Blog

  • Punjab News : कांग्रेसी लीडर Baweja पर चारा घोटाला के आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News : कांग्रेसी लीडर Baweja पर चारा घोटाला के आरोप, देखें वीडियो

    पिता ने कहा- आस्था के नाम पर बेटे ने की ठगियां

    लुधियानाः लुधियाना के सुंदर नगर स्थित किंग पैलेस में खत्री-अरोड़ा समाज की ओर से महासभा के बीच भारी हंगामा हो गया। दरअसल, सभा में मौजूदा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन और कांग्रेसी सीनियर लीडर दर्शन लाल बवेजा पर उन्हीं के पिता बलवंत सिंह अरोड़ा ने गंभीर आरोप लगा डाले। इस दौरान बहसबाजी शुरू हो गई और माहौल गर्मा गया।

    उन्होंने समाज से दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू, उनके बेटे और डीएम डेवलपर्स के सभी साझेदारों का सामाजिक बहिष्कार करने की मांग की। बलवंत सिंह ने कहा कि वे अपने ठग बेटे का असली चेहरा सामाज के सामने लाना चाहते थे, जिसके चलते वे इस सभा में आए। उन्होंने कहा कि बिहार के नेता लालू प्रसाद यादव की तरह दर्शन लाल बवेजा ने भी करोड़ों रुपए का चारा घोटाला किया है। आस्था के नाम पर ठगियां की है। इसी के साथ-साथ लोगों की जबरन जमीनें हड़पी और यहां तक कि जमीन के लालच में अपने आपाहिज भाई गुलशन लाल बवेजा और बुजुर्ग पिता बलवंत सिंह पर अदालती केस दायर कर दिए और पुलिस कमिश्नर को झूठी शिकायतें दे दी। जिसके चलते बुजुर्ग पिता इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगा रहे है।

    बता दें कि इस महासभा का आयोजन समाज के सभी लोगों ने मिलकर किया था। समाज की कई नामी शख्शियतें इस दौरान मौजूद रही। गांव बौकड़ डोगरां के रहने वाले बलवंत सिंह अरोड़ा ने आरोप लगाते कहा कि उनका बेटा दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू का वास्तविक चेहरा समाज के सामने लाना जरुरी है। वह खुद को समाजसेवक, गौ सेवा आयोग का सदस्य, बाल गोपाल गौशाला का चेयरमैन, पक्षी सेवा सोसायटी का चेयरमैन, डीएम डेवलपर्स का संरक्षक तथा अनेक सामाजिक संस्थाओं का पदाधिकारी बताता है। उसकी ओर से समाज के साथ ही धोखा किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अरोड़ा-खत्री समाज के लोगों द्वारा अपनी कमाई में कटौती कर गौशालाओं में दान देते हैं ताकि गायों के चारे की व्यवस्था हो सके। लेकिन लड्डू ने गौशालाओं को मिलने वाले दान के धन का अप्रत्यक्ष रूप से दुरुपयोग हुआ और यह मामला चारा घोटाले जैसी घटनाओं की याद दिलाता है।

    बलवंत सिहं का आरोप है कि दर्शन लाल बवेजा और उसके पुत्र अरुण कुमार ने फिल्लौर स्थित गौशाला के पीछे एक योजना के तहत लगभग 24 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन खरीदी। बाद में उसी जमीन का हिस्सा श्री गोपाल गौधाम चैरिटेबल ट्रस्ट, फिल्लौर को लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपए में बेच दिया। आरोप लगाया है कि डीएम डेवलपर्स के साझेदार जोगा सिंह तथा अन्य साझेदारों द्वारा कथित फर्जी एनओसी के आधार पर रजिस्ट्रियां कराई गईं।

    इस संबंध में थाना मोती नगर लुधियाना में एफआईआर दर्ज है। इसके अतिरिक्त मेरे अनुसार दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू के खिलाफ थाना लाडोवाल, सलेम टाबरी और मेहरबान में भी कई एफआईआर दर्ज हैं। इतने मामलों के बावजूद वह स्वयं को समाज का सम्मानित व्यक्ति बताता है।

    बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि दर्शन लाल बवेजा, उसके सहयोगियों तथा डी.एम. डेवलपर्स के साझेदारों के खिलाफ करोड़ों रुपए की स्टांप ड्यूटी चोरी, सीएलयू फीस, डेवलपमेंट फीस तथा कथित फर्जी या बिना एनओसी के सैकड़ों रजिस्ट्रियां कराने संबंधी शिकायतें जिला प्रशासन के पास लंबित हैं। इसके अलावा लुधियाना की सिविल और आपराधिक अदालतों तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी अनेक मुकदमे विचाराधीन हैं। उन्होंने आरटीआई के तहत इन मामलों की जानकारी प्राप्त की है। राजनीति छत्रछाया के चलते उसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा पाता।

    बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि डायन भी एक घर छोड़ देती है, लेकिन दर्शन लाल बवेजा उर्फ लड्डू ने अपने 92 वर्षीय पिता को भी नहीं बख्शा। उसने 28 अप्रैल पुलिस कमिश्नर लुधियाना को मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ कथित रूप से झूठी शिकायत दी। अगले ही दिन शिकायत जांच के लिए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन को भेज दी गई और 30 अप्रैल, 2026 को मुझे तथा मेरे बेटे गुलशन लाल को सभी दस्तावेजों सहित बुला लिया गया। पिछले कई महीनों से हम लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि शिकायतकर्ता स्वयं किसी भी तारीख पर उपस्थित नहीं हुआ। जबकि उनके पास हर दस्तावेज मौजूद है। लेकिन पुलिस दबाव में है।

    बलवंत अरोड़ा का आरोप है कि 12 वर्ष पहले भी दर्शन लाल बवेजा की ओर से उनके, उनके दिव्यांग पुत्र गुलशन लाल और उसकी पत्नी सिम्मी बवेजा के खिलाफ कथित रूप से झूठा मामला दर्ज कराया था। उस मामले में मेरे बेटे गुलशन लाल को 38 दिन जेल में रहना पड़ा। बाद में हाईकोर्ट ने मामला रद्द कर दिया। इस मामले से परेशान होकर सिम्मी बवेजा की असमय मृत्यु हो गई। मेरे छोटे बेटे शेर सिंह के साथ भी अन्याय हुआ।

    दर्शन बवेजा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वन विभाग की लगभग 15 कनाल भूमि, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए बताई जा रही है, वह अवैध कब्जा कर रखा है। सुप्रीम कोर्ट में केस हारने के बावजूद आज तक वह भूमि सरकार को नहीं सौंपी। हालांकि दर्शन बवेजा ने इस मामले में कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।

     

     

     

  • Mahabharat कथाओं को बुलन्द आवाज देने वाली मशहूर पंडवानी का हुआ निधन

    Mahabharat कथाओं को बुलन्द आवाज देने वाली मशहूर पंडवानी का हुआ निधन

    नई दिल्ली: पद्म विभूषण से सम्मानित और मशहूर पंडवानी कलाकार तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर के एम्स (AIIMS) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 70 साल की थीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के गांवों की लोक कथा कहने की परंपरा को दुनिया भर में मशहूर कला का रूप दिया था।

    एम्स रायपुर ने सुबह एक बुलेटिन में बताया कि तीजन बाई ने सुबह 3:15 बजे आखिरी सांस ली। उन्हें लंबे समय से गहन देखभाल और बचाने की कोशिशें दी जा रही थीं। उन्हें 27 मई को सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पहले से कई गंभीर बीमारियां थीं और क्रिटिकल केयर यूनिट में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उनका इलाज चल रहा था। रविवार तड़के करीब 2:45 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    तीजन बाई ने पंडवानी को गाँवों से निकालकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाया। उनकी दमदार आवाज़ और अभिनय ने महाभारत की कथाओं को जीवंत कर दिया। वे केवल एक कलाकार नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक थीं।

    उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने न केवल अपनी सबसे मशहूर लोक कलाकार को खो दिया है, बल्कि उस महिला को भी खो दिया है जिन्होंने पूरे भारत और विदेशों में दर्शकों के लिए पंडवानी — संगीत, कहानी कहने और नाटकीय प्रदर्शन के ज़रिए महाभारत की मौखिक प्रस्तुति को एक नई पहचान दी।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी के ज़रिए छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी और उनका निधन राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

     

    उन्होंने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
    पिछले साल उनकी सेहत ने देश का ध्यान खींचा था; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनकी हालत के बारे में जानकारी ली थी और उनके परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।

    हाथ में सिर्फ़ एक तंबूरा और अपनी भावपूर्ण आवाज़ के साथ, तीजन बाई भीम और अर्जुन से लेकर द्रौपदी तक के किरदारों में आसानी से ढल जाती थीं और मंच पर महाकाव्य को जीवंत कर देती थीं। उन्हें पांडवानी की ‘कापालिक’ शैली को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है; उन्होंने इस पुरानी परंपरा को तोड़ा कि महिलाओं को केवल बैठकर की जाने वाली ‘वेदमती’ शैली में ही प्रस्तुति देनी चाहिए।

    24 अप्रैल 1956 को भिलाई के पास गनियारी गाँव में जन्मीं तीजन बाई पारधी समुदाय से थीं। लोक कलाकार उमेद सिंह देशमुख से औपचारिक प्रशिक्षण लेने से पहले, उन्होंने अपने दादाजी से महाभारत की कहानियाँ सुनकर इसे सीखा था। उन्होंने 13 साल की उम्र में अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया था।

    उनके सफ़र में सामाजिक विरोध भी आया। उन्होंने अपनी कला को जारी रखा और आखिरकार भारत की प्रमुख लोक कलाकारों में से एक बनकर उभरीं। दशकों के दौरान, उन्होंने भारत और विदेशों में 1,000 से ज़्यादा शो किए और पांडवानी को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाया।

    भारतीय लोक कलाओं में उनके योगदान के लिए उन्हें देश के कुछ सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले, जिनमें 1987 में पद्म श्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण शामिल हैं। उन्हें 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी मिला। उन्होंने कभी औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं ली।
    उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव गनियारी में किया जाएगा।

     

     

     

     

  • Jalandhar News: Property Dealer पर फायरिंग मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार

    Jalandhar News: Property Dealer पर फायरिंग मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार

    जालंधरः सीआईए स्टाफ जालंधर ग्रामीण की टीम ने अटवाल कॉलोनी फिल्लौर में प्रॉपर्टी डीलर मनदीप सिंह उर्फ गोरा और उसके साथी संजीव शर्मा पर फायरिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

    मीडिया से बातचीत करते हरविंदर सिंह विरक पीपीएस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 18 अक्तूबर, 2025 को संजीव पुत्र विजय शर्मा निवासी औड़ जिला शहीद भगत सिंह नगर ने बयान दर्ज कराया कि वह अपने कार्यालय के बाहर पार्क में मौजूद था। इसी दौरान थार गाड़ी वहां आकर रुकी, जिसमें से दो व्यक्ति नीचे उतरे। उनमें से एक की पहचान राहुल उर्फ़ रितीश पुत्र पृथी चंद निवासी लकड़ मंडी के रूप में हुई, जिसने मनदीप सिंह उर्फ़ गोरा को बातचीत के बहाने बाहर बुलाया। कुछ ही क्षण बाद उसने विवाद शुरू कर दिया और पिस्तौल निकालकर जान से मारने की धमकियां दी। जब संजीव शर्मा और मनदीप सिंह ने उसे रोकने का प्रयास किया तो राहुल उर्फ़ रितीश ने जान से मारने की नीयत से दो फायर किए, जिनमें से एक गोली संजीव शर्मा के बाएं घुटने के ऊपर लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी थार गाड़ी में मौके से फरार हो गए।

