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  • ऊना में आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन सतर्क, पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने पर बल

    ऊना में आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन सतर्क, पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने पर बल

    ऊना सुशील पंडित : दक्षिण-पश्चिम मानसून-2026 के दृष्टिगत संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ऊना द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वे आगामी मानसून के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव केके पंत की अध्यक्षता में शिमला से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।

    बैठक के उपरांत अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, पूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय बनाए रखने तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को मानसून के दौरान जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को नदियों एवं नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, जलभराव संभावित स्थलों से अवरोध हटाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा पुलों और पुलियों के आसपास सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके अतिरिक्त आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मानसून सीजन-2026 के मद्देनज़र तैयारियों एवं संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए 10 जून बुधवार को बचत भवन ऊना में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए पूर्व प्रबंधों, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त के साथ एनआईसी कक्ष में उपस्थित रहे।

     

  • Punjab News: फिर पटरियों पर चलेंगा 1990 दशक का स्टीम इंजन, पर्यटकों का मिलेंगा बढ़ावा, देखें वीडियो

    Punjab News: फिर पटरियों पर चलेंगा 1990 दशक का स्टीम इंजन, पर्यटकों का मिलेंगा बढ़ावा, देखें वीडियो

    पठानकोटः हिमाचल की वादियों में जल्द ही फिर स्टीम इंजन दौड़ता दिखाई देंगा। दरअसल, 1990 के दशक में रेलवे की और से कोयले से चलने वाले स्टीम इंजनों को बंद कर दिया गया था। जिसके बाद ये सिर्फ किताबो में ही देखने को मिलते थे, लेकिन अब रेलवे विवाग की और से पंजाब से हिमाचल को जाने वाली ट्रेन के आगे स्टीम इंजन लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके चलते 1952 में बनाए गए स्टीम इंजन की मुरम्मत कर आज उसका ट्रायल रेलवे विवाग की और से लिया गया।

    बताया जा रहा है कि जल्द ही हिमाचल की वादियों में ये स्टीम इंजन दौड़ते हुए नज़र आएगा। ये स्टीम इंजन पंजाब से हिमाचल के जोगिन्दर नगर तक की सैर करवाएगा। रेलवे विभाग का प्रयास है कि इस इंजेन के लगाने से पर्यटको की गिनती बढ़ेगी। इसी के साथ ही न्यू जनरेशन भी इन बंद हुए स्टीम इंजनों को देखकर अपना मनोरजन करेंगे। इस स्टीम इंजन को शुरू करने के लिए रेवाड़ी से इंजीनियर आएंगे।

    इस बारे में बात करते हुए रेलवे विभाग में काम कर रहे नौजवानों ने कहा कि इस स्टीम इंजन के चलने से जहां पंजाब और हिमाचल का आपसी संपर्क ऐतिहासिक होगा, वहीं नई पीढ़ी को भी इस स्टीम इंजन के बारे में पता चलेगा। उन्होंने कहा कि यह स्टीम इंजन युवा पीढ़ी से पहले का है, जिसे उन्होंने कभी नहीं देखा था। अब इंजन शेड में यह स्टीम इंजन आया है, जिसका आनंद अब जल्द पर्यटक लेते हुए दिखाई देंगे।

     

     

  • सड़क की बदहाली से परेशान हुए युवाओं ने खुद संभाली मरम्मत की कमान

    सड़क की बदहाली से परेशान हुए युवाओं ने खुद संभाली मरम्मत की कमान

    बिलासपुर: शहर के वार्ड नंबर-6 कोसरिया में सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान युवाओं ने आखिरकार खुद ही सड़क मरम्मत का जिम्मा उठा लिया है। क्षेत्र की सड़कों पर बने गड्ढ़ों और उखड़ी हुई सतह के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन और सरकार के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई सालों से सड़क की मरम्मत करवाने की मांग लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने उठाई जा रही है परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बाद संबंधित विभागों और प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। स्थिति से तंग आकर क्षेत्र के युवाओं ने एकजुट होकर स्वंय सड़क के गड्ढों को भरने और मार्ग को दुरुस्त करने का काम शुरु कर दिया है।

    सड़क मरम्मत काम में जुटे अभिषेक कुमार और अज्जू खान ने बताया कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क सुधार की मांग की गई है परंतु हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन ने उनकी समस्या नहीं सुनी हुई। युवाओं ने खुद पहल करते हुए सड़क को ठीक करने के फैसला किया है।

