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  • हर दिन कितने कदम चलें ताकि रहें फिट? जानें वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

    हर दिन कितने कदम चलें ताकि रहें फिट? जानें वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

    Health News,Lifestyle: अगर आप रोज़ 10,000 कदम चलने का लक्ष्य नहीं पूरा कर पाते तो चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। हाल ही में आई एक वैज्ञानिक स्टडी के मुताबिक, रोज़ सिर्फ़ 4000 से 5000 कदम चलना भी आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

    यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय शोध के मुताबिक, रोज़ सिर्फ़ 3967 कदम चलने से किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु के जोखिम में कमी आती है। और अगर आप रोज़ 2337 कदम भी चल रहे हैं, तो हृदय संबंधी बीमारियों से मरने का खतरा कम हो सकता है।

    वैज्ञानिकों का कहना है कि

    • 4000 कदम स्वास्थ्य लाभ के लिए न्यूनतम हैं

    • 7000 से 8000 कदम आदर्श माने जा सकते हैं

    • और इससे ज़्यादा चलने पर फायदे लगातार बढ़ते हैं

    इस अध्ययन में दुनियाभर के 17 देशों से लगभग 2,26,000 लोगों को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने देखा कि उम्र, लिंग या क्षेत्र चाहे जो भी हो — हर किसी के लिए नियमित चलना फायदेमंद रहा।

    चलने से न केवल हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है, बल्कि यह डायबिटीज, मोटापा और स्ट्रेस को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। जो लोग रोज़ हल्की-फुल्की वॉक करते हैं, उनमें मेंटल हेल्थ भी बेहतर पाई गई है।

    डॉक्टरों और फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि “आपका शरीर लगातार एक्टिव रहना चाहिए, भले ही आप 10,000 कदम न चलें। 30 मिनट की हल्की वॉक भी काफी असरदार है।”

  • योग से बदल सकते हैं मानसिक स्वास्थ्य के हालात, जानिए 3 आसन जो तनाव को कर दें खत्म!

    योग से बदल सकते हैं मानसिक स्वास्थ्य के हालात, जानिए 3 आसन जो तनाव को कर दें खत्म!

    Health Tips, Lifestyle: भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता सोशल मीडिया स्क्रीन टाइम और निजी-व्यावसायिक तनाव — ये सब मिलकर आज मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में योग विशेषज्ञों और मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सकों ने बताया है कि हर दिन सिर्फ 15-20 मिनट का योग मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद (Anxiety & Depression) जैसी गंभीर समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है।

    जानिए वो 3 योगासन जो तनाव दूर करने में बेहद असरदार हैं:

    1. अनुलोम-विलोम (Alternate Nostril Breathing)

    यह एक प्राचीन प्राणायाम तकनीक है जिसमें एक नाक के छिद्र से साँस ली जाती है और दूसरी से छोड़ी जाती है।

    फायदे:

    • मस्तिष्क को शांति

    • ब्लड प्रेशर नियंत्रित

    • चिंता और घबराहट से राहत

    2. शशांकासन (Child Pose)

    यह एक विश्रामदायक आसन है जिसमें व्यक्ति घुटनों के बल बैठकर माथा ज़मीन पर रखता है।

    फायदे:

    • थकान और गुस्से में तुरंत राहत

    • रीढ़ की हड्डी और गर्दन को आराम

    • ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में वृद्धि

    3. शवासन (Corpse Pose)

    योग सत्र के अंत में किया जाने वाला यह आसन पूरी तरह से शरीर और मस्तिष्क को शून्य अवस्था में ले जाता है।

    फायदे:

    • गहरी नींद में मददगार

    • अवसाद और स्ट्रेस हार्मोन को करता है कम

    • मानसिक संतुलन बेहतर करता है

    सावधानियाँ:

    • खाली पेट योग करें

    • किसी भी आसन को करने से पहले प्रमाणित योग शिक्षक से सलाह लें

    • सांस लेने और छोड़ने की विधि पर विशेष ध्यान दें

    मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध जीवन की गुणवत्ता से है। अगर आप चाहें तो बिना दवाओं के भी तनाव से लड़ सकते हैं — बस हर दिन कुछ मिनट योग को दीजिए और अपनी सोच, शांति और संतुलन को पुनः प्राप्त कीजिए।