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  • मोदी सरकार का एक्शनः मंत्री ने 10 अफसरों को दिखाया बाहर का रास्ता

    मोदी सरकार का एक्शनः मंत्री ने 10 अफसरों को दिखाया बाहर का रास्ता

    नई दिल्लीः भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति पर चलते हुए दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट के 10 सीनियर अफसरों को जबरन रिटायरमेंट पर भेज दिया है। एक तरह से कहा जाए तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इन सभी ईमानदारी पर संदेह होने के चलते ऐसा किया गया है। सरकार ने अलग-अलग कानूनों में मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए इन अधिकारियों को बाहर कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जानकारी दी कि दूरसंचार विभाग के जिन 10 अधिकारियों को जबरन रिटायरमेंट पर भेजा गया है, उनमें एक ज्वॉइंट सेक्रेट्री लेवल का अधिकारी भी शामिल है।

    काम करो या काम छोड़ो

    खबर में बताया गया है कि दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भ्रष्टाचार को एकदम बर्दाश्त न करने की नीति पर अमल करते हुए, 10 अधिकारियों की ‘काम करो या काम छोड़ो’ अभियान के तहत यह छंटनी कर दी। ये पहली बार है जब दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को इस तरह बाहर का रास्ता दिखाया गया है। सरकार ने सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के पेंशन नियम 48 की धारा 56 (जे) में मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए अधिकारियों की छंटनी कर दी।

    सूत्र ने बताया, ‘दूरसंचार मंत्री ने संदिग्ध ईमानदारी और भ्रष्टाचार को तनिक भी बर्दाश्त नहीं करने की सरकार की नीति के तहत दूरसंचार विभाग के 10 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति देने की मंजूरी दे दी है। इन 10 अधिकारियों में से 9 डायरेक्टर लेवल पर काम कर रहे थे, जबकि एक अधिकारी ज्वॉइंट सेकेट्री लेवल का था।’

    ‘सुशासन दिवस’ से पहले लिया फैसला

    दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये फैसला केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हर साल मनाए जाने वाले ”सुशासन दिवस” ​​की पूर्व संध्या पर किया है। मोदी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेशी के जन्मदिन को ‘सुशासन दिवस’ के तौर पर मनाती है।इससे पहले सितंबर में अश्विनी वैष्णव ने एक बैठक के दौरान सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी को झपकी लेते देखा था। इसके बाद उस अधिकारी को वॉलियंटरी रिटायरमेंट पर भेज दिया गया था। रेलवे विभाग ने भी लगभग 40 अधिकारियों को जबरन रिटायरमेंट पर भेजा है। अश्विनी वैष्णव के पास रेल मंत्रालय का भी प्रभार है।

  • ‘कहानी घर घर’ की जैसे सीरीयल में काम कर चुकी दिग्गज एक्ट्रेस का हुआ निधन

    ‘कहानी घर घर’ की जैसे सीरीयल में काम कर चुकी दिग्गज एक्ट्रेस का हुआ निधन

    मुंबईः टीवी और बॉलीवुड जगत से एक बुरी खबर सामने आ रही है। छोटे पर्दे के साथ-साथ कई बॉलीवुड फिल्मों में अपने एक्टिंग का जलवा बिखेरने वाली मशहूर अभिनेत्री रजिता कोचर अब इस दुनिया में नहीं रहीं, उनका निधन हो गया है। एक्ट्रेस की उम्र 70 साल थी। वहीं 23 दिसंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक रजिता कोचर की मौत गुर्दे के फेल हो जाने के कारण हुई। उनकी भतीजी नुपुर कंपानी ने इस बारे में ईटाइम्स को बताया, “पिछले साल सितंबर में उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, जिसके बाद वो पैरालिसिस का शिकार हो गईं थीं।

    हालांकि धीरे-धीरे वो ठीक हो गई थीं, लेकिन फिर मंगलवार को उन्हें सांस में तकलीफ और पेट मे दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद हम लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं फिर तबीयत बीगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।” जहां रजिता कोचर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। रजिता टीवी के दुनिया की एक मशहूर अदाकारा थीं, वहीं उनका निधन मनोरंजन जगत के लिए एक बेहद ही दुखद खबर है।

