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  • 1000 ई-बसें व 100 हाईड्रोजन बसें खरीदेंगे: मुख्यमंत्री

    1000 ई-बसें व 100 हाईड्रोजन बसें खरीदेंगे: मुख्यमंत्री

    सीएम ने 297 ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    शिमलाः मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिले के क्यारीघाट में 297 नई टाइप-एक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाकर हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के विभिन्न डिपुओं के लिए रवाना किया, जो हिमाचल प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। इन इलेक्ट्रिक बसों से न केवल लोगों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि यह स्वच्छ, हरित, आधुनिक एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इस अवसर पर ‘हिमबस प्लस कार्ड’ का भी शुभारंभ किया गया, जो प्रदेश में डिजिटल एवं स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक, शांत एवं प्रदूषण-मुक्त यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा। इनके संचालन से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी, परिचालन लागत घटेगी तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। राज्य सरकार ने इनके निर्बाध संचालन के लिए विभिन्न बस डिपुओं में आधुनिक चार्जिंग अवसंरचना विकसित की है तथा ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।

    सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल बेहतर परिवहन उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हिमालय, स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करना भी है। इलेक्ट्रिक बसों का यह विस्तार इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।

    उन्होंने कहा कि ‘हिमबस प्लस कार्ड’ के माध्यम से हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम अपने यात्रियों को एक आधुनिक, डिजिटल एवं कैशलेस यात्रा अनुभव प्रदान करने जा रहा है। इस कार्ड के माध्यम से सामान्य यात्रियों को बस किराए में 5 प्रतिशत तथा वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत तक की रियायत प्राप्त होगी। साथ ही यात्रियों को उनके मासिक परिवहन निगम उपयोग के आधार पर 2000 रुपये प्रति माह तक कैशबैक का लाभ भी मिलेगा।

    पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन इलेक्ट्रिक बसों के साथ ही अब हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 500 हो गई है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों से काफी किफायती होती हैं। इलेक्ट्रिक बसों पर स्टाफ सहित अन्य खर्च 36 से 38 रुपये प्रति किलोमीटर आता है जबकि डीजल बसों पर 76 से 86 रुपये प्रति किलोमीटर व्यय होता है। इन इलेक्टिक बसों के निगम के बेड़े में आने से 40 से 50 रुपये प्रति किलोमीटर की बचत सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार परिवहन निगम को आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष 1000 और इलेक्ट्रिक बसें खरीद रही है तथा आने वाले समय में टेंडर हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार 100 हाईड्रोजन बसों को भी खरीदने पर विचार कर रही है ताकि प्रदेश के प्रकृति एवं वातावरण को जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुक्सान को बचाया जा सके तथा हिमाचल प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बने।

    उन्होंने कहा कि हमने पहले बजट में ही प्रदेश को हरित राज्य बनाने की परिकल्पना की थी तथा प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अब इलेक्ट्रिक बसों में नई प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी इलेक्ट्रिक बसें प्रति चार्ज 200 किलोमीटर चल रही है तथा आने वाली बसों में प्रति चार्ज 250 से 300 किलोमीटर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इन बसों को सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है तथा निगम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में निगम के कर्मचारियों एवं पैंशनरों को दो महीने तक वेतन और पैंशन नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अपने कर्मचारियों एवं पैंशनरों को समय पर वेतन एवं पैंशन प्रदान कर रही है।

    सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार का ध्येय वर्ष 2027 तक प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से 1952 से 2026 तक आरडीजी मिल रही थी, जो प्रतिवर्ष 8000 से 10000 करोड़ रुपये थी। परन्तु 16वें वित्तायोग से भाजपा ने आरडीजी को बंद करवा कर प्रदेश के लोगों के साथ धोखा किया है। परन्तु वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष आपदा के लिए घोषित किए गए 1500 करोड़ रूपये के लिए भी भाजपा नेता प्रधानमंत्री से नहीं मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश की सम्पदा को लुटाया है तथा नालागढ़ बद्दी में 5000 बीघा की जमीन 1 करोड़ रूपये में बिना रजिस्ट्रेशन फीस के कस्टमाइड पैकेज के आधार पर बडे़-बडे़ उद्योगपतियों के नाम कर दी।

