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  • मनप्रीत अय्याली सहित 14 लोगों पर FIR दर्ज

    मनप्रीत अय्याली सहित 14 लोगों पर FIR दर्ज

    चंडीगढ़ः ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हुई घटनाओं को लेकर पार्टी के कई नेताओं और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई से यह मामला एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। दरअसल, पुलिस ने मनप्रीत अय्याली सहित 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। दरअसल, पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया।

    पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में मनप्रीत सिंह अय्याली, लक्खा सिधाना, भाना सिंह सिद्धू, सतिंदरजीत सिंह गिल, कबल सिंह भुल्लर, जगदीप सिंह कंसला, इकबाल सिंह संधू, परमजीत सिंह जौहल, पूर्व विधायक अजीब सिंह मखमलपुर, चमकौर सिंह धुन्न, वकील इमान सिंह खैरा, जसविंदर सिंह डरोली, इकबाल सिंह चुंडा, करनल सिंह पंजोली और लखवीर सिंह लक्खा सहित 14 लोगों को नामजद किया गया है।

    दरअसल, इस घटना के दौरान पुलिसवाले भी घायल हुए है। यह प्रदर्शन पहले से घोषित था, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चंडीगढ़ पुलिस इस पूरे मामले में कैसे चूक गई। वह न तो प्रदर्शनकारियों को बॉर्डर पर रोक पाई और न ही सीएम के घर के करीब पहुंचने तक रोक सकी। इस बारे में पंजाब के पूर्व डीजीपी एपी पांडे ने कहा कि यह चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच तालमेल और ग्राउंड इंटेलिजेंस की कमी है। बड़े प्रदर्शन को संभालने की सबसे मजबूत तैयारी होनी चाहिए थी। वहीं चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने पुलिस का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस माहौल खराब नहीं होने देना चाहती थी।

    SSP कंवरदीप कौर ने कहा कि संगठन के नेताओं के साथ पिछले एक सप्ताह से बातचीत चल रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। कुछ लोग हथियार लेकर आए थे। हम नहीं चाहते थे कि माहौल खराब हो। इनके हाथियारों से जवान घायल तक हुए हैं। SSP ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर धारा 163 के उल्लंघन के मामले में बीएनएस की धारा 173(1) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस चेहरों की पहचान कर रही है। एफआईआर के अनुसार, 29 जुलाई को सेक्टर 50/51/44/45 गौशाला चौक के पास हजारों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। पुलिस का दावा है कि उन्होंने बिना मंजूरी रैली निकाली, मुख्य सड़क जाम की और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

    पुलिस ने यह भी कहा है कि मौके पर लागू प्रतिबंधों के बारे में बार-बार अवगत कराने और रैली ग्राउंड में प्रदर्शन करने की अपील के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने। पुलिस के आरोपों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि सरकारी वॉटर कैनन वाहन को नुकसान पहुंचाया गया और एक एएसआई सहित कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद स्थिति को काबू करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया।

  • गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मत्स्य पालन विभाग में पांच उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे

    गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मत्स्य पालन विभाग में पांच उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे

    ये नियुक्तियां मत्स्य पालन क्षेत्र में तकनीकी क्षमता और अनुसंधान को और सशक्त करेंगी: खुड्डियां

    चंडीगढ़: पंजाब के मत्स्य पालन क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करते हुए राज्य के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज पांच उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन नियुक्तियों से मत्स्य उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। आज यहां पंजाब सिविल सचिवालय में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान एक जूनियर इंजीनियर, तीन लैब टेक्नीशियन और एक लैब सहायक सहित कुल पांच नव-नियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नव-नियुक्त उम्मीदवारों को बधाई देते हुए स.गुरमीत सिंह खुड्डियां ने उन्हें पूरी लगन, निष्ठा और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “आप सरकार के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास, विशेषकर मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” यह भर्ती पंजाब सरकार की पारदर्शी एवं पूर्णतः योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मत्स्य पालन मंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार केवल रिक्त पदों को ही नहीं भर रही, बल्कि एक मजबूत और दक्ष प्रशासन की नींव भी रख रही है। ये पांच कर्मचारी मत्स्य पालन क्षेत्र में हमारी तकनीकी क्षमता और अनुसंधान संबंधी दक्षता को बढ़ाने में अहम योगदान देंगे।” स. खुड्डियां ने बताया कि राज्यभर में एक्वाकल्चर एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग में अब तक 22 मत्स्य पालन अधिकारियों सहित लगभग 50 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता संभालने के बाद विभिन्न विभागों में 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। “हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि प्रत्येक योग्य युवा को पंजाब के विकास में योगदान देने का अवसर मिले।” इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग के निदेशक हरदेव सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।    
  • आपदा न्यूनीकरण और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रेडी-एचपी परियोजनाः मुख्य सचिव

