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  • प्रर्दशकारियों ने IPS जसप्रीत सिंह को कहा कुछ ऐसा कि गरमा गया माहौल, देखें वीडियो

    कोलकाताः संदेशखाली को लेकर प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं में से किसी ने एक आईपीएस अधिकारी को खालिस्तानी कह दिया। इस पर आईपीएस अधिकारी भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पर बुरी तरह भड़क गए। बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का संदेशखाली चर्चा में बना हुआ है। यहां महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इसी को लेकर शुभेंद अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संदेशखाली जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। अधिकारी ने वहां जाने के लिए कोलकाता हाई कोर्ट से इजाजत भी ली थी। हालांकि जब पुलिस ने रोका तो हंगामा शुरू हो गया और वह वहीं पर धरने पर बैठ गए।

    इसी बीच आईपीएस अधिकारी जसप्रीत सिंह को किसी ने कथित तौर पर खालिस्तानी कह दिया। सिंह ने कहा, मैंने पगड़ी बांध रखी है इसलिए तुम मुझे खालिस्तानी कह रहे हो। क्या यही तुम्हारी हिम्मत है? अगर कोई पुलिसवाला पगड़ी पहनकर ड्यूटी करता है तो क्या वह खालिस्तानी हो जाएगा? यही आपका लेवल है? अधिकारी के साथ भाजपा विधायक शंकर घोष और अग्निमित्र पॉल भी मौजूद थे। मंगलवार सुबह अधिकारी संदेशखाली जा रहे थे। इस बीच भाजपा नेताओं और पुलिस के बीच भी जमकर बहसबाजी हुई। भाजपा नेताओं का कहना था कि पुलिस हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है। इसी बीच गुस्से में आईपीएस अधिकारी ने कहा, मैं आपके धर्म के बारे में कुछ नहीं कहता हूं। तुम भी मेरे धर्म के बारे में कुछ नहीं कह सकते। क्या किसी ने आपसे धर्म को लेकर कुछ कहा?

    फिर आप क्यों कह रहे हैं? सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा, मैंने पगड़ी बांध रखी है इसलिए ये लोग मुझे खालिस्तानी कह रहे हैं। वहीं अग्निमित्रा पॉल ने आईपीएस अधिकारी से कहा, आप अपनी ड्यूटी करिए। किसी का पक्ष क्यों ले रहे हैं? बता दें कि कई दिनों से संदेशखाली को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है। भाजपा सांसद और अन्य नेता कई बार वहां जाने का प्रयास भी कर चुके हैं। हालांकि यहां धारा 144 लागू की गई है और हर बार नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया जाता है। संदेशखाली के शाहजहां शेख पर आरोप है कि उसके गुर्गे महिलाओं के साथ यौन शोषण करते थे और फिर वह लोगों की जमीन भी हथिया लेता था। ईडी की छापेमारी के बाद से वह फरार है।

  • फ्लैट में आग लगने से जिंदा जला युवक

    जयपुर : फ्लैट में आग लगने से एक युवक के जिंदा जलने से मौत का मामला सामने आया है। जब तक पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। तब तक शव पूरी तरह से जल चुका था। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण फ्लैट में रखे फोम के गद्दों में आग लग गई थी। इसके कारण टोडाराय सिंह (टोंक) के रहने वाले भवानी शंकर (27) की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे एसीपी मालवीय नगर ने एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया। घटना एयरपोर्ट थाना इलाके के सिद्धार्थ नगर में स्थित 3 मंजिला रजत अपार्टमेंट की है। सोमवार देर शाम आग तीसरी मंजिल के एक कमरे में लगी। एसीपी मालवीय नगर संजय शर्मा ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से फोम के गद्दों में आग लग गई थी। इससे एक युवक भवानी शंकर की मौत हो गई है। भवानी जयपुर में एक कम्पनी में अकाउंट का काम करता था। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयार कर रहा था। भवानी के साथ उसका छोटा भाई विष्णुकांत भी रहता था। घटना के दौरान विष्णुकांत पढ़ाई करने के लिए लाइब्रेरी गया हुआ था। जिस फ्लैट में भवानी अपने भाई के साथ रह रहा था, वह फ्लैट डॉक्टर मधुर सक्सेना का है।

