Category: Lifestyle
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Office में इस वजह से सोकर काम करते हैं Gen-Z? इस वजह से वायरल हो रहा Trend
नई दिल्ली: कॉपोरेट की दुनिया में हर रोज नए-नए ट्रैंड वायरल होते रहते रहते हैं। इन दिनों चिनमैक्सिंग ट्रेंड का Gen-Z खूब कर रहे हैं। ऑफिस में काम करते-करते अचानक आंख लग जाना कभी आलस या लापरवाही माना जाता था लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। नई पीढ़ी यानी Gen-Z इस आदत को छुपाने के बजाय खुलकर अपनाने लगी है। काम के बीच कुछ मिनटों की झपकी लेना अब उनके लिए कमजोरी नहीं है बल्कि बेहतर काम करने का तरीका बनता जा रहा है। ये ट्रैंड चीन का युवा और Gen-z के बीच खूब सुर्खियां बटौर रहा है। -

बदलते मौसम में पेट दर्द की समस्याओं से निजात दिलाएंगे आयुर्वेद के ये तरीके, गट हेल्थ होगी मजबूत
लाइस्टाइलः मौसम बदलने पर कई बार लोगों को स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याएं हो जाती हैं। इनमें सबसे आम पेट दर्द और पाचन संबंधी समस्याएं हैं। मौसम बदलने पर तापमान के बढ़ने या घटने, वातावरण में नमी और बैक्टीरिया के स्तर में बदलाव के कारण गट हेल्थ प्रभावित होती है। अजवाइन, जीरा, सौंफ, अदरक, हींग, त्रिफला जैसी घरेलू औषधियों पेट दर्द के उपचार के लिए प्रफुलित मानी जाती हैं। वहीं लाइफस्टाइल और खान-पान में कुछ बदलाव करके इन समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। जिन लोगों को पुरानी बीमारी है, गर्भवती महिलाएं या जो लोग दवाएं ले रहे हैं, उन्हें ये उपचार नहीं करने चाहिए। उन्हें अपने डॉक्टर की ही सलाह लेनी चाहिए। अजवाइन पेट की समस्याओं को दूर करने में सबसे बढ़िया विकल्प मानी जाती है। अजवाइन में थाइमोल होता है जो पाचक एंजाइम बनाने में मदद करता है। इसके सेवन से गैस व पेट फूलने से राहत मिलती है। पाचन में गड़बड़ी के कारण पेट में दर्द हो रहा है तो आधा चम्मच भुनी हुई अजवाइन को एक चुटकी काले नमक के साथ मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करें। इसे दिन में एक या दो बार भोजन के बाद लिया जा सकता है।
हींगः अगर गैस के कारण पेट दर्द हो रहा है तो हींग का उपचार फायदेमंद हो सकता है। एक चुटकी हींग को गर्म पानी में मिलाकर या नाभि के आसपास पेस्ट बनाकर लगाने से पेट दर्द से तुरंत आराम मिल सकता है।
जीरा भोजन पचाने में मदद करता है और पेट दर्द को भी कम करता है। पेट दर्द से राहत पाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा उबालें। फिर छानकर गर्म पानी को भोजन के साथ पी लें।
सौंफ भी पेट के लिए बढ़िया होती है। यह ठंडक प्रदान करती है जिससे पाचन क्रिया शांत होती है और पेट में एसिड का स्तर कम होता है।
पेट दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक आहार
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आहार पाचन तंत्र को उसकी प्राकृतिक अवस्था में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद हल्के और गर्म भोजन के सेवन पर जोर देता है, जिसे आसानी से पचाया जा सके। पेट दर्द से राहत के लिए खिचड़ी, वेजीटेबल सूप और कम मसालों में पकी सब्जियां, भुना हुआ जीरा मिलाकर तैयार की गई छाछ, एसिडिटी है तो नारियल पानी, उबले चावल खाएं, दिन भर गर्म पानी का सेवन, सीमित मात्रा में चीनी का सेवन सही रहता है।इस तरीके से करें भोजन