    आपदा न्यूनीकरण और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रेडी-एचपी परियोजनाः मुख्य सचिव

    शिमला: मुख्य सचिव के.के. पंत ने आज यहां रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी हिमाचल प्रदेश (रेडी-एचपी) परियोजना पर आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। विश्व बैंक के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन 28 से 31 जुलाई, 2026 तक किया जा रहा है।

    विभिन्न विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने बहु-क्षेत्रीय परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मजबूत संस्थागत समन्वय के महत्व पर बल दिया। यह परियोजना राज्य में आपदा न्यूनीकरण और सतत विकास सुनिश्चित करने की दिशा में बेहतर कार्ययोजना, सुदृढ़ आधारभूत अधोसंरचना तथा संस्थागत क्षमता निर्माण में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।

    परियोजना के क्रियान्वयन के प्रारूप पर प्रकाश डालते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने एक सुदृढ़ संस्थागत व्यवस्था स्थापित की है, जो परियोजना को रणनीतिक मार्गदर्शन, नीतिगत निगरानी, तकनीकी समन्वय तथा प्रभावी कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करेगी। परियोजना के कुशल, पारदर्शी, जवाबदेह तथा परिणामोन्मुख क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्धारित जिम्मेदारियां दी गई हैं।

    यह कार्यशाला विश्व बैंक (आईबीआरडी/आईडीए) द्वारा समर्थित परियोजना के कार्यान्वयन पर केंद्रित है। प्रतिभागियों को राज्य सरकार, कार्यान्वयन विभागों, परियोजना प्रबंधन इकाइयों, परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों, तकनीकी सलाहकारों तथा विश्व बैंक के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए संस्थागत ढांचे की जानकारी दी गई।

    कार्यशाला के दौरान विस्तृत प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्व विभाग के अंतर्गत गठित परियोजना प्रबंधन यूनिट, लोक निर्माण विभाग के परियोजना कार्यान्वयन यूनिट, जल शक्ति विभाग, ऊर्जा विभाग तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, परियोजना प्रबंधन और तकनीकी सलाहकारों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके अतिरिक्त परियोजना की कार्य योजना, खरीद प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी एवं मूल्यांकन, अनुबंध प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन, शिकायत निवारण, पर्यावरण एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों तथा क्षमता निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

    अधिकारियों को संस्थागत अधोसंरचना से अवगत करवाया गया है, जो सभी हितधारकों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने, समयबद्ध निर्णय लेने, सुशासन को मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने में सहायक होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभावी समन्वय एवं दक्ष कार्यान्वयन परियोजना की सफलता का आधार है। बिल्ड बैक बेटर अवधारणा का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लचीलापन बढ़ाना तथा सतत एवं समावेशी विकास को प्रोत्साहित करना है।

  • वर्ष 2027 में राज्य स्तर पर धूमधाम से मनाया जाएगा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व : CM Nayab Singh Saini

    वर्ष 2027 में राज्य स्तर पर धूमधाम से मनाया जाएगा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व : CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2027 में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे राज्य में भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। इसके आयोजन की तैयारियों के लिए राज्य सरकार एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी, जो कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उनके सफल आयोजन को सुनिश्चित करेगी।

    मुख्यमंत्री ने मंगलवार को चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 29 जुलाई को हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में आयोजित विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों तथा पूजन-अर्चना में भाग लेगा।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी से सुशोभित कलश हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल को विधिवत सौंपा जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल 30 जुलाई की सायंकाल पावन कलश लेकर गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर पहुंचेगा, जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उसका भव्य स्वागत किया जाएगा। स्वागत के बाद इस पावन कलश को गुरुग्राम स्थित शीतला माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

