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  • उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार को ऊना दौरे पर

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार को ऊना दौरे पर

    ऊना,सुशील पंडित:  उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 17 जुलाई को ऊना दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 2:30 बजे अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित देश के 75 पुनर्विकसित अमृत रेलवे स्टेशनों के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से इन स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के उपरांत उपमुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम आप अपने निवास स्थान गोंदपुर जयचंद में रहेगा।

     

  • उदयपुर में इंटरजनरेशनल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    उदयपुर में इंटरजनरेशनल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    ऊना,सुशील पंडित: वरिष्ठ नागरिकों की राज्य कार्य योजना 2026-27 के अंतर्गत आज(वीरवर) को ग्राम पंचायत उदयपुर में इंटरजेनरेशनल जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय ऊना द्वारा आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने की। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी, ऊना जतिंदर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। 

    शिविर के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।  जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने बताया कि शिविर का मुख्य वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं के मध्य आपसी संवाद, सम्मान और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करना, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना था।

    इस अवसर पर सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक सुखदेव सिंह ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

    सेवानिवृत्त सूबेदार हरजिंदर सिंह ने युवा वर्ग से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा समाज के विकास एवं प्रगति में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर शर्मा ने विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे सभी लाभार्थियों से समय पर अपनी ई-केवाईसी करवाने का आग्रह किया, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के निरंतर मिलता रहे। उन्होंने सहारा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों एवं आवेदकों को योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिया प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को जींद पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को जींद से भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों व प्रबंधों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी कार्यक्रम पूरी तरह से इको-फ्रेन्डली होंगे। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक केएम पांडुरंग तथा उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा सहित अनेक उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बृहस्पतिवार को जींद स्थित चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री के जींद में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों के प्रबधों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने जींद रेलवे स्टेशन पहुंचकर हाईड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रबंधों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यहां उन्होंने आमजन व वीआईपी एंट्री, एग्जीक्यूटिव लॉन्ज, कैफेटेरिया तथा रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया और यात्रियों के लिए सुविधाओं का जायजा लिया।

    इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एकलव्य स्टेडियम के सामने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मैदान में आयोजित होने वाली ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ रैली की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आमजन के बैठने, पार्किंग व्यवस्था, पब्लिक के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोगों को पीने के पानी की कोई समस्या न आने पाए। इस अवसर पर हांसी विधायक विनोद भ्याणा, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी, भाजपा नेता जवाहर लाल सैनी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

     

  • फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन

    फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन

    चण्डीगढ़: हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों से तीन अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत किसानों के लिए फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त करने का अवसर दिया गया है।

    उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं एवं वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किसानों कव्यक्तिगत श्रेणी में विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर, रेक, क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर तथा ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर तीन अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अलावा, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, ट्रैक्टर की वैध आरसी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

    आवेदन करने वाले किसानों को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने तथा पिछले तीन वर्षों में संबंधित कृषि यंत्र पर परिवार के किसी सदस्य द्वारा अनुदान नहीं लेने का शपथ पत्र देना होगा। व्यक्तिगत श्रेणी में प्रत्येक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए ही आवेदन कर सकेगा। यदि किसान का चयन बेलर मशीन के लिए होता है तो वह रेक, स्ट्रॉ रेक अथवा श्रेडर मास्टर/रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान प्राप्त कर सकता है।

    चयनित किसानों को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिला के सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में जमा कराने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ऑनलाइन परमिट जारी किए जाएंगे। परमिट जारी होने के बाद किसान को 7 सितंबर, 2026 तक विभाग द्वारा अनुमोदित निर्माता/डीलर से कृषि यंत्र खरीदकर बिल, ई-वे बिल तथा जीपीएस लोकेशन सहित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। प्रतीक्षा सूची के किसानों को आवश्यकता अनुसार बाद में परमिट जारी किए जाएंगे। कृषि यंत्र निर्माता भी इस योजना के तहत विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत तथा जिनकी टेस्ट रिपोर्ट इस वर्ष भी वैध है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • प्रदेशभर में जनगणना का प्रथम चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न

    प्रदेशभर में जनगणना का प्रथम चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न

    शिमला: जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 15 जुलाई को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्य 16 जून से आरम्भ किया गया था। इस अभियान में डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस चरण की सबसे बड़ी उपलब्धि स्व-गणना विकल्प की सफलता रही। बड़ी संख्या में जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करते हुए स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की और इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।

    इस व्यापक अभियान का सफल संचालन प्रशासनिक तंत्र एवं जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों से संभव हो पाया। सभी जिलों के उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों, तहसीलदारों तथा अन्य वरिष्ठ जनगणना अधिकारियों ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया और अभियान के प्रत्येक पहलू की निरंतर निगरानी की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशिक्षकों, प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों सहित फील्ड स्टाफ की प्रतिबद्धता भी सराहनीय रही, जिनके अथक प्रयासों से यह कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ।

