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  • बड़ी राहतः LPG के दाम में बड़ी कटौती, जाने नए रेट

    बड़ी राहतः LPG के दाम में बड़ी कटौती, जाने नए रेट

    नई दिल्लीः ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बड़ी कटौती की है। तत्काल प्रभाव से सिलेंडर के दाम 115.50 रुपये तक घटा दिए गए हैं। जून महीने के बाद सिलेंडर के दाम में यह सातवीं बड़ी कटौती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैसों के दाम में गिरावट के बाद घरेलू बाजारों में एलपीजी के दाम घट रहे हैं। पूरी तरह से देखें तो 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 610 रुपये तक की कटौती हो चुकी है। कमर्शियल सिलेंडर वो होते हैं जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक काम में जैसे कि होटल, रेस्टोरेंट आदि में होता है। घर में लगने वाले एलपीजी सिलेंडर की तुलना में इसका वजन अधिक और दाम भी ज्यादा होता है।

    दाम में संशोधन के बाद 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम अब 1744 रुपये हो गया है जो पहले दिल्ली में 1859 रुपये का होता था। बदलाव के बाद कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर 1846 रुपये का हो गया है जो पहले 1959 रुपये का होता था। मुंबई में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,811.50 रुपये के बजाय 1,696 रुपये होगी और चेन्नई में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत मंगलवार से 2,009.50 रुपये के बजाय 1,893 रुपये होगी।

    अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में गिरावट

    1 अक्टूबर को भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम कम किए गए थे। दाम में कमी इसलिए है क्योंकि घरेलू रसोई गैस की दरें लागत से काफी कम थीं और अब अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। दूसरी ओर, कमर्शियल एलपीजी दरों को काफी हद तक लागत के साथ जोड़ दिया गया है और इसलिए वे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि और गिरावट के चलते इसमें बदलाव देखा जा रहा है।

    हालांकि घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। 6 जुलाई को, 14.2 किलोग्राम वजन वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी. इससे पहले, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 19 मई, 2022 को संशोधन किया गया था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, यह वर्तमान में 1,053 रुपये प्रति यूनिट पर बिकता है। इसके अलावा, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में, यह क्रमशः 1,079 रुपये, 1,052.5 रुपये और 1,068.5 रुपये पर बिकता है। स्थानीय वैट के आधार पर दरें अलग-अलग राज्यों में भिन्न होती हैं।

  • दर्दनाक घटनाः भगत सिंह की फांसी का रिहर्सल करते वक्त 7वीं कक्षा के बच्चे की हुई मौत

    दर्दनाक घटनाः भगत सिंह की फांसी का रिहर्सल करते वक्त 7वीं कक्षा के बच्चे की हुई मौत

    बेंगलुरुः कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक 12 वर्षीय लड़के की उस समय मौत हो गई, जब वह शनिवार शाम अपने घर पर स्कूल में होने वाले एक कार्यक्रम के लिए भगत सिंह को फांसी की सजा के सीन का रिहर्सल कर रहा था। पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त बच्चा घर पर अकेला था, उस समय उसके माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। जब वह लौटे तो उन्होंने बेटे को पंखे से लटका पाया।

    एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार संजय गौड़ा के माता-पिता नागराज और भाग्यलक्ष्मी शहर के केलागोट बडावने इलाके में एक भोजनालय चलाते हैं। बडावने पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर केआर गीताम्मा ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि सातवीं कक्षा के छात्र के साथ हुई घटना का पता तब चला जब उसकी मां रात करीब 9 बजे होटल से लौटी।

    घर का दरवाजा अंदर से बंद था, और उन्होंने दरवाजे को देर तक पीटा। जब दरवाजा अंदर से नहीं खुला तो उनके पड़ोसी आ गए। पड़ोसियों ने खिड़की से देखा और लड़के को छत के पंखे से लटका पाया। इसके बाद तुरंत लड़के की मां भाग्यलक्ष्मी ने पति नागराज को फोन किया, जिन्होंने मास्टर चाबी से दरवाजा खोला। वह संजय को अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने कहा कि लड़के ने रस्सी से फंदा बनाया और भगत सिंह की तरह फांसी देने की कोशिश की। उसने कथित तौर पर फंदे में सिर रखा और खाट से कूद गया और उसकी मौत तुरंत हो गई।

