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  • उदयपुर में Polytechnic College निर्माण को भूमि की सैद्धान्तिक स्वीकृतिः Rajesh Dharmani

    उदयपुर में Polytechnic College निर्माण को भूमि की सैद्धान्तिक स्वीकृतिः Rajesh Dharmani

    शिमला: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जानकारी दी है कि प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के उदयपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि लाहौल स्पीति के उदयपुर में कॉलेज के निर्माण संबंधी मामला लगभग 15 वर्षों से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में लम्बित था। इस मामले में प्रदेश सरकार के ठोस प्रयासों से मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम-1980 के तहत तकनीकी शिक्षा विभाग, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को 2.0435 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग के लिए सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

    उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रदेश सरकार जनजातीय समुदायों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा में समावेशिता और समान विकास को बढ़ावा प्रदान कर रही है।

    धर्माणी ने कहा कि इस स्वीकृति से जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को तकनीकी शिक्षा में उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायता मिलेगी। सरकार जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ-साथ इन क्षेत्रों में क्षमता निर्माण संस्कृति को बढ़ावा दे रही है और प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण आधारित अवसरंचना को विस्तार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील पत्थर साबित होगा।

     

  • प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग में आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं – राज्यपाल

    प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग में आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं – राज्यपाल

    एफसीआई को हस्तांतरण तक खाद्यान्न का समुचित भंडारण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए – प्रो. असीम कुमार घोष

    चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश में प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के कार्यों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आधुनिक एवं नवीनतम प्रौद्योगिकी को अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने आज यहाँ हरियाणा लोक भवन में उनसे शिष्टाचार भेंट करने आये प्रदेश के प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी राज्य मंत्री राजेश नागर के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान यह बात कही। बैठक के दौरान राज्य मंत्री द्वारा राज्यपाल को प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्होंने विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ाने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीक एवं नवाचार आधारित प्रणालियों को अपनाने पर भी बल दिया। प्रो. असीम कुमार घोष ने राजेश नागर, जिनके पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का प्रभार भी है, के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की। खाद्य सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने विभाग द्वारा खरीदे गए खाद्यान्न के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पूल में हस्तांतरण तक उसके समुचित भंडारण एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदे गए खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध – राजेश नागर

    राजेश नागर ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं एवं धान सहित विभिन्न खाद्यान्नों की खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का प्रभावी संचालन, पात्र लाभार्थियों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा राज्यभर में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का दायित्व निभा रहा है। बैठक में मंत्री ने राज्यपाल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने तथा आमजन तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की भी जानकारी दी।
  • शीतला माता रोड पर जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे ड्रेनेज सुधार कार्य

    शीतला माता रोड पर जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे ड्रेनेज सुधार कार्य

    ड्रेनेज नेटवर्क में हो रहा सुधार, वर्षा जल निकासी होगी तेज

    ड्रेन की मरम्मत, सफाई , नए इनलेट निर्माण और अवैध सीवर कनेक्शन हटाने का कार्य जारी