    वर्तमान सरकार ने प्रदेश की सम्पदा को बचाया है तथा 421 करोड़ रुपये वाइल्ड फलॉवर हॉल से लिये तथा 150 करोड़ रुपये जेडब्ल्यूएस से लिए हैं। उन्होंने कहा कि किशाऊ विद्युत परियोजना से 1000 करोड़ रुपये की आय होगी तथा हिमाचल प्रदेश ने हरियाणा से किशाऊ परियोजना पर हस्ताक्षर करने के लिए  2011 से बीबीएमबी के एरियर को जारी करने की शर्त लगाई है। अगर किशाऊ परियोजना पर समझौता ज्ञापन नहीं हुआ तो पड़ोसी राज्य प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी फैसला होने के बावजूद पड़ोसी राज्यों द्वारा एरियर नहीं दिया जा रहा है। यह प्रदेश के लोगों का अधिकार है तथा हम इसे लेकर ही रहेंगे।

    इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरदीप बावा तथा कुलदीप राठौर, कांग्रेस नेता शिव कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार (अधोसंरचना) अनिल कपिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव औंकार चंद शर्मा, हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • शुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयल

    शुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयल

    80.35 करोड़ रुपये की लागत से 137.13 किलोमीटर नहरों, रजबाहों और सब-माइनरों का नवीनीकरण तथा 53.9 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गईं

    चंडीगढ़/पातड़ां: पंजाब के जल संसाधन तथा भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज शुतराना विधानसभा क्षेत्र के गांव बूटा सिंह वाला और बादशाहपुर में नहरी सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शुतराना के विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर भी उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एवं जल संसाधन मंत्री  बरिंदर कुमार गोयल का किसानों को यह बड़ा तोहफा देने के लिए धन्यवाद किया।

    बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को अधिक से अधिक नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शुतराना हलके में 80.35 करोड़ रुपये की लागत से 137.13 किलोमीटर नहरों, रजबाहों और सब-माइनरों का नवीनीकरण किया गया है, जिससे 56 गांवों की लगभग 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध होगा।

    उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत दो नहरों तथा 14 माइनरों एवं सब-माइनरों का नवीनीकरण किया गया है। इसके अतिरिक्त 53.9 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं, जिन पर 8.89 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन पाइपलाइनों के माध्यम से 18 गांवों की लगभग 9,302 एकड़ भूमि को नहरी पानी की सुविधा मिलेगी।

    गोयल ने बादशाहपुर में घग्गर तटबंध के सुदृढ़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया तथा बताया कि ड्रेनेज विभाग ने घग्गर नदी के किनारे, जहां कटाव की आशंका थी, वहां लगभग 1000 फुट क्षेत्र में 2.46 करोड़ रुपये की लागत से पत्थर एवं जाली लगाकर तटबंध को मजबूत किया है। पत्रकारों के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार ड्रेनेज विभाग ने पिछले वर्ष घग्गर तटबंधों को मजबूत करने के लिए जो कार्य किए, वे पिछले 50 वर्षों में कभी नहीं हुए। इसी कारण गत वर्ष घग्गर नदी में अत्यधिक जल प्रवाह होने के बावजूद कहीं भी तटबंध नहीं टूटा। उन्होंने बताया कि बादशाहपुर में भी खनौरी की तर्ज पर गेज लगाया जाएगा तथा बाढ़ से बचाव के सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कार सेवा, स्थानीय लोगों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर ने कहा कि कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल तीसरी बार शुतराना हलके में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने आए हैं तथा पंजाब सरकार ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि घग्गर के पार स्थित गांवों तक भी यह सुविधा पहुंचाई जाएगी। इन परियोजनाओं से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।

    कुलवंत सिंह बाजीगर ने पंजाब सरकार एवं जल संसाधन विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में किसान हितैषी निर्णयों को लगातार धरातल पर लागू किया जा रहा है।

