बेल्जियम में जन्मी डॉक्यूमेंट्री फिल्म की निर्माता एलेक्सिया क्राफ्ट डे ला सॉल्कस और जंगलों में प्रकृति के बीच रहने वाले इनके चचेरे भाई ने 2021 में क्वाड्रोबिक्स ने परिचय करवाया था। एलेक्सिया ने इसको एक प्राइमल मूवमेंट कहा है। इसकी प्रैक्टिस से उन्होंने अपने शरीर में कई तरह के बदलाव महसूस किए। 28 साल की एलेक्सिया ने अपना सारा समय स्पेन और ब्रिटेन के बीच में बिताया है। वह बार्सिलोना में एक फिल्म के विषय की तलाश में भी थी। इस दौरान उन्होंने पेड़ों पर बंदरों की हरकत करते हुए एक अनजान आदमी के बारे में सुना। यह व्यक्ति विक्टर मैनुअल फ्लेइट्स एस्कोबार था जो टार्जन मूवमेंट का संस्थापक था।View this post on Instagram
Category: Lifestyle
-

रेंगते हुए बिल्ली की तरह छलांग लगाते लोगों के सिर चढ़ा इस अजीबो-गरीब Trend का फितूर
नई दिल्ली: इंटरनेट पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ महिलाएं किसी जंगली जानवर की तरह दोनों पैर पर दौड़ती, कूदती और पेड़ों पर चढ़ती हुई दिख रही है। इस वायरल ट्रैंड की काफी चर्चा हो रही है। इस ट्रेंड को क्वार्डोबिक्स (quadrobics) कहा जा रहा है। इसका कनेक्शन आपकी फिटनेस के साथ है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट्स की मानें तो क्वॉड्रोबिक्स के जरिए लोग अपने अंदर के जानवर को बाहर निकाल रहे हैं जैसे कि चलना, दौड़ना और यहां तक कि चारों पैरों पर कूदना। लोगों ने इसको क्वार्डोबिक्स (quadrobics) का नाम दिया है। यह एक नई एक्सरसाइज है जिसको लोग इन दिनों काफी ट्राई कर रहे हैं। खुद को फिट रखने के लिए लोग इस ट्रैंड को फॉलो कर रहे हैं। क्वॉड्रोबिक्स करने वाले लोग भालू की तरह रेंगते हुए बिल्ली की तरह छलांग लगाते हुए अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। -

लॉन्ग टाइम Boyfriend संग Taylor Swift ने की सगाई, Social Media पर छाई तस्वीरें
नई दिल्ली: हॉलीवुड के मशहूर सिंगर टेलर स्विफ्ट के फैंस के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। सिंगर ने अपने लॉन्ग टाइम ब्वॉयफ्रैंड ट्रैविस केल्सी के साथ सगाई कर ली है। इस दौरान उन्होंने कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की है जिसमें दोनों काफी रोमांटिक होते हुए दिख रहे हैं। टेलर ने एक बड़ी सी डायमंड रिंग में फोटो भी फ्लॉन्ट की है। तस्वीरों में दोनों एक दूसरे को गले लगाते और किस करते हुए दिख रहे हैं। फोटोज को शेयर करते हुए ट्रेलर ने कैप्शन दिया कि – ‘आपकी इंग्लिश टीचर और जिम टीचर की शादी हो रही है’। कपल ने अपनी पोस्ट का कमेंट सेक्शन बंद कर दिया है। दोनों ही अपनी इस सेरेमनी को प्राइवेट ही रखना चाहते हैं। ट्रेलर और ट्रेविस की पहली मुलाकात 2023 में हुई थी। पहले दोनों में गहरी दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। ट्रैविस ट्रेलर का एक कॉन्सर्ट अटैंड करने के लिए एरोहेड स्टेडियम में पहुंचे थे। वहीं पर उन्होंने ट्रेलर को फ्रैंडशिप बैंड दिया जिस पर उनका लकी नंबर लिखा हुआ था। फैंस को यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वो ट्रेलर और ट्रैविस को दो साल डेट करने के बाद शादी की अनाउंसमेंट कर देंगे।
जिस दौरान ट्रैविस ने ट्रेलर को फ्रैंडशिप बैंड दिया था तो उसे लेने से ट्रेलर ने मना कर दिया। इसके कुछ दिन बाद ट्रेलर ट्रैविस का गेम देखने के लिए स्टेडियम देखने गई थी। जब गेम खत्म हुआ तो दोनों वहां से साथ में कहीं चले गए। इसी दौरान दोनों की लव स्टोरी शुरु हुई क्योंकि ट्रैविस को हमेशा उसके बाद ट्रेलर स्टेडियम में चियर करती हुई दिखी।View this post on Instagramआखिर कौन है ट्रेलर स्विफ्ट और ट्रैविस केल्सी?
ट्रेलर अमेरिकन सिंगर और सॉन्गराइट हैं। उनका जन्म 13 दिसंबर 1989 में हुआ। साल 2005 में उन्होंने Big Machine Records के साथ में एल्बम के लिए अपना पहला प्रोजेक्ट साइन किया है जो साल 2006 में रिलीज हुई थी। इसके बाद साल 2008 में फीयरलेस एल्बम रिलीज हुई। इनके कई गाने हैं जो यूट्यूब पर बिलियन्स में सुने जा चुके हैं। ब्लैंक स्पेस और शेक इट ऑफ इसमें से ही एक है। ट्रैविस केल्सी की बात करें तो वह पेशे से एक फुटबॉलर हैं। वह 87 नंबर की जर्सी पहनते हैं। वह Kansas City Chiefs की ओर से खेलते हैं और Tight end उनकी पोजीशन रहती है। उनका जन्म 5 अक्टूबर 1989 में वेस्टलेक ओहियो में हुआ था। -