    4 अगस्त को इस पावन कलश की मिट्टी भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के सभी 27 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्षों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों को विधिवत प्रदान की जाएगी। इसके पश्चात यह पावन मिट्टी पूरे हरियाणा के गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी, ताकि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके तथा “समरसता संकल्प अभियान” को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जा सके।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज सुबह पठानकोट-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनीखेत के समीप लाहड़ में हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध करवाई जाए।

    उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आज हुई भारी वर्षा के कारण चंबा शहर के मोहल्ला सुल्तानपुर में आई अचानक बाढ़ की स्थिति का भी जायजा लिया। इस घटना में दो पक्के मकान, 26 आवासीय मकान तथा एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से आगामी दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों को नदियों, नालों तथा मौसमी खड्डों के समीप जाने से बचने की सलाह दी, क्योंकि जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से जान-माल का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

  • डॉ. बलजीत कौर ने अनुसूचित जाति के स्नातकों के लिए निःशुल्क स्टेनोग्राफी प्रशिक्षण की घोषणा की

    डॉ. बलजीत कौर ने अनुसूचित जाति के स्नातकों के लिए निःशुल्क स्टेनोग्राफी प्रशिक्षण की घोषणा की

    मान सरकार ने रोजगार के नए अवसर खोले

    चंडीगढ़: अनुसूचित जातियों के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाला कौशल प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज घोषणा की कि पात्र अनुसूचित जाति के स्नातक युवक एवं युवतियों के लिए एक वर्षीय निःशुल्क स्टेनोग्राफी प्रशिक्षण कार्यक्रम (सत्र 2026-27) में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार युवाओं को ऐसे सार्थक अवसर उपलब्ध करा रही है, जो उन्हें समय की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करते हैं, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाते हैं तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक भविष्य की ओर अग्रसर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार के उस संकल्प का प्रतीक है कि आर्थिक कठिनाइयाँ कभी भी प्रतिभाशाली युवाओं की आकांक्षाओं और उनके करियर के मार्ग में बाधा नहीं बनने दी जाएंगी। विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस एक वर्षीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 80 सीटों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें पंजाबी स्टेनोग्राफी के लिए 40 तथा अंग्रेज़ी स्टेनोग्राफी के लिए 40 सीटें निर्धारित हैं। आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 20 अगस्त, 2026 है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्टेनोग्राफी के साथ-साथ कंप्यूटर टाइपिंग का भी समग्र प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षुओं को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल अनुसूचित जाति के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आवेदन पत्र प्राचार्य, अंबेडकर इंस्टीट्यूट, सेक्टर-60, फेज-3बी-2, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के कार्यालय में 20 अगस्त, 2026 तक अथवा उससे पूर्व जमा कराए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधूरे आवेदन अथवा अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। योग्यता संबंधी मानदंडों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित, पंजाब का स्थायी निवासी तथा स्नातक होना चाहिए। 20 अगस्त, 2026 तक आवेदक की आयु 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ सभी शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों की सत्यापित प्रतियां संलग्न करना भी आवश्यक है। 27 अगस्त, 2026 को प्रातः 10:00 बजे साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा तथा इसके लिए अलग से कोई साक्षात्कार पत्र जारी नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित स्टेनोग्राफी दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी और अंतिम चयन पूरी तरह मेरिट तथा निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि चयनित प्रशिक्षुओं को 1,500 रूपये प्रतिमाह वजीफा, निःशुल्क छात्रावास सुविधा तथा अन्य संस्थागत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के पूरी एकाग्रता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि कौशल विकास सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के युवाओं को व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाने वाली पहलों में निरंतर निवेश करती रहेगी, ताकि वे सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और समृद्ध, समावेशी तथा रंगला पंजाब के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।  
  • मैनपावर की कमी के कारण सरकारी कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं होगी: Cm Saini

    मैनपावर की कमी के कारण सरकारी कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं होगी: Cm Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी योजनाओं, परियोजनाओं तथा अन्य विभागीय कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को उपलब्ध मानव संसाधन का सर्वोत्तम उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में कुछ विभागों द्वारा कार्यों में देरी का कारण मैनपावर की कमी बताए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

    मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मानव संसाधन से संबंधित समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करें ताकि सरकार की योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा अन्य सौंपे गए कार्यों के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। निर्देशों में सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे अपने विभाग तथा अधीनस्थ कार्यालयों एवं संस्थानों में उपलब्ध मानव संसाधन की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करें और उसका सर्वोत्तम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। जहां कहीं भी कर्मचारियों की कमी पाई जाए, वहां प्रचलित सरकारी नीतियों के अनुरूप उपलब्ध सभी विकल्पों का उपयोग करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इनमें कर्मचारियों की युक्तिसंगत पुनः तैनाती (रैशनल रिडेप्लॉयमेंट), अनुमोदित माध्यमों से आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति तथा आवश्यकता अनुसार नियमित भर्ती की प्रक्रिया शामिल है।

    मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी सरकारी कार्य, परियोजना अथवा विभागीय दायित्व के निष्पादन में देरी के लिए मैनपावर की कमी को कारण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विभाग का दायित्व है कि वह अपनी मानव संसाधन आवश्यकताओं का समय रहते आकलन करे, उपलब्ध व्यवस्थाओं के माध्यम से पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करे तथा सभी सरकारी कार्यक्रमों और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करे।

    सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि मानव संसाधन संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मचारियों की कमी के कारण किसी भी विकास कार्य, सरकारी योजना अथवा विभागीय जिम्मेदारी के निर्वहन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस विषय को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता पर कार्रवाई करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

  • पांच वर्षों में CBSE स्कूल राज्य के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में होंगे शामिल: मुख्यमंत्री

    पांच वर्षों में CBSE स्कूल राज्य के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में होंगे शामिल: मुख्यमंत्री

    हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के लिए आदर्श वातावरण: मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालय आगामी पांच वर्षों में राज्य के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के रूप में उभरेंगे। मुख्यमंत्री ने आज शिमला स्थित बिशप कॉटन स्कूल (बीसीएस) के स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है। इसी दृष्टिकोण के तहत सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम शुरू किया गया है तथा 156 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और सरकारी विद्यालयों में 24,000 से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा के आदर्श केन्द्र के रूप में स्थापित हो रहा है क्योंकि यहां के शैक्षणिक वातावरण में विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए श्रेष्ठ अवसर प्राप्त हो रहे हैं। बिशप कॉटन स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्कृष्टता, नेतृत्व, अनुशासन और चरित्र निर्माण की जीवंत परंपरा का प्रतीक है। इस संस्थान ने पीढ़ियों से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की एक मिसाल कायम की है। इस संस्थान से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन के दौरान बिशप कॉटन स्कूल में वे कई बार क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आए थे, इसलिए इस विद्यालय से उनका विशेष जुड़ाव रहा है। जब भी शिमला के प्रतिष्ठित संस्थानों की बात होती है, तो बिशप कॉटन स्कूल का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। इस विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर केवल विद्यालय की स्थापना का उत्सव नहीं है, बल्कि उन शाश्वत मूल्यों को स्मरण करने का भी अवसर है जिन पर इस महान संस्थान की नींव रखी गई थी। समय परिवर्तनशील है और बदलते समय के साथ-साथ नित नई तकनीकें विकसित हो रही हैं। वर्तमान में ईमानदारी, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सेवा जैसे मूल्यों की प्रासंगिकता बढ़ी है। यही गुण असाधारण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। वे केवल सफलता प्राप्त करने का लक्ष्य न रखें, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करें जो समाज में सार्थक परिवर्तन ला सके। विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए, यही हमारा ध्येय होना चाहिए। शिक्षा की मजबूत नींव पर प्रगतिशील समाज का निर्माण होता है। इसी संकल्पना के साथ वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। गर्व का विषय है कि हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य बनने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। असर रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बच्चों ने देश में पढ़ने की सर्वश्रेष्ठ क्षमता का प्रदर्शन किया है। परख मूल्यांकन में प्रदेश ने वर्ष 2021 में 21वें स्थान से उल्लेखनीय सुधार करते हुए देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में स्थान बनाया है। इसी प्रकार, शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में प्रदेश सात स्थान की छलांग लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है। ये उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार केवल शिक्षा की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने विद्यालय के संस्थापक बिशप जॉर्ज एडवर्ड लिंच कॉटन की स्मृति में बने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा विद्यालय का ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विद्यार्थियों के माउंटेनियरिंग अभियान-2026 को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 28 जुलाई से 8 अगस्त तक लेह-लद्दाख में माउंट यालुंग नोंग (6090 मीटर) तक आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में विद्यालय के विद्यार्थी अमोद तलवलकर, लालदिनजुआला, अल्तमाश नोमानी, तेनजिन त्सेवांग, मनराज सिंह ग्रोवर तथा अमन अग्रवाल भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी सौरभ चौहान, विद्यालय के बोर्ड सदस्य मानव सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य मैथ्यू पी. जॉन, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।  
  • 7.1 भूकंप की तीव्रता से कांपी धरती, सुनामी की चेतावनी जारी, देखें वीडियो

