Blog

  • EC ने बनाया नया सिस्टम, जल्द प्रवासी वोटर्स दूसरे शहर से भी कर सकेंगे मतदान

    EC ने बनाया नया सिस्टम, जल्द प्रवासी वोटर्स दूसरे शहर से भी कर सकेंगे मतदान

    नई दिल्लीः चुनाव आयोग घरेलू प्रवासी वोटर्स के लिए नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अब चुनाव के दौरान प्रवासी मतदाताओं को वोट डालने के लिए गृह राज्य जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चुनाव आयोग इसके लिए रिमोट वोटिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग ने दूरस्थ ईवीएम का प्रोटोटाइप तैयार किया है। आयोग ने 16 जनवरी को सभी पार्टियों के लिए इसका लाइव डेमो भी रखा है। चुनाव आयोग ने वीरवार को बताया कि घरेलू प्रवासी मतदाताओं के लिए मल्टी कॉन्सिट्यूएंसी रिमोट ईवीएम तैयार की है। यह एक सिंगल रिमोट पोलिंग बूथ से 72 निर्वाचन क्षेत्रों को संभाल सकती है।

    EC ने पार्टियों से मांगे सुझाव

    चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को 16 जनवरी को लाइव डेमो के लिए बुलाया है। सभी पार्टियों और हितधारकों से फीडबैक और प्रोटोटाइप के प्रदर्शन के आधार पर चुनाव आयोग दूरस्थ मतदान पद्धति को लागू करने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगा। इसे लागू करने में कानूनी, प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों पर राजनीतिक दलों के विचार भी मांगे हैं। चुनाव आयोग ने बयान में कहा कि 2019 के आम चुनाव में 67.4% मतदान हुआ था। 30 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने वोट नहीं डाला था। चुनाव आयोग ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।

    प्रवासियों का कोई केंद्रीय डेटाबेस नहीं उपलब्ध 

    चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता कई वजहों से नए निवास स्थान का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाता है। ऐसे में वह मतदान के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाता। घरेलू प्रवासियों द्वारा मतदान में असमर्थता वोटिंग प्रतिशत में सुधार लाने और चुनाव में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रमुख कारणों में से एक है। हालांकि देश के भीतर प्रवासियों का कोई केंद्रीय डेटाबेस उपलब्ध नहीं है। हालांकि, सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नौकरी, कामकाज, शादी और शिक्षा घरेलू प्रवास की वजह हैं।

  • Cough Syrup पीने से 18 बच्चों की मौत, जांच शुरू 

    Cough Syrup पीने से 18 बच्चों की मौत, जांच शुरू 

    नई दिल्लीः मीडिल ईस्ट का देश उज्बेकिस्तान से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है।  उज्बेकिस्तान में इंडियन कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई है। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि 18 मरने वाले बच्चों ने इंडियन कंपनी का कफ सिरप पिया था। इस कंपनी का नाम है  डॉक-1 मैक्स सिरप। इस कफ सिरप को इंडियन दवा कंपनी मैरियन बायोटेक लिमिटेड ने बनाया था। लैब की जब जांच कि गई तो पाया कि सिरप में गंदी एथिलीन ग्लाइकॉल थी।

    नोएडा के सेक्टर 67 में स्थित मैरियन बायोटेक कंपनी की दवा पीकर उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत होने का आरोप है। आरोप है कि कंपनी के द्धारा निर्मित डॉक-1 मैक्स टैबलेट और सीरप उज्बेकिस्तान भेजा गया था, जिसके सेवन से बच्चों की मौत हुई है। इन आरोपोंके बाद से कंपनी के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जांच टीम में नोएडा के ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर भी शामिल हैं। ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बाबर ने बताया कि इस दवा की देश भर में सप्लाई नहीं है। इसे एक्सपोर्ट किया गया था।

    18 बच्चों की मौत पर जयराम रमेश ने किया ट्वीट

    इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया है। जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा,’मेड इन इंडिया कफ सिरप बेहद जानलेवा है। पहले गांबिया में इसे पीने से 70 बच्चों की मौत हो गई थी। अब उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों को इस सिरप ने मौत के घाट उतार दिया। मोदी सरकार को इ दवाई कंपनियों पर तुरंत कंट्रोल करना चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    मैरियन बायोटेक ने बनाया है सिरप

    उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत पर मीडिया में कई तरह के रिपोर्ट छपे हैं। इन रिपोर्टों में पता चला है कि Dak1-Max खांसी की दवाई बिना डॉक्टर की सलाह पर अधिक मात्रा में ली गई थी। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 21 बच्चें सांस लेने की दिक्कत से जूझ रहे थे। उन्होंने उन्होंने नोएडा के मैरियन बायोटेक की बनी कफ सिरप डॉक-1 मैक्स सिरप पिया था। जिससे उनमें से 18 की मौत हो गई।

    उज्बेकिस्तान के अधिकारियों से बात कर रही है WHO

    भारतीय अखबार के मुताबिक ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’उज्बेकिस्तान के अधिकारियों से बातचीत कर रही है। बच्चों की मौत की जांच हो रही है। हालांकि, डॉक्टर-1 मैक्स की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मैरियन बायोटेक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयल ने इस पूरे मामले पर अभी तक कुछ नहीं बोला है। बता दें कि इस साल के शुरुआत में गांबिया में 70 बच्चों की मौत की खबर आई थी। इसके पीछे भी भारतीय दवा ही कारण बताया जा रहा है।

  • अब FASTag से कटेगा पार्किंग चार्ज, नए साल पर निगम जारी कर सकता नए फीचर्स 

    अब FASTag से कटेगा पार्किंग चार्ज, नए साल पर निगम जारी कर सकता नए फीचर्स 

    चंडीगढ़ः नए साल पर चंडीगढ़ शहर में निगम की 89 पेड पार्किंग को स्मार्ट बनाने की योजना है। हाईवे पर टोल की तर्ज पर गाड़ियां पार्किंग में जब दाखिल होंगी तो बूम बैरियर ऑटोमैटिकली उठ जाएंगे। फास्टैग के जरिए पार्किंग का चार्ज वसूला जाएगा। वहीं स्मार्ट ऐप भी लॉन्च करने की तैयारी है, जिससे व्यक्ति को पार्किंग में उपलब्ध पार्किंग स्पेस का पता लग सकेगा।इस मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए उपलब्ध स्पेस की रियल-टाइम ट्रैकिंग हो पाएगी। इस प्रस्ताव को लेकर एजेंडा निगम की हाउस मीटिंग में जनवरी में रखे जाने की संभावना है। नए फीचर्स के साथ पार्किंग शुरू करने पर रेट निगम में तय होंगे। बता दें कि शहर में पार्किंग कॉन्ट्रैक्ट अगले महीने जनवरी में खत्म हो रहे हैं। 2 फर्म को यह कॉन्ट्रैक्ट दिए गए थे।

    नए सिस्टम में बूम बैरियर किसी गाड़ी के पार्किंग में दाखिल करते ही ऑटोमैटिकली ऊपर हो जाएंगे। इस दौरान कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। वहीं गाड़ी के पार्किंग से एग्जिट करने पर फास्टैग के जरिए खुद ही कट जाएगा। वहीं जिनके पास यह सुविधा नहीं होगी वह पेटीएम, गूगल पे या अन्य स्कैनर्स से पार्किंग की पेमेंट कर पाएंगे। निगम के मुताबिक पार्किंग में यह सुविधा शुरू किए जाने से यहां एंट्री और एग्जिट पर वाहनों की कतारें नहीं लगेंगी और लोगों को राहत मिलेगी। वहीं पार्किंग में पारदर्शिता भी आएगी। इसके साथ निगम का रेवेन्यू भी बढ़ेगा।

    शहर की 89 पेड पार्किंग में हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे जो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की नंबर प्लेट्स को स्कैन करेंगे ताकि उन पर ट्रैक रखा जा सके। इन्हें सेक्टर 17 स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ जोड़ा जाएगा। मौजूदा पार्किंग कॉन्ट्रैक्ट में बूम बैरियर लगाए जाने और पार्किंग के स्मार्ट फीचर्स का प्रावधान है। हालांकि यह सभी सेवाएं शहर की पार्किंग में उपलब्ध नहीं हैं। निगम अब पार्किंग में नया सिस्टम शुरू करने और सुविधाओं की निगरानी करेगा।