भोजन करने का सही तरीका भी पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में बहुत कारगर होता है। हमेशा शांत वातावरण में बैठकर भोजन करना चाहिए। खाते समय मोबाइल या किसी भी तरह की स्क्रीन से दूरी बनाएं। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। रोज नियमित समय पर भोजन करें। इससे पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती है और पेट संबंधी समस्याओं से बचाव होता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ की जरूरत होती है इसलिए पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। कोल्ड ड्रिंक की बजाय गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है। भोजन के बाद टहलना भी खाने को पचाने में सहायक होता है।
डिस्क्लेमर: यह केवल सामान्य जानकारी के लिए है और हम इसकी स्टीक पुष्टि नहीं करते। ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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होली के रंगों ने खराब कर दिए हैं आपके मंहगे कपड़े? ये Tricks दूर करेंगे समस्या
लाइफस्टाइल: होली को अब बस कुछ ही दिन रह गए हैं। होली पर सबसे ज्यादा टेंशन कपड़ों पर रंग लगने की होती है। इस दिन सभी लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हैं और कुछ लोग तो केमिकल वाले हार्ड रंगों के साथ भी होली खेलते हैं। होली के दिन रंग लगाने और उड़ाने में भी बहुत मजा आता है लेकिन इस दौरान यदि गलती से आपके महंगे कपड़ों पर रंग लग जाए तो पूरा मजा ही किरकिरा हो जाता है।ठंडे पानी के साथ धोएं
होली के दिन अक्सर ऐसा होता है जिसके कारण से लोगों को अपनी मनपसंद के कपड़े भी कूड़े में फेंकने पड़ जाते हैं लेकिन अब आपको ऐसा करने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है क्योंकि घर पर कुछ आसान तरीकों के जरिए आप अपने कपड़ों पर चढ़ा हुआ रंग लग गया है तो सबसे पहले कपड़ों को ठंडे पानी के साथ धोएं। ऐसे कपड़ों को गर्म पानी में नहीं डालें। रंग लगे कपड़ों को हमेशा ठंडे बहते पानी के नीचे उल्टी ओर से धोएं। इससे रंग का बड़ा हिस्सा तुरंत निकल जाएगा।सिरका और डिटर्जेंट का घोल
रंग लगे हुए कपड़ों को एक बाल्टी ठंडी पानी में एक कप सफेद सिरका और थोड़ा सा लिक्विड डिटर्जेंट पाउडर मिला दें। दाग वाले कपड़े को इसमें लगभग 30 मिनट भिगोकर रखें। इसके बाद नॉर्मल तरीके से धो लें। सिरका दाग को तोड़ने में मदद करेगा और रंग हल्का कर देगा।टूथपेस्ट का इस्तेमाल
इसके अलावा रंग लगे कपड़ों पर आप सफेद नॉन जेल टूथपेस्ट को लगाकर हल्के हाथों के साथ ब्रश की मदद से रगड़ लें। कुछ देर तक कपड़े पर लगे रहने के बाद इसको आप नॉर्मल तरीके से धो लें। इसके बाद सुखा लें। टूथपेस्ट वाला नुस्खा छोटे और हल्के दागों के लिए काफी अच्छा रहेगा।बेकिंग सोडा और नींबू
नींबू और बेकिंग सोडा अक्सर ही कपड़ों से जिद्दी दाग हटाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। यह दोनों रंग के दाग को भी निकालने में काम आ सकते हैं। जिद्दी दाग पर बेकिंग सोडा छिड़क लें। इसके बाद उस पर थोड़ा नींबू का रस डालें। इसके बाद कपड़े को हल्के हाथ से रगड़ लें। 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद आप कपड़े को ठंडे पानी से धो लें। यह तरीका सफेद या हल्के रंग के कॉटन कपड़ों के लिए असरदार साबित हो सकता है। -

Holi पर आखिर कितने दिन बंद रहेंगे Bank, सामने आई Holidays की List
