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  • दीवाली का तोहफा: 6 लाख कर्मचारियों को मिलेगा इतना बोनस

    दीवाली का तोहफा: 6 लाख कर्मचारियों को मिलेगा इतना बोनस

    राजस्थान : राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दीपावली के त्योहार पर बोनस (Diwali Bonus) देने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले का फायदा राजस्थान के 6 लाख कर्मचारियों को होगा. बोनस की यह धनराशि बड़े अधिकारियों को छोड़कर उन सभी राज्य कर्मचारियों को दिया जाएगा जो राजस्थान सिविल सेवा नियम, 2017 के पे-मैट्रिक्स लेवल-12 या ग्रेड पे-4800 या इससे भी नीचे के लेवल वेतनमान पर काम कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि त्योहार के इस मौके पर राज्य सरकार ने बोनस का ऐलान कर अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है।

    बोनस में मिलेगी इतनी रकम

    दीवाली का बोनस पंचायत समिति, जिला परिषद कर्मचारियों तथा कार्य प्रभारित कर्मचारियों को भी मिलेगा. तदर्थ बोनस की घोषणा 2021-22 के लिए अधिकतम परिलब्धियों 7 हजार रुपये तथा 31 दिन के माह के आधार पर हुई है। ये बोनस तीस दिन की अवधि के लिए देय होगा। इस प्रकार राज्य सरकार के सभी पात्र कर्मचारियों को एकमुस्त 6774 रुपये तदर्थ बोनस मिलेगा. फैसले से सरकारी खजाने पर करीब 406 करोड़ का बोझ आएगा।

    मांग से पहले हुआ ऐलान

    नोटिफिकेशन के मुताबिक बोनस की 75 प्रतिशत राशि का नगद भुगतान और शेष 25 प्रतिशत सामान्य प्रावधायी निधि खाते में जमा की जाएगी। आपको बताते चलें कि राज्य कर्मचारी संगठन प्रदेश की सरकार से बोनस देने की मांग करते, इससे पहले ही गहलोत की अगुवाई वाली राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा कर दी।

    बीते सालों से तुलना

    गहलोत सरकार ने करीब 6 लाख कर्मचारियों को पिछले साल भी दिवाली पर बोनस दिया था। उस दौरान कर्मचारियों को 6774 रुपए तक का बोनस मिला था. इससे पहले 2021 की दिवाली पर बोनस का 50 फीसदी पैसा नकद और 50 प्रतिशत पैसा कर्मचारियों के GPF खाते में जमा किया गया था । पर इस बार यानी 2022 की दीवाली से पहले बोनस की 75 फीसदी रकम सीधे सैलरी अकाउंट में क्रेडिट की जाएगी और बाकी 25% जीपीएफ में जमा होगी।

    केंद्र के बाद गहलोत का फैसला

    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली पर बोनस देने की घोषणा की थी। वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों को नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एड हॉक बोनस) देने का फैसला लिया था। जिसमें 30 दिन की सैलरी के आधार पर कर्मचारियों को पैसा दिया जाएगा।

    रेलवे ने दिया 78 दिन का बोनस

    भारतीय रेलवे ने अपने सभी पात्र नॉन गजेटेड रेलवे एम्पलॉइज को 78 दिनों की सैलेरी के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी थी. इसमें RPF/RPSF कर्मचारी शामिल नहीं किए गए थे।

  • Post Office में E-Passbook सुविधा हुई शुरू, अब बिना नेट बैंकिंग के देख सकेंगे अपने खाते का विवरण 

    Post Office में E-Passbook सुविधा हुई शुरू, अब बिना नेट बैंकिंग के देख सकेंगे अपने खाते का विवरण 