    इन टीवी सीरियल्स में किया था काम

    रजिता कोचर ने अपने करियर में कई बड़े टीवी शोज में काम किया था, जिनमें कवच, तंत्र, हातिम, काली शक्तियों से, कहानी घर घर की जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। छोटे पर्दे पर अपनी शानदार अदाकारी के लिए जाने जाने वाली रजिता भ्रम, पिया का घर जैसी कई हिन्दी फिल्मों में भी नजर आई थीं। वहीं आखिरी बार उन्हें साल 2019 में बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी में देखा गया था। हालांकि अब ये दिग्गज अदाकारा इस दुनिया में नहीं रहीं।

    मां कहकर बुलाया करते थे को-स्टार

    रजिता कोचर का नाम दिग्गज अभिनेत्रियों में शुमार था। उन्होंने पर्दे पर कई शोज में मां की भूमिका निभाई थी। उनकी भतीजी नुपुर ने ये भी खुलासा किया कि उनके साथ काम करने वाले कई एक्टर्स उन्हें अक्सर मां ही कहा करते थे। नुपुर ने ये भी कहा, “वो मेरी बायोलॉजिकल मदर नहीं थीं, लेकिन वो मां से बढ़कर थीं।”

  • पुलिस और सेना ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद किए बरामद, देखें तस्वीरें

    पुलिस और सेना ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद किए बरामद, देखें तस्वीरें

    बारामूलाः जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को सेना के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया। बारामूला में उरी के हथलंगा सेक्टर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

    इनमें 24 मैगजीन और 560 राउंड के साथ 8 AKS 74यू, 24 मैगजीन के साथ 12 पिस्टल, 244 राउंड बुलेट्स, 14 ग्रेनेड और पाक झंडे की छाप वाले 81 गुब्बारों सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद शामिल है।

  • क्रिसमस पर सांटा क्लॉज को लेकर VHP की स्कूल संचालकों को चेतावनी

    क्रिसमस पर सांटा क्लॉज को लेकर VHP की स्कूल संचालकों को चेतावनी

    भोपाल: एक तरफ जहां दुनिया भर में क्रिसमस की तैयारियां अंतिम चरण में है तो वहीं, दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद ने मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह अपने स्कूल में हिन्दू बच्चों को सांता क्लॉज ना बनाएं। विश्व हिंदू परिषद ने बाकायदा इसे लेकर ट्वीट भी किया है।

    चिट्ठी में वीएचपी ने लिखा है कि ‘मध्यभारत प्रान्त के सभी विद्यालयो मैं जो छात्र सनातन हिन्दू धर्म और परम्परा को मानते हैं, उन छात्रों को विद्यालय मै होने बाले क्रिसमस के कार्यक्रम मे सांताक्लॉस बना रहे हैं और क्रिसमस ट्री भी लाने का बोल रहे हैं। यह हमारी हिन्दू संस्कृति पर हमला है, हिंदू बच्चों को ईसाई धर्म में प्रेरित करने के लिए यह षड्यंत्र है।

    चिट्ठी में आगे लिखा है कि आर्थिक रूप से भी ऐसी ड्रेस या पेड़ लाने से अभिभावकों का नुकसान है। विद्यालय हिंदू बच्चों को सांता बनाकर ईसाई धर्म के प्रति श्रद्धा और आस्था उत्पन्न करने का काम कर रहा क्या? हमारे हिंदू बच्चे राम बने, कृष्ण बने, बुद्ध बने, गौतम, महावीर बने, गुरु गोविंद सिंह बने, यह सब तो बनना चाहिए, क्रांतिकारी बने, महापुरुष बने, परंतु सांता नहीं बनना चाहिए।

  • हाईवे पर कार और ट्रक की भीषण भिड़ंत, 4 की मौत, कार के उड़े परखच्चे

    हाईवे पर कार और ट्रक की भीषण भिड़ंत, 4 की मौत, कार के उड़े परखच्चे

    भोपालः मध्यप्रदेश के बैतूल-मुलताई हाइवे में बीती रात लगभग एक बजे बड़ा सड़क हादसा हो गया। गलत साइड से जा रहे एक ट्रक ने कार को सामने से टक्कर मार दी। इससे कार में बैठे 3 की मौत मौके पर ही हो गई। मरने वालों में दो महिलाएं शामिल हैं जिनमें एक गर्भवती है। टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर एवं क्लीनर मौके से भाग खड़े हए। पुलिस नेे ट्रक जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है। घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। गंभीर कार ड्राइवर को नागपुर रिफर किया गया था लेकिन बाद में उसने भी दम तोड़ दिया।