SBI Credit कार्ड Holders को नहीं मिलेंगे अब ये फायदे, 1 तारीख से बदल जाएंगे Rules
नई दिल्ली: अगर आपके पास सिर्फ एसबीआई का क्रेडिट कार्ड है तो आप इस खबर को पढ़कर झटका खा सकते हैं। अगले महीने की पहली तारीख यानी की 1 सितंबर 2025 से एसबीआई कार्ड अपने नियमों में बदलाव करने वाला है। इसका सीधा असर कार्ड्स होल्डर पर होगा। एसबीआई कार्ड की ओर से खुद इस चीज से जुड़ा नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पहली तारीख से कुछ कार्ड्स पर रिवॉर्ड पॉइंट खत्म होंगे।क्रेडिट कार्ड के लिए बदल रहे हैं नियम
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से एसबीआई क्रेडिट कार्ड्स के नियमों में बदलाव हो रहा है। ये सितंबर महीने की पहली तारीख से लागू होगा। इसके अंतर्गत यदि लाइफ स्टाइल होम सेंटर एसबीआई कार्ड, लाइफस्टाइल होम सेंटर एसबीआई कार्ड सिलेक्ट और लाइफ स्टाइल होम सेंटर एसबीआई कार्ड प्राइम धारकों को मिलने वाले फायदों में कटौती का ऐलान किया है। इसके अलावा कुछ ट्रांजैक्शन पर मिलने वाले एसबीआई रिवॉर्ड्स पॉइंट्स भी खत्म हो रहे हैं।नहीं मिलेगा कोई रिवॉर्ड पॉइंट्
1 सितंबर से बदलने वाले नियमों की यदि बात करें तो एसबीआई कार्ड्स ने इन क्रेडिट कार्ड्स के जरिए ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर किए गए किसी भी लेनदेन पर अब कोई रिवॉर्ड पॉइंट भी नहीं मिलेगा। सिर्फ इतना ही नहीं यदि ग्राहक किसी भी तरह का सरकारी लेनदेन या सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए ट्रांजेक्शन करेंगे तो फिर ऐसे खर्च पर भी कोई रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेगा। इसके अलावा अपने नोटिस में बैंक की ओर से यह भी साफ कर दिया है कि ऐसे नियम मर्चेंट लेनदेन पर भी लागू होंगे। इसके साथ ही अगले महीने से 16 सितंबर से सभी सीपीपी एसबीआई कार्ड ग्राहक ऑटोमैटिक अपने संबंधित रिन्यूएबल डेट के आधार पर अपडेट किए गए प्लान वेरिएंट में ट्रांसफर होंगे। एसबीआई कार्ड्स की ओर से इशकी सूचना निर्धारित तारीख से 24 घंटे पहले एसएमएस/मेल के जरिए दे दी जाएगी। गौरतलब है कि एसबीआई लगातार क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए पहले से तय नियमों में बदलाव करता हुआ दिख रहा है। इससे पहले जुलाई और चालू अगस्त महीने में बड़े बदलाव हो चुके हैं। इसके अंतर्गत एसबीआई कार्ड ने अपने कई कार्ड्स पर मिलने वाली कंप्लीमेंट्री एयर एक्सीडेंट कवर भी बंद कर दिए थे। यह 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक था। ये बदलाव सभी SBI Elite, SBI Prime कार्ड यूजर्स के लिए हुए हैं। -

