Category: Breaking News

  • वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण टेक्सपेयर्स को दे सकती है ये बड़ी राहत, छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा

    वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण टेक्सपेयर्स को दे सकती है ये बड़ी राहत, छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा

    नई दिल्‍लीः वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2023 में टैक्सपेयर्स को अच्‍छी खबर दे सकती है। सरकार आगामी बजट में आयकर छूट की सीमा को बढ़ा सकती है। अगर सरकार ऐसा करती है तो देश के मध्‍यम वर्ग के लिए यह बहुत बड़ी राहत होगी। आयकर की सीमा में आखिरी 2014 में बदलाव किया था। तब 2 लाख की लिमिट को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये किया गया था। पिछले 9 वर्षों में आयकर छूट का दायरा नहीं बढ़ाया गया है।

    हालांकि, हर बजट में ज्‍यादा आयकर छूट मिलने की उम्‍मीद इनकम टैक्‍स पेयर करते हैं, पर यह उम्‍मीद पूरी नहीं होती है। आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार 2023-24 के बजट में आयकर छूट की सीमा मौजूदा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है। गौरतलब है कि मोदी सरकार के इस कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। साल 2024 में आम चुनाव होंगे। उम्‍मीद है कि बजट में वित्त मंत्री आयकर सीमा को बढ़ाकर मध्‍यम वर्ग को लुभाने की कोशिश करेगी।

    अगर आयकर स्‍लैब में बदलाव करते हुए आयकर सीमा को बढ़ाया जाता है, तो इसका सबसे ज्‍यादा फायदा नौकरीपेशा लोगों और अपना छोटे कारोबारियों को होगा। मार्च, 2022 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि 2020-21 असेसमेंट ईयर यानी 2019-20 वित्तीय वर्ष में कुल 8,13,22,263 लोगों ने इनकम टैक्स का भुगतान किया है। सूत्रों ने बताया कि अगर आयकर छूट की सीमा को बढ़ाया जाता है तो आम आदमी के हाथ में ज्‍यादा पैसा आएगा। इससे खपत को भी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्‍स नहीं देना पड़ता है। 60-80 वर्ष की आयुवर्ग के व्यक्तियों की 3 लाख रुपये और 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों की 5 लाख रुपये तक की आय टैक्‍स फ्री है।

  • बचपन की दोस्त से मुकेश अंबानी के बेटे अनंत ने की सगाई

    बचपन की दोस्त से मुकेश अंबानी के बेटे अनंत ने की सगाई

    नई दिल्लीः रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की सगाई राधिक मर्चेंट से हो गई है। उदयपुर के एक लग्जरी होटल में दोनों ने एक-दूसरे के हाथ में अंगूठी पहनाई। इसकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. पर इसी के साथ लोग ये जानना चाहते हैं कि राधिका मर्चेंट कौन हैं? 

    राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी की बचपन की दोस्त हैं। वह देश की प्रमुख दवा कंपनी एनकोर हेल्थकेयर के सीईओ और अरबपति उद्योगपति वीरेन मर्चेंट की बेटी हैं। उनकी मां का नाम शैला मर्चेंट है।

    अंबानी परिवार ने रखी थी अरंगेत्रम सेरेमनी

    राधिका मर्चेंट का जन्मदिन 18 दिसंबर 1994 है। उन्हें क्लासिकल डांस बहुत पसंद है, साथ ही उन्होंने आठ साल तक भरतनाट्यम की दीक्षा ली है। उन्होंने क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग मुंबई की श्री निभा आर्ट एकेडमी में गुरु भावना ठक्कर के अंडर पूरी की। इस साल मई में मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने अपनी होने वाली छोटी बहू राधिका मर्चेंट के लिए अरंगेत्रम सेरेमनी भी होस्ट की थी। किसी भी शास्त्रीय संगीत के कलाकार के लिए अरंगेत्रम सेरेमनी अहम होती है, क्योंकि वो उसकी पहली स्टेज परफॉर्मेंस होती है।

