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  • पिता ने 15 लाख में नाबालिग बेटी को बेचा, खरीदार ने किया घिनौना काम…

    पिता ने 15 लाख में नाबालिग बेटी को बेचा, खरीदार ने किया घिनौना काम…

    बूंदीः राजस्थान के बूंदी जिले में एक पिता ने ही अपनी बेटी का 15 लाख रुपए में सौदा कर डाला। उसके बाद खरीदार ने युवती को जिस्मफरोशी के घिनौने काम में धकेल दिया। उसने कई दिन तक युवती को अपने पास रखकर फिर आगे अपने दोस्त को बेच दिया। युवती के बयान के बाद पुलिस ने आरोपी पिता और युवती के पहले खरीदार को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा मामला बूंदी के दबलाना थाना इलाके से जुड़ा हुआ है। पुलिस इस मामले की गहराई जांच में जुटी है।

    दबलाना थाना प्रभारी के रामेश्वर जाट ने बताया कि पीड़िता नाबालिग है। उसकी मां ने बीते 6 सितंबर को थाने आकर आधा दर्जन बदमाशों के खिलाफ बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। उसके बाद हरकत में आई दबलाना पुलिस ने टीम बनाकर नाबालिग की तलाश शुरू की। पुलिस उसकी तलाश करते हुए महाराष्ट्र पहुंची। वहां पुलिस ने चिखली पुणे से युवती को बरामद कर लिया।

    पुलिस ने बाद में पीड़िता से पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने उसे दो वर्ष पूर्व सवाईमाधोपुर निवासी शिवराज कंजर को 15 लाख रुपए में बेच दिया था। शिवराज कंजर ने 15 लाख रुपए की वसूली के लिए उसे जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। उससे जबरन जिस्मफरोशी करवाई जाती थी। शिवराज रोजना उसके पास 15 से 20 ग्राहक भेजने लगा। जिस्मफरोशी के लिए मना करने पर उससे मारपीट की जाती थी।

    पीड़िता ने बताया कि उसके बाद आरोपी शिवराज ने उसे रामनगर निवासी अपने दोस्त संजय कंजर को बेच दिया। वह उससे महाराष्ट्र के चिखली पुणे में फिर जिस्मफरोशी का गंदा काम करवाने लग गया। पुलिस ने मुखबीर के जरिए प्राप्त हुई सूचना के आधार पर युवती को बरामद किया है। उसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता और सवाईमाधोपुर निवासी शिवराज कंजर को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पीड़िता को बूंदी बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। वहां से उसे कोटा नारी शाला भिजवा दिया गया। पीड़िता काफी डरी और सहमी हुई है।

  • जल्द निपटा ले जरूरी काम, 10 दिन बंद रहेंगे बैंक

    जल्द निपटा ले जरूरी काम, 10 दिन बंद रहेंगे बैंक

    नई दिल्लीः अगर आप बैंक से जुड़े अपने काम पूरे नहीं कर पाएं है, तो जल्दी से उन्हें निपटा लें। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि नवंबर में बैंक 10 दिनों तक बंद रहेंगे। जो लोग डिजिटल लेनदेन नहीं करते हैं, उनको जल्दी से जल्दी बैंक से जुड़े कामों को निपटा लेना चाहिए। बैंकों में किस दिन अवकाश होगा, इसकी जानकारी रिजर्व बैंक देता है।

    रिजर्व बैंक हर कैलेंडर वर्ष के लिए अवकाश सूची तैयार करता है। यहां यह जान लेना जरूरी है कि पूरे देश के बैंक नवंबर में 10 दिन बंद नहीं रहेंगे। छुट्टियों की जो लिस्‍ट आरबीआई ने जारी की है, इसमें से कई अवकाश राष्‍ट्रीय हैं। उस दिन पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। वहीं, कुछ अवकाश स्‍थानीय या क्षेत्रीय स्‍तर के हैं। उन दिनों को केवल उससे जुड़े राज्‍यों में ही बैंक शाखाएं बंद होंगी।