    जिन्होंने दोनों भाइयों को रहने के लिए किराए पर दे रखा था। पुलिस ने बताया- कमरे से जब धुआं निकलने लगा तो आसपास लोग चिल्लाने लगे। इस पर वहां मौजूद लोगों ने दमकल और पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची दमकल ने आग को कंट्रोल किया। इस दौरान विष्णुकांत भी मौके पर पहुंच गया। उसी ने बताया कि कमरे में उसका भाई है। इस पर पुलिस ने आग कंट्रोल होने पर कमरे में सर्च किया। भवानी शंकर का शव मिला। इस पर एफएसएल को मौके पर बुलाया साथ ही मृतक के परिवार को भी घटना की जानकारी दी गई। एसीपी मालवीय नगर संजय शर्मा ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को दोबारा से टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। कमरे में अगर शॉर्ट सर्किट हुआ तो भवानी भागा क्यों नहीं। उसे आग ने अपनी चपेट में लिया तो वह चिल्लाया क्यों नहीं। ऐसे कई सवाल हैं जिन का जवाब पुलिस जानना चाहती है।

  • विधानसभा में कांग्रेस के 10 विधायकों पर एक्शन, हुए सस्पेंड

    गुजरातः विधानसभा में सदन में नारेबाजी करने पर 10 कांग्रेस विधायकों को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। गुजरात विधानसभा का इस समय सत्र चल रहा है, एक महीने तक चलने वाले इस शीतकालीन सत्र में सरकार कई सवालों के जवाब दे रही है। आज कांग्रेस विधायकों ने एक बार फिर सदन में सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने विधानसभा सदन में सरकार के खिलाफ फर्जी घोटाले का मुद्दा उठाया। इसके अलावा कांग्रेस ने आज सदन से वॉकआउट भी कर दिया है।

    शीतकालीन सत्र में आज कांग्रेस विधायकों ने सरकार से सवाल किए और जवाब मांगा, जिसमें ‘जालसाजी’ का मुद्दा आज विधानसभा में गूंजा। फर्जी दफ्तर, फर्जी पुलिस, फर्जी अफसर के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस मुद्दे पर आज कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया है। संसदीय मंत्री ऋषिकेष पटेल ने प्रस्ताव रखा कि विपक्ष उपप्रश्न पूछ सकता है, लेकिन व्यवहार अनुचित है। कांग्रेस पार्टी के नेता ने भी आज निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद मंत्री बलवंत सिंह राजपूत ने प्रस्ताव का समर्थन किया।

    आखिरकार उपस्थित सभी कांग्रेस विधायकों को आज की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया। आज एक बार फिर विधानसभा सदन में फर्जी ऑफिस कांड का मामला जोरदार तरीके से गूंजा। फर्जी दफ्तर कांड को लेकर आज कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेस विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विधानसभा सदन में आज जमकर हंगामा हुआ, कांग्रेस और बीजेपी विधायकों ने सदन में आमने-सामने जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने एक-दूसरे को रोकने के लिए नारे लगाए तो बीजेपी ने भी नारे लगाकर विरोध जताया।

  • नशे के ओवरडोज से मेडिकल स्टूडेंट की मौ’त

    जोधपुर : नशे के ओवरडोज से मेडिकल स्टूडेंट की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात 11 बजे एक मेडिकल स्टूडेंट की मौत हो गई। मृतक की पहचान हर्ष के तौर पर हुई है। हर्ष टाक डॉ के एन मेडिकल कॉलेज में 2016 के बैच का इंटर्न स्टूडेंट था और व केएन चेस्ट अस्पताल के हॉस्टल में रह रहा था। जयपुर में रहने वाले हर्ष के पिता उसे रात को लगातार फोन कर रहे थे। लेकिन वह जवाब नहीं दे रहा था। जिसके बाद हर्ष के दोस्तों को सूचित किया। हर्ष के दोस्तों ने उसके कमरे का दरवाजा तोड़ा तो वह मृत मिला।

