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  • शेयर बाजार में आया उछाल, निफ्टी 24000 के पार

    शेयर बाजार में आया उछाल, निफ्टी 24000 के पार

    नई दिल्लीः आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। एक तरफ सेंसेक्स कल 372 अंकों की गिरावट के बाद आज 277 अंक ऊपर 77005 के लेवल पर खुला है। वहीं, निफ्टी कल के क्लोजिंग स्तर 23946.25 के मुकाबले आज 85 अंकाें की बढ़त के साथ 24032.05 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की है। आज 30 जून को महीने के आखिरी दिन एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई 225 इंडेक्स में 1.4% की तेजी देखी जा रही है।

    बाजार खुलने के साथ ही दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.17% का उछाल देखने को मिला। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग करीब 0.42% की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर वापस से 72.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई हैं। अमेरिका-ईरान के बीच भी तनाव कम होने की उम्मीदों से निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा है। कल रात 29 जून के ट्रेडिंग सेशन में अमेरिकी बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ब्लू-चिप इंडेक्स डाऊ जोन्स 0.59% की बढ़त के साथ 52182.74 के अपने अब तक के सबसे हाई रिकॉर्ड लेवल पर बंद हुआ।

    S&P 500 ने भी 1.18% की बढ़त हासिल करते हुए 7440.43 पर बंद होने में कामयाब रहा, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 2.07% उछलकर 25820.14 पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच ताजा हमलों की खबरों के बाद दोहा में दोनों के बीच शांति वार्ता के आगे बढ़ने से क्रूड ऑयल की सप्लाई का जोखिम टलता नजर आ रहा है। इसके चलते आज वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 0.62% गिरकर 70.31डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहे थे। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.77% गिरकर 72.59 डॉलर पर हैं, जो 75 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है। COMEX पर क्रूड की कीमतें 0.75% गिरकर 70.22 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थीं।

  • सुस्त रही शेयर बाजार की रफ्तार, मेटल और फार्मा स्टॉक्स में बंपर खरीदारी

    सुस्त रही शेयर बाजार की रफ्तार, मेटल और फार्मा स्टॉक्स में बंपर खरीदारी

    नई दिल्लीः साल 2026 की अब तक की सबसे लंबी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद आज यानी सोमवार 29 जून को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही। बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 0.8% बढ़ गईं, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 100 अंकों की तेजी के साथ 77,200 पर कारोबार कर रहा है।

    वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मेटल और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। कच्चे तेल की महंगाई के दबाव के बीच अन्य एशियाई बाजारों में भी करीब 0.4% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार की फ्लैट शुरुआत के बावजूद फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखी जा रही है। शुरुआती ट्रेड में निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स टॉप गेनर बने हुए हैं। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक के शेयर भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं।

     

  • शेयर में लौटी रौनक, तेजी के साथ खुला बाजार

    शेयर में लौटी रौनक, तेजी के साथ खुला बाजार

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। आज दोनों प्रमुख सूचकांक बीएससी सेंसेक्स और एनएससी निफ्टी हरे निशान पर खुले। निफ्टी 50 30 अंक या 0.13% बढ़कर 23,854 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 143 अंक या 0.19% बढ़कर 76,344 पर खुला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 के शीर्ष 5 लाभ कमाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, डॉ. रेड्डीज लैब, अडानी एंटरप्राइजेज, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस शामिल थे।

    24 जून के कारोबारी सत्र में इंफोसिस, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन, होनासा कंज्यूमर, राशि पेरिफेरल्स, इमैजिकावर्ल्ड एंटरटेनमेंट, वेदांता, डेल्हीवरी, डीपी वायर्स और क्ले क्राफ्ट इंडिया जैसे स्टॉक्स में एक्शन देखने को मिल रहा है।

    ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड के शेयर को लेकर पॉज़िटिव बनी हुई है, और वेदांता एल्युमीनियम के लिए “आउटपरफॉर्म” रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 540 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि एल्युमीनियम के लिए अच्छा मार्केट साइकल, ऑपरेशनल ग्रोथ की संभावनाएं और लागत के मामले में बेहतर होती कॉम्पिटिटिवनेस है।