  • मोरबी में नदी पर बना सस्पेंशन ब्रिज गिरा,132 लोगों की मौत

    मोरबी में नदी पर बना सस्पेंशन ब्रिज गिरा,132 लोगों की मौत

    गुजरात: मोरबी में रविवार को मच्छू नदी पर बना एक सस्पेंशन ब्रिज गिर गया है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में पुल पर मौजूद कई लोग नदी में गिर गए हैं। मच्छू नदी पर बना एक सदी पुराना ये सस्पेंशन ब्रिज रविवार को टूट गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग नदी में गिर गए. कई लोगों के नदी में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

    गुजरात के गृह मंत्री मंत्री हर्ष सिंह सांघवी ने कहा है कि रात एक बजे तक 68 लोगों के शव निकाल लिए गए थे। देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी था और कई लोग लापता बताए गए हैं। सोमवार सुबह गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सिंह सांघवी ने कहा है कि अब मरने वालों की संख्या 132 हो गई है। इससे पहले देर रात राजकोट से बीजेपी सांसद मोहनभाई कल्याणजी कुंडरिया ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से कहा है कि अब तक 68 शव बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने भी हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

    उनका कहना है, “घायलों की संख्या अभी कम है, लेकिन अभी पानी में डूबे लोगों की तलाश का काम जारी है।” बीजेपी सांसद ने ये भी बताया कि मरने वालों में अधिकतर बच्चे हो सकते हैं। कुंडरिया का कहना है कि 50 से अधिक एंबुलेस 15 मिनट के भीतर ही घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि पुल पर अधिक संख्या में लोग हो गए थे जिस कारण पुल टूट गया। पुल पर जाने के लिए कितने टिकट काटे गए हैं अभी उसकी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।” मिली जानकारी के अनुसार पुल के गिरने के वक़्त उस पर क़रीब 400 लोग मौजूद थे। राजकोट ज़िलाधिकारी के दफ़्तर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जानकारी दी गई कि मोरबी के झूलते पुल पर हुई दुर्घटना स्थल के लिए राजकोट ज़िले से 22 एंबुलेंस, 7 दमकल और छह नावें भेजी गई हैं। यह पुल सालों से बंद था। हाल ही में मरम्मत के बाद इसे जनता के लिए फिर से खोल दिया गया था। दिवाली के बाद गुजराती नव वर्ष पर इस नए पुल को खोला गया था।

    दिवाली की छुट्टियों और रविवार होने के कारण पुल पर लोगों की बड़ी भीड़ थी। हालांकि एक सदी पुराना ये पुल किस कारण गिरा अब तक इसका पता नहीं चल सका है। पुल गिरने के कारणों की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। प्रशासन फिलहाल बचाव और राहत कार्य में जुटा है। एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल अतुल करवाल ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि एनडीआरएफ की तीन टीमें घटनास्थल की ओर रवाना कर दी गई है। दो टीमें गांधीनगर और एक बड़ौदा से भेजी गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट किया, “मोरबी में सस्पेंशन ब्रिज के गिरने से मुझे दुख हुआ है। अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी है। मैंने घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मैं इस संबंध से लगातार ज़िला प्रशासन के संपर्क में हूं।”

