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  • राज्य सरकार Electric बसों पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: CM Sukhu

    राज्य सरकार Electric बसों पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: CM Sukhu

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सदृढ़ बनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (चरण-Ⅳ) प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में चिन्हित 1,000 मार्गों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों के लिए पांच वर्षों तक 65 हजार रुपये प्रतिमाह तथा डीजल बसों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह परिचालन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। यह योजना पूरे हिमाचल प्रदेश में लागू होगी तथा प्रत्येक उपमंडल में कम-से-कम 10 मार्ग चिन्हित किए जाएंगे। योजना के तहत न्यूनतम 32 सीटों वाली इलेक्ट्रिक एवं डीजल यात्री बसें पात्र होंगी।

    योजना का क्रियान्वयन श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग द्वारा परिवहन विभाग तथा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाएगा। चिन्हित उपमंडलीय मार्गों पर बसों के संचालन से लोगों की शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों तथा दूरस्थ पंचायतों तक पहुंच अधिक सुगम होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

    योजना के लिए आवेदक को हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा। उसकी आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा उसके पास कम-से-कम तीन वर्ष का अनुभव और वैध हेवी ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा। बस का संचालन स्वयं लाभार्थी द्वारा किया जाएगा। राज्य के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा चयन प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों को वरीयता प्रदान की जाएगी।

    योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के लिए सभी बसों में जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत संचालित बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को किराये में 50 प्रतिशत की रियायत मिलेगी, जबकि कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को विशेष पास प्रणाली के माध्यम से रियायती यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

    राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा स्वच्छ एवं हरित परिवहन तकनीकों को अपनाने में तेजी आएगी।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को कम वित्तीय बोझ के साथ टिकाऊ परिवहन उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों पर बढ़ाई गई सब्सिडी हरित परिवहन, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा स्वच्छ पर्यावरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना न केवल युवाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराएगी, बल्कि प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

  • Punjab News: बेअदबी कानून को लेकर सरकार को दिया अल्टीमेटम, वित्त मंत्री चीमा का आया बयान, देखें Live

    Punjab News: बेअदबी कानून को लेकर सरकार को दिया अल्टीमेटम, वित्त मंत्री चीमा का आया बयान, देखें Live

    अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब की आप सरकार को बेअदबी कानून जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 में एक महीने में संशोधन करने का आदेश दिया है। इस अवधि के भीतर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दिए गए सुझावों के अनुरूप कानून में आवश्यक संशोधन करने के लिए कहा गया है। श्री अकाल तख्त साहिब पर जत्थेदार साहिब से मुलाकात के बाद पंजाब विधान सभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बैठक को सार्थक बताया। अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि गुरु रामदास पातशाह की कृपा से उन्हें दरबार साहिब में अरदास करने का अवसर मिला। इससे पहले जत्थेदार साहिब के बुलावे पर वे और आम आदमी पार्टी के मंत्री तथा विधायक श्री अकाल तख्त साहिब पर विनम्रतापूर्वक उपस्थित हुए।

    उन्होंने बताया कि जत्थेदार साहिब के साथ लंबी और सार्थक विचार-विमर्श हुआ है और सरकार इस दौरान सामने आए सुझावों पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की मान-मर्यादा को ध्यान में रखते हुए बैठक के विवरणों को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। इस अवसर पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि माननीय जत्थेदार साहिब ने सभी विधायकों को एक महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कुछ संशोधन पंजाब विधान सभा के अध्यक्ष के माध्यम से भेजे जाएंगे। जैसे ही ये संशोधन प्राप्त होंगे, सरकार और विधायक उन पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे और एक महीने के भीतर अपना निर्णय लेंगे।

    अकाल तख्त के आदेश पर पंजाब सरकार के सभी सिख मंत्री और विधायक श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे। सभी अपने साथ लिखित स्पष्टीकरण भी लेकर आए, जिसे पांच सिंह साहिबानों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आज श्री अकाल तख्त साहिब में हुई सुनवाई के दौरान अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कानून पर 6 एतराज जताए। उन्होंने कहा कि सरकार बेअदबी करने वालों को सजा देने के लिए कानून बनाए, इस पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन सिख शब्दावली, मर्यादा और पंथ से जुड़े मामलों में विधानसभा फैसला नहीं कर सकती। ऐसे में तब तक इस कानून को होल्ड किया जाए। आप के मंत्रियों-विधायकों ने श्री अकाल तख्त को लिखित स्पष्टीकरण दिया। सुनवाई से पहले जत्थेदार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के दो वीडियो भी दिखाए।

