Category: Rashifal

  • बड़ा हादसाः रावी नदी में गिरी बोलेरो, एक  मौत, दूसरे की तलाश जारी

    बड़ा हादसाः रावी नदी में गिरी बोलेरो, एक मौत, दूसरे की तलाश जारी

    भरमौर: डली के पास शनिवार सुबह एक बोलेरो दुर्घटनाग्रस्त होकर रावी नदी में जा गिरी, जिसे हादसे वाले स्थान से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि गाड़ी में दो लोग सवार थे, जिसमें एक का शव गाड़ी के भीतर से ही बरामद कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। बारिश की वजह से तलाशी अभियान में थोड़ी दिक्कत आ रही है। बहरहाल गाड़ी को नदी से निकालने के लिए पुलिस, फायर बिग्रेड और स्थानीय ग्रामीण जुटे हैं, वहीं तहसीलदार होली प्रकश चंद समेत पुलिस चौकी के एएसआई विपन कुमार टीम सहित मौके पर हैं।

  • बड़ा हादसाः खाई में गिरी कार, CCTV आई सामने

    बड़ा हादसाः खाई में गिरी कार, CCTV आई सामने

    चंबा: हिमाचल के जिला चंबा में कार खाई में गिरी जिसमें सवार 2 लोग घायल हुए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कार दुर्घटना सीसीटीवी में कैद हो गई जिस देख यह साफ पता चलता है कि गाड़ी चालक की की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने दोनों घायलों की पहचान करी और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बीती रात करीब पौने 9 बजे एक कार नंबर एचपी-81-3527 आई। सब कुछ ठीक चल रहा था तो अचानक से कार जब भलेई आर्ट गैलेरी के पास पहुंची तो सीधे सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। जब यह घटना घटी तो कार के पीछे एक मोटरसाइकिल भी आ रहा था। बाइक चालक ने कार को गिरता देख स्थानीय लोगों को इस कार दुर्घटना बारे बताया।


    लोगों ने इस वाहन दुर्घटना बारे पुलिस चौकी ब्रंगाल को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों के सहयोग से कार में सवार घायलों को सुरक्षित सड़क पर पहुंचाया। घायलों की पहचान  32 वर्षीय राजेश कुमार पुत्र दूनीचंद निवासी गांव कथवाड़ डाकघर वांगल व 29 वर्षीय जीवन कुमार पुत्र सुंकोराम निवासी गांव कांठा डाकघर वांगल के रूप में हुई है। पुलिस ने घायलों का उपचार कराने अस्पताल पहुंचाया। राजेश कुमार की हालत को देख उसे मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया तो जीवन कुमार मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचाराधीन है। कार दुर्घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई क्योंकि दुर्घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था।

  • पुलिस को मिला पानी में तैरता हुआ पत्थर, देखने को उमड़ी भीड़, देखें वीडियो 

    पुलिस को मिला पानी में तैरता हुआ पत्थर, देखने को उमड़ी भीड़, देखें वीडियो 

    गोबिंद सागरः झील के लठियाणी-मंदली घाट पर पानी में तैरता पत्थर मिला है। गश्त के दौरान पुलिस जवानों को पत्थर दिखा और वे उसे थाना ले आए। पत्थर को देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। इसका वजन पौने तीन किलोग्राम बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, थाना बंगाणा के एएसआई रविंद्र, होमगार्ड तिलक टीम सहित गोबिंद सागर झील के लठियाणी-मंदली घाट पर देर शाम गश्त करते हुए पहुंचे। उन्होंने देखा कि झील के मध्य कुछ तैर रहा है। पुलिस जवान उक्त वस्तु को देखने पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक पत्थर पानी में तैर रहा है। यह देख पुलिस जवान भी हैरान हो गए। 


    जवान उक्त पत्थर को उठाकर थाना बंगाणा ले आए। जब थाना बंगाणा में पानी की भरी बाल्टी में उक्त पत्थर को डाला तो पत्थर बाल्टी में भी तैरने लगा। इसका पता चलते ही आसपास के लोग थाना बंगाणा में पत्थर देखने पहुंच गए। शुक्रवार को थाने में काफी भीड़ उमड़ पड़ी। जब जनता के सामने उक्त पत्थर का वजन किया तो करीब पौने तीन किलोग्राम पाया गया। कई लोग उक्त पत्थर को रामसेतु से जोड़ रहे हैं।

    थाना बंगाणा के एएसआई रविंद्र का कहना है कि गश्त के दौरान झील के लाठियाणी-घाट पर उक्त पत्थर पानी में तैरता हुआ मिला है। हम उक्त पत्थर को थाना बंगाणा ले आए हैं। पत्थर कैसे पानी में तैर रहा है। इसका रहस्य उन्हें नहीं पता।