    चंडीगढ़: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के संवेदनशील जलभराव क्षेत्रों में शामिल शीतला माता रोड़ पर ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा ड्रेन की गाद निकालकर सफाई , मरम्मत, नए रोड़ इनलेट्स के निर्माण तथा अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी तेज एवं सुचारु हो सके। इस संबंध में जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने बताया कि शीतला माता मंदिर से भगत सिंह चौक की ओर जाने वाले लगभग 900 मीटर लंबे सरफेस ड्रेन की गाद निकालकर पूरी सफाई की गई है और उस हिस्से की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया गया है। गाद और मलबे से अटी इस ड्रेन को सफाई के बाद मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब बारिश का पानी पहले की तुलना में अधिक तेजी से निकलेगा। शीतला माता मंदिर की ओर जाने वाली सड़क के बाईं ओर स्थित मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की भी सफाई और गाद निकालने का कार्य करके उसे सुचारु किया गया है। इसके साथ ही, इस रोड़ पर नए रोड इनलेट्स बनाए जा रहे हैं ताकि सड़क पर जमा वर्षा जल सीधे ड्रेनेज नेटवर्क में पहुंच सके। अतुल कटारिया चौक से शीतला माता मंदिर तक करीब 800 मीटर लंबे हिस्से का उल्लेख करते हुए श्री मीणा ने कहा कि इस हिस्से में भी ड्रेनेज व्यवस्था को सुचारू करने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि पहले इस लगभग 800 मीटर हिस्से की सफाई इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि राजीव नगर तथा आसपास के भवनों का सीवरेज इस स्टॉर्म वाटर ड्रेन में डाला जा रहा था । अवैध सीवर कनेक्शनों के कारण बड़ी मात्रा में गंदगी जमा हो गई थी, जिससे ड्रेन की जल निकासी क्षमता कम हो गई थी। अब उन सभी अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने, ड्रेन की सफाई तथा सतही नालों की मरम्मत एवं बहाली का कार्य किया जा रहा है , ताकि इसे प्रभावी ढंग से मास्टर ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ा जा सके और बरसाती पानी आसानी से बहकर मास्टर ड्रेन में चला जाए। इन सभी कार्यों को पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए इस मानसून सीजन में लोगों को तत्काल राहत देने के लिए शीतला माता रोड पर दो पंप सेट लगाए गए हैं, जो बारिश के समय जमा होने वाले पानी की त्वरित निकासी कर सकें। उन्होंने कहा कि शेष ड्रेनेज सुधार कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा। इनके पूर्ण होने के बाद शीतला माता रोड पर जल निकासी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या में कमी आएगी ।
  • जंतर-मंतर पर सीधा हो गया निंहग सिख, दी खुली चुनौती, देखें वीडियो

    जंतर-मंतर पर सीधा हो गया निंहग सिख, दी खुली चुनौती, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में निहंग भी शामिल हो गए है। निहंग सिंहो को देखकर प्रदर्शनकारियों में बड़ा उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने निहंग को देखकर कहा, “हमारे अंदर जो जान आ गई है ना, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।” वहीं एक निहंग ने कहा कि आपको जब भी हमारी जरूरत पड़ेगी हम आपके साथ हैं। बहुत बढ़िया है कि आप डटे हुए हो। वहीं नौजवान निहंग सिंह ने कहाकि हमने लाठी नहीं चलाई, प्रशासन ने चलाई है। इस दौरान खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हमारे से लाठियां बरसाई गई तो पिछला हिस्सा लाल हो जाएगा।

    जिसके बाद जयकारों के नारे गूजने लगे। नौजवान ने कहा कि वह इंसाफ की लड़ाई लड़ते रहेंगे। अभी लोग एकत्रित नहीं हुए है और हम शांति से प्रदर्शन कर रहे है और करते रहेंगे। अगर जनता लड़ने पर आ गई तो ये पुलिस वाले कुछ नहीं कर पाएंगे, चाहे जितनी मर्जी तोपे और आंसू गैस के गोले बरसा दें। यह सारे पुलिस वाले इस्तीफा देने पर लग जाएगे। वहीं अन्य वीडियो में पुलिस कर्मी निहंग सिंह को शस्त्र उतारने की अपील कर रहा है।

    जिसके बाद नौजवान ने कहाकि वह उनके पीर है और वह इसे उतार नहीं सकते। नौजवान ने कहा कि वह शस्त्र से लड़ने नहीं जा रहे। वह बाहर शांतिमय से छात्रों के समर्थन में आकर प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान अन्य छात्र पुलिस को खरी खोटी सुनाने लग गए। बता दें कि देर रात जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज के दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में शरण ली थी। पुलिस जब उन्हें पीटने के लिए पहुंची तो आंदोलनकारियों ने गुरुद्वारे के अंदर आकर गेट बंद कर दिया। जिस वजह से पुलिस उन्हें नहीं खदेड़ सकी और बाहर ही रुकना पड़ा।

