Category: Breaking News

  • मिड डे मील में छिपकली वाला खाना खाने से 200 बच्चों की बिगड़ी हालत, देखें वीडियो

    मिड डे मील में छिपकली वाला खाना खाने से 200 बच्चों की बिगड़ी हालत, देखें वीडियो

    अध्यापक बच्चों को बोला, ‘ये छिपकली नहीं बैगन की डंडी है..’ 

    भागलपुर: नवगछिया के महदतपुर स्थित माध्यमिक विद्यालय में वीरवार को विषाक्त मध्याह्न भोजन खाने से करीब 200 बच्चे बीमार हो गए। सभी को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। ज्यादातर बच्चों में गला सूखने, पेट दर्द और सिर में चक्कर की आने शिकायत थी। कुछ बच्चों को उल्टी भी हो रही थी।

    एंबुलेंस को कई बार महदलपुर गांव भेजा

    सूचना मिलते ही एसडीओ उत्तम कुमार, एसडीपीओ दिलीप कुमार व बीईओ विजय कुमार झा ने अस्पताल पहुंचकर हालात की जानकारी ली। सभी पदाधिकारी देर रात तक अस्पताल में कैंप कर रहे थे। बच्चों को अस्पताल लाने के लिए अनुमंडल अस्पताल की एंबुलेंस को कई बार महदलपुर गांव भेजा गया। चिकित्सा पदाधिकारी वरुण कुमार, पीएचसी प्रभारी वो दास व आयुष चिकित्सक देवव्रत कुमार बच्चों के इलाज में लगे थे। जिन बच्चों में सामान्य लक्षण थे उन्हें ओआरएस और इंजेक्शन दिये गए। जिन्हें उल्टियां हो रही थी उन्हें स्लाइन चढ़ाया गया। सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए गए।

    प्लेट में छिपकली दिखी, शिक्षक ने कहा- बैगन की डंडी है

    बच्चों ने बताया कि स्कूल में सभी मध्याह्न भोजन कर रहे थे। तभी आठवीं कक्षा के छात्र आयुष कुमार के प्लेट में छिपकली मिलने की बात सामने आई। आयुष ने इसकी शिकायत रसोइया से की। रसोइया ने सब्जी हटा दी और बच्चों को दाल, चावल, प्याज व नमक परोस दिया। उसी दौरान चितरंजन कुमार दास नाम के शिक्षक ने बच्चों को बताया कि ये छिपकली नहीं बल्कि बैगन की डंडी है। वहीं छिपकली की शिकायत मिलने तक अधिकतर बच्चों ने भोजन कर लिया था। शाम होते-होते बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।

    195 बच्चों का हुआ इलाज, 12 को चढ़ाया गया स्लाइन

    देर रात बच्चों को घर भेजा जा रहा था। एसीएमओ अंजना कुमारी ने बच्चों की हालत को खतरे से बाहर बताया है। अस्पताल में 195 बच्चों का इलाज किया गया। 12 को स्लाइन चढ़ाया गया।

    प्रधानाध्यापक व रसोइया सस्पेंड

    मदहतपुर में मिड डे मील खाने से बच्चों के बीमार होने के मामले को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लेते हुए मदहतपुर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक चितरंजन प्रसाद सिंह और रसोइयों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जबकि अन्य शिक्षकों पर भी मामले में कार्रवाई संभव है। जिला कार्यक्रम प्रभारी मध्याह्न भोजन योजना विजय आनंद ने कहा कि पता चला है कि बच्चों के खाने में छिपकली गिर गया था। जिससे बच्चे बीमार पड़ गए। प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आयी है।

  • इस मामले में पुलिस की कार्रवाई, पूर्व मंत्री को किया गिरफ्तार 

    इस मामले में पुलिस की कार्रवाई, पूर्व मंत्री को किया गिरफ्तार 

    मुबंईः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक मल्टीप्लेक्स में मराठी फिल्म ‘‘हर हर महादेव’’ का प्रदर्शन बाधित करने और दर्शकों के साथ धक्कामुक्की करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह घटना सोमवार को हुई जब आव्हाड और उनके समर्थक ठाणे शहर में एक मल्टीप्लेक्स में कथित तौर पर घुस गए और ‘‘इतिहास के साथ छेड़छाड़’’ के आरोप लगाते हुए ‘हर हर महादेव’ फिल्म का प्रदर्शन बाधित किया।

