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  • Mutual Fund बना Investors की पहली पसंद, टूटे सारे रिकॉर्ड, जानें आंकड़ें

    Mutual Fund बना Investors की पहली पसंद, टूटे सारे रिकॉर्ड, जानें आंकड़ें

    मुम्बईः Mutual Fund में SIP से की जाने वाली इनवेस्टमेंट अक्टूबर में नए ऑलटाइम हाई पर जा पहुंची है। अक्टूबर में एसआईपी निवेश का आंकड़ा 25000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार करते हुए 25323 करोड़ रुपए रहा है जो कि सितंबर 2024 में 24,509 करोड़ रुपए रहा था, जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2023 में म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी निवेश 16,928 करोड़ रुपए रहा था।

    एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ने अक्टूबर 2024 के लिए म्यूचुअल फंड में आए निवेश का डेटा जारी किया है। इस डेटा के मुताबिक अक्टूबर महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में इंफ्लो 21.69 फीसदी के उछाल के साथ 41,887 करोड़ रुपए रहा है। ये लगातार 44वां महीना है जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पॉजिटिव जोन में रहा है। लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप तीनों ही सेगमेंट के फंड्स में जोरदार निवेश आया है।

    मोतीलाल ओसवाल एएमसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी ने कहा, इक्विटी इंफ्लो 40000 करोड़ रुपए के आंकड़े के करीब स्थिन बना हुआ है। उन्होंने कहा, अमेरिकी चुनावों और दूसरे प्रमुख ग्लोबल इंवेट्स के चलते विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उठापटक देखी जा रही है।

    एम्फी के मुताबिक लार्ज-कैप फंड्स में 3452 करोड़ रुपए, मिड-कैप फंड्स में 4883 करोड़ रुपए, स्मॉल-कैप फंड्स में 3772 करोड़ रुपए का इंफ्लो आया है। अक्टूबर में हाईब्रिड फंड में सबसे ज्यादा 16863.3 करोड़ रुपए का निवेश आया है जो कि इसके पहले महीने में 4901 करोड़ रुपए रहा था। सभी म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट अक्टूबर 2024 में 67.25 लाख करोड़ रुपए रहा है जो कि सितंबर 2024 में 67.09 करोड़ रुपए रहा था।

  • एक बार फिर से Stock Market में आई गिरावट

    एक बार फिर से Stock Market में आई गिरावट

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में 11 नवंबर यानी आज फिर से गिरावट देखने को मिली है। इससे पहले शनिवार को भी शेयर मार्किट में गिरावट देखने को मिली थी। दरअसल आज मार्केट खुलते ही सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 79,150 के लेवल पर कारोबार करता दिखा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद मार्केट फिर से रिकवर होती दिखाई देने लगी। अभी सेंसेक्स में 3 पॉइंट की गिरावट देखने को मिल रही है।

    वहीं निफ्टी में भी मार्केट ओपनिंग के टाइम करीब 100 अंक की गिरावट देखने को मिली लेकिन अभी ये 24,140 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। बता दें कि आज सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 19 में गिरावट और 11 में तेजी दिख रही है। बैंकिंग और FMCG शेयर्स में तो जबरदस्त गिरावट आई है। जबकि ऑटो और IT शेयर्स में अच्छा उछाल देखने को मिल रहा है।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते मार्केट में उतर-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। क्योंकि सितंबर तिमाही के नतीजे, वैश्विक रुझानों और Foreign Investors का रुख इस पर बड़ा असर डालेगा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि ”इंडियन मार्केट में कमजोरी की मुख्य वजह FIIs की लगातार बिकवाली है, जो इस महीने भी देखने को मिल सकती है।”

     

  • बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    नई दिल्लीः तूफानी तेजी के बाद कल कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बाजार चौथे दिन लाल निशान पर खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी नजर आई। बाजार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 162 अंक गिरकर 80215 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी करीब 55 अंक गिर कर 24428 के लेवल पर खुला। बाजार की शुरुआत में 1245 शेयरों में तेजी देखने को मिली। जबकि 343 शेयरों में गिरावट नजर आई। निफ्टी बैंक करीब 116 अंक गिर कर 52200.85 के स्तर पर खुला। बाजार की शुरुआत में निफ्टी स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स मजबूती के साथ खुले।