    नई दिल्लीः पोस्ट ऑफिस की स्कीम बड़ी ही फायदेमंद स्कीम है। इस स्कीम में अधिकतर लोगों को भरोसा है, जहां ग्राहकों का पैसा सुरक्षित रहता है। लेकिन अब स्मॉल सेविंग्स स्कीम को लेकर अच्छी खबर आई है। अब कोई भी ग्राहक अपने खाते से जुड़ी जानकारी कहीं से भी प्राप्त कर सकेगा। यहां तक ​​कि नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग तक पहुंच के बिना भी इसका फायदा उठाया जा सकता है। यह ई-पासबुक सुविधा की शुरूआत के कारण संभव हुआ है। आइए जानते हैं क्या मिलेगा फायदा।

    डाक विभाग की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया कि, ‘सक्षम प्राधिकारी ने ई-पासबुक सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। 12.10.2022 राष्ट्रीय (लघु) बचत योजना अकाउंट होल्डर्स को सिंपल और एडवांस डिजिटल सुविधाएं प्रदान करने के लिए।’ इस सुविधा की शुरुआत के साथ, डाकघर के स्मॉल सेविंग्स कस्टमर्स नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग एक्सेस की आवश्यकता के बिना, कभी भी, कहीं भी अकाउंट के विवरण तक पहुंच सकेंगे। अकाउंटहोल्डर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के माध्यम से ई-पासबुक सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध होगी।

    ई-पासबुक के तहत उपलब्ध सुविधाएं

    इस विकल्प में, उपयोगकर्ता सभी राष्ट्रीय बचत योजना खातों की शेष राशि देख सकता है।
    मिनी स्टेटमेंट पीओ सेविंग अकाउंट (पीओएसए), सुकन्या समृद्धि अकाउंट (एसएसए) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट (पीपीएफ) के लिए उपलब्ध होगा और इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य योजनाओं तक बढ़ाया जाएगा। लेनदेन प्रदर्शित किया जाएगा और मिनी स्टेटमेंट को पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड किया जा सकता है।
    पूर्ण विवरण चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राहक निर्दिष्ट तिथि सीमा के लिए खाता विवरण उत्पन्न करने में सक्षम होगा।
    पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि खाते का बैलेंस कैसे चेक करें।
    -www.indiapost.gov.in या www.ippbonline.com पर दिए गए ई-पासबुक लिंक पर क्लिक करें।
    मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज करें) लॉगिन करें) ओटीपी दर्ज करें) सबमिट करें।

    ई-पासबुक चुनें।

    योजना का प्रकार चुनें।
    खाता संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज करें।
    जारी रखें और ओटीपी दर्ज करें।
    सत्यापित करें।
    विकल्प चुनें।
    बैलेंस पूछताछ।
    मिनी स्टेटमेंट।
    पूर्ण विवरण।
    ग्राहक द्वारा चुनी गई सेवा के आधार पर बैलेंस या मिनी स्टेटमेंट या पूर्ण विवरण प्रदर्शित किया जाएगा।
    मिनी स्टेटमेंट और फुल स्टेटमेंट भी डाउनलोड किया जा सकता है।
    यदि दर्ज किया गया मोबाइल नंबर खाते से जुड़ा नहीं है, तो सिस्टम उचित त्रुटि संदेश देगा।
    ऐसे मामलों में खाताधारकों से अनुरोध किया जाता है कि वे उस डाकघर में जाकर अपने खाते से मोबाइल नंबर लिंक करें जहां खाता है।

  • आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र पर युवक ने 11 बार चाकू से किया हमला, हालत गंभीर

    आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र पर युवक ने 11 बार चाकू से किया हमला, हालत गंभीर

    नई दिल्लीः ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा एक भारतीय छात्र नस्लीय हिंसा का शिकार हो गया है। इस हमले में उस पर चाकुओं से वार किया गया है। हमलावर ने छात्र पर चाकू से करीब 11 वार किए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। 28 वर्षीय शुभम गर्ग मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी का छात्र है। फिलहाल वह अस्पताल में है और उसकी हालत गंभीर है। आगरा में रहने वाले उसके माता-पिता ने इसे ‘नस्लीय’ हमला करार देते हुए कहा कि वे पिछले सात दिनों से ऑस्ट्रेलिया के लिए वीजा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसे हासिल नहीं कर पाए हैं।

