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  • एलईडी के माध्यम से दिखाया गया शपथ ग्रहण समारोह का प्रसारण

    एलईडी के माध्यम से दिखाया गया शपथ ग्रहण समारोह का प्रसारण

    ऊना/सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश में नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण ऊना जिला में बड़ी एलइडी स्क्रीनों के माध्यम से दिखाया गया। जिला मुख्यालय ऊना के आईएसबीटी के पार्किंग स्थल के अलावा उपमंडल मुख्यालय हरोली में भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस मौके  पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने समारोह का आनंद लिया। इस दौरान हरोली विधानसभा क्षेत्रवासियों का उत्साह विशेष तौर पर देखने योग्य था।
    क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर विशेष प्रसन्नता है कि हरोली विधानसभा क्षेत्र से पांचवी बार निर्वाचित विधायक मुकेश अग्निहोत्री को हिमाचल प्रदेश के प्रथम उप मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है जो कि समूचे हरोली विधानसभा क्षेत्र वासियों के लिए गौरव की बात है। इस अवसर पर हरोली में एकत्रित क्षेत्र वासियों ने नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रसन्नता का इजहार किया। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जिला मुख्यालय ऊना तथा उपमंडल मुख्यालय हरोली में बड़ी एलइडी स्क्रीनें स्थापित की गई थी जहां पर जिला प्रशासन द्वारा लोगों के बैठने के अलावा अन्य सभी  व्यवस्थाएं की गई थीं।
  • अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी कार में लगी आग

    अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी कार में लगी आग

    ऊना / सुशील पंडित : जिला मुख्यालय के पास पुराना बस अड्डा के पास एक अनियंत्रित होकर पलटी कार में अचानक ही आग भड़क उठी।  कार के अंदर बैठे लोगों ने समय रहते बाहर निकल कर अपनी जान बचाई। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया नहीं तो कोई बड़ा नुक्सान हो सकता था।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला ऊना के समूर गांव निवासी कुछ लोग शादी समारोह से गाड़ी में सवार होकर वापस लौट रहे थे। परंतु पुराना बस अड्डे के पास गाड़ी अनियंत्रित हो गई और बचत भवन के पास जा गिरी। जिसके बाद जैसे तैसे कर गाड़ी में सवार सभी लोग बाहर निकल आए। लेकिन अचानक ही गाड़ी ने आग पकड़ ली। हालांकि सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया जा सका।
  • भूलकर भी न करें यह काम, हो सकती हैं यह स्किन प्राॅबलम्स

    भूलकर भी न करें यह काम, हो सकती हैं यह स्किन प्राॅबलम्स

    नई दिल्ली: आजकल की खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा स्किन और बाल की सेहत पर इसका असर हुआ है। इसके चलते चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां , झाइयां नजर आने लगी है। जिससे समय से पहले चेहरा बूढ़ा लगने लगता है। ऐसे में आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की जरूरत होती है। तो चलिए जानते हैं किन गलत आदतों से दूरी बनाकर हम अपने चेहरे को चमकदार और जवां बना सकते हैं।

    • जो लोग बहुत ज्यादा स्मोकिंग करते हैं उनके चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां और झाइयां नजर आने लगती है। तो आपको अपनी इस गलत आदत को जितनी जल्दी है छोड़ देना है.
    • बहुत ज्यादा देर तक धूप में रहना भी आपकी स्किन के लिए नुकसानदायक होता है। ये चेहरे की नमी को छीनकर झुर्रियां और झाईं लाने का काम करता है फेस पर.
    • गलत ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी चेहरे के लिए नुकसानदायक है। इसलिए कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें तो पहले अपनी स्किन टाइप के बारे में जानें उसके बाद ही चेहरे पर अप्लाई करें। 
    • सर्दियों में बहुत ज्यादा गरम पानी से नहाना भी स्किन की परेशानी खड़ा कर सकता है। इसके कारण भी चेहरे पर पिगमेंटेशन हो सकती है.
  • पुलिस का बड़ा एक्शन, नाबालिग ने चलाया वाहन तो परिजनों पर होगा केस दर्ज

    पुलिस का बड़ा एक्शन, नाबालिग ने चलाया वाहन तो परिजनों पर होगा केस दर्ज

    हल्द्वानी. उत्तराखंड के सभी जिलों में इन दिनों वाहन चलाने वाले नाबालिगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है. नैनीताल पुलिस भी बाइक-स्कूटी से स्कूल आने वाले नाबालिग छात्रों पर कार्रवाई कर रही है. हल्द्वानी शहर में पुलिस टीमें स्कूलों की छुट्टी के समय चेकिंग अभियान चला रही हैं. अभी तक पुलिस कई वाहन सीज कर चुकी है और कई के कोर्ट चालान भी कर चुकी है. कोर्ट का चालान 25 हजार रुपये है.