    न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं राधिका मर्चेंट

    राधिका की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के इकोले मोंडियल वर्ल्ड स्कूल और बीडी सोमानी इंटरनेशनल स्कूल से हुई। बाद में उन्होंने 2017 में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएट किया। एजुकेशन खत्म करने के बाद वो इंडिया आ गईं और इंडिया फर्स्ट ऑर्गनाइजेशन और देसाई एंड दीवानजी जैसी फर्म में इंटर्नशिप करने लगी। इसके बाद उन्होंने मुंबई की रीयल एस्टेट कंपनी इस्प्रवा में जूनियर सेल्स मैनेजर की नौकरी की और उसके बाद फैमिली बिजनेस ज्वॉइन कर लिया।

    स्विमिंग की शौकीन हैं राधिका मर्चेंट

    राधिका मर्चेंट को स्विमिंग का बहुत शौक है। इसके अलावा वह कई बार अपने दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर भी गई हैं। वहीं उन्हें पढ़ना पसंद है और वो एक एनिमल लवर भी हैं।

  • पैरेट के स्पेलिंग न बताने पर टीचर ने दी मासूम को ऐसी सजा, जानें पूरा मामला

    पैरेट के स्पेलिंग न बताने पर टीचर ने दी मासूम को ऐसी सजा, जानें पूरा मामला

    भोपाल: आज के समाज में व्य़क्ति के लिए शिक्षा बहुत ज़रुरी है, शिक्षा न हो तो मनुष्य आदिमानव कहलाएगा। शिक्षा ही हमारे भीतर की आदिम प्रवृतियों को आधुनिक प्रवृति में तब्दील करती है। लेकिन अगर शिक्षा देनेवाला शिक्षक ही आदिम प्रवृति अपना ले तो यह ज्यादा चिंता की बात है। ऐसा ही एक मामला राजधानी भोपाल से सामने आया है। यहां पैरोट की स्पेलिंग नहीं बताने पर एक टीचर ने हैवानियत की हदें पार कर दीं।

    यह मामला भोपाल के हबीबगंज इलाके का है। यहां बिजली घर के पास ई-6 अरेरा कॉलोनी में भानुप्रताप सिंह कुशवाहा (25) परिवार के साथ रहते हैं। वे प्राइवेट जॉब करते हैं। उनकी बहन की 5 साल की बेटी प्रिया भी पढ़ाई के लिए उनके साथ ही रहती है। भानु ने बताया कि अगले सत्र में बच्ची का एडमिशन अच्छे स्कूल में कराना है, इसके लिए बच्ची को घर के पास ही रहनेवाले टीचर प्रयाग विश्वकर्मा के पास ट्यूशन पढ़ने के लिए भेज रहे थे।  

    जानकारी के अनुसार बच्ची ने बताया कि टीचर ने पैरोट की स्पेलिंग नहीं बताने पर पहले हाथ मरोड़ा, फिर गाल पर 6-7 थप्पड़ मारे। बच्ची रोती हुई घर आई। उसने घर आकर पूरी बात बताई। बच्ची के मामा भानु के मुताबिक, बच्ची दर्द में थी, लेकिन आरोपी को थोड़ी भी दया नहीं आई। इससे पहले भी वह बच्चों को बेरहमी से पीट चुका है। हालांकि, पहले कभी उसकी शिकायत नहीं की गई थी। आरोपी टीचर की उम्र 19-20 साल है। वह खुद कॉलेज में पढ़ता है। साथ ही, बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता है।

    जब डॉक्टर ने बच्ची के हाथ के एक्सरे कराये तो इसमें उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर निकला। पुलिस ने बच्ची के साथ मारपीट करनेवाले आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा-323, किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा-75 तहत केस रजिस्टर्ड किया है। हबीबगंज थाना प्रभारी मनीष राज सिंह भदौरिया ने बताया कि दोनों धाराएं जमानती होने की वजह से उसे जमानत दे दी गई है।

  • दिन दिहाड़े घर में किराएदार की हत्या, बोरे से शव बरामद

    दिन दिहाड़े घर में किराएदार की हत्या, बोरे से शव बरामद

    देहरादूनः मोहिनी रोड स्थित वीरवार दोपहर एक घर में हत्या की सूचना से लोगों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, एक घर के कमरे में किराएदार की लाश बोरे में बंद मिली। कमरे का दरवाजा 24 दिसंबर से बंद था। मकान मालिक को जब कमरे से बदबू आई तब जाकर हत्या का राज खुला।