    न्यूज एजेंसी के अनुसार शुभम ने आईआईटी मद्रास से अपनी बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी और मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की और 1 सितंबर को ऑस्ट्रेलिया चले गए. परिजनों के अनुसार शुभम के चेहरे, छाती और पेट पर कई घाव हैं। वहीं एक 27 वर्षीय संदिग्ध को अपराध के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है और उस पर ‘हत्या के प्रयास’ का आरोप लगाया गया है। शुभम के पिता रामनिवास गर्ग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में शुभम के दोस्तों ने पुष्टि की कि न तो वे और न ही शुभम हमलावर को जानते थे। यह एक नस्लीय हमला प्रतीत होता है. हम भारत सरकार से मदद करने का अनुरोध करते हैं।

    वहीं आगरा के जिला अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि ‘शुभम के भाई का वीजा आवेदन प्रक्रिया में है। हम विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहे हैं। मैंने सिडनी में दूतावास के अधिकारियों से भी बात की है। वीजा जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुभम छह अक्टूबर को करीब 10 बजे के आसपास एटीएम से मकान का किराया देने के लिए 800 डॉलर निकालकर कमरे पर जा रहा था। तभी उस पर चाकू से हमला किया गया। उसके जबड़े, पेट समेत शरीर के कई हिस्सों में 11 वार किए गए। इस हमले के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।’

  • कोरोना के बाद अब बाबा ने की ये भविष्यवाणी, भारत में आ सकती है ये नई मुसीबत

    कोरोना के बाद अब बाबा ने की ये भविष्यवाणी, भारत में आ सकती है ये नई मुसीबत

    बुल्गारिया: बुल्गारिया की प्रसिद्ध भविष्यवेत्ता बाबा वेंगा का भविष्यवाणियां हमेशा चर्चा में रहती हैं, क्योंकि उनकी कई भविष्यवाणियां अब तक सच साबित हो चुकी है। साल 2022 में अब तक बाबा वेंगा की 2 भविष्यवाणियां (Baba Vanga Prediction 2022) सच हो चुकी हैं, जबकि उन्होंने इस साल के लिए कुल 6 भविष्यवाणियां की थी, जो आने वाले महीनों में सच साबित हो सकती हैं।

    इस साल सच हो चुकी हैं बाबा वेंगा की ये 2 भविष्यवाणियां

    साल 2022 के लिए बाबा वेंगा (Baba Vanga) ने 6 भविष्यवाणियां की थी, जिनमें से अब तक 2 सच साबित हो चुकी है, जिसके बाद लोगों को आशंका है कि आने वाले में समय में अन्य चार भविष्यवाणियां भी सच हो सकती हैं। बाबा वेंगा ने 2022 के लिए कुछ एशियाई देशों और ऑस्ट्रेलिया में बाढ़ की भविष्यवाणी की थी, जो सच साबित हुई है. कुछ समय पहले ऑस्ट्रेलिया में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए थे, जबकि पाकिस्तान में भी बाढ़ से स्थिति काफी खराब हो गई थी और इस दौरान 1000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी थी। इसके अलावा बाबा वेंगा ने कुछ शहरों में पानी की कमी औ सूखे की भी भविष्यवाणी की थी. हाल के समय में पुर्तगाल को पानी की कमी की समस्या से जूझना पड़ा था, जबकि इटली में सूखे की समस्या सामने आई थी।

    अब इन चार भविष्यवाणियों पर है लोगों की नजर

    बाबा वेंगा (Baba Vanga) की साल 2022 में (Predictions for 2022) में कोरोना वायरस के बाद एक नए घातक वायरस आने की भविष्यवाणी की थी, जिसकी शुरुआत साइबेरिया से हो सकती है.इसके अलावा बाबा वेंगा ने एलियन हमले, टिड्डियों के आक्रमण से आकाल जैसी स्थिति और वर्चुअल रिएलटी में वृद्धि की भी भविष्यवाणी की थी।

