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  • हरोली से भाजपा प्रत्याशी रामकुमार के नामांकन में पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

    हरोली से भाजपा प्रत्याशी रामकुमार के नामांकन में पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

    नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर खूब कसे तंज 

    नाराज़ नेताओं को मना लेने का किया दावा  

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में हॉटस्पॉट माने जाने वाली सीट हरोली से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रामकुमार ने नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल कराने के लिए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं राम कुमार के समर्थन में हरोली पहुंचे। नामांकन पत्र दाखिल करने से पूर्व पार्टी प्रत्याशी राम कुमार ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन कर अपना दमखम दिखाया। शक्ति प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में लोग वहां उपस्थित रहे। एक अनुमान के मुताबिक राम कुमार अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश अग्निहोत्री के मुकाबले अधिक संख्या बल जुटाने में सफल दिखाए दिए। नामांकन पत्र दाखिल करने से पूर्व एक जनसभा में एक तरफ जहां पार्टी प्रत्याशी राम कुमार ने अपने समर्थन के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त किया और पूरे दमखम से पिछले 5 सालों की तरह आगे भी कार्य के जाने का दावा किया। राम कुमार ने जीत के प्रति पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए हरोली को भी भाजपा की झोली में डाले जाने की बात कही। 

    वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस जनसभा में अपने साथी और पार्टी प्रत्याशी राम कुमार का हौसला बढ़ाया और नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर भी जमकर तंज कसे। उन्होंने अग्निहोत्री के नामांकन के दौरान स्टेज गिर जाने को प्राकृतिक संकेत बताते हुए नेता विपक्ष और कांग्रेस का तंबू हिमाचल से उखड़ जाने का भी दावा किया। उन्होंने नेता विपक्ष पर उनके कार्यकाल के दौरान अहम पदों पर रहने के बावजूद उद्योगों को विकसित कराने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए नाराज नेताओं को मना लिए जाने का भी दावा किया। उन्होंने विपक्ष को सपने लेने की आदत छोड़ देने की नसीहत देते हुए प्रदेश में भाजपा है और भाजपा ही रहेगी का दावा किया।

  • Google को लगा 936 करोड़ रुपए का जुर्माना, एक सप्ताह में दूसरी बार हुई कार्रवाई

    Google को लगा 936 करोड़ रुपए का जुर्माना, एक सप्ताह में दूसरी बार हुई कार्रवाई

    नई दिल्लीः गूगल पर भारत में 936.44 करोड़ रुपये का फाइन लगा है। मंगलवार को CCI (Competition Commission of India) ने दिग्गज टेक कंपनी पर ये फाइन लगाया है। गूगल पर ये फाइन अपने दबदबे का गलत इस्तेमाल करने की वजह से लगाया गया है। सीसीआई ने गूगल पर एंटीकंपटीशन प्रैक्टिस को बंद करने के लिए कहा है।  इसके अलावा सीसीआई ने कहा है कि ऐप डेवलपर्स को सीधा ग्राहकों से जुड़ने की इजाजत और ऑफर प्रमोशन से भी ना रोका जाए। पिछले हफ्ते भी गूगल पर सीसीआई ने एंटी-कंपटीशन प्रैक्टिस की वजह से एक अन्य मामले में 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

    दो मामले में भारत में लगा है फाइन

    सीसीआई ने ये फाइन एंड्रॉयड सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत फायदा उठाने की वजह से लगा था। गूगल पर दो अलग-अलग मामलों में ये फाइन लगाए गए हैं। हालांकि, दोनों ही मामले एंट्री-कंपटीशन प्रैक्टिस से जुड़े हुए थे। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने पहले ही गूगल को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने के लिए कहा था। साथ ही एक तय समय सीमा में समाधान भी खोजने का निर्देश दिया था।

    दूसरी कंपनियों को भी भेजा गया है नोटिस

    जानकारी के मुताबिक भारत में सिर्फ गूगल ही नहीं दूसरी कंपनियों को भी अपने दबदबे का फायदा उठाने की नोटिस भेजा गया था। गूगल, ऐपल, ऐमेजॉन, नेटफ्लिक्स और माइक्रोसॉफ्ट को एंटी-कंपटीशन प्रैक्टिस मामले में नोकिस भेजा जा चुका है।