    इस सिलसिले में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जब दर्शकों ने अपने पैसे वापस मांगे और फिल्म का प्रदर्शन बाधित करने को लेकर टिप्पणियां कीं तो आव्हाड और उनके समर्थकों ने उनमें से कुछ के साथ धक्कामुक्की की। एक दर्शक की शिकायत पर आव्हाड के खिलाफ गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने से संबंधित, भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा, धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड) और 504 (शांति में खलल डालने के लिए उकसाने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करना) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला किया गया है।

    पुणे में भी हुआ फिल्म का विरोध

    सोमवार को पुणे शहर में ‘हर हर महादेव’ का प्रदर्शन एक मराठा समूह ‘संभाजी ब्रिगेड’ के सदस्यों ने बाधित किया। गुट के एक नेता ने आरोप लगाया कि ‘हर हर महादेव’ में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है जबकि ‘वेदत मराठे वीर दौदाले साथ’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के सैनिकों ‘मावले’ को बेहद निर्मम दिखाया गया है।

    ‘दर्शकों की पिटाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी’

    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ऐतिहासिक मराठी फिल्म ‘हर हर महादेव’ देखने गए दर्शकों की पिटाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फडणवीस ने मुंबई में कहा, ‘लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की अनुमति है। मैंने फिल्म नहीं देखी है और मुझे विवाद की जानकारी नहीं है। ’फडणवीस राज्य के गृह मंत्री भी हैं।

  • लड़की को अपनी ही सहेली से हुआ प्यार , पहुंच गए कोर्ट

    लड़की को अपनी ही सहेली से हुआ प्यार , पहुंच गए कोर्ट

    मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश में दो लड़कियों की दोस्ती के मोहब्बत में बदल गई। जानकारी के मुताबिक, दोनों युवतियां लगभग दो महीने पहले घर से भाग चुकी थी और अब अपने परिवार से अलग रह रही हैं। जब ये मामला उच्च न्यायालय में पहुंचा तो न्यायालय ने अपने जवाब में कहा कि युवती बालिग हैं। इसमें हम कोई हस्तछेप नहीं कर सकते हैं। वो खुद फैसला लेंगी कि उन्हें क्या करना है। वहीं जब एक युवती के पिता अपनी लड़की के पास गए तो उसने आने से इनकार कर दिया। 

    बचपन से साथ रहती थी 

    जबलपुर के खमरिया इलाके में रहने वाली दो लड़कियां बचपन से साथ खेली और पढ़ते-पढ़ते बड़ी भी हुई। दोनों का एक दूसरे के घर में भी आना जाना था और सबका एक दूसरे से लगाव भी था। वर्तमान में एक युवती 18 साल की है तो दूसरी 22 साल की हो चुकी है। दोनों के रिश्तो के बारे में परिवार को पता चला तो वह दोनों लड़कियां भागकर भोपाल पहुंच गई और एक हॉस्टल में रहने लगी।

    मामला पुलिस में पहुंचा तो क्या हुआ? 

    पुलिस के मुताबिक 18 साल की गायब हुई लड़की के परिवार वालों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जबलपुर पुलिस भोपाल पहुंची और युवती को बरामद किया, मगर उसने पिता के साथ जबलपुर जाने से इनकार कर दिया। इस पर पिता ने हाईकोर्ट का रुख किया और बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, साथ ही न्यायालय को बताया कि बेटी को महिला मित्र के बजाय घर पर रहने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मान रही है। याचिका को हाईकोर्ट ने मंजूर कर युवती को हाजिर करने का नोटिस भेजा।

    कोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला 

    अधिवक्ता सुयश ठाकुर ने बताया है कि, याचिका पर उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ और विशाल मिश्रा की डबल बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान पिता ने बताया कि बेटी गलत राह पर चल रही है। उसे समझाने का प्रयास किया, वहीं बेटी ने न्यायालय को बताया है कि घर वाले उसे पीटते हैं । वह बालिग है, समझदार है, अपने पैरों पर खड़ी है इसलिए उसे अपना जीवन जीने की इजाजत दी जाए।

