र कुमार की वर्तमान में सेक्टर 24 पुलिस चौकी में ड्यूटी थी। जबकि हेड कॉन्स्टेबल रणदीप सिंह थाना 11 में तैनात था। इससे पहले रणदीप सेक्टर 24 पुलिस चौकी में तैनात रह चुका है।

  • पंजाब से फरार हुआ अमृतपाल सिंह, जानें कहां रूका था वारिस पंजाब दे का प्रमुख!

    पंजाब से फरार हुआ अमृतपाल सिंह, जानें कहां रूका था वारिस पंजाब दे का प्रमुख!

    चंडीगढ़ः भगोड़े अमृतपाल सिंह को फरार हुए 6 दिन हो गए है, लेकिन अमृतपाल सिंह की तालाश में छापेमारी जारी है। वहीं अब बड़ी खबर सामने आई है कि अमृतपाल सिंह को हरियाणा में देखा गया है। पता लगा है कि 19-20 मार्च को शाहबाद के एक घर में अमृतपाल सिंह रुका था। शाहबाद हरियाणा-दिल्ली हाईवे पर पड़ता है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है।

    बताया जा रहा है कि महिला को अमृतपाल ने फोन करके कहा कि वह हरियाणा आ रहा है तथा उसके बाद उतराखंड ले कर जाया जाएगा। पुलिस महिला से जांच कर रही है तथा उसे पकड़े कर पंजाब लाया गया है। पंजाब के पड़ोसी राज्यों के अलावा उत्तराखंड में भी अमृतपाल के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। गुरुघरों की भी जांच की जा रही है। 

    बता दें कि खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक तलाश जारी है। पुलिस लगातार अमृतपाल को पकड़ने के लिए दबिश डाल रही है, लेकिन अमृतपाल अभी तक हाथ नहीं लगा है। इस बीच फरार अमृतपाल को लेकर महाराष्ट्र पुलिस ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को जांच के दौरान पता चला कि अमृतपाल को 158 विदेशी खातों से फंडिंग की जा रही थी। इनमें से 28 खातों से 5 करोड़ से ज्यादा की रकम भेजी गई थी। इन खातों का कनेक्शन पंजाब के माझा और मालवा से है।

    पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच में पता लगाया कि अमृतपाल सिंह 158 विदेशी खातों से फंडिंग उठा रहा था। एजेंसियों को इनमें से 28 अकाउंट ऐसे मिले हैं जिनसे 5 करोड़ से ज्यादा पैसा भेजा गया था। इन सभी अकाउंट का संबंध पंजाब के माझा और मालवा से है। ये भी सामने आया है कि अमृतसर, तरनतारन, बटाला, गुरदासपुर, जालंधर, नवांशहर, कपूरथला और फगवाड़ा के खातों का संबंध अमृतपाल से मिला है।

  • तेज रफ्तार बस ने मर्सिडीज को मारी टक्कर, उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    तेज रफ्तार बस ने मर्सिडीज को मारी टक्कर, उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    नोएडाः ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर गलगोटिया अंडरपास के समीप तेज रफ्तार रोडवेज बस ने पीछे से मर्सिडीज कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मर्सिडीज अंडरपास से नीचे गिर गई। गनीमत रही कि जहां पर कार गिरी वहां मिट्टी थी इस वजह से चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद बस में सवार करीब 15 यात्रियों को भी चोट लगी है। सभी को हल्की चोट लगने की वजह से प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि रोडवेज बस बृहस्पतिवार दोपहर 1:15 बजे के करीब नोएडा की तरफ से ग्रेटर नोएडा परीचौक की तरफ आ रही थी। 

    जैसे ही बस गलगोटिया अंडरपास के समीप पहुंची तभी चालक बस का नियंत्रण खो बैठा और बस ने पीछे से मर्सिडीज कार में टक्कर मार दी। बता दें कि मर्सिडीज कार चला रहे चालक का नाम राघव गुप्ता है जो कि ग्रेटर नोएडा के बीटा दो सेक्टर में रहते हैं। घटना के बाद मर्सिडीज कार में आग भी लग गई थी। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। हादसे के बाद लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। हालांकि, 10 से 15 मिनट के अंदर ही यातायात को सुचारू रूप से चालू करवा दिया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रोडवेज चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।