नई दिल्ली : इस बार होली 3 मार्च को है या फिर 4 को इसको लेकर लोगों काफी कंफ्यूज हो रहे हैं परंतु होली की सरकारी छुट्टी कब होगी इसको लेकर अब नया अपडेट सामने आया है। होली के मौके पर किस दिन बैंक समेत तमाम सरकारी दफ्तर बंद ही रहेंगे। इसकी घोषणा भी सरकार ने कर दी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने मार्च 2026 के लिए बैंक छुट्टियों की ऑफिशियल लिस्ट जारी कर दी है। इसमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण अलग-अलग तारीखों पर कहा कि बैंक की शाखाएं भी बंद रहेगी। यह सूची इसलिए जरुरी है क्योंकि सभी राज्य में छुट्टियां एक जैसी नहीं होती हैं। कुछ त्योहार कुछ हिस्सों में ही बंदी के तौर पर मनाए जाते हैं। यदि आपको भी इस हफ्ते बैंक से जुड़ा कोई काम है तो छुट्टियों की लिस्ट को ध्यान रखते हुए बनाएं।होली के पास रहेगी यह छुट्टियां
होली 2026 रंगों का त्योहार इस बार 4 मार्च को मनाया जाएगा परंतु आरबीआई की सूची के अनुसार, होली से जुड़े अलग-अलग दिन कई शहरों/राज्यों में छुट्टी के तौर पर घोषित है। इसी बीच 2 मार्च 2026 को होलिका दहन के मौके पर कुछ शहरों में जैसे की कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद ही रहेंगे बाकी ज्यादातर जगहों पर बैंक सामान्य तौर पर काम करेंगे। इसके अलावा मंगलवार 3 मार्च को होली के मौके पर कई बड़े शहरों में भी बैंक शाखाएं बंद रहेगी। इन शहरों में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, पटना, रांची, भोपाल, देहरादून, गुवाहटी, हैदराबाद, नागपुर, पणजी, बेलापुर और विजयवाड़ा भी शामिल हैं। वहां के लोगों को बैंक सेवाओं के लिए पहले से ही योजना बनानी चाहिए।View this post on Instagram4 मार्च को मनाई जाएगी होली
वहीं 4 मार्च को मुख्यतौर पर देश में होली मनाई जाएगी। इस दिन उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। नई दिल्ली, अहमदाबाद, लखनऊ, कानपुर, पटना, रांची, चंडीगढ़, शिमला, जम्मू, रायपुर, भुवनेश्वर, अगरतला, ईटानगर, शिलॉन्ग और इंफाल में भी इस दिन बैंक बंद रहेंगे।होली के बाद भी रहेंगी छुट्टियां
13 मार्च को Chapchar Kut (कुछ राज्यों में), 17 मार्च को Shab-i-Qadar (जम्मू-कश्मीर), 19 मार्च को गुड़ी पड़वा उगादि प्रकार के त्योहार, 20-21 मार्च (ईद-उल-फितर/ईद), 26-27 मार्च (राम नवमी) 31 मार्च को कुछ जगहों पर स्थानीय छुट्टी (परंतु कुछ राज्यों में आरबीआई ने इसको रद्द कर दिया है)। इन दिनों छुट्टियां रहने का अर्थ यह नहीं होगा कि सभी बैंकिंग बंद हो जाएगी। ऑनलाइन बैंकिंग (UPI, Mobile/Net Banking, ATM) सेवाएं सामान्य तौर पर जारी रहेगी। यह डिजिटल लेन-देन करने वालों के लिए भी सुविधाजनक रहेगा हालांकि यदि आपको फिजिकल सेवाएं (जैसे कि चेक-जमा, केवाईसी, ड्राफ्ट वगैराह) चाहिए तो आप छु्ट्टियों से पहले अपनी योजना बनाकर काम निपटा सकते हैं। -

3 या 4 आखिर कब मनाई जाएगी Holi? चंद्र ग्रहण के चलते Confuse हुए लोग
धर्म : रंगों के त्योहार होली को लेकर इस बार लोग तारीख को लेकर थोड़े दुविधा में हैं। कुछ लोगों का कहना है कि होली 3 मार्च को है कुछ का कहना है कि होली 4 मार्च का है। अब ज्योतिषीय गणनाओं और पंचागों के आधार पर साल 2026 में होली 4 मार्च बुधवार को मनाई जाएगी। इससे पहले 2 मार्च को सोमवार की शाम होलिका दहन होगा।चंद्र ग्रहण बना कारण