    फैसले लेने के लिए स्वतंत्र

    बताया गया है कि न्यायालय ने दोनों का पक्ष सुना उसके बाद युवती और उसके परिवार वालों को आपस में सलाह करने को कहा ।उसके बाद भी युवती परिवार के साथ जाने को तैयार नहीं हुई और अपनी सहेली के साथ रहने पर अड़ी रही। परिणाम स्वरूप न्यायालय ने कहा कि लड़की बालिग है इसलिए अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।

  • जिम में वर्कआउट दौरान 46 वर्षीय मशहूर टीवी एक्टर का निधन

    जिम में वर्कआउट दौरान 46 वर्षीय मशहूर टीवी एक्टर का निधन

    मुबंईः टीवी के मशहूर एक्टर सिद्धांत वीर सूर्यवंशी का शुक्रवार को 46 साल की उम्र में निधन हो गया। सिद्धांत वीर के अचानक निधन की खबर से इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे थे। बताया जा रहा है कि एक्टर सिद्धांत वीर सूर्यवंशी जिम में वर्कआउट कर रहे थे, इसी दौरान वो जमीन पर गिर पड़े। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक्टर को जिम में हार्ट अटैक आया, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

    करीब 45 मिनट तक चले हॉस्पिटल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा सिद्धांत को बचाने की पूरी कोशिश की गई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हाल ही में पॉपुलर कॉमेडियन और एक्टर राजू श्रीवास्तव को भी जिम में वर्कआउट के दौरान ही हार्ट अटैक आया था, अस्पताल में करीब 45 दिनों तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद उनका निधन हो गया था। उनसे पहले ‘भाभी जी घर पर हैं’ फेम एक्टर दीपेश भान की भी वर्कआउट के दौरान मौत हो गई थी।

  • पूर्व पीएम राजीव गांधी मर्डर केस के आरोपियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा आदेश

    पूर्व पीएम राजीव गांधी मर्डर केस के आरोपियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा आदेश

    नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के मामले में जेल में बंद सभी 6 दोषियों को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर इन दोषियों पर कोई अन्य मामला नहीं है, तो इन्हें रिहा कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि लंबे समय से राज्यपाल ने इस पर कदम नहीं उठाया तो हम उठा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दोषी करार दिए गए पेरारिवलन की रिहाई का आदेश बाकी दोषियों पर भी लागू होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस साल मई में पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। 

    ये 6 दोषी होंगे रिहा

    राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार, और रॉबर्ट पॉयस को रिहा करने के आदेश दिया है। पेरारिवलन पहले ही इस मामले में रिहा हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को जेल में अच्छे बर्ताव के कारण पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। जस्टिस एल नागेश्वर की बेंच ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश दिया था।

    31 साल पहले हुई थी राजीव गांधी की हत्या

    21 मई 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान तमिलनाडु में एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उन्हें एक महिला ने माला पहनाई थी, इसके बाद धमाका हो गया। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में कुल 41 लोगों को आरोपी बनाया गया था। 12 लोगों की मौत हो चुकी थी और तीन फरार हो गए थे। बाकी 26 पकड़े गए थे। इसमें श्रीलंकाई और भारतीय नागरिक थे। फरार आरोपियों में प्रभाकरण, पोट्टू ओम्मान और अकीला थे। आरोपियों पर टाडा कानून के तहत कार्रवाई की गई। 7 साल तक चली कानूनी कार्यवाही के बाद 28 जनवरी 1998 को टाडा कोर्ट ने हजार पन्नों का फैसला सुनाया। इसमें सभी 26 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई।

    19 दोषी पहले हो चुके रिहा

    ये फैसला टाडा कोर्ट का था, इसलिए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। टाडा कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती थी। एक साल बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इस पूरे फैसले को ही पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 26 में से 19 दोषियों को रिहा कर दिया। सिर्फ 7 दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा गया था। बाद में इसे बदलकर उम्रकैद किया गया।