    इस तरह कटेगा चार्ज फास्टैग आधारित स्मार्ट पार्किंग शुरू होने से पार्किंग के बूम बैरियर खुल जाएंगे। इससे पार्किंग स्लिप लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लंबी लाइन भी नहीं लगेगी। वहीं गाड़ी की पार्किंग से एग्जिट पर फास्टैग के जरिए जितने देर गाड़ी खड़ी है उसके हिसाब से पैसे कट जाएंगे। वहीं जिन गाड़ियों में फास्टैग की सुविधा नहीं होगी वह स्कैनर्स के जरिए भी पेमेंट कर पाएंगे।

  • सरकार ने कोरोना को लेकर कॉलेजों को जारी की गाइडलाइंस

    सरकार ने कोरोना को लेकर कॉलेजों को जारी की गाइडलाइंस

    शिमलाः हिमाचल के शैक्षणिक संस्थानों में मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) ने प्रदेश के सभी काॅलेजों, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह आदेश जारी किए हैं। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार बलवान चंद ने कहा कि कैंपस और भीड़ भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज लगवाने को भी कहा गया है।

    कोविड के इन नियमों का पालन करना होगा

    • शैक्षणिक संस्थानों में भीड़भाड़ वाली जगह और कैंपस में मास्क पहनना जरूरी होगा।
    • सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।
    • हैंड सैनिटाइज का प्रयोग जरूरी है।
    • जुखाम होने पर तुरंत कोविड टेस्ट करवाना होगा।

    हिमाचल के कॉलेजों में फर्स्ट ईयर से लेकर फाइनल ईयर तक की कक्षाओं के प्रैक्टिकल शुरू हो गए हैं। ऐसे में इन परीक्षाओं के दौरान काफी भीड़ रहेगी। इसलिए कोविड के नियमों का पालन करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को इन आदेशों का पालन करवाना सुनिश्चित करना होगा।

    हिमाचल की बात करें तो यहां पर फिलहाल कोरोना पॉजिटिव केस कम हैं। कोरोना केस में 25 दिसंबर से निरंतर गिरावट जारी है। 25 से 27 दिसंबर तक 2-2 नए मरीज मिले, जबकि बीते 24 घंटे के दौरान सिर्फ एक मरीज मिला। कोरोना की जांच लगभग डबल करने के बावजूद कम मरीज मिलना अच्छा संकेत है।

  • पाकिस्तान मेें हिंदू महिला का बेरहमी से कत्ल, धड़ से अलग की गर्दन

    पाकिस्तान मेें हिंदू महिला का बेरहमी से कत्ल, धड़ से अलग की गर्दन

    सिंधः पाकिस्तान के सिंध से विधवा महिला की हत्या का एक घिनौना मामला सामने आया है। जहां एक 40 वर्षीय हिंदू महिला की हत्या कर दी गई है। हत्या इतनी बर्बर तरह से की गई कि अज्ञात हत्यारे ने महिला का सिर तन से जुदा कर दिया, उसके खाल को छील दिया और छाती के पार्ट भी काट दिए। दिल को दहला देने वाली यह घटना सिंध के सिंझोरो की है, जहां महिला की पहचान हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की दया भील के रूप में हुई है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विधवा महिला की बॉडी बहुत ही बुरी हालत में सरसों के खेत से बरामद की गई। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, महिला के शव से सिर और छाती के पार्ट अलग थे और उसकी खाल छिली हुई थी। यह खबर सामने आने के बाद बुधवार सुबह हिंदू सीनेटर कृष्णा कुमारी सिंझोरों पहुंचीं।

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

    खबरों के बाद हरकत में आई पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और महिला के शव को बरामद कर पोस्ट मार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। सिंझोरो और शाहपुरचक्कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृत महिला के घर भी पूछताछ के लिए पहुंची।

    पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आई, हत्यारे को जल्द पकड़ेंगे