World Photography Day: शब्दों को बयान करती है तस्वीरें, जानें इस दिन का इतिहास
नई दिल्ली: हर साल 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ तस्वीरें लेने का ही नहीं होता बल्कि फोटोग्राफी के इतिहास, महत्व और कला को समझने का भी अवसर है। तस्वीरें हमारी यादों के साथ संजोती है और हर पल की कहानी बताती है। ऐसे में तस्वीर कैसे आपके बचपन की यादें, परिवार के खास पल या यात्रा की झलक एक ही फ्रेम में कैद कर सकती है। आज इस खास दिन पर आपको बताते हैं कि इसका इतिहास और महत्व क्या है।इतिहास
फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत 19वीं सदी में हुई थी। पहली स्थायी फोटो 1826 में फ्रांसीसी आविष्कारक जोसेफ नियसेफोर निप्से ने ली थी। इसके बाद धीरे-धीरे फोटोग्राफी कला और विज्ञान का अहम हिस्सा बन गई। अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत 19 अगस्त 1839 को हुई थी। फ्रांस सरकार ने लुई डैगुएर की खोज डैगुएरोटाइप को जनता के लिए पेश किया था। इसे आधुनिक फोटोग्राफी की शुरुआत माना जाता है।महत्व
तस्वीरें समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज और बदलाव को दिखाती है। इतिहासकार और शोधकर्ता इसको भविष्य के लिए दस्तावेज मानते हैं। फोटोग्राफी सिर्फ तकनीक ही नहीं कला भी है। यह आपकी सोच और नजरिया सामने लाती है। फोटोग्राफर कैमरे के जरिए दुनिया को नया रुप दिखा सकते हैं। फोटोग्राफी के जरिए आप जीवन के खास पलों को हमेशा के लिए बचा सकते हैं। जन्मदिन, शादी, यात्रा या उत्सव, हर तस्वीर हमारी यादों का हिस्सा बन जाती है। समाचार और सोशल मीडिया की तस्वीरें समाज में जागरुकता फैलाती है। प्राकृतिक आपदा, सामाजिक मुद्दे या पर्यावरण की स्थिति तस्वीरें हमें सोचने पर मजबूर करती है। कभी-कभी शब्द भी कम पड़ जाते हैं पर एक तस्वीर हजारों शब्दों के बराबर भाव दिखा देती है। फोटोग्राफी बिना बोले दिल की बात समझा लेती है।इस तरह मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस
. इस दिन फोटोग्राफी प्रतियोगिता और प्रदर्शनी होती है। . सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करना . फोटोग्राफी वर्कशॉप और सेमिनार . परिवार और दोस्तों के साथ फोटोग्राफी ट्रिप या शूटऐसे बदलती है यादें
हर तस्वीर की अलग-अलग कहानी होती है। पुरानी तस्वीरें, बचपन, परिवार और खास पलों की याद दिलाती है। डिजिटल युग में तस्वीरें सिर्फ व्यक्तिगत यादों तक ही सीमित नहीं होती। सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर होने से यादें और अनुभव दूसरों तक पहुंचते हैं। -

जादूगर का खेल देख खुश हुए Premanand Maharaj, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ Video
नई दिल्ली: वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद जी महाराज अपने अनमोल वचनों से लोगों का मार्गदर्शन करते हैं। कई लोग उनके वचनों को अपने जीवन की मुश्किलों को दूर करने के लिए अपनाते हैं। दूर-दूर से लोग उनका आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। हाल ही में विश्व विख्यात जादूगर शंकर सम्राट भी महाराज से मिले। इस दौरान जब शंकर सम्राट ने अपने हैरत अंगेज करतब दिखाया। उनके इस करतब के बाद प्रेमानंद महाराज भी हैरान हो गए। जादूगर शंकर सम्राट ने बताया कि वो 30 हजार शो कर चुके हैं। इसमें से 20 हजार शो चैरिटी के लिए किए हैं। फिर उन्होंने महाराज को अपना अनोखा जादुई खेल दिखाया इसको देखकर महाराज ठहाके लगाकर हंस पड़े हैं।जादूगर सम्राट ने एक टिश्यू पेपर लिया है और महाराज जी से कहा – ‘इसे एक मिनट देखे यह रंग बदल देगा टिश्यू को रगड़ते ही वह 500 रुपये के नोट में बदल गया था। यह देखकर महाराज जी हंसी से लोटपोट हो गए। इसके बाद उन्होंने वही नोट अपने जेब में रखकर रगड़ा तो अचानक ढेर सारे नोट बाहर निकल आए’।
इसके बाद शंकर सम्राट ने एक अंगूठी ली और उसमें से राख निकाली। यह देखकर दरबार में मौजूद सभी लोग दंग रह गए थे। अंत में उन्होंने एक खाली झोला लिया और उसमें से प्रेमानंद महाराज के लिए सुंदर माला निकाली। इन सभी करतबों को देखकर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि – यह तो चमत्कार है जादूगर शंकर सम्राट की कला वाकई में अद्भूत है।View this post on Instagram -