    मकान मालिक ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर लाश को बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लड़के की शिनाख्त अशरफ निवासी नजीबाबाद के रूप में हुई है। वह कुछ महीनों से फंड इकट्ठा करने का बिजनेस चलाता था। जिसके लिए वह देहरादून में किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। बाकी मामले की जांच की जा रही है।

  • ‘बोल राधा बोल’, ‘यमला पगला दीवाना’ मूवी बनाने वाले मशहूर फिल्ममेकर का निधन

    ‘बोल राधा बोल’, ‘यमला पगला दीवाना’ मूवी बनाने वाले मशहूर फिल्ममेकर का निधन

    मुंबईः बॉलीवुड से फिर एक दुखद खबर सामने आई है, ‘बोल राधा बोल’, ‘दस’ और कई अन्य शानदार हिंदी फिल्मों के निर्माता नितिन मनमोहन का निधन हो गया है। उन्हें हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद अब उनके निधन की खबर आई है। उनके दोस्त और निर्माता कलीम खान ने इस खबर की पुष्टि की। उनके मुताबिक, नितिन कई दिनों से अस्पताल में थे और वेंटिलेटर पर थे।

    4 दिसंबर को उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई थी। एक सूत्र ने बताया था कि हालांकि उनकी तबियत स्थिर है, फिर भी उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। सूत्र ने यह भी कहा था कि कई डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही थी और उन्हें सबसे अच्छा इलाज दिया जा रहा था। बता दें, नितिन मनमोहन फेमस विलेन मनमोहन के बेटे थे। मनमोहन ने ‘ब्रह्मचारी’, ‘गुमनाम’ और ‘नया जमाना’ जैसी कई फिल्मों में अपनी दमदार परफॉर्मेंस से लोगों को हैरान कर दिया था। इसके अलावा भी उन्हें कई फिल्मों के लिए याद किया जाता है। 

    नितिन मनमोहन एक भारतीय निर्माता, निर्देशक और कहानीकार हैं, जो मुख्य रूप से हिंदी फिल्म उद्योग में काम करते हैं। निर्माता के रूप में उनकी उल्लेखनीय फिल्में बोल राधा बोल (1992), आर्मी (1996), शूल (1999), लव के लिए कुछ भी करेगा (2001) दस (2005), यमला पगला दीवाना (2011), रेडी (2011) हैं।  नितिन ने अक्षय खन्ना के साथ ‘गली गली चोर है’, ‘दीवानगी’ और ‘सब कुशल मंगल’ फिल्में की हैं। इसलिए एक्टर उनके काफी करीबी थे।

  • EC ने बनाया नया सिस्टम, जल्द प्रवासी वोटर्स दूसरे शहर से भी कर सकेंगे मतदान

    EC ने बनाया नया सिस्टम, जल्द प्रवासी वोटर्स दूसरे शहर से भी कर सकेंगे मतदान

    नई दिल्लीः चुनाव आयोग घरेलू प्रवासी वोटर्स के लिए नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अब चुनाव के दौरान प्रवासी मतदाताओं को वोट डालने के लिए गृह राज्य जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चुनाव आयोग इसके लिए रिमोट वोटिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग ने दूरस्थ ईवीएम का प्रोटोटाइप तैयार किया है। आयोग ने 16 जनवरी को सभी पार्टियों के लिए इसका लाइव डेमो भी रखा है। चुनाव आयोग ने वीरवार को बताया कि घरेलू प्रवासी मतदाताओं के लिए मल्टी कॉन्सिट्यूएंसी रिमोट ईवीएम तैयार की है। यह एक सिंगल रिमोट पोलिंग बूथ से 72 निर्वाचन क्षेत्रों को संभाल सकती है।

    EC ने पार्टियों से मांगे सुझाव

    चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को 16 जनवरी को लाइव डेमो के लिए बुलाया है। सभी पार्टियों और हितधारकों से फीडबैक और प्रोटोटाइप के प्रदर्शन के आधार पर चुनाव आयोग दूरस्थ मतदान पद्धति को लागू करने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगा। इसे लागू करने में कानूनी, प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों पर राजनीतिक दलों के विचार भी मांगे हैं। चुनाव आयोग ने बयान में कहा कि 2019 के आम चुनाव में 67.4% मतदान हुआ था। 30 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने वोट नहीं डाला था। चुनाव आयोग ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।