    7.1 भूकंप की तीव्रता से कांपी धरती, सुनामी की चेतावनी जारी, देखें वीडियो

    जापानः जापान के क्यूशू द्वीप पर मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। ये भूकंप कुमामोतो क्षेत्र में आया और इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक भूकंप के बाद 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
    जापान सरकार ने कुमामोतो के अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रान्तों में भी आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है। ये सभी इलाके क्यूशू द्वीप पर स्थित हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां भूकंप सबसे ज्यादा आते हैं। इसी वजह से यहां भूकंप और सुनामी की चेतावनी देने वाला सिस्टम दुनिया के सबसे बेहतर सिस्टम में गिना जाता है। यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में लोगों को अलर्ट भेज देता है, जिससे जान माल का नुकसान कम करने में मदद मिलती है। क्यूशू द्वीप पर रहने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले घंटों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कुमामोटो प्रांत में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।  
  • Jalandhar News: नगर निगम दफ्तर के बाद बैंकों को करवाया बंद, देखें वीडियो

    Jalandhar News: नगर निगम दफ्तर के बाद बैंकों को करवाया बंद, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: वाल्मीकि संगठनों ने सर्वसम्मति से 27 जुलाई को पूरे पंजाब में बंद रखने का बड़ा आह्वान किया था। ऐसे में आज वाल्मीकि समाज की ओर से सुबह नगर निगम दफ्तर को बंद करवाया गया। जिसके बाद सगंठनों द्वारा अब शहर में खुले बैंकों को बंद करवाया जा रहा है। इसकी तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि पीएनबी बैं, बैंक ऑफ बड़ौदरा सहित अन्य बैंकों के कर्मियों से बंद करने की अपील की गई। इस दौरान भारी संख्या में समर्थक बैंक में गए और नारेबाजी करते हुए बैंक को बंद करवा दिया।

    इससे पहले की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि वाल्मीकि समाज के समर्थन नगर निगम दफ्तर पहुंच गए, जहां उन्होंने कर्मियों को दफ्तर बंद करने की अपील की। देखते ही देखते कुछ देर बाद दफ्तर को बंद कर दिया गया। ऐसे में आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर सस्पेंड किए डीएसपी सिटी सतवीर सिंह बैंस के खिलाफ वाल्मीकि समाज द्वारा रोष प्रदर्शन किया गया और पटेल चौक पर डीएसपी का पुतला फूंककर बर्खास्त करने की अपील की गई। इससे पहले आज शेखां बाजार, किशनपुरा सहित अन्य बाजार दुकानदारों द्वारा बंद किए गए।

    शहर भर में जगह जगह पर पुलिस की नाकेबंदी की गई। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि वाल्मीकि समुदाय द्वारा आज बंद का आहवान किया गया था। इस दौरान उन्होंने अवगत करवाया कि भगवान वाल्मीकि चौक (ज्योति चौक) पर एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन करेंगे। जिसको लेकर मुख्य चौक पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिस का मकसद है कि यह रोष प्रदर्शन शांतिमय ढंग से हो। ऐसे में कोई लॉ एंड ऑर्डर की समस्याएं ना आए। वाल्मीकि संगठनों ने सर्वसम्मति ने भी आश्वासन दिया है कि वह शांतिमय ढंग से प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान पुलिस ने लोगों से सहयोग देने की अपील की है।