Category: Business

  • Mutual Fund बना Investors की पहली पसंद, टूटे सारे रिकॉर्ड, जानें आंकड़ें

    Mutual Fund बना Investors की पहली पसंद, टूटे सारे रिकॉर्ड, जानें आंकड़ें

    मुम्बईः Mutual Fund में SIP से की जाने वाली इनवेस्टमेंट अक्टूबर में नए ऑलटाइम हाई पर जा पहुंची है। अक्टूबर में एसआईपी निवेश का आंकड़ा 25000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार करते हुए 25323 करोड़ रुपए रहा है जो कि सितंबर 2024 में 24,509 करोड़ रुपए रहा था, जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2023 में म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी निवेश 16,928 करोड़ रुपए रहा था।

    एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ने अक्टूबर 2024 के लिए म्यूचुअल फंड में आए निवेश का डेटा जारी किया है। इस डेटा के मुताबिक अक्टूबर महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में इंफ्लो 21.69 फीसदी के उछाल के साथ 41,887 करोड़ रुपए रहा है। ये लगातार 44वां महीना है जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पॉजिटिव जोन में रहा है। लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप तीनों ही सेगमेंट के फंड्स में जोरदार निवेश आया है।

    मोतीलाल ओसवाल एएमसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी ने कहा, इक्विटी इंफ्लो 40000 करोड़ रुपए के आंकड़े के करीब स्थिन बना हुआ है। उन्होंने कहा, अमेरिकी चुनावों और दूसरे प्रमुख ग्लोबल इंवेट्स के चलते विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उठापटक देखी जा रही है।

    एम्फी के मुताबिक लार्ज-कैप फंड्स में 3452 करोड़ रुपए, मिड-कैप फंड्स में 4883 करोड़ रुपए, स्मॉल-कैप फंड्स में 3772 करोड़ रुपए का इंफ्लो आया है। अक्टूबर में हाईब्रिड फंड में सबसे ज्यादा 16863.3 करोड़ रुपए का निवेश आया है जो कि इसके पहले महीने में 4901 करोड़ रुपए रहा था। सभी म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट अक्टूबर 2024 में 67.25 लाख करोड़ रुपए रहा है जो कि सितंबर 2024 में 67.09 करोड़ रुपए रहा था।

  • Share Market News: क्यों लगातार गिर रही है Share Market, जानें कारण

    Share Market News: क्यों लगातार गिर रही है Share Market, जानें कारण

    Share Market: शेयर बाजार में आ रही लगातार गिरावर से निवेशकों का दिवाला निकलना बंद नहीं हुआ है। बाजार में जारी बिकवाली ऐसी हावी हुई है कि अब तक मार्केट उभर नहीं पाया है। आज भी जब बाजार खुला तो खुलते ही औंधे मुंह गिर गया। 11 नवंबर, सोमवार को भी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी सोमवार को सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 79,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 100 अंक लुढ़ककर 24,050 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।बाजार में लगातार गिरावट के बाद से लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि शेयर बाजार को क्या हो गया है जो लगातार नीचे गिरता ही जा रहा है। अमेरिका में हुए चुनावों के बाद वहां डोनाल्ट ट्रंप की सरकार भी बन गई और फेडरल रिजर्व की ओर से महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में कटौती भी की जा रही है, लेकिन इन सबके बावजूद भारतीय शेयर बाजार में आ रही गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही। सोमवार को बाजार की खराब शुरुआत से पहले 8 नवंबर को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था।

    क्यों गिर रहा है शेयर बाज़ार

    अमेरिकी चुनाव के नतीजें या ब्याज दरों में कटौती जैसी खबरों के बाद भी शेयर बाजार में आ रही बिकवाली रुकने का नाम नहीं ले रही। दरअसल स्टॉक मार्केट में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण है FII यानी संस्थागत विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। बीते दिनों में फॉरेन इन्वेस्टर्स बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। FII पिछले कई दिनों से शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं और उसकी बिकवाली का आंकड़ा 1 लाख करोड़ को पार कर चुका है।