    इस बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि दूसरा फायर करने वाला आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ़ रमन पुत्र भजन सिंह निवासी लकड़ मंडी फिल्लौर है। इस सूचना के आधार पर एएसआई परविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव पासला में छापेमारी कर आरोपी को काबू कर लिया और इस मुकदमे में विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद अमनदीप सिंह उर्फ़ रमन अपने साथी राहुल उर्फ रितीश के साथ फरार हो गया था तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार छिपता फिर रहा था। उसे उसके ननिहाल गांव पासला से गिरफ्तार किया गया है तथा अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया जाएगा, ताकि उसके फरार साथी राहुल उर्फ़ रितीश की गिरफ्तारी में प्रयुक्त हथियार के स्रोत, फरार होने में इस्तेमाल किए वाहनों की बरामदगी तथा अन्य पूछताछ की जा सके।

     

  • Punjab News: खेत में मिला व्यक्ति का शव, चेहरे पर ईंट और तेजधार हथियार से वार, देखें वीडियो

    Punjab News: खेत में मिला व्यक्ति का शव, चेहरे पर ईंट और तेजधार हथियार से वार, देखें वीडियो

    आदमपुरः आदमपुर के गांव मानको में खेत से (60) व्यक्ति की हत्या कर आरोपी फरार हो गए और खेत में खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की कार घटनास्थल से लगभग 100 मीटर पीछे कच्चे रास्ते पर खड़ी मिली। मृतक की पहचान लुधियाना के थाना दोराहा क्षेत्र के गांव कद्दों के रहने वाले जगजीत सिंह उर्फ जगी के रूप में हुई।

    पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने मृतक के दोस्त दिलबाग सिंह के बयान के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।

    आपको बता दें 20 वर्ष पहले जगजीत सिंह का अपनी पत्नी से तलाक हो गया था। उसके दो बेटे और एक बेटी अपनी मां के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहते है। बताया जा रहा है कि मृतक का अपने अन्य परिजनों से भी कोई संपर्क नहीं था। घटनास्थल की स्थिति देखकर आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने पहचान छिपाने के इरादे से मृतक के चेहरे पर ईंटों और किसी तेजधार हथियार से कई वार कर बेरहमी हत्या की वारदात को अंजाम दिया। डीएसपी राजीव ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के रूट को ब्रेक किया जा रहा है और कि उनकी टीम मामले की जांच में जुटी हुई हैं।

     

  • Celina Jaitly के जुड़वा बच्चों ने पढ़कर सुनाया तलाक Notice

    Celina Jaitly के जुड़वा बच्चों ने पढ़कर सुनाया तलाक Notice

    पति ने कहा ‘सुपरमार्केट में सफाईकर्मी की नौकरी ‘ करों

    एक्टर सेलिना जेटली ने अपने अलग हो चुके पति पीटर हाग के साथ चल रहे तलाक के मामले के सबसे दर्दनाक पलों में से एक के बारे में बात की है। तलाक के कागज़ात मिलने वाले दिन को याद करते हुए, एक्टर ने बताया कि उनके जुड़वां बेटों ने उन्हें नोटिस पढ़कर सुनाया क्योंकि वह जर्मन भाषा में लिखा था। इसी के चलते उन्होंने यह भी बताया कि बाद में उनसे कहा गया कि अगर वह अपने बच्चों से मिलना चाहती हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रिया में नौकरी ढूंढनी होगी।

    सेलिना जेटली ने तलाक का नोटिस मिलने की घटना को याद किया
    इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में, सेलिना ने बताया कि उन्हें तलाक के कागज़ात एक खास मौके पर मिले—उनकी शादी की 15वीं सालगिरह पर। उन्होंने कहा कि उनके पति उन्हें कागज़ात लेने के लिए पोस्ट ऑफिस ले गए, लेकिन उन्होंने उसमें लिखी बातों का अनुवाद करने से मना कर दिया, जबकि नोटिस जर्मन भाषा में था और उन्हें वह भाषा अच्छी तरह नहीं आती थी।

    उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि यह म्युनिसिपैलिटी का कोई पत्र है या मेरे रेजिडेंसी से जुड़ा कुछ है। उन्होंने मुझे पहाड़ी के नीचे छोड़ा जहाँ हमारा घर था, और मैं वापस ऊपर चढ़कर घर गई। मेरे जुड़वां बच्चे घर पर अपना होमवर्क कर रहे थे। मैंने उनसे पूछा, ‘बेटा, क्या तुम लोग मेरे लिए इसे पढ़ सकते हो? यह बहुत मुश्किल जर्मन है। मैं इसका अनुवाद करने में आधा घंटा नहीं लगाना चाहती।’ मेरे जुड़वां बच्चों को वह भयानक तलाक का नोटिस पढ़ना पड़ा जिसमें मेरे खिलाफ कई अजीब आरोप लगाए गए थे। मुझ पर आरोप लगाया गया कि मैं अपने पति की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पाई और हमारी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है। मुझे लगा कि यह कोई मज़ाक है।”

    सेलिना ने आगे बताया कि जज ने कपल को शांति से अलग होने की सलाह दी थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने पति के वकीलों को शांतिपूर्ण समझौते का प्रस्ताव भेजा।

    उन्होंने कहा, “मैंने कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं बस अपनी संपत्ति और जो पैसे मैंने इन्वेस्ट किए थे, वे वापस चाहती हूँ, और मैं चाहती हूँ कि बच्चों की जॉइंट कस्टडी बनी रहे। जब उनके वकील ने कहा कि तलाक के बाद मैं मुंबई वापस नहीं जा पाऊँगी, तो मैं अपने पति से बात करने गई; मुझसे कहा गया, ‘अगर बच्चों से मिलना है तो नौकरी ढूंढो।’ मैंने पूछा, ‘मैं क्या काम करूँगी?’” और मुझसे कहा गया, ‘मैं तुम्हें सुपरमार्केट में सफाईकर्मी की नौकरी दिला दूंगा। हम यहां भारत की तरह नौकरियों को कमतर नहीं समझते हैं।’”

    सेलिना जेटली के तलाक के मामले के बारे में
    सेलिना ने 2010 में पीटर हाग से शादी की थी। 2017 में दिल की बीमारी के कारण अपने जुड़वां बच्चों में से एक को खोने के बाद, इस जोड़े के तीन बच्चे हैं। नवंबर 2025 में, सेलिना ने ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम’ के तहत पीटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया और आरोप लगाया कि उन्हें लगातार घरेलू हिंसा का शिकार बनाया गया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेलिना की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने पीटर के खिलाफ FIR दर्ज की। उन्होंने गुजारा-भत्ता और मुआवज़ा पाने के लिए ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005’ के तहत भी कानूनी कार्यवाही शुरू की है। इसके अलावा, सेलिना ने आरोप लगाया है कि संयुक्त कस्टडी (बच्चों की संयुक्त देखरेख) की व्यवस्था होने के बावजूद उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

    मई में, मुंबई की लॉ फर्म ‘सेमवाल एंड कंपनी’ ने पुष्टि की कि सेलिना के अलग हो चुके पति पीटर हाग और उनके पिता DI वोल्फगैंग जे. हाग ने एक्ट्रेस को अलग-अलग कानूनी नोटिस भेजे थे। इन नोटिसों में उन पर तलाक और बच्चों की कस्टडी की चल रही कार्यवाही के दौरान इंटरव्यू और सोशल मीडिया के ज़रिए अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया गया था। परिवार ने दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और डराने-धमकाने के सभी आरोपों से इनकार किया, जोड़े के तीन बच्चों के बारे में बार-बार सार्वजनिक चर्चा पर आपत्ति जताई, और कथित अपमानजनक कंटेंट को हटाने व सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने की मांग की। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे सिविल और क्रिमिनल कानूनी कार्रवाई करेंगे।

     

     

     

     