    प्रवासियों का कोई केंद्रीय डेटाबेस नहीं उपलब्ध 

    चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता कई वजहों से नए निवास स्थान का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाता है। ऐसे में वह मतदान के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाता। घरेलू प्रवासियों द्वारा मतदान में असमर्थता वोटिंग प्रतिशत में सुधार लाने और चुनाव में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रमुख कारणों में से एक है। हालांकि देश के भीतर प्रवासियों का कोई केंद्रीय डेटाबेस उपलब्ध नहीं है। हालांकि, सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नौकरी, कामकाज, शादी और शिक्षा घरेलू प्रवास की वजह हैं।

  • Cough Syrup पीने से 18 बच्चों की मौत, जांच शुरू 

    Cough Syrup पीने से 18 बच्चों की मौत, जांच शुरू 

    नई दिल्लीः मीडिल ईस्ट का देश उज्बेकिस्तान से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है।  उज्बेकिस्तान में इंडियन कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई है। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि 18 मरने वाले बच्चों ने इंडियन कंपनी का कफ सिरप पिया था। इस कंपनी का नाम है  डॉक-1 मैक्स सिरप। इस कफ सिरप को इंडियन दवा कंपनी मैरियन बायोटेक लिमिटेड ने बनाया था। लैब की जब जांच कि गई तो पाया कि सिरप में गंदी एथिलीन ग्लाइकॉल थी।

    नोएडा के सेक्टर 67 में स्थित मैरियन बायोटेक कंपनी की दवा पीकर उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत होने का आरोप है। आरोप है कि कंपनी के द्धारा निर्मित डॉक-1 मैक्स टैबलेट और सीरप उज्बेकिस्तान भेजा गया था, जिसके सेवन से बच्चों की मौत हुई है। इन आरोपोंके बाद से कंपनी के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जांच टीम में नोएडा के ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर भी शामिल हैं। ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बाबर ने बताया कि इस दवा की देश भर में सप्लाई नहीं है। इसे एक्सपोर्ट किया गया था।

    18 बच्चों की मौत पर जयराम रमेश ने किया ट्वीट

    इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया है। जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा,’मेड इन इंडिया कफ सिरप बेहद जानलेवा है। पहले गांबिया में इसे पीने से 70 बच्चों की मौत हो गई थी। अब उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों को इस सिरप ने मौत के घाट उतार दिया। मोदी सरकार को इ दवाई कंपनियों पर तुरंत कंट्रोल करना चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    मैरियन बायोटेक ने बनाया है सिरप

    उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत पर मीडिया में कई तरह के रिपोर्ट छपे हैं। इन रिपोर्टों में पता चला है कि Dak1-Max खांसी की दवाई बिना डॉक्टर की सलाह पर अधिक मात्रा में ली गई थी। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 21 बच्चें सांस लेने की दिक्कत से जूझ रहे थे। उन्होंने उन्होंने नोएडा के मैरियन बायोटेक की बनी कफ सिरप डॉक-1 मैक्स सिरप पिया था। जिससे उनमें से 18 की मौत हो गई।

    उज्बेकिस्तान के अधिकारियों से बात कर रही है WHO

    भारतीय अखबार के मुताबिक ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’उज्बेकिस्तान के अधिकारियों से बातचीत कर रही है। बच्चों की मौत की जांच हो रही है। हालांकि, डॉक्टर-1 मैक्स की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मैरियन बायोटेक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयल ने इस पूरे मामले पर अभी तक कुछ नहीं बोला है। बता दें कि इस साल के शुरुआत में गांबिया में 70 बच्चों की मौत की खबर आई थी। इसके पीछे भी भारतीय दवा ही कारण बताया जा रहा है।

  • भारत में चीन की महिला जासूस को लेकर जांच एजेंसियों में हड़कंप, तलाश जारी, देखें वीडियो

    भारत में चीन की महिला जासूस को लेकर जांच एजेंसियों में हड़कंप, तलाश जारी, देखें वीडियो

    बिहारः आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा का इस बार बिहार दौरा जिला प्रशासन और सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। पहले उनका प्रवचन सुनने आए लोगों के साथ कोरोना आया और अब एक चीनी जासूस की गतिविधियों की जानकारी से राज्य सरकार और जांच एजेंसियों को हिला दिया है। पुलिस और जांच एजेंसी चीनी संदिग्ध महिला का स्केच जारी कर उसकी तलाश कर रही है, हालांकि अबतक हाथ खाली है।