    इन फैक्टर्स का पर रहा निगेटिव असर

    फॉरेन इन्वेस्टर्स के अलावा बाजार में गिरावट के पीछे और भी कई कारण हैं, जो शेयर बाज़ार को उपर उठने नहीं दे रही। इसमें से एक बड़ा कारण कंपनियों के तिमाही नतीजे हैं। कई बड़ी कंपनियों के खराब रिजल्ट के चलते बाजार पर दवाब हावी है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के अलावा आरबीआई की चुप्पी ने निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों में कंफ्यूजन है कि वह एसी स्थिती में क्या करें।

    चीन का रुख कर रहै निवेशक

    भारत के शेयर बाज़ार में लगातार आ रही गिरावर के बीच चीन ने भी ऐन मौके पर बड़ी चाल चली है। चीन ने निवेशकों को लुभाने के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान कर दिया। वहीं चीनी सरकार की ओर से अतिर्क्त राहत पैकेज 10 लाख करोड़ का ऐलान किए जाने की उम्मीद है। चीन सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से विदेशी निवेशक चीन का रूख कर सकते हैं। जिसके चलते बाजार पर बिकवाली हो सकती है।
  • एक बार फिर से Stock Market में आई गिरावट

    एक बार फिर से Stock Market में आई गिरावट

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में 11 नवंबर यानी आज फिर से गिरावट देखने को मिली है। इससे पहले शनिवार को भी शेयर मार्किट में गिरावट देखने को मिली थी। दरअसल आज मार्केट खुलते ही सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 79,150 के लेवल पर कारोबार करता दिखा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद मार्केट फिर से रिकवर होती दिखाई देने लगी। अभी सेंसेक्स में 3 पॉइंट की गिरावट देखने को मिल रही है।

    वहीं निफ्टी में भी मार्केट ओपनिंग के टाइम करीब 100 अंक की गिरावट देखने को मिली लेकिन अभी ये 24,140 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। बता दें कि आज सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 19 में गिरावट और 11 में तेजी दिख रही है। बैंकिंग और FMCG शेयर्स में तो जबरदस्त गिरावट आई है। जबकि ऑटो और IT शेयर्स में अच्छा उछाल देखने को मिल रहा है।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते मार्केट में उतर-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। क्योंकि सितंबर तिमाही के नतीजे, वैश्विक रुझानों और Foreign Investors का रुख इस पर बड़ा असर डालेगा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि ”इंडियन मार्केट में कमजोरी की मुख्य वजह FIIs की लगातार बिकवाली है, जो इस महीने भी देखने को मिल सकती है।”

     

  • सोने-चांदी के दामों में आई गिरावट, जानें नए दाम

    सोने-चांदी के दामों में आई गिरावट, जानें नए दाम

    नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमत में इस हफ्ते की शुरुआत के साथ कमी देखने को मिली है। लगातार दो दिन सोने-चांदी की कीमत में गिरावट रही। आज तीसरे दिन, 13 नवंबर बुधवार को भी सोना सस्ता हुआ है। चांदी के रेट भी पिछले दिनों में कम 2000 के करीब कम हुए है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से लेकर पटना तक में सोने-चांदी की कीमत के अंतर देखने को मिला है।

    मिली जानकारी के अनुसार आज 22 कैरेट सोने की कीमत में 70,850 रुपये की जगह 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। जबकि, 24 कैरेट सोने की कीमत 77,290 रुपये की जगह 76,850 रुपये हो गई है। इस सप्ताह के पहले दिन 22 कैरेट सोना 72,200 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना 78,760 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था। सोमवार से लेकर बुधवार तक 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 2,510 रुपये तक की गिरावट देखने को मिली।

  • खुदरा महंगाई दर में अप्रत्याशित उछाल, ब्याज दरें कम होने का इंतजार बरकरार

    खुदरा महंगाई दर में अप्रत्याशित उछाल, ब्याज दरें कम होने का इंतजार बरकरार

    नई दिल्ली: देश में खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। महंगाई में इस उछाल का मुख्य कारण सब्जियों, फलों और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतें हैं। यह दर केंद्रीय बैंक के 4% के लक्ष्य और 2% के सहनशीलता बैंड से बाहर हो गई है, जो अगस्त 2023 के बाद पहली बार हुआ है। महंगाई की यह ऊंची दर गिरते हुए शेयर बाजार पर भी दबाव डाल सकती है, जो मंगलवार को 1% नीचे बंद हुआ।

