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  • पूर्व पीएम राजीव गांधी मर्डर केस के आरोपियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा आदेश

    पूर्व पीएम राजीव गांधी मर्डर केस के आरोपियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा आदेश

    नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के मामले में जेल में बंद सभी 6 दोषियों को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर इन दोषियों पर कोई अन्य मामला नहीं है, तो इन्हें रिहा कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि लंबे समय से राज्यपाल ने इस पर कदम नहीं उठाया तो हम उठा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दोषी करार दिए गए पेरारिवलन की रिहाई का आदेश बाकी दोषियों पर भी लागू होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस साल मई में पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। 

    ये 6 दोषी होंगे रिहा

    राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार, और रॉबर्ट पॉयस को रिहा करने के आदेश दिया है। पेरारिवलन पहले ही इस मामले में रिहा हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को जेल में अच्छे बर्ताव के कारण पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। जस्टिस एल नागेश्वर की बेंच ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश दिया था।

    31 साल पहले हुई थी राजीव गांधी की हत्या

    21 मई 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान तमिलनाडु में एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उन्हें एक महिला ने माला पहनाई थी, इसके बाद धमाका हो गया। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में कुल 41 लोगों को आरोपी बनाया गया था। 12 लोगों की मौत हो चुकी थी और तीन फरार हो गए थे। बाकी 26 पकड़े गए थे। इसमें श्रीलंकाई और भारतीय नागरिक थे। फरार आरोपियों में प्रभाकरण, पोट्टू ओम्मान और अकीला थे। आरोपियों पर टाडा कानून के तहत कार्रवाई की गई। 7 साल तक चली कानूनी कार्यवाही के बाद 28 जनवरी 1998 को टाडा कोर्ट ने हजार पन्नों का फैसला सुनाया। इसमें सभी 26 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई।

    19 दोषी पहले हो चुके रिहा

    ये फैसला टाडा कोर्ट का था, इसलिए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। टाडा कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती थी। एक साल बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इस पूरे फैसले को ही पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 26 में से 19 दोषियों को रिहा कर दिया। सिर्फ 7 दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा गया था। बाद में इसे बदलकर उम्रकैद किया गया।

  • Airtel का ये प्लान! मचा रहा है धूम

    Airtel का ये प्लान! मचा रहा है धूम

    नई दिल्ली: एयरटेल के कॉलिंग प्लान्स के साथ ही डाटा और वैलिडिटी प्लान्स को भी काफी पसंद किया जाता है। दरअसल ये प्लान्स आपको अच्छे-खासे बेनिफिट्स देते हैं साथ ही साथ इनकी कीमत भी बेहद ही कम रहती है। आप अगर वैलिडिटी बनाए रखने के लिए एक सस्ता प्लान तलाश रहे हैं और आपके बजट में कोई प्लान फिट नहीं हो पा रहा है तो हम आपके लिए बेस्ट ऑप्शन लेकर आए हैं जो आपके बजट में फिट हो जाएगा।

    कौन सा है Airtel का ये प्रीपेड प्लान 

    Airtel के जिस प्रीपेड प्लान की हम बात कर रहे हैं उसकी कीमत महज 99 रुपये है, इस प्लान को उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो वैलिडिटी को बनाए रखना चाहते हैं लेकिन ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते हैं। प्रीपेड प्लान क हिसाब से ये एक सस्ता प्लान है जो ग्राहकों के बजट में आसानी से फिट हो सकता है। अगर आप भी इस प्लान को खरीदने का मन बा रहे हैं तो आज हम आपको इसकी खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।

    क्या हैं बेनिफिट्स 

    अगर बात की जाए बेनिफिट्स की तो एयरटेल के इस प्लान में ग्राहकों को पूरे 28 दिनों की वैलिडिटी मिल जाती है। किफायती कीमत में एक महीने की वैलिडिटी मिलना एक बड़ी बात है, ऐसे में ये आपके बजट में आसानी से फिट हो जाता है और आपको ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ता है। अगर अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो इस प्लान में आपको 200 MB डेटा भी मिल जाता है जो आपकी छोटी-मोटी इंटरनेट की जरूरतों को पूरा करने का काम करता है। अगर आप भी एयरटेल ग्राहक हैं और एक ऐसे ही प्लान की तलाश में थे तो अब आप इसे एक्टिवेट करवा सकते हैं और इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स का लाभ भी ले सकते हैं।