  • मोरबी में बड़ा हादसा, केबल ब्रिज टूटने से 400 लोग नदी में गिरे

    मोरबी में बड़ा हादसा, केबल ब्रिज टूटने से 400 लोग नदी में गिरे

    5 दिन पहले हुआ था रिनोवेशन

    गुजरात: गुजरात के मोरबी में बड़ा हादसा हो गया। यहां मच्छु नदी पर बने केबल ब्रिज के टूटने से करीब 400 लोगों के नदी में गिरने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ केबल पुल पर करीब 500 लोग मौजूद थे। मालूम हो कि यह पुल मच्छु नदी पर बना है। यह केबल ब्रिज काफी पुराना था और इसे हेरिटेज ब्रिज में शुमार किया जाता था। मरम्मत के बाद इस पुल को थोड़े ही दिन पहले आम लोगों के लिए दोबारा खोला गया था।

    पीएम मोदी ने भी घटना को लेकर अधिकारियों से तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा है कि वे इस घटना पर नजर रख रहे हैं। एंबुलेंस को तुरंत रवाना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं।

  • बस का इंतजार कर रहे लोगों को तेज रफ्तार पिकअप ने रौंदा, 3 की हालत गंभीर…

    बस का इंतजार कर रहे लोगों को तेज रफ्तार पिकअप ने रौंदा, 3 की हालत गंभीर…

    बरेलीः उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के हाफिजगंज क्षेत्र के बायपास पर एक अनियंत्रित पिकअप ने लगभग एक दर्जन लोगों को राउंड दिया। हादसा उस वक्त हुआ जब लोग बस का इंतजार कर रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को सड़क से उठाकर किनारे किया। उसके बाद घायल लोगों को आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के मुताबिक पिकअप चालक घटना के समय नशे की हालत में था। उसने कई ठेलों को भी टक्कर मारी। पिकअप द्वारा हादसे का शिकार लोगों में भगदड़ मच गई। लोग चीखने लगे। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पिकअप चालक को पकड़ लिया। इसके बाद उसकी जमकर पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस पिकअप चालक को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुटी है।

    बताया गया कि घटना उस वक्त हुई जब काफी लोग सड़क किनारे खड़े होकर बरेली जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार पिकअप ने बायपास पर खड़े लोगों को हिट करना शुरू कर दिया। जिसमें 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। हादसे के बाद घटना स्थल पर चीख पुखार मच गई। लोगों ने हिम्मत दिखाकर बरेली की ओर भागने की कोशिश कर रहे पिकअप चालक को उसके तीन साथियों के साथ पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी।

    हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को रोड से उठाया और अस्पताल ले गए। लोगों ने घटना की सूचना रिठौरा पुलिस चौकी को दी। जिसके बाद पुलिस ने घायलों को अपनी जीप में बैठाकर बरेली के जिला अस्पताल भेजा। हादसे में घायल इंतखाब, आशु गंगवार सहित एक की हालत गंभीर है। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने काफी देर तक हंगामा भी किया। पुलिस ने पिकअप के ड्राइवर सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

  • चोर बना भला इंसान, वापिस किया मंदिर से चुराया सामान

    चोर बना भला इंसान, वापिस किया मंदिर से चुराया सामान

    बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक चोर ने एक मंदिर से कुछ दिन पहले चुराए गये चांदी और पीतल के सामान को माफीनामे के साथ लौटा दिया है। इस पत्र में चोर ने लिखा है, ‘इस चोरी से मुझे बहुत नुकसान हुआ है.’ बालाघाट जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डाबर ने रविवार को बताया कि थाना लामटा के बाजार चौक स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से 24 अक्टूबर की रात को अज्ञात चोर ने चांदी के नौ छत्र समेत इस महंगी धातु के दस सामान एवं पीतल की तीन चीजें चुरा ली थीं।

    उन्होंने कहा कि चोरी की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुये जांच प्रारंभ की, जिसमें क्षेत्र में गश्त एवं बारीकी से साक्ष्य जुटाकर पूर्व के चोरी के आरोपियों एवं संदिग्धों पर लगातार दबाव बनाया। डाबर ने बताया कि इससे घबराकर आरोपी इस मंदिर से चुराये गये सभी छत्र आदि सामान माफीनामा के साथ ग्राम पंचायत के नल पर एक थैले में रख गया था, जिसे पानी भरने के लिए गये एक जैन परिवार के व्यक्ति ने शुक्रवार को देखा और इसकी सूचना जैन समाज के पदाधिकारियों व पुलिस विभाग को दी। उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंची पुलिस ने चुराये गये सारे सामान को जब्त कर लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