  • शेयर की बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स में आई गिरावट

    शेयर की बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स में आई गिरावट

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सुस्त रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 181 अंकों की गिरावट के साथ 76912.68 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, 47.60 अंकों की गिरावट के साथ एनएसई का निफ्टी 214055.30 पर है। अमेरिकी टेक शेयरों में कल आई भारी गिरावट का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। कल वॉल स्ट्रीट में गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet में 5% और एलन मस्क की कंपनी SpaceX में 16.4% तक की ऐतिहासिक गिरावट आई।

    इसके चलते आज घरेलू शेयर बाजार में TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसी टेक कंपनियों के शेयरों में 1-2% की गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी डॉलर आज दुनिया की दूसरी करेंसीज के मुकाबले मजबूत होकर 13 महीने के उच्चतम स्तर (101.2) पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, अमेरिका में 2- साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 16 महीने के अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब आ गई है। जब डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत होते हैं, तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड में लगाते हैं। अमेरिकी फेड रिजर्व में आगे आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं ताकि महंगाई को काबू में किया जा सके। सितंबर तक ब्याज दरें 75% तक बढ़ने का अनुमान है। इसके चलते निवेशक सतर्क हो गए हैं।

    एशियाई बाजारों से आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी सेक्टर में आई गिरावट और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी किए जाने की चिंताओं के बीच निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। इस बीच, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.9% गिरकर 71681.29 पर कारोबार रहा है। सबसे ज्यादा 2.8% की भारी गिरावट दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में देखी जा रही है। सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे बड़े टेक शेयरों में कमजोरी के चलते आज यह 8863.52 के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। हांगकांग के हैंगसेंग में भी 0.4% की गिरावट आई है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1% की मामूली बढ़त के साथ 8822.10 पर है।

  • 5 दिनों बाद शेयर बाजार खुलते ही हुआ धड़ाम, निफ्टी में भी भारी गिरावट

    5 दिनों बाद शेयर बाजार खुलते ही हुआ धड़ाम, निफ्टी में भी भारी गिरावट

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले 5 दिनों से शेयर बाजार में जारी शानदार तेजी पर आज ब्रेक लगा है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार खुलते ही सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूट गया, वहीं निफ्टी भी लाल निशान में कारोबार कर रहा है। सुबह 9 बजकर 15 मिनट के करीब सेंसेक्स 0.97% यानी 747.08 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,662.90 के स्तर पर आ गया। निफ्टी 50 भी 0.86% यानी 208.75 अंक टूटकर 23,959.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

    बाजार खुलने से ठीक पहले प्री-ओपनिंग सेशन में ही यह साफ हो गया था कि आज बाजार में तेज गिरावट आने वाली है। सुबह 9:09 से 9:10 के बीच प्री-ओपनिंग मेंसेंसेक्स 0.72% (557.12 अंक) नीचे 76,852.86 पर था। निफ्टी 0.73% (176.80 अंक) की कमजोरी के साथ 23,991.20 पर बना हुआ था। सेक्टर के लिहाज से देखें तो आज बाजार को नीचे खींचने में आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा हाथ रहा। एक्सेंचर की खराब चेतावनी के बाद Nifty IT इंडेक्स करीब 6% तक टूट गया। वहीं, मिड और स्मॉल-कैप आईटी – टेलीकॉम इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

    आईटी के अलावा रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल्स, ऑटो और एफएमसीजी इंडेक्स भी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बाजार की इस गिरावट के बीच निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले फार्मा (Defensive Sectors) में खरीदारी की.।इसके चलते निफ्टी फार्मा 0.47%, हेल्थकेयर इंडेक्स 0.40% और मिड-स्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स 0.38% की बढ़त के साथ हरे निशान में टिके हुए हैं। आज की इस गिरावट के साथ ही बाजार की लगातार 5 सत्रों से जारी आतिशबाजी थम गई है।