  • अंसल एपीआई के खिलाफ जल्द दर्ज की जाए एफआईआर: Krishan Lal Panwar

    अंसल एपीआई के खिलाफ जल्द दर्ज की जाए एफआईआर: Krishan Lal Panwar

    विकास एवं पंचायत मंत्री ने मासिक बैठक में 11 में से 8 मामलों का किया निपटारा

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अंसल सुशांत सिटी से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अंसल एपीआई के खिलाफ शिकायत के आधार पर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने, कॉलोनी के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को कुरुक्षेत्र में नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एजेंडा के 11 मामलों में से 8 का मौके पर ही निपटारा किया गया। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य शिकायत पर बिजली विभाग को स्पेशल एस्टीमेट बनाकर 33 केवी लाइन को घरों के ऊपर से बदलने के निर्देश दिए। जिन घरों के ऊपर से बिजली की 33 केवी लाइन निकली हुई है उन्हें हर समय हादसे का अंदेशा रहता है। कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य की शिकायत की सुनवाई करते हुए कहा कि जिन नागरिकों की भूमि का हिस्सा गांव की फिरनी, प्राथमिक स्वास्थय केंद्र या अन्य सार्वजनिक स्थलों के अंतर्गत आ गया है, उसके बदले पंचायत भूमि से समकक्ष भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव तैयार कर विकास एवं पंचायत विभाग को भेजा जाए।  
  • सुचेतक रंगमंच ने ‘वकत तैनू सलाम है’ नाटक के साथ टैगोर थिएटर में रंग जमाया

    सुचेतक रंगमंच ने ‘वकत तैनू सलाम है’ नाटक के साथ टैगोर थिएटर में रंग जमाया

    सामाजिक विषयों पर आधारित ऐसे नाटक अंधविश्वासों से ऊपर उठने का संदेश देते हैं : बाल मुकंद शर्मा

    चंडीगढ़: थिएटर ग्रुप ‘सुचेतक रंगमंच’ द्वारा टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ में पंजाबी नाटक ‘वकत तैनू सलाम है’ का मंचन किया गया। नाटक को उसके मजबूत सामाजिक संदेश और मार्मिक अभिनय के लिए दर्शकों ने खूब सराहा। यह नाटक सी.टी. खानोलकर के प्रसिद्ध नाटक का पंजाबी रूपांतरण है। इस प्रस्तुति के दौरान देश भगत विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. जोरा सिंह और देश भगत विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. तजिंदर कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा और बोटैनिक हेल्थकेयर के डॉ. गौरव सोनी, समुदाय के कई अन्य गणमान्य लोगों के साथ अतिथियों के रूप में उपस्थित थे। बाल मुकंद शर्मा ने नाटक, उसके निर्देशक और कलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सामाजिक विषय पर आधारित ऐसे नाटक न केवल अंधविश्वासों से ऊपर उठने का संदेश देते हैं, बल्कि जीवन को व्यावहारिक रूप से जीने के लिए भी प्रेरित करते हैं। अनीता शब्दीश द्वारा निर्देशित और पंजाबी में अनुवादित इस नाटक ने दर्शकों को अपने रोचक कथानक, आकर्षक अभिनय और सार्थक विषय-वस्तु से बांधे रखा। रंगमंच प्रेमियों, कलाकारों और अतिथियों ने नाटक की भरपूर प्रशंसा की। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. जोरा सिंह ने समाज में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के लिए रंगमंच का सार्थक उपयोग करने हेतु समूह को बधाई दी। प्रबंधकों ने इस शाम को सफल बनाने के लिए मुख्य अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों, मीडिया, समर्थकों और दर्शकों का उनके शानदार स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। सुचेतक रंगमंच ने महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने वाले सार्थक नाटकों का मंचन जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराया।
  • Punjab News: NRI Meet में एक्शन में आए कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत, शिकायतों को लेकर जारी किए निर्देश, देखें वीडियो

    Punjab News: NRI Meet में एक्शन में आए कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत, शिकायतों को लेकर जारी किए निर्देश, देखें वीडियो

    लुधियानाः गुरु नानक देव भवन के सोहण लाल पाहवा ऑडिटोरियम में आयोजित ‘एन.आर.आई. मिलनी-2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. रवजोत सिंह शामिल हुए। जहां उन्होंने कहा कि इस विशेष मिलनी का मुख्य उद्देश्य प्रवासी पंजाबियों की शिकायतों को मौके पर सुनना और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस मिलनी में लुधियाना, संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला जिलों के बड़ी संख्या में प्रवासी पंजाबियों ने हिस्सा लिया। पंजाब के एन.आर.आई. मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में बसने वाले पंजाबियों से जुड़े हर मसले का निपटारा पूरी पारदर्शिता, मेरिट और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार एन.आर.आईज़ की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि एन.आर.आई. विभाग द्वारा हर महीने दो मिलनियां आयोजित की जाती हैं। इनमें से एक ‘फिजिकल मिलनी’ (जिसमें 3-4 जिलों के केस सुने जाते हैं) और दूसरी ‘ऑनलाइन मिलनी’ होती है, ताकि विदेशों में रह रहे पंजाबी भी अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें। उन्होंने बताया कि आज की मिलनी के दौरान लगभग 50 शिकायतें प्राप्त हुईं, जो मुख्य रूप से संपत्ति के विवादों, अवैध कब्जों, कागजी गड़बड़ियों और वैवाहिक मामलों से संबंधित थीं।