  • बड़ी ख़बरः ड्रोन और छोटे एयरप्लेन से हो सकता है आंतकी हमला, अलर्ट जारी

    बड़ी ख़बरः ड्रोन और छोटे एयरप्लेन से हो सकता है आंतकी हमला, अलर्ट जारी

    मुंबईः महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक बार फिर से आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। आतंकवादी ड्रोन और छोटे एयरप्लेन से मुंबई में आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं। आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए मुंबई में फिलहाल ड्रोन के उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। आतंकी हमले के अलर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है, साथ ही वीवीआईपी लोगों पर हमले के खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

    ड्रोन उड़ाने पर लगाई पाबंदी

    आंतकी मुंबई में रिमोट कंट्रोल एयरक्राफ्ट से हमला करने की फिराक में हैं। सूत्रों की मानें तो आतंकी मुंबई की फेमस जगहों को टारगेट करने के साथ-साथ वीवीआईपी को भी निशाना बना सकते हैं। पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई में ड्रोन के उड़ाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। मुंबई पुलिस द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अगर कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत सजा दी जाएगी।

    मुंबई पुलिस ने 12 दिसंबर तक लगाई पाबंदी

    ग्रेटर मुंबई पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी तत्व ड्रोन, रिमोट कंट्रोल्ड माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट, पाराग्राइडर्स का इस्तेमाल कर हमला कर सकते हैं। आतंकी इनके जरिए वीवीआईपी को भी निशाना बना सकते हैं। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर अगले 30 दिनों तक प्राइवेट हेलीकॉप्टर्स से लेकर हॉट एयर बैलून समेत इन सभी चीजों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। इस दौरान केवल मुंबई पुलिस ही एरियल सर्विलांस कर सकती है। यह आदेश 13 नवंबर से 12 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

    4 नवंबर को भी मिली थी धमकी

    इस महीने मुंबई में आतंकी हमले की धमकी का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 4 नवंबर को मुंबई पुलिस को कंट्रोल रूम में हाजी अली दरगाह को आतंकी हमला करने की धमकी मिली थी। हाजी अली दरगाह पर आतंकी हमली की धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने अलर्ट जारी किया था। उसके बाद पुलिस की एक टीम दरगाह पर पहुंचकर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्वकॉड वैन के जरिए पूरे इलाके की छानबीन की, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला था। पुलिस ने मामले की छानबीन में पाया कि दरगाह पर आतंकी हमले की धमकी देने वाला शख्स दिमागी तौर पर बीमार था।

  • भूकंप के तेज झटकों से कांपा पूर्वोत्तर भारत, 5.7 की तीव्रता से लगे झटके

    भूकंप के तेज झटकों से कांपा पूर्वोत्तर भारत, 5.7 की तीव्रता से लगे झटके

    अरुणाचलः पूर्वोत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग में था। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, अरुणाचल में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश का वेस्ट सियांग जिला था। सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर इसके झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।

    दिल्ली-एनसीआर में लगे थे भूकंप के झटके

    बता दें कि इससे पहले दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में 9 नवंबर की रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मंगलवार की देर रात एक बजकर 57 मिनट पर भूकंप आया था, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.3 मापी गई। यह झटके दिल्ली-NCR, UP और बिहार में महसूस किए गए। 

    नेपाल और मणिपुर था केंद्र

    नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक 1.57 बजे आए इस भूकंप का केंद्र नेपाल, मणिपुर था। इस भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। गौरतलब है कि दिल्ली NCR समेत कई इलाकों में भूकंप काफी तेज था। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग देर रात घरों से बाहर निकल आए।