    प्रदेश के दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों के बावजूद प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने पूर्ण समर्पण के साथ घर-घर पहुंचकर सटीक जानकारी एकत्रित की। उनकी कार्यकुशलता, व्यावसायिक प्रतिबद्धता एवं दृढ़ संकल्प ने जनगणना के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग एवं समर्थन के लिए प्रदेशवासियों, फील्ड स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों तथा मीडिया का आभार व्यक्त किया।

  • ऊना में बाहरी ज्वेलर्स की एग्जीबिशन पर उठे सवाल, व्यापार मंडल ने मांगा समान कानून और पारदर्शिता

    ऊना में बाहरी ज्वेलर्स की एग्जीबिशन पर उठे सवाल, व्यापार मंडल ने मांगा समान कानून और पारदर्शिता

    ऊना,सुशील पंडित: ऊना में बाहरी राज्यों से आए ज्वेलर्स द्वारा आयोजित की जा रही आभूषण प्रदर्शनियों को लेकर स्थानीय व्यापारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। शहरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रिंस राजपूत  महासचिव राजेश पुरी (रघु) ब शहरी व्यापार मंडल के अन्य सभी सदस्यों ने भी कहा कि उनका किसी भी वैध व्यापार से कोई विरोध नहीं है, लेकिन कानून और नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि ऊना के स्थानीय ज्वेलर्स को जीएसटी, लाइसेंस, हॉलमार्क, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सरकारी नियमों का पालन करना पड़ता है, तो बाहर से आकर अस्थायी प्रदर्शनी लगाने वाले व्यापारियों पर भी वही नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। शहरी व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित आयोजकों ने सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की हैं या नहीं तथा सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया है।

    अध्यक्ष प्रिंस राजपूत ने कहा कि व्यापार मंडल चाहता है कि स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा हो और किसी भी व्यापारी को नियमों से ऊपर न माना जाए। यदि सभी दस्तावेज और अनुमतियां पूरी हैं तो प्रशासन इसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे। वहीं यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई करें।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के पक्षधर हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा तभी उचित मानी जाएगी जब सभी व्यापारी एक ही कानून और एक जैसे नियमों के दायरे में कारोबार करें। व्यापार मंडल ने संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस विषय को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से औपचारिक रूप से भी बात की जाएगी।

    अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन, पुलिस, जीएसटी विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों पर हैं कि वे इस मामले में स्थिति स्पष्ट करें और यह सुनिश्चित करें कि ऊना में व्यापार पूरी पारदर्शिता, समान नियमों और कानून के दायरे में संचालित हो।

     

  • हिमाचल के आईटीआई प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान में आधुनिक उद्योगों एवं स्थानीय बाजार व्यवस्था का अध्ययन किया

    हिमाचल के आईटीआई प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान में आधुनिक उद्योगों एवं स्थानीय बाजार व्यवस्था का अध्ययन किया

    शिमला: हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षुओं ने अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के अंतर्गत कजाकिस्तान के अल्माटी में समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट, राखात चॉकलेट फैक्ट्री और ग्रीन मार्केट की कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षुओं को वैश्विक औद्योगिक प्रणालियों, आधुनिक तकनीकों तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित करवाना है। इससे वे अपने तकनीकी कौशल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ भविष्य में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट में प्रशिक्षुओं ने जल शुद्धिकरण, स्वचालित बोतल निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की आधुनिक प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षुओं के दल ने राखात चॉकलेट फैक्ट्री में चॉकलेट निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता प्रबंधन तथा बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की कार्यप्रणाली भी देखी।

    ग्रीन मार्केट के भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक खाद्य पदार्थों तथा बाजार प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया, जिससे उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं उद्यमिता के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशिक्षुओं के दल ने मानव निर्मित झील का भी भ्रमण किया, जहां प्रशिक्षुओं ने शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन तथा सार्वजनिक पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित रखरखाव का अवलोकन किया।

    प्रशिक्षुओं ने शिम्बुलाक माउंटेन रिजॉर्ट एवं केबल कार का भ्रमण भी किया। यहां ऑपरेशन मैनेजर ने प्रशिक्षुओं को केबल कार प्रणाली के संचालन, नियंत्रण प्रणाली, सुरक्षा मानकों, नियमित निरीक्षण, रखरखाव, आपदा प्रबंधन तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अपनाई जाने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। धर्माणी ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण युवाओं में नवाचार, गुणवत्ता, अनुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा का उद्देश्य अनुभव आधारित शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षु शैक्षणिक संवाद और विविध विकास मॉडलों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में मिली लाभप्रद जानकारी का उपयोग अपनी भविष्य की योजनाओं में कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण से प्राप्त अनुभव प्रशिक्षुओं को भविष्य में बेहतर तकनीशियन, कुशल कार्यबल एवं सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करेगा।