    युवाओं ने बताया कि इस मार्ग से रोज बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। सबसे जरुरी हैं कि इसी क्षेत्र में जिला का सबसे बड़ा महाविद्यालय स्थित है जहां हजारों विद्यार्थी रोजाना अपने दोपहिया और अन्य वाहनों से पहुंचते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण विद्यार्थियों सहित आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इस सड़क की स्थायी रुप से मरम्मत करवाई जाए ताकि लोगों को राहत मिल पाए और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं का रोका जा सके। युवाओं की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है क्योंकि उन्होंने समस्या का समाधान करने के लिए स्वंय आगे आकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है।

     

     

     

     

  • सेना से समाज सेवा तक: बीडीसी सदस्य जय सिंह बन रहे जनविश्वास की नई पहचान

    सेना से समाज सेवा तक: बीडीसी सदस्य जय सिंह बन रहे जनविश्वास की नई पहचान

    ऊना सुशील पंडित : 18 वर्षों तक भारतीय सेना में देश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त सैनिक जय सिंह अब जनसेवा के नए मिशन पर जुट गए हैं। डंगोली, वरनोह और डांगेड़ा क्षेत्र से बीडीसी सदस्य का चुनाव शानदार मतों से जीतने के बाद उन्होंने क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता बनाया है। जय सिंह अपनी ईमानदारी, सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सेवा भावना के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को आत्मसात किया, जिन्हें अब वह समाज सेवा में उतार रहे हैं। यही कारण रहा कि क्षेत्र के लोगों के आग्रह पर उन्होंने बीडीसी चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया और जनता ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बनाया।

    जय सिंह का सैन्य जीवन भी उपलब्धियों से भरा रहा है। वर्ष 2002 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने पर उन्हें प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। वह न्यूक्लियर कमांड से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। अपने उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें भारतीय वायु सेनाध्यक्ष द्वारा भी प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया, जो न केवल उनके लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। जय सिंह का कहना है कि सेना में रहते हुए उन्होंने हमेशा सेवा को सर्वोपरि माना और अब जनता के बीच रहकर उसी भावना के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरना उनका पहला दायित्व है।

    उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में क्षेत्र में पेयजल समस्याओं का समाधान, गांवों के रास्तों का पक्कीकरण, सोलर लाइटों की स्थापना, सड़क किनारे बस स्टॉप पर बैठने की व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। इसके अलावा ग्रामीणों के सहयोग और प्रशासन के समन्वय से क्षेत्र को विकास की नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जय सिंह अब गांव और समाज के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका सेवाभाव, सादगी और समर्पण उन्हें क्षेत्र की जनता के बीच एक भरोसेमंद जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सेना से मिले अनुभव और अनुशासन के बल पर जय सिंह अपने क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

     

  • Punjab News: जिले को मिला नया मेयर, प्रधान अमन अरोड़ा ने करवाया मुंह मीठा, देखें वीडियो

    Punjab News: जिले को मिला नया मेयर, प्रधान अमन अरोड़ा ने करवाया मुंह मीठा, देखें वीडियो

    मोहालीः नगर निगम में नया मेयर का ऐलान हो गया। विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना को मेयर चुना गया। वहीं आरपी शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और सरबजीत सिंह को पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा, विधायक कुलवंत सिंह और डॉ. सन्नी आहलूवालिया ने मुंह मीठा करवाकर कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद समाना ने रोड शो निकाला। विधायक कुलवंत सिंह सभी पार्षदों को लेकर सोलन के परवाणू में चले गए थे। नगर निगम चुनाव में जीतकर आए अधिकांश पार्षद कुलवंत सिंह के पुराने साथी माने जाते हैं। ऐसे में मेयर पद की दौड़ में उनका पलड़ा भारी हो गया और उनके बेटे सरबजीत सिंह समाना को मेयर चुन लिया गया।

    मेयर चुनाव में किसी तरह का बिखराव न हो और पार्टी एकजुट दिखाई दे, इसके लिए पंजाब आप प्रधान अमन अरोड़ा खुद निगम ऑफिस पहुंचे थे। मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने चुनाव से बॉयकॉट कर दिया। इसके साथ शिरोमणि अकाली दल के पार्षद ने भी वॉकआउट कर दिया। बैठक के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता के विशेष इंतजाम किए गए। निगम भवन के गेट पर सभी पार्षदों के मोबाइल बाहर रखवाए गए। एंट्री दर्ज करने के बाद ही उन्हें सदन के अंदर जाने की अनुमति दी गई।