    बाबा वेंगा (Baba Vanga) की भविष्यवाणियों के अनुसार, साल 2022 में भारत में आकाल जैसी स्थिति आने की भविष्यवाणी की थी। बाबा वेंगा ने कहा था कि साल 2022 में दुनियाभर के देशों में तापमान में गिरावट आएगी और इससे टिड्डियों का हमला बढ़ेगा, जिसका गहरा असर भारत पर होगा और यहां फसलें बर्बाद होने से भुखमरी जैसी स्थिति हो सकती है।

  • ED की बड़े शराब कारोबारियों के 25 ठिकानों पर रेड, मचा हड़कंप

    ED की बड़े शराब कारोबारियों के 25 ठिकानों पर रेड, मचा हड़कंप

    नई दिल्लीः राजधारी दिल्ली में सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति के तहत अंजाम दिए गए कथित घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को फिर से छापेमारी की। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, धन शोधन संबंधी जांच के तहत ईडी के अधिकारियों ने राजधानी दिल्ली में कम से कम 25 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह सर्च ऑपरेशन दिल्ली के कई बड़े शराब कारोबारियों के आवास और अन्य ठिकानों पर चलाया गया। ईडी के इस सर्च अभियान से दिल्ली में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है।

    घोटाले के आरोप लगने के बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले लिया था। अधिकारियों के मुताबिक, जिन परिसरों की तलाशी ली गई है, वे शराब के व्यापार और वितरण से जुड़े निजी प्रतिष्ठान हैं। ईडी इस मामले में अब तक कई स्थानों पर छापे मार चुकी है और उसने शराब कारोबारी और शराब बनाने वाली कंपनी ‘इंडोस्पिरिट’ के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू को पिछले महीने गिरफ्तार किया था।

    धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज की गई उस एफआईआर से संबंधित है, जिसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य को आरोपी बनाया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई जांच कराए जाने की सिफारिश की थी।

  • PM मोदी की इस बड़ी योजना से जुड़ने का मौका, हर महीने 15 हजार रुपए तक की कमाई, जानें

    PM मोदी की इस बड़ी योजना से जुड़ने का मौका, हर महीने 15 हजार रुपए तक की कमाई, जानें

    नई  दिल्ली:  मोदी सरकार की सबसे महत्‍वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ की देश ही नहीं दुन‍ियाभर में तारीफ होती है. इस योजना से गरीबों को बेहरत उपचार में मदद म‍िल रही है।  स्वास्थ्य योजना होने के साथ ही इससे लोगों को रोजगार भी म‍िल रहा है।  केंद्र की मोदी सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत पांच साल में 10 लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा था। 

    एक लाख से ज्यादा आयुष्मान मित्र तैनात किए

    योजना के तहत सरकारी और प्राइवेट हॉस्‍प‍िटल में एक लाख से ज्यादा आयुष्मान मित्र तैनात किए गए हैं।  आयुष्मान मित्रों को वेतन के साथ अन्‍य सुविधाएं दी जाती हैं।  अगर आप भी सरकार की इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो आयुष्मान मित्र बनकर हर महीने 15 हजार रुपये तक का फायदा कमा सकते हैं. आयुष्मान मित्र की भर्ती के ल‍िए स्वास्थ्य मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय मिलकर काम करते हैं। 

    आयुष्मान मित्र का काम

    आयुष्मान मित्र का मुख्‍य कार्य योजना से जुड़ा हर फायदा लाभार्थी को देना होता है. इन्‍हें सरकार की योजना से जुड़े अस्पतालों में इन्हें तैनात किया जाता है. क‍िसी का आवेदन कराना और उसके आयुष्मान कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी आयुष्मान मित्र की ही होती है. इनका चयन 12 महीने के कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर किया जाता है।  12 महीने पूरे होने पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। 