    पेशी के लिए आप के सभी सिख मंत्री और विधायक नंगे पैर लिखित स्पष्टीकरण के साथ अकाल तख्त पहुंचे। इस दौरान केवल सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और निर्दलीय विधायक भी मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान वर्ष 2008 में किए गए संशोधन का भी उल्लेख हुआ। बताया गया कि उस समय शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से प्रस्ताव और राय ली गई थी, जबकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। इस पर डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि सेलेक्ट कमेटी ने सुझाव लेने की प्रक्रिया के दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा था और अपने सुझाव देने के लिए कहा था।

     

  • Jalandhar News: युवक के कत्ल मामले में आरोपी गिरफ्तार, ACP ने किया खुलासा, देखें वीडियो

    Jalandhar News: युवक के कत्ल मामले में आरोपी गिरफ्तार, ACP ने किया खुलासा, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: थाना 5 के अधीन आते चौहान कालोनी में नौजवान का कत्ल किया गया। मृतक की पहचान 28 वर्षीय सोनू के रूप में हुई है। मृतक शादीशुदा था और उसके एक बच्चा है। वहीं घटना को लेकर एसीपी आतिश भाटिया ने खुलासा किया। एसीपी ने कहा कि सुबह 6 बजे बस्ती शेख में एक शव मिलने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चुरी में रखवा दिया। वहीं आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि मनदीप सिंह पत्नी के साथ रेहड़ी पर शव को लेकर आता है और घटना स्थल पर फेंक कर फरार हो जाता है।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों को राउंडअप कर लिया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है। बचपन में दोनों इकट्ठे खेलते थे। अभी तक रंजिश की वजह सामने नहीं आई है। गिरफ्तार आरोपी भगौड़ा भी रह चुका है और उसके बाद 2 साल के लिए जेल भी काट चुका है। वहीं आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज है। बता दें कि आज सुबह ही मृतक सोनू की मां शव को देखकर हैरान रह गई थी और उसने हत्या की आशंका जताई थी। माता ने कहा कि बेटा कल काम पर गया था और रात तक घर नहीं पहुंचा।

    आज सुबह 8 बजे पुलिस का फोन आया और उन्हें 5 नंबर गली में बुलाया गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची और देखा कि बेटे का शव देखकर लगता ही नहीं है कि उसका बेटा है। मृतक की माता ने आंशका जताते हुए कहा है कि मृतक की मां ने तेजमोहन नगर की 6 नंबर गली में रहने वाले बिट्टे पर बेटे ने ही उसकी हत्या की है और अब वही बेटे के शव को लेकर पहुंचा है। मृतक की मां कहना है कि पहले भी बेटे के साथ 2 से 3 बार मारपीट भी की थी और उसने बेटे का 2 से 3 बार फोन भी छीना था। मृतक की मां ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है।

  • चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए इस वर्ष अब तक 212 करोड़ रुपये जारी

    चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए इस वर्ष अब तक 212 करोड़ रुपये जारी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के सकारात्मक परिणाम अब आर्थिक मोर्चे पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की नीति के चलते कांग्रेस सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों का तेजी से निपटारा कर रही है। इसी क्रम में वित्त वर्ष 2026-27 में 27 जून तक राज्य सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए 212 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इनमें 131.03 करोड़ रुपये पेंशनरों तथा 80.97 करोड़ रुपये सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए जारी किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के शीघ्र भुगतान के लिए यह धनराशि जारी की है। कर्मचारी एवं पेंशनर अपने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान के संबंध में अपने आहरण एवं वितरण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। वर्तमान सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। वर्षों से लंबित वित्तीय दायित्वों का चरणबद्ध समाधान कर कांग्रेस सरकार ने यह सिद्ध किया है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए अथवा दिवंगत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को भी बड़ी राहत प्रदान की है। जिनकी मूल पेंशन 25,000 रुपये प्रतिमाह तथा पारिवारिक पेंशन 15,000 रुपये प्रतिमाह तक है, उनके लंबित एरियर जारी कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक जनवरी, 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनरों के संशोधित पेंशन एरियर का पूर्ण भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को आरडीजी तथा जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में केंद्र सरकार से लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी। इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के एरियर तथा अन्य देय वित्तीय लाभों का समयबद्ध भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया तथा अब प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ-साथ कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों का भी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य केवल आर्थिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता के विश्वास को मजबूत करना भी है।