    रिपोर्ट के मुताबिक, विधवा महिला दया भील की बर्बर हत्या का स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया। संघर जिले के पिपल्स पार्टी ऑफ माइनॉरिटजी विंग के रिप्रेजेंटेटिव भी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस ने उन्हें मामले की जानकारी दी और बताया कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ गई है और जल्द ही हत्यारे को पकड़ लिया जाएगा।

  • नए साल पर एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट, आतंकी रच रहे पंजाब को दहलाने की साजिश 

    नए साल पर एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट, आतंकी रच रहे पंजाब को दहलाने की साजिश 

    चंडीगढ़ः पंजाब को लेकर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक बार फिर से आतंकी हमले कोल लेकर चेताया है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर पंजाब को दहलाने के लिए आतंकी साजिश रच रहे हैं। पंजाब के पुलिस स्टेशन और सरकारी बिल्डिंग पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने नए साल में मोहाली के पुलिस स्टेशन में आतंकी हमला होने का अलर्ट जारी किया है। उनका कहना है कि इस हमले के लिए पाकिस्तान से संबंध रखने वाले आतंकी साजिश रच चुके हैं।

    बता दें कि तरनतारन के सरहाली पुलिस थाने पर आरपीजी हमले के बारे में भी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को अलर्ट भेजा था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस हमले को रोकने में नाकामयाब साबित हुई। यह पहली बार नहीं है, जब खुफिया इनपुट आया हो और पुलिस उसे भुनाने में कामयाब रही हो। दरअसल, बीते सप्ताह भी खुफिया एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को भेजे इनपुट में कहा था कि राज्य में माहौल खराब करने के उद्देश्य से विदेश में छिपे भारत विरोधी तत्व पुलिस थानों और सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं। इस मामले में मुख्य राजमार्गों पर स्थित ऐसे भवनों की सुरक्षा बढ़ाने की हिदायत दी गई थी। 

  • भारत में चीन की महिला जासूस को लेकर जांच एजेंसियों में हड़कंप, तलाश जारी, देखें वीडियो

    भारत में चीन की महिला जासूस को लेकर जांच एजेंसियों में हड़कंप, तलाश जारी, देखें वीडियो

    बिहारः आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा का इस बार बिहार दौरा जिला प्रशासन और सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। पहले उनका प्रवचन सुनने आए लोगों के साथ कोरोना आया और अब एक चीनी जासूस की गतिविधियों की जानकारी से राज्य सरकार और जांच एजेंसियों को हिला दिया है। पुलिस और जांच एजेंसी चीनी संदिग्ध महिला का स्केच जारी कर उसकी तलाश कर रही है, हालांकि अबतक हाथ खाली है।

    खुफिया तंत्र को अबतक नहीं मिला कोई सुराग

    धर्मगुरु दलाई लामा कुछ दिनों से गया में हैं। उनके आसपास कड़ी सुरक्षा है। चार स्तर की सुरक्षा की परिधि की अनुमति के बाद ही कोई उनतक पहुंच सकता है। उनकी सुरक्षा पर आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की नजर है और दो हजार पुलिसकर्मियों सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी काम कर रही हैं। ऐसे में एक संदिग्ध चीनी महिला की जानकारी सामने आई है, जो उनपर नजर रख रही थी। इस जानकारी के साथ ही जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसी उस संदिग्ध महिला को ढूंढ़ने में जुटी है। पुलिस और जांच एजेंसियां सभी होटलों, मठ और लॉज सहित सभी संभावित ठिकानों को खंगाल रही है। यह डर इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि बोधगया पुलिस ने करीब तीन महीने पूर्व भी एक होटल से एक संदिग्ध चीनी जासूस को हिरासत में लिया था। 

    संदिग्ध की पहचान के नाम पर स्केच और वीजा

    उस संदिग्ध चीनी महिला की पहचान अबतक सांग जियालोन के रूप में की जा रही है। उसका वीजा नंबर 901BAA2J और पीपी नंबर- EH2722976 है। दुबली-पतली काया और सिर पर बेहद छोटे-छोटे बाल वाली संदिग्ध महिला ने भिक्षु का रूप धारण कर रखा है। पुलिस मुख्यालय होते हुए बोधगया तक पहुंची इस जानकारी के बाद खुफिया तंत्र मुखबिरों की भी मदद ले रहा है। आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध महिला चीन की जासूस है और दलाई लामा से जुड़े कार्यक्रम और बोधगया के बाबत जानकारी लेने के लिए पहुंची है।

