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  •  2 युवकों पर जानलेवा हमला: शख्स को पीटने से रोका था; आरोपियों ने दोनों पर तेजदार-नुकीले हथियारों से किए वार

     2 युवकों पर जानलेवा हमला: शख्स को पीटने से रोका था; आरोपियों ने दोनों पर तेजदार-नुकीले हथियारों से किए वार

    हरियाणा:हरियाणा के पानीपत शहर में गोहाना मोड़ पर दो युवकों पर करीब 10 युवकों ने ताबड़तोड़ हमला किया। आरोपी पहले ही किसी युवक को पीट रहे थे तो दोनों युवकों ने उन्हें ऐसा करने से रोका। टोकने से आरोपी तैश में आ गए और उन दोनों को भी पकड़ कर पीटने लगे।

    आरोपियों ने दोनों पर तेजदार व नुकीले हथियारों से वार किया। इससे सिर, कमर, हाथ व पैर पर चोट लगीं। दोनों घायलों को उनका तीसरा साथी सिविल अस्पताल में ले गया, जहां प्राथमिक उपचार देकर दोनों को PGI रेफर कर दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

    बाइक से कुचलकर मारने की भी कोशिश

    जानकारी देते हुए प्रवीन ने बताया कि वह गांव नांगल खेड़ी का रहने वाला है। रविवार रात करीब 8 बजे वह अपने पड़ोसी दोस्त सेठी और रिंकू के साथ गोहाना मोड़ स्थित मद्दी चिकन कॉर्नर पर गया था, जहां सेठी और रिंकू ने शराब पार्टी की। प्रवीण उनके साथ वैसे ही कंपनी में बैठा हुआ था। करीब 10:30 बजे वे घर के लिए चलने लगे। जैसे ही वे चिकन कॉर्नर से बाहर आए तो देखा कि एक युवक को दो- तीन युवक पीट रहे थे।

    सेठी और रिंकू ने उनका विरोध किया और कहा कि इसको क्यों पीट रहे हो? इसी बात से उक्त तीनों युवक तैश में आ गए और उन्होंने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। मारपीट के दौरान चिकन कॉर्नर से बर्फ तोड़ने वाला सूआ व चाकू उठाया, जिनसे उन पर ताबड़तोड़ हमले किए। साथ ही पत्थरों से भी उन पर हमला किया गया। परिस्थिति को भांपते हुए प्रवीन वहां से हटकर दूसरी और खड़ा हो गया।

    आरोपियों ने सेठी और रिंकू पर धारदार व नोकदार हथियारों से हमला किया। वारदात के दौरान आरोपियों ने घायलों की बाइक से भी टक्कर मारी। वारदात को अंजाम देने के बाद मारने की धमकी देते हुए आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोपी बाइक, स्कूटी व अन्य वाहनों पर सवार थे। आरोपियों की एक बाइक का नंबर HR06AV9972 था। घायलों का कहना है कि वह किसी भी आरोपी को नहीं जानते हैं।

  • 12 साल के बच्चे के साथ क्रूरता, 4 लोगों ने किया कुकर्म, फिर प्राइवेट पार्ट में…

    12 साल के बच्चे के साथ क्रूरता, 4 लोगों ने किया कुकर्म, फिर प्राइवेट पार्ट में…

    नई दिल्‍लीः राजधानी के सीलमपुर इलाके में एक 12 साल के बच्‍चे के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म का मामला सामने आया है। दिल्‍ली महिला आयोग को मिली शिकायत में सीलमपुर निवासी महिला ने बताया कि उसके 12 बर्षीय बेटे के साथ 18 सितंबर को चार लोगों ने निर्दयता से दुष्‍कर्म किया। मां ने बताया कि बेटे के साथ सामूहिक रूप से दुष्‍कर्म करने के साथ ही अपराधियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी और ईंटों और रॉड से बुरी तरह से मारपीट की।

    मां ने बताया कि बुरी तरह लूहूलुहान और दर्द से कराहते बच्‍चे ने ये भयानक घटना 22 सितंबर को अपने परिजनों को बताई। जिसके बाद माता-पिता ने इसकी सूचना दिल्‍ली पुलिस को दी और लड़के को अस्‍पताल में भर्ती कराया। फिलहाल बच्‍चे की हालत गंभीर बनी हुई है।