  • Airtel का ये प्लान! मचा रहा है धूम

    Airtel का ये प्लान! मचा रहा है धूम

    नई दिल्ली: एयरटेल के कॉलिंग प्लान्स के साथ ही डाटा और वैलिडिटी प्लान्स को भी काफी पसंद किया जाता है। दरअसल ये प्लान्स आपको अच्छे-खासे बेनिफिट्स देते हैं साथ ही साथ इनकी कीमत भी बेहद ही कम रहती है। आप अगर वैलिडिटी बनाए रखने के लिए एक सस्ता प्लान तलाश रहे हैं और आपके बजट में कोई प्लान फिट नहीं हो पा रहा है तो हम आपके लिए बेस्ट ऑप्शन लेकर आए हैं जो आपके बजट में फिट हो जाएगा।

    कौन सा है Airtel का ये प्रीपेड प्लान 

    Airtel के जिस प्रीपेड प्लान की हम बात कर रहे हैं उसकी कीमत महज 99 रुपये है, इस प्लान को उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो वैलिडिटी को बनाए रखना चाहते हैं लेकिन ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते हैं। प्रीपेड प्लान क हिसाब से ये एक सस्ता प्लान है जो ग्राहकों के बजट में आसानी से फिट हो सकता है। अगर आप भी इस प्लान को खरीदने का मन बा रहे हैं तो आज हम आपको इसकी खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।

    क्या हैं बेनिफिट्स 

    अगर बात की जाए बेनिफिट्स की तो एयरटेल के इस प्लान में ग्राहकों को पूरे 28 दिनों की वैलिडिटी मिल जाती है। किफायती कीमत में एक महीने की वैलिडिटी मिलना एक बड़ी बात है, ऐसे में ये आपके बजट में आसानी से फिट हो जाता है और आपको ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ता है। अगर अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो इस प्लान में आपको 200 MB डेटा भी मिल जाता है जो आपकी छोटी-मोटी इंटरनेट की जरूरतों को पूरा करने का काम करता है। अगर आप भी एयरटेल ग्राहक हैं और एक ऐसे ही प्लान की तलाश में थे तो अब आप इसे एक्टिवेट करवा सकते हैं और इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स का लाभ भी ले सकते हैं।

  • बड़ी ख़बरः ड्रोन और छोटे एयरप्लेन से हो सकता है आंतकी हमला, अलर्ट जारी

    बड़ी ख़बरः ड्रोन और छोटे एयरप्लेन से हो सकता है आंतकी हमला, अलर्ट जारी

    मुंबईः महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक बार फिर से आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। आतंकवादी ड्रोन और छोटे एयरप्लेन से मुंबई में आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं। आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए मुंबई में फिलहाल ड्रोन के उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। आतंकी हमले के अलर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है, साथ ही वीवीआईपी लोगों पर हमले के खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

    ड्रोन उड़ाने पर लगाई पाबंदी

    आंतकी मुंबई में रिमोट कंट्रोल एयरक्राफ्ट से हमला करने की फिराक में हैं। सूत्रों की मानें तो आतंकी मुंबई की फेमस जगहों को टारगेट करने के साथ-साथ वीवीआईपी को भी निशाना बना सकते हैं। पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई में ड्रोन के उड़ाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। मुंबई पुलिस द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अगर कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत सजा दी जाएगी।

    मुंबई पुलिस ने 12 दिसंबर तक लगाई पाबंदी

    ग्रेटर मुंबई पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी तत्व ड्रोन, रिमोट कंट्रोल्ड माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट, पाराग्राइडर्स का इस्तेमाल कर हमला कर सकते हैं। आतंकी इनके जरिए वीवीआईपी को भी निशाना बना सकते हैं। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर अगले 30 दिनों तक प्राइवेट हेलीकॉप्टर्स से लेकर हॉट एयर बैलून समेत इन सभी चीजों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। इस दौरान केवल मुंबई पुलिस ही एरियल सर्विलांस कर सकती है। यह आदेश 13 नवंबर से 12 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