  • छठ घाट पर सफाई के दौरान हादसा,  2 बच्चों की मौत

    छठ घाट पर सफाई के दौरान हादसा, 2 बच्चों की मौत

    बिहार: बिहार की राजधानी पटना में छट घाट पर सफाई के दौरान बड़ा हादसा हुआ। पटना के फतुहा प्रखंड स्थित जैतिया पंचायत के अंडारी गांव में छठ पर्व को लेकर दरधा नदी पर बने घाट की सफाई करने के दौरान 2 बच्चों की डूबने से मौत हो गई. इस दौरान छठ की खुशियां मातम में बदल गई. बताया जाता है कि दोनों मृतक बच्चे अंडारी गांव के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान राजकुमार (10 साल) और विशाल कुमार (8 साल) के रूप में हुई है।
    यह दोनों बच्चें घाट की सफाई के दौरान अचानक दरधा नदी के गहरे पानी में चला गए और जिससे दोनों डूब गए . स्थानीय लोगों की मदद से दोनों का शव निकाला गया, यह घटना आज रविवार को लगभग दिन के 2:00 बजे की है। इस घटना के काफी देर बाद मौके पर गौरीचक थाना पुलिस और फतुहां अंचलाधिकारी पल्लवी मिश्रा घटना स्थल पहुंचे। जिसे देखकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए।

    छठ की खुशियां मातम में हुईं तब्दील

    वहीं अंचलाधिकारी ने आक्रोशित लोगों को काफी समझाया और आपदा के तहत मिलने वाली सहायता राशि को देने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। मृतक राजकुमार की मां भी छठ की हुईं थी लेकिन अचानक घर छठ की खुशियों के बजाय मातम में तब्दील हो गया और पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

    डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने सूर्य को दिया अर्घ्य 

    चार दिवसीय सुप्रसिद्ध छठ पर्व को लेकर लोगों में काफी आस्था रहती है और इस पर्व के लिए लोग अपने घर मनाने आते हैं. इसके साथ ही विदेशों में रहने वाले बिहार के लोग वहां भी छठ पर्व मनाते हैं. वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के पावन पर्व पर पटना के मीनार घाट पर छठव्रतियों के साथ अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया.

  • देवर के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, डेढ़ साल बाद हुआ खुलासा…

    देवर के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, डेढ़ साल बाद हुआ खुलासा…

    रीवाः देवर संग इश्क में पति रोड़ा बन रहा था। पति को रास्ते से हटाने के लिए महिला ने खौफनाक चाल चली। जहर देकर पति को मार डाला। हैवानियत की हदें पार करते हुए देवर और चाचा ससुर के साथ मिलकर उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी।

    डेढ़ साल तक पति के शव को घर में ही भूसे में छिपाकर रखे रही। फिर पति के कंकाल को जंगल में फेंक दिया। यहीं से महिला की पोल खुल गई। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है। हत्या के आरोप में महिला सहित 4 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अभी भी दो आरोपियों की तलाश जारी है।

    रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या की वारदात मध्य प्रदेश के रीवा जिले की है। दरअसल, प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या रीवा जिले के मऊगंज थाने के उमरी गांव में साल 2021 में हुई थी। यहां रहने वाले 40 वर्षीय रामसुशील पाल की पहली पत्नी कि मौत हो गई थी। फिर उसने दूसरी शादी की थी। दूसरी पत्नी का नाम बिटोल उर्फ रंजना पाल था। शादी के दो साल बाद रंजना का अपने देवर गुलाब पाल से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।