    इस अवसर पर पूर्व विधायक वनिंदर कौर लूंबा, ड्रेनेज विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रजिंदर घई, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुनदीप सिंह, आकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान, क्षेत्रवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों की आम चुनाव -2026 की रिपोर्ट प्राप्त की

    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों की आम चुनाव -2026 की रिपोर्ट प्राप्त की

    स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की सराहना की

    शिमलाः राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन में राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची से हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों की आम चुनाव- 2026 की रिपोर्ट प्राप्त की। यह रिपोर्ट मई 2026 में आयोजित पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के आम चुनावों से संबंधित है। इस रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया की कार्य योजना, तैयारियों और संचालन का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें चुनावों के सफल आयोजन से जुड़े प्रशासनिक उपायों, महत्त्वपूर्ण व्यवस्थाओं, विभिन्न चुनौतियों और प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया है।

    राज्यपाल ने स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की सराहना की। उन्होंने विस्तृत रिपोर्ट के प्रकाशन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, प्रशासकों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में कार्यरत एवं आम नागरिकों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज साबित होगा।

    राज्यपाल ने कहा कि सशक्त, उत्तरदायी और जवाबदेह संस्थाएं जीवंत लोकतंत्र की आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों का सफल आयोजन हिमाचल प्रदेश की जनता, राजनीतिक दलों और चुनाव से संबंधित अधिकारियों की लोकतांत्रिक मूल्यों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे समावेशी विकास और जनकल्याण के प्रति समर्पण, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    रिपोर्ट में समयबद्ध चुनाव करवाने के लिए की गई तैयारियों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। इसमें राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ समन्वय, ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों का परिसीमन, मतदाता सूचियों की तैयारी और पुनरीक्षण तथा आयोग द्वारा विभिन्न कानूनी मामलों के समाधान की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय और भारत के सर्वाेच्च न्यायालय में हुई न्यायिक कार्यवाहियों का भी विवरण शामिल है, जिनके बाद चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।

    रिपोर्ट के अनुसार, परिसीमन के बाद राज्य की स्थानीय शासन व्यवस्था का दायरा बढ़ा है। वर्ष 2021 में ग्राम पंचायतों की संख्या 3,615 थी, जो 2026 में बढ़कर 3,758 हो गई। इसी प्रकार पंचायत समितियों की संख्या 81 से बढ़कर 92 हो गई है। शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायतों की संख्या 27 से बढ़कर 39 तथा नगर निगमों की संख्या पांच से बढ़कर आठ हो गई है।

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राज्य में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है और वर्ष 2026 में यह 54.55 लाख पहुंच गई। पंचायती राज चुनावों में लगभग 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में 70.14 प्रतिशत मतदान हुआ। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की मजबूत भागीदारी का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी सैमिनार में स्वस्थ भोजन पर दिया जोर

    स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी सैमिनार में स्वस्थ भोजन पर दिया जोर

    शुद्ध भोजन स्वस्थ समाज की नींव: डॉ. बलबीर सिंह

    चंडीगढ़/पटियाला: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज होटल शौर्या में “रंगला पंजाब हमारी साझा जिम्मेदारी—सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य, अच्छे स्वास्थ्य का आधार” विषय पर आयोजित फूड सेफ्टी सैमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह सेमिनार डिप्टी कमिश्नर पटियाला, सिविल सर्जन कार्यालय और फूड सेफ्टी विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।

    सैमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि “जैसा अन्न, वैसा मन” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, उसी प्रकार सुरक्षित, पौष्टिक और मानक गुणवत्ता वाला खाद्य भी स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान द्वारा सृजित किए जा रहे ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए लोगों में स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता पैदा करना समय की प्रमुख आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ऐसे जागरूकता सैमिनार लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस सैमिनार में कृषि विश्वविद्यालय, गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासू) के विशेषज्ञों तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि ये संस्थान आपसी तालमेल से नई पीढ़ी को रसायन-मुक्त और जैविक खाद्य के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जैविक खेती करने वाले किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से परहेज करते हैं, जिससे स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण अनाज तैयार होता है।

    डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक प्राकृतिक और जैविक खाद्य अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की नींव सुरक्षित भोजन पर ही टिकी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड बिजनेस ऑपरेटरों और खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं की नियमित जांच की जाती है ताकि लोगों को मानक गुणवत्ता वाला और सुरक्षित खाद्य उपलब्ध हो सके तथा किसी भी प्रकार की मिलावट या गैर-मानक खाद्य को रोका जा सके।

    इस अवसर पर फूड सेफ्टी कमिश्नर कनवरप्रीत बराड़, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नवरीत कौर सेखों, डीन सी.ओ.सी.एस. किरण बैंस, वीसी.पी.ए.यू. डॉ. एस.एस. गोसल, वी.सी. गडवासू जे. एस. गिल, पिंगलवाड़ा से राजवीर सिंह, एन.जी.ओ. मिस प्रगति, ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर गुरमीत सिंह, खेती विरासत मिशन के उमेंद्र दत्त, सरपंच कनसुआ हरप्रीत सिंह, सी.ई.ओ. चेयर्स फूड एंड बेवरेजेस हरेंद्र पाल सिंह लांबा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, सिविल सर्जन डॉ. शेली जेटली, विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ, किसान तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • हिमबस प्लस कार्ड से लाभान्वित होंगे सभी श्रेणियों के यात्रीः मुकेश अग्निहोत्री

    हिमबस प्लस कार्ड से लाभान्वित होंगे सभी श्रेणियों के यात्रीः मुकेश अग्निहोत्री

    शिमलाः उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण, सतत एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उप-मुख्यमंत्री ने आज सोलन जिला के क्यारीघाट में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के साथ एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की गई 297 इलेक्ट्रिक बसों को झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में निगम 1,000 इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा। इन 297 नई बसों के शामिल होने से निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या बढ़कर 507 हो गई हैं।

    उन्होंने कहा कि ‘हिमबस प्लस कार्ड’ की शुरुआत सभी श्रेणियों के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। यह स्मार्ट कार्ड एचआरटीसी की विभिन्न यात्रा रियायत योजनाओं एवं कार्डों के लाभों को एक ही कार्ड में समाहित करेगा। यह कार्ड मात्र 365 रुपये के वार्षिक सदस्यता शुल्क पर उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो तथा पंजाब और हरियाणा की बस सेवाओं में भी किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों की यात्रा और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगी।
    अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की गई नई इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल प्रदेश के दुर्गम एवं पहाड़ी मार्गों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। भविष्य में केवल 47-सीटर श्रेणी की डीजल बसों की ही खरीद की जाएगी, जबकि राज्य में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले 12 वर्षों तक कम्पनी द्वारा इन बसों का रखरखाव किया जाएगा।

    उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एचआरटीसी के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार प्रयास कर रही है कि प्रत्येक माह की पहली तारीख को कर्मचारियों का वेतन तथा प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली से एचआरटीसी के 9,099 कर्मचारियों को लाभ मिला है, जिससे उनका भविष्य अधिक सुरक्षित हुआ है।

    अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में एचआरटीसी में 686 नई भर्तियां की गई हैं, जबकि 2,198 अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों एवं पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति, ओवरटाइम भत्ता, रात्रि ड्यूूटी भत्ता, महंगाई भत्ता तथा अन्य लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जून, 2026 तक के सभी चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का निपटारा कर दिया गया है तथा 12 माह से लंबित ओवरटाइम एवं रात्रि ड्यूटी भत्ते का भुगतान भी अगले दो-तीन दिनों में कर दिया जाएगा।

    उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों को डीसीआरजी तथा अर्जित अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट) के रूप में लगभग 172 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके साथ ही 1,155 नए पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को लगभग 23 करोड़ रुपये की पेंशन एरियर राशि जारी की गई है। साथ ही 65, 70 और 75 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं।