3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण दोपहर 3:21 बजे शुरु होगा और शाम को 6:46 पर खत्म होगा। ग्रहण और सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाएगा। ऐसे में इस दिन रंगों से होली खेलना उचित नहीं माना जाता। इसी कारण रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा।ग्रहण का पड़ेगा प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों से परहेज करना चाहिए। यही कारण है कि होली का मुख्य उत्सव ग्रहण के अगले दिन रखा गया है। यह चंद्र ग्रहण भारत सहित पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत क्षेत्र और अमेरिका के कई हिस्सों में नजर आएगा। फाल्गुन पूर्णिमा की सुबह स्नान करके अच्छे कपड़े पहनें। शाम के समय पूजा की थाली लेकर होलिका स्थल पर पहुंचे। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके उपलों की माला, रोली अक्षत, फूल, फल, हल्दी, मूंग, गुड़, गुलाल, सतनाजा, गेहूं की बालियां, गन्ना और चन्ना अर्पित करें। अग्नि प्रज्वलित होने के बाद परिक्रमा करके सुख-समृद्धि की कामना करें।होलिका दहन का मुहूर्त
शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार, इस साल होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में करना सबसे मंगलकारी रहेगा। पूजा के लिए सबसे उत्तम शाम 6:22 मिनट से रात 8:53 मिनट के बीच का है हालांकि जो लोग भद्रा पूंछ काल का पालन करते हैं उनके लिए रात में 12:50 मिनट के बाद दहन का विधान होगा। हिंदू धर्मग्रंथों में पूर्णिमा के प्रदोष काल को ही होलिका पूजन के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। -

March के महीने में घूमने का बना रहे हैं Plan तो Visit करें भारत की ये खास Places
लाइफस्टाइल : मार्च का महीना घूमने-फिरने के लिहाज से बड़ा जबरदस्त होता है। यह साल का वो समय होता है जब कड़ाके की ठंड पड़ रही होती है और पसीने वाली गर्मी अभी शुरु नहीं हुई होती। आस-मान बिल्कुल साफ रहता है। हर ओर हरियाली दिखती है और सबसे खास बात ये है कि इस दौरान टूरिस्टों की भीड़ भी काफी कम मिलती है। चाहे आप मन की शांति के लिए किसी पवित्र जगह पर जाना चाहते हैं या पहाड़ों की ठंडी हवाओं का फायदा लेना चाहते हैं तो मार्च में भारत के ये ठिकाने आपके लिए अच्छे साबित होंगे।उदयपुर
झीलों के इस शहर उदयपुर में मार्च का मौसम हल्की धूप और ठंडी हवाओं के साथ बेहद लुभावना लगता है। राजस्थान की तेज गर्मी शुरु होने में अभी काफी समय है। यही कारण है कि घूमने का यही सबसे अच्छा मौका है। साफ नीले आस-मान की परछाई जब पिछोला झील के पानी में दिखती है तो शहर किसी अपने जैसा सुंदर दिखने लगता है। इसके अलावा आप यहां के शानदार सिटी पैलेस को देख सकते हैं। इसके अलावा जग मंदिर में जा सकते हैं। इतना ही नहीं सहेलियों की बाड़ी के बगीचों में टहलना और झील किनारे शाम बिताना आपको एक अलग ही तरह का सुकून देगा।ऊटी
दक्षिण भारत का मशहूर हिल स्टेशन ऊटी मार्च में अपनी असली रंगत में होता है। इस समय यहां के बगीचे रंग-बिरंगे फूलों से भर जाते हैं। इसके अलावा चाय के बागान बहुत ही ताजे और हरे-भरे दिखते हैं। सिर्फ यही नहीं भीड़ कम होने के कारण से यहां काफी शांति रहती है। ऊटी झील में नाव चलाना और यहां की मशहूर टॉय-ट्रेन की सवारी करना एक ऐसा अनुभव है जो हर किसी को पसंद आता है। साथ ही यदि आप ऊंचाई से पहाड़ों की खूबसूरती देखना चाहते हैं तो डोड्डाबेट्टा पीक में जरुर जाएं।वाराणसी
यदि आप मन की शांति चाहते हैं तो मार्च में बनारस या फिर वाराणसी जा सकते हैं। इस समय पर यहां की सुबह काफी सुहावनी होती है। शाम को हल्की ठंड भी होती है। ज्यादा धूप न होने के कारण से आप बनारस की मशहूर तंग गलियों में बिना थके घंटों घूम सकते हैं। बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा सुबह-सुबह गंगा नदी में नाव की सवारी, शाम को घाट में होने वाली गंगा आरती देखकर आपके दिल को काफी अच्छा लगेगा।गंगटोक