    बैंक हॉलिडे नवंबर, 2022 लिस्‍ट

    1 नवंबर – कन्नड़ राज्योत्सव और कुट के कारण बेंगलूरु और इंफाल में बैंकों की छुट्टी रहेगी।
    6 नवंबर – रविवार की वजह से बैंक बंद रहेंगे।
    8 नवंबर – गुरुनानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा, रहास पूर्णिमा और वांगला फेस्टिवल मनाया जाएगा, जिसकी वजह से बैंक बंद रहेंगे।
    11 नवंबर – वांग्ला फेस्टिवल और कनकदासा जयंती की वजह से बेंगलूरु और शिलांग में बैंक बंद रहेंगे।
    12 नवंबर – महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे।
    13 नवंबर – रविवार की वजह से छुट्टी है।
    20 नवंबर – रविवार का साप्ताहिक अवकाश है।
    23 नवंबर – सेंग कुत्सनेम की वजह से शिलांग में बैंकों की छुट्टियां रहेंगी।
    26 नवंबर – महीने का चौथा शनिवार होने के कारण भी बैंक बंद रहेंगे।
    27 नवंबर – रविवार है और इसलिए इस दिन बैंकों में काम नहीं होगा।

  • SBI सहित इन 17 बैंक के ग्राहकों को लग सकता है बड़ा झटका, जानें मामला

    SBI सहित इन 17 बैंक के ग्राहकों को लग सकता है बड़ा झटका, जानें मामला

    नई दिल्लीः एसबीआई समेत 17 बैंकों के ग्राहक पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, हाल ही में Drinik Android का एक नया वर्जन स्पॉट किया गया है। यह वर्जन इसके पुराने वर्जनों से कई गुना ज्यादा खतरनाक है। इसके निशाने पर एसबीआई समेत देश के 17 अलग अलग बैंक शामिल हैं। ये बड़ी ही आसानी से ग्राहक की बैंकिंग डिटेल्स के अलावा उनका पर्सनल डेटा भी चुरा लेता है। बता दें कि ड्रिनिक एक पुराना मैलवेयर है, जो 2016 से चर्चा में है। भारत सरकार ने पहले एंड्रॉइड यूजर्स को इस मैलवेयर के बारे में चेतावनी जारी की थी, जो इनकम टैक्स रिफंड जेनरेट करने के नाम पर यूजर्स की कई सारी जानकारी चुरा रहा था।

    ड्रिनिक मैलवेयर का एक एडवांस वर्जन है जो एपीके फाइल के साथ एक एसएमएस भेजकर यूजर्स को टारगेट कर रहा है। इसमें iAssist नामक एक ऐप शामिल है जो भारत के इनकम टैक्स के ऑफिशियल टैक्स मैनेजमेंट डिवाइस का रूप लेता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वायरस का लेटेस्ट वर्जन iAssist नाम से एपीके के साथ आता है। जो भारत के इनकम टैक्स के ऑफिशियल टैक्स मैनेजमेंट डिवाइस का रूप लेता है। एक बार डिवाइस पर इंस्टॉल हो जाने पर, एपीके फ़ाइल यूजर्स के कॉल लॉग को पढ़ने के अलावा एसएमएस पढ़ने, प्राप्त करने और भेजने की परमिशन मांगेगी। यह बाहरी संग्रहण को पढ़ने और लिखने की परमिशन की भी रिक्वेट करता है। एक बार जब कोई यूजर अनुमति देता है तो ऐप को यूजर्स को इसके बारे में बिना बताए कुछ काम करने का मौका मिलता है।