    इस बात की भनक लगने पर रामसुशील और रंजना के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा था। ऐसे में रंजना और गुलाब ने मिलकर रामसुशील को रास्ते से हटाने के प्लान बनाया। दोनों ने सोचा रामसुशील नहीं रहेगा तो उसकी संपत्ति भी उन्हीं की हो जाएगी। फिर इस प्लान में रामसुशील की पत्नी रंजना और भाई गुलाब ने दूसरे भाई अंजनी पाल और चाचा रामपति पाल सहित 2 अन्य लोगों को भी शामिल कर लिया।

    करीब डेढ़ साल पहले रामसुशील की हत्या की गई थी। सबसे पहले पत्नी ने उसे समोसे में चूहे मारने वाला जहर मिलाकर खिला दिया। इसे खाने के कुछ देर बाद ही रामसुशील की मौत हो गई। फिर गुलाब और अंजनी पाल ने मिलकर रामसुशील के शरीर के दो टुकड़े कर दिए। सिर और धड़ अलग-अलग करने के बाद बोरे में भरा और भूसे के ढेर में छिपा दिया।

    हत्या को डेढ़ साल पूरा होने को आया था। जिस भूसे के ढेर में सिर और धड़ को छिपाकर रखा था, वो भी धीरे-धीरे खत्म होने लगा। एक बार फिर से लाश को ठिकाने लगाने की बात आरोपियों के सामने आ खड़ी हुई। इन लोगों ने सोचा कि अब तो लाश पूरी तरह से खराब हो चुकी है। 25 अक्टूबर को लाश को भूसे से निकालकर भाटी के जंगल में फेंक आए। इसके कुछ दिन बाद रंजना रीवा छोड़कर मिर्जापुर चली गई।

    कुछ दिनों पहले रीवा पुलिस को जंगल में नर-कंकाल मिलने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने कंकाल को पोस्ट मार्टम के लिए भिजवाया। गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में कंकाल की फोरेंसिक जांच कराई गई। पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा था कि यह किसका है। फिर पुलिस ने आस-पास के इलाकों में पूछताछ शुरू की। इस दौरान पुलिस को डेढ़ साल पहले गायब हुए रामसुशील के बारे में पता चला। उसके गांव के लोगों ने बताया कि वह अब दिखाई नहीं देता। उसकी पत्नी भी कुछ दिनों पहले यहां से चली गई है।

    ज्यादा जानकारी जुटाने पर पुलिस की एक टीम मिर्जापुर गई और रंजना को अपने साथ ले आई। सख्ती से पूछताछ करने पर पूरा सच सामने आया। प्रेम-प्रसंग और संपत्ति के लिए रामसुशील की हत्या की बात उसने कुबूल की। देवर, चाचा और बाकी के आरोपियों के नाम भी पुलिस को बता दिए। पुलिस ने मृतक के भाई, चाचा सहित एक अन्य को गिरफ्तार किया। वहीं, दो आरोपियों की तलाश अभी भी की जा रही है।

    पूरे मामले पर रीवा एसएसपी नवनीत भसीन ने बताया कि नरकंकाल मिलने के बाद पुलिस ने मऊगंज थाने में धारा 302, 201 का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी पत्नी ने देवर के साथ मिलकर पति की हत्या की। पत्नी ने लाश के टुकड़ों को बोरे में भरकर डेढ़ साल तक भूसे मे छिपाए रखा था। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए नरकंकाल को जंगल में फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि 2 की तलाश की जा रही है।

  • ‘बाहुबली समोसा’, खाने पर मिलेगा 51 हजार का इनाम!

    ‘बाहुबली समोसा’, खाने पर मिलेगा 51 हजार का इनाम!