    इस अन्तरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के दौरान उत्कृष्ठ शिक्षविद्ों के साथ शैक्षणिक संवाद आयोजित करवाए जा रहे हैं। ‘क्रॉस एण्ड क्लचरल कम्यूनिकेशन इन मेनेजमेंट इन विषय पर हायर स्कूल ऑफ मीडिया एंड इंटरकल्चरल कम्युनिकेशन, तुरान यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर आइतोल्किन अशिमोवा ने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, सांस्कृतिक विविधता, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क तथा व्यावसायिक नैतिकता के महत्त्व पर प्रकाश डाला।

    ‘पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन गर्वनेंस एण्ड इंटरनेशनेलाईजेशन ऑफ हायर एजुकेशन इन सेंटरल एशिया विषय पर व्याख्यान के माध्यम से प्रो. अलीशेर कादिरोव ने कजाकिस्तान की उच्च शिक्षा प्रणाली में हुए सुधारों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा विदेशी विश्वविद्यालयों को कजाकिस्तान में परिसर स्थापित करने के लिए प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। अलमाटी टेकनोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सदिकोवा नरगिज़ा अलालदीनकिजी ने बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च इनोवशन एण्ड डॉक्टोरल स्टडीस इन कजाकिस्तान विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के साथ-साथ स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा, एआई, रोबोटिक्स, इंडस्ट्री 4.0, ग्रीन केमिस्ट्री, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा सतत औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में कजाकिस्तान की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

     

  • कजाकिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों के औद्योगिक भ्रमण से आईटीआई प्रशिक्षुओं को मिला वैश्विक आधुनिक विनिर्माण का अनुभव

    कजाकिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों के औद्योगिक भ्रमण से आईटीआई प्रशिक्षुओं को मिला वैश्विक आधुनिक विनिर्माण का अनुभव

    शिमला: प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के चयनित 30 प्रशिक्षुओं के दल ने आज कजाकिस्तान के अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी तथा एलीना ग्रुप के औद्योगिक परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा, आधुनिक उद्योगों, अनुसंधान एवं नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की जानकारी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम प्रशिक्षुओं में तकनीकी दक्षता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक उत्तरदायित्व एवं वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कजाकिस्तान के साथ यह शैक्षणिक साझेदारी प्रशिक्षुओं को भविष्य में उत्कृष्ट तकनीशियन, सफल उद्यमी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करेगी। यह एक्सपोजर विजिट हिमाचल प्रदेश की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

    शैक्षणिक संवाद के प्रथम सत्र में मॉनिटरी इकनोमिक्स विषय पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, मौद्रिक नीति, केंद्रीय बैंकों की भूमिका, मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा आर्थिक विकास में वित्तीय प्रणाली के महत्त्व पर चर्चा की गई। चर्चा में विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में प्रभावी मौद्रिक नीति एवं सुदृढ़ वित्तीय तंत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। दूसरे सत्र में हैड ऑफ एजुकेशन एण्ड इंटरनेशनल प्रोजैक्टस आइगेरिम सागिन्तायेवा ने क्रॉस कल्चरल कम्यूनिकेशन एथिक्स एण्ड प्रोफैशनल रिसपोंसिबिलिटी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, विभिन्न संस्कृतियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता, व्यावसायिक नैतिकता, नेतृत्व, उत्तरदायित्व तथा टीमवर्क के महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रभावी संचार कौशल एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।

    सस्टेनेबल इंजीनियरिंग एण्ड इन्डस्ट्रियल लैंड स्केप विषय पर दिमित्री पाक ने व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने बताया कि भविष्य का औद्योगिक विकास केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित प्रौद्योगिकी, इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। इसके उपरान्त, प्रशिक्षुओं ने एलीना ग्रुप अल्माटी के आधुनिक औद्योगिक संयंत्र निर्माण सामग्री, ड्राई-मिक्स मोर्टार, पेंट एवं कोटिंग्स के निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक पैकेजिंग तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। यहां संयंत्र के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को उत्पादन प्रक्रिया में स्वचालन अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा संसाधनों के कुशल उपयोग की आधुनिक कार्य प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी।

    अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी द्वारा एक गरिमामयी दीक्षांत एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के प्रबंधन द्वारा सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समारोह में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भारत और कजाकिस्तान के बीच तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

  • राष्ट्र सेवा की राह पर पंजाब के युवा, महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीट्यूट ने रचा नया कीर्तिमान