    अग्निहोत्री ने एचआरटीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि वे एक परिवार की तरह कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी लोगों को निर्बाध परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार निगम और उसके कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा उनके कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप एचआरटीसी के बेड़े में 297 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से 40 नई इलेक्ट्रिक बसें सोलन जिले को आवंटित की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा एवं परिवहन अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में विस्तार करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे एचआरटीसी की परिचालन लागत में कमी आएगी तथा यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सतत सार्वजनिक परिवहन की दिशा में निगम की यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    इस अवसर पर एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सुभाष बरमानी, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेश बाबू, निदेशक परिवहन नीरज शर्मा, एचआरटीसी बोर्ड के सदस्य छत्र सिंह, निशांत ठाकुर, प्रदीप सूर्या, अजय वर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • हिमाचल का इतिहास, अर्थव्यवस्था, बोलियां, राजनीति और व्यंजन छठी से आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में होेंगे शामिलः रोहित ठाकुर

    हिमाचल का इतिहास, अर्थव्यवस्था, बोलियां, राजनीति और व्यंजन छठी से आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में होेंगे शामिलः रोहित ठाकुर

    शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित बैठक में छठी से आठवीं कक्षा की पुस्तकों में बदलाव एवं सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इन पुस्तकों में हिमाचल प्रदेश से संबंधित भौगोलिक, सामाजिक, ऐतिहासिक, लोक सांस्कृतिक मूल्यों, अर्थ-व्यवस्था और राजनीति आदि महत्त्वपूर्ण मुद्दों को छठी, सातवीं एवं आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर गहनता से विचार विमर्श किया गया।

    रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के प्रागैतिहासिक काल से लेकर हिमाचल के निर्माण तक, यहां की बोलियों, व्यंजनों, स्वतंत्रता सेनानियों, कारगिल विजेताओं, सैनिकों, हिमाचल के समक्ष चुनौतियां, अर्थव्यवस्था, राजनीति आदि विषयों पर रोचक जानकारी एवं तथ्यों का किताबों में समावेश किया जाएगा। इस जानकारी को एक माह के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि इन्हें शीघ्र प्रकाशित किया जा सके। शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नए पाठ्यक्रम की इन किताबों को स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर आधारित जानकारी और तथ्यों को जानने से विद्यार्थियों में विशलेष्णात्मक सोच और गहराई से जानने की जिज्ञासा जागृत होगी तथा भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सहायक सिद्ध होगी।
    शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में छठी से आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव और सुधार के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जिसकी नियमित अंतराल में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस कमेटी में शिक्षा सचिव, हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड और एससीईआरटी के प्रतिनिधि तथा सहायक प्रो. आदि शामिल हैं। बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, राज्य परियोजना निदेशक सम्रग शिक्षा राजेश शर्मा, सचिव शिक्षा बोर्ड अंकुश शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा सुनिता सिंह और प्रिंसिपल एससीईआरटी डॉ. रितु शर्मा सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • बागवानी विभाग में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए: मोहिंदर भगत द्वारा अधिकारियों को निर्देश

    बागवानी विभाग में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए: मोहिंदर भगत द्वारा अधिकारियों को निर्देश

    कैबिनेट मंत्री द्वारा बागवानी विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने आज चंडीगढ़ में बागवानी विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मोहिंदर भगत ने कहा कि विभाग में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध होने से सरकार की जनकल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा तथा बागवानों को समय पर बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए।

    बैठक के दौरान सचिव बागवानी अरशदीप सिंह थिंद तथा निदेशक बागवानी मनीष कुमार ने कैबिनेट मंत्री को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, विकास कार्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री ने विभाग की परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को बागवानी क्षेत्र से जोड़ने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए उनसे निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए।

  • पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने नीट, जेईई परीक्षाओं के शानदार परिणामों के लिए 300 से अधिक प्राचार्यों को किया सम्मानित

    पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने नीट, जेईई परीक्षाओं के शानदार परिणामों के लिए 300 से अधिक प्राचार्यों को किया सम्मानित

    पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की नई गाथा लिख रहे हैं पंजाब के सरकारी स्कूल: हरजोत सिंह बैंस