    नैनीताल जिले के एसएसपी पंकज भट्ट ने बातचीत में कहा कि पुलिस जिले में लगातार चेकिंग अभियान चला रही है. जो भी छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस के स्कूल आते-जाते हुए बाइक या स्कूटी चलाता हुआ पकड़ा गया, उसके खिलाफ कार्रवाई कर वाहन सीज किया जा रहा है. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा रहा है. इतना ही नहीं, उसके परिजनों के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा रही है. एसएसपी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकें, जिससे वे भी सुरक्षित रहेंगे और कानून का उल्लंघन भी नहीं होगा.

    11वीं में पढ़ने वाले वेदांत जोशी के पिता सुरेश जोशी ने नैनीताल पुलिस के इस अभियान का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने यह मुहिम छेड़कर अच्छा काम किया है. नाबालिगों के गलत तरीके और तेज रफ्तार में वाहन चलाने से हाल ही में कई एक्सीडेंट हो चुके हैं. पुलिस की इस पहल से कम से कम सड़क हादसों को तो रोका जा सकेगा.

    बता दें कि उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार को फेसबुक पर मिली एक पिता की शिकायत के बाद राज्य में यह अभियान शुरू किया गया है. दरअसल जब एक नाबालिग छात्र ने स्कूल जाने के लिए स्कूटी देने की जिद की, तो अभिभावक ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को फेसबुक पर अपने बेटे की शिकायत की थी. जिसके बादडीजीपी ने निदेशक यातायात को निर्देशित किया कि सभी स्कूलों के बाहर चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया जाए. साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी अनुरोध किया जाए कि वह बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले छात्रों को स्कूल आने से रोकें.

  • बर्थडे सेल्फी वायरल करने की धमकी दे कर नाबालिग से रेप

    बर्थडे सेल्फी वायरल करने की धमकी दे कर नाबालिग से रेप

    मुंबईः एक 17 वर्षीय लड़के को कथित तौर पर अपनी ही उम्र की एक लड़की की अंतरंग तस्वीर वायरल करने की धमकी देकर कई बार बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसको बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वह और पीड़िता एक ही मोहल्ले में रहते थे और एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने एक किसिंग सेल्फी के जरिए किशोरी को ब्लैकमेल करने के बाद उसका रेप किया। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि लड़की और लड़का एक-दूसरे को जानते हैं और लड़के ने 10 अक्टूबर को बांद्रा के कार्टर रोड इलाके में अपना जन्मदिन मनाते हुए किस करते हुए दोनों की एक सेल्फी क्लिक की थी।

    10 अक्टूबर से 26 नवंबर तक आरोपी ने इस सेल्फी को वायरल करने की धमकी देकर 17 वर्षीय किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस घटना का पता तब चला जब वह हाल ही में उसके कॉलेज पहुंचा। इस बार लड़की ने उसके साथ बाहर जाने से मना किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। लड़की के एक दोस्त ने उसके माता-पिता को इस हमले की घटना के बारे में बताया। इसके बारे में पूछे जाने पर लड़की ने अपनी आपबीती माता-पिता को सुनाई।

    जिसके बाद उसके परिजनों ने खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया। मगर यह घटना कार्टर रोड पर हुई थी, जो खार पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए मामला खार थाने में भेज दिया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि किशोर आरोपी को शुक्रवार को उसके घर से हिरासत में लिया गया। उस पर बलात्कार और अन्य अपराधों के लिए भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। खार पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि आरोपी को डोंगरी बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