    आईआईटी मंडी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वेंकेट उदय ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो कई पत्थरों की संरचना ऐसी होती, जो ऊपरी सतह से ठोस और अंदर से खोखले होते हैं। इस कारण इनमें वायु रहती है और वे डूबते नहीं। वहीं कई वर्षों तक जंगलों में पड़ी लकड़ी जैसी वस्तुओं के ऊपर भी पत्थर जैसी परत बन जाती है। ऊपर से पत्थर और भीतर लकड़ी जैसी संरचना वाली वस्तुएं भी पानी में तैर जाती हैं।

  • इस डैम से फिर छोड़ा गया पानी, अलर्ट जारी

    इस डैम से फिर छोड़ा गया पानी, अलर्ट जारी

    हिमाचल: कांगड़ा में पौंग डैम झील से आज फिर पानी छोड़ा गया है। सुबह 9 बजे पौंग डैम झील प्रबंधन ने आज 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। यह निर्णय बीबीएमबी की गाइडलाइन के अनुसार लिया गया है। इससे पहले भी दो दिनों तक लगातार पानी छोड़ा जा रहा था। प्रतिदिन 55 हजार क्यूसेक पानी बढ़ाया गया है। फिलहाल पौंग डैम झील में करीब 1 हजार 376 फीट पानी है। पौंग डैम में 1 हजार 390 खतरे के निशान हैं। जबकि पौंग डैम की क्षमता 1 हजार 410 है। बता दें कि हिमाचल में लगातार बारिश हो रही है। बादल फटने की घटनाएं भी लगातार हो रही हैं। ऐसे में डैमों में पानी बढ़ रहा है।

    ताजा हालात को देखते हुए प्रशासन को पानी छोड़ना पड़ा है। इस बीच, भाखड़ा डैम का जल स्तर आज 1658.01 फीट तक पहुंच गया, भाखड़ा डैम में 51441 क्यूसेक की आमद दर्ज की गई, जबकि टर्बाइनों के माध्यम से डैम से केवल 41994 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नंगल डैम से नंगल हाइडल नहर में 12350 क्यूसेक, आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10150 क्यूसेक और सतलुज नदी में 18600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

  • इस गांव में 2 बार फटे बादल, 3 मकान सहित सेब के बगीचों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो      

    इस गांव में 2 बार फटे बादल, 3 मकान सहित सेब के बगीचों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो      

    शिमलाः जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक 11 बजे बादल फटा और लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन मकानों और बगीचों को काफी नुकसान हुआ है। 

    इसके बाद फिर तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा कर रख दी। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत के कंधार गांव में बादल फटा है। उन्होंने कहा कि सरपारा गांव का सपंर्क देश-दुनिया से कट गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर स्थिति की जायजा लेने के बाद प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के 4:00 बजे बादल फटने से पंचा नाले और हुरला नाले में बाढ़ आ गई। इससे तीन मकान बह गए, जबकि दो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

    17 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। तीन पैदल और एक वाहन योग्य पुल भी बह गए हैं। एक गाड़ी भी गड़सा खड्ड में बह गई। कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार और वीरवार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को येलो अलर्ट है। प्रदेश में 31 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने के आसार हैं। वहीं मौसम विभाग द्वारा चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी व किन्नौर जिले में अगले 24 घंटों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। वहीं, सोमवार रात को धर्मशाला में 80.2, पालमपुर 50.6 और जोगिंद्रनगर में 26.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

    राज्य में अभी भी 500 से अधिक सड़कें ठप पड़ी हैं। सैकड़ों जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। कुल्लू में अभी भी एचआरटीसी की 28 बसें फंसी हैं 200 से अधिक रूट प्रभावित चल रहे हैं। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए रामपुर बुशहर, जुब्बल, कोटखाई, रोहडू, चौपाल और ठियोग उपमंडल के तहत आने वाले सभी सरकारी व निजी स्कूल 28 जुलाई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। वहीं, सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध स्कूल विद्यार्थियों व स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने स्तर पर फैसला ले सकते हैं।