    उत्तराखंड में सुबह फिर लगे झटके

    इसके करीब साढ़े चार घंटे बाद उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बुधवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 4.3 मैग्नीट्यूड मापी गई। भूकंप का केंद्र 5 किलोमीटर गहराई में था।

    नेपाल के दोती जिले में 6 की मौत 

    दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में जब भूकंप के झटके महसूस किए गए थे तभी नेपाल में भी इसका असर दिखाई दिया। पड़ोसी देश के दोती जिले में भूकंप के बाद एक घर गिरने से लगभग 2:12 बजे 6 लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में तो एक के बाद एक तीन झटके महसूस किए गए। इसके बाद फिर 3:15 बजे फिर 3.6 की तीव्रता पर भूकंप महसूस किया गया।

  • Twitter के बाद अब Facebook में 11000 कर्मचारियों की छंटनी, जानें वजह?

    Twitter के बाद अब Facebook में 11000 कर्मचारियों की छंटनी, जानें वजह?

    नई दिल्लीः टेक सेक्टर की कंपनियों के कर्मचारियों के लिए मुश्किल दिन जारी है। ट्विटर के बाद अब एक और दिग्गज कंपनी के कर्मचारियों पर छंटनी की मार पड़ी है। बुधवार को मेटा प्लेटफार्म इंक ने ऐलान किया कि यह अपने 13 फीसद यानी 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रहा है।

    कंपनी के मुताबिक कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लागत में कटौती के लिए किया गया है। दरअसल कंपनी के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। तिमाही के दौरान कंपनी की आय में तेज कमी दर्ज हुई है। इससे निपटने के लिए मेटा ने लागत में कटौती की योजना बनाई थी। आज की छंटनी इसी दिशा में लिया गया कदम है।

    13 प्रतिशत घटेगी मेटा की टीम

    कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने आज एक ब्लॉग के जरिए कहा कि वो मेटा के इतिहास में अबतक का सबसे कठिन कदम उठाने जा रहे हैं। कंपनी ने फैसला लिया है कि वो अपनी टीम का आकार 13 प्रतिशत घटाएगी और 11 हजार काबिल कर्मचारियों को नौकरी से छंटनी करेगी। इसके साथ ही जुकरबर्ग ने कहा कि वो कंपनी को पटरी पर लाने के लिए कई और ऐसे कदम उठाने जा रहे हैं। इसमें खर्चों में कटौती करने और लागत को कम करने के लिए अहम कदम शामिल हैंय़ जुकरबर्ग ने कहा है कि वो इस फैसले की जिम्मेदारी लेते हैं साथ ही उन वजहों की भी जिम्मेदारी लेते हैं जिससे इस कदम को उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