  • क्या नालागढ़ विधानसभा इस बार भोग सकेगी सत्ता सुख

    क्या नालागढ़ विधानसभा इस बार भोग सकेगी सत्ता सुख

    नालागढ़/सचिन बैंसल: रविवार को हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शपथ ली ।इस शपथ समारोह में नालागढ़ विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के एल ठाकुर भी मंच पर विराजमान दिखाई दिए। के एल ठाकुर के शपथ समारोह में जाने से लगभग साफ हो गया है कि इस बार नालागढ़ को सत्ता सुख मिलने वाला है क्योंकि इससे पहले 2007 में केवल नालागढ़ को सत्ता सुख मिला था। लेकिन उसके बाद से नालागढ़ में विधायक तो बने लेकिन शिमला में उनकी सरकार नहीं बनी। आज तक का इतिहास देखें तो 1954 में पेप्सू के समय नालागढ़ के तत्कालीन विधायक  राजा सुरेंद्र सिंह विकास मंत्री बने थे। उसके बाद 1966 में नालागढ़ तहसील का विलय हिमाचल में हुआ । इसके बाद  आज तक नालागढ़ के लिए कभी भी मंत्री पद नहीं नसीब हुआ हालांकि राजा विजेंद्र सिंह और हरीनारायण सैनी अल्प काल के लिए मंत्री अवश्य बने थे लेकिन मुख्यमंत्री से मतभेद के चलते मंत्री पद गंवाना पड़ा था। राजा विजयेंद्र सिंह लगातार पांच बार विधायक और  हरीनारायण सिंह सैनी तीन बार विधायक रहे लेकिन कभी भी मंत्री पद नहीं मिल पाया जिसके कारण नालागढ़ का जो विकास होना चाहिए था ,नहीं हो पाया ।
    1977 नालागढ़ से जनता पार्टी के विजयेंद्र सिंह चुने गए थे लेकिन शांता कुमार से अनबन होने के कारण उन्हें मंत्री पद नहीं मिल पाया था।  1982 में विजयेंद्र सिंह कांग्रेस के टिकट से चुने गए थे। 1983 में हिमाचल में रामलाल के स्थान पर वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया उस समय विजेंदर सिंह मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे । कुछ समय के लिए उन्हें स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाया गया था लेकिन वीरभद्र सिंह से  मतभेद के चलते  मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। 1985 और 1993 में भी कांग्रेस सरकार के समय वरिष्ठ विधायक रहे लेकिन उन्हें मंत्री पद नहीं मिल पाया।
    1998 में नालागढ़ से विजयेंद्र सिंह को हराकर हरि नारायण सिंह विधायक बने थे। कुछ समय के लिए उन्हें मंत्री बनाया गया था लेकिन शांता गुट के होने के कारण धूमल से भी उनका 36 का आंकड़ा रहा जिसके मंत्री पद की छुट्टी हो गई । 2007 में जब फिर से धूमल सरकार बनी तो उस  समय भी सैनी को सरकार में कोई स्थान नहीं मिल पाया । 2012 में हिमाचल में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी लेकिन उस समय नालागढ़ से भाजपा  से केएल ठाकुर विधायक बने थे । उसके बाद 2017 में जब भाजपा सरकार बनी तो भी दुर्भाग्य ने नालागढ़ का साथ नहीं छोड़ा और  केएल ठाकुर चुनाव हार गए और विधायक कांग्रेस का चुना गया। 
  • अस्थिर लग्न में सुक्खू ने ली शपथ

