Author: Encounter News Desk

  • प्रदेश में एक बार फिर मिशन रिपीट के लिए भाजयुमो तैयार: अर्चित शर्मा

    प्रदेश में एक बार फिर मिशन रिपीट के लिए भाजयुमो तैयार: अर्चित शर्मा

    बोले, सरकार नहीं रिवाज बदलेगी प्रदेश की जनता

    ऊना/सुशील पंडित: भारत देश में भारतीय जनता पार्टी के विशाल संगठन में भाजपा युवा मोर्चा सबसे अग्रिम, संगठित व मजबूत मोर्चा है, जोकि हिंदुस्तान ही नहीं पूरे विश्व भर में विख्यात है और इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि आज का युवा देश का भविष्य होता है, इसी मिशन को लेकर भारत का हर युवा विश्व के सबसे बड़े संगठन भारतीय जनता पार्टी से संगठित होकर अपना व अपने देश का भविष्य तय कर रहा है। यह बात भाजयुमो जिला मीडिया प्रभारी ऊना अर्चित शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहीं। उन्होंने कहा कि इसी तरह हिमाचल प्रदेश में भी युवा शक्ति सरकार नहीं रिवाज बदलने के मिशन को लेकर आगे बढ़ रही है और भाजपा युवा मोर्चा के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

    उन्होंने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवा विजय संकल्प रैली गत 24 सितंबर को मंडी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में होना निश्चित हुई थी। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी इतिहास में पहली बार युवाओं को संबोधित करने जा रहे थे। लेकिन मौसम की मार व प्राकृतिक वातावरण के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उक्त रैली में पहुंच नहीं पाए, परंतु फिर भी उन्होंने वर्चुअल रैली के माध्यम से हिमाचल के युवाओं में जो जोश भरा है, वह एक ऐतिहासिक जोश है, जिसके चलते विरोधियों के पैरों तले जमीन खीसकती नजर आई है और वह पीएम नरेंद्र मोदी जी के मंडी ना पहुंच पाने को लेकर उलुल-जुलूस बयानबाजी देकर प्रदेश की जनता को क्या दर्शाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को ज्ञात होना चाहिए कि प्रदेश में पिछले 4 दिनों से इतनी भारी बरसात हो रही है, वह बताएं कि चलते उनके पास कौन-सी ऐसी उड़ान है जो आंधी-तूफानों को पार करने में सकुशल हो।

    अर्चित शर्मा ने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा संकल्प रैली के माध्यम से पीएम मोदी द्वारा यह संदेश दिया गया कि प्रदेश में एक बार फिर जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है, क्योंकि केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन की सरकार ने हिमाचल प्रदेश में इतना विकास किया है, जिसका इतिहास गवाह है। उन्होने कहा कि भाजयुमो के कार्यकर्ता पिछले डेढ़ साल से इस रैली को लेकर तैयारियों में जुटे हुए थे। ऐसे में रैली के लिए भाजयुमो ने पूरे प्रदेश में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में ऐप के माध्यम से 1 लाख 63 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं का पंजीकरण किया हुआ था।

    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकार के मिशन रिपीट की लहर चल चुकी है और प्रदेश की जनता ने अब जयराम ठाकुर को ही प्रदेश का दोबारा मुख्यमंत्री बनाना तय कर लिया है, लेकिन विपक्ष के लोग प्रदेश की भोली-भाली जनता को सत्ता हासिल करने के लिए आए दिन भ्रमित बयानबाजी कर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, हम उन्हें बता देना चाहते हैं कि देवभूमि हिमाचल की जनता अब उनके चंगुल में फंसने वाली नहीं है।

  • पंजाब: 1 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में क्लर्क गिरफ़्तार

    पंजाब: 1 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में क्लर्क गिरफ़्तार

    चंडीगढ़। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में से भ्रष्टाचार को जड़ से ख़त्म करने के उद्देश्य से नगर पालिका कमेटी सुनाम, ज़िला संगरूर में तैनात क्लर्क किरनदीप सिंह को एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने के दोष के तहत गिरफ़्तार किया है। इस सबंधी जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त क्लर्क को पवन कुमार निवासी सुनाम शहर की शिकायत पर काबू किया गया है।

    उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास पहुंच करके दोष लगाया है कि उसने अपने प्लाट पर बनने वाली रिहायशी इमारत के नक्शे की मंजूरी लेने के लिए म्युंसपल कमेटी में आवेदन दिया था, लेकिन उक्त क्लर्क उसकी फाइल सबंधी मंज़ूरी के बदले एक लाख रुपए रिश्वत की माँग कर रहा है। शिकायतकर्ता की तरफ से दी गई जानकारी और प्राप्त सबूतों की पड़ताल के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करके दोषी क्लर्क को गिरफ़्तार कर लिया है।

  • पंजाब में मिली भगौड़े अब्बास अंसारी की आखिरी लोकेशन, पाकिस्तान भागने की फिराक में था विधायक का बेटा

    पंजाब में मिली भगौड़े अब्बास अंसारी की आखिरी लोकेशन, पाकिस्तान भागने की फिराक में था विधायक का बेटा

    राजनीतिक संरक्षण देने में एक पूर्व मंत्री का नाम आया सामने 

    चंडीगढ़। शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग मामले में भगोड़ा घोषित मुख्तार अंसारी का विधायक बेटा अब्बास अंसारी पाकिस्तान भागने की फिराक में है। एटीएस और लखनऊ पुलिस को उसकी पंजाब में आखिरी लोकेशन मिली है। वह पंजाब के रास्ते पड़ोसी मुल्क में शरण लेना चाहता है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सपा विधायक अब्बास को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि अब्बास की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस के अनुसार, शायद पंजाब में उसे राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है।

     इस मामले में सूबे के एक पूर्व मंत्री का नाम भी सामने आया है। इससे पहले मुख्तार अंसारी के रोपड़ जेल में बंद होने के दौरान उसके लिए खास इंतजाम किए गए थे। इसका खुलासा सूबे के जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस सदन में कर चुके हैं। बता दें कि लखनऊ पुलिस विधायक अब्बास अंसारी की गाजीपुर स्थित संपत्ति कुर्क को करने के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। लखनऊ की महानगर पुलिस ने अब्बास को भगोड़ा घोषित करने की अर्जी 11 अगस्त को कोर्ट में दी थी। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए 25 अगस्त तक उसको पेश करने को कहा था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।

  • 80 लाख फर्जी ऋण में तीन पर केस, ऊना में बैंक मैनेजर व दो सहयोगियों पर गंभीर आरोप

    80 लाख फर्जी ऋण में तीन पर केस, ऊना में बैंक मैनेजर व दो सहयोगियों पर गंभीर आरोप

    ऊना/सुशील पंडित: कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक सीमित में 80 लाख के फर्जी ऋण मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक सीमित के सहायक महाप्रबंधक विनोद कुमार ने विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाए थे कि बैंक शाखा ऊना में एक परिवार के चार सदस्यों, जो कि फतेहपुर जिला कांगड़ा के निवासी हैं, उनके नाम पर बिना उनकी जानकारी के 20-20 लाख के चार ऋण जाली दस्तावेज तैयार करके तत्कालीन बैंक मैनेजर व उनके दो सहयोगियों ने मिलकर स्वीकृत किए और धोखाधड़ी से इस राशि का गबन किया गया। मामले की शिकायत विजिलेंस ऊना से की गई, जिस पर विजिलेंस टीम ने जांच की, तो शिकायत में लगाए गए आरोपों को सही पाया गया। विजिलेंस ने तत्कालीन बैंक मैनेजर व इनके दो सहयोगियों पर भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। डीएसपी विजिलेंस अनिल मेहता ने बताया कि विजिलेंस ने इस मामले में शिकायत पर तमाम तथ्यों की जांच पड़ताल की है। जिसमें शिकायत में लगे आरोप सही पाए गए हैं। मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