    वहीं गवर्नर शशिकांत दास ने होम लोन और ऑटो लोन पर नई update दी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल होम लोन और ऑटो लोन पर EMI में कोई कमी नहीं होगी। RBI ने पिछले 2 सालों से ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की है। हालांकि, अक्टूबर में हुई मौद्रिक नीति बैठक के दौरान कुछ बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन RBI के गवर्नर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल ब्याज दर यथास्थित रह सकती है।

    बता दें, कनाडा का केंद्रीय बैंक जुलाई से अब तक 2 बार ब्याज दरों में कमी कर चुका है, वहीं यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी ब्याज दरों में कटौती कर चुका है। अमेरिका का फेडरल रिजर्व भी अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती करने की संभावना जता चुका है।

    नवंबर 2024 तक भारत के प्रमुख बैंकों द्वारा दी जाने वाली होम, कार और शिक्षा ऋण की ब्याज दरें दी गई हैं।

    कार लोन


    बैंक                        ब्याज दरे

    SBI:                      8.70% से 10.50%
    एचडीएफसी बैंक           8.85% से 12.75%
    एक्सिस बैंक               8.90% से 13.00%
    आईसीआईसीआई बैंक:    8.85% से 12.50%
    बैंक ऑफ बड़ौदा:          8.50% से 10.70%

    होम लोन

    SBI                       8.50% से 10.20%
    बैंक ऑफ बड़ौदा           8.40% से 10.90%
    पंजाब नेशनल बैंक        8.40% से 10.15%
    आईसीआईसीआई बैंक     8.85% से 10.50%
    एचडीएफसी लिमिटेड      8.95% से 10.65%

    ये ब्याज दरें क्रेडिट स्कोर, ऋण की अवधि और बैंकों की विशेष शर्तों पर आधारित हो सकती हैं।

  • Share Market News: क्यों लगातार गिर रही है Share Market, जानें कारण

    Share Market News: क्यों लगातार गिर रही है Share Market, जानें कारण

    Share Market: शेयर बाजार में आ रही लगातार गिरावर से निवेशकों का दिवाला निकलना बंद नहीं हुआ है। बाजार में जारी बिकवाली ऐसी हावी हुई है कि अब तक मार्केट उभर नहीं पाया है। आज भी जब बाजार खुला तो खुलते ही औंधे मुंह गिर गया। 11 नवंबर, सोमवार को भी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी सोमवार को सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 79,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 100 अंक लुढ़ककर 24,050 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।बाजार में लगातार गिरावट के बाद से लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि शेयर बाजार को क्या हो गया है जो लगातार नीचे गिरता ही जा रहा है। अमेरिका में हुए चुनावों के बाद वहां डोनाल्ट ट्रंप की सरकार भी बन गई और फेडरल रिजर्व की ओर से महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में कटौती भी की जा रही है, लेकिन इन सबके बावजूद भारतीय शेयर बाजार में आ रही गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही। सोमवार को बाजार की खराब शुरुआत से पहले 8 नवंबर को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था।

    क्यों गिर रहा है शेयर बाज़ार

    अमेरिकी चुनाव के नतीजें या ब्याज दरों में कटौती जैसी खबरों के बाद भी शेयर बाजार में आ रही बिकवाली रुकने का नाम नहीं ले रही। दरअसल स्टॉक मार्केट में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण है FII यानी संस्थागत विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। बीते दिनों में फॉरेन इन्वेस्टर्स बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। FII पिछले कई दिनों से शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं और उसकी बिकवाली का आंकड़ा 1 लाख करोड़ को पार कर चुका है।

    इन फैक्टर्स का पर रहा निगेटिव असर

    फॉरेन इन्वेस्टर्स के अलावा बाजार में गिरावट के पीछे और भी कई कारण हैं, जो शेयर बाज़ार को उपर उठने नहीं दे रही। इसमें से एक बड़ा कारण कंपनियों के तिमाही नतीजे हैं। कई बड़ी कंपनियों के खराब रिजल्ट के चलते बाजार पर दवाब हावी है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के अलावा आरबीआई की चुप्पी ने निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों में कंफ्यूजन है कि वह एसी स्थिती में क्या करें।