    मिडकैप इंडेक्स करीब 162.20 अंक चढ़कर 57518 के स्तर पर खुला। निफ्टी आईटी भी 87 अंक ऊपर खुला। Titan Company Ltd के शेयर प्राइस लगातार गिरावट दर्ज कर रहे हैं। बुधवार को भी टाटा ग्रुप (Tata Group) की इस कंपनी के स्टॉक में 3% तक की गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक माह में टाइटन कंपनी के शेयर 13% गिर चुके हैं।

    सुपर स्टार इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो का यह मल्टीबैगर स्टॉक है। सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही में झुनझुनवाला ने Titan Company के 0.2% तक अपनी होल्डिंग कम की है यानि कंपनी के शेयर बेचे। इसके बावजूद अब भी झुनझुनवाला पोर्टफोलियो में टाइटन कंपनी के 45,713,470 शेयर हैं। कंपनी में अब भी उनकी 5.1% की हिस्सेदारी है।

    टाइटन कंपनी के शेयर बुधवार को दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद दबाव में कारोबार कर रहे हैं। टाटा का शेयर 3,230.25 रुपए के पिछले बंद भाव की तुलना में 3,145 रुपए पर खुला। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 3.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,114 रुपए का इंट्राडे लो बनाया। सुबह 11.20 बजे टाइटन कंपनी के शेयर 3% की गिरावट के साथ 3145 रुपए के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे।

    मंगलवार को प्रमुख आभूषण और घड़ी निर्माता ने सितंबर 2024 को समाप्त वित्तवर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट में 23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 704 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की। कंपनी ने एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में 916 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया था।

     

  • बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    नई दिल्लीः तूफानी तेजी के बाद कल कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बाजार चौथे दिन लाल निशान पर खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी नजर आई। बाजार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 162 अंक गिरकर 80215 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी करीब 55 अंक गिर कर 24428 के लेवल पर खुला। बाजार की शुरुआत में 1245 शेयरों में तेजी देखने को मिली। जबकि 343 शेयरों में गिरावट नजर आई। निफ्टी बैंक करीब 116 अंक गिर कर 52200.85 के स्तर पर खुला। बाजार की शुरुआत में निफ्टी स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स मजबूती के साथ खुले।

    मिडकैप इंडेक्स करीब 162.20 अंक चढ़कर 57518 के स्तर पर खुला। निफ्टी आईटी भी 87 अंक ऊपर खुला। Titan Company Ltd के शेयर प्राइस लगातार गिरावट दर्ज कर रहे हैं। बुधवार को भी टाटा ग्रुप (Tata Group) की इस कंपनी के स्टॉक में 3% तक की गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक माह में टाइटन कंपनी के शेयर 13% गिर चुके हैं।

    सुपर स्टार इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो का यह मल्टीबैगर स्टॉक है। सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही में झुनझुनवाला ने Titan Company के 0.2% तक अपनी होल्डिंग कम की है यानि कंपनी के शेयर बेचे। इसके बावजूद अब भी झुनझुनवाला पोर्टफोलियो में टाइटन कंपनी के 45,713,470 शेयर हैं। कंपनी में अब भी उनकी 5.1% की हिस्सेदारी है।

    टाइटन कंपनी के शेयर बुधवार को दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद दबाव में कारोबार कर रहे हैं। टाटा का शेयर 3,230.25 रुपए के पिछले बंद भाव की तुलना में 3,145 रुपए पर खुला। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 3.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,114 रुपए का इंट्राडे लो बनाया। सुबह 11.20 बजे टाइटन कंपनी के शेयर 3% की गिरावट के साथ 3145 रुपए के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे।

    मंगलवार को प्रमुख आभूषण और घड़ी निर्माता ने सितंबर 2024 को समाप्त वित्तवर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट में 23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 704 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की। कंपनी ने एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में 916 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया था।

     

  • Best Health Insurance in India: जानें कौन-सा है आपके लिए सबसे अच्छा!