    राष्ट्र सेवा की राह पर पंजाब के युवा, महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीट्यूट ने रचा नया कीर्तिमान

    कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कैडेटों की प्रशंसा, उज्ज्वल भविष्य और सफल प्रशिक्षण की कामना की

    चंडीगढ़/मोहाली: महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, एस.ए.एस. नगर के 25 कैडेटों का पिछले तीन महीनों के दौरान भारतीय रक्षा सेवाओं की विभिन्न स्नातक (अंडरग्रेजुएट) एवं प्री-कमीशन प्रशिक्षण अकादमियों में चयन हुआ है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में इस संस्थान के कुल 175 कैडेट देश की प्रतिष्ठित रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों में चयनित हो चुके हैं। इन कैडेटों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), वायु सेना अकादमी (एएफए) तथा ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) सहित देश की प्रमुख रक्षा संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त किया है। संस्थान के 16 कैडेट राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला में एनडीए-156 पाठ्यक्रम के लिए चयनित हुए हैं। इनमें मोहाली के अभिष, अगमजीत विर्क, भुवन धीमान और विशेष करदवाल; मलेरकोटला के गुरकर्णजीत सिंह; गुरदासपुर के परमजोत सिंह और राजपाल सिंह; बठिंडा के गुनताज़ सचदेवा; अमृतसर के एकनूर सिंह और लविश; पठानकोट के सुखमनजीत सिंह मान; बरनाला के चन्नप्रीत सिंह सिद्धू; फरीदकोट के अरमान शर्मा; रूपनगर के हर्षवीर सिंह; पटियाला के दीपइंदर सिंह तथा होशियारपुर के जसजोत सिंह शामिल हैं। इसके अतिरिक्त होशियारपुर के अभय प्रताप सिंह ढिल्लों का भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला में चयन हुआ है। गुरदासपुर के मननूरप्रीत सिंह, पठानकोट के संकेत तथा जालंधर के समर्थ सिंह ढिल्लों का टीईएस-55 पाठ्यक्रम के अंतर्गत मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिकंदराबाद तथा मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, महू में प्रवेश हुआ है। इसी प्रकार इशप्रीत सिंह ढिल्लों ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), चेन्नई में प्रवेश लिया है। लुधियाना के मनवीर सिंह बेदी ने भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला में एनओसी (एक्सटेंशन) पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्राप्त किया है, जबकि पठानकोट के जसनूर सिंह ने वायु सेना अकादमी (एएफए), डुंडीगल में प्रवेश लिया है। रूपनगर के सुखराज सिंह हीरा तथा श्री फतेहगढ़ साहिब के जगबीर सिंह भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून में प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए हैं। इन कैडेटों को बधाई देते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सभी चयनित कैडेटों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए देश की निष्ठापूर्वक सेवा करने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने बताया कि वर्तमान में संस्थान के 25 अन्य कैडेट एसएसबी साक्षात्कार और चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान सशस्त्र बलों के लिए उत्कृष्ट अधिकारियों को तैयार करने वाली अग्रणी संस्था के रूप में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है।  
  • जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में भरे जाएंगे 56 पद, साक्षात्कार 18 को ऊना में

    जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में भरे जाएंगे 56 पद, साक्षात्कार 18 को ऊना में

    ऊना,सुशील पंडित: मैसर्ज जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में 56 पद विभिन्न श्रेणी में भरे जाएंगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार 18 जुलाई को सुबह 10.30 बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में लिया जाएगा । जिला रोजगार अधिकारी, ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में प्लांट हेल्पर के 10 पद, टूल रूम वर्कर के 15, फरनेस हेल्पर के 15, सुपरवाइजर के 3, प्रेस ऑप्रेटर के 4, फरनास ऑप्रेटर के 2, टेबल ऑप्रेटर के 2 और टूल एंड डाई ऑप्रेटर के 5 पद भरे जाएंगे।

    उन्होंने बताया कि प्लांट हेल्पर, प्रेस ऑप्रेटर, फरनास ऑप्रेटर, टेबल ऑप्रेटर एवं टूल एंड डाई ऑप्रेटर पदों के लिए 10वीं निर्धारित की गई है। टूल रूम वर्कर के लिए 10वीं और आईटीआई निर्धारित की गई है। इन सभी पदों के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष तथा वेतन सरकारी मानदंडों के अनुसार दिया जाएगा।  इसके अलावा सुपरवाइजर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं और स्नातक, 1 से 3 वर्ष का अनुभव और आयु सीमा 20 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है।

    अक्षय शर्मा ने बताया कि इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी अपनी योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार की फोटो, अनुभव प्रमाण पत्र, बायोडाटा व मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 98050-54957 पर सम्पर्क कर सकते हैं। साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।