    भारत की तरह ही अन्य देशों में भी इन कंपनियों को अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाने पर फाइन लगा चुका है. हाल में ही ऐपल पर बॉक्स में चार्जर नहीं देने पर फाइन लगाया था। ब्राजील की अदालत ने ऐपल पर दो करोड़ डॉलर का जुर्माना बॉक्स में चार्जर नहीं देने की वजह से लगाया था। वहीं कोर्ट ने ऐपल को बॉक्स में चार्जर देने के लिए भी कहा है। इस तरह से गूगल पर अपने कंपटीशन को खत्म करने का आरोप पहले भी लगता रहा है।

  • Google ने प्ले स्टोर से हटाए ये 16 ऐप्स, देखें लिस्ट

    Google ने प्ले स्टोर से हटाए ये 16 ऐप्स, देखें लिस्ट

    नई दिल्लीः दुनिया में टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी गूगल ने अपने प्ले स्टोर से 16 ऐप्लीकेशन को हटा दिया है। ये ऐप्स एंड्रॉइड डिवाइस पर तेजी से बैटरी डाउन करने और अधिक डेटा कंज्यूम करने का कारण बन रही थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सिक्योरिटी फर्म द्वारा पहचाने गए एप्लिकेशन ने वास्तविक उपयोगकर्ता के रूप में विज्ञापनों पर क्लिक करने के लिए बैकग्राउंड में वेब पेज खोलकर कथित तौर पर विज्ञापन धोखाधड़ी की। सिक्योरिटी फर्म के अनुसार, प्ले स्टोर से हटाए जाने से पहले, ऐप्स के कुल 20 मिलियन इंस्टॉलेशन थे।

    Ars Technica की रिपोर्ट के मुताबिक़, गूगल ने अपने प्ले स्टोर से 16 ऐप्स हटा दिए, जिनका पता McAfee ने लगाया। हटाए गए ऐप “यूटिलिटी” ऐप की कैटेगरी में आते हैं – ये ऐप आम तौर पर बुनियादी कार्य करते हैं जैसे कि उपयोगकर्ताओं को क्यूआर कोड को स्कैन करने और लिंक की गई वेबसाइट पर जाने की अनुमति देना, डिवाइस की टॉर्च चालू करना, मुद्रा परिवर्तक और कैलकुलेटर हैं।

    Google द्वारा Play Store से हटाई गई इन 16 यूटिलिटी ऐप्स की लिस्ट में शामिल हैं –

    High-Speed Camera
    Smart Task Manager
    Flashlight+
    com.smh.memocalendar memocalendar
    8K-Dictionary
    BusanBus
    Flashlight+
    Quick Note
    Currency Converter
    Joycode
    EzDica
    Instagram Profile Downloader
    Ez Notes
    com.candlencom.flashlite
    com.doubleline.calcul
    com.dev.imagevault Flashlight+

    जब इन ऐप्स को लॉन्च किया गया, तो McAfee ने पाया कि ये ऑटोमैटिक कोड डाउनलोड करते हैं, उपयोगकर्ता को सूचित किए बिना वेब साइटों तक पहुंचने के लिए सूचनाएं प्राप्त करते हैं, और लिंक और विज्ञापनों पर क्लिक करते हैं। यह विज्ञापन धोखाधड़ी का एक उदाहरण हैं। क्योंकि यह एक वास्तविक उपयोगकर्ता के रूप में इन विज्ञापनों पर कृत्रिम रूप से आगे बढ़ते हैं। कैलिफ़ोर्निया स्थित सिक्योरिटी कंपनी ने पाया कि अनइंस्टॉल किए गए ऐप्स में “com.liveposting” और “com.click.cas” जैसी लाइब्रेरी थीं, जो उपयोगकर्ताओं को उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना लिंक और विज्ञापनों पर क्लिक करने की अनुमति देती थीं, जिसके कारण अंततः बैटरी की खपत और नेटवर्क की खपत में वृद्धि हुई।