    4 नवंबर को भी मिली थी धमकी

    इस महीने मुंबई में आतंकी हमले की धमकी का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 4 नवंबर को मुंबई पुलिस को कंट्रोल रूम में हाजी अली दरगाह को आतंकी हमला करने की धमकी मिली थी। हाजी अली दरगाह पर आतंकी हमली की धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने अलर्ट जारी किया था। उसके बाद पुलिस की एक टीम दरगाह पर पहुंचकर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्वकॉड वैन के जरिए पूरे इलाके की छानबीन की, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला था। पुलिस ने मामले की छानबीन में पाया कि दरगाह पर आतंकी हमले की धमकी देने वाला शख्स दिमागी तौर पर बीमार था।

  • भूकंप के तेज झटकों से कांपा पूर्वोत्तर भारत, 5.7 की तीव्रता से लगे झटके

    भूकंप के तेज झटकों से कांपा पूर्वोत्तर भारत, 5.7 की तीव्रता से लगे झटके

    अरुणाचलः पूर्वोत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग में था। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, अरुणाचल में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश का वेस्ट सियांग जिला था। सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर इसके झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।

    दिल्ली-एनसीआर में लगे थे भूकंप के झटके

    बता दें कि इससे पहले दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में 9 नवंबर की रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मंगलवार की देर रात एक बजकर 57 मिनट पर भूकंप आया था, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.3 मापी गई। यह झटके दिल्ली-NCR, UP और बिहार में महसूस किए गए। 

    नेपाल और मणिपुर था केंद्र

    नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक 1.57 बजे आए इस भूकंप का केंद्र नेपाल, मणिपुर था। इस भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। गौरतलब है कि दिल्ली NCR समेत कई इलाकों में भूकंप काफी तेज था। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग देर रात घरों से बाहर निकल आए।

    उत्तराखंड में सुबह फिर लगे झटके

    इसके करीब साढ़े चार घंटे बाद उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बुधवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 4.3 मैग्नीट्यूड मापी गई। भूकंप का केंद्र 5 किलोमीटर गहराई में था।

    नेपाल के दोती जिले में 6 की मौत 

    दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में जब भूकंप के झटके महसूस किए गए थे तभी नेपाल में भी इसका असर दिखाई दिया। पड़ोसी देश के दोती जिले में भूकंप के बाद एक घर गिरने से लगभग 2:12 बजे 6 लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में तो एक के बाद एक तीन झटके महसूस किए गए। इसके बाद फिर 3:15 बजे फिर 3.6 की तीव्रता पर भूकंप महसूस किया गया।

  • Twitter के बाद अब Facebook में 11000 कर्मचारियों की छंटनी, जानें वजह?

    Twitter के बाद अब Facebook में 11000 कर्मचारियों की छंटनी, जानें वजह?

    नई दिल्लीः टेक सेक्टर की कंपनियों के कर्मचारियों के लिए मुश्किल दिन जारी है। ट्विटर के बाद अब एक और दिग्गज कंपनी के कर्मचारियों पर छंटनी की मार पड़ी है। बुधवार को मेटा प्लेटफार्म इंक ने ऐलान किया कि यह अपने 13 फीसद यानी 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रहा है।

    कंपनी के मुताबिक कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लागत में कटौती के लिए किया गया है। दरअसल कंपनी के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। तिमाही के दौरान कंपनी की आय में तेज कमी दर्ज हुई है। इससे निपटने के लिए मेटा ने लागत में कटौती की योजना बनाई थी। आज की छंटनी इसी दिशा में लिया गया कदम है।

    13 प्रतिशत घटेगी मेटा की टीम

    कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने आज एक ब्लॉग के जरिए कहा कि वो मेटा के इतिहास में अबतक का सबसे कठिन कदम उठाने जा रहे हैं। कंपनी ने फैसला लिया है कि वो अपनी टीम का आकार 13 प्रतिशत घटाएगी और 11 हजार काबिल कर्मचारियों को नौकरी से छंटनी करेगी। इसके साथ ही जुकरबर्ग ने कहा कि वो कंपनी को पटरी पर लाने के लिए कई और ऐसे कदम उठाने जा रहे हैं। इसमें खर्चों में कटौती करने और लागत को कम करने के लिए अहम कदम शामिल हैंय़ जुकरबर्ग ने कहा है कि वो इस फैसले की जिम्मेदारी लेते हैं साथ ही उन वजहों की भी जिम्मेदारी लेते हैं जिससे इस कदम को उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

