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  • पंजाबः सिद्धू मूसेवाला के अंतिम संस्कार वाली जगह पर बना यादगारी बाजार

    पंजाबः सिद्धू मूसेवाला के अंतिम संस्कार वाली जगह पर बना यादगारी बाजार

    चंडीगढ़: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या को छह महीने से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन उनके चाहने वाले उन्हें भूल नहीं पाए हैंय़ मूसेवाला गांव में हर दिन गायक को श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ लगी रहती है। जिस गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया था, वहां उनके स्मारक के पास एक छोटा सा बाजार लगाया गया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें मूसेवाला से जुड़ा सामान बेचा जाता है। स्टॉल मालिक मूसेवाल के पंखे से खूब धंधा कर रहे हैं। गायक के प्रशंसक उनकी फोटो, पोस्टर, चेन और मूसेवाला से जुड़े अन्य सामान खरीदते हैं।

    सिद्धू मूसेवाला के अंतिम संस्कार स्थल पर रोजाना सैकड़ों प्रशंसक आते हैं। आमतौर पर रविवार को आने वाले प्रशंसकों की संख्या अधिक होती है। इस दिन से उनकी याद में यहां एक बड़ी सभा आयोजित की जाती है और मूसेवाला के माता-पिता प्रशंसकों से मुलाकात भी करते हैं। वह मूसेवाला को न्याय दिलाने के लिए चल रही मुहिम के बारे में प्रशंसकों से बातचीत भी करते हैं। दिवंगत गायक को श्रद्धांजलि देने के लिए न केवल आसपास के जिलों बल्कि दोआबा और माझा क्षेत्रों सहित राज्य के दूर-दराज के इलाकों और यहां तक ​​कि हरियाणा और राजस्थान से भी लोग आते हैं।

    मूसेवाला का जिस खेत में अंतिम संस्कार किया गया वह उनके घर से कुछ ही दूरी पर है। इस तथ्य के बावजूद कि गांव में एक समर्पित श्मशान घाट है, उसके माता-पिता ने अपने बेटे के दाह संस्कार के लिए खेतों को चुना। पर्यटक जगह-जगह तस्वीरें लेते और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले के जवाहरके गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन मूसेवाला के पिता इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • कल से लॉन्च होगा डिजिटल रुपया, आरबीआई ने किया एलान

    कल से लॉन्च होगा डिजिटल रुपया, आरबीआई ने किया एलान

    नही दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने डिजिटल मुद्रा को लेकर बड़ा एलान किया है। आरबीआई ने कहा है कि वह एक दिसंबर को डिजिटल रुपये के लिए पहली खेप लॉन्च करेगी। यह कानूनी निविदाओं का प्रतिनिधित्व भी करेगा। आरबीआई ने यह भी बताया कि डिजिटल रुपया उसी मूल्यवर्ग में जारी किया जाएगा जिसमें वर्तमान में कागजी मुद्रा और सिक्के जारी किए जाते हैं। रिज़र्व बैंक ने 1 दिसंबर, 2022 को खुदरा डिजिटल रुपये का पहला पायलट लॉन्च करने की घोषणा की है।

    इससे पहले आरबीआई ने 31 अक्टूबर, 2022 की एक प्रेस विज्ञप्ति में संकेत दिया था कि खुदरा डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट एक महीने में शुरू होगा। ई डिजिटल रुपया पायलट प्रोजेक्ट में भाग लेने वाले ग्राहकों और व्यापारियों के क्लोज्ड यूजर ग्रुप (सीयूजी) में चुनिंदा लोकेशन पर उपलब्ध होगा। ई डिजिटल रुपया एक टोकन के रूप में लीगल टेंडर होगा। यह उसी मूल्यवर्ग में जारी किया जाएगा जो वर्तमान में कागजी मुद्रा और सिक्के के रूप में जारी किए जाते हैं।