    बता दें कि पिछले 5 कारोबारी दिनों में भारतीय बाजार ने कमाल का प्रदर्शन किया था, जहां निफ्टी 50 करीब 4.3% और सेंसेक्स लगभग 4.8% चढ़ा था। अगर बीते दिन यानी वीरवार की बात करें, तो बाजार लगातार 5वें दिन हरे निशान में बंद हुआ था। वीरवार को सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33%) की बढ़त के साथ 77,409.98 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 82.30 अंक (0.34%) चढ़कर 24,168 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा था।

  • EPFO खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी… सरकार ने 8.25% ब्याज दर को दी मंजूरी

    EPFO खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी… सरकार ने 8.25% ब्याज दर को दी मंजूरी

    नई दिल्लीः देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 7 करोड़ से अधिक EPF खाताधारकों को फायदा मिलेगा और जल्द ही उनके खातों में ब्याज की राशि जमा की जाएगी। 8.25 प्रतिशत ब्याज दर पर लगी मुहर जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय ने EPFO के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे पहले 2 मार्च 2026 को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा राशि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला लिया गया था। अब सरकार की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद EPFO अपने सदस्यों के खातों में ब्याज जमा करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। जून महीने में खातों में आ सकता है ब्याज EPFO से जुड़े सूत्रों का कहना है कि करोड़ों कर्मचारियों के पीएफ खातों में ब्याज की राशि जून महीने के दौरान ही जमा की जा सकती है। संगठन ने अपने डिजिटल सिस्टम को पहले से अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया है, जिससे ब्याज क्रेडिट करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो गई है। ब्याज जमा होने के बाद सदस्य अपने पीएफ पासबुक में अपडेटेड बैलेंस और ब्याज की जानकारी देख सकेंगे। लगातार तीसरे साल बरकरार रही ब्याज दर इस बार भी EPFO ने ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। लगातार तीसरे वित्त वर्ष में कर्मचारियों को 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। पिछले वर्षों की ब्याज दरें
    • वित्त वर्ष 2025-26 : 8.25%
    • वित्त वर्ष 2024-25 : 8.25%
    • वित्त वर्ष 2023-24 : 8.25%
    • वित्त वर्ष 2022-23 : 8.15%
    इससे साफ है कि पिछले तीन वर्षों से EPFO अपने सदस्यों को 8.25 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर दे रहा है। कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा EPF खाते में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स को मजबूत बनाता है। हर साल मिलने वाला यह ब्याज कर्मचारियों के फंड को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे भविष्य में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है। सरकार के इस फैसले से करोड़ों कर्मचारियों को अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न मिलेगा। कैसे चेक करें कि खाते में ब्याज आया या नहीं ब्याज जमा होने के बाद EPF सदस्य कई तरीकों से अपना बैलेंस और ब्याज की जानकारी देख सकते हैं।
    1. EPFO पासबुक पोर्टल
    EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पासबुक लॉगिन करें और बैलेंस चेक करें।
    1. UMANG ऐप
    UMANG मोबाइल ऐप के जरिए भी पीएफ बैलेंस और ब्याज की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
    1. मिस्ड कॉल सेवा
    EPFO की मिस्ड कॉल सुविधा का उपयोग करके भी खाते की जानकारी हासिल की जा सकती है।
    1. SMS सेवा
    रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से SMS भेजकर भी पीएफ खाते की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। UAN और आधार लिंक होना जरूरी इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रिय होना चाहिए। साथ ही UAN का आधार कार्ड और बैंक खाते से लिंक होना भी जरूरी है। करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ सरकार की मंजूरी के बाद अब 7 करोड़ से ज्यादा EPF खाताधारकों को उनके जमा फंड पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि जून महीने के भीतर ही यह राशि खातों में दिखाई देने लगेगी, जिससे करोड़ों कर्मचारियों की बचत में बढ़ोतरी होगी।  
  • US Fed Policy के बाद भी शेयर मार्केट कन्फ्यूज