    वेतन और इंसेंट‍िव

    आयुष्मान मित्रों को हर महीने 15 हजार रुपये जाते हैं. इसके अलावा हर मरीज पर 50 रुपये का इंसेंटिव भी मिलता है।  प्रत्‍येक ज‍िले पर आयुष्मान मित्र की नियुक्ति होती है।  इनकी नियुक्ति की ज‍िम्‍मेदारी जिला स्तरीय एजेंसी करती है।  चयन के बाद प्रशिक्षण की जिम्मेदारी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की होती है। 

    आयुष्मान मित्र बनने की योग्‍यता

    आवेदक को 12वीं पास होना चाहिए।  साथ ही कंप्यूटर और इंटरनेट की जानकारी होनी चाहिए।  आवेदक ने आयुष्मान मित्र ट्रेनिंग कोर्स पूरा किया हो और उसे स्थानीय भाषा की जानकारी हो. आवेदकों की उम्र 32 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।  इसकी न‍ियुक्‍त‍ि में महिला उम्मीदवारों को वरीयता मिलती है। 

  • सस्‍ती होंगी दवाइयां! पीएम मोदी ने बताया मास्टर प्लान

    सस्‍ती होंगी दवाइयां! पीएम मोदी ने बताया मास्टर प्लान

    नई दिल्लीः कैसा हो अगर भारत के लोगों को सस्ती दवाएं मिलें और उसी काम से हजारों लोगों को रोजगार भी मिल जाए। इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हिमाचल के ऊना में मास्टर प्लान शेयर किया। उन्होंने आज हरोली में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखते हुए सरकार का प्लान बताया। यह पार्क लगभग 3 साल में बनकर तैयार होगा। बल्क ड्रग पार्क में दवाएं बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, जिसे कि API कहा जाता है, को तैयार किया जाएगा।

    अभी दवाओं की आपूर्ति हेतु कच्चे माल की जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर भारत 

    चूंकि, अभी भारत दवाओं की आपूर्ति हेतु कच्चे माल की जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर है, तो दवाएं महंगी होती हैं। यदि भारत अपनी जरूरत के लिए विदेशी कच्चे से माल से निर्भरता कम कर लेगा तो लागत में कमी आएगी। इसने बड़े स्तर पर कच्चा माल और दवाओं के निर्माण करने के लिए मैनपावर की जरूरत भी होगी। ये जरूरत इस पार्क के आसपास के लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। सरकार का अनुमान है कि 1405 एकड़ में बनने वाले इस पार्क पर लगभग 1900 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 3 साल का समय लग सकता है। यहां पर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ सकता है। एक बार काम शुरू होने के बाद लगभग 23,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    कैसे मिलेंगी सस्ती दवाएं?

    प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी फार्मा इंडस्ट्री है। भारत में एक्विट फार्मा इन्ग्रेडिएंट्स (API) अथवा बल्क ड्रग्स का उत्पादन भी होता है, मगर ये उत्पादन भारत और निर्यात की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है। इसलिए भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 35,249 करोड़ रुपये के कच्चे माल का निर्यात किया था। यह निर्यात विभिन्न देशों से होता है।

    भारत सरकार ने विदेशों पर इस निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से PLI जैसी महत्वपूर्ण स्कीम भी चलाई है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, सरकार का 2024 तक विदेशों पर से 25 फीसदी तक निर्भरता कम करने का प्लान है। देखा गया है कि दवा निर्माण के लिए भारत चीन से लगभग 53 तरह के API का आयात करता है और जाहिर है, चीन अपनी शर्तों और कीमत पर भारत को कच्चा माल मुहैया कराता है। चीन से आयातित कच्चे माल से टीबी, कैंसर, स्टेरॉयड और विटामिन की दवाओं का भी निर्माण होता है।