    विभाग को हर साल लगभग 5,000 से 6,000 शिकायतें मिलती हैं, जिनमें से अधिकतर का निपटारा आपसी सहमति या कानूनी प्रक्रिया से कराया जाता है। डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि जिन मामलों में देरी हो रही है या सुनवाई धीमी है, उनकी वे खुद नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के स्पष्ट निर्देश हैं कि एन.आर.आईज़ की शिकायतों पर किसी भी स्तर पर लापरवाही या गैर-ज़रूरी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    इस अवसर पर एन.आर.आई. मामलों के सचिव मोहम्मद तय्यब, कमिश्नर जालंधर डिवीजन रामवीर, विशेष सचिव एन.आर.आई. श्रीमती अमनदीप कौर, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, ए.आई.जी. अजिंदर सिंह, ए.डी.सी.पी. रमनदीप सिंह भुल्लर, ए.डी.सी. अमित बैंबी, एस.डी.एम. जसलीन कौर भुल्लर, मुख्यमंत्री फील्ड ऑफिसर तुषिता गुलाटी सहित चारों जिलों के सिविल व पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • भगवंत मान सरकार की ‘मांवां धीयां सत्कार योजना’ 100 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को भी दे रही सम्मान और आर्थिक संबल

    भगवंत मान सरकार की ‘मांवां धीयां सत्कार योजना’ 100 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को भी दे रही सम्मान और आर्थिक संबल

    मैं यह राशि अपनी बेटियों पर ख़र्च करूँगी और अपने लिए ‘हियरिंग एड’ खरीदूँगी: भरपूर कौर, 109 वर्षीय लाभार्थी