    अन्य बैंकिंग ट्रोजन के समान, ड्रिनिक एक्सेसिबिलिटी सर्विस पर निर्भर करता है। लॉन्च करने के बाद, मैलवेयर पीड़ित को परमिशन देने के लिए प्रेरित करता है, उसके बाद एक्सेसिबिलिटी सर्विस को सक्षम करने का अनुरोध करता है। इसके बाद यह Google Play प्रोटेक्ट को निष्क्रिय कर देता है और ऑटो जेस्चर को डिसेबल करना और की प्रेस को कैप्चर करना शुरू कर देता है। इसके बाद, यह नकली फ़िशिंग पेज को प्रदर्शित करने के बजाय वास्तविक भारतीय आयकर साइट को लोड करता है। पीड़ित को लॉगिन पेज दिखाने से पहले, मैलवेयर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए एक प्रमाणीकरण स्क्रीन प्रदर्शित करेगा। जब पीड़ित एक पिन दर्ज करता है, तो मैलवेयर मीडियाप्रोजेक्शन का उपयोग करके स्क्रीन रिकॉर्ड करके बायोमेट्रिक पिन चुरा लेता है और कीस्ट्रोक्स भी पकड़ लेता है। फिर चुराए गए विवरण सी एंड सी सर्वर को भेजे जाते हैं।

    वायरस का शिकार होने से कैसे बचें

    • सबसे पहले तो Google Play Store या Apple के ऐप स्टोर से ही ऐप्स डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी वेबसाइट या SMS के जरिए कोई भी ऐप डाउनलोड करने से बचें।
    • इसके अलावा किसी भी अनजान ऐप को SMS और कॉल लॉग परमिशन देने से बचें।
    • खास बात यह है कि Drinik का नया वर्जन एक्सेसिबिलिटी सर्विस पर निर्भर करता है इसलिए यूजर को यह ध्यान में रखना है कि वे इसे अपने एंड्रॉइड फोन पर एक्सेस करने की अनुमति ही न दें।
    • अगर आपको बैंकिंग से संबंधित कोई महत्वपूर्ण लिंक, SMS या ईमेल आया है तो आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसकी दोबारा जांच करें।
  • बढ़ते प्रदूषण के चलते सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध, निमार्ण कार्यों पर भी लगी रोक

    बढ़ते प्रदूषण के चलते सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध, निमार्ण कार्यों पर भी लगी रोक

    नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली और एनसीआर में दिवाली के बाद एक बार फिर से प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। AQI के “गंभीर” श्रेणी को छूने के बाद दिल्ली में और भी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। जिसके मद्देनजर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है। जिसके मद्देनजर अब आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर सभी तरह के निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी।

    कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा जारी नए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों (सीएक्यूएम) में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई करने के लिए उप-समिति ने आज एक आपातकालीन बैठक की।

    आयोग ने बैठक के दौरान समग्र वायु गुणवत्ता मानकों की व्यापक समीक्षा करते हुए कहा कि धीमी हवा की गति के साथ प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों और खेत में पराली जलाने की घटनाओं में अचानक वृद्धि के कारण, जीआरएपी के चरण III को पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू करना आवश्यक माना जाता है।

  • इंडिगो विमान के इंजन में आग लगने की घटना पर DGCA ने दिए जांच के आदेश

    इंडिगो विमान के इंजन में आग लगने की घटना पर DGCA ने दिए जांच के आदेश

    नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली से शुक्रवार को बेंगलुरू के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहे इंडिगो के एक विमान के एक इंजन में अचनक आग लग गई। इस कारण से दिल्ली हवाई अड्डे पर आपातकाल स्थिति घोषित कर दी गई थी। इस बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की है। डीजीसीए ने कहा कि इस दौरान एक धमाका भी सुना गया। इसके बाद आग बुझाने की बोतल को डिस्चार्ज कर दिया गया। इस फ्लाइट को निरीक्षण के लिए रखा गया है। 

    डीजीसीए ने यह भी बताया कि इंजन फेल होने के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि बेंगलुरु जाने वाला ए320 विमान इस हादसे के बाग पार्किंग स्थल पर लौट आया और उसमें सवार 180 लोगों को सुरक्षित उतार लिया गया। ट्विटर पर एक वीडियो में हवाई अड्डे पर उड़ान भरने की तैयारी कर रहे विमान के एक इंजन से चिंगारी उड़ती दिखाई दे रही है।