सिक्किम की राजधानी गंगटोक में मार्च से बसंत का मौसम शुरु हो जाता है। इस दौरान चारों ओर फूल खिलने लगते हैं। इसके अलावा पहाड़ों की चोटियां भी बिल्कुल साफ नजर आती हैं। इस दौरान यहां का मौसम भी काफी अच्छा होता है। पहाड़ों की ताजी हवा आपको तरोताजा कर देगी। इतना ही नहीं आप त्सोमगो झील का साफ पानी भी देख सकते हैं। रुमटेक मठ में जाकर आपको अलग शांति मिलेगी। शाम के समय एमजी मार्ग पर टहलते हुए लोकल खाने का स्वाद लेकर आप इस ट्रिप का मजा ले सकते हैं।वायनाड
प्रकृति से प्यार करने वालों के लिए मार्च में वायनाड किसी जन्नत से कम नहीं है। इस दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के बागानों की खूशबू से महकती रहती है। इस दौरान मौसम भी काफी अच्छा होता है। अच्छी बात यह है कि इस दौरान बारिश का डर नहीं होता ऐसे में आप आराम से एड्ककल गुफाओं की पुरानी नक्काशी देखने के लिए जा सकते हैं। इसके साथ ही बनासुरा सागर बांध के नजारे और चेम्ब्रा पीक की मशहूर दिल के आकार वाली झील तक की छोटी सी ट्रेकिंग आपके सफर को खास बना देगी। -

आखिर इस बार फरवरी में क्यों बढ़ रही है गर्मी, जानें क्या कहता है Survey?
नई दिल्ली : भारत में शीत लहर अब बदल चुकी है। डाउन टू अर्थ विश्लेषण से यह पता चला है कि ये घटनाएं अब सिर्फ मुख्य सर्दी भारत में शीत लहर का पैटर्न बदल रहा है। 2026 में जनवरी में शीत लहर वाले 24 रिकॉर्ड हुए हैं परंतु फरवरी में एक भी नहीं। यह पांच सालों में पहली बार हुआ है। कुल 15 राज्यों में फैली 24 घटनाएं जो पिछले पांच सालों में दूसरी सबसे कम हैं। ठंड अब मुख्य सर्दी महीनों तक सीमित नहीं रही है। समय और जगह के अनुसार, बदल रही है। जनवरी-फरवरी के महीनों तक सीमित नहीं रही है। वहीं अब समय और जगह दोनों बदल रहे हैं जिसके चलते मौसम की अनिश्चितता बढ़ चुकी है।2026 में क्या हुआ
इस साल जनवरी में देशभर में कुल 24 शीत लहर के दिन आए परंतु फरवरी में एक भी शीत सलह का दिन नहीं आया है। सर्दी का मौसम 28 फरवरी को खत्म हो रहा है। आईएमडी के अनुसार अब तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहने वाला है। आखिरी शीत लहर 25 जनवरी को राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों में भी देखी गई वहीं शीत लहर वाले दिन 27 जनवरी तक हिमाचल में रहे हैं। इससे फरवरी 2026 पिछले पांच सालों में पहला ऐसा महीना बन चुका है। इसमें शीत लहर नहीं आई। 2022 से 2025 तक फरवरी में शीत लहर के दिन आए थे। 2022 में 6, 2023 में 1, 2024 में 7 और 2025 में 5 दिन। पूरे सर्दी के मौसम में 2026 में कुल 24 शीत लहर के दिन थे। वहीं 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए थे। यह पिछले पांच सालों में दूसरी सबसे कम संख्या है (2023 में 21 दिन सबसे कम थे), 2024 में 38, 2022 में 30 और 2025 में 26 दिन थे।समय में बड़ा बदलाव
शीत लहरें नवंबर-दिसंबर में कम और जनवरी-फरवरी में ज्यादा होती है। 2022-2024 में सर्दी में 65-72% घटनाएं हुई हैं परंतु 2025 में सब उलट गया। पोस्ट मानसून में 65% (49 दिन, 5 साल में सबसे ज्यादा) और सर्दी में सिर्फ 35%। नवंबर 2025 में सिर्फ 20 दिन शीत लहर आई (2022 से 10 गुना ज्यादा), 7 नवंबर से शुरु हुई। यह 13 राज्यों में फैली जिसमें उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व, उत्तर-पूर्व और दक्षिण सभी क्षेत्र शामिल थे। यह दिखाता है कि शीत लहरें अब मुख्य सर्दी के महीनों तक सीमित नहीं है।कारण और प्रभाव