    यह सब्सिडियरीज यानी बैंकों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। इसके उपयोगकर्ता बैंकों की ओर से उपलब्ध कराए गए एप के जरिए इसे खरीद सकेंगे और अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित कर सकेंगे। मर्चेंट् स्टोर पर लगे क्यूआर कोड का उपयोग करके व्यापारियों को भुगतान किया जा सकेगा। रिटेल डिजिटल रुपये के पहले चरण के पायलट प्रोजेक्ट में चार बैंक शामिल होंगे। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शामिल हैं। दूसरे चरण के पायलट प्रोजेक्ट में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक व कोटक महिंद्रा बैंक शामिल रहेंगे।

  • महिला को आया 21 लाख का बिल, ढोल और मिठाई लेकर पहुंचीं बिजली दफ्तर

    महिला को आया 21 लाख का बिल, ढोल और मिठाई लेकर पहुंचीं बिजली दफ्तर

    पानीपत: हरियाणा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है जहां एक बुजुर्ग को बिजली विभाग ने 22 लाख रुपये के करीब बिजली भेजा। विरोध में बुजुर्ग महिला ने निगम के दफ्तर के बाहर ढोल बजवाए और मिठाई बांटी। दरअसल, पानीपत में सबडिवीजन बिजली निगम कार्यालय में बिजली बिल ज्यादा आने पर अलग तरह से खुशी मनाई गई। संत नगर की रहने वाली 65 वर्षीय महिला सुमन का 60 गज के घर का बिजली बिल 21 लाख 89 हजार रुपये आया है, जिसके बाद उन्होंने बिजली निगम में ढोल बजवाया और अधिकारियों के लिए मिठाई लेकर पहुंच गई।

    बुजुर्ग महिला सुमन का कहना है कि उसके पास बिल भरने के लिए पैसे नहीं है और वह अब अपना घर बेचने जा रही हैं, जिसकी खुशी में उन्होंने निगम में ढोल बजवाए हैं। सुमन अपने 60 गज के घर में अकेले रहती है और फैक्टरी में मजदूरी का काम करती है। दरअसल साल 2019 में संत नगर की रहने वाली सुमन का बिजली बिल अचानक 12 लाख रुपये आया था, जबकि पिछले महीने उन्होंने सारा बिल भर दिया था। सुमन ने बताया कि 12 लाख रुपये उसके पास नहीं है, जिसके कारण वे बिल नहीं भर पाईं और लगातार ओर इस बिल पर ब्याज लगता जा रहा है।

    जब बिजली बिल में देखा गया तो उसमें 99 हजार रीडिंग आई हुई थी, जबकि 2 किलोवाट मीटर में इतनी रीडिंग साल भर में भी नहीं आ सकती है. महिला का कहना है कि उसके पास आखिरी उपाय केवल घर बेचना है, वह भी शायद इतने रुपये में नहीं बिकेगा कि वह बिल भर लें. सबडिवीजन बिजली निगम के एसडीओ नरेंद्र जागलान का कहना है कि महिला का जो बिजली बिल का कनेक्शन है, वह उनकी डिवीजन के अंदर नहीं आता है, महिला को अपना बिजली बिल ठीक करवाने के लिए किला स्थित डिवीजन पर जाना पड़ेगा और तभी उनका बिजली का बिल ठीक होगा।

  • 5 हेल्थ टिप्स जो आपको हमेशा स्वस्थ रखेंगी 

    5 हेल्थ टिप्स जो आपको हमेशा स्वस्थ रखेंगी 

    योग विज्ञान से सीखें 5 हेल्थ टिप्स – सेहत और स्वास्थ के लिए कुछ सरल हेल्थ टिप्स। भारतीय संस्कृति में जीने के कुछ ऐसे तौर-तरीके हैं जिनका हम कई पीढ़ियों से पालन करते आ रहे हैं, जैसे – उपवास करना, उठने और बैठने के ढंग, और पानी भरकर रखने के लिए तांबे के बर्तनों का प्रयोग…जानते हैं इन टिप्स के बारे में।

