डेली संवाद, नई दिल्ली। Weather News: कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और उत्तर भारत सहित पूर्वी भारत के कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात ने भारी तबाही मचा दी। खराब मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बिजली आपूर्ति बाधित रही, रेल और हवाई सेवाओं पर असर पड़ा तथा विभिन्न राज्यों में हादसों में 47 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड और पश्चिम बंगाल सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल रहे। उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात शुरू हुई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। प्रदेश के अधिकांश हिस्से इसकी चपेट में रहे, लेकिन बुंदेलखंड और पूर्वांचल में इसका असर सबसे अधिक देखने को मिला।
20 लोगों की मौत
वर्षा जनित हादसों में प्रदेश में 20 लोगों की मौत हो गई। वाराणसी में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में चौरीचौरा और गौरी बाजार रेलवे स्टेशनों के बीच रेल लाइन पर चार पेड़ गिरने से रेल परिचालन प्रभावित हुआ।
गोरखपुर कैंट से देवरिया के बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कई ट्रेनें रास्ते में ही रुक गईं। वहीं उरई और भुआ स्टेशनों के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन बंद करना पड़ा। प्रयागराज में महज चार घंटे के भीतर 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे मई महीने में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा का 55 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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इससे पहले 18 मई 1971 को 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए हैं।
बिहार में भारी तबाही
बिहार में भी आंधी, बारिश और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। विभिन्न घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई। पटना में 107 किलोमीटर प्रति घंटे और गया में 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। राज्य में सबसे अधिक 116 मिलीमीटर वर्षा मोतिहारी में दर्ज की गई। खराब मौसम के चलते पटना एयरपोर्ट पर चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 36 उड़ानें घंटों विलंब से संचालित हुईं।
नेपाल में हुई भारी वर्षा का असर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में भी दिखाई दिया। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और पुजहा घाट के पास पीपा पुल तक जाने वाला संपर्क मार्ग जलमग्न होकर क्षतिग्रस्त हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के निर्देश जारी किए हैं।
झारखंड में बारिश
झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन वज्रपात और अन्य घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। कोडरमा रेलखंड पर खराब मौसम के कारण लगभग तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो भाइयों की मौत हो गई। दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ ट्रेकिंग के लिए पहुंचे थे। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हो गए। जिला प्रशासन और राहत एजेंसियों ने प्रतिकूल मौसम में फंसे 50 से अधिक पर्यटकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
तीन युवक घायल
मृतकों की पहचान 19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी और उनके 22 वर्षीय भाई अभिषेक वाजपेयी के रूप में हुई है। अभिनव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अभिषेक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। उनके साथ मौजूद तीन अन्य युवक घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है।
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने अचानक करवट ली। कई इलाकों में तेज आंधी और भारी ओलावृष्टि हुई, जबकि राज्य की ऊंची चोटियों रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा में हल्का हिमपात दर्ज किया गया। इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी तेज हवाएं चलीं। अनंतनाग जिले में तेज हवा के कारण एक अखरोट का पेड़ गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
उत्तराखंड में आग लगी
वहीं उत्तराखंड में हुई बारिश राहत लेकर आई। पिछले कई दिनों से जंगलों में लगी आग पर आखिरकार काबू पा लिया गया। गढ़वाल क्षेत्र में आग की 354 घटनाओं में 305.78 हेक्टेयर और कुमाऊं में 83 घटनाओं में 69.29 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। गुरुवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश के बाद जंगलों की आग पूरी तरह बुझ गई।
दक्षिण बंगाल में शुक्रवार दोपहर आए भीषण तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। देर रात तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। 70 से 88 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कोलकाता सहित हावड़ा और हुगली जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने तथा घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