    बता दें कि विज्ञापन धोखाधड़ी तब होती है जब कोई बॉट रियल वेब ट्रैफ़िक की नकल करने और वेबसाइट के लिए अधिक पेज दिखाने का प्रयास करता है। बाहरी व्यक्ति के लिए, यह रियल ट्रैफ़िक के रूप में सामने आ सकता है। स्पष्ट रूप से बॉट का उपयोग अधिक ट्रैफ़िक लाने के लिए किया जाता है, विज्ञापनदाता के बजट से समझौता करता है क्योंकि विज्ञापन बॉट्स को दिए जाते हैं न कि वास्तविक लक्षित उपयोगकर्ता को।

    McAfee की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्फेक्टेड डिवाइसेज को गूगल के स्वामित्व वाले फायरबेस क्लाउड मैसेजिंग (FCM) प्लेटफॉर्म के माध्यम से संदेश प्राप्त हुए, जिसने उन्हें बैकग्राउंड में खास वेब पेज खोलने का निर्देश दिया। फिर बॉट प्राप्त क्लिक विज्ञापनों की संख्या को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए लिंक का चयन करेगा। गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा कि McAfee द्वारा रिपोर्ट किए गए सभी ऐप्स को हटा दिया गया है। उपयोगकर्ता गूगल प्ले प्रोटेक्ट द्वारा भी सुरक्षित हैं, जो Android डिवाइसेज पर इन ऐप्स को ब्लॉक कर देता है।

  • केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बीजेपी प्रत्याशी सतपाल सत्ती के समर्थन में की जनसभा

    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बीजेपी प्रत्याशी सतपाल सत्ती के समर्थन में की जनसभा

    पीजीआई, ट्रिपल आईटी, ड्रग पार्क, सेंट्रल यूनिवर्सिटी और वंदे भारत ट्रेन को आधार बता विकास का किया दावा

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव नामांकन पत्र का मंगलवार को अंतिम दिन था। नामांकन पत्र के अंतिम दिन ऊना सदर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सतपाल सत्ती ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सती का नामकरण पत्र दाखिल कराने के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पहुंचे और उनके समर्थन में नामांकन पत्र दाखिल करने से पूर्व एक जनसभा को संबोधित किया। इस जनसभा से पूर्व पार्टी प्रत्याशी सतपाल सत्ती ने अपने समर्थकों के साथ हिमाचल प्रदेश की सीमा मैहतपुर से लेकर ऊना शहर तक लगभग 12 किलोमीटर तक अपना शक्ति प्रदर्शन किया।

    सतपाल सत्ती के समर्थन में काफी भारी संख्या में समर्थकों का हुजूम नजर आया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में केंद्र की मोदी सरकार के सहयोग से विकास कार्य की झड़ी लगाने का दावा किया। उन्होंने अपने दावे के पक्ष में ऊना में पीजीआई, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ट्रिपल आईटी, ड्रग पार्क और वंदे भारत ट्रेन का जिक्र किया। ठाकुर ने पार्टी की सरकार बनने पर और सतपाल सत्ती के जीतने पर उन्हें सरकार में बड़ा पद दिए जाने के संकेत भी दिए। 

    वहीँ सतपाल सत्ती ने नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के बाद ऊना सदर से भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराया जाने का दावा किया। उन्होंने विधायक ना होने के बावजूद पिछले 5 साल में ऊना सदर विधानसभा में विकास कार्य के आधार पर जनता के बीच जाने का दावा किया। 

  • निर्वाचन आयोग ने जिला ऊना में तैनात किए दो सामान्य पर्यवेक्षक: डीसी

    निर्वाचन आयोग ने जिला ऊना में तैनात किए दो सामान्य पर्यवेक्षक: डीसी

    ऊना/सुशील पंडित: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त, ऊना राघव शर्मा ने जानकारी दी है कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक मुकेश कुमार, भा.प्र.से. तथा प्रशांत कुमार मिश्रा, भा.प्र.से. जिला ऊना में पहुंच गए हैं।