    US Fed Policy के बाद भी शेयर मार्केट कन्फ्यूज

    नई दिल्लीः शेयर मार्केट में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारी कन्फ्यूजन देखने को मिला है। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स की चाल बदली-बदली नजर आई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत 18 जून को हल्की गिरावट के साथ हुई है। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 12 प्वाइंट कमजोरी के साथ 23073 पर खुला है, जबकि ससेंक्स 70 अंकों के दबाव के साथ 77088 पर ट्रेड कर रहा।

    आज के कारोबारी सत्र में बाजार फेड पॉलिसी पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है। दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने लगातार महंगाई के दबाव और मजबूत बनी अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए पॉलिसी रेट को जस का तस रखा। निफ्टी के टॉप गेनर में एचडीएफसी लाइफ, ट्रेंट लिमिटेड, सिप्ला, बीईएल, एसबीआई लाइफ हैं, जबकि टॉप लूजर में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो हैं। आईटी शेयरों में आज फिर बिकवाली हावी है।

    भारतीय IT कंपनियों के शेयरों पर दबाव की वजह US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी रही है। दरअसल, यूएस फेड ने संकेत दिया कि इस साल के आखिर में ब्याज दरें और बढ़ सकती हैं, जिससे दुनिया भर में टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर सेंटीमेंट कमजोर हुआ। वहीं, 18 जून के कारोबारी सत्र में रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ खुला और इसकी लगातार चार दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। US फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिससे संकेत मिला कि साल के आखिर में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं।

  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच शेयर बाजार में आया उछाल

    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच शेयर बाजार में आया उछाल

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। ईरान-यूएस डील और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच एक बार फिर से भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुले हैं। खास बात है कि 17 जून के सेशन में निफ्टी ने 24000 के ऊपर ओपनिंग दी है और 24044 पर खुला है। वहीं, ससेंक्स 271 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 77080 पर ओपन हुआ है। मार्केट की चाल पर अपना नजरिया रखते हुए घरेलू ब्रोकरेज फर्म, मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बेहतर होते जियोपॉलिटिकल हालात, विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट से सहारा मिला।

    ऐसे में 17 जून के कारोबारी सत्र के लिए मार्केट ‘फ्लैट टू पॉजिटिव’ यानी स्थिर रहकर सकारात्मक कारोबार कर सकता है। निफ्टी के टॉप गेनर शेयरों में टेक महिंद्रा, ट्रेंट लिमिटेड, विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस शामिल हैं, जबकि लूजर में हिंडाल्को, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और टाटा कंज्यूमर के शेयर हैं। कारोबारी सत्र में विप्रो, भारत फोर्ज, प्राइम फोकस और सोनाटा सॉफ्टवेयर समेत अन्य शेयरों में एक्शन देखने को मिल रहा है।

    विप्रो ने Anthropic के क्लाउड मॉडल के लिए अपने ‘Applied AI Center of Excellence’ (CoE) को लॉन्च करने का एलान किया है। इससे एंटरप्राइज़ में AI को अपनाने और उसके असर को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत किया है। यह CoE हाल ही में बनी ‘AI-Native Business & Platforms Unit’ के तहत एक अहम पहल है।

     

     

  • लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में आई तेजी, निवेशकों के चेहरों पर छाई मुस्कान

    लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में आई तेजी, निवेशकों के चेहरों पर छाई मुस्कान

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार ने आज एक बार फिर निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के चलते बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी का दौर जारी है। दरअसल, मंगलवार की सुबह शेयर बाजार हरे निशान में खुला। बीएसई सेंसेक्स 300.03 अंक (0.39%) की मजबूत बढ़त के साथ 76,564.36 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 75.15 अंक (0.32%) चढ़कर 23,929.05 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

    मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 94.53 पर पहुंच गया, क्योंकि तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से घरेलू मुद्रा के पक्ष में अल्पकालिक रुझान बदल गया है। इस लगातार शानदार उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण भू-राजनीतिक मोर्चे से आ रही एक सकारात्मक खबर है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के फ्रेमवर्क को लेकर बन रही उम्मीदों ने बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया है। इसी आशावाद के चलते पिछले दो कारोबारी सत्रों में बेंचमार्क इंडेक्स पहले ही 3 फीसदी तक की बड़ी छलांग लगा चुके हैं।