  • करंट लगने से 2 युवकों की मौत, तीन बहनों का इकलौता भाई था दलजीत

    करंट लगने से 2 युवकों की मौत, तीन बहनों का इकलौता भाई था दलजीत

    सरदुलगढ़: हरियाणा के रोरी गांव में करंट लगने से दो युवकों की मौत होने का मामला सामने आया है, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार रोरी गांव के (19) दविंदर सिंह और (18) के दलजीत सिंह खेतों में मक्के का चारा बनाने का काम करते थे। जब वे अपने दोस्तों के साथ पड़ोसी गांव बुर्ज करमगढ़ में मक्के का चारा तैयार करने गए थे, शाम के समय दलजीत सिंह ट्रॉली पर चढ़कर चारा ठीक कर रहा था, तभी अचानक ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार की चपेट में आ गए। जब ​​दविंदर सिंह ने उन्हें मौके पर बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी करंट लग गया।

    किसानों ने दोनों को सिरसा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतक दलजीत सिंह तीन बहनों का इकलौता भाई था, जबकि दविंदर सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। दोनों की अचानक मौत से गांव में शोक की लहर है। सिरसा के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं।

     

  • Punjab News: व्यक्ति की तेजधार हथियारों से हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Punjab News: व्यक्ति की तेजधार हथियारों से हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    होशियारपुरः दसूहा में खेपर गांव में एक व्यक्ति की रंजिश को लेकर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। मृतक किसान की पहचान गुरमेल सिंह के तौर पर हुई है।

    दसूहा पुलिस थाना के इंचार्ज दलजीत सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वे घटना की जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि वह अपने घर के बाहर बरामदे में सो रहा था। सुबह जब 5ः30 बजे भाभी उसे उठाने गईं, तब इस घटना का पता चला। गुरमेल सिंह के मुंह पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भतीजे अमनदीप सिंह के बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। बताया जा रहा है कि गुरमेल सिंह की किसी बात को लेकर एक दिन पहले पड़ोस में भूसे को लेकर लड़ाई हुई थी। अमनदीप सिंह ने बताया कि उनके पिता की मौत के बाद चाचा गुरमेल सिंह उनके साथ ही रहते थे। रात में वह, उनका भाई गुरमुख और उनकी माता घर के अंदर सोए थे, जबकि चाचा गुरमेल सिंह बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। सुबह करीब साढ़े 5 बजे उनकी माता परमजीत कौर जब गुरमेल सिंह को उठाने गईं, तो बिस्तर खून से लथपथ था और उनके मुंह पर कट के निशान थे।

    पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

  • 130 करोड़ के हीरो ने  पहना फटा जूता, Fans ने की जमकर ट्रोलिंग

    130 करोड़ के हीरो ने पहना फटा जूता, Fans ने की जमकर ट्रोलिंग

    फिल्म इंडस्ट्री में सेलेब्स के डिजाइनर कपड़े और महंगे फैशन ब्रांड चर्चा का विषय बनते हैं, वहीं सनी देओल ने एक बार फिर अपनी सादगी से लोगों का दिल जीत लिया। दरअसल, 29 जून को कोर्ट रूम ड्रामा का ट्रेलर रिलीज़ किया गया. जिसमें सनी देओल सूट-बूट पहने काफी स्टाइलिश अंदाज में नज़र आ रहे हैं. लेकिन उनके फटे हुए जूते पर लोगों की निगाहें टिक गईं। करोड़ों की संपत्ति के मालिक और फटा हुआ जूता, वीडियो सामने आते है लोग उनकी सादगी के कायल हो गए।  
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Buzzzooka Prime (@buzzzookaprime)