  • Jalandhar News: पार्षद हरजिंदर लाडा के खिलाफ लोगों में भारी रोष, एक्शन में कैबिनेट मंत्री, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पार्षद हरजिंदर लाडा के खिलाफ लोगों में भारी रोष, एक्शन में कैबिनेट मंत्री, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: वेस्ट हलके में पानी की समस्या को लेकर लोग काफी परेशान है। वहीं मिट्ठू बस्ती के अधीन आते इलाके न्यू संत नगर में लोगों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। जहां महिलाओं का कहना हैकि पानी और बिजली की आपूर्ति ना होने से इलाका निवासी काफी परेशान है। उन्होंने कहाकि गली नंबर 5 के साथ 2 बूथ लगते है। जिसको लेकर लोगों ने इलाका पार्षद हरजिंदर सिंह लाडा के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी देते हुए रजनी देवी ने कहाकि इलाके में काफी गंदा पानी आ रहा है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।

    भीषण गर्मी के कारण वैसे ही बुरा हाल है और दूसरा पानी और बिजली की आपूर्ति ना होने से लोगों की जीना मुश्किल हो रहा है। महिला ने कहा कि उनके इलाके की समस्या का हल करवाया जाए। वहीं रवि भगत ने कहाकि वार्ड नंबर 48 के बूथ नंबर 66 और 67 का मामला है। उन्होंने कहा कि इलाका निवासियो ने आज तक पार्षद को नहीं देखा। रवि ने कहा कि इलाके में गंदगी से बुरा हाल है और पानी और बिजली की समस्या से लोगों का बुरा हाल हो रहा है। मंत्री को कई बार काम कहकर करवाया गया, लेकिन पार्षद द्वारा इलाके की कोई सुध नहीं ली जा रही।

    उन्होंने कहा कि मंत्री का कोई दोष नहीं है, लेकिन इलाका पार्षद लाडा का है और वह उनकी समस्या नहीं सुन रहा है। वहीं लोगों ने कहा कि उनकी गली में गंदगी को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही। इलाके में कभी मोटर खराब हो जाती है तो कभी बिजली खराब हो जाती है। इलाका निवासियों ने समस्याओं का हल करने के लेकर गुहार लगाई जा रही है। जिसके बाद व्यक्ति ने कहा कि वह चुनाव में एक वोट से हार गए और वह उनकी सुध लेने के लिए पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने मंत्री को फोन किया और उन्होंने तुरंत समस्या का हल करवाने के लिए आदेश जारी कर दिए है। जिसके बाद उन्होंने मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह इलाका पार्षद है और यह समस्या हरजिंदर सिंह लाडा का है और उन्हें इलाके की समस्या को हल करवाना चाहिए। लोगों में पार्षद के खिलाफ जमकर रोष पाया जा रहा है।

     

  • China के Commerce मंत्रालय ने 20 जापानी संस्थाओं पर किया सख्त नियंत्रण

    China के Commerce मंत्रालय ने 20 जापानी संस्थाओं पर किया सख्त नियंत्रण

    नई दिल्ली: चीन के कॉमर्स मंत्रालय ने 20 जापानी संस्थाओं पर सख्त निर्यात नियंत्रण उपाय लागू करने की घोषणा की है। चीनी मंत्रालय ने अपने इस कदम के पीछे का मकसद जापान के फिर से सैन्यीकरण और परमाणु महत्वकांक्षाओं को रोकना बताया है। चीन ने साफ किया है कि इस कदम से दोनों देशों के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस कार्रवाई के अंतर्गत चीनी निर्यातकों और विदेशी संगठनों को इन जापानी संस्थाओं को चीन से उत्पन्न होने वाली दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं का निर्यात या हंस्तातरण करने से पूरी तरह प्रतिबांधित कर दिया गया है। प्रतिबंधित की गई इन संस्थाओं में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज भी शामिल है। इसका सीधा संबंध जापान की सैन्य ताकत की बढ़ाने से है।