    अस्थिर लग्न में सुक्खू ने ली शपथ

    ‘सुक्खू राज’ में बन सकती है राजनीतिक अस्थिरता: पंडित शशिपाल

    इसी योग में मध्य प्रदेश को मिली थी कमल नाथ सरकार

    ऊना/सुशील पंडित : अंक गणना के मुताबिक नवगठित सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के लिए भी प्रदेश की चुनौतियों का पार पाना आसान न होगा। प्रख्यात अंक ज्योतिषी व वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पंडित शशिपाल डोगरा ने नवगठित सुक्खू सरकार के बारे में अंक गणना करने के बाद बताया कि आने वाला वर्ष 2023 उनके लिए चुनौतियां से भरा रहेगा। प्रदेश में 11 दिसंबर को 15वें मुख्यमंत्री के रूप में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शपथ ग्रहण की। इनका जन्म 26 मार्च, 1964 को हमीरपुर जिला के नादौन में है। इनका जन्मांक 2 + 6 = 8 अंक जो कि शनि का अंक है। शनि संघर्ष, सत्ता और न्याय का कारक है। शनि अचानक पद को देता है। उन्होंने कहा कि शनि बड़ी आयु में किसी बड़े पद को देता है। 59वें वर्ष में मुख्यमंत्री का पद मिला। 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री की घोषणा हुए, 1 + 0 = 1 अंक सूर्य का अंक जोकि शनि का शत्रु है। इसी तरह 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री की शपथ ली। अब 1 + 1 = 2 अंक जो चंद्रमा का अंक है। चंद्रमा मन का कारक है। सुक्खू का 8 अंक है जो कि शनि का अंक है। वहीं कांग्रेस का भी 8 ही अंक है। उन्होंने कहा कि 2 अंक चंद्र का व सुक्खू का मूलांक 8 व कांग्रेस का, इस प्रकार 8 अंक 2 अंक आपस में शत्रु अंक है। चंद्र पर शनि का प्रभाव मानसिक परेशानी देगा। 
    वहीं विडंबना ये 7वें व्यक्ति बने, 7 अंक केतु का है दिशाहीन करता है। पंडित डोगरा ने कहा कि 15वें मुख्यमंत्री 15 + 7 = 22 = 2 + 2 =  4 अंक जो राहु का अंक है, राहु षड्यंत्र  का कारक है। आने वाले वर्ष 2023 का भी 7 ही अंक बनता है। 8 + 7 = 15 = 1 + 5 = 6 अंक जो शुक्र का अंक है। शुक्र स्त्री का कारक है। 6 + 7 = 13 = 1 + 3 = 4 अंक जो राहु का अंक है। किसी महिला के द्वारा कोई बड़ा षड्यंत्र दे सकता है। इस सरकार की विडंबना देखो कि इसमें एक भी महिला विधायक अथवा मंत्री नहीं है। ये योग जुलाई महीने (7) के बाद शुरू होगा। यह प्रदेश में नवगठित सुक्खू सरकार को संकट में डाल सकता है। कुल मिलाकर प्रदेश में नई बने मुख्यमंत्री सुक्खू की राह कठिन लग रही है। वैसे भी कांग्रेस का 40 विधायक जीत कर आए है। 4 + 0 = 4 अंक राहु का अंक अचानक ही किसी बड़ी बगावत को दे सकता है। पंडित डोगरा ने कहा कि ऐसा ही योग महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान भी बना था, जिसके बाद ठाकरे सरकार अपना कार्यकाल पूर्ण नहीं कर पाई।

    *वैदिक ज्योतिष के अनुसार*

    पंडित शशिपाल डोगरा ने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर को दोपहर 1:52 मिनट पर मीन लग्न में शपथ ग्रहण की है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मीन लग्न एक अस्थिर लग्न है, जो कि सरकार को स्थिर नहीं रहने देता और अचानक ही सरकार में उथल पुथल का योग बनाता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने भी वही गलती की है जो मध्य प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने की थी, अस्थिर लग्न में शपथ ली है, पंचम भाव का स्वामी ग्रह चंद्रमा चौथे भाव में है। जिसके चलते राजनीतिक रूप से अस्थिरता बनी रहेगी, 17 अगस्त, 2023 को जब बृहस्पति में मंगल का प्रत्यंतर प्रारंभ होगा। मंगल जो कि भाग्येश है परंतु कुंडली में वक्री गति से पराक्रम भाव में भ्रमण कर रहा है, सब इस सरकार को परेशानियां प्रारंभ होगी।
  • हत्या के 7 साल बाद जिंदा लौटी महिला, 2 बेगुनाह काट चुके 3 साल की जेल

    हत्या के 7 साल बाद जिंदा लौटी महिला, 2 बेगुनाह काट चुके 3 साल की जेल

    दौसाः राजस्थान के दौसा से बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक महिला ने पुलिस को चौंका दिया है। इसकी वजह है उसकी हत्या का केस। पुलिस की फाइलों में इस महिला की हत्या का केस दर्ज है। यही नहीं महिला की हत्या के आरोप में दो बेगुनाह करीब ढाई-तीन साल तक जेल की सजा काट कर भी आ चुके हैं। अब महिला के सामने आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच करने में जुटी है। यह कारनामा राजस्थान के नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के एक परिवादी और वहां की पुलिस ने किया है।

    दरअसल उत्तर प्रदेश के कौशी निवासी आरती बरसों पहले दौसा के मेंहदीपुर बालाजी में आकर रहने लगी थी। यहां वह छोटा-मोटा काम करती थी। यहां उसकी मुलाकात सोनू सैनी नाम के व्यक्ति से हुई। दोनों का संपर्क बढ़ा तो उन्होंने कोर्ट में शादी कर ली। फिर साथ-साथ रहने लगे। शादी के कुछ दिन बाद आरती लापता हो गई। आरती के लापता होने के कुछ दिन बाद वृंदावन में एक नहर में एक अज्ञात महिला की डेडबॉडी मिली थी।