    आधे घंटे की मशक्कत के बाद ड्राइवर को निकाला

    दुर्घटना मुलताई में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास हुई। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि कार पूरी तरह से पिचक गई। ड्राइवर कार में बुरी तरह फंसा हुआ था। उसे पुलिस कर्मियों की सहायता से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका।   ट्रक ने बैतूल से मुलताई की ओर आ रही कार को सामने से टक्कर मार दी।

    हादसे में जान गंवाने वाले तीन लोगों के शव मुलताई के सरकारी अस्पताल में लाए गए हैं। इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष है। हादसे में कार चला रहे संजीवकांत भगत (48) निवासी झारखंड गंभीर घायल थे। उनकी भी मौत हो गई। वे काला आखर (इटारसी, होशंगाबाद) में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर पदस्थ थे। दूसरे मृतक की पहचान रेलकर्मी राजकुमार सिसोदिया (32) निवासी भौरा के रूप में हुई है। मृत महिलाओं की पहचान नहीं हो पाई थी। 

  • इंसानियत शर्मसार  :  नाबालिग को 3 राज्यों में 5 लोगों को बेचा, आरोपियों ने बार-बार किया रेप

    इंसानियत शर्मसार : नाबालिग को 3 राज्यों में 5 लोगों को बेचा, आरोपियों ने बार-बार किया रेप

    राजस्थान : राजस्थान से एक इनसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 14 साल की एक लड़की का अपहरण कर उसे बंधक बना लिया गया। बाद में उसका सौदा करने का सिलसिला शुरू हुआ। नाबालिग लड़की को 3 राज्यों में 5 अलग-अलग लोगों को बेचा गया। इस दौरान खरीदारों ने उसके साथ रेप किया। पीड़िता किसी तरह से आरोपियों के चंगुल से निकलकर जैसे-तैसे अपने घर लौटी। उसके बाद पीड़िता ने धम्बोला थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में अपहरण कर बेचने वाले मुख्य आरोपी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    जानकारी के मुताबिक धम्बोला थानाधिकारी हजारीलाल मीणा ने बताया की 14 वर्षीय नाबालिग ने 17 दिसंबर को थाने में आकर अपहरण, बेचने और रेप की रिपोर्ट दी थी। अपनी रिपोर्ट में उसने बताया कि एक साल पहले वो घर से दुकान समान लेने गई थी। इस दौरान उसे वहां अलवर निवासी गट्टूलाल अहारी मिला, जिसने उसे बाइक पर छोड़ने का कहा। वह उसके साथ बाइक पर सवार हो गई। लेकिन गट्टूलाल उसे घर छोड़ने की बजाय गुजरात के मोडासा इलाके इटाडी ले गया। वहां पर गट्टूलाल ने मंजू नाम की एक महिला के सहयोग से उसे भरत मकवाना को 55 हजार रुपये में बेच दिया।

    गट्टूलाल पीड़िता का एक के बाद एक सौदा करता गया

    इसके बाद करीब एक महीने तक भरत ने उसे अपने पास रखा। वहां से मंजू के सहयोग से नाबालिग को वापस लाया गया और उसे पुनावाडा निवासी मोहन डामोर को 55 हजार लेकर बेच दिया गया। मोहन ने उसे 2 माह तक अपनी पत्नी बनाकर रखा। उसके बाद एक अन्य महिला के सहयोग से गट्टूलाल ने उसे वापस लाकर रामा डामोर को बेच दिया। रामा ने उसे 3 माह तक पत्नी बनाकर रखा। 3 माह बाद उसे वापस गट्टूलाल को सौंप दिया गया। इसके बाद गट्टूलाल ने राजस्थान के बांसवाड़ा निवासी अपने भांजे लक्ष्मण के चचेरे भाई हकरू को बेच दिया। वहां पर हकरू ने उसे 2 माह तक रखते हुए उसके साथ रेप किया।

    मौका देखकर भागी पीड़िता

    नाबालिग के साथ अत्याचार का सिलसिला यहीं नहीं रुका। गट्टूलाल ने नाबालिग को बाद में मध्यप्रदेश निवासी कमल नाम के युवक को बेच दिया। कुछ दिन नाबालिग कमल की पत्नी बनकर रही। वहां पर एक दिन कमल नाबालिग को बाजार में समान लेने के लिए साथ ले गया। इस दौरान नाबालिग मौका देखकर एक होटल वाले के पास गई और अपनी पीड़ा बताई। होटल वाले ने पीड़िता को एमपी की बाजणा पुलिस को सुपुर्द कर दिया। उसके बाद पीड़िता ने धंबोला पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज हो जाने पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अलवर निवासी गट्टूलाल अहारी और पुनावाडा निवासी खरीदार मोहन डामोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