    Best Health Insurance in India: जानें कौन-सा है आपके लिए सबसे अच्छा!

    नई दिल्ली, 03 नवंबर, 2024: Best Health Insurance in India 2025, भारत में स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और अनिश्चितता के कारण, लोग अब स्वास्थ्य बीमा को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि “भारत में कौन-सा स्वास्थ्य बीमा सबसे अच्छा है,” तो आप सही जगह पर हैं। इस लेख में हम टॉप स्वास्थ्य बीमा योजनाओं, उनके लाभ और चयन के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

    1. Care Health Insurance – Care Supreme

    Care Health Insurance की Care Supreme योजना भारत में सबसे अच्छे स्वास्थ्य बीमा विकल्पों में से एक मानी जाती है। यह योजना 7 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के सम बीमित विकल्प प्रदान करती है और इसमें अनलिमिटेड ऑटोमैटिक रीस्टोरेशन की सुविधा है। इसका मतलब है कि यदि आप एक बार बीमा राशि का उपयोग करते हैं, तो वह स्वतः पुनर्स्थापित हो जाती है। इसके अतिरिक्त, यह वार्षिक स्वास्थ्य चेक-अप, कैशलेस अस्पताल में भर्ती, और बहु-बीमारियों का इलाज भी कवर करती है​

    2. Niva Bupa Health Insurance – Reassure 2.0

    Niva Bupa की Reassure 2.0 योजना भी एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें “फॉरएवर रीस्टोरेशन” की सुविधा है, जो आपके द्वारा किए गए दावों के बाद आपकी बीमा राशि को पूरी तरह से पुनर्स्थापित करती है। यह योजना 5 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के सम बीमित विकल्प प्रदान करती है और इसमें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी शामिल है​

    3. ManipalCigna – Prime Advantage

    ManipalCigna की Prime Advantage योजना में वैकल्पिक उपचार जैसे आयुर्वेद को कवर किया गया है। यह योजना 5 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के सम बीमित विकल्प प्रदान करती है और इसका दावा निपटान अनुपात 99.90% है, जो इसे एक विश्वसनीय विकल्प बनाता है। इसके अलावा, यह योजना मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य देखभाल के लिए व्यक्तिगत सलाहकार की सुविधा भी देती है​

    4. Aditya Birla Health Insurance – Active Assure Diamond Plan

    Aditya Birla Health Insurance का Active Assure Diamond Plan व्यक्तिगत स्वास्थ्य कोचिंग और विभिन्न वैकल्पिक उपचारों के लिए कवरेज प्रदान करता है। इसमें रीलोड सुविधा भी है, जो आपको बेमेल बीमारियों के लिए अतिरिक्त कवरेज प्रदान करती है। यह योजना ग्राहकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है और विभिन्न हेल्थ चेक-अप्स की पेशकश करती है​

    5. HDFC ERGO Health Insurance – Optima Restore

    HDFC ERGO की Optima Restore योजना अपने “रीस्टोर” फीचर के लिए जानी जाती है, जो आपकी बीमा राशि को अपने आप पुनर्स्थापित करता है। यह योजना परिवारों के लिए व्यापक कवरेज प्रदान करती है और यह एक लोकप्रिय विकल्प है। इसमें घरेलू उपचार और नर्सिंग सेवाओं के लिए भी कवरेज मिलता है​

    6. Cigna TTK – ProHealth Plus

    Cigna TTK की ProHealth Plus योजना प्री- और पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज के साथ-साथ वैश्विक आपातकालीन कवरेज भी प्रदान करती है। यह योजना साल में एक बार स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी देती है और इसमें विभिन्न प्रकार के चिकित्सा और वैकल्पिक उपचारों के लिए कवरेज शामिल है​

    7. Royal Sundaram – Health Lifeline Supreme

    Royal Sundaram की Health Lifeline Supreme योजना वार्षिक स्वास्थ्य चेक-अप और वैकल्पिक उपचार के लिए कवरेज प्रदान करती है। यह योजना परिवारों के लिए सम बीमित विकल्प और व्यापक कवरेज विकल्प उपलब्ध कराती है। इसमें चिकित्सा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा भी है, जो इसे एक विशेष विकल्प बनाती है​