  • भाजपा को याद आया सबसे अंत में वीर नारियों, पूर्व सैनिकों का सम्मान

    भाजपा को याद आया सबसे अंत में वीर नारियों, पूर्व सैनिकों का सम्मान

    आनन-फ़ानन में रखा रक्षामंत्री का हिमाचल दौरा

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के नज़दीक आते ही भाजपा सरकार को अपने कार्यकाल के पांचवें साल के अंत में और आनन-फ़ानन में रक्षामंत्री के ज्वालामुखी दौरे पर आखिर याद आ ही गया वीर भूमि के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और अर्द्धबल सैनिकों का मान-सम्मान यह बातें एक प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता डॉ विजय डोगरा ने कहीं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कुल मिलाकर लगभग साढ़े चार लाख से अधिक संख्या में पूर्व व सेवारत सैनिक हैं। कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी व बिलासपुर के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी इनकी प्रर्याप्त संख्या है यदि उनके परिवारों को भी शामिल किया जाए तो कुल मिलाकर इनकी संख्या लगभग बीस लाख के करीब है। जिनका चुनावों पर भी स्पष्ट प्रभाव पड़ता है।

    परन्तु जिस तरह से केन्द्र, राज्य सरकार व गृह मंत्रालय लगातार दोनों संगठनों की अनदेखी कर उनकी सुविधाओं में कटौतियां कर रहा है इससे सेना व पैरामिलिट्री के पूर्व सैनिकों में भारी रोष व्याप्त है वह खुलकर विरोध, प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग की कांगड़ा पालमपुर, कुटलैहड़, बड़सर की विशाल रैली व शिमला व ऊना धरना प्रदर्शन इसके प्रत्यक्ष सूबूत हैं।

    उन्होंने भाजपा पर तीख़ा हमला करते हुए कहा कि ज़मीन खिसकती देख इसीलिए आनन फानन में भाजपा ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ज्वालामुखी दौरे का कार्यक्रम रखा गया है व घर घर घूम वीर नारियों, पूर्व सैनिकों को आने का आग्रह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री का वीरों की देवभूमि में हार्दिक स्वागत है परन्तु उन्हें भी चुनाव की घड़ी में पांचवें साल के अंत में ही वीरांगनाओं व वीर पूर्व सैनिकों की याद क्यों आई?

    अपने दौरे पर उन्हें पूर्व सैनिकों के कुछ वाज़िब सवालों का भी जवाब देना होगा:
    विगत् मार्च में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावज़ूद भी छ: माह से भाजपा सरकार ने वन रैंक वन पेंशन योजना का 2019 से एरियर क्यों रोका हुआ है?
    ज्ञात रहे कि पूर्व सैनिकों की ईसीएचएस स्वास्थ्य सुविधा में पिछले दो सालों में  लगभग 2000 करोड़ रुपए की कटौती की गई है जिससे लाभार्थियों को पूरी दवाएं, ईलाज व उपकरण नहीं मिल पा रहे। क्या भाजपा सरकार इस कटौती को खत्म कर  सेना के राजस्व से फंड न देकर, बल्कि पैंशन फंड से जोड़ ईसीएचएस स्कीम को पूरा बजट देने का प्रावधान करेगी?

    भाजपा एक तरफ़ सैनिकों के सम्मान के दावे करती है परन्तु दूसरी तरफ़ अग्निपथ,अग्निवीर जैसी त्रुटिपूर्ण योजना चलाकर प्रदेश के युवाओं, पूर्व सैनिकों के आश्रितों की हर साल होने वाली चार हज़ार नौकरियों को छीन लिया है व कोरोना की आड़ में पिछले दो सालों में शारीरिक व मेडिकल परीक्षा पास करने वाले युवाओं की लिखित परीक्षा करवा उन्हें सेना में भर्ती होने का अवसर देगी?

    सेवाकाल के दौरान अपंग हुए सैनिकों को सरकार ने करोड़ों रुपए वकीलों पर खर्च कर आठ सालों तक कोर्ट में तो घसीटा ही, बताएं उनकी पैंशन पर लगने वाले आयकर को पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा?