    इस घटना पर संज्ञान लेते हुए दिल्‍ली महिला आयोग ने दिल्‍ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस से इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जानकारी, अगर नहीं गिरफ्तार हुए हैं तो इसके पीछे का कारण और इस पूरे मामले पर लिए गए एक्‍शन की पूरी रिपोर्ट 28 सितंबर तक देने के लिए कहा है।

    दिल्‍ली में घटी इस घटना पर स्‍वाति मालीवाल की ओर से कहा गया, ‘दिल्ली में लड़की तो क्या लड़के भी सुरक्षित नहीं हैं। एक 12 साल के लड़के के साथ 4 लोगों ने बुरी तरह से रेप किया और डंडों से पीटकर अधमरी हालत में छोड़कर चले गए। बच्चा फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और आईसीयू में है। हमारी टीम लगातार परिवार के साथ मौजूद है और उनकी मदद कर रही है। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’

  • 5 लीटर पेट्रोल के लिए शख्स ने भरे 55 हजार रुपए, जानें मामला

    5 लीटर पेट्रोल के लिए शख्स ने भरे 55 हजार रुपए, जानें मामला

    नई दिल्लीः देश के कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए से भी पार है। लेकिन क्या हो अगर आपको 1 लीटर पेट्रोल के लिए ₹10,000 से भी ज्यादा चुकाने पड़ जाएं। हाल ही में एक ऐसा मामला महाराष्ट्र में सामने आया है। पुणे में एक शख्स को अपने होंडा एक्टिवा स्कूटर में 5.2 लीटर पेट्रोल के बदले ₹55000 चुकाने पड़ गए। पुणे में पेट्रोल की कीमत करीब 105-106 रुपए प्रति लीटर है। ऐसे में 55,000 रुपए का बिल आना सच में एक चौंकाने वाला मामला है।

    रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा एक पेट्रोल पंप कर्मचारी की गड़बड़ी के कारण हुआ है। दरअसल, होंडा एक्टिवा के ओनर ने स्कूटर में 550 रुपए का पेट्रोल डलवाया था। पेट्रोल डलवाने के बाद स्कूटर चालक ने क्यूआर कोड स्कैन किया और पेमेंट कर दिया। पेमेंट के लिए उन्होंने गूगल पे ऐप का इस्तेमाल किया। जैसे ही अकाउंट से पैसे कटे तो उन्हें पता लगा कि उनके खाते से ₹55000 का पेमेंट हुआ है।

    जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारी ने गलती से ₹550 की जगह ₹55000 का QR कोड जनरेटर कर दिया था। मामले में अच्छी बात यह रही कि इसे तुरंत नोटिस कर लिया गया और जितना ही फालतू पेमेंट लिया गया था वह स्कूटर चालक के खाते में वापस आ गया।

    इन दिनों डिजिटल पेमेंट के बढ़ते दौर और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हम कई बार ऐसी गलती कर बैठते हैं। ऐसे में आप भी जब पेट्रोल पंप पर ऑनलाइन पेमेंट करें, इस बात का ध्यान रखें कि आप से कितने रुपए का पेमेंट लिया जा रहा है। यह भी बेहतर होगा कि पेट्रोल भराने के बाद पेमेंट की स्लिप रख लें।

  • प्रिंसिपल के पिटाई करने पर छात्र ने उठाया खौफनाक कदम, गिरफ्तार…

    प्रिंसिपल के पिटाई करने पर छात्र ने उठाया खौफनाक कदम, गिरफ्तार…

    सीतापुरः यूपी के सीतापुर में प्रिंसिपल को गोली मारने वाले आरोपी छात्र गुरविंदर को पुलिस ने राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी छात्र गुरविंदर की निशानदेही पर अवैध तमंचा भी बरामद किया है। बताते चलें कि शनिवार सुबह रामस्वरूप विद्यालय इंटर कॉलेज जहांगीराबाद के कक्षा 12 के छात्र गुरविंदर ने प्रिंसिपल पर हमला करते हुए तीन गोलियां मारी थीं। आरोपी छात्र प्रिंसिपल द्वारा पिटाई किए जाने से नाराज था।

    गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए प्रिंसिपल राम सिंह वर्मा को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले में प्रिंसिपल के प्रबंधक भाई ने आरोपी छात्र गुरविंदर के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया था। जिसके बाद पुलिस काफी सरगर्मी के साथ उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर ही आरोपी छात्र गुरविंदर की लखनऊ से गिरफ्तारी करने में सफलता हासिल की।

    सीओ महमूदाबाद रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि आरोपी की पहचान गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है, जिसका एक दिन पहले ही एक अन्य छात्र के साथ झगड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि बाद में इस बात को लेकर स्कूल के प्राचार्य राम सिंह वर्मा ने उसे डांटा था। गुरविंदर प्राचार्य से नाराज था, इसलिए उसने उन्‍हें गोली मार दी। इस मामले में 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उसके पास से अवैध तमंचा भी बरामद किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

  • 38 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी, 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं…

    38 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी, 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं…

    लखनऊः अमौसी स्थित आंचलिक मौसम विभाग केंद्र ने बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आगामी 24 घंटे में प्रदेश के 38 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलने की संभावना है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 26 सितंबर तक बारिश होगी। उसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। हालांकि इस दौरान हल्की बारिश भी हो सकती है।

    दरअसल, मॉनसून की विदाई से पहले यूपी के तमाम जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में 12.9 मिली लीटर बारिश हुई है। यह औसत अनुमान से 300% ज्यादा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश श्रावस्ती में हुई।

    मौसम विभाग के मुताबिक गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, फरुखाबाद, कन्नौज, जालौन, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, आगरा, फिरोजाबाद, कासगंज, हरदोई, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, लखनऊ, बिजनौर, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में 25 या 26 सितंबर तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

  • अंकिता मर्डर केस: व्हट्सएप चैट से खुलासा, अंकिता पर था वीआईपी गैस्ट को सर्विस देने का दवाव

    अंकिता मर्डर केस: व्हट्सएप चैट से खुलासा, अंकिता पर था वीआईपी गैस्ट को सर्विस देने का दवाव

    देहरादून। उत्तराखंड में निष्काषित भाजपा नेता के बेटे के रिसॉर्ट में काम करने वाली युवती के परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। युवती की नदी में धक्का मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने निष्काषित भाजपा नेता विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि सरकार इस मामले में आरोपी को बचा रही है। परिवार का कहना है कि सरकार ने रिसॉर्ट को तोड़ दिया गया, जिससे सबूत मिट जाएं। यह गलत किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कई जगहों पर सरकार आरोपी का पक्ष ले रही है। इसके अलावा ये भी खबरें हैं कि परिवार की ओर से मुआवजे की भी मांग की जा रही है।

    हालांकि, सरकार का कहना है कि रिसॉर्ट के केवल बाहरी हिस्से को तोड़ा गया है. उस हिस्से को नहीं तोड़ा गया, जहां फोरेंसिक सबूत मिल सकते हैं। अभी परिवार जहां युवती के शव को रखकर अपनी मांगों पर अड़ा है. वहीं, प्रशासन उन्हें समझाने में जुटा हुआ है। 

    वहीं, न्यूज एजेंसी ने मृतक के भाई अजय सिंह भंडारी के हवाले से लिखा है, ‘जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आती तब तक हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. प्रोविजनल रिपोर्ट में दिखा है कि उसे मारा-पीटा गया और उसके बाद उसे नदी में डाल दिया गया. जब तक फाइनल रिपोर्ट नहीं आती तब तक हम रुके हैं।’

    बता दें, युवती की व्हॉट्सएप चैट भी सामने आई है, जिसमें वह अपने दोस्त को बता रही है कि रिसॉर्ट मालिक उस पर मेहमानों को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बना रहा है। पुलिस का कहना है कि वह इन चैट्स की भी जांच कर रही है।

    इस मामले में आरोपी भाजपा नेता विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या के रिसॉर्ट को गुस्साए लोगों ने शनिवार को आग लगा दी थी। कुछ दिन पहले लापता हुई 19 वर्षीय युवती का शव शनिवार को ऋषिकेश की चिल्ला नहर से बरामद किया गया।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया था। पुलकित आर्या सहित तीन लोगों को शुक्रवार को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब उन्होंने एक विवाद के बाद युवती को नहर में धकेलने की बात कबूल कर ली।