    1. तांबे के बर्तन का पानी पीयें

    तांबे के बैक्टीरिया-नाशक गुणों में मेडिकल साईंस बड़ी गहरी रुचि ले रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई प्रयोग हुए हैं और वैज्ञानिकों ने यह मालूम किया है कि पानी की अपनी याददाश्त होती है – यह हर उस चीज को याद रखता है जिसको यह छूता है। पानी की अपनी स्मरण-शक्ति होने के कारण हम इस बात पर ध्यान देते हैं कि उसको कैसे बर्तन में रखें। पहले सही तरह का खाना खाने की आदत डालें, तब उपवास की सोचें। अगर खाने की अपनी इच्छा को आप जबर्दस्ती रोकने की कोशिश करेंगे तो यह आपके शरीर को हानि पहुंचाएगा। अगर आप पानी को रात भर या कम-से-कम चार घंटे तक तांबे के बर्तन में रखें तो यह तांबे के कुछ गुण अपने में समा लेता है। यह पानी खास तौर पर आपके लीवर के लिए और आम तौर पर आपकी सेहत और शक्ति-स्फूर्ति के लिए उत्तम होता है। अगर पानी बड़ी तेजी के साथ पंप हो कर अनगिनत मोड़ों के चक्कर लगाकर लोहे या प्लास्टिक की पाइप के सहारे आपके घर तक पहुंचता है तो इन सब मोड़ों से रगड़ाते-टकराते गुजरने के कारण उसमें काफ़ी दोष आ जाता है। लेकिन पानी में याद्दाश्त के साथ-साथ अपने मूल रूप में वापस पहुंच पाने की शक्ति भी होती है। अगर आप नल के इस पानी को एक घंटे तक बिना हिलाये-डुलाये रख देते हैं तो दोष अपने-आप खत्म हो जाता है।

    2. शरीर को नींद नहीं, आराम दें

    आप सोने किस वक्त जाते हैं, यह तो आपके लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता है, लेकिन महत्व इस बात का है कि आपको कितने घंटे की नींद की जरूरत है। अकसर कहा जाता है कि दिन में आठ घंटे की नींद लेनी ही चाहिए। आपके शरीर को जिस चीज की जरूरत है, वह नींद नहीं है, वह आराम है। अगर आप पूरे दिन अपने शरीर को आराम दें, अगर आपका काम, आपकी एक्सरसाइज सब कुछ आपके लिए एक आराम की तरह हैं तो अपने आप ही आपकी नींद के घंटे कम हो जाएंगे। लोग हर चीज तनाव में करना चाहते हैं। मैंने देखा है कि लोग पार्क में टहलते वक्त भी तनाव में होते हैं। अब इस तरह का व्यायाम तो आपको फायदे की बजाय नुकसान ही करेगा, क्योंकि आप हर चीज को इस तरह से ले रहे हैं जैसे कोई जंग लड़ रहे हों। आप आराम के साथ क्यों नहीं टहलते? चाहे टहलना हो या जॉगिंग, उसे पूरी मस्ती और आराम के साथ क्यों नहीं कर सकते?
    तो सवाल घूमफिर कर वही आता है कि मेरे शरीर को कितनी नींद की जरूरत है? यह इस बात पर निर्भर है कि आप किस तरह का शारीरिक श्रम करते हैं। आपको न तो भोजन की मात्रा तय करने की जरूरत है और न ही नींद के घंटे। मुझे इतनी कैलरी ही लेनी है, मुझे इतने घंटे की नींद ही लेनी है, जीवन जीने के लिए ये सब बेकार की बातें हैं। आज आप जो शारीरिक श्रम कर रहे हैं, उसका स्तर कम है, तो आप कम खाएं। कल अगर आपको ज्यादा काम करना है तो आप ज्यादा खाएं। नींद के साथ भी ऐसा ही है। जिस वक्त आपके शरीर को पूरा आराम मिल जाएगा, यह उठ जाएगा चाहे सुबह के 3 बजे हों या 8। आपका शरीर अलार्म की घंटी बजने पर नहीं उठना चाहिए। एक बार अगर शरीर आराम कर ले तो उसे खुद ही जग जाना चाहिए।