    चीन से होता है बड़ा निर्यात

    CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि भारत चीन से अपनी जरूरत की 68 प्रतिशत API चीन से आयात करता है। माना जाता है कि भारत में इसे बनाना, आयात करने के मुकाबले महंगा पड़ता है। सरकार द्वारा समर्थित ऑर्गेनाइजेशन ट्रेड प्रमोशन काउंसिल का अनुमान है कि भारत चीन से लगभग 85 फीसदी तक API मंगाता है। दवा बनाने वाले बड़े देशों की सूची में अमेरिका का नाम भी शुमार है। अमेरिका चीन से लगभग 24 फीसदी कच्चा माल इम्पोर्ट करता है, और भारत से 19 फीसदी API मंगवाता है। यदि भारत में API बनाने का काम आगे बढ़ता है तो भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात में भी अग्रणी बन सकता है।

  • इस मामले में भारत ने कनाडा सरकार को दी हिदायत, जाने मामला

    इस मामले में भारत ने कनाडा सरकार को दी हिदायत, जाने मामला

    नई दिल्लीः ‘खालिस्तान जनमत संग्रह’ 6 नवंबर को होने की खबरें हैं। जस्टिन ट्रूडो सरकार को सख्त संदेश देते हुए, भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस, सिख छात्रों को आतंक और हिंसा को बढ़ावा देने के अलावा वोट देने की अनुमति देकर धार्मिक आधार पर छात्र समुदाय का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में कनाडा को 6 नवंबर को ओंटारियो में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन “सिख फॉर जस्टिस” द्वारा तथाकथित “खालिस्तान जनमत संग्रह” की निंदा करनी चाहिए।

    भारत ने कनाडा से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के खिलाफ आतंक और हिंसा को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार से भारत ने तथाकथित जनमत संग्रह को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि किसी भी कनाडाई सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल भारतीय लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने या हिंसा का आह्वान करने के लिए न किया जाए। कनाडा में खालिस्तानी जनमत संग्रह के संबंध में न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को, ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने ओंटारियो में ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के कार्यकारी निदेशक को डिमार्शे दिया। इसमें कहा गया कि मिसिसॉगा में पॉल कॉफ़ी एरिना में 6 नवंबर तथाकथित जनमत संग्रह दूसरा गैरकानूनी अभ्यास होगा। भारत ने कहा, प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने एक और रेफरेंडम आयोजित कर रहा है। इस तरह का अभ्यास विगत 18 सितंबर को ब्रैम्पटन, ओंटारियो में भी हुआ था। भारत ने कनाडा को सूचित किया है कि भारत विरोधी गतिविधियों को हिंसक आतंकवादी संगठनों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे लोग निर्दोष नागरिकों की हत्या की वकालत करते हैं।

    नई दिल्ली स्थित भारतीय उच्चायोग ने जस्टिन ट्रूडो सरकार को याद दिलाया है कि दोनों देश एक-दूसरे की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के लिए हानिकारक गतिविधियों के लिए अपने क्षेत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं देने के लिए उच्चतम स्तर पर सहमत हुए थे। कनाडा सरकार ने पहले भारत को लिखित रूप में बताया था कि वह इस तरह के तथाकथित “जनमत संग्रह” को 16 सितंबर, 2022 को एक नोट वर्बल के माध्यम से मान्यता नहीं देती है। भारत ने कनाडा और अमेरिका से एसएफजे के आतंकवादी नेता जी एस पन्नू के खिलाफ कई बार सुरक्षा और राजनयिक चैनलों के माध्यम से कार्रवाई करने को भी कहा है। हालांकि, दोनों देशों ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए अभी तक कार्रवाई का रास्ता नहीं चुना है।