  • 17 महीने शव के साथ रहा परिवार, खर्च किए 30 लाख रुपए! जानें मामला

    17 महीने शव के साथ रहा परिवार, खर्च किए 30 लाख रुपए! जानें मामला

    कानपुरः यूपी के कानपुर जनपद के रावतपुर थाना क्षेत्र निवासी आयकर विभाग के अधिकारी विमलेश दीक्षित को जिंदा मानकर परिवार शव के साथ 17 महीनों तक रहा। 23 सितंबर 2022 को जब मामला सामने आया कि 17 महीने से उनके शव को रखकर पूरा परिवार उनका इलाज करने की कोशिश कर रहा था, हर कोई हैरान हो गया। इस दौरान उनके इलाज में परिजनों 30 लाख रुपए खर्च कर दिए। और यह सब किया गया इलाज के नाम पर।

    अप्रैल 2021 में विमलेश की मृत्यु होने के बाद परिजन उन्हें घर लेकर लाए और धड़कन चलने की बात कहकर उनका अंतिम संस्कार नहीं किया। घर पर ही इलाज शुरु कर दिया गया। 4 दिनों में ही परिजनों ने ऑक्सीजन के लिए 9 लाख रुपए खर्च कर दिए। करोना काल के समय ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत के चलते परिजनों ने एक-एक लाख रुपए के ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे थे।

    विमलेश के पिता ने बताया कि 22 अप्रैल 2021 के बाद जब उसे मृत बताया गया था, उसके बाद से डेढ़ माह तक बड़े-बड़े अस्पतालों, यहां तक कि लखनऊ के पीजीआई भी उन्हें लेकर गए, लेकिन कोरोना की वजह से अस्पताल में घुसने तक नहीं दिया गया। फिर कानपुर के ही कल्याणपुर और बर्रा स्थित निजी अस्पताल ने विमलेश के शव को भी भर्ती कर लिया और मोटी रकम वसूली।

    विमलेश के परिजनों ने यह भी बताया कि कि 6 माह तक झोलाछाप डॉक्टर घर पर ही इलाज करता रहा। विमलेश को ग्लूकोज चढ़ता रहा। यहां तक कि रेमडेसीविर इंजेक्शन भी खरीद कर लगवाया और जब 6 महीने बाद विमलेश की नस न मिलने की वजह से उसने इलाज करने इनकार कर दिया। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन सदस्यीय जांच टीम बैठा दी है। टीम यह जांच करेगी कि कैसे 17 महीने तक शव को घर में रखा गया? क्यों नहीं शव ख़राब हुआ और उसमे से बदबू आई? टीम यह भी जांच करेगी कि किस तरह से इलाज के नाम पर वसूली हुई।

  • रिश्वत लेते MLA के 2 बेटे गिरफ्तार, इस मामले में मांगे थे 5 लाख रुपए

    रिश्वत लेते MLA के 2 बेटे गिरफ्तार, इस मामले में मांगे थे 5 लाख रुपए

    जयपुर: एसीबी ने थानागाजी (अलवर) MLA के दो बेटों समेत चार लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने निर्दलीय विधायक कांती प्रसाद मीणा के छोटे बेटे कृष्णा मीणा से घूस में लिए गए 5 लाख रुपए भी बरामद कर लिए हैं। ACB ने यह कार्रवाई शुक्रवार रात जयपुर में की।

    पूछताछ में कृष्णा मीणा ने बताया कि बड़े भाई लोकेश मीणा ने रुपए लेने के लिए उन्हें जयपुर भेजा था। इस पर कृष्णा को लेकर एसीबी की टीम देर रात थानागाजी पहुंची। यहां लोकेश मीणा, राजगढ़ BDO नेतराम और प्रधान के बेटे जय प्रताप को गिरफ्तार किया गया। फिर इन सभी को लेकर एसीबी टीम जयपुर आ गई।

    एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि शिकायतकर्ता ने बताया था कि यह चारों बोरिंग समेत अन्य बिल पास करवाने के लिए 5 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे है। इसके लिए गुरुवार रात रुपए देने के लिए जयपुर बुलाया गया है। इस पर कृष्णा जैसे ही 5 लाख रुपए की रिश्वत लेने जयपुर पहुंचा उसे रंगे हाथों दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने अपने बड़े भाई, बीडीओ और प्रधान के बेटे का भी नाम बताया था। अब एसीबी की टीम चारों से जयपुर में आगे की पूछताछ कर रही है।

    MLA ने कहा- ठेकेदार की नीयत खराब, मेरे बेटों को षड्यंत्र के तहत फंसाया

    इस मामले में एमएलए कांती प्रसाद मीणा ने कहा कि विराट नगर का ठेकेदार है। अच्छा खासा परिचित है। उसके साथ भाई के बेटे का ठेका चलता था। इनकी बाजार में डीजल व अन्य सामान का लेन-देन बाकी था। उसमें जमुआरामगढ़ के पैसे का लेन-देन भी था। इस लेन-देन के कारण उसकी नीयत खराब हो गई। इसलिए उसने एसीबी को शिकायत दी कि उससे 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी है। मेरे दोनों बेटे जयपुर में हैं। एसीबी टीम उनसे पूछताछ कर रही है। मेरे बेटों को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है।

    जिसे पैसा देते हैं, उससे वापस लेना, किस कानून में गुनाह : विधायक

    विधायक मीणा ने फोन पर मीडिया से कहा, ‘किसी को दिया हुआ पैसा, वापस लेना किस कानून में अपराध हो गया? ठेकेदार को हमारी क्रेडिट पर पाइप दिलवाए, उसका पैसा बकाया था, उसकी मशीनों में डीजल डलवाने का पैसा भी बकाया था। जब कोई चीज ली है तो उसका पैसा तो चुकाना ही पड़ता है। पाइपों और डीजल के बकाया पैसे चुकाने को कहा तो उसने षड्यंत्र करके एसीबी में शिकायत कर दी। मेरे बेटों को ट्रैप करा दिया। आपसी लेनदेन के मामले को रिश्वत बना दिया। अब हम कोर्ट के सामने ही पूरी सच्चाई रखेंगे, सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’

    एसीबी के डीवाईएसपी परमेश्वर यादव ने बताया कि परिवादी ने एसीबी मुख्यालय में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि एमएलए पुत्र और प्रधान पुत्र उसे बार-बार परेशान कर रहे हैं। उसका 26 लाख रुपए का बिल है। जिसे देने की एवज में 9 लाख की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत का सत्यापन करवाया। देर रात इंदिरा नगर जगतपुरा से 38 वर्षीय कृष्णा मीणा को परिवादी से पैसा लेते हुए गिरफ्तार किया। इसके बाद दूसरी टीमों ने राजगढ़ से लोकेश मीणा, बीडीओ नेतराम मीणा को राजगढ़ पंचायत समिति के पास से और प्रधान पुत्र जयप्रताप को जरा वर्ली राजगढ़ से गिरफ्तार किया। इन सभी को एसीबी मुख्यालय लाया गया है।

    सामूहिक विवाह में हुई थी दोनों भाइयों की सादी

    विधायक कांती प्रसाद मीणा के दोनों बेटों की शादी सामूहिक विवाह समारोह में की गई थी। इसका मकसद था समाज में फिजूलखर्ची रोकने का मैसेज देना, लेकिन दोनों रिश्वत लेते पकड़े गए।

    बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने साधा निशाना

    बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने विधायक के दोनों बेटों के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर गहलोत सरकार पर तंज कसा है। सतीश पूनिया ने ट्वीट किया- कांग्रेस सरकार के शासन में भ्रष्टाचार की राजधानी बना राजस्थान। गहलोत जी की भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस नीति। कुर्सी के लिए सब जायज़ है, बस कुर्सी बची रहे 