    3. दो हफ्ते में एक बार उपवास करें

    आप शरीर के प्राकृतिक चक्र से जुड़ा ‘मंडल’ नाम की एक चीज होती है। मंडल का मतलब है कि हर 40 से 48 दिनों में शरीर एक खास चक्र से गुजरता है। हर चक्र में तीन दिन ऐसे होते हैं जिनमें आपके शरीर को भोजन की आवश्यकता नहीं होती। अगर आप अपने शरीर को लेकर सजग हो जाएंगे तो आपको खुद भी इस बात का अहसास हो जाएगा कि इन दिनों में शरीर को भोजन की जरूरत नहीं होती। इनमें से किसी भी एक दिन आप बिना भोजन के आराम से रह सकते हैं। 11 से 14 दिनों में एक दिन ऐसा भी आता है, जब आपका कुछ भी खाने का मन नहीं करेगा। उस दिन आपको नहीं खाना चाहिए। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि कुत्ते और बिल्लियों के अंदर भी इतनी सजगता होती है। कभी गौर से देखें, किसी खास दिन वे कुछ भी नहीं खाते। दरअसल, अपने सिस्टम के प्रति वे पूरी तरह सजग होते हैं। जिस दिन सिस्टम कहता है कि आज खाना नहीं चाहिए, वह दिन उनके लिए शरीर की सफाई का दिन बन जाता है और उस दिन वे कुछ भी नहीं खाते। अब आपके भीतर तो इतनी जागरूकता नहीं कि आप उन खास दिनों को पहचान सकें। फिर क्या किया जाए! बस इस समस्या के समाधान के लिए अपने यहां एकादशी का दिन तय कर दिया गया। हिंदी महीनों के हिसाब से देखें तो हर 14 दिनों में एक बार एकादशी आती है। इसका मतलब हुआ कि हर 14 दिनों में आप एक दिन बिना खाए रह सकते हैं। अगर आप बिना कुछ खाए रह ही नहीं सकते या आपका कामकाज ऐसा है, जिसके चलते भूखा रहना आपके वश में नहीं और भूखे रहने के लिए जिस साधना की जरूरत होती है, वह भी आपके पास नहीं है, तो आप फलाहार ले सकते हैं। कुल मिलाकर बात इतनी है कि बस अपने सिस्टम के प्रति जागरूक हो जाएं।
    एक बात और, अगर आप बार-बार चाय और कॉफ़ी पीने के आदी हैं और उपवास रखने की कोशिश करते हैं तो आपको बहुत ज्यादा दिक्कत होगी। इस समस्या का तो एक ही हल है। अगर आप उपवास रखना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने खानपान की आदतों को सुधारें। पहले सही तरह का खाना खाने की आदत डालें, तब उपवास की सोचें। अगर खाने की अपनी इच्छा को आप जबर्दस्ती रोकने की कोशिश करेंगे तो यह आपके शरीर को हानि पहुंचाएगा। यहां एक बात और बहुत महत्वपूर्ण है कि किसी भी हाल में जबर्दस्ती न की जाए।

