अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए दो 9 एमएम सब-मशीन गन और एक खाली मैगजीन बरामद की है। इस कार्रवाई को राज्य की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद हथियारों के तार कुख्यात गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों से जुड़े हो सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पंजाब में आपराधिक गतिविधियों के साथ-साथ देश-विरोधी साजिशों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने यह बरामदगी नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए की। जैसे ही पुलिस को शक हुआ, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए हथियारों की इस खेप को कब्जे में ले लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया है। इस मामले में छेहरटा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा हथियारों की सप्लाई कहां से की जा रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। साथ ही, पुलिस अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी दबिश दे रही है, ताकि पूरे गिरोह को पकड़कर कानून के कटघरे में लाया जा सके।



ये वीडियो करीबन 2 साल तक सोशल मीडिया पर चलते रहे हैं। 23 फरवरी 2026 को एनसीएमईसी ने उन्हें ट्रेस किया और इस बारे में एक साइबर टिपलाइन रिपोर्ट भारतीय साइबर पोर्टल एनसीआरपी को भेजी गई । भारतीय साइबर पोर्टल से शिकायत पंजाब स्टेट साइबर सेल को आगे बढ़ाई। इसके बाद भारत में मामले की जांच शुरु हुई। स्टेट साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम और गूगल से मिली जानकारी के आधार पर पता लगाया है कि यह अकाउंट होशियारपुर से जुड़ा है। यह प्रभु नाम से बनाना गया था। कुछ मोबाइल नंबरों से लिंक था।
इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और कंपनियों ने इस संबंधी डाटा मांगा गया। गूगल और जियो से मिले रिकॉड्स से पुष्टि हुई कि आरोपी ने मार्च 2024 में ईमेल बनाया था। जुलाई 2024 में इसका इस्तेमाल अपराध के लिए किया।