  • देखते-ही-देखते चलती स्कूटी सहित सड़क में समाया बुजुर्ग

    देखते-ही-देखते चलती स्कूटी सहित सड़क में समाया बुजुर्ग

    अचानक धंसा हाईवे, 5 फीट गहरा गड्‌ढा

    जोधपुर: सड़क में अचानक 5 फीट गहरा गड्‌ढा बन गया, जिसमें चलती स्कूटी समा गई। उस पर सवार बुजुर्ग को लोगों ने बमुश्किल बचाया। मामला जोधपुर का है। शनिवार दोपहर वीर दुर्गादास ओवरब्रिज पर यह हादसा हुआ है। लोगों ने बताया कि झालामंड वायु विहार के रहने वाले भोपाल सिंह मेडु (65) स्कूटी लेकर भगत की कोठी से वीर दुर्गादास ब्रिज की तरफ जा रहे थे। उनके आगे एक ट्रक चल रहा था। भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान अचानक सड़क धंस गई। स्कूटी का पिछला हिस्सा पहले गड्‌ढे में गया, फिर पूरी स्कूटी ही बुजुर्ग समेत गड्‌ढे में समा गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने अपने वाहन रोके। कुछ लोगों ने भोपाल सिंह को हाथ पकड़कर गड्‌ढे से निकाला। बुजुर्ग के कंधे में फ्रैक्चर आया है। उन्हें हॉस्पिटल भिजवाया गया। हालात ये था कि गड्‌ढे से बाहर स्कूटी का सिर्फ साइड मिरर ही नजर आ रहा था। भगत कोठी रोड पर आए दिन हादसे होते हैं। यहां से गुजर रही सीवर लाइन धंसने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलने के बाद भगत की कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैफिक डायवर्ट करवाया। न्यू कैंपस से भगत की कोठी स्टेशन की तरफ जाने वाले रास्ते को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इसके चलते यहां वाहनों का जाम लग गया। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस रोड पर तेज रफ्तार में वाहन चलते हैं। यहां पहले भी कई बार सड़क के बीच में से निकल रही सीवरेज लाइन धंसने की खबर आती रही है। सड़क धंसने के कारण जाम लगने की नौबत भी आती रही है। हादसे के वक्त अगर पीछे से कोई वाहन तेज गति से आ रहा होता तो बुजुर्ग का बचना मुश्किल था। गनीमत रही कि पीछे से कोई गाड़ी नहीं आ रही थी।

    हादसे के वक्त अगर पीछे से कोई वाहन तेज गति से आ रहा होता तो बुजुर्ग का बचना मुश्किल था। गनीमत रही कि पीछे से कोई गाड़ी नहीं आ रही थी।
    हादसे की वजह सीवर लाइन, 2 साल में 6 बार धंसी पाली रोड पर पीली टंकी से लेकर झालामंड चौराहे तक की सड़क के नीचे 22 फीट की गहराई पर लगी 600 एमएम की ट्रंक सीवर लाइन दो वर्ष से समस्या का कारण बनी हुई है। यह ट्रंक लाइन दो वर्ष में कम से कम छह बार अलग-अलग स्थान पर धंस चुकी है। दो साल पहले पीली टंकी से लेकर भगत की कोठी रेलवे स्टेशन के बीच में यह धंसी थी। तब डेढ़ माह तक एक तरफ की सड़क को बंद कर निगम ने नई लाइन बिछाकर स्थायी समाधान करने का दावा किया था। तब 110 मीटर की लम्बाई में 45 लाख की लागत से नई ट्रंक लाइन बिछाई गई थी।

    इसके बाद अमृता देवी सर्किल से पहले यह धंस गई थी। उस समय सीवरेज का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया था। कई दिन तक लोग परेशान होते रहे। तब एक बार फिर निगम ने स्थायी समाधान का दावा कर मरम्मत की थी। दो माह पूर्व झालामंड चौराहे के समीप यह ट्रंक लाइन धंस गई थी। इसके बाद तेजा हॉस्टल के समीप यही लाइन धंस गई। तब फिर स्थायी समाधान का दावा किया गया था। अब भगत की कोठी रेलवे स्टेशन के बाहर यह लाइन धंस गई। निगम के इंजीनियर इस ट्रंक लाइन के बार-बार धंसने का न तो ठोस कारण तलाश कर पाए और न ही इस लाइन की पुख्ता मरम्मत कर सकें। ऐसे में पीली टंकी से लेकर झालामंड चौराहे तक इस सड़क के एक तरफ इतने ज्यादा अप-डाउन है कि कई हादसे भी हो चुके हैं।