    स्वास्थ्य बीमा चुनते समय ध्यान देने योग्य बातें

    1. दावा निपटान अनुपात: यह आंकड़ा बताता है कि बीमा कंपनी कितनी बार दावों का भुगतान करती है। उच्च दावा निपटान अनुपात वाली कंपनियों को प्राथमिकता दें।
    2. प्रीमियम लागत: प्रीमियम हमेशा आपकी बीमा योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है। इसे अपने बजट में रखकर ही योजना का चयन करें।
    3. नेटवर्क अस्पताल: सुनिश्चित करें कि आपकी बीमा कंपनी के नेटवर्क में आपके नजदीकी अस्पताल शामिल हैं। यह सुविधा आपको बिना किसी परेशानी के इलाज की अनुमति देती है।
    4. विशेषताएँ और लाभ: स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की विशेषताएँ और लाभों की तुलना करें, जैसे कि प्री-हॉस्पिटलाइजेशन, पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन, वार्षिक स्वास्थ्य चेक-अप आदि।
    5. ग्राहक सेवा: बीमा कंपनी की ग्राहक सेवा को भी ध्यान में रखें। अच्छे ग्राहक सेवा वाले बीमा कंपनियों से जुड़ना बेहतर होता है।
    भारत में सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य बीमा का चयन करते समय यह सुनिश्चित करें कि आपकी आवश्यकताओं और बजट के अनुसार सही योजना का चुनाव करें। ऊपर बताई गई योजनाएँ विश्वसनीय और सुविधाजनक हैं, और ये आपको और आपके परिवार को चिकित्सा खर्चों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती हैं। आपकी आवश्यकताओं के अनुसार सही स्वास्थ्य बीमा चुनने से आपको मानसिक शांति मिलती है, और आप सुनिश्चित होते हैं कि आप या आपके परिवार के सदस्य किसी भी स्वास्थ्य संकट में सुरक्षित हैं। स्वास्थ्य बीमा की योजना खरीदने में देर न करें, क्योंकि संकट कभी भी आ सकता है। इन योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर जाएं और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त योजना का चयन करें!
  • SIP Investment: मात्र ₹100 से म्यूचुअल फंड SIP, छोटे निवेश का बड़ा लाभ

    SIP Investment: मात्र ₹100 से म्यूचुअल फंड SIP, छोटे निवेश का बड़ा लाभ

    SIP निवेश के लिए सुझाव
    • शुरुआत में छोटी राशि से निवेश करें, फिर समय के साथ धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं।
    • म्यूचुअल फंड के विविध योजनाओं में निवेश करें ताकि जोखिम संतुलित हो सके।
    • किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श करके अपने निवेश लक्ष्यों को समझें और उसके अनुसार निवेश योजना बनाएं।
    नई दिल्ली, 1 नवंबर 2024: म्यूचुअल फंड में निवेश भारतीय वित्तीय बाजार का एक मुख्य स्तंभ बन चुका है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है। इसी के साथ निवेशकों में रुचि और पहुँच बढ़ाने के लिए कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की न्यूनतम राशि को घटाकर ₹100 कर दिया है। इस कदम से विशेषकर छोटे और नए निवेशकों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है, जो बड़ी राशि के निवेश में हिचकिचाते हैं।

    SIP क्या है और कैसे काम करता है?

    SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान म्यूचुअल फंड में नियमित और छोटे राशि का निवेश करने की एक प्रभावी रणनीति है। इस योजना के तहत निवेशक अपनी सुविधानुसार हर माह एक तय राशि निवेश करते हैं। इससे निवेशकों को एक बार में बड़ी राशि का निवेश नहीं करना पड़ता और वे समय के साथ अपने निवेश को धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं। कंपाउंडिंग का प्रभाव दीर्घकाल में निवेश की राशि को बढ़ाता है, जो अंततः बेहतर रिटर्न दिलाने में सहायक होता है।