    यह काम इसलिए भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि जिला प्रशासन रविवार से ही कोरोना केस अचानक सामने आने और लगातार तेजी से बढ़ने के कारण सारा ध्यान उसपर लगा रहा था। बीते छह दिनों में अब तक 19 विदेशी  कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। विदेशी मेहमानों के साथ ही जिले के लोगों के लिए भी जिला प्रशासन ने मास्क अनिवार्य कर दिया है। दूसरी बात यह भी है कि तिब्बत, भूटान, वियतनाम, थाईलैंंड, जापान, म्यांमार से आने वाले विदेशी मेहमानों की शक्ल और शरीर करीब करीब मिलने के कारण जांच में परेशानी आ रही है।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए गया की एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि हमें “इनपुट आया है कि चीनी महिला गया में रह रही है। पिछले 2 साल से उसके रहने का इनपुट मिला है। इसका फॉरेन सेक्टर में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसे देखते हुए अलर्ट किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। फिलहाल यह चीनी महिला लोकेट नहीं हो रही है, जिससे कई संदिग्ध बिंदु बन रहे है। चीनी जासूस होने के शक से इनकार नहीं किया जा सकता है।” 

  • जालंधरः दिन-दिहाड़े बुजुर्ग महिला की बालियां छीन फरार हुए लुटेरे, देखें CCTV

    जालंधरः दिन-दिहाड़े बुजुर्ग महिला की बालियां छीन फरार हुए लुटेरे, देखें CCTV

    जालंधर/वरुणः महानगर में लूटपाट और चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही है। बेखौफ लूटेरे दिन-दिहाड़े वारदातों को अंजाम देकर फरार हो रहे है। वहीं ऐसा ही एक मामला गुरुनानक पुरा वेस्ट की गली नंबर 10 से सामने आया है। जहां घर के बाहर खड़ी बुजुर्ग महिला की सोने की बालियां छीनकर दो लुटेरे फरार हो गए है। वारदात वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित महिला के बेटे प्रदीप ने बताया कि उनकी माता 80 वर्षीय अमरजीत कौर बीते दिन दोपहर दो बजे गली से गुजर रही थी।

    इसी दौरान लाल रंग के डिस्कवर बाइक दो स्नेचर आए और उनकी माता के कानों से सोने की बालियां छीनकर फरार हो गए। उक्त स्नेचरों की फोटो सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रही है। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पीसीआर की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित महिला अमरजीत कौर की शिकायत के आधार पर उन्होंने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस घटना को लेकर रामामंडी के पुलिस अधिकारी का कहना है कि स्नेचिंग की वारदात की शिकायत उनको मिल गई है। वहीं वारदात दौरान वहां लगे सीसीटीवी फुटेज को भी कब्जे में ले लिया है। जल्द ही स्नेचरों को काबू कर लिया जाएगा। 

  • अब सबको नहीं मिलेगा मुफ्त अनाज! इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ 

    अब सबको नहीं मिलेगा मुफ्त अनाज! इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ 

    नई दिल्ली: मोदी सरकार ने पिछले दिनों देश के 80 करोड़ से ज्यादा राशन कार्डधारकों को नए साल में खुशियों की सौगात दी थी। केंद्र सरकार ने 2023 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त अनाज बांटने का ऐलान किया है। इससे पहले साल 2020 से अब तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन बांटा जा रहा था। कोरोना काल से ही यह सेवा 81.3 करोड़ लोगों को मुफ्त में मिल रही है।

    बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत उन लोगों को भी राशन फ्री में मिल रहा था, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था। लेकिन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब गरीब राशन कार्डधारकों को ही मुफ्त में गेहूं-चावल दिया जाएगा। सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अप्रैल 2020 में शुरू किया था। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन लागू होने के बाद यह स्कीम शुरू की गई थी। पिछले कई सालों से यह स्कीम खत्म करने की बात हो रही थी, लेकिन  कैबिनेट ने से फिलहाल जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, अब इस योजना को खाद्य सुरक्षा योजना के साथ मर्ज कर दिया गया है। इसके तहत मुफ्त राशन देने पर करीब दो लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस लागत का पूरा खर्चा केंद्र सरकार उठाएगी। इसमें राज्यों से पैसे नहीं वसूले जाएंगे। 

    नए साल में फ्री राशन लेना कितना बदल जाएगा?