  • डैम के ऊपर से बह रहा पानी, आस पास के गांवों में ताबाही का खतरा, देखें वीडियो

    डैम के ऊपर से बह रहा पानी, आस पास के गांवों में ताबाही का खतरा, देखें वीडियो

    कुल्लूः मलाणा जल विद्युत परियोजना चरण-दो का डैम ओवरफ्लो होने से पानी दीवार के ऊपर से बहना शुरू हो गया है। पानी ओवरफ्लो होकर बहने के चलते अब डैम के टूटने का भी खतरा बना हुआ है। डैम के गेट बंद होने की सूचना मिलने पर मलाणा जल विद्युत परियोजना-1, चौहकी, बलादी सहित भुंतर जिया तक के लोगों में दहशत का माहौल है। डैम का पानी ओवरफ्लो होने पर मलाणा के लोगों का नीचे की ओर आना भी बंद हो गया है। परियोजना में सेवाएं देने वाले कर्मचारी भी सहमे हुए हैं, क्योंकि डैम के गेट बाढ़ आने से बह कर आए पेड़ और चट्टानों सहित सिल्ट से बंद हो गए हैं। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह से शाम तक डैम का पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा था।

    उधर, पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ जाने से जिला प्रशासन ने जिया में नदी किनारे लगते घरों को खाली करवा दिया है। जानकारी के अनुसार मलाणा पावर प्रोजेक्ट-दो के बंद पड़े गेटों को यदि समय रहते खोला नहीं गया तो, बड़ी प्रलय आ सकती है। उधर, मलाणा जल विद्युत परियोजना-दो के जीएम आनंद वर्मा ने बताया कि बाढ़ से आने से डैम ब्लॉक हो गया है। परियोजना प्रबंधन इसका समाधान कर रहा है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने लोगों से अपील की है कि पार्वती नदी के किनारे बसे लोग एतिहात बरतें। मलाणा चरण-दो प्रोजेक्ट के डैम में पानी के ओवर फ्लो के कारण नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।

  • ट्रेस हुई मनाली में PRTC की लापता बस

    ट्रेस हुई मनाली में PRTC की लापता बस

    सफर कर रहे परिवार के 11 लोगों की तालाश जारी 

    मनाली: हिमाचल प्रदेश के मनाली में बीते दिनों ब्यास में आई बाढ़ से लापता पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन(पीआरटीसी) की बस क्लाथ के समीप ट्रेस हुई है। पानी का बहाव तेज होने के कारण फिलहाल बस निकालना संभव नहीं। 
    शनिवार को भी बस को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बस में कई यात्रियों के शव होने की भी आशंका जताई जा रही है। बाढ़ के बाद से उत्तर प्रदेश के एक ही परिवार के 11 लोग लापता हैं। बताया जा रहा है कि सभी इसी बस में सफर कर रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक 11 लोगों की तालाश जारी है।

  • अहम खबरः Mata Chintpurni के मेलों को लेकर DC ने निर्देश किए जारी

    अहम खबरः Mata Chintpurni के मेलों को लेकर DC ने निर्देश किए जारी

    होशियारपुर: माता चिंतपूर्णी के 17 अगस्त से शुरु हो रहे मेलों को लेकर अहम खबर सामने आई है। मेले शुरु होने से पहले प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। दअअसल, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि माता चिंतपूर्णी मेले में लंगरों के दौरान डीजे और सिंगल यूज प्लास्टिक का यूज नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान लंगर लगाते समय साफ-सफाई का भी ध्यान रखा जाए, ताकि वातावरण प्रदूषित न हो सके।

    डीसी ने लंगर कमेटियों से अपील की है कि वह सड़क पर आकर लंगर लगाने की बजाए निर्धारित स्थानों पर ही लंगर लगाएं। लंगर लगाने के लिए पंजीकरण करवाना भी जरूरी है, जोकि एसडीएम कार्यालय होशियारपुर में होगा। बता दें कि 17 अगस्त से शुरू हो रहे मेले  ,  25 अगस्त तक चलेंगे। जिला प्रशासन को उचित प्रबंध करने के आदेश दिए गए हैं। तीर्थयात्रियों को मोबाइल टॉयलेट, फायर टेंडर, एम्बुलेंस, स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएंगी। डी.सी. ने श्रद्धालुओं से भी अपील करते हुए कहा कि भारी वाहनों का यूज ना करें क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा रहता है।

    वहीं दूसरी ओर चिंतपूर्ण प्रशासन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए 600 पुलिस और 700 अतिरिक्त गृह रक्षक तैनात किए जाएंगे। मेले में पानी बिजली और सडक़ सुविधा मुहैया करवाने के लिए विभिन्न विभागों को आदेश जारी कर दिए है। लंगर संस्थाओं को लंगर लगाने के लिए 20 हजार रुपए फीस मंदिर कार्यालय में जमा करवानी होगी जिसमें मेले के बाद साफ सफाई का निरीक्षण करने के बाद लंगर संस्थाओं को दस हजार सिक्योरिटी वापस दे दी जाएगी। लंगर की परमिशन एसडीएम अम्ब द्वारा दी जाएगी। सडक़ के आमने सामने एक साथ लंगर संस्था को सागर लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