    4. पीठ को सीधा रखकर बैठें

    शरीर के भीतरी अंगों के आराम में होने का खास महत्व है। इसके कई पहलू हैं। फिलहाल हम इसके सिर्फ एक पहलू पर विचार कर रहे हैं। शरीर के ज्यादातर महत्वपूर्ण भीतरी अंग छाती और पेट के हिस्से में होते हैं। ये सारे अंग न तो सख्त या कड़े होते हैं और न ही ये नट या बोल्ट से किसी एक जगह पर स्थिर किए गए हैं। ये सारे अंग ढीले-ढाले और एक जाली के अंदर झूल रहे से होते हैं। इन अंगों को सबसे ज्यादा आराम तभी मिल सकता है, जब आप अपनी रीढ़ को सीधा रखकर बैठने की आदत डालें। आधुनिक विचारों के मुताबिक, आराम का मतलब पीछे टेक लगाकर या झुककर बैठना होता है। लेकिन इस तरह बैठने से शरीर के अंगों को कभी आराम नहीं मिल पाता।
    मुझे इतनी कैलरी ही लेनी है, मुझे इतने घंटे की नींद ही लेनी है, जीवन जीने के लिए ये सब बेकार की बातें हैं। आज आप जो शारीरिक श्रम कर रहे हैं, उसका स्तर कम है, तो आप कम खाएं। कल अगर आपको ज्यादा काम करना है तो आप ज्यादा खाएं
    इस स्थिति में, शारीरिक अंग उतने ठीक ढंग से काम नहीं कर पाते जितना उनको करना चाहिए – खासकर जब आप भरपेट खाना खाने के बाद आरामकुर्सी पर बैठ जाएं। आजकल काफी यात्राएं आराम कुर्सी में होती हैं। अगर आप कार की आरामदायक सीट पर बैठकर एक हजार किलोमीटर की यात्रा करते हैं, तो आप अपने जीवन के कम-से-कम तीन से पांच माह खो देते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि लगातार ऐसी मुद्रा में बैठे रहने की वजह से आपके अंगों पर इतना बुरा असर होता है कि उनके काम करने की शक्ति में नाटकीय ढंग से कमी आ जाती है या फि र वे बहुत कमजोर हो जाते हैं।
    शरीर को सीधा रखने का मतलब यह कतई नहीं है कि हमें आराम पसंद नहीं है, बल्कि इसकी सीधी सी वजह यह है कि हम आराम को बिल्कुल अलग ढंग से समझते और महसूस करते हैं। आप अपनी रीढ़ को सीधा रखते हुए भी अपनी मांसपेशियों को आराम में रहने की आदत डाल सकते हैं। लेकिन इसके विपरीत, जब आपकी मांसपेशियां झुकीं हों, तो आप अपने अंगों को आराम में नहीं रख सकते। आराम देने का कोई और तरीका नहीं है। इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने शरीर को इस तरह तैयार करें कि रीढ़ को सीधा रखते हुए हमारे शरीर का ढांचा और स्नायुतंत्र आराम की स्थिति में बने रहें।

    5. पंच तत्वों से जुड़कर जीवन जीयें

    हम कुछ लोगों को बता रहे थे कि हमारे योग केंद्र में एक योगिक अस्पताल है, तो अमेरिका से कुछ डॉक्टर इसे देखना चाहते थे और वे हमारे यहां आए। वे एक हफ्ते यहां थे और एक हफ्ते के बाद वे मुझसे बहुत नाराज़ थे। मैंने कहा – “क्यों, मैंने क्या किया? वे चारों तरफ यही बातें कर रहे थे – “ये सब फ़ालतू बकवास है! सद्गुरु ने कहा यहां एक योगिक अस्पताल! कहां है योगिक अस्पताल? हमें कोई बिस्तर नहीं दिख रहे हैं, हमें कुछ नहीं दिख रहा”। फिर मुझे समझ आया कि उनकी समस्या क्या है, फिर मैंने उन्हें बुलाया और मैंने कहा – “परेशानी क्या है” उनमें से एक महिला, जिनकी आँखों में आंसू थे, बोलीं – मैं यहां इतने विश्वास के साथ आई और यहां धोखा हो रहा है, यहां कोई अस्पताल नहीं है, बिल्कुल भी कुछ नहीं यहां और आप बोल रहे हैं कि यहां अस्पताल है। मैंने कहा – “आराम से बैठिये। आपके अस्पताल के बारे में ये विचार हैं कि – बहुत से बिस्तर हों जहां मरीजों को सुला दो और उन्हें दवाइयां देते रहो – ये अस्पताल ऐसा नहीं है। मैं आपको आस-पास घुमाता हूँ – सभी मरीज़ यहां बगीचे में काम कर रहे हैं, और रसोई घर में काम कर रहे हैं। हम उनसे काम करवाते हैं, और वे ठीक हो जाते हैं।