  • बांके बिहारी मंदिर में भक्तों और निजी सुरक्षाकर्मियों में हुई हाथापाई, देखें वीडियो

    बांके बिहारी मंदिर में भक्तों और निजी सुरक्षाकर्मियों में हुई हाथापाई, देखें वीडियो

    मथुराः वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए तैनात निजी सुरक्षाकर्मी गुंडई पर उतारू हो रहे हैं। आए दिन श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटनाएं आम बात हो गई है। वहीं मंदिर के सेवायत भी इन सुरक्षाकर्मियों की मनमानी और दबंगई से खासे परेशान हैं। मंदिर प्रबंधन सब जानते हुए भी अनजान बना बैठा है। अब लोगों ने पुलिस प्रशासन से मंदिर के निजी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

    बांके बिहारी मंदिर में शुक्रवार को श्रद्धालुओं के साथ निजी सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट कर दी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। श्रद्धालुओं का दल शुक्रवार की शाम बांके बिहारी मंदिर में दर्शन कर रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर श्रद्धालु और गार्ड के बीच कहासुनी हो गई। सुरक्षा कर्मी ने गुंडई दिखाते हुए मंदिर परिसर में ही श्रद्धालु के साथ मारपीट शुरू कर दी। इससे अफरातफरी मच गई। अपने बचाव में श्रद्धालुओं ने भी सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट की लेकिन इसी दौरान कई और सुरक्षाकर्मी वहां आए। सुरक्षाकर्मियों ने एकजुट होकर श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया।

    आरोप है कि एक सुरक्षाकर्मी के हाथ में प्लास्टिक का माइक भी था, जिससे उसने श्रद्धालुओं पर हमला कर घायल कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को पटक पटककर मारा। इस घटना से मंदिर में अफरातफरी मच गई। लोग बचने के लिए भागने लगे। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के मुनीष शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि श्रद्धालुओं के मंदिर परिसर से न हटने पर सुरक्षाकर्मी उन्हें जाने की कह रहा था। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। मारपीट पहले श्रद्धालुओं की ओर से की गई थी, फिर भी मारपीट करने वाले सुरक्षाकर्मी को हटा दिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है।

    शुक्रवार को अमावस्या का असर सुबह से ही ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दिखाई दिया। मंदिर के गेट नंबर दो और तीन पर भीड़ के कारण कई बार हालात बिगड़ते-बिगड़ते बचे। लोग धक्का-मुक्की करते हुए मंदिर में प्रवेश कर गए। इसके बाद मंदिर के अंदर परिसर में भी भीड़ का दबाव कुछ कम नहीं रहा। मंदिर के अंदर की व्यवस्था में लगे गार्ड लोगों को धक्का देकर बाहर की ओर धकेल रहे थे लेकिन भीड़ का दबाव था कि कम होने का नाम नहीं ले रहा था। आस्था में डूबे भक्त ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन पाकर जयकारे लगाते हुए निकल गए। सुबह के बाद शाम को भी भीड़ रही। 

  • कोरोना महामारी दौरान ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर हाई अलर्ट

    कोरोना महामारी दौरान ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर हाई अलर्ट

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर दिए ये निर्देश

    नई दिल्लीः कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार ने कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें कोरोना से निपटने के लिए सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों को कोरोना मैनेजमेंट के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई और अन्य इक्वीपमेंट्स सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

    भारत में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 201 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके साथ कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3,397 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण की दैनिक दर 0.15 फीसदी और साप्ताहिक दर 0.14 फीसदी दर्ज की गई है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 1,36,315 सैंपल की जांच की गई।

    • पीएसए प्लांट्स को पूरी तरह चालू रखा जाए और उन्हें जांचने के लिए नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाए।
    • स्वास्थ्य सुविधाओं में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) की उपलब्धता और उनकी रिफिलिंग के लिए बिना रुकावट के आपूर्ति चेन सुनिश्चित की जानी चाहिए।
    • बैकअप स्टॉक और मजबूती के साथ ऑक्सीजन सिलेंडरों की पर्याप्त सूची रिफिलिंग सिस्टम को बनाए रखा जाए।
    • वेंटीलेटर्स, बीआईपीएपी जैसे लाइफ़ स्पोर्टिंग इक्वीपमेंट्स की उपलब्धता और SpO2 सिस्टम की उप्लब्धता सुनिश्चित की जाए।
    • ऑक्सीजन के लिए राज्य स्तर पर ऑक्सीजन कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय किया जाना चाहिए।
    • ओडीएएस प्लेटफॉर्म के लिए ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने वाली सभी स्वास्थ्य सुविधाओं की ऑन-बोर्डिंग लागू करने के लिए रोजाना ऑक्सीजन की मांग और खपत पर नजर रखी जाए।