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं, चावल और मोटा अनाज 1 रुपये से लेकर 3 रुपये प्रति किलो की दर से मिलता है। लेकिन, केंद्र सरकार ने कहा है कि यह राशि भी दिसंबर 2023 तक उपभोक्ताओं से नहीं वसूलेगी। बीते 3 सालों में इस योजना के 7 चरण पूरे हो चुके हैं। सबसे पहले मार्च 2020 में पहले चरण में तीन महीने अप्रैल से लेकर जून तक इसे लागू किया गया था।

    देश में अनाज का कितना भंडार?

    मोदी सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अतिरिक्त आवंटन के लिए भारत सरकार के पास केंद्रीय पूल में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। एक जनवरी, 2023 को लगभग 159 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 104 एलएमटी चावल उपलब्ध हो जाएगा।

    इसी तरह एक देश एक राशन कार्ड प्रणाली से भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के तहत सभी लाभार्थी विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सभी लाभार्थी अपने मौजूदा राशन कार्ड का उपयोग करके देश में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) से या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ आधार संख्या के द्वारा किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने हिस्से का अनाज प्राप्त कर सकते हैं।

  • बैंकाक से भारत आ रही फ्लाइट में यात्रियों में जमकर मारपीट, देखें वीडियो

    बैंकाक से भारत आ रही फ्लाइट में यात्रियों में जमकर मारपीट, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः भारत में धरती से मीलों ऊपर भी झगड़े-फसाद होने लगे हैं। सोशल मीडिया की बदौलत इस तरह की घटनाएं पहले से कहीं अधिक ध्यान खींचने लगी हैं। हाल ही में थाई स्माइल एयरवेज की एक उड़ान, जो कथित तौर पर 27 दिसंबर को बैंकॉक से भारत के रास्ते पर थी, में जब विमान हवा में सफर कर रहा था, तब यात्रियों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दो लोगों को एक दूसरे से बहस करते हुए देखा जा सकता है। इसके साथ एक फ्लाइट अटेंडेंट स्थिति को शांत करने का प्रयास करती हुई दिख रही है। दो पुरुषों में से एक को दूसरे से “हाथ नीचे कर” कहते हुए सुना जा सकता है। जैसे ही साथी यात्री वहां उठकर पहुंचते हैं और केबिन क्रू देखते हैं, दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है।

    एक व्यक्ति अपना चश्मा उतारता हुआ दिखाई देता है और दूसरे व्यक्ति को मारना शुरू कर देता है। इसी बीच एक व्यक्ति के दोस्त विवाद में शामिल हो जाते हैं। दूसरा व्यक्ति जवाब में मारता नहीं है और केवल वार से बचने की कोशिश करता है। फ्लाइट अटेंडेंट दोनों को अलग करने में सफल नहीं हो पाती। फ्लाइट अटेंडेंट मारने वाले व्यक्ति से रुकने और शांत होने का आग्रह करते हुए सुनाई देती है।

    इस महीने की शुरुआत में इसी तरह की एक घटना इस्तांबुल से दिल्ली के लिए 16 दिसंबर की इंडिगो की उड़ान में हुई थी जिसका एक वीडियो ऑनलाइन सामने आया था। इस घटना में एक यात्री और फ्लाइट अटेंडेंट के बीच जोरदार बहस हो गई थी। इस पर इंटरनेट पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ ने केबिन क्रू की अधीरता की बढ़ती प्रवृत्ति पर ध्यान दिलाया था। कुछ लोगों ने फ्लाइट अटेंडेंट से बदतमीजी अस्वीकार की थी। इस घटना के जवाब में इंडिगो एयरलाइंस ने कहा था कि, “हम इस घटना को देख रहे हैं और आश्वस्त करना चाहेंगे कि ग्राहकों की सुविधा हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।”