    बाजार की इस तेजी को लीड करने में मुख्य रूप से आईटी और फाइनेंस सेक्टर का हाथ रहा। शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में शानदार खरीदारी देखने को मिली और दोनों कंपनियों के शेयर 2-2 फीसदी तक उछल गए। कॉर्पोरेट मोर्चे पर वेदांता ग्रुप ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अपने कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटने के बाद, वेदांता ग्रुप ने अपनी 5 लिस्टेड संस्थाओं के जरिए निवेशकों के लिए लगभग 20 फीसदी की नई वैल्यू अनलॉक की है। यह बड़ा वैल्यू क्रिएशन साफ तौर पर दिखाता है कि बाजार और निवेशक कंपनी के इस पुनर्गठन को लेकर कितने आशान्वित हैं।

    यहीं पर बाजार का असली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। डिमर्जर के बाद शेयर बाजार में नई लिस्ट होने वाली वेदांता की 4 कंपनियों के शेयरों ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी। अपने डेब्यू (पहले) दिन की भारी उठापटक के बीच ये नए शेयर लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, इसके बावजूद ग्रुप के ओवरऑल 20% वैल्यू अनलॉक ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। ईरान-अमेरिका के बीच शांति की उम्मीदों ने ग्लोबल और भारतीय बाजारों में नई जान फूंक दी है। इसके साथ ही, वेदांता के उदाहरण से यह साबित होता है कि जब कोई बड़ी कंपनी सही रणनीति के साथ अपना पुनर्गठन करती है, तो शुरुआती उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों के लिए लंबी अवधि में अच्छी वैल्यू क्रिएट हो सकती है।

     

     

  • ईरान-अमेरिका डील से शेयर बाजार में आया भारी उछाल, कच्चे तेल में गिरावट, रुपया एक महीने के हाई पर

    ईरान-अमेरिका डील से शेयर बाजार में आया भारी उछाल, कच्चे तेल में गिरावट, रुपया एक महीने के हाई पर

    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद और कच्चे तेल में गिरावट से आज दुनियाभर के बाजारों में तेजी आई है। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा उछाल आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी50 इंडेक्स भी 350 अंक उछल गया। सुबह 9.17 बजे सेंसेक्स 1040.51 अंक यानी 1.38% तेजी के साथ 76,568.46 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 343.90 अंक यानी 1.46% ऊपर 23,966.80 अंक पर पहुंच गया। इस तेजी से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 470 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

    इस बीच रुपये भी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। पिछले सत्र में यह 95.11 पर बंद हुआ था और आज 94.68 पर खुला जो 8 मई के बाद इसका उच्चतम स्तर है। सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर तेजी के साथ खुले। इंडिगो के शेयरों में चार फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक और टाइटन में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर, सन फार्मा के शेयरों में गिरावट रही।

    निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और टाटा मोटर्स पैसेंजर वीकल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी आई है। निफ्टी मिडकैप 1.4 फीसदी तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 1.7 फीसदी तेजी आई है। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा तेजी आई है। दूसरी ओर निफ्टी ऑटो और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान शांति समझौते के लिए सहमत हो गया है। इससे पश्चिम एशिया में तीन महीने से अधिक समय से चला आ रहा युद्ध खत्म हो जाएगा और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पक्षों ने एकदूसरे के खिलाफ सैन्य अभियान तुरंत बंद करने की घोषणा की है। इससे कच्चे तेल की कीमत में आज भारी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 5 फीसदी तक गिर गया था। अभी यह 4.66 फीसदी गिरावट के साथ 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.16 फीसदी गिरावट के साथ 80.50 डॉलर पर आ गया। तेल सस्ता होने से महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। इससे सेंट्रल बैंकों का ब्याज को लेकर रुख भी बदल सकता है क्योंकि आने वाले दिनों में कई देशों के केंद्रीय बैंकों की मीटिंग होने वाली है।