    चंडीगढ़: राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में प्राचार्यों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और समर्पण को प्रोत्साहित करने तथा सम्मानित करने के उद्देश्य से पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस तथा दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज सरकारी स्कूलों के 300 से अधिक प्राचार्यों को सम्मानित किया, जिनके विद्यार्थियों ने पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) पहल के अंतर्गत जेईई (मेन), जेईई (एडवांस्ड) और नीट यूजी-2026 परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं।

    एस.ए.एस. नगर (मोहाली) स्थित मोहाली क्लब में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब के सरकारी स्कूलों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल की है। 361 विद्यार्थियों ने जेईई (मेन)-2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35.2 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही 64 विद्यार्थियों ने जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो वर्ष-दर-वर्ष 45.5 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।”

    शिक्षा मंत्री ने कहा, “पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट यूजी-2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 847 और वर्ष 2024 में 437 थी। केवल दो वर्षों में यह संख्या 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। यह उपलब्धि पंजाब शिक्षा क्रांति के प्रभाव तथा सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सहायता को दर्शाती है।”

    स.बैंस ने बताया कि सरकारी स्कूलों के 10 विद्यार्थियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), 36 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) तथा 90 से अधिक विद्यार्थियों ने देशभर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, “ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब ऐसे विद्यार्थी तैयार कर रहे हैं जो देश की प्रमुख संस्थाओं में प्रवेश पाने में सक्षम हैं।”

    शिक्षा मंत्री ने कहा, “आज पंजाब के शिक्षा मॉडल की पूरे देश में चर्चा हो रही है। यह हमारे शिक्षकों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है। वर्ष 2022 में सरकारी स्कूलों के 80 से भी कम विद्यार्थियों ने इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया था, जबकि आज पूरे पंजाब से 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है।”

    स्कूल प्रमुखों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पिछले चार वर्षों से मेरा यही मानना रहा है कि विद्यार्थियों की सफलता प्राचार्य पर निर्भर करती है। एक अच्छा प्राचार्य किसी जर्जर भवन को भी शिक्षा के मंदिर में बदल सकता है। लेकिन शिक्षा के प्रति प्रेम और समर्पण के बिना सर्वोत्तम नीतियां भी असफल हो जाती हैं और वही स्कूल खंडहर में बदल जाता है।”

    उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने जून 2026 में अमृतसर, बठिंडा, जालंधर और मोहाली में चार बड़े आवासीय कोचिंग शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में शैक्षणिक सत्र, शंकाओं का समाधान, मॉक टेस्ट, मेंटरिंग तथा जेईई और नीट की विशेष तैयारी के माध्यम से 3,000 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया गया। प्राचार्यों को बधाई देते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप और आपका पूरा स्कूल स्टाफ इसी जुनून, समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ पंजाब शिक्षा क्रांति में योगदान देते रहेंगे और पंजाब का गौरव बढ़ाते रहेंगे।”

    जनसभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “केवल इमारत ही स्कूल नहीं होती। सरकार इमारतें बना सकती है, लेकिन शिक्षक ही स्कूल को सीखने और सपनों को साकार करने का स्थान बनाते हैं।”

    उन्होंने कहा कि पंजाब शिक्षा क्रांति केवल सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेषज्ञ कोचिंग, संरचित मार्गदर्शन, निरंतर मूल्यांकन तथा आवासीय कार्यक्रमों के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने पर भी केंद्रित है, जिससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जेईई, नीट तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा, “लाखों विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त करना अब कोई समझौता नहीं रह गया है। यह अब आईआईटी, एनआईटी, मेडिकल कॉलेजों और बेहतर भविष्य की ओर जाने का मार्ग बन गया है।” इस कार्यक्रम में पीडीसी सदस्य अनुराग कुंडू, स्कूल शिक्षा (माध्यमिक) के निदेशक एस.एस. बल्ल तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • संयुक्त निदेशक शिखा नेहरा 35 वर्षों की समर्पित सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त

    संयुक्त निदेशक शिखा नेहरा 35 वर्षों की समर्पित सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त