    ये हैं छंटनी की 5 बड़ी वजह

    • फेसबुक के 18 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ी छंटनी होगी. इस छंटनी की पहली वजह मेटा की वर्चुअल रियलिटी कंपनी रियलिटी लैब्स को पिछली तिमाही में हुए 3.7 अरब डॉलर का नुकसान है।
    • दूसरी वजह मेटा की स्टॉक ट्रेडिंग का निचले स्तर पर जाना है। अभी मेटा का स्टॉक 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। पिछले महीने इस कंपनी की वैल्यू 270 अरब डॉलर की रही जबकि पिछले साल कंपनी की वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक थी। कहा जा रहा है कि कंपनी का खर्च तेजी से बढ़ा है जबकि कमाई उस हिसाब से नहीं हो रही। कॉस्ट को कम करने के लिए ही कंपनी ने छंटनी की योजना बनाई है। निवेशकों को आशंका है कि इसका सोशल मीडिया बिजनेस खतरे में आ सकता है।
    • मेटा के मार्केट कैप में 3 फरवरी, 2022 को 230 अरब डॉलर की गिरावट आई है। अमेरिकी की किसी भी कंपनी के इतिहास में एक दिन में हुई यह सबसे बड़ी गिरावट है। जिस दिन कंपनी ने बताया कि पहली बार उसके डेली यूजर नंबर में गिरावट आई, उस दिन मेटा का स्टॉक 26.4 परसेंट गिर गया। मेटा के स्टॉक में यह बड़ी गिरावट बताई जा रही है जिससे उसके बिजनेस पर गहरा असर पड़ा है। इस वजह से कंपनी भारी दबाव में बताई जा रही है।
    • अगली वजह मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग की संपत्ति में भारी गिरावट है. साल 2022 की शुरुआत से ही जकरबर्ग की व्यक्तिगत संपत्ति में लगातार गिरावट देखी जा रही है। मेटा में जकरबर्ग का 13 परसेंट शेयर है। एक और बड़ी वजह मेटा के विज्ञापन से होने वाली कमाई में गिरावट है। मेटा ने अनुमान जताया है कि 2022 में ऐड रेवेन्यू में 10 अरब डॉलर का घाटा हो सकता है। यह गिरावट इसलिए देखी जा रही है क्योंकि ने प्राइवेसी के नियमों में बदलाव किया है।
    • मेटा की रैंकिंग में भी भारी गिरावट देखी गई है। साल 2022 में एसएंडपी 500 की लिस्ट में मेटा ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। इस साल की शुरुआत से मेटा का स्टॉक 73 परसेंट तक गिर चुका है। मेटा के फ्री कैश फ्लो में भी भारी कमी देखी जा रही है। 2021 की शुरुआत में मेटा का फ्री कैश फ्लो 12.7 अरब डॉलर था जो 2022 की तीसरी तिमाही में 316 मिलियन डॉलर पर आ गिरा। भारी घाटे के बीच मेटा ने लगातार कर्मचारियों की भर्ती की है। 2020 और 2021 में 27,000 कर्मचारी रखे गए जबकि इस साल के 9 महीनों में 15,344 कर्मचारियों की भर्ती की गई।
  • न्यूजीलैंड को हरा कर फाईनल में पहुंचा पाकिस्तान

    न्यूजीलैंड को हरा कर फाईनल में पहुंचा पाकिस्तान

    नई दिल्ली: सिडनी में खेले गए पहले सेमीफाइल में पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया. पाकिस्तान के बॉलरों द्वारा पहली पाली में  किए गए बेहतरीन काम को अंजाम पर कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान ने बेहतरीन अंदाज में मुहर लगाते हुए अपनी टीम को फाइनल का टिकट दिला दिया इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी करके पहले से ही उम्मीद से कम मिले लक्ष्य की जीत सुनिश्चित कर दी सिडनी की आसान पिच पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरे नहीं उतरे और कीवी टीम पाकिस्तान के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने से करीब 25-20 रन दूर रह गयी

  • नीरव मोदी को कोर्ट से मिला बड़ा झटकाः जल्द लाया जाएगा भारत

    नीरव मोदी को कोर्ट से मिला बड़ा झटकाः जल्द लाया जाएगा भारत

    नई दिल्लीः नीरव मोदी को भारत लाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने हीरा कारोबारी की अर्जी खारिज कर दी है। हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए उसे भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया है।

    जस्टिस जेरेमी स्टुअर्ट स्मिथ और जस्टिस रॉबर्ट जे ने इस साल की शुरुआत में नीरव की तरफ से दायर की गई अपील की सुनवाई करते हुए लंदन हाईकोर्ट ने बुधवार को हीरा व्यापारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया। नीरव भारत में पीएनबी ऋण घोटाला मामले में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक से 2 बिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की है।

    जिला अदालत के फैसले के खिलाफ की थी अपील

    51 वर्षीय नीरव मोदी इस समय दक्षिण-पूर्वी लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। फरवरी 2022 में नीरव मोदी ने लंदन की जिला अदालत के भारत प्रत्यर्पित किये जाने के आदेश के खिलाफ वहां के हाईकोर्ट का रुख किया था।

    नीरव की मानसिक स्थिति की हुई थी जांच

    उच्च न्यायालय में अपील पर सुनवाई की अनुमति दो आधार पर दी गयी थी। यूरोपीय मानवाधिकार समझौते (ईसीएचआर) के अनुच्छेद 3 के तहत यदि नीरव की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसका प्रत्यर्पण अनुचित या दमनकारी है तो दलीलों पर सुनवाई करने की अनुमति थी और मानसिक सेहत से ही संबंधित प्रत्यर्पण अधिनियम 2003 की धारा 91 के तहत इसकी अनुमति दी गयी।

    किन दो मामले में आरोपी है नीरव?

