इस गांव में 2 बार फटे बादल, 3 मकान सहित सेब के बगीचों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो      

शिमलाः जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक 11 बजे बादल फटा और लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन मकानों और बगीचों को काफी नुकसान हुआ है। 

इसके बाद फिर तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा कर रख दी। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत के कंधार गांव में बादल फटा है। उन्होंने कहा कि सरपारा गांव का सपंर्क देश-दुनिया से कट गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर स्थिति की जायजा लेने के बाद प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के 4:00 बजे बादल फटने से पंचा नाले और हुरला नाले में बाढ़ आ गई। इससे तीन मकान बह गए, जबकि दो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

17 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। तीन पैदल और एक वाहन योग्य पुल भी बह गए हैं। एक गाड़ी भी गड़सा खड्ड में बह गई। कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार और वीरवार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को येलो अलर्ट है। प्रदेश में 31 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने के आसार हैं। वहीं मौसम विभाग द्वारा चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी व किन्नौर जिले में अगले 24 घंटों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। वहीं, सोमवार रात को धर्मशाला में 80.2, पालमपुर 50.6 और जोगिंद्रनगर में 26.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

राज्य में अभी भी 500 से अधिक सड़कें ठप पड़ी हैं। सैकड़ों जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। कुल्लू में अभी भी एचआरटीसी की 28 बसें फंसी हैं 200 से अधिक रूट प्रभावित चल रहे हैं। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए रामपुर बुशहर, जुब्बल, कोटखाई, रोहडू, चौपाल और ठियोग उपमंडल के तहत आने वाले सभी सरकारी व निजी स्कूल 28 जुलाई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। वहीं, सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध स्कूल विद्यार्थियों व स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने स्तर पर फैसला ले सकते हैं।

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