    तो, सबसे महत्वपूर्ण चीज़ ये है कि अगर कोई बीमार हो तो हम उनसे बगीचे में काम करवाते हैं। उन्हें खाली हाथों धरती के संपर्क में कम से कम आधे घंटे से लेकर 45 मिनट तक जरुर होना होता है। ऐसा करने से वे स्वस्थ हो जाते हैं। क्योकि आप जिस चीज़ को शरीर कहते हैं वो बस इस धरती का एक टुकडा है, है न? हां या ना? वे सभी अनगिनत लोग जो इस धरती पर चले, वे सब कहां गए? सब धरती की उपरी सतह पर हैं, है न? ये शरीर भी धरती की सतह पर चला जाएगा – जब तक कि आपके दोस्त – इस डर से कि आप फिर से न जाग जाएं – आपको बहुत गहरा न दफना दें। तो, यह बस धरती का एक टुकड़ा है। तो यह अपने सर्वोत्तम रूप में तब रहेगा, जब आप धरती से थोडा संपर्क बनाकर रखें। फिलहाल आप हर वक़्त सूट और बूट पहन कर पचासवें फ्लोर पर चलते रहते हैं, और कभी भी धरती के संपर्क में नहीं आते। ऐसे में आपका शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार होना स्वाभाविक है। फिर मैंने उन्हें दिखाया – “देखो इस व्यक्ति को दिल का रोग है, उस व्यक्ति को वो बीमारी है। मैंने सभी मरीजों से उनका परिचय कराया और फिर मरीज़ अपनी बातें बताने लगे – “तीन हफ्ते पहले हम ऐसे थे, और अब हमें बहुत अच्छा लग रहा है, हम अपनी बीमारी ही भूल गए हैं।” और अब सभी मेडिकल मापदंड भी कह रहे हैं कि वे ठीक हैं। अमेरिकी डॉक्टर को यह विश्वास दिलाने में कि ये लोग सच में मरीज़ हैं हमें बहुत मेहनत करनी पड़ी। हम उन्हें अच्छे काम में भी लगा रहे हैं।

  • पंजाबः दिन-दिहाड़े दुकानदार से 2 लाख रुपए लूटकर फरार लुटेरे

    पंजाबः दिन-दिहाड़े दुकानदार से 2 लाख रुपए लूटकर फरार लुटेरे

    लुधियानाः जिले में लूटपाट और चोरी की घटनाए थमने का नाम नहीं ले रही। वहीं आज सुबह हथियारबंद लुटेरे मोबाइल व मनी ट्रांसफर का धंधा करने वाले एक दुकानदार से दो लाख रुपये लूट कर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार सेखेवाल रोड स्थित जिम्मी नामक दुकानदार अपनी दुकान खोल ही रहा था कि लुटेरों ने उसे घेर लिया और उससे नकदी लूटकर फरार हो गए। लुटेरे वहीं पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है।

    ताया जा रहा है कि कारोबारी पर बदमाशों ने तलवार से वार किए, लेकिन समय रहते उसका बचाव हो गया। कारोबारी के मुताबिक बदमाश करीब 2 लाख रुपए कैश और करीब 8 से 10 मोबाइल भी ले गए। घटना की पूरी फुटेज पुलिस के हाथ लग गई है। कारोबारी की दुकान का नाम बलराम टेलिकॉम है। पीड़ित की पहचान टिम्मी के रूप में हुई है।