    हर्ष के शव को देखकर डॉक्टरों ने नशे के ओवरडोज को कारण माना है। स्टूडेंट ने रात को करीब 11 बजे वार्ड को इसकी सूचना दी। इसके बाद शास्त्री नगर पुलिस को इस संबंध में सूचना दी गई। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। मंगलवार सुबह उसका पोस्टमार्टम होगा। बताया जा रहा है कि हर्ष नशे का आदी हो गया था। उसे कुछ दिनों ने नशा मुक्ति केंद्र में भी रखा गया था। 10 दिन पहले ही उसके पिता उसे फिर से हॉस्टल छोड़कर गए थे। रविवार रात को उसने अपने साथियों के साथ खाना भी खाया था

  • सुबह-सुबह भूकंप के झटकों से हिली धरती 

    सुबह-सुबह भूकंप के झटकों से हिली धरती 

    किश्तवाड़ः जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, मंगलवार सुबह जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ क्षेत्र में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, किश्तवाड़ में भूकंप सुबह 6:36 बजे आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक बयान में कहा कि भूकंप की तीव्रता 3.7 थी, जो 20 फरवरी सुबह 06:36 बजे आया। भूकंप की गहराई 5 किमी नीचे थी।

    बता दें कि इससे पहले नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, सोमवार शाम को कारगिल के लद्दाख क्षेत्र में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके सोमवार रात करीब 9:35 बजे महसूस किए गए। एनसीएस ने एक पोस्ट में कहा कि भूकंप की तीव्रता 5.2 थी और इसकी गहराई 10 किमी नीचे थी। फिलहाल भूकंप के झटकों के कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

  • डिब्रूगढ़ जेल से अमृतपाल सिंह का एक ऑडियो वायरल, किए अहम खुलासे

    नई दिल्ली: डिब्रूगढ़ जेल से अमृतपाल सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ है। मिली खबर के अनुसार असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद वारिस पंजाब प्रमुख अमृतपाल सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह बड़े आरोप लगा रहे हैं। अमृतपाल सिंह का कहना है कि पिछले एक साल से हमें सजा मिल रही है, हमारे कमरे और बाथरूम में खुफिया कैमरे लगा दिए गए हैं। ये कैमरे बल्ब होल्डर में लगाए गए हैं।

    इसको लेकर उन्होंने डीएम को बुलाकर सारी करतूत दिखाई है। अमृतपाल सिंह का कहना है कि मोबाइल फोन मिलने का झूठा मामला दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे हमें खाने में कुछ मिलाकर देना चाहते हैं, लेकिन हम मौत से कभी नहीं डरते। अमृतपाल सिंह का कहना है कि हमने पिछले 4 दिनों से जेल में खाना-पानी छोड़ दिया है। दरअसल, एनएसए के तहत जेल में बंद अमृतपाल सिंह और उनके साथियों ने असम की डिब्रूगढ़ जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

    जेल प्रशासन द्वारा भूख हड़ताल पर बैठने का कारण उनकी बैरक और शौचालयों में लगे कैमरे बताए जा रहे हैं। इससे पहले असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल से एक बड़ी सुरक्षा चूक की खबर आई थी। ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके 9 सहयोगी बंद हैं। शनिवार को अमृतपाल सिंह की बैरक से एक स्पाई कैमरा, एक स्मार्ट फोन, एक कीपैड फोन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन, स्पीकर, एक स्मार्ट-वॉच और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए थे।

  • बड़ी खबरः किसान मोर्चा ने खारिज किया केंद्र सरकार का प्रस्ताव

    चंडीगढ़ः संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के एमएसपी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। केंद्र सरकार ने नए फॉर्मूले A2+FL+50% के आधार पर एमएसपी देने का प्रस्ताव दिया था। किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि C2+50% से नीचे कुछ भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ने किसानों के सामने मक्का, कपास, अरहर/तूर, मसूर और उड़द समेत पांच फसलों पर A2+FL+50% के आधार पर फसल खरीद को लेकर पांच साल के कॉन्ट्रेक्ट का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि वे सी2+50% के फॉर्मूले के आधार पर ही एमएसपी की गारंटी चाहते हैं। किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा कि बीजेपी ने खुद 2014 के चुनाव में अपने घोषणापत्र में इसका वादा किया था। इस दौरान उन्होंने 21 को प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