    हादसे के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची। इसके बाद बैरिकेड्स लगाकर सड़क के इस हिस्से को ब्लॉक कर दिया गया। जेसीबी बुलाकर अब इसे ठीक कराने का काम किया जा रहा है।

    इस सड़क के बार-बार धंसने के बाद इसकी मरम्मत को लेकर भी निगम व पीडब्ल्यूडी के बीच विवाद होता आया है। निगम का कहना है कि यह सड़क नेशनल हाईवे का हिस्सा है। इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि खराबी सड़क में नहीं है। खराबी ट्रंक लाइन में है। वह बार-बार अलग-अलग जगह धंस जाती है। इस कारण सड़क का लेवल गड़बड़ा जाता है और झोल पड़ जाता है। ट्रंक लाइन के ऊपर की ही सड़क खराब हो रही है। जबकि डिवाइडर के दूसरी तरफ की सड़क एकदम सही है।

  • किसानों द्वारा नेशनल हाईवे जाम को लेकर देर रात हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, दिए ये आदेश

    किसानों द्वारा नेशनल हाईवे जाम को लेकर देर रात हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, दिए ये आदेश

    चंडीगढ़ः हरियाणा में धान की सरकारी खरीद से नाराज किसानों ने कुरुक्षेत्र के शाहबाद में दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (जीटी रोड) को देर रात से जाम किया हुआ है। लेकिन धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसान अब मान गए हैं। शुक्रवार को जाम किया गया जीटी रोड 21 घंटे बाद धान की सरकारी खरीद का आश्वासन मिलने पर खोल दिया गया है। किसान अपना सामान समेटने लगे हैं। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे धान खरीद शुरू करने की मांग को लेकर शाहाबाद में नेशनल हाईवे 44 को जाम कर दिया गया था।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (जीटी रोड) जाम करने पर जनता को होने वाली परेशानी को देखते हुए एडवोकेट रणदीप तंवर ने शुक्रवार देर रात पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ के समक्ष देर रात तक जन सुनवाई के बाद हरियाणा सरकार को आगाह किया था। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि किसान यूनियन द्वारा नेशनल हाईवे को जाम करने को लेकर दी गई कॉल के कारण आम आदमी को कोई परेशानी ना हो। इसके साथ ही ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे यह सुनिश्चित करने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने किसान नेता गुरनाम सिंह को याचिका में प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया है।

    भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि हमने जिला प्रशासन के साथ बातचीत की है और उन्होंने सुनिश्चित किया है कि धान की खरीद तुरंत शुरू होगी। हमारी मांगें मान ली गई हैं, इसलिए हमने सड़क से नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। वहीं एसपी सुरिंदर सिंह भोरिया ने कहा कि हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है और सभी डायवर्जन को हटा दिया गया है। हमने किसानों के साथ बातचीत की है और मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है। 

    पूर्व घोषित एलान के तहत शुक्रवार सुबह सुबह भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अगुवाई में बैरिकेड तोड़ किसान जीटी रोड पर पहुंचे थे। शहीद उधम स्मारक परिसर में मंडी के नोडल अधिकारी कपिल शर्मा किसानों के बीच पहुंचे थे और भरोसा दिलाया कि सरकार ने किसानों की प्रति एकड़ 22 से 28 क्विंटल धान खरीद करने की मांग मान ली है लेकिन धान की सरकारी खरीद शुरू करने को लेकर अभी अधिकारियों से बातचीत चल रही है। 

    इसके बाद चढूनी ने प्रशासन को 45 मिनट का अल्टीमेटम दिया कि अगर धान खरीद के लिए सकारात्मक पहल नहीं हुई तो जीटी रोड जाम किया जाएगा। तय अवधि में प्रशासन की ओर से संज्ञान नहीं लेने पर किसान ट्रैक्टर ट्रालियों समेत जीटी रोड जाम करने पहुंचे। पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई थी। साथ ही पांच ड्यूटी मजिस्ट्रेट और तीन डीएसपी के साथ करीब 200 पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।