    चीनी वाण्जिय मंत्रालय ने पूरी तरह साफ किया

    चीनी वाण्जिय मंत्रालय ने ये पूरी तरह साफ किया है कि ये नए सुरक्षा उपाय सिर्फ केवल कुछ ही जापानी संस्थाओं पर लागू होंगे। ये प्रतिबंध केवल दोहरे इस्तेमाल वाले सामान पर लागू होंगे। चीन का ये भी कहना है कि उनके इस कदम का चीन और जापान के बीच होने वाले सामान्य आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दोनों देशों के बीच नियमित व्यापारिक गतिविधियां हमेशा की तरह सामान्य रुप से चलती रहेगी। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य जापान की बढ़ती सैन्य ताकत और उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना है जिन 20 जापानी संस्थाओं को इस निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा गया है। उनका संबंध जापान की सैन्य शक्ति को मजबूत करने वाली गतिविधियों से पाया गया है। चीन का ये कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। चीन जापान की हालिया सैन्य गतिविधियों और रक्षा क्षमता विस्तार को लेकर लगातार चिंता जता रहा है।  
  • Punjab News: इलाके में नशे के खिलाफ मुहिम शुरू, लगाया ठीकरी पहरा, देखें वीडियो

    Punjab News: इलाके में नशे के खिलाफ मुहिम शुरू, लगाया ठीकरी पहरा, देखें वीडियो

    श्री मुक्तसर साहिबः नशे के मामले में पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस भले ही नेक कदम उठा रही हैं, लेकिन फिर भी चोरी छिपे नशा बिकने की घटनाएं सामने आ रही है। नशा तस्करों और नशेड़ी लोगों की वजह से आजकल पंजाब का हर नागरिक परेशान है। नशे के कारण पंजाब में अपराध भी काफी ज्यादा बढ़ रहा है। इसी को लेकर श्री मुक्तसर साहिब के वार्ड नंबर 31 में मोहल्ले के निवासियों और मौजूदा पार्षद के साथ मिलकर वार्ड में टिकरी पहरे लगाने शुरू कर दिए गए हैं। इनका मुख्य मकसद है नशा मुक्त करना है।

    मीडिया से बातचीत में मौजूदा पार्षद ने बताया कि हमारे वार्ड में नशा बहुत ज्यादा था, नशे के कारण हमारे वार्ड की औरतों के लिए घरों से बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया था। हम मजबूरी में टिकरी पहरे लगाने लगे और इसका हमें काफी फायदा दिखाई दे रहा है। वहीं मोहल्ला निवासियों का कहना है कि काउंसलर ने अच्छी सोच अपनाई है, जिसने टिकरी पहरे लगाने शुरू किए, जिससे हमें काफी फायदा दिख रहा है। हम पार्षद के आभारी हैं, जिन्होंने चुनावों से पहले वादा किया था कि वे वार्ड में नशा नहीं रहने देंगे और आज वे नशामुक्त कर रहे हैं।

  • शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 2.50 करोड़ ठगे, 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 2.50 करोड़ ठगे, 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    कैथलः शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ो रुपए ठगने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर पूर्व टीचर से करीब 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार 597 रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा 2 आरोपियों को काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कैथल निवासी सेवानिवृत्त शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी की शिकायत अनुसार उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित एक विज्ञापन देखा था।

    विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गए, जहां स्वयं को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने उन्हें अधिक लाभ का लालच दिया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एसबीआई सिक्योरिटीज के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट पर वर्चुअल वॉलेट बनवाया तथा वीडियो केवाईसी कराकर विश्वास में ले लिया। शुरुआत में 1 सितंबर 2025 को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये निवेश करवाए गए तथा विश्वास कायम रखने के लिए 1000 रुपये वापस भी उनके खाते में भेज दिए गए। इसके बाद लगातार अधिक लाभ का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में चरणबद्ध तरीके से करोड़ो रूपये जमा करवाए गए।

    आरोपियों द्वारा फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर शिकायतकर्ता के वर्चुअल वॉलेट में करोड़ों रुपये का काल्पनिक लाभ दर्शाया जाता रहा, जिससे शिकायतकर्ता लगातार निवेश करता रहा। बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने फर्जी एसबीआई सिक्योरिटीज की रसीद भेजकर कंपनी कमीशन के नाम पर भी लाखों रुपये जमा करवा लिए। इसके बावजूद रकम वापस नहीं मिली। बैंक से जानकारी लेने पर शिकायतकर्ता को पता चला कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता से अलग-अलग तिथियों में कुल 2,50,51,597 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन कैथल में मामला दर्ज किया गया।