    किसान मोर्चा ने कहा कि स्वानिथान आयोग ने 2006 में अपनी रिपोर्ट में केंद्र सरकार को C2+50% के आधार पर एमएसपी देने का सुझाव दिया था। बयान में कहा गया है कि इसी के आधार पर तमाम फसलों पर वह एमएसपी की गारंटी चाहते हैं। इसके जरिए किसान अपनी फसल एक फिक्स्ड कीमत पर बेच सकेंगे और उन्हें नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। मोर्चा ने कहा कि अगर मोदी सरकार बीजेपी के वादे को लागू नहीं कर पा रही है तो प्रधानमंत्री ईमानदारी से जनता को बताएं। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि केंद्रीय मंत्री यह स्पष्ट करने को तैयार नहीं हैं कि उनके द्वारा प्रस्तावित एमएसपी A2+FL+50% पर आधारित है या C2+50% पर। चर्चा में कोई पारदर्शिता नहीं है जबकि चार बार चर्चा हो चुकी है। यह दिल्ली सीमाओं पर 2020-21 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान एसकेएम द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक संस्कृति के खिलाफ है।

    राजस्थान के ग्रामीण किसान मजदूर समिति के मीडिया प्रभारी रणजीत राजू ने बताया कि सरकार के प्रस्ताव पर किसानों की सहमति नहीं बन सकी है। सभी फोरमों में बात करने के बाद अब किसान नेताओं ने फैसला लिया है कि 21 फरवरी को दिल्ली के लिए कूच करेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार लाठियां भांजेगी तो खाएंगे, गोले दागेंगे तो उसका भी सामना करेंगे। सरकार अपने प्रस्ताव के जरिए सिर्फ हरियाणा पंजाब के किसानों को देख रही है जबकि आंदोलन देशभर के किसानों की विभिन्न फसलों के लिए है। वहीं धान पर सरकार एमएसपी देने के लिए राजी हुई है मगर पैदावार अपने हिसाब से कराना चाहती है। यह किसानों को मंजूर नहीं है। भाकियू शहीद भगत सिहं के किसान नेता जय सिंह जलबेड़ा ने भी इसकी पुष्टि की है। किसानों ने सरकार को 20 फरवरी तक का समय दिया है।
  • B. Tech स्टूडेंट ने उठाया खौफनाक कदम, जाने मामला

    कोटा : बीटेक स्टूडेंट ने घर पर कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उस समय परिवार के सदस्य शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ गए हुए थे। स्टूडेंट घर में अकेला था। सुसाइड करने से पहले उसने पिता को फोन किया था। कहा था- पापा मैं जिंदगी से परेशान हो गया हूं। कुछ देर बाद परिजन ने फोन किया तो उसने रिसीव नहीं किया। परिजन ने पड़ोसी को भेजा, तब बेटे के सुसाइड करने की जानकारी मिली। घटना कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के अंबेडकर नगर की है। रविवार शाम को शव मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने सोमवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।फिलहाल सुसाइड के कारण सामने नहीं आए है। कुन्हाड़ी थाना के SI राजाराम ने बताया- अंबेडकर नगर निवासी राजेश माथुर ने थाने में रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि मैं जेवीवीएनएल में एक्सईएन के पद पर अलवर में कार्यरत हूं। परिवार कोटा में अंबेडकर नगर काॅलोनी में रहता है। बड़ा बेटा रोहित (23) जालंधर (पंजाब) से बीटेक कर रहा था। रोहित मानसिक रूप से बीमार था। 2-3 साल से उसका इलाज चल रहा था।

    17 फरवरी को मैं पत्नी के साथ रिश्तेदार के यहां शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ गया था। रोहित घर में अकेला ही था। 18 फरवरी की तड़के करीब 4 बजे उसने मुझे कॉल किया। वह अक्सर मरने की धमकी देता था। कुछ देर बाद मैंने वापस उसे कॉल किया। रोहित ने फोन नहीं उठाया। मैंने पड़ोसी को फोन किया। पड़ोसी ने घर जाकर उसको कई बार बुलाया, लेकिन रोहित ने कुंडी नहीं खोली। इसके बाद मुझे शक हुआ तो मैं पत्नी के साथ लखनऊ से कोटा के लिए रवाना हो गया। रविवार शाम 6 बजे कोटा पहुंचा। घर जाकर देखा तो रोहित कमरे में फंदे से लटका हुआ था। उसे फंदे से उतार कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल एमबीएस हॉस्पिटल भिजवाया, जहां डॉक्टर ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। राजेश माथुर ने बताया कि बीमारी के चलते डिप्रेशन में आकर रोहित ने सुसाइड किया। रोहित का छोटा भाई अहमदाबाद में पढ़ाई करता है।