    आंकड़ों के मुताबिक, भारत में देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 220.4 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

  • केंद्र सरकार का ऐलानः जानें कब तक  81 करोड़ भारतीयों को मिलेगा फ्री राशन

    केंद्र सरकार का ऐलानः जानें कब तक  81 करोड़ भारतीयों को मिलेगा फ्री राशन

    नई दिल्लीः मोदी सरकार ने नए साल से पहले लोगों को तोहफा दे दिया है। अब लोगों को दिसंबर 2023 तक मुफ्त राशन मिलेगा। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को हुई बैठक में ये फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मीटिंग के बाद कहा कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत 80 करोड़ लोगों को अब मुफ्त अनाज मिलेगा। गोयल ने आगे कहा कि लोगों को दिसंबर 2023 तक अनाज लेने के लिए एक रुपये का भी भुगतान नहीं करना पड़ेगा। उनके मुताबिक, सरकार इस पर सालाना करीब दो लाख करोड़ रुपये का खर्च करेगी। 

    लोगों को कितने चावल और गेहूं मिलेंगे?

    नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत, सरकार मौजूदा समय में हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम अनाज 2 से 3 प्रति किलो की कीमत पर देती है। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत कवर होने वाले परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज मिलता है। इस कानून के तहत, गरीब लोगों को चावल 3 रुपये किलो और गेहूं 2 रुपये किलो पर मिलता है।

    केंद्रीय कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत, मुफ्त अनाज देने का पूरा बोझ उठाएगी।

    सरकार ने PMGKAY को आगे नहीं बढ़ाने का किया फैसला

    इस बीच सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। यह योजना 31 दिसंबर को खत्म होने जा रही है। इस योजना के अंदर, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत कवर होने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज मुफ्त मिलता है। यह एनएफएसए के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले अनाज के अलावा होता है।

    बता दें कि सितंबर में, मोदी सरकार ने इन योजना को तीन और महीनों की अवधि के लिए 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया था। यह योजना अप्रैल 2020 में शुरू की गई थी। इसे कोविड काल में गरीबों की मदद के लिए शुरू किया गया था। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के अधिकारियों ने कैबिनेट के फैसले को देश के गरीब के लिए नए साल का तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि इससे NFSA के तहत आने वाले 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को अब मुफ्त अनाज मिलेगा। लाभार्थियों को अनाज लेने के लिए एक रुपये का भी भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

  • कोरोना को लेकर एक्शन में केंद्र, चीन समेत इन 5 देशों से आने वालों का RT-PCR जरूरी

    कोरोना को लेकर एक्शन में केंद्र, चीन समेत इन 5 देशों से आने वालों का RT-PCR जरूरी

    नई दिल्लीः दुनिया के कई देशों में जानलेवा कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। इसको लेकर केंद्र सरकार सतर्क हो गई है और पूरी सावधानी बरत रही है। इसके मद्देनज़र अब चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा है कि अगर इन देशों के किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं या टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है तो उन्हें तुरंत क्वारंटीन कर दिया जाएगा।

    चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देने के लिए कोविड-19 एयर सुविधा फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले कुछ यात्रियों का शनिवार से रैंडम कोरोना वायरस जांच परीक्षण किया जाएगा। नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बारे में दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि चालक दल के सदस्यों को इसके लिए चुने गए यात्रियों को हवाई अड्डे में स्थित जांच सुविधा तक लाना होगा।

    चीन और कई अन्य देशों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने प्रत्येक उड़ान में कुल यात्रियों के दो प्रतिशत का आगमन के बाद हवाई अड्डे पर रैंडम परीक्षण कराने का फैसला किया है। मंत्रालय ने कहा कि हवाईअड्डा परिचालकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की रैंडम जांच के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करना होगा. मुंबई हवाई अड्डे ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसने कोरोना वायरस परीक्षण के लिए छह पंजीकरण काउंटर और तीन सैंपलिंग बूथ बनाए हैं।