    नीरव पर दो मामले हैं। एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके या सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित मामला जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कर रहा है और दूसरा उस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद में बदलने से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाला मामला है।

  • `बाय-बाय फैमिली मेंबर लो अब कर लो शादी` सुसाईड नोट लिख युवती ने की आत्महत्या

    `बाय-बाय फैमिली मेंबर लो अब कर लो शादी` सुसाईड नोट लिख युवती ने की आत्महत्या

    लखनऊ। कृष्णानगर इलाके में रहने वाली 28 वर्षीय एक युवती ने श्बाय.बाय फैमिली मेंबर, लो अब कर लो शादी न मैं शादी करना चाहती हूं और न ही जीना। यह बात सुसाइडनोट में लिखकर फांसी लगा ली। वह मूल रूप से बंथरा क्षेत्र की रहने वाली थी। इंस्पेक्टर कृष्णानगर विक्रम सिंह ने बताया कि युवती के पिता की दो साल पहले और कुछ साल पहले मां की मौत हो चुकी थी। युवती एलडीए कालोनी कानपुर रोड पर एक मकान में किराए पर रहती थी। घर के पास में ही उसके बड़े भाई और भाभी दूसरे मकान में रहते थे। सोमवार को युवती दोपहर तक जब युवती के कमरे का दरवाजा नहीं खुला और वह बाहर नहीं निकली तो मकान मालिक ने काफी देर तक खटखटाते रहे। कोई उत्तर न मिलने पर घटना की जानकारी पुलिस को दी।

    पुल‍िस ने तोड़ा दरवाजा, जांच शुरू

    पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो कमरे में फंदे पर शव लटका था। शव को फंदे से उतारा गया। कमरे में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उक्त बातें लिखीं थीं। भाई से बात करने पर पता चला कि उन्होंने युवती की शादी तय कर दी थी। युवती शादी नहीं करना चाहती थी। वह कुछ दुखी रहती थी। युवती की आत्महत्या से जुड़े अन्य बिंदुओं की जांंच की जा रही है। युवती का चेहरा गले तक दुपट्टे से ढका था। इसके बाद गले में फंदा पड़ा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि युवती के भाई ने किसी आरोप से इंकार किया है। युवती के मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया है। उसकी काल डिटेल्स चेक की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को बड़ी राहत, अब MBBS-BDS में मिलेगा आरक्षण

    आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को बड़ी राहत, अब MBBS-BDS में मिलेगा आरक्षण

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। अब घाटी में आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में एडमिशन के लिए आरक्षण मिलेगा। इसके लिए जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल इंट्रेंस एग्जामिनेशन ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, राज्य में एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों पर आतंकवाद से प्रभावित छात्र-छात्राओं को केंद्रीय पूल सिस्टम के हिसाब से आरक्षण मिलेगा।

    आदेश के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों से अनाथ हुए या पीड़ित बच्चे एमबीबीएस और बीडीएस कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण का लाभ उठाने के पात्र होंगे। आरक्षण का फायदा उठाने के लिए आतंकवाद से प्रभावित छात्रों को कम से कम मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा उन्हें कोटा के लिए अलग से आवेदन करना होगा। आवेदन करने वालों में से मेरिट के आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा। मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के लिए सेंट्रल पूल के तहत आवेदन 11 नवंबर से शुरू होंगे।

    दरअसल, पिछले कई दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहे जम्मू कश्मीर के निवासियों की मांग को केंद्र सरकार ने पूरा कर दिया है। आतंकवाद से प्रभावित लोगों की मांग थी कि उनके बच्चों को भी एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों में आरक्षण दिया जाए, क्योकि आतंक के चलते बच्चों की पढाई पर बहुत ज्यादा असर पड़ा है, खासकर जिनके मां-बाप इस आतंकवाद की बली चढ़े हैं। जम्मू प्रांत के जिला डोडा, रामबन, किशतवाड, ऊधमपुर और राजौरी व पुंछ में कई आतंकी घटनाएं हुई हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है, वहीं कश्मीर के भी अनंतनाग, शोपियां, पहलगाम और कुपवाड़ा में आतंकी गतिविधियों से बहुत जयादा बच्चे प्रभावित हुए हैं।