विश्लेषण में यह बोला गया है कि 2023 जैसी स्थितियां फरवरी में ठंड कम होने का कारण हो सकती हैं। पिछले साल ला नीना के कारण दक्षिण, मध्य और पूर्व में ठंड ज्यादा थी। अल नीनो से सर्दी जल्दी खत्म हो सकती है। गर्मी तेज हो सकती है। शीत लहरों की कमी रबी फसलों जैसे गेहूं को नुकसान पहुंचा सकती हैं क्योंकि ठंड फसलों के लिए जरुरी होती है। विश्लेषण से यह साफ है कि भारत में शीत लहरों का पैटर्न बदल रहा है। समय पहले आना, जगह का फैलाव बढ़ना, घटना और अनियमितता बढ़ना। यह छोटा मोटा उतार चढ़ाव हो सकता है। जलवायु परिवर्तन से बड़े बदलाव का संकेत है। इन्हें लगातार ट्रैक करना जरुरी है ताकि किसानों, स्वास्थ्य और आपदा-प्रबंधन के लिए अच्छी तैयारी हो पाए। -

शादियों के सीजन में सोने-चांदी के भाव में आई गिरावट, जानें Latest Price
नई दिल्ली: देश में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। इस शादी के सीजन में सोने चांदी के भाव में भारी बदलाव देखने को मिल रही है। आज 24 फरवरी को सोने चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,60,769 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ। इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,61,598 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था।सोने चांदी का ताजा भाव
24 फरवरी की सुबह करीबन 10:05 बजे एमसीएक्स पर 2 अप्रैल का एक्सपायरी वाला गोल्ड 0.63 प्रतिशत या करीबन 1000 रुपये की गिरावट के साथ 1,60,580 रुपये पर ओपन हुआ है। इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,61,598 रुपये पर ट्रेंड कर रहा था। गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,61,233 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था।चांदी की कीमत
एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 0.56 फीसदी या 1,491 रुपये की गिरावट के साथ 2,63,842 पर ट्रेड कर रहा था। चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,67,221 पर की थी। दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,67,500 रुपये था। इसके साथ ही दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी के दाम गिर गए हैं। दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,850 रुपये की दर पर बिक रहा है। वहीं 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 28,500 रुपये खर्च करने पडेंगे। चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,900 रुपये चल रही है।दिल्ली-अहमदाबाद-पुणे में सोने का भाव
दिल्ली में सोने की कीमत 24 कैरेट सोने के लिए 16,193 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए 14,830 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए 12,134 प्रति ग्राम है। अहमदाबाद में सोने की कीमत 24 कैरेट सोने के लिए 16.,141 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए 14,796 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए 12,107 प्रति ग्राम है। -

गाजर को ऐसे करें Store महीनों तक नहीं होगी खराब, रहेगी बिल्कुल Fresh
लाइफस्टाइल: गाजर एक ऐसी सब्जी है जिसका इस्तेमाल इन दिनों घरों में खूब हो रहा है। हलवे से लेकर सब्जी तक लोग इसे घर में काफी मात्रा में बना रहे हैं परंतु इसकी एक यह दिकक्त है कि यह बहुत जल्दी अपनी नमी खो देती है और गलने लग जाती है।हरे पत्तों को काट दें