     

  • गेमूर में कोलोंग वार्ड से बीडीसी सदस्य हुई निर्वाचित, बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, देखें वीडियो

    गेमूर में कोलोंग वार्ड से बीडीसी सदस्य हुई निर्वाचित, बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, देखें वीडियो

    लाहौल स्पिति: ग्राम गेमूर में कोलोंग वार्ड से बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुई दीपिका की विजय के उपलक्ष्य में भव्य अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों से बड़ी संख्या में भाग लेकर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का स्वागत एवं सम्मान किया है।

    इस मौके पर पंचायत चुनावों में विजयी हुए जिला परिषद सदस्यों, बीडीसी सदस्यों, प्रधानों, उपप्रधानों एवं पंचों का भी नागरिक अभिनंदन किया गया है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र के विकास, जनसेवा एवं पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए शुभकामनाएं दी गई है।

    समारोह में दारचा एवं गेमूर क्षेत्र के बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। साथ ही भारतीय जनता पार्टी जिला लाहौल-स्पीति के पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में भी भाग लिया है। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत चुनावों में मिली यह सफलता जनता के विश्वास एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

    सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वो जनता की आशाओं पर खरा उतरते हुए क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से काम करेंगे। कार्यक्रम का समापन क्षेत्र की प्रगति, पंचायतों के सशक्तिकरण एवं जनहित के काम को प्राथमिकता देने के साथ संकल्प हुआ है।

  • Jalandhar News: PunBus के कर्मियों ने की Punjab भर में हड़ताल, देखें वीडियो

    Jalandhar News: PunBus के कर्मियों ने की Punjab भर में हड़ताल, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: पंजाब भर में आज दोपहर से पनबस के कच्चे मुलाजिमों ने हड़ताल की शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए डिपो-1 के प्रधान विक्रम सिंह ने कहा कि वह लंबे समय में अपनी मांगो को लेकर प्रशासन से पूरा करने की अपील कर रहे है। लेकिन उनकी किलोमीटर स्कीम, कच्चे कर्मियों को पक्का करना और कर्मियों की रिहाई की मांग अभी भी लंबित है। ऐसे में आज पनबस के कच्चे कर्मियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है।

    इसी के साथ कल दोपहर 12 बजे से पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों द्वारा भी हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल अनिश्चित समय के लिए जारी रहेगी। वहीं बसों की हड़ताल को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपो प्रधान विक्रम सिंह ने कहा कि पंजाब भर में आज चल रही पनबस की बसों को वापिस डिपों में बुलाया जा रहा है।

  • CM Nayab Singh Saini ने  ग्रामीणों को दी बड़ी राहत, इन सेवाओं का किया उद्घाटन

    CM Nayab Singh Saini ने ग्रामीणों को दी बड़ी राहत, इन सेवाओं का किया उद्घाटन

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।

    योजनाओं की किस्त भी जारी की

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।

    सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की। इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है।

    बिना पर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।

    2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों से मांगा सहयोग:

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें। सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है।

    गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका

    मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके।

    प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान

    मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है।

    विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे। सरपंचों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे अपने अनुभव, पारदर्शी व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की सराहना की समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर ग्रामीण विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। महेंद्रगढ़, पिंजौर, पंचकूला, पुंडरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिनकी बदौलत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के सरकारी नौकरियों में चयन का अवसर मिला है। सरपंचों ने यह भी कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। महिला सरपंच कविता चौधरी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं को समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है।

    हरियाणा में पंचायतों और ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा: पंवार

    समारोह को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध करवाकर गांवों के समग्र विकास को नई गति दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में इंडोर जिम, आधुनिक लाइब्रेरी तथा महिला संस्कृति केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के 37 युवाओं के यूपीएससी परीक्षा में चयन को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों में बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। इसी तरह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के लगभग 633 गांवों में महिला संस्कृति केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी सोच के तहत गांवों में सिवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय जीवन सुविधाएं मिल सकें।

    पॉलिथीन का इस्तेमाल ना करे: राव नरबीर सिंह

    उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को इस दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो हम सुरक्षित होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, निदेशक अनीश यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव तथा पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री आशुतोष राजन भी उपस्थित थे।  
  • Punjab News: कोचिंग के लिए निकली 2 लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, देखें वीडियो