    शिनाख्त के अभाव में पुलिस ने कुछ समय बाद उसे डिस्पोज करवा दिया। लेकिन बाद में आरती के पिता ने उस थाने में जाकर फोटोग्राफ्स और कपड़ों के आधार पर मृतका के लिए दावा किया कि वह उसकी बेटी आरती थी। उसके बाद आरती के पिता ने वर्ष 2015 में वृंदावन में दौसा के सोनू सैनी और गोपाल सैनी के खिलाफ उसकी हत्या का मामला दर्ज करवा दिया।

    इस पर यूपी की वृंदावन पुलिस दौसा आई और दोनों आरोपियों को आरती की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। वो चिखते चिल्लाते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। बाद में सोनू सैनी और गोपाल सैनी करीब ढाई से तीन साल तक जेल में रहे और फिर जमानत पर बाहर आए। जमानत पर बाहर आने के बाद पीड़ितों जांच पड़ताल की तो महिला आरती दौसा के विशाला गांव में जिंदा मिली।

    इस पर पीड़ितों ने मेहंदीपुर बालाजी थानाप्रभारी अजीत बड़सरा को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ितों की दास्तां सुनकर थाना पुलिस ने आरती को बैजूपाड़ा इलाके से बरामद कर लिया। उसके बाद थाना पुलिस ने यूपी की वृंदावन थाना पुलिस को दौसा बुलाया। दौसा पुलिस ने आरती को वृंदावन पुलिस के हवाले कर दिया। जांच में सामने आया है कि आरती ने पहले सोनू सैनी से की थी। शादी बाद में वह भगवान सिंह रेबारी के साथ मिली है।

  • सीएम बनते ही सुखविंदर सुक्खू ने किया यह बड़ा ऐलान

    सीएम बनते ही सुखविंदर सुक्खू ने किया यह बड़ा ऐलान

    शिमला : कांग्रेस नेता एवं चार बार के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को एक समारोह में हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उसे यथासंभव जल्द ही लागू किया जाएगा। वहीं, ग्रहण समारोह में मौजूद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा  ने कहा कि पार्टी ने जो भी वादा किया है, उसे जल्द से जल्द लागू करना चाहते हैं।  प्रियंका के अलावा शपथग्रहण समारोह में राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस समारोह में शामिल हुए।

    सुक्खू कांग्रेस से संबद्ध नेशनल स्टूडेन्ट्स यूनियन ऑफ इंडिया की राज्य इकाई के महासचिव थे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एमए और एलएलबी की थी। जमीनी स्तर पर काम करते हुए वह दो बार शिमला नगर निगम के पार्षद चुने गए थे। उन्होंने 2003 में नादौन से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2007 में सीट बरकरार रखी, लेकिन 2012 में वह चुनाव हार गए थे. इसके बाद 2017 और 2022 में उन्होंने फिर से जीत दर्ज की । 

  • सावधान! नहीं पूरा किया ये काम तो कल से बंद हो जाएगा बैंक खाता

    सावधान! नहीं पूरा किया ये काम तो कल से बंद हो जाएगा बैंक खाता

    नई दिल्ली : पंजाब नेशनल बैंक के जिन ग्राहकों ने अब तक अपना KYC अपडेट नहीं कराया है, उनके पास सिर्फ कल तक की मोहलत है। जिन ग्राहकों का KYC 12 दिसंबर तक अपडेट नहीं होगा, उन्हें अपने खाते से लेन-देन करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब नेशनल बैंक ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि KYC अपडेट नहीं कराने वाले ग्राहक अपने खाते से पैसा नहीं निकाल पाएंगे। PNB ने कहा है कि रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, ग्राहक 12 दिसंबर 2022 से पहले KYC अपडेट करा लें।

    पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी एक प्रेस रिलीज में कहा था कि जिन ग्राहकों का KYC अपडेशन बाकी है, उनके रजिस्टर्ड एड्रेस पर दो नोटिस और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से इस संबंध में सूचना भेज दी गई है। बैंक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस बारे में नोटिफिकेशन शेयर किया था।

    पंजाब नेशनल बैंक ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि रिजर्व के गाइडलाइंस के अनुसार, सभी कस्टमर्स के लिए KYC अपडेशन अनिवार्य है। अगर आपका अकाउंट 30.09.2022 तक केवाईसी अपडेट नहीं है, तो आपको पहले ही इस बारे में सूचित किया जा चुका है। आपसे अनुरोध है कि 12.12.2022 से पहले अपने केवाईसी को अपडेट करने के लिए बेस ब्रान्च से संपर्क करें। अपडेशन न करने के चलते आपके अकाउंट के ऑपरेशन को प्रतिबंधित किया जा सकता है।