  • ज्यादा नमक खाना ब्रेन के लिए खतरनाक, हो सकती है ये बीमारियों

    ज्यादा नमक खाना ब्रेन के लिए खतरनाक, हो सकती है ये बीमारियों

    हम सभी ये सुनते आए हैं कि अधिक नमक का सेवन हमारी सेहत के लिए नुकसानदेह है।  यह ना केवल हमारे ब्‍लड प्रेशर को प्रभावित करता है, यह हार्ट डिजीज और स्‍ट्रोक का कारण भी होता है।  एक शोध में इस बात की भी जानकारी मिली है कि ये हमारे ब्रेन की सेहत को भी नुकसान पहुंचाने का काम करता है।  वेबएमडी में एक शोध के हवाले से बताया गया है कि  अधिक नमक का सेवन डिमेंशिया की वजह भी बन सकता है। 

    क्‍या कहते हैं शोधकर्ता?

    न्यूयॉर्क स्थित वेइल कॉर्नेल मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसाइंस के प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता कोस्टेंटिनो इडेकोला के अनुसार, अधिक नमक का सेवन करने से इंसान में मेमोरी लॉस, भटकाव, कपड़े पहनने, खाना बनाने, बिलों का भुगतान करने या रोज़मर्रा के अन्य कामों को करने में दिक्‍कत आती है।  एनआईएच के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पाया है कि आहार में अधिक मात्रा में नमक ताऊ नामक प्रोटीन में रासायनिक परिवर्तन करता है जिससे ब्रेन में ताऊ में टकराने की प्रक्रिया होती है और ताऊ के गुच्छे बन जाते हैं जो डिमेंशिया व अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। 

    ज्यादा नमक खाने के अन्‍य नुकसान

    • -बहुत अधिक नमक खाने से बार बार पेशाब आने की समस्‍या हो सकती है। 
    • -अधिक नमक के सेवन से डिहाइड्रेशन और बार बार प्‍यास लगती है।
    • -अधिक नमक के सेवन से घुटनों, टखनों आदि में सूजन हो सकता है।
    • -इसके अलावा, ब्‍लड प्रेशर हाई होने की समस्‍या भी हो सकती है। 
  • जालंधरः कांग्रेसी पार्षद के भतीजे पर तेजधार हथियारों से हमला, हालत नाजुक

    जालंधरः कांग्रेसी पार्षद के भतीजे पर तेजधार हथियारों से हमला, हालत नाजुक

    जालंधर, (वरुण/हर्ष): महानगर में कांग्रेसी पार्षद के भतीजे का पड़ोसियों से झगड़े होने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक आज सुबह पार्षद कमलेश ग्रोवर के भतीजे राहुल ग्रोवर का पड़ोसी से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया।

    दोनों में झगड़ा इतना बढ़ गया कि पड़ोसी ने तेजधार हथियार से राहुल ग्रोवर पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि राहुल के सिर पर रोड से हमला किया गया। घायल अवस्था में राहुल को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। 

  • चाचा-चाची को भतीजे ने मारी गोलियां

    चाचा-चाची को भतीजे ने मारी गोलियां

    पानीपत. हरियाणा में पानीपत जिले में जमीनी विवाद के कारन अपने ही अपनों की जान के दुश्मन हो गए है। जमीनी विवाद के चलते भतीजे ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर चाचा-चाची पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ही दोनों घायलों को वहां से सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को PGI रेफर कर दिया है, जबकि पति को वहां भर्ती कर लिया गया है। पुलिस की तीन टीमों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घायल अजीत ने बताया कि उसका अपने भतीजे सोनू उर्फ गांधी के साथ जमीनी विवाद चल रहा है, जिस झगड़े में उन पर भतीजा पहले भी तीन से ज्यादा बार हमला कर चुका है. अजीत ने बताया कि आज वह अपनी पत्नी सीमा के साथ बाजार से दुकान का सामान लेने जा रहा था. इसी दौरान सोनू अपने साथी वजीर और एक अन्य के साथ वहां आया, जिसने वहां आते ही उन्हें घेर लिया। सोनू ने उनकी तरफ दो फायर किए, मगर दोनों मिस हो गए. इसके बाद आरोपियों ने फिर से गोलियां चलाई, जिसमें पति-पत्नी दोनों को लगी है। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया।