    खुफिया तंत्र को अबतक नहीं मिला कोई सुराग

    धर्मगुरु दलाई लामा कुछ दिनों से गया में हैं। उनके आसपास कड़ी सुरक्षा है। चार स्तर की सुरक्षा की परिधि की अनुमति के बाद ही कोई उनतक पहुंच सकता है। उनकी सुरक्षा पर आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की नजर है और दो हजार पुलिसकर्मियों सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी काम कर रही हैं। ऐसे में एक संदिग्ध चीनी महिला की जानकारी सामने आई है, जो उनपर नजर रख रही थी। इस जानकारी के साथ ही जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसी उस संदिग्ध महिला को ढूंढ़ने में जुटी है। पुलिस और जांच एजेंसियां सभी होटलों, मठ और लॉज सहित सभी संभावित ठिकानों को खंगाल रही है। यह डर इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि बोधगया पुलिस ने करीब तीन महीने पूर्व भी एक होटल से एक संदिग्ध चीनी जासूस को हिरासत में लिया था। 

    संदिग्ध की पहचान के नाम पर स्केच और वीजा

    उस संदिग्ध चीनी महिला की पहचान अबतक सांग जियालोन के रूप में की जा रही है। उसका वीजा नंबर 901BAA2J और पीपी नंबर- EH2722976 है। दुबली-पतली काया और सिर पर बेहद छोटे-छोटे बाल वाली संदिग्ध महिला ने भिक्षु का रूप धारण कर रखा है। पुलिस मुख्यालय होते हुए बोधगया तक पहुंची इस जानकारी के बाद खुफिया तंत्र मुखबिरों की भी मदद ले रहा है। आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध महिला चीन की जासूस है और दलाई लामा से जुड़े कार्यक्रम और बोधगया के बाबत जानकारी लेने के लिए पहुंची है।

    यह काम इसलिए भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि जिला प्रशासन रविवार से ही कोरोना केस अचानक सामने आने और लगातार तेजी से बढ़ने के कारण सारा ध्यान उसपर लगा रहा था। बीते छह दिनों में अब तक 19 विदेशी  कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। विदेशी मेहमानों के साथ ही जिले के लोगों के लिए भी जिला प्रशासन ने मास्क अनिवार्य कर दिया है। दूसरी बात यह भी है कि तिब्बत, भूटान, वियतनाम, थाईलैंंड, जापान, म्यांमार से आने वाले विदेशी मेहमानों की शक्ल और शरीर करीब करीब मिलने के कारण जांच में परेशानी आ रही है।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए गया की एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि हमें “इनपुट आया है कि चीनी महिला गया में रह रही है। पिछले 2 साल से उसके रहने का इनपुट मिला है। इसका फॉरेन सेक्टर में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसे देखते हुए अलर्ट किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। फिलहाल यह चीनी महिला लोकेट नहीं हो रही है, जिससे कई संदिग्ध बिंदु बन रहे है। चीनी जासूस होने के शक से इनकार नहीं किया जा सकता है।” 

  • अब सबको नहीं मिलेगा मुफ्त अनाज! इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ 

    अब सबको नहीं मिलेगा मुफ्त अनाज! इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ 

    नई दिल्ली: मोदी सरकार ने पिछले दिनों देश के 80 करोड़ से ज्यादा राशन कार्डधारकों को नए साल में खुशियों की सौगात दी थी। केंद्र सरकार ने 2023 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त अनाज बांटने का ऐलान किया है। इससे पहले साल 2020 से अब तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन बांटा जा रहा था। कोरोना काल से ही यह सेवा 81.3 करोड़ लोगों को मुफ्त में मिल रही है।

    बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत उन लोगों को भी राशन फ्री में मिल रहा था, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था। लेकिन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब गरीब राशन कार्डधारकों को ही मुफ्त में गेहूं-चावल दिया जाएगा। सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अप्रैल 2020 में शुरू किया था। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन लागू होने के बाद यह स्कीम शुरू की गई थी। पिछले कई सालों से यह स्कीम खत्म करने की बात हो रही थी, लेकिन  कैबिनेट ने से फिलहाल जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, अब इस योजना को खाद्य सुरक्षा योजना के साथ मर्ज कर दिया गया है। इसके तहत मुफ्त राशन देने पर करीब दो लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस लागत का पूरा खर्चा केंद्र सरकार उठाएगी। इसमें राज्यों से पैसे नहीं वसूले जाएंगे। 

    नए साल में फ्री राशन लेना कितना बदल जाएगा?