    क्या रक्षामंत्री सीएसडी कैंटीन में की गई कटौतियां समाप्त कर 2014 से पूर्व मिलने वाली सुविधाओं की पुनः बहाली शुरू कर के जाएंगे?
    शिक्षा भत्ता व बेटियों की मैरिज ग्रांट में दो सालों से विलम्ब क्यों?

    रक्षामंत्री जी बताऐं हमारे छावनी क्षेत्रों की बेशकीमती ज़मीने पूंजीपतियों, निजी क्षेत्र की कंपनियों के हाथों कौड़ियों के भाव क्यों बेची व सौंपी जा रही है?
    छावनियों क्षेत्रों को सिविल लोगों के लिए पूरी तरह खोल कर सैन्य सुरक्षा को जोख़िम में क्यों डाल दिया गया है?
    हिमाचल में सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बल बोर्ड का गठन क्यों नहीं किया गया? उनकी स्वास्थ्य व कैंटीन सुविधा विस्तार में विलम्ब क्यों? पूर्व की तरह पैंशन सुविधा कब लागू होगी व पूर्व सैनिक का दर्जा व सरकारी नौकरियों में उन्हें आरक्षण कब मिलेगा।

    उम्मीद है प्रदेश के लाखों पूर्व सैनिकों को माननीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह हिमाचल दौरे के दौरान देवभूमि से इन सभी प्रश्नों का सही उत्तर देने का साहस करेंगे?

    यदि वह इन कटौतियों को बहाल करने की यहां से घोषणा नहीं करते तो निश्चित ही संयुक्त रुप से पूर्व सैनिक व पैरामिलिट्री सैनिक अपने विरोध को और मुखर करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा सरकार को करारा जवाब देंगे।

  • 12 साल के बच्चे के साथ क्रूरता, 4 लोगों ने किया कुकर्म, फिर प्राइवेट पार्ट में…

    12 साल के बच्चे के साथ क्रूरता, 4 लोगों ने किया कुकर्म, फिर प्राइवेट पार्ट में…

    नई दिल्‍लीः राजधानी के सीलमपुर इलाके में एक 12 साल के बच्‍चे के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म का मामला सामने आया है। दिल्‍ली महिला आयोग को मिली शिकायत में सीलमपुर निवासी महिला ने बताया कि उसके 12 बर्षीय बेटे के साथ 18 सितंबर को चार लोगों ने निर्दयता से दुष्‍कर्म किया। मां ने बताया कि बेटे के साथ सामूहिक रूप से दुष्‍कर्म करने के साथ ही अपराधियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी और ईंटों और रॉड से बुरी तरह से मारपीट की।

    मां ने बताया कि बुरी तरह लूहूलुहान और दर्द से कराहते बच्‍चे ने ये भयानक घटना 22 सितंबर को अपने परिजनों को बताई। जिसके बाद माता-पिता ने इसकी सूचना दिल्‍ली पुलिस को दी और लड़के को अस्‍पताल में भर्ती कराया। फिलहाल बच्‍चे की हालत गंभीर बनी हुई है।

    इस घटना पर संज्ञान लेते हुए दिल्‍ली महिला आयोग ने दिल्‍ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस से इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जानकारी, अगर नहीं गिरफ्तार हुए हैं तो इसके पीछे का कारण और इस पूरे मामले पर लिए गए एक्‍शन की पूरी रिपोर्ट 28 सितंबर तक देने के लिए कहा है।

    दिल्‍ली में घटी इस घटना पर स्‍वाति मालीवाल की ओर से कहा गया, ‘दिल्ली में लड़की तो क्या लड़के भी सुरक्षित नहीं हैं। एक 12 साल के लड़के के साथ 4 लोगों ने बुरी तरह से रेप किया और डंडों से पीटकर अधमरी हालत में छोड़कर चले गए। बच्चा फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और आईसीयू में है। हमारी टीम लगातार परिवार के साथ मौजूद है और उनकी मदद कर रही है। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’