    उक्त घटना रात करीब 10 बजे की है। इंडिगो ने एक बयान में कहा कि दिल्ली से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाले विमान 6ई2131 को उड़ान से पूर्व एक इंजन में चिंगारी का अनुभव हुआ। बयान में कहा गया, ”उड़ान को रोक दिया गया । सभी यात्रियों को एक वैकल्पिक विमान में बिठाया जा रहा है।” विमान में 177 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सवार थे। उन्होंने बताया कि बाद में यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। 

  • कॉमेडियन भारती सिंह और पति हर्ष की बढ़ी मुश्किलें, 200 पेज का चार्जशीट दायर, जाने मामला

    कॉमेडियन भारती सिंह और पति हर्ष की बढ़ी मुश्किलें, 200 पेज का चार्जशीट दायर, जाने मामला

    मुंबईः एनसीबी ने कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया के खिलाफ कोर्ट में 200 पेज का चार्जशीट दाखिल की है। ड्रग्स के एक मामले में दोनों को 2020 में गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने यह जानकारी दी है। दंपति को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उनके घर से गांजा की कथित जब्ती के बाद गिरफ्तार किया था। इस केस में दोनों को 23 नवंबर 2020 को जमानत मिली थी। इस मामले में भारती सिंह और हर्ष पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 (बी) (ii) (ए) (ड्रग्स की थोड़ी मात्रा) और 8 (सी) (ड्र्ग्स की बरामदगी) और 27 (ड्रग्स का सेवन) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने मुंबई के खार डंडा इलाके से 21 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था। पूछताछ के दौरान उसने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया का नाम लिया था, जिसके बाद उनके आवास पर छापेमारी की गई थी।
    तब एनसीबी ने दावा किया था कि भारती सिंह ने अधिकारियों को बताया था कि उन्होंने अपने पति द्वारा खरीदे गए गांजे का सेवन किया था। एनसीबी ने यह भी कहा था कि दंपति के वर्सोवा घर पर तलाशी अभियान में कथित तौर पर उन्हें 65 ग्राम गांजा और 21.5 ग्राम भांग के साथ एक बैग मिला था।

    तब दोनों के वकीलों, अयाज खान और ज़हरा चरणिया ने कोर्ट में पक्ष रखा था और कहा था कि भारती सिंह और उनके पति के पास कथित रूप से मिले नशीले पदार्थों मात्रा बहुत कम थी। यह तर्क भी दिया गया था कि वसूली की मात्रा बहुत कम होने के कारण नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत यह जमानती अपराध बनाता है। अदालत ने दलील को स्वीकार करते हुए प्रत्येक को 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी।

  • सरकार ने IT  नियमों में किया बदलाव, सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स के लिए अनिवार्य हुए ये नियम

    सरकार ने IT  नियमों में किया बदलाव, सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स के लिए अनिवार्य हुए ये नियम

    नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। संशोधित आईटी नियमों के तहत सोशल प्‍लेटफॉर्म्‍स ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्‍टाग्राम को भारत के संविधान के प्रावधानों और देश की संप्रभुता के नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट और अन्य मामलों के संबंध में शिकायतों के लिए एक अपीलीय पैनल गठित किया जाएगा, जो उपयोगकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करेगा।

    ये समितियां मेटा और ट्विटर जैसी सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा सामग्री मॉडरेशन निर्णयों की समीक्षा करने में सक्षम होंगी। जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक तीन महीने के भीतर ‘शिकायत अपीलीय समितियां’ गठित की जाएंगी। संयोग से ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला इंक के सीईओ एलॉन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया है।

    यूजर्स को बनाया जाएगा सशक्त: दूरसंचार मंत्री

    केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडिएटरी गाइडलाइन और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2022 को जारी किया है। इस संबंध में दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया और कहा- ‘उपयोगकर्ताओं को सशक्त बनाना, प्राइवेसी पॉलिसी और इंटरमीडिएटरी के लिए यूजर्स एग्रीमेंट को आठ अनुसूची भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।