    मेरठ : अगर आप समोसा लवर हैं, तो यह खबर आपके लिए है। सोशल मीडिया पर यूं तो खाने और स्नैक्स के बड़े ही रोचक वीडियोज आये दिन वायरल होते रहते हैं, लेकिन आज हम आपके लिए लेकर आये हैं एक ऐसा समोसा, जो अपने स्वाद से आपको दीवाना बनाने के साथ-साथ आपको मालामाल भी बना सकता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है, जिसमें 8 किलो वजन के समोसे को देखा जा सकता है, जिसके नाम से ही कई लोगों के मुंह में पानी आ रहा है।

    हाल ही में मेरठ से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक फूड वेंडर का बनाया हुआ समोसा हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। हालांकि, सामने आया यह वीडियो पुराना है, लेकिन एक बार फिर यह चर्चा का विषय बना हुआ है । इंटरनेट पर एक फिर इस वीडियो को देखकर लोग हैरान रह गए हैं और सोचने लगे कि इसे कैसे बनाया गया होगा। वहीं कुछ लोग इसकी कीमत जानना चाह रहे हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के मेरठ की एक मिठाई की दुकान पर यह समोसा पहली बार जुलाई में तैयार कराया गया था, जिसके बाद से इसकी डिमांड बढ़ती चली गई. यह ‘बाहुबली समोसा’ यूं तो आठ किलो का बताया जा रहा है, जिसमें आलू और पनीर की भरमार मिलेगी।
    बताया जा रहा है कि, इस समोसे की कीमत 1100 रुपये है, वहीं ऐसी बातें भी सामने आ रही हैं कि, इस समोसे को पूरा खाने पर 51 हजार रुपये नकद पुरस्कार भी मिल सकता है। इंटरनेट पर इस समोसे का वीडियो एक बार फिर हवा की तरह फैल रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। वीडियो को शेयर करते हुए हर्ष गोयनका ने कैप्शन में लिखा हैं, ‘इस दिवाली मेरी पत्नी ने सभी मिठाईयों के बाद मेरे खाने के लिए सिर्फ एक समोसा ऑर्डर किया है.’।

  • नहीं मिला लोगो को  होली, दीवाली पर फ्री सिलेंडर, सपा के निशाने पर बीजेपी

    नहीं मिला लोगो को  होली, दीवाली पर फ्री सिलेंडर, सपा के निशाने पर बीजेपी

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने रविवार को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर विधानसभा चुनाव के दौरान उज्‍ज्‍वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त में एक-एक गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने सपा पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
    सपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रविवार को ट्वीट किया, ‘‘झूठे वादे करने में योगी सरकार नंबर एक। चुनाव के समय उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को होली और दीपावली पर एक-एक सिलेंडर मुफ्त देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने मुफ्त में सिलेंडर नहीं दिया.’’।
    सपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रविवार को ट्वीट किया, ‘‘झूठे वादे करने में योगी सरकार नंबर एक. चुनाव के समय उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को होली और दीपावली पर एक-एक सिलेंडर मुफ्त देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने मुफ्त में सिलेंडर नहीं दिया.” साथ ही सपा ने आरोप लगाया कि भाजपा से बड़ा झूठा और धोखेबाज कोई नहीं है।

    सपा ने ट्वीट में कानपुर देहात का एक वीडियो साझा किया है जिसमें उज्जवला योजना के लाभार्थी यह कहते सुने जा रहे हैं कि उन्‍हें होली और दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर नहीं मिला और वह लोग घर में चूल्हे पर खाना पका रहे हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने सपा पर पलटवार करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘योगी सरकार गांव-गरीब-किसान के लिए काम कर रही है और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास को पहुंचाया गया है.”।

    उन्‍होंने कहा, ‘‘जनता से किए गए वादों को पूरा करने में देश में नम्बर एक पर है उत्तर प्रदेश सरकार।” शुक्‍ला ने सपा प्रमुख यादव पर तंज कसते हुए कहा कि लगता है कि झूठ बोलने के मामले में अखिलेश यादव के आदर्श अरविन्द केजरीवाल बन गये हैं. भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया, ‘‘वादों को पूरा करने के मामले में प्रदेश सरकार का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है, सरकार दोबारा पांच साल के लिए बनी है और धीरे-धीरे सभी वादे पूरे होंगे.”