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं, चावल और मोटा अनाज 1 रुपये से लेकर 3 रुपये प्रति किलो की दर से मिलता है। लेकिन, केंद्र सरकार ने कहा है कि यह राशि भी दिसंबर 2023 तक उपभोक्ताओं से नहीं वसूलेगी। बीते 3 सालों में इस योजना के 7 चरण पूरे हो चुके हैं। सबसे पहले मार्च 2020 में पहले चरण में तीन महीने अप्रैल से लेकर जून तक इसे लागू किया गया था।

    देश में अनाज का कितना भंडार?

    मोदी सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अतिरिक्त आवंटन के लिए भारत सरकार के पास केंद्रीय पूल में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। एक जनवरी, 2023 को लगभग 159 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 104 एलएमटी चावल उपलब्ध हो जाएगा।

    इसी तरह एक देश एक राशन कार्ड प्रणाली से भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के तहत सभी लाभार्थी विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सभी लाभार्थी अपने मौजूदा राशन कार्ड का उपयोग करके देश में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) से या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ आधार संख्या के द्वारा किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने हिस्से का अनाज प्राप्त कर सकते हैं।

  • बैंकाक से भारत आ रही फ्लाइट में यात्रियों में जमकर मारपीट, देखें वीडियो

    बैंकाक से भारत आ रही फ्लाइट में यात्रियों में जमकर मारपीट, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः भारत में धरती से मीलों ऊपर भी झगड़े-फसाद होने लगे हैं। सोशल मीडिया की बदौलत इस तरह की घटनाएं पहले से कहीं अधिक ध्यान खींचने लगी हैं। हाल ही में थाई स्माइल एयरवेज की एक उड़ान, जो कथित तौर पर 27 दिसंबर को बैंकॉक से भारत के रास्ते पर थी, में जब विमान हवा में सफर कर रहा था, तब यात्रियों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दो लोगों को एक दूसरे से बहस करते हुए देखा जा सकता है। इसके साथ एक फ्लाइट अटेंडेंट स्थिति को शांत करने का प्रयास करती हुई दिख रही है। दो पुरुषों में से एक को दूसरे से “हाथ नीचे कर” कहते हुए सुना जा सकता है। जैसे ही साथी यात्री वहां उठकर पहुंचते हैं और केबिन क्रू देखते हैं, दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है।

    एक व्यक्ति अपना चश्मा उतारता हुआ दिखाई देता है और दूसरे व्यक्ति को मारना शुरू कर देता है। इसी बीच एक व्यक्ति के दोस्त विवाद में शामिल हो जाते हैं। दूसरा व्यक्ति जवाब में मारता नहीं है और केवल वार से बचने की कोशिश करता है। फ्लाइट अटेंडेंट दोनों को अलग करने में सफल नहीं हो पाती। फ्लाइट अटेंडेंट मारने वाले व्यक्ति से रुकने और शांत होने का आग्रह करते हुए सुनाई देती है।

    इस महीने की शुरुआत में इसी तरह की एक घटना इस्तांबुल से दिल्ली के लिए 16 दिसंबर की इंडिगो की उड़ान में हुई थी जिसका एक वीडियो ऑनलाइन सामने आया था। इस घटना में एक यात्री और फ्लाइट अटेंडेंट के बीच जोरदार बहस हो गई थी। इस पर इंटरनेट पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ ने केबिन क्रू की अधीरता की बढ़ती प्रवृत्ति पर ध्यान दिलाया था। कुछ लोगों ने फ्लाइट अटेंडेंट से बदतमीजी अस्वीकार की थी। इस घटना के जवाब में इंडिगो एयरलाइंस ने कहा था कि, “हम इस घटना को देख रहे हैं और आश्वस्त करना चाहेंगे कि ग्राहकों की सुविधा हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।”