    चीन का रुख कर रहै निवेशक

    भारत के शेयर बाज़ार में लगातार आ रही गिरावर के बीच चीन ने भी ऐन मौके पर बड़ी चाल चली है। चीन ने निवेशकों को लुभाने के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान कर दिया। वहीं चीनी सरकार की ओर से अतिर्क्त राहत पैकेज 10 लाख करोड़ का ऐलान किए जाने की उम्मीद है। चीन सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से विदेशी निवेशक चीन का रूख कर सकते हैं। जिसके चलते बाजार पर बिकवाली हो सकती है।
  • Mutual Fund बना Investors की पहली पसंद, टूटे सारे रिकॉर्ड, जानें आंकड़ें

    Mutual Fund बना Investors की पहली पसंद, टूटे सारे रिकॉर्ड, जानें आंकड़ें

    मुम्बईः Mutual Fund में SIP से की जाने वाली इनवेस्टमेंट अक्टूबर में नए ऑलटाइम हाई पर जा पहुंची है। अक्टूबर में एसआईपी निवेश का आंकड़ा 25000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार करते हुए 25323 करोड़ रुपए रहा है जो कि सितंबर 2024 में 24,509 करोड़ रुपए रहा था, जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2023 में म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी निवेश 16,928 करोड़ रुपए रहा था।

    एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ने अक्टूबर 2024 के लिए म्यूचुअल फंड में आए निवेश का डेटा जारी किया है। इस डेटा के मुताबिक अक्टूबर महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में इंफ्लो 21.69 फीसदी के उछाल के साथ 41,887 करोड़ रुपए रहा है। ये लगातार 44वां महीना है जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पॉजिटिव जोन में रहा है। लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप तीनों ही सेगमेंट के फंड्स में जोरदार निवेश आया है।

    मोतीलाल ओसवाल एएमसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी ने कहा, इक्विटी इंफ्लो 40000 करोड़ रुपए के आंकड़े के करीब स्थिन बना हुआ है। उन्होंने कहा, अमेरिकी चुनावों और दूसरे प्रमुख ग्लोबल इंवेट्स के चलते विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उठापटक देखी जा रही है।

    एम्फी के मुताबिक लार्ज-कैप फंड्स में 3452 करोड़ रुपए, मिड-कैप फंड्स में 4883 करोड़ रुपए, स्मॉल-कैप फंड्स में 3772 करोड़ रुपए का इंफ्लो आया है। अक्टूबर में हाईब्रिड फंड में सबसे ज्यादा 16863.3 करोड़ रुपए का निवेश आया है जो कि इसके पहले महीने में 4901 करोड़ रुपए रहा था। सभी म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट अक्टूबर 2024 में 67.25 लाख करोड़ रुपए रहा है जो कि सितंबर 2024 में 67.09 करोड़ रुपए रहा था।

  • एक बार फिर से Stock Market में आई गिरावट

    एक बार फिर से Stock Market में आई गिरावट

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में 11 नवंबर यानी आज फिर से गिरावट देखने को मिली है। इससे पहले शनिवार को भी शेयर मार्किट में गिरावट देखने को मिली थी। दरअसल आज मार्केट खुलते ही सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 79,150 के लेवल पर कारोबार करता दिखा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद मार्केट फिर से रिकवर होती दिखाई देने लगी। अभी सेंसेक्स में 3 पॉइंट की गिरावट देखने को मिल रही है।

    वहीं निफ्टी में भी मार्केट ओपनिंग के टाइम करीब 100 अंक की गिरावट देखने को मिली लेकिन अभी ये 24,140 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। बता दें कि आज सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 19 में गिरावट और 11 में तेजी दिख रही है। बैंकिंग और FMCG शेयर्स में तो जबरदस्त गिरावट आई है। जबकि ऑटो और IT शेयर्स में अच्छा उछाल देखने को मिल रहा है।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते मार्केट में उतर-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। क्योंकि सितंबर तिमाही के नतीजे, वैश्विक रुझानों और Foreign Investors का रुख इस पर बड़ा असर डालेगा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि ”इंडियन मार्केट में कमजोरी की मुख्य वजह FIIs की लगातार बिकवाली है, जो इस महीने भी देखने को मिल सकती है।”

     

  • बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    नई दिल्लीः तूफानी तेजी के बाद कल कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बाजार चौथे दिन लाल निशान पर खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी नजर आई। बाजार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 162 अंक गिरकर 80215 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी करीब 55 अंक गिर कर 24428 के लेवल पर खुला। बाजार की शुरुआत में 1245 शेयरों में तेजी देखने को मिली। जबकि 343 शेयरों में गिरावट नजर आई। निफ्टी बैंक करीब 116 अंक गिर कर 52200.85 के स्तर पर खुला। बाजार की शुरुआत में निफ्टी स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स मजबूती के साथ खुले।

    मिडकैप इंडेक्स करीब 162.20 अंक चढ़कर 57518 के स्तर पर खुला। निफ्टी आईटी भी 87 अंक ऊपर खुला। Titan Company Ltd के शेयर प्राइस लगातार गिरावट दर्ज कर रहे हैं। बुधवार को भी टाटा ग्रुप (Tata Group) की इस कंपनी के स्टॉक में 3% तक की गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक माह में टाइटन कंपनी के शेयर 13% गिर चुके हैं।

    सुपर स्टार इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो का यह मल्टीबैगर स्टॉक है। सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही में झुनझुनवाला ने Titan Company के 0.2% तक अपनी होल्डिंग कम की है यानि कंपनी के शेयर बेचे। इसके बावजूद अब भी झुनझुनवाला पोर्टफोलियो में टाइटन कंपनी के 45,713,470 शेयर हैं। कंपनी में अब भी उनकी 5.1% की हिस्सेदारी है।

    टाइटन कंपनी के शेयर बुधवार को दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद दबाव में कारोबार कर रहे हैं। टाटा का शेयर 3,230.25 रुपए के पिछले बंद भाव की तुलना में 3,145 रुपए पर खुला। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 3.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,114 रुपए का इंट्राडे लो बनाया। सुबह 11.20 बजे टाइटन कंपनी के शेयर 3% की गिरावट के साथ 3145 रुपए के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे।

    मंगलवार को प्रमुख आभूषण और घड़ी निर्माता ने सितंबर 2024 को समाप्त वित्तवर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट में 23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 704 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की। कंपनी ने एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में 916 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया था।

     

  • बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    बाजार खुलते ही शेयर मार्किट में आई गिरावट

    नई दिल्लीः तूफानी तेजी के बाद कल कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बाजार चौथे दिन लाल निशान पर खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी नजर आई। बाजार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 162 अंक गिरकर 80215 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी करीब 55 अंक गिर कर 24428 के लेवल पर खुला। बाजार की शुरुआत में 1245 शेयरों में तेजी देखने को मिली। जबकि 343 शेयरों में गिरावट नजर आई। निफ्टी बैंक करीब 116 अंक गिर कर 52200.85 के स्तर पर खुला। बाजार की शुरुआत में निफ्टी स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स मजबूती के साथ खुले।

    मिडकैप इंडेक्स करीब 162.20 अंक चढ़कर 57518 के स्तर पर खुला। निफ्टी आईटी भी 87 अंक ऊपर खुला। Titan Company Ltd के शेयर प्राइस लगातार गिरावट दर्ज कर रहे हैं। बुधवार को भी टाटा ग्रुप (Tata Group) की इस कंपनी के स्टॉक में 3% तक की गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक माह में टाइटन कंपनी के शेयर 13% गिर चुके हैं।

    सुपर स्टार इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो का यह मल्टीबैगर स्टॉक है। सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही में झुनझुनवाला ने Titan Company के 0.2% तक अपनी होल्डिंग कम की है यानि कंपनी के शेयर बेचे। इसके बावजूद अब भी झुनझुनवाला पोर्टफोलियो में टाइटन कंपनी के 45,713,470 शेयर हैं। कंपनी में अब भी उनकी 5.1% की हिस्सेदारी है।

    टाइटन कंपनी के शेयर बुधवार को दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद दबाव में कारोबार कर रहे हैं। टाटा का शेयर 3,230.25 रुपए के पिछले बंद भाव की तुलना में 3,145 रुपए पर खुला। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 3.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,114 रुपए का इंट्राडे लो बनाया। सुबह 11.20 बजे टाइटन कंपनी के शेयर 3% की गिरावट के साथ 3145 रुपए के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे।

    मंगलवार को प्रमुख आभूषण और घड़ी निर्माता ने सितंबर 2024 को समाप्त वित्तवर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट में 23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 704 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की। कंपनी ने एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में 916 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया था।