    मेले में स्वास्थ्य विभाग की सेवा से मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं को मुफ्त दवाइयां दी जाएगी। सावन अष्टमी मेला में मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से नारियल मंदिर में ले कर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वही मेले के दौरान मंदिर क्षेत्र में धारा 144 लागू रहेगी जिसमें अस्त्र शस्त्र लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा तो वही ढोल नगाड़े और लाउडस्पीकर चलाने पर भी पाबंदी रहेगी। बैठक में बताया गया कि मेले में असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए चिंतपूर्णी जगह जगह सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं तथा नजऱ रखने के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की जाएगी।

    मेले में बड़े वाहनों को मंदिर न्यास की भरवाईं में बनी पार्किंग में ही खड़े करने की अनुमति होगी। छोटे बाहनों को बाबा माई दास सदन तथा बस स्टैंड में खड़े करने की अनुमति रहेगी। मंदिर रोड पर मेले के दौरान वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी। बैठक में एसडीएम विवेक महाजन, डीएसपी वसुधा सूद, सीएमओ एसके वर्मा, वी एम ओ राजीव गर्ग, मंदिर अधिकारी अजय ठाकुर, लेखा अधिकारी कुलदीप शर्मा, एटीओ अशोक डोगरा, वारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा, छपरोह की प्रधान शशि कालिया, व्यापार मंडल प्रधान वासुदेव पाधा विभिन्न ओर विभागों के उच्च अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

  • बड़ी खबरः चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे के पास लैंडस्लाइड, देखें वीडियो

    बड़ी खबरः चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे के पास लैंडस्लाइड, देखें वीडियो

    पठानकोट: NH – 154 चंबा पठानकोट नेशनल हाईवे पंजपुला के पास लैंडस्लाइड होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद डलहौज़ी नेशनल हाईवे ओर चंबा से भरमार के सारे नेशनल हाईवे बंद हो गए है। पहाड़ों में हो रही बारिश से कहीं पहाड़ गिरने के मामले सामने आ रहे हैं तो कहीं पर सड़कें खिसकने के मामले सामने आ रहे है। वहीं एक वीडियो सामने आई है जिसमें डलहौज़ी नेशनल हाईवे पर पहाड़ टूट गिर गए। इसके कारण रास्ता बंद हो गया है।

    वीडियों में देखा जा सकता है कि पहाड़ गिरने के कारण कैसे सैंकड़ों वाहन फ़ंसें हुए है। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 6 मील के पास एक बार फिर से बड़ा हादसा होने से टल गया। चालक ने सुझबूझ दिखाई और तुरंत गाड़ी को रिवर्स गियर लगाकर उसे पीछे ले गया, अगर आगे जाने की जिद्द करता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था। आज सुबह ही 6 मील के पास भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया।

  • चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर टला हादसा, पहाड़ी से गिरे पत्थर, देखें वीडियो 

    चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर टला हादसा, पहाड़ी से गिरे पत्थर, देखें वीडियो 

    मंडी: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 6 मील के पास एक बार फिर से बड़ा हादसा होने से टल गया। चालक ने सुझबूझ दिखाई और तुरंत गाड़ी को रिवर्स गियर लगाकर उसे पीछे ले गया, अगर आगे जाने की जिद्द करता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था। आज सुबह ही 6 मील के पास भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया था। 


    बारिश के बीच मलबा हटाकर हाईवे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। कुछ वाहन यहां से गुजरे भी। लेकिन एक छोटा मालवाहक जैसे ही गुजरने लगा तो पहाड़ी से पत्थर आ गिरे। चालक ने इन्हें देख लिया और तुरंत ब्रेक लगाकर गाड़ी को रिवर्स गियर लगाया और उसे पीछे ले गया। देखते ही देखते पहाड़ी से पत्थरों का सैलाब आ गया। अगर चालक आगे ही चला जाता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था। मिली जानकारी के अनुसार अभी हाईवे यातायात के लिए बंद है। हालांकि बारिश के बीच इसे बीच-बीच में खोला जा रहा है लेकिन यहां से सफर करना किसी खतरे को निमंत्रण देने जैसा ही है। 


    वहीं, जिला प्रशासन ने 25 जुलाई तक जिला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने की अपील की है। सदर थाना प्रभारी सकीनी कपूर ने बताया कि मौसम के मिजाज को देखते हुए अभी हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है और मौसम साफ होने पर ही इसे खोलने का निर्णय लिया जाएगा। चार मील और सात मील के पास पुलिस तैनात करके नाका लगा दिया गया है। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।