    ₹100 SIP का महत्व

    LIC म्यूचुअल फंड सहित कई कंपनियों ने अपने चुनिंदा योजनाओं में ₹100 के SIP का विकल्प उपलब्ध कराया है। इसका उद्देश्य उन निवेशकों को ध्यान में रखते हुए है, जो छोटी रकम से निवेश शुरू करना चाहते हैं। कम से कम ₹100 की राशि के साथ शुरुआत करना संभवतः कम जोखिम के साथ निवेश के प्रति जागरूकता बढ़ाने और निवेश के अनुशासन को स्थापित करने में सहायक हो सकता है। छोटे निवेश से दीर्घकाल में बेहतर रिटर्न प्राप्त करने की संभावना होती है, खासकर तब, जब यह निवेश लगातार और अनुशासित तरीके से किया जाए।

    छोटे निवेशकों के लिए वरदान

    ₹100 की SIP विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, निम्न आय वर्ग और पहली बार निवेश करने वाले लोगों के लिए आदर्श है। अक्सर उच्च राशि के निवेश से डरने वाले छोटे निवेशक अब आसानी से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, यह सरकार के वित्तीय समावेशन योजनाओं जैसे जन धन योजना के लक्ष्यों के अनुरूप भी है। छोटे निवेशक अब बिना किसी वित्तीय दबाव के नियमित रूप से म्यूचुअल फंड के माध्यम से निवेश कर सकते हैं और भविष्य में बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

    निवेश के अनुशासन का महत्व

    कम राशि से SIP शुरू करने का एक अन्य लाभ यह है कि यह निवेश में अनुशासन को बढ़ावा देता है। नियमित रूप से निवेश करने से वित्तीय अनुशासन का विकास होता है जो बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को लाभकारी सिद्ध होता है। छोटी राशि के नियमित निवेश से निवेशक हर माह निवेश की आदत डालते हैं, जो लंबी अवधि में उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है।

    लाॅन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न

    म्यूचुअल फंड में ₹100 की SIP की सुविधा उन निवेशकों को भी अवसर देती है, जो समय के साथ अपने निवेश में वृद्धि करना चाहते हैं। कंपाउंडिंग की ताकत के चलते लंबी अवधि में एक छोटी राशि भी बेहतर रिटर्न दिला सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई निवेशक ₹100 की SIP 10% वार्षिक रिटर्न के हिसाब से 20 वर्षों तक करता है, तो यह राशि महत्वपूर्ण रूप से बढ़कर हजारों रुपये बन सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश एक छोटी राशि से भी बड़ा लाभ कमा सकता है।

    नए निवेशकों के लिए जोखिम कम

    ₹100 जैसी छोटी राशि से निवेश शुरू करने का एक और लाभ यह है कि नए निवेशक कम जोखिम के साथ बाजार में कदम रख सकते हैं। इससे उन्हें बाजार की समझ विकसित करने का समय मिलता है और वे धीरे-धीरे उच्च निवेश की ओर बढ़ सकते हैं। एक बड़ी राशि का नुकसान सहन करने का भय न होने के कारण नए निवेशक धीरे-धीरे अनुभव और आत्मविश्वास प्राप्त कर सकते हैं।

    SIP के अन्य लाभ

    SIP के अन्य लाभों में लागत औसत करने की रणनीति, मार्केट फ्लक्चुएशन का सामना करने की क्षमता और लंबे समय में पावर ऑफ कंपाउंडिंग का फायदा शामिल हैं। SIP निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने का अवसर देता है क्योंकि हर माह की एक निश्चित राशि से निवेश करते हुए वे बाजार की उच्चता या नीचता के बजाय अपनी नियमितता पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। ₹100 की SIP से छोटे निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश का अवसर मिलना एक सराहनीय कदम है। इससे न केवल उन्हें निवेश की जानकारी और समझ विकसित करने का मौका मिलेगा, बल्कि वे छोटे कदम से एक मजबूत वित्तीय भविष्य की दिशा में बढ़ सकते हैं। मार्केट रिसर्च और अनुशासित निवेश से किसी भी निवेशक को बेहतर रिटर्न प्राप्त करने का अवसर मिलता है। Disclaimer: यह लेख म्यूचुअल फंड निवेश के बारे में सामान्य जानकारी प्रदान करता है और यह निवेश की सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित है।
  • Dhanteras से पहले सोने-चांदी में आया उछाल, Sensex में भी दिखी तेजी