    अधिकारियों के निर्णय के खिलाफ भी शिकायत कर सकते हैं यूजर्स

    जानकारी के मुताबिक, आईटी नियमों में बदलाव को लेकर महीनों से काम चल रहा था। इससे पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मनमाने ढंग से काम करने के आरोप लगते रहे हैं। अब नए बदलाव से यूजर्स को अपीलीय समितियों के रूप में एक नया मंच मिलेगा, जो शिकायतों के लिए अपील तंत्र से लैस करेगा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिकारियों के निर्णयों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेगा।

    तीन महीने के अंदर अपीलीय समिति का गठन होगा

    आईटी नियमों में संशोधन के संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया है- केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडिएटरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्‍स) संशोधन नियम, 2022 के शुरू होने की तारीख से 3 महीने के भीतर अधिसूचना द्वारा एक या अधिक शिकायत अपीलीय समितियों का गठन करेगी। प्रत्येक शिकायत अपील समिति में एक अध्यक्ष और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दो पूर्णकालिक सदस्य होंगे, जिनमें से एक पदेन सदस्य होगा और दो स्वतंत्र सदस्य होंगे।

    प्राथमिकता से निपटानी होंगी अपीलीय शिकायत

    शिकायत अधिकारी के निर्णय से अगर कोई व्यक्ति असहमत होता है तो वो शिकायत अधिकारी से सूचना मिलने से तीस दिनों के भीतर अपीलीय समिति में शिकायत कर सकता है। शिकायत अपीलीय पैनल इस तरह की अपील को ‘शीघ्रता से’ निपटाएगा और अपील प्राप्त की तारीख से तीस दिनों के भीतर अंतिम रूप से समस्या को निपटाने का प्रयास करेगा।

  • सरकारी अस्पताल का हॉल! नर्सों की शराब पार्टी का वीडियो वायरल

    सरकारी अस्पताल का हॉल! नर्सों की शराब पार्टी का वीडियो वायरल

    तेलंगानाः सरकारी अस्पताल में महिला स्टाफ की ओर से दारू पार्टी करने का मामला सामने आया है। इसे लेकर तेलंगाना के हनमकोंडा जिले में हड़कंप मच गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हॉस्पिटल की वूमेन स्टाफ को शराब पीते देखा जा सकता है। यह वीडियो जिले के सरकारी मातृत्व अस्पताल का बताया जा रहा है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो की मरीज के एक रिश्तेदार ने रिकॉर्ड किया है। इसमें तीन महिलाओं को बातें करते और शराब पीते देखा जा सकता है। ये तीनों महिलाएं हॉस्पिटल का स्टाफ बताई जा रही हैं। दो महिलाएं मरीज के बेड पर बैठी हुई हैं और तीसरी महिला वहीं खड़ी है। ये लोग किसी चौथे शख्स से बातचीत कर रही हैं।

    ‘यह घोर लापरवाही का मामला’

    दूसरे मरीजों ने भी हॉस्पिटल स्टाफ के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। आरोप है कि मरीजों की देखभाल करने की जगह पर स्टाफ हॉस्पिटल में बर्थडे सेलिब्रेट करने में लगा था। इस दौरान अस्पताल परिसर में पार्टी रखी गई और दारू भी पी गई। इससे मरीजों की ठीक ढंग से देखभाल नहीं हो सका। हॉस्टिल स्टाफ की ओर से यह घोर लापरवाही का मामला है।

    सख्त ऐक्शन लिए जाने की मांग

    दारू पार्टी करते जिन्हें पाया गया है उनमें नर्स/मिडवाइफ, आरोग्यश्री कार्यकर्ता, स्टाफ नर्स और दो बाहरी लोग शामिल हैं। इनके खिलाफ कड़ा ऐक्शन लिए जाने की मांग की जा रही है। मरीजों के परिजनों ने इस पर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि प्रशासन को जल्द कोई कदम उठाना चाहिए। इंटरनेट यूजर्स भी इसे देखकर हैरान हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल का तो यही हाल है।