  • मोबाइल छीनने पर बेटी ने उठाया खौफनाक कदम

    अजमेर :  सिविल लाइंस इलाके में सोमवार सुबह नाबालिग द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाना इलाके में घुघरा की रहने वाली भूमिका (15) पुत्री मनीष मिश्रा अपने घर में फंदे पर लटकी मिली। सबसे पहले बड़ी बहन विशाखा ने भूमिका को फंदे से लटके देखा और मां को बताया। परिजन फंदे से उतार कर भूमिका को अस्पताल लेकर गए। लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को मॉर्च्युरी में रखवाकर पुलिस को सूचना दी गई।ASI रणजीत सिंह ने बताया कि भूमिका के पिता मनीष मिश्रा पुष्कर काम पर गए थे। बड़ी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों से मामले की जानकारी मिली। सुसाइड के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। भूमिका के पिता मनीष हलवाई हैं।

    उन्होंने बताया कि मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने पर आज सुबह भूमिका को डांट लगाई थी। पढ़ाई में ध्यान नहीं देने के कारण उससे मोबाइल छीन लिया था। इसके बाद मैं अपने काम पर चला गया। मोबाइल छीन लेने से दुखी होकर भूमिका ने सुसाइड कर लिया। पिता ने बताया कि बेटी को करीब 7 महीने पहले ही तत्कालीन गहलोत सरकार की ओर से चलाई जा रही फ्री मोबाइल स्कीम के तहत मोबाइल मिला था।

    अस्पताल में डॉक्टर के भूमिका को मृत घोषित करते ही उसकी बड़ी बहन विशाखा बेसुध हो गई। वह बोली कि भूमिका 6 दिन से स्कूल नहीं जा रही थी। आज जब स्कूल जाना था, तब पिता ने उसका मोबाइल छीन लिया और डांटा भी था। इसके बाद वह ऊपर वाले कमरे में चली गई और खुद को बंद कर लिया। उसे दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन नहीं खोला। पड़ोसियों की मदद से गेट को तोड़ा तो वह पंखे से चुन्नी के फंदे पर लटकी थी। विशाखा ने बताया कि उससे पहले भी पिता ने मोबाइल छीन लिया था, लेकिन इस तरह का कोई कदम नहीं उठाया था।

  • शादी समारोह में मधुमक्खियों ने किया हमला, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    गुना: मध्य प्रदेश के गुना में मधुमक्खियों के आतंक ने शादी समारोह में हड़कंप मचा दिया। इस हमले में न केवल कई मेहमान घायल हुए बल्कि 2 मेहमानों को तो आईसीयू में एडमिट करना पड़ा। मिली जानकारी के मुताबिक, होटल की छत पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा था, जिसने वहां मौजूद लोगों पर हमला किया। मध्यप्रदेश के गुना शहर के एक मैरिज गार्डन में शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान मधुमक्खियों ने मेहमानों पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग हमले से बचने के लिए इधर उधर भागने लगे। इस घटना में वर और वधु पक्ष के एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं और दो लोग गंभीर हैं।

    इन दोनों को प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, शहर कस्तूरी गार्डन में पुरानी गल्ला मंडी की रामलीला समिति के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल की बेटी की शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए मेहमान मैरिज गार्डन पहुंचे थे। शनिवार को शादी के कार्यक्रम चल रहे थे। इसी बीच अचानक दोपहर में मधुमक्खियों ने शादी में आए मेहमानों पर हमला कर दिया। 

    दुल्हन के पिता प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि गार्डन में मधुमक्खियों के 20-25 छत्ते लगे हैं। गार्डन संचालकों से कहा भी था कि इससे कोई घटना हो सकती है। लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसे में ही शादी करनी पड़ेगी। शनिवार को मधुमक्खियों ने मेहमानों पर हमला कर दिया। उनके हमले में दोनों पक्षों के कई मेहमान घायल हो गए। चार मेहमानों को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। जिसमें से 2 अभी भी आईसीयू में हैं। वधु पक्ष का कहना है कि शादी समारोह होने के बाद मामले की शिकायत करेंगे।