    Punjab News: कोचिंग के लिए निकली 2 लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले में नाबालिग लड़कियों के लापता होने का चिंताजनक मामला सामने आया है। लुधियाना में हाल ही में लड़कियों के गायब होने की घटनाओं के बाद अब गुरु नगरी अमृतसर से भी 2 नाबालिग लड़कियों के अचानक लापता होने से इलाके में चिंता और डर का माहौल बन गया है। दोनों लड़कियों की उम्र 14 और 17 वर्ष बताई जा रही है और वे फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित बाबा दीप सिंह कॉलोनी की निवासी हैं। परिवार के सदस्यों के अनुसार दोनों लड़कियां रोज़ाना की तरह कंप्यूटर कोचिंग के लिए घर से निकली थीं। लेकिन जब कोचिंग की क्लासें खत्म होने के बाद भी वे घर वापस नहीं लौटीं तो परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    पीड़ित परिवारों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि घटना को एक दिन से अधिक समय हो चुका है, पर अभी तक लड़कियों का कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य बहुत चिंतित हैं और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। परिवारों ने अमृतसर पुलिस और जिला प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए लड़कियों की तलाश के लिए तेज़ी से कार्रवाई की जाए। इस घटना ने क्षेत्र के लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय में नाबालिग बच्चों के लापता होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे माता-पिता में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।

    लोगों ने पुलिस से ऐसे मामलों में और कड़ी तथा तात्कालिक कार्रवाई की मांग की है। उधर, सदर थाना अमृतसर के मुखि किरणदीप सिंह ने बताया कि परिवार के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा इलाके और संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न पुलिस टीमों को लड़कियों की तलाश के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने भरोसा दिया कि पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है और जल्द ही लड़कियों का पता लगा लिया जाएगा।

     

  • Punjab News: दिन दहाड़े सराफा बाजार में गहने का हार लेकर चोर फरार, देखें CCTV

    Punjab News: दिन दहाड़े सराफा बाजार में गहने का हार लेकर चोर फरार, देखें CCTV

    लुधियानाः महानगर में दिन दिहाड़े लूट की घटना सामने आई है। जहां सराफा बाजार में दुकान में ग्राहक बनकर आया आरोपी गहने का हार लेकर फरार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार आत्म ज्वैलर में दोषी द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि व्यक्ति दुकान पर गहने देखने के बहाने आता है और हार लेकर फरार हो जाता है। इस दौरान दुकानदार दोषी को पकड़ने के लिए भागता है, लेकिन दोषी मौके से फरार हो जाता है।

    मामले की जानकारी देते हुए दुकान मालिक आत्म भसीन ने बताया कि दुकान पर ग्राहक गहनों का हार देखने के लिए आया। इस दौरान वह अचानक पीड़ित के अनुसार साढ़े 5 तोले गहने का हार का सेट लेकर मौके से फरार हो गया। दुकानदार के अनुसार गहने की कीमत 7.30 लाख रुपए है। पीड़ित द्वारा पुलिस को शिकायत दे दी है। बता दें कि दो दिनों में सराफा बाजार में चोरी की दूसरी घटना है। दरअसल, बीते दिन पड़ोसी दुकानदार के चोरी की घटना को अंजाम देकर चोर फरार हुए थे। वहीं पुलिस ने पीड़ित दुकानदार के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए सराफा बाजार के प्रधान प्रिंस बब्बर ने बताया कि आत्म ज्वैलर के दुकान मालिक 35 सालों से बाजार में दुकान चला रहे है। भरे बाजार में सुबह 11.30 बजे ग्राहक बनकर आया व्यक्ति गहने लेकर चोर फरार हो गया। बीते दिन भी पड़ोसी दुकान पर चांदी लेकर चोर फरार हो गए। वहीं आज दूसरी दुकान पर ग्राहक आता है तो गहने देखने के बाद वह गहने लेकर फरार हो गया। घटना से 800 मीटर दूरी पर थाना कोतवाली स्थित है और एक किलोमीटर दूरी पर थाना 4 स्थित है। ऐसे में दोनों के बीच में सराफा बाजार मौजूद है। चोरों के हौंसले इतने बुलंद है कि सरेआम दुकान पर आते है और घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते है।