    Dhanteras से पहले सोने-चांदी में आया उछाल, Sensex में भी दिखी तेजी

    बिजनेसः धनतेरस से एक दिन पहले सोना और चांदी के दाम में बड़ा उछाल देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 480 रुपए चढ़कर 78,495 रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले सोना 78,015 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं, चांदी की कीमत में भी 752 रुपए की बढ़त रही और यह 96,552 रुपए प्रति किलो की कीमत पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी 95,800 रुपए पर थी।

    वहीं, इसी महीने 23 को सोने ने 78,703 रुपए और चांदी ने 99,151 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। वहीं हफ्ते के पहले कारोबार को सेंसेक्स में भी तेजी देखी गई है। पहले दिन सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा की बढ़त से 80,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 300 अंक की तेजी है, ये 24,500 के करीब कारोबार कर रहा है।

  • Share Market News: 4-5 साल के लिए निवेश कहां करें? BFSI और Infrastructure Sector में निवेश से मिल सकता है अच्छा मुनाफा

    Share Market News: 4-5 साल के लिए निवेश कहां करें? BFSI और Infrastructure Sector में निवेश से मिल सकता है अच्छा मुनाफा

    Highlights:
    1. BFSI और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अगले 4-5 वर्षों में निवेश करने से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है।
    2. L&T और NTPC जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स में निवेश करना सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है।
    3. बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में बढ़ती मांग से BFSI कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि होने की उम्मीद है।
    बिज़नेस न्यूज़, 20 अक्टूबर, 2024: BFSI और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर आने वाले 4-5 वर्षों में निवेश के बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। जानिए विशेषज्ञों की राय और किन कंपनियों पर दांव लगाकर बेहतर रिटर्न पाया जा सकता है। यदि आप लंबी अवधि (4-5 साल) के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस) और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में पैसा लगाना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बढ़ती GDP ग्रोथ और सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर-फ्रेंडली पॉलिसीज इन क्षेत्रों को मजबूत बना रही हैं, जिससे निवेशकों को अच्छे रिटर्न की उम्मीद है।

    BFSI सेक्टर क्यों है फायदेमंद?

    मार्केट विश्लेषक सुनील सुब्रमणियम के अनुसार, BFSI सेक्टर आने वाले वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा। बैंक, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) और वेल्थ मैनेजमेंट फर्म्स में निवेश से बेहतर रिटर्न की संभावना है।
    “बैंकिंग सेक्टर, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉर्पोरेट विस्तार के लिए जरूरी वित्त उपलब्ध कराएगा, जिससे इनकी ब्याज आय में तेजी आएगी।”

    अन्य कारण क्यों BFSI में निवेश करें:

    • लोन डिमांड में वृद्धि: बैंकों द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और MSME सेक्टर को फंडिंग में तेजी आएगी।
    • इंश्योरेंस सेक्टर का ग्रोथ: कोरोना महामारी के बाद बीमा उत्पादों की मांग में उछाल आया है।
    • डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक: डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक के बढ़ते इस्तेमाल से NBFCs का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है।

    इंफ्रास्ट्रक्चर में L&T और NTPC क्यों हैं टॉप चॉइस?

    मार्केट एक्सपर्ट संदीप बंद्योपाध्याय का मानना है कि लार्सेन एंड टुब्रो (L&T) और NTPC जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स आने वाले वर्षों में मजबूत प्रदर्शन करेंगे। L&T के पास मजबूत ऑर्डर बुक है, जबकि NTPC की ग्रीन एनर्जी सब्सिडियरी का IPO जल्द आने वाला है, जो इसमें निवेश के नए अवसर खोलेगा।
    “NTPC, पारंपरिक और ग्रीन एनर्जी दोनों में बेहतर प्रदर्शन कर रही है, और यह निवेशकों के लिए सुरक्षित और लाभदायक विकल्प है।”

    इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश के फायदे:

    1. सरकारी योजनाओं का सपोर्ट: भारत में नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) और PLI स्कीम्स का सीधा फायदा इस सेक्टर को मिलेगा।
    2. ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार: NTPC जैसी कंपनियां ग्रीन एनर्जी में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं, जिससे भविष्य में स्टॉक वैल्यू में वृद्धि होगी।
    3. स्थिर रिटर्न: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिर रिटर्न प्रदान करता है।
    Disclaimer: यह जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श अवश्य करें। Encounter India किसी भी लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
  • करवा चौथ पर सोना महंगा हुआ यां सस्ता? जानें दाम

    करवा चौथ पर सोना महंगा हुआ यां सस्ता? जानें दाम

    नई दिल्लीः करवा चौथ के त्योहार के मोके पर कई लोग सोना खरीदने के बारे में सोच रहै हैं तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल, आज सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार भारत में 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 72,930 रुपये है जो कि पिछले दिन कीमत 72,550 थी। यानी आज रेट बढ़ गए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत आज 79,570 रुपये प्रति 10 ग्राम है जिसमें कोई गिरावट या उछाल नहीं आया है।

    अगर चांदी की बात करें तो आज लखनऊ में चांदी की कीमतों में बदलाव आया है। आज एक किलो चांदी की कीमत 99,500 रुपये है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उपरोक्त सोने की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी से जाँच करें।

  • सरकारी बैंकों से घर खरीदने वालों को Diwali Gift !

    सरकारी बैंकों से घर खरीदने वालों को Diwali Gift !

    नई दिल्लीः महंगाई को काबू में करने के ल‍िए RBI की तरफ से साल 2022 में नीत‍िगत दर में इजाफा करने का फैसला क‍िया गया। करीब डेढ़ साल पहले इसे आख‍िरी बार बढ़ाकर 6.5 प्रत‍िशत कर द‍िया गया था। इसका असर यह हुआ क‍ि बैंकों और एनबीएफसी (NBFC) की तरफ से द‍िये जाने वाला लोन महंगा हो गया। र‍ियलएस्‍टेट इंडस्‍ट्री की तरफ से लगातार होम लोन की ब्‍याज दर को कम क‍िये जाने की मांग की जा रही है। परंतु जानकारों का कहना है क‍ि हाल-फिलहाल में इसमें राहत म‍िलने की उम्‍मीद कम ही है।

    फेस्‍ट‍िव सीजन में कई सरकारी बैंकों की तरफ से होम लोन की मांग बढ़ाने के ल‍िए प्रोसेसिंग फीस को माफ कर दिया गया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंकों की तरफ से अपनी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक की अवधि के लिए प्रोसेसिंग शुल्क पूरी तरह से माफ की गई है। इंड‍ियन ओवरसीज बैंक की तरफ से भी होम लोन की प्रोसेसिंग फी को माफ क‍िया गया है।

    सरकारी बैंकों के उलट प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों की तरफ से इस तरह की क‍िसी भी छूट का ऐलान नहीं क‍िया गया है। सरकारी बैंक आमतौर पर ज्‍यादा आकर्षक होम लोन दर प्रदान करते हैं। आपको बता दें प‍िछले द‍िनों अमेर‍िका में फेड र‍िजर्व की तरफ से ब्‍याज दर में कटौती क‍िए जाने के बाद आरबीआई के ऊपर भी ब्‍याज दर कम करने का दवाब बढ़ गया है। द‍िसंबर में होने वाली एमपीसी की बैठक में ब्‍याज दर को कम करने पर फैसला क‍िया जा सकता है।

    मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में इंड‍ियन ओवरसीज बैंक के लोन में 19% की तेजी देखी गई। यह बढ़कर 1,849.67 करोड़ रुपए के आंकड़े पर पहुंच गया है। इंड‍ियन ओवरसीज बैंक के एमडी और सीईओ अजय श्रीवास्तव ने कहा, फेस्‍ट‍िव सीजन में नई चीजें जैसे सोना- चांदी गाड़ी और घर आद‍ि खरीदना शुभ माना जाता है। इस मौके को यादगार बनाने के ल‍िए बैंक की तरफ से होम लोन पर लगने वाली प्रोसेसिंग फीस को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की गई है। उन्‍होंने बताया क‍ि यह मौजूदा ग्राहकों से ज्‍यादा ब‍िजनेस करने और नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम है।