  • कोर्ट परिसर में आपस में भिड़ीं महिला वकील, मारपीट का वीडियो वायरल

    कोर्ट परिसर में आपस में भिड़ीं महिला वकील, मारपीट का वीडियो वायरल

    कासगंजः यूपी के कासगंज के सत्र न्यायालय के फैमिली कोर्ट में गुरुवार को उस समय एक अजब ही नजारा देखने को मिला, जब किसी बात को लेकर दो महिला वकील आपस में भिड़ गई। देखते ही देखते दोनों महिला वकीलों में हाथापाई होने लगी। जब दोनों आपस में भिड़न लगीं तो वहां मौजूद अन्य वकीलों ने वीडियो बना लिया। हालांकि बीच-बचाव के बाद मामला ठंडा हुआ। कासगंज एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के मुताबिक, एक महिला वकील की तहरीर पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    महिला वकीलों में मारपीट का वीडियो गुरुवार का है। वायरल वीडियो में मारपीट करती हुई नजर आ रही महिला अधिवक्ता कासगंज की योगिता सक्सेना है तो वहीं दूसरी महिला वकील अलीगढ़ की सुनीता कौशिक बताई जा रही है। कासगंज फैमिली कोर्ट में दोनों महिला वकील अपने-अपने क्लाइंट के लिए पैरवी करने आई थी। उनके क्लाइंट भी आपस में पति-पत्नी हैं। जानकारी के मुताबिक योगिता सक्सेना की क्लाइंट पारुल सक्सेना हैं जबकि सुनीता कौशिक पारूल के पति राहुल बोस की वकील हैं। वीरवार को फैमिली कोर्ट में उनके केस की डेट थी। वहां अचानक दोनों महिला वकीलों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। थोड़ी देर में बहस मारपीट में बदल गई और दोनों वकील आपस में ही भिड़ गईं।

    मौके पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव कराया। इस बीच पूरी मारपीट की घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। कासगंज एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि अधिवक्ता योगिता सक्सेना ने कासगंज की सदर कोतवाली में अलीगढ़ की महिला वकील सुनीता कौशिक, उनके मुवक्किल राहुल बोस और अन्य साथी किशोर कुमार बोस, तारक नाथ, खोखन बोस, राहुल बोस, अनीमा बोस, और शुभम कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आगे वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

  • बड़ा सड़क हादसा:  ट्रैक्टर से टकराई बाइक, बेटे और बेटी समेत मां की मौत

    बड़ा सड़क हादसा:  ट्रैक्टर से टकराई बाइक, बेटे और बेटी समेत मां की मौत

    बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब सूबे के बुलंदशहर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे (Painful road accident) में एक मासूम समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दिल को दहला देने वाले इस हादसे में मारे गए लोगों में मां, बेटा और बेटी (Mother, son and daughter) शामिल हैं। हादसा ट्रैक्टर ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत के कारण हुआ. हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक फरार हो गया. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

    पुलिस के अनुसार हादसा बुलंदशहर के गुलावठी कोतवाली इलाके में हुआ। वहां चंदपुरा मौहली मोड़ पर एक ट्रैक्टर और बाइक की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें एक महिला और उसका बेटा व बेटी शामिल हैं। हादसे की सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने शवों को वहां से हटवाकर अपने कब्जे में ले लिया. बाद में उनको पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    ट्रैक्टर चालक मौके से हुआ फरार

    हादसा होते ही ट्रैक्टर चालक वहां मौके से भाग छूटा. पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है. फिलहाल उसका पता नहीं चल पाया है। दूसरी तरफ हादसे के शिकार हुए मृतकों के परिजनों को जैसे ही इसका पता चला तो उनके परिवार में हाहाकार मच गया. एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की सूचना से इलाके में मातम पसर गया।