डेली संवाद, जालंधर/फगवाड़ा। Jalandhar RTI Activist Simranjit Singh Murder Case: पंजाब के चर्चित RTI एक्टिविस्ट और एडवोकेट सिमरनजीत सिंह की शनिवार सुबह फगवाड़ा में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के लॉ गेट के पास हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली उनके सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिमरनजीत के ममेरे भाई शरणदीप को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पैसों के लेनदेन और आपसी विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7 बजे सिमरनजीत सिंह को एक फोन कॉल आई थी। इसके बाद वह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी में घर से निकल गए। परिवार को उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कहां जा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से वह हमेशा अपना लाइसेंसी पिस्टल साथ रखते थे और उस दिन भी हथियार उनके पास मौजूद था।
सुरक्षाकर्मी साथ नहीं था
परिवार के अनुसार, सिमरनजीत को सुरक्षा के लिए दो गनमैन मिले हुए थे, लेकिन उनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे शुरू होती थी। चूंकि सिमरनजीत इससे पहले ही घर से निकल गए थे, इसलिए उस समय कोई सुरक्षाकर्मी उनके साथ नहीं था। इस कारण वह अकेले ही फगवाड़ा पहुंचे।
पुलिस जांच के मुताबिक, सिमरनजीत LPU के लॉ गेट के नजदीक एक अपेक्षाकृत सुनसान इलाके में पहुंचे, जहां कई खाली प्लॉट भी मौजूद हैं। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि सिमरनजीत ने भी अपने लाइसेंसी पिस्टल से जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन गोली लगने के कारण वह हथियार चला नहीं सके और जमीन पर गिर पड़े।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पास के एक घर में काम कर रहे मजदूर ने सबसे पहले उन्हें जमीन पर पड़ा देखा और मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक पिस्टल, दो मोबाइल फोन मिले
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से सिमरनजीत की फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक पिस्टल, दो मोबाइल फोन और एक खाली खोल बरामद किया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में भेज दिया गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मामले की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर सिमरनजीत के ममेरे भाई शरणदीप को फगवाड़ा बाईपास क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच काफी समय से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस का मानना है कि इसी विवाद ने हत्या का रूप ले लिया। हालांकि जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित पहलुओं को भी खंगाल रही है।
पहले भी हो चुका था हमला
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं था जब सिमरनजीत सिंह पर हमला हुआ हो। जून 2025 में भी उन पर जालंधर में एक जिम के बाहर जानलेवा हमला किया गया था। उस समय हमलावर ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन हथियार मिसफायर हो गया और वह बाल-बाल बच गए थे। उस हमले की जिम्मेदारी विदेश में बैठे गैंगस्टर जोगराज सिंह उर्फ जोगा फोलड़ीवाल ने ली थी।