    मामले की जांच थाना साइबर क्राइम एसएचओ एसआई रणदीप सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी गांव मीरपुर कोनिया जिला बहराइच (उत्तर प्रदेश) निवासी संजय कुमार व सतरोहन कुमार तथा गांव अम्बापुर जिला बहराइच यूपी निवासी दलीप को काबू कर लिया गया। उक्त साइबर ठगी में आरोपी संजय व सतरोहन का बैंक खाता इस्तेमाल हुआ है, जों बैंक खाता आरोपी दलीप ने दोनों आरोपियों से लेकर कमीशन की एवज में आगे अन्य आरोपियों को उपलब्ध करवाया था। आरोपी दलीप का व्यापक पूछताछ के लिए न्यायालय से 5 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जबकि शेष दोनों आरोपियों को अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

     

  • Punjab News: सराफा बाजार में गुंडागर्दी, दुकान में घुसकर की तोड़फोड़, व्यापारी पर किया हमला, देखें वीडियो

    Punjab News: सराफा बाजार में गुंडागर्दी, दुकान में घुसकर की तोड़फोड़, व्यापारी पर किया हमला, देखें वीडियो

    कपूरथलाः शहर के सराफा बाजार से गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार कपड़ा व्यापारी के दुकान में घुसकर कुछ अज्ञात युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने दुकान में जमकर तोड़फोड़ की और कृपाणों से वार करके दुकानदार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वहीं घायल व्यापारी को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल दुकानदार ज्योतिका क्लॉथ हाउस के मालिक अशोक कुमार ने बताया कि कुछ युवक उनकी दुकान पर खरीदारी के लिए आए।

    सामान देखने के बाद उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं और वे पैसे लेकर वापस आएंगे। कुछ देर बाद वहीं युवक कुछ अन्य लोगों के साथ दोबारा दुकान पर पहुंचे। बातचीत के दौरान अचानक विवाद शुरू हो गया और नौजवानों ने दुकान में तोड़फोड़ करते हुए उस पर कृपाणों से हमला कर दिया। हमले में अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे मोहित कुमार ने उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया।

    दुकानदार अशोक कुमार ने बताया कि पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना सिटी थाना पुलिस को दी गई और सीसीटीवी फुटेज भी जांच के लिए उपलब्ध कराई गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • बड़ा खुलासाः मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर 3 महीने पहले बैंक कर्मियों को लग गई थी भनक

    बड़ा खुलासाः मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर 3 महीने पहले बैंक कर्मियों को लग गई थी भनक

    अयोध्‍या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर मामला लगातार गरमा रहा है। राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही जांच के बीच ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के इस्तीफा दे दिया है। लेकिन ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के लिए ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के कोषाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, ‘मुख्य जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि की है, उसके बाद अनिल मिश्रा की, जो वहां के सभी कामों में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

    वहीं इस मामले की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार बैंक कर्मियों को 3 महीने पहले ही भनक लग गई थी। ऐसे में 3 महीने पहले दान चोरी की भनक लगने पर दान के पैसे गिनने वाले लोगों को हटाने की सिफारिश स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से की गई थी। इस पर आउटसोर्सिंग कंपनी गणनाकर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने वाली थी, लेकिन ट्रस्ट के पदाधिकारी गणनाकर्मियों के बचाव में आ गए थे और किसी को भी हटने नहीं दिया। पुलिस अब इस दिशा में भी जांच शुरू कर सकती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के रसूख के आगे बेबस बैंक अधिकारी गणनाकर्मियों को हटा नहीं सके और चोरी का खेल चलता रहा।

    गणना प्रक्रिया में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्रा, अवनीश और करुणेश शुक्ला समेत अन्य तमाम कर्मियों की भर्ती बैंक ने एक आउटसोर्सिंग कंपनी से कराई थी। लेकिन ये सभी लोग ट्रस्ट के पदाधिकारियों के रिश्तेदार, करीबी थे। मतलब सैलरी बैंक देता था, लेकिन कर्मी ट्रस्ट के लोग थे। टिन्‍नू यादव समेत 8 लोगों को पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिया है। अयोध्‍या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दो बैंक कर्मियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस जांच में ये पता चला है कि दो बैंक काउंटिंग के दौरान बैंक की तरफ से निगरानी के लिए मौजूद रहते थे। पूरा खेल उनकी मिलीभगत से चल रहा था। पुलिस को दोनों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। एसआईटी की प्रारंभिक जांच ने भी बैंककर्मियों की भूमिका की तरफ इशारा कर रही थी। जल्द इन कर्मचारियों पर पुलिस का शिकंजा कसेगा।