    घाटी में आतंकवाद के चलते कई सैनिक व पुलिसकर्मी भी शहीद हुए, जिनके बच्चों की भी यही मांग थी कि उन्हें एमबीबीएस और बीडीएस के कोर्स में आरक्षण मिलेगा। घाटी में पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते बहुत ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। यही वजह है कि अब केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार की मांग को मान लिया है और यह माना है कि आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को इन सीटों पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

  • बॉलीवुड एक्ट्रेस Priyanka Chopra के खिलाफ भड़के लोग, चौराहों पर पोस्टर लगाकर लिखी ये आपत्तिजनक बात

    बॉलीवुड एक्ट्रेस Priyanka Chopra के खिलाफ भड़के लोग, चौराहों पर पोस्टर लगाकर लिखी ये आपत्तिजनक बात

    मुंबईः बॉलीवुड की देसी गर्ल यानी प्रियंका चोपड़ा करीब तीन सालों बाद देश वापस लौटी हैं। इसके बाद से ही एक्ट्रेस लगातार अपने सोशल मीडिया पर भारत दौरे की तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर रही हैं। देश लौटकर एक तरफ जहां प्रियंका काफी खुश थीं तो वहीं, इस बीच उनका विरोध शुरू हो गया है। इतना ही नहीं, एक्ट्रेस के खिलाफ गली-चौराहों पर पोस्टर्स तक चिपका दिए गए हैं। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में-

    प्रियंका चोपड़ा सबसे पहले मुंबई पहुंची थीं। तब माना जा रहा था कि एक्ट्रेस मुंबई में अपने हेयर प्रोडक्ट अनॉमली का प्रमोशन करने के लिए आई हैं और यहां से सीधे अमेरिका के लिए रवाना हो जाएंगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और फिलहाल प्रियंका यूनिसेफ के प्रोग्राम के तहत दो दिनों के दौरे पर लखनऊ में हैं। सोमवार को एक्ट्रेस को अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों से मिलते देखा गया। इस बीच उनका विरोध शुरू हो गया है। 

    क्यो हुआ Priyanka Chopra का विरोध?

    लखनऊ के गोमतीनगर में प्रियंका चोपड़ा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स पर एक्ट्रेस की फोटोज पर रेड कलर का क्रॉस बनाते हुए लिखा गया है, ‘You Are Not Welcome In City Of Nawabs’ यानी ‘नवाबों के शहर में तुम्हारा स्वागत नही हैं’। हालांकि, ये पोस्टर्स किसने और क्यों लगवाएं हैं, इस बारे में अभी कोई जानकारी खुलकर सामने नहीं है। मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है लेकिन अभी तक पोस्टर्स लगाने और विरोध प्रदर्शन करने के पीछे की वजह साफ नहीं है। इन सब के बीच देसी गर्ल 2 दिन तक लखनऊ में ही रूकने वाली हैं। 

    बता दें कि कोविड महामारी के बाद प्रियंका चोपड़ा की यह पहली भारत यात्रा है। ऐसे में एक्ट्रेस घर लौटकर काफी एक्साइटेड हैं। प्रियंका चोपड़ा शादी से पहले भी कई सालों तक अमेरिका में रह रही हैं। एक्ट्रेस ने 12 साल की उम्र में पढ़ाई लिखाई के सिलसिले में अमेरिका का रुख किया था। इसके बाद बॉलीवुड में अपना करियर बनाने के लिए वह दोबारा भारत आईं।

    साल 2018 में उन्होंने अमेरिकी सिंगर और म्यूजिशियन निक जोनस के साथ जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में धूमधान से शादी की थी। कपल ने इसी साल 2022 में सेरोगेसी के जरिए बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस को जन्म दिया है।