  • जालंधर: फिर विवादों में आया Bombay Regency Hotel, बहू ने लगाए ससुराल वालों पर गंभीर आरोप

    जालंधर: फिर विवादों में आया Bombay Regency Hotel, बहू ने लगाए ससुराल वालों पर गंभीर आरोप

    जालंधर (वरुण)। शहर में एक होटल मालिक राजिंदर सेठ के घर मे घरेलू हिंसा का विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि बॉम्बे रेजेंसी होटल मालिक की बहू ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। बहू ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहु ने थाना नं. 6 में घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करवाई है। बहु ने आरोप लगाए हैं कि वह अपने पति मिथुन के साथ रहना चाहती है लेकिन उनके ससुराल पक्ष के लोग उसे तंग-परेशान कर रहे हैं और उसे जबरदस्ती घर से बाहर निकाल दिया है। वहीं पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर क्या कारण रहे हैं कि महिला को थाने तक पहुंचना पड़ा।

  • पंजाब: 21 करोड़ रुपए की हेरोइन की बरामद

    पंजाब: 21 करोड़ रुपए की हेरोइन की बरामद

    अमृतसर। पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने एक बार फिर भारतीय सरहद में ड्रोन भेजा और नशे की खेप पहुंचाई, लेकिन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने खेप जब्त करके पाक तस्करों के मंसूबों को नाकामयाब कर दिया। बॉर्डर पर ड्रोन मूवमेंट को देख कर जवानों ने आवाज की तरफ फायर किया। ड्रोन वापस चला गया, इसके बाद एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सर्च के दौरान बीएसएफ ने 3 बंद और एक खुला पैकेट हेरोइन का बरामद किया। 

    जानकारी के अनुसार, शनिवार रात अटारी बॉर्डर के करीब धनोआ में ड्रोन मूवमेंट देखने को मिली। मध्यरात्रि में ड्रोन की आवाज सुनने के बाद गश्त कर रहे बीएसएफ की बटालियन 144 के जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान जवान लगातार ड्रोन की मूवमेंट पर नजर बनाए रखे थे। फायरिंग के कुछ समय बाद ड्रोन पाकिस्तान में वापस लौट गया, जिसके बाद एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो नशे की खेप बरामद हुई। बीएसएफ की तरफ से धनोआ में सर्च के दौरान 4 पैकेट हेरोइन के बरामद किए गए, जिनमें से 3 पैकेट बंद थे और एक खुला था। चारों पैकेट्स का कुल वजन 3.250 किग्रा आंका गया, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में वैल्यू तकरीबन 21 करोड़ रुपए है।

  • लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कसे शिकंजा सरकार 

    लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कसे शिकंजा सरकार 

    प्रदेश की छवि  खराब  करने वालों के खिलाफ हो कड़ी करवाई: चिरंजीव ठाकुर

    फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्रीज ने औषधि विभाग की सराहना की

    बद्दी (सचिन बैंसल)। एशिया में फार्मा का हब कहे जाने वाली  बददी मे फूड लाइसेंस की आड़ में नकली दवा बनाने  के जो मामले  सामने आए है, उससे एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र की छवि खराब करने की मनसा जग जाहिर हुई है।  इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने कहा की पिछले एक महीने में यह दूसरा मामला सामने आया है, औषधि विभाग ने पूरी पारदर्शिता के साथ कारवाई करते हुए इन मामलों को सामने लाया है, जिसके लिए वह औषधि विभाग के राज्य निदेशक नवनीत मारवाह और उनकी पूरी टीम की कार्यवाही सराहनी है और उम्मीद करते हैं की नकली दवाइयों का धंधा करने वालो के खिलाफ यह अभियान निरंतर चलता रहे।

     फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री के राज्याध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने कहा कि इस तरह के गंभीर मसलों पर कड़ी से कड़ी कारवाई अमल में लानी चाहिए, जिसके लिए औद्योगिक संगठन विभाग को अपना पूर्ण सहयोग देगा। ठाकुर ने कहा की जल्दी ही प्रिंटिंग पैकेजिंग वालो के साथ बैठकर इस तरह के गंभीर मामलों पर चर्चा की जाएगी, ताकि आने वाले समय में इस तरह के मामलों को रोका जा सके। राज्य उपाध्यक्ष योगराज सिंह छोक्कर ने कहा की जिस किसी के पास भी इस तरह की जानकारी हो तो वह तथ्यों के साथ संगठन को या विभाग को दे ताकि लोगो के जीवन के  साथ खेलने वालो को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।  

    प्रदेश फार्मा संयोजक मृणाल यादव ने प्रिंटिंग मैटेरियल बनाने वालो से आग्रह किया की वो इस तरह के मामलों को गंभीरता से ले और अपने निजी फायदे के लिए जनता के साथ हो रहे खिलवाड़ मे भागीदारी न बने। प्रिंटिंग मैटेरियल छापने से पहले पूर्ण रूप से जांच पड़ताल कर ले वहीं प्रदेश महासचिव राम कृष्ण शर्मा एवम देवेंद्र सिंह राणा ने कहा की इस तरह के संगीन मामलों को देखते हुए फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को अपनी सक्रियता बढ़ानी चाहिए, ताकि इस तरह का गोरख धंधा करने वालों का पर्दाफाश हो सके।  वरिष्ठ सदस्य वी.के उप्पल एवम रमेश दुबे ने कहा की कच्चा मॉल सप्लाई करने वालो को भी इस तरह के मामलों में सचेत रहना चाहिए की किसी को भी बिना ड्रग लाइसेंस के कच्चा मॉल न दे ताकि कोई भी उसका दुरूपयोग न कर सके।

  • 5 लीटर पेट्रोल के लिए शख्स ने भरे 55 हजार रुपए, जानें मामला

    5 लीटर पेट्रोल के लिए शख्स ने भरे 55 हजार रुपए, जानें मामला

    नई दिल्लीः देश के कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए से भी पार है। लेकिन क्या हो अगर आपको 1 लीटर पेट्रोल के लिए ₹10,000 से भी ज्यादा चुकाने पड़ जाएं। हाल ही में एक ऐसा मामला महाराष्ट्र में सामने आया है। पुणे में एक शख्स को अपने होंडा एक्टिवा स्कूटर में 5.2 लीटर पेट्रोल के बदले ₹55000 चुकाने पड़ गए। पुणे में पेट्रोल की कीमत करीब 105-106 रुपए प्रति लीटर है। ऐसे में 55,000 रुपए का बिल आना सच में एक चौंकाने वाला मामला है।

    रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा एक पेट्रोल पंप कर्मचारी की गड़बड़ी के कारण हुआ है। दरअसल, होंडा एक्टिवा के ओनर ने स्कूटर में 550 रुपए का पेट्रोल डलवाया था। पेट्रोल डलवाने के बाद स्कूटर चालक ने क्यूआर कोड स्कैन किया और पेमेंट कर दिया। पेमेंट के लिए उन्होंने गूगल पे ऐप का इस्तेमाल किया। जैसे ही अकाउंट से पैसे कटे तो उन्हें पता लगा कि उनके खाते से ₹55000 का पेमेंट हुआ है।

    जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारी ने गलती से ₹550 की जगह ₹55000 का QR कोड जनरेटर कर दिया था। मामले में अच्छी बात यह रही कि इसे तुरंत नोटिस कर लिया गया और जितना ही फालतू पेमेंट लिया गया था वह स्कूटर चालक के खाते में वापस आ गया।

    इन दिनों डिजिटल पेमेंट के बढ़ते दौर और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हम कई बार ऐसी गलती कर बैठते हैं। ऐसे में आप भी जब पेट्रोल पंप पर ऑनलाइन पेमेंट करें, इस बात का ध्यान रखें कि आप से कितने रुपए का पेमेंट लिया जा रहा है। यह भी बेहतर होगा कि पेट्रोल भराने के बाद पेमेंट की स्लिप रख लें।