  • दिन-दिहाड़े चली अंधाधुंध गोलियां, 4 जख्मी, इलाके में दहशत

    दिन-दिहाड़े चली अंधाधुंध गोलियां, 4 जख्मी, इलाके में दहशत

    बेतियाः बिहार में एक बार फिर अंधाधुंध फायरिंग का मामला सामने आया है। पश्चिम चंपारण जिले के मुख्यालय बेतिया से 20 किलोमीटर दूर योगापट्टी थाना इलाके के गोलाघाट डुमरी अहिरौली गांव में वीरवार सुबह अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। फायरिंग में वार्ड सदस्य सहित चार लोग जख्मी हो गए हैं। गोली चलने के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। घायलों को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने एक अपराधी को पिस्टल सहित पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया है।
    अस्पताल में राजा बाबू पटेल ने बताया कि वे अपने भाइयों के साथ घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान बाइक से एक अपराधी आया। उसने अपने चेहरे को कपड़े से ढक रखा था। अपराधी ने उनको निशाना बना फायरिंग कर दी। गोली उनके गले में लग गई। इसे देख लोग उसे पकड़ने दौड़े तो अपराधी ने ग्रामीणों पर भी तीन फायरिंग की। जिससे अन्य लोगों को भी गोली लग गई। 

    ग्रामीणों ने बताया कि अपराधी के भागने के बाद लोगों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। तब वह सरेह में चला गया। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना देकर उसे चारों तरफ से घेर लिया। लेकिन डर के मारे उसके करीब कोई नहीं जा रहा था। बाद में काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। योगापट्टी पुलिस गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ कर रही है। घायलों में डुमरी पंचायत के वार्ड सदस्य राजा बाबू पटेल, उनके भाई विजय कुमार पटेल, ग्रामीण सुधन मांझी व रुस्तम मियां जख्मी हुए हैं। राजा बाबू पटेल को गले मे गोली लगी है।

  • हिजाब मामले पर इस मंत्री का बड़ा बयान कहा-  महिलाओं को देख जिनका मन मचलता था…

    हिजाब मामले पर इस मंत्री का बड़ा बयान कहा- महिलाओं को देख जिनका मन मचलता था…

    नई  दिल्ली:  मामले पर सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों की राय अलग-अलग है।  आपको बता दें कि जस्टिस धूलिया और जस्टिस हेमंत गुप्ता दोनों की राय इस मामले पर बटी हुई है।  कई दौर की सुनवाई के बाद आज जब फैसले की घड़ी आई तब जस्टिस धूलिया ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला खारिज कर दिया।  जबकि जस्टिस गुप्ता उस फैसले से इत्तेफाक रखते थे।  इसलिए अब हिजाब मामले को सीजेआई (CJI) को रेफर कर दिया है। कर्नाटक से शुरू हुआ ये विवाद कई मोड़ लेते हुए पहले हाईकोर्ट और आखिर में देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंचा।  देशभर के नेताओं की हिजाब मामले पर प्रतिक्रिया आ रही है।  ऐसे में हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) की कैबिनेट के मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने हिजाब को लेकर बड़ा बयान दिया है। 

     महिलाओ को हिजाब से मुक्ति दें: विज

    सुप्रीम कोर्ट का अपडेट आने से पहले हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने एक ट्वीट करते हुए हिजाब मामले पर लिखा, ‘जिन पुरुषों का महिलाओ को देखकर मन मचलता था उन्होंने ही महिलाओं को हिजाब डालने के लिए मजबूर किया।  आवश्यकता तो अपने मन को मजबूत करने की थी परंतु सजा महिलाओं को दी गई।  उनको सिर से लेकर पांव तक ढ़ाक दिया।  यह सरासर नाइंसाफी है. पुरुष अपना मन मजबूत करे और महिलाओ को हिजाब से मुक्ति दें.’ इससे पहले जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच में 10 दिनों तक हिजाब विवाद पर जोरदार बहस चली।  जिरह के दौरान मुस्लिम पक्ष ने जहां एक ओर हिजाब की तुलना पगड़ी और क्रॉस से की, तो जस्टिस हेमंत गुप्ता ने इस पर तीखी टिप्पणी की थी।  आपको बता दें कि दस दिन तक चली सुनवाई के बाद 22 सितंबर को पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।  आज जजों की राय अलग-अलग होने पर मामले को सीजेआई के पास भेज दिया गया है।