    उन्होंने बताया कि ऊना, हरोली तथा कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित व्यक्ति सामान्य निर्वाचन-2022 के विषय में सामान्य पर्यवेक्षक मुकेश कुमार, भा.प्र.से. के मोबाइल नंबर 76499-81625 पर संपर्क करने के अलावा जिला मुख्यालय में चंद्रलोक कॉलोनी स्थित जलशक्ति विभाग के विश्राम गृह के सैट नंबर-2 में प्रातः 11 से 12 बजे तक मिल सकते हैं। 

    इसके अलावा चिंतपूर्णी तथा गगरेट विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित व्यक्ति सामान्य निर्वाचन-2022 के विषय में सामान्य पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार मिश्रा, भा.प्र.से. के मोबाइल नंबर 76499-81627 पर संपर्क करने के अलावा अंब स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में प्रातः 10:30 से 11:30 बजे तक मिल सकते हैं।

  • विधानसभा क्षेत्र कुटलैहड़ के झलेड़ा में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भाजपा के चुनावी कार्यालय का किया उदघाटन

    विधानसभा क्षेत्र कुटलैहड़ के झलेड़ा में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भाजपा के चुनावी कार्यालय का किया उदघाटन

    विधानसभा क्षेत्र कुटलैहड़ के झलेड़ा में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भाजपा के चुनावी कार्यालय का उदघाटन किया, इस मौके पर उनके साथ विरेंद्र कंवर उपस्थित रहे।

  • पंजाबः सिविल अस्पताल में मची अफरा-तफरी, पेट दर्द का बहाना लगा कैदी फरार…

    पंजाबः सिविल अस्पताल में मची अफरा-तफरी, पेट दर्द का बहाना लगा कैदी फरार…

    गुरदासपुर: पंजाब में कैदियों के अस्पताल में ईलाज दौरान भागने के कई मामले सामने आ चुके है। वहीं आज जिले के सिविल अस्तापल में एक बार फिर से कैदी पुलिस को पेट दर्द का बहाना लगा फरार हो गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसके बाद अस्पताल में आए लोगों और पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्त के बाद कैदी को काबू कर लिया। दरअसल, सिविल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अस्पताल मे केंद्रिय जेल से इलाज करवाने आए कैदी ने बाथरूम जाने का बहाना कर पुलिस को चकमा देकर मौके पर से फरार हो गया। जब इस संबंधी पुलिस कर्मचारियों को पता चला तो शोर मचना स्वाभाविक था।

    अस्पताल मे आए आम लोगों तथा पुलिस कर्मचारियां ने भाग दौड़ कर इस कैदी को सिविल अस्पताल मे गेट से पुना काबू किया तथा अस्पताल मे बनाए कैदी वार्ड मे इसे बंद कर दिया। इस संबंधी जानकारी देते हुए कैदी को काबू करने वाले एक नौजवान तथा सिविल अस्पताल मे कैदी वार्ड के इंचार्ज स्टाफ नर्स मोनिका ने बताया कि गुरजीत सिंह नाम का कैदी का सिविल अस्पताल मे ईलाज चल रहा था। आज यह कैदी पुलिस कर्मचारियों को बार-बार यह कह रहा था कि उसके पेट मे दर्द है।

    जिस कारण इसको चैक किया जा रहा था। इसी दौरान इस कैदी गुरजीत सिंह ने कहा कि उसने बाथरूम जाना है। जब यह कैदी बाथरूम गया तो पुलिस कर्मचारियों को चकमा देकर वहां से फरार होने मे सफल हो गया। जिसमें बाद पुलिस कर्मचारियों ने शोर मचा दिया। पुलिस का शोर सुन अस्पताल में आए आम लोगों और पुलिस कर्मचारियों ने मिलकर कैदी को सिविल अस्पताल मे गेट के बाहर से पुन:काबू किया तथा अस्पताल में बने कैदी वार्ड मे कैदी को बंद कर दिया।

  • विधानसभा हरोली से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रामकुमार ने भरा नामांकन पत्र, उनके साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर रहे

    विधानसभा हरोली से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रामकुमार ने भरा नामांकन पत्र, उनके साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर रहे

    विधानसभा हरोली से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रामकुमार ने भरा नामांकन पत्र, उनके साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर रहे