    ये हैं छंटनी की 5 बड़ी वजह

    • फेसबुक के 18 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ी छंटनी होगी. इस छंटनी की पहली वजह मेटा की वर्चुअल रियलिटी कंपनी रियलिटी लैब्स को पिछली तिमाही में हुए 3.7 अरब डॉलर का नुकसान है।
    • दूसरी वजह मेटा की स्टॉक ट्रेडिंग का निचले स्तर पर जाना है। अभी मेटा का स्टॉक 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। पिछले महीने इस कंपनी की वैल्यू 270 अरब डॉलर की रही जबकि पिछले साल कंपनी की वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक थी। कहा जा रहा है कि कंपनी का खर्च तेजी से बढ़ा है जबकि कमाई उस हिसाब से नहीं हो रही। कॉस्ट को कम करने के लिए ही कंपनी ने छंटनी की योजना बनाई है। निवेशकों को आशंका है कि इसका सोशल मीडिया बिजनेस खतरे में आ सकता है।
    • मेटा के मार्केट कैप में 3 फरवरी, 2022 को 230 अरब डॉलर की गिरावट आई है। अमेरिकी की किसी भी कंपनी के इतिहास में एक दिन में हुई यह सबसे बड़ी गिरावट है। जिस दिन कंपनी ने बताया कि पहली बार उसके डेली यूजर नंबर में गिरावट आई, उस दिन मेटा का स्टॉक 26.4 परसेंट गिर गया। मेटा के स्टॉक में यह बड़ी गिरावट बताई जा रही है जिससे उसके बिजनेस पर गहरा असर पड़ा है। इस वजह से कंपनी भारी दबाव में बताई जा रही है।
    • अगली वजह मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग की संपत्ति में भारी गिरावट है. साल 2022 की शुरुआत से ही जकरबर्ग की व्यक्तिगत संपत्ति में लगातार गिरावट देखी जा रही है। मेटा में जकरबर्ग का 13 परसेंट शेयर है। एक और बड़ी वजह मेटा के विज्ञापन से होने वाली कमाई में गिरावट है। मेटा ने अनुमान जताया है कि 2022 में ऐड रेवेन्यू में 10 अरब डॉलर का घाटा हो सकता है। यह गिरावट इसलिए देखी जा रही है क्योंकि ने प्राइवेसी के नियमों में बदलाव किया है।
    • मेटा की रैंकिंग में भी भारी गिरावट देखी गई है। साल 2022 में एसएंडपी 500 की लिस्ट में मेटा ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। इस साल की शुरुआत से मेटा का स्टॉक 73 परसेंट तक गिर चुका है। मेटा के फ्री कैश फ्लो में भी भारी कमी देखी जा रही है। 2021 की शुरुआत में मेटा का फ्री कैश फ्लो 12.7 अरब डॉलर था जो 2022 की तीसरी तिमाही में 316 मिलियन डॉलर पर आ गिरा। भारी घाटे के बीच मेटा ने लगातार कर्मचारियों की भर्ती की है। 2020 और 2021 में 27,000 कर्मचारी रखे गए जबकि इस साल के 9 महीनों में 15,344 कर्मचारियों की भर्ती की गई।
  • न्यूजीलैंड को हरा कर फाईनल में पहुंचा पाकिस्तान

    न्यूजीलैंड को हरा कर फाईनल में पहुंचा पाकिस्तान

    नई दिल्ली: सिडनी में खेले गए पहले सेमीफाइल में पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया. पाकिस्तान के बॉलरों द्वारा पहली पाली में  किए गए बेहतरीन काम को अंजाम पर कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान ने बेहतरीन अंदाज में मुहर लगाते हुए अपनी टीम को फाइनल का टिकट दिला दिया इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी करके पहले से ही उम्मीद से कम मिले लक्ष्य की जीत सुनिश्चित कर दी सिडनी की आसान पिच पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरे नहीं उतरे और कीवी टीम पाकिस्तान के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने से करीब 25-20 रन दूर रह गयी