कई बार फ्रिज में रखने के बाद भी यह काली पड़ जाती है। यदि आप इसको सही तरीके से प्रोसेस करके स्टोर करेंगे तो कई हफ्तों के बाद यह ताजा हो जाएगी। इसका स्वाद भी चला जाएगा। गाजर खरीदते ही यदि उसके ऊपर लगे हुए हरे पत्तों को तुरंत काट देंगे। ये पत्ते गाजर की नमी खींच लेंगे। इससे गाजर जल्दी सूख जाएगी।अच्छे से सुखाकर रखें गाजर
यदि आप गाजर को सूखा रखना चाहते हैं तो उसको अच्छे से सुखाकर अखबार या पेपर टॉवल में लपेटकर जिप लॉक वाले बैग में रखें। यह तरीका भी एक्स्ट्रा नमी को सोख लेगा। गाजर के टुकड़े काट लें। उनको 2 मिनट तक उबलते हुए पानी में डालें। इसके बाद तुरंत बर्फ ठंडे पानी में डाल लें। अब इनको सुखाकर फ्रीजर बैग में रखें। यह तरीका भी काफी काम आएगा।इन चीजों से रखें दूर
गाजर को कभी भी सेब या केले जैसे फलों के साथ न रखें। ये फल एथिलीन गैस छोड़ते हैं जिससे गाजर जल्दी पककर खराब हो सकती है।ब्लीचिंग करें
गाजर को टुकड़ों में काट लें। इसके बाद 2 मिनट उबलते हुए पानी में डालें। इसके बाद तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डालें। इसके बाद इन्हें सुखाकर फ्रीजर बैग में रख दें। यह तरीका बहुत काम आएगा।पानी में भिगोकर रख दें
गाजर को धोकर एक एयरटाइट कंटेनर या जार में रखें। उसमें उतना पानी भरें कि गाजर पूरी डूब जाए। इस जार को फ्रिज में रखें और हर 2-3 दिन में पानी बदलते रहें। गाजर हफ्तों तक कड़क रहेगी। -

Chinese Robot के कारण हुई भारत की बेइज्जती, सरकार ने लगाई Galgotia University को फटकार
नई दिल्ली: AI Impact Summit 2026 में ग्रेटर नोएडा में स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर चीन के रोबोटिक डॉग को अपना बताकर पेश करने के आरोप लगे हैं। समिट में यूनिवर्सिटी की ओर से इस रोबोट को भारत में विकसित एआई टेक्नोलॉजी के तौर पर पेश किया गया था। दावा था कि यह रोबोट यूनिवर्सिटी की इन हाउस डेवलपेड तकनीक है। यूनिवर्सिटी का फर्जीवाड़ा भी सामने आया है जिसके बाद सरकारी सूत्रों ने यह बताया है कि उन्हें एआई समिट एक्सपो को उसी समय खाली करने के लिए कहा है।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
देसी एआई रोबोट को लेकर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि यह रोबोट असल में चीन की कंपनी का बना हुआ मॉडल है। China Pulse ने सोशल मीडिया पर रोबोट की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर यह दावा किया है कि यह वही मॉडल है जो पहले चीन की एक रोबोटिक्स कंपनी के द्वारा प्रदर्शित किया गया है। अब सामने आया है कि ये दरअसल चीनी कंपनी Unitree Robotics का मॉडल है जिसको विदेश से खरीदा गया था न कि भारत में बनाया गया है।यूनिवर्सिटी की सफाई
इस पर यूनिवर्सिटी ने भी सफाई दी है कि उन्होंने इसको डेवलप करने का दावा कभी नहीं किया बल्कि यह छात्रों के सीखने के लिए लाया गया एक टूल है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत के दौरान रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा रही है। वीडियो में इसको ओरियन नाम दिया गया है और यह कहा गया है कि इसको यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बनाया है।आखिर क्या होता है GO2 रोबोटिक डॉग?
देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने यह दावा किया है कियह असल में चीनी कंपनी यूनिट्री का GO2 मॉडल है जो बाजार में 2-3 लाख रुपये की कीमत में उपलब्ध है। इस एआई पॉवर्ड रोबोटिक डॉग में 4D LiDar तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इसकी मदद से ये सीढ़ियां चढ़ने के अलावा ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी आसानी से चलेगा।