    सनी देओल के इस वीडियो पर यूजर्स ने रिएक्ट करते हुए कहा- क्या पता ये उनके फेवरेट शूज़ हों, वहीं एक ने लिखा-हैंड पंप उखाड़ते वक्त घिस गए होंगे, एक ने लिखा- क्या बकवास है ये, उनकी सादगी को पसंद करिए। यूजर्स को सूट-बूट में उनका हैंडसम अवतार पसंद आ रहा है। सनी देओल उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जो ग्लैमर की दुनिया में रहते हुए भी पर्सनल लाइफ में साधारण तरीके से रहना पसंद करते हैं. उनकी ग्लैमर पार्टीज़ का बिल्कुल भी शौक नहीं है, बल्कि काम के बाद वो अपना सारा वक्त अपने परिवार के साथ बिताते हैं। सनी अक्सर जींस, शर्ट और आरामदायक जूतों में नज़र आते हैं। कई इंटरव्यू में उन्होंने माना है कि फैशन से ज्यादा उन्हें कम्फर्टेबल कपड़ों में रहना पसंद है। कई सुपरहिट फिल्मों में काम करने के बावजूद उनके लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलता है। यही वजह है कि फैंस उन्हें रियल और डाउन टू अर्थ बताते हैं।    
  • Civil में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, प्रदर्शन कर डॉक्टरों पर लगाए आरोप

    Civil में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, प्रदर्शन कर डॉक्टरों पर लगाए आरोप

    मोगाः सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कथित बड़ी लापरवाही के चलते एक 21 वर्षीय नवविवाहिता की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    पीड़ित परिवार ने दोषी डॉक्टरों पर पर्चा दर्ज और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उधर प्रशासन और परिजनों समझौते का प्रयास हुआ।

    जानकारी के अनुसार गांव खोसा पांडे की रहने वाली सुखप्रीत कौर (21) को प्रसव पीड़ा होने के कारण सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतका के परिवार का सीधा आरोप है कि डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने महिला के गर्भाशय की एक मुख्य नस काट दी।

    नस कटने के कारण सुखप्रीत कौर की हालत बेहद गंभीर हो गई और शरीर से अत्यधिक खून बहने लगा। स्थिति हाथ से निकलती देख डॉक्टरों ने उसी दिन आनन-फानन में उसे गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज फरीदकोट रेफर कर दिया।

    फरीदकोट मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां भी डॉक्टरों ने पत्नी को भर्ती करने से साफ मना कर दिया। बाद में अस्पताल ने महिला को एडमिट कर लिया था, इलाज न मिलने के कारण पत्नी ने दम तोड़ दिया।

  • Punjab में दरिंदगी: पड़ोसी ने नाबालिग को बनाया हवस का शिकार, देखें वीडियो

    Punjab में दरिंदगी: पड़ोसी ने नाबालिग को बनाया हवस का शिकार, देखें वीडियो

    पीड़ित परिवार पर बरसाए ईंट-पत्थर  लुधियानाः लुधियाना के धांधरा रोड स्थित सिटी इन्क्लेव (महमूदपुरा) इलाके में एक बेहद ही शर्मनाक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पड़ोसी ने इंसानियत की सारी हदें पार करते पड़ोस में रहने वाली (17) नाबालिग किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को उस समय अंजाम दिया। जब पीड़िता के माता-पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई करते आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित पिता ने बताया कि उनका पड़ोसी सोनू कुमार उनकी गैर-मौजूदगी का फायदा उठाता रहा। आरोपी ने बीती 29, 30 और 31 मई को उनकी नाबालिग बेटी को घर में अकेला पाकर जबरन अंदर प्रवेश किया और डरा-धमकाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। लोक-लाज और डर के कारण पीड़िता ने शुरुआत में परिजनों को कुछ नहीं बताया, लेकिन तबीयत बिगड़ने और हिम्मत जुटाने के बाद उसने अपनी आपबीती माता-पिता से साझा की। जब पीड़ित लड़की के परिवार को इस घिनौनी करतूत का पता चला, तो वे इंसाफ के लिए आरोपी सोनू कुमार के घर शिकायत देने पहुंचे। लेकिन अपनी गलती मानने के बजाय आरोपी ने पीड़ित परिवार पर ही हमला बोल दिया। आरोपी ने अंधाधुंध ईंट-रोड़े बरसाने शुरू कर दिए। इस पथराव में पीड़िता की दूसरी बहन गंभीर रूप से जख्मी हो गई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल दाखिल करवाया गया है। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित पिता के बयानों के आधार पर आरोपी सोनू कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351 (2) (आपराधिक धमकी) और पोक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।