  • शराब नीति घोटाले के मामले में Buddy Retail Pvt Ltd का मालिक अमित अरोड़ा गिरफ्तार

    शराब नीति घोटाले के मामले में Buddy Retail Pvt Ltd का मालिक अमित अरोड़ा गिरफ्तार

    नई दिल्लीः सरकार की नई आबकारी नीति में कथित घोटाले का मामला थमता नहीं दिख रहा है। ताजा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज बुधवार को दिल्ली शराब घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब एक और कारोबारी अमित अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। अमित अरोड़ा गुरुग्राम स्थित बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। ईडी द्वारा इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी की गई है। ईडी के सूत्रों ने बताया कि अरोड़ा को देर रात मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है जहां एजेंसी उनकी हिरासत की मांग करेगी।

    बता दें कि सीबीआई ने मामले में हाल ही में दायर चार्जशीट में दावा किया है कि अमित अरोड़ा, दो अन्य आरोपित दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ‘करीबी सहयोगी’ हैं और मामले में ‘अनियमित धन के प्रबंधन और डायवर्ट करने में सक्रिय रूप से शामिल थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में अनियमितता को लेकर सवाल उठे तो उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 22 जुलाई को केजरीवाल सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियागत खामियों को लेकर इसकी सीबीआई जांच कराए जाने की सिफारिश की थी।

  • पंजाबः पड़ोसी ने की घिनौनी हरकत, कुतिया से किया दुष्कर्म

    पंजाबः पड़ोसी ने की घिनौनी हरकत, कुतिया से किया दुष्कर्म

    लुधियानाः जिले के शिमलापुरी इलाके में पड़ोसी द्वारा की गई शर्मनाक घटना सामने आई है। जहां पड़ोसी ने एक कुतिया से दुष्कर्म किया है। पड़ोसी शादी समारोह में गए हुए थे, इसी दौरान दूसरे पड़ोसी ने इसका फायदा उठाते हुए घर दीवार फांद कर उनकी जर्मन शेफर्ड कुतिया को अपनी हवस का शिकार बना लिया। इस घटना के बाद तुरंत कुतिया के मालिक के भतीजे ने आरोपी व्यक्ति की वीडियो बनाई।

    वीडियो बनाते समय आरोपी कुतिया के मालिक के साथ झगड़ा भी किया। कुतिया के मालिक ने जब आरोपी से बहसबाजी की तो वह कमरे से बाहर भाग गया। इलाके के लोगों के मुताबिक आरोपी की इस हरकत ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंच पीसीआर दस्ते ने आरोपी को काबू किया।

    कुतिया के मालिक के भतीजे गुरजीत सिंह ने बताया कि उसके चाचा किसी शादी समारोह में गए थे। वह उनके घर ही वॉशरूम में नहाने गया था। गुरजीत मुताबिक उसने कुतिया के चिल्लाने की आवाज सुनी। जैसे ही वह कुतिया को देखने के लिए बाहर आए तो आवाज आनी बंद हो गई। गुरजीत के मुताबिक जैसे ही उसने कमरे में देखा तो आरोपी कुतिया का मुंह बंद करके और उसकी टांगें बांध कर उससे दुष्कर्म कर रहा था।

    गुरजीत ने कहा कि जब आरोपी के परिवार वालों को इस बारे बताया तो उनका कहना था कि उनका बेटा तो कुतिया से प्यार करता है वो ऐसी हरकत नहीं कर सकता। हेल्प फॉर एनिमल के मनी ने बताया कि बेजुबान पर आरोपी ने अत्याचार किया है। बेजुबान से रेप किया है। प्रशासन से काफी उम्मीद है कि आरोपी को सख्त सजा मिले। वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर यह भी पूछा जाए कि आरोपी ने कितनी बार पहले बेजुबानों और अन्य किसी से बच्चे आदि से इस तरह की हरकत की है।