    चंडीगढ़: पंजाब की सौ वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए भगवंत मान सरकार द्वारा ‘माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है। यह उनके जीवन की संध्या बेला में सम्मान, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का एक नया आधार है। इन महिलाओं में से कई चलने-फिरने में असमर्थ हैं , तो किसी को ठीक से सुनाई नहीं देता या कोई ठीक से बोल पाने में असमर्थ है। फिर भी, सौ वर्षों का पड़ाव पार कर चुकी ये महिलाएँ इस बात को भली-भांति समझती हैं कि उन्हें मिलने वाली यह राशि उनकी अपनी है और वे इसे अपनी इच्छा के अनुसार ख़र्च कर सकती हैं। अपने इस अधिकार का एहसास ही उन्हें गहरा संतोष देता है। कई लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी सबसे पहले अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मिली।वे इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहती थीं; इसलिए उन्होंने अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को मनाया, ताकि वे उनके साथ निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र पहुंच कर आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर सकें। उनके लिए यह सहायता इसलिए भी अधिक महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें वृद्धावस्था या विधवा पेंशन के अतिरिक्त मिल रही है। संगरूर की 109 वर्षीय भरपूर कौर ने अपनी पड़पोते की पत्नी की सहायता से आवेदन प्रक्रिया पूरी की और अब उसी की मदद से बैंक से राशि निकालती हैं। उन्होंने यह पैसा अपने बटुए में संभालकर रखा है।वे कहती हैं, “मैं इस पैसे का एक हिस्सा अपनी बेटियों पर ख़र्च करूँगी, जिनकी उम्र भी अब पचास वर्ष से अधिक है, और बाकी राशि से अपने लिए सुनने की मशीन खरीदूँगी। मुझे सुनने में कठिनाई होती है, लेकिन इसके अलावा मैं पूरी तरह स्वस्थ हूँ। आज भी घर का सारा काम स्वयं कर लेती हूँ। मुझे घुटनों का दर्द या कोई अन्य बीमारी नहीं है। आज तक किसी सरकार ने ऐसा काम नहीं किया।” कोटकपूरा की 110 वर्षीय मुख्तियार कौर को भी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्हें सुनने में कठिनाई होती है, लेकिन वे बोलती स्पष्ट रूप से हैं और बताती हैं कि उन्होंने यह राशि घर-गृहस्थी की आवश्यकताओं पर ख़र्च की। वे कहती हैं, “मैंने पहले कभी किसी सरकार को पंजाब की महिलाओं को इतना सम्मान देते नहीं देखा।” फरीदकोट की 102 वर्षीय जसमेल कौर ने अपना अधिकांश जीवन परिवार की देखभाल में बिताया है। उन्हें मिली सहायता राशि का उपयोग भी उन्होंने परिवार की भलाई के लिए ही किया। वे कहती हैं, “मैं कुछ पैसा आपनी दवाई-बूटी ते खर्च कीता ते कुछ पैसा आपने जवाई दे इलाज वास्ते आपनी बेटी नूँ दे दित्ता।(मैंने कुछ पैसे अपनी दवाइयों पर ख़र्च किए और कुछ पैसे अपने दामाद के इलाज के लिए अपनी बेटी को दिए।” मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, “मुझे ख़ुशी है कि भगवंत मान सरकार महिलाओं का इतना ध्यान रख रही है।” वे कहती हैं, “इस उम्र में पैसा आपका सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। हर काम के लिए इसकी ज़रूरत पड़ती है। अब तो साँस लेना भी कठिन लगता है।” मोगा की 102 वर्षीय प्रीतम कौर बेहद कमज़ोर हैं और उन्हें सुनने में भी कठिनाई होती है। उम्र के कारण वह बहुत कम बोल पाती हैं, इसलिए उनके पुत्र सिकंदर सिंह बताते हैं कि 3,000 रुपये की इस सहायता ने उनकी माँ का जीवन कुछ आसान बना दिया है। परिवार ने इस राशि से उनके लिए एक व्हीलचेयर खरीदी, जिससे अब वे घर के भीतर आसानी से आ-जा सकती हैं। शेष राशि उनकी दवाइयों पर ख़र्च की गई। प्रीतम कौर के लिए यह सहायता उनके दैनिक जीवन को पहले की तुलना में अधिक सहज बनाने का माध्यम बनी है। 102 वर्षीय अंग्रेज कौर भी इस योजना से बेहद प्रसन्न हैं। उन्हें सुनने में कठिनाई होती है, लेकिन उनका उत्साह देखते ही बनता है। वह पूरे आत्मविश्वास से कहती हैं, “मैं ताँ आपने कोल रखाँगी एह पैसा, जित्थे दिल करेगा ओथे ही ख़र्च करांगी। (यह पैसा मैं अपने पास रखूँगी। जहाँ मेरा मन करेगा, वहीं इसे ख़र्च करूँगी।)” उन्होंने इस राशि से अपनी दवाइयाँ खरीदीं, अपने लिए नया सूट लिया और कुछ पैसे अपनी पोती पर भी ख़र्च किए। 102 वर्ष की आयु में भी उनका यह स्नेह और उदारता दूसरों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। इन महिलाओं की बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ , शारीरिक सीमाएँ और विपरीत परिस्थितियों में भी उनका शांत धैर्य, ‘माँवां धीयां सत्कार योजना’ के महत्त्व को और अधिक बढ़ाता है। इन सौ वर्षों से अधिक आयु की महिलाओं के लिए यह वित्तीय सहायता केवल उनके बैंक ख़ाते में जमा होने वाली राशि नहीं है, बल्कि उनके गरिमापूर्ण जीवन को दिया गया सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता का संबल और इस बात का प्रमाण है कि समाज और सरकार की नज़र में आज भी उनका महत्त्व बना हुआ है। अपने शांत और प्रेरणादायक जीवन से ये महिलाएँ यह संदेश देती हैं कि सम्मान, गरिमा और अपने निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता जीवन के हर पड़ाव पर अनमोल होती है।
  • फेडरेशन कप में हिमाचल की शानदार सफलता, रोलर हॉकी टीम उपविजेता तो इनलाइन हॉकी टीम ने जीता कांस्य

    फेडरेशन कप में हिमाचल की शानदार सफलता, रोलर हॉकी टीम उपविजेता तो इनलाइन हॉकी टीम ने जीता कांस्य