    चंडीगढ़: सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब की संयुक्त निदेशक शिखा नेहरा आज 35 वर्षों की उल्लेखनीय एवं समर्पित सरकारी सेवा पूरी करने के उपरांत सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह के दौरान राज्य मीडिया प्रमुख बलतेज सिंह पन्नू ने उनके साथ अपने लंबे कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि शिखा नेहरा ने हमेशा निडरता, पूर्ण निष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि वे विभाग की एक अमूल्य संपत्ति रही हैं और उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    मुख्यमंत्री के मीडिया संबंधी ओएसडी अमनजोत सिंह ने शिखा नेहरा को युवा लोक संपर्क अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा नई पीढ़ी के लोक संपर्क पेशेवरों का मार्गदर्शन किया और हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया।

    सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के विशेष सचिव-सह-निदेशक पुनीत गोयल ने उन्हें सेवानिवृत्ति के उपरांत जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी व्यावसायिक कुशलता, मानवीय दृष्टिकोण और उत्कृष्ट सेवाओं को विभाग हमेशा सम्मानपूर्वक याद रखेगा।

    अपने संबोधन में शिखा नेहरा ने वर्ष 1991 में सहायक लोक संपर्क अधिकारी (एपीआरओ) के रूप में विभाग में अपनी नियुक्ति से लेकर आज तक की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विभाग ने विशेष रूप से तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन और प्रगति देखी है। उन्होंने विभाग द्वारा दिए गए इस स्नेहपूर्ण एवं सम्मानजनक विदाई समारोह के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने शिखा नेहरा को उनकी 35 वर्षों की उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया। समारोह में उप सचिव दीपांकर गर्ग, अतिरिक्त निदेशक रणदीप सिंह आहलूवालिया, संयुक्त निदेशक प्रीत कंवल सिंह, ईश्वरिंदर सिंह ग्रेवाल तथा मनविंदर सिंह, उप निदेशक राशिम वर्मा, रुचि कालड़ा, नवदीप सिंह गिल, हाकम थापर, शेरजंग सिंह हुंदल और नरिंदर पाल सिंह जगदेओ सहित विभाग के समस्त पीआरओ, एपीआरओ, जिला लोक संपर्क अधिकारी (डीपीआरओ), अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा शिखा नेहरा के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

     

  • चिट्ठा मुक्त अभियान का कुटलैहड़ की सभी संस्थान बनें भागीदार: विवेक शर्मा

    चिट्ठा मुक्त अभियान का कुटलैहड़ की सभी संस्थान बनें भागीदार: विवेक शर्मा

    ऊना,सुशील पंडित: कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा चलाए जा रहे हिमाचल ‘चिट्ठा नशा मुक्त अभियान को जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाल में चिट्ठा नशे के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक ने स्कूल के विद्यार्थियों एनसीसी की टुकड़ी द्वारा निकाली गई चिट्ठा विरोधी जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने परिवार, गांव और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो प्रदेश का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। बहीं साथ कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विवेक मिंका जिला पार्षद सुमित शर्मा एसएमसी प्रबंधन समिति स्कूल स्टाफ अभिभावक के साथ अन्य पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    विधायक ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालय, सरकारी एवं निजी कर्मचारी, धार्मिक, सामाजिक तथा राजनीतिक संस्थाओं को इस अभियान से जुड़कर समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में कुटलैहड़ क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय में चिट्ठा मुक्त अभियान के तहत जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी,जिनमें स्कूल के विद्यार्थी,शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। उनका कहना कि युवाओं को नशे की ओर नहीं बल्कि शिक्षा, खेल कूद,संस्कृति और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

    कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर स्वच्छ एवं हरित वातावरण का संदेश भी दिया।

    विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में चिट्ठा या अन्य प्रकार का नशा बेचे जाने की जानकारी मिले तो लोग बिना किसी डर के सीधे उन्हें 98160-40054 पर सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा संबंधित मामले में प्रशासन और पुलिस के माध्यम से तुरंत उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।