नई दिल्ली: बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता जयराम रमेश को नोटिस भेजा है। गडकरी ने यह कदम कांग्रेस की तरफ से उनके बयान को गलत ढंग से पेश किए जाने के बाद उठाया है। नोटिस में कहा गया है कि गडकरी के बारे में भ्रम फैलाने वाला वीडियो शेयर किया जा रहा है। नोटिस के मुताबिक, जनता की नजरों में गडकरी के खिलाफ भ्रम, सनसनी फैलाने के इरादे से वीडियो शेयर किया गया है। यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एकजुटता में दरार पैदा करने की नाकाम कोशिश है।
नितिन गडकरी ने नोटिस में 24 घंटे में वीडियो हटाने के लिए कहा है और लिखित माफीनामे की भी मांग की है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के X अकाउंट पर यह वीडियो पोस्ट किया गया, जिसे जयराम रमेश ने री-पोस्ट किया। वीडियो में नितिन गडकरी कहते हुए नजर आ रहे हैं- आज गांव, मजदूर और किसान दुखी है। गांव में अच्छी सड़कें नहीं हैं, पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं है, अच्छे अस्पताल नहीं हैं, अच्छे स्कूल नहीं हैं। कैप्शन में लिखा है- अन्याय का कबूलनामा। इसके तुरंत बाद राहुल गांधी का वीडियो है, जिसमें वे कह रहे हैं आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन कांग्रेस सरकार उन्हें वापस लौटाएगी। गडकरी के मुताबिक कांग्रेस ने वीडियो से उन हिस्सों को काट दिया है, जहां उन्होंने बताया कि कितने प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने खड़गे-जयराम रमेश को भेजा नोटिस , जानें मामला
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