    चंडीगढ़ में आयोजित फेडरेशन कप में प्रदेश के खिलाड़ियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

    बद्दी, सचिन बैंसल : चंडीगढ़ में 17 से 19 जुलाई तक आयोजित फेडरेशन कप रोलर एवं इनलाइन हॉकी प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की रोलर हॉकी टीम ने उपविजेता (दूसरा स्थान) हासिल किया, जबकि इनलाइन हॉकी टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक अपने नाम किया। इनलाइन हॉकी टीम में अजय, अमित, अनीश, माणिक, मोक्ष, जितेन्द्र, यशपाल, मंजू, शेरी और मयूर सहित खिलाड़ियों ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। वहीं रोलर हॉकी टीम में कुणाल, चन्दन, अमरजोत, मनवीश, रोहन और पार्थ ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए टीम को दूसरा स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश रोलर स्केटिंग हॉकी एसोसिएशन के ट्रेजरर मिथुन राणा तथा जनरल सेक्रेटरी जतिन कुमार ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि दयाकरण सिंह एवं रणजीत सिंह ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए हॉकी जर्सियों का प्रायोजन (स्पॉन्सर) कर उनका उत्साहवर्धन किया, जिसके लिए एसोसिएशन ने उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही उम्मीद जताई कि भविष्य में भी खिलाड़ियों को इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
  • हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम, विद्यार्थी और शिक्षकों को एक्सपोजर विजिट पर भेजेंगेः CM Sukhu

    हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम, विद्यार्थी और शिक्षकों को एक्सपोजर विजिट पर भेजेंगेः CM Sukhu

    मुख्यमंत्री ने बी.टेक. एआई पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वविद्यालय में नए युग के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। राज्य सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था करेगी, जिसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज जैसी आधुनिक तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना होगा। राज्य सरकार इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयासरत है।विश्वविद्यालय में बी.टेक. एआई पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में उन्होंने अपने जीवन के आठ वर्ष बिताए हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। इस विश्वविद्यालय ने उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर दिया और इस संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने के उपरान्त वह मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह भी इसी संस्थान से जुड़े हैं। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की पूरे देश में सराहना हो रही है और इसके पूर्व छात्र देश और प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी उल्लेखनीय सेवाएं दे रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए। वर्ष, 2021 में केंद्र सरकार के एक सर्वेक्षण में शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। पिछली भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से खोले गए लगभग 500 शैक्षणिक संस्थानों को वर्तमान सरकार ने बंद करने का निर्णय लिया और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया। राज्य सरकार ने पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल तथा एक्सपोजर विजिट जैसी योजनाएं शुरू की हैं। प्रदेश में 150 से अधिक नए सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं जिन्हें सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पहले जहां विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर पलायन कर रहे थे, वहीं अब सरकारी स्कूलों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी सुधार की आवश्यकता है और विश्वविद्यालयों को रोजगारोन्मुखी तथा आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी एक्सपोजर विजिट का अनुभव दिया जाएगा। राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी सुदृढ़ बनाने को प्राथमिकता दे रही है। हिमाचल के लोग हर वर्ष उपचार के लिए प्रदेश से बाहर लगभग 1,000 करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इस स्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से सरकार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की पुरानी मशीनों और तकनीक को अत्याधुनिक मशीनों से बदल रही है तथा प्रदेश में एम्स, दिल्ली के समान आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के चार चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसमें प्रति सर्जरी लगभग 1.25 लाख रुपये खर्च आता है और राज्य सरकार इस पर 80 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएंगी। सरकार की इन पहलों से हिमाचल स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। दिल्ली में हिमाचल भवन का निर्माण कार्य लगभग एक माह में पूरा हो जाएगा। इससे दिल्ली में प्रदेश के विद्यार्थियों तथा अन्य लोगों को किफायती दरों पर रहने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय तथा 6.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक ई-संसाधनों और शोध सामग्री उपलब्ध होगी, जबकि लीगल स्टडीज संस्थान में गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। विश्वास व्यक्त किया कि ये नई सुविधाएं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर को और ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक साबित होंगी। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वह शिक्षा में आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप विश्वविद्यालय में पांच नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी विभागों को इन केंद्रों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विश्वविद्यालय ने आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. विजय कुमार स्टोक्स, डॉ. राज बहादुर, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।