Janmashtami 2025: इस वजह से श्रीकृष्ण को जन्माष्टमी पर लगता है ‘छप्पन भोग’
धर्म: हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिवस भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान मंदिरों और घरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना होती है। जन्माष्टमी की पूजा का सबसे खास हिस्सा छप्पन भोग माना जाता है। यह न सिर्फ प्रसाद होता है बल्कि प्रेम और भक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। तो चलिए आज आपको बताते हैं कि श्रीकृष्ण को 56 भोग क्यों लगाया जाता है और इसके पीछे क्या पौराणिक कथा है।क्यों श्रीकृष्ण को लगता है छप्पन भोग?
‘छप्पन भोग’ का अर्थ होता है 56 तरह के सात्विक व्यंजन। इसमें कई तरह की मिठाई तरह-तरह की नमकीन, फल, अनाज और दूध से बनी हुई चीजें शामिल होती हैं। मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग बहुत ही प्रिय है। पौराणिक मान्यातओं के अनुसार, ब्रजवासी हर साल देवराज इंद्र को खुश करने के लिए एक आयोजन करते थे ताकि हर साल अच्छी बारिश हो सके। एक बार बाल्यावस्था में श्रीकृष्ण ने नंद बाबा से इसका कारण पूछा। नंद बाबा ने कहा कि पूजा इंद्रदेव के लिए की जाती है। उस समय श्रीकृष्ण ने प्रश्न किया कि बारिश के लिए सिर्फ इंद्र की ही पूजा क्यों की जाती है हमें तो गोवर्धन पर्वत की पूजा भी करनी चाहिए जो हमें अन्न, फल, सब्जियां और पशुओं को लिए चारा देती है। श्रीकृष्ण की यह सब बातें सुनकर इंद्र देव गुस्सा हो गए और ब्रज में भारी बारिश शुरु हो गई और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में लोगों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी वाली उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी को नीचे शरण दी। लोगों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी को उसके नीचे शरण दी। कहते हैं कि सात दिन तक पर्वत को उठाए रखने के कारण श्रीकृष्ण ने कुछ भी नहीं खाया था। बारिश रुकने के बाद ब्रजवासियों ने भगवान के आभार के स्वरुप सात दिन के व्रत की भरपाई के लिए 56 प्रकार के व्यंजन बनाकर अर्पित किए। तभी से यह परंपरा बन गई है कि जन्माष्टमी के कृष्ण को 56 भोग चढ़ाए जाते हैं।छप्पन भोग में शामिल होती है ये चीजें
छप्पन भोग में माखन, मिश्री, पेड़ा, लड्डू, रबड़ी, पूरी कचौड़ी, हलवा, खिचड़ी, मौसमी फल, दही-पकवान, ठंडे पेय और कई तरह की मिठाईयां, नमकीन और फल शामिल होते हैं। ये सभी व्यंजन सात्विक और भगवान को प्रिय होते हैं। -

अब बेगानी शादी में भी मिलेगी Entry, बस एक टिकट की पड़ेगी जरुरत
लाइफस्टाइल: शादी में जाना है पर अगर किसी ने आमंत्रित ही न किया हो तो क्या होगा। इस सिचुएशन में अगर आपको कोई शादी का टिकट बेच दे और आप अजनबी होते हुए भी उस शादी में शामिल हो पाए तो क्या करेंगे? अब कुछ ऐसा ही सोचकर कातिया लेकर्स्की ने इनविटिन नाम का एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है जहां अब कोई भी जोड़ा अपनी शादी की टिकट बेच सकता है जो लोग शादी में जाना चाहते हैं वो पैसे देकर शामिल हो सकते हैं। इसका अर्थ यहां यह है कि शादी अब सिर्फ परिवार और दोस्तों के लिए ही नहीं बल्कि अजनबी भी डांस कर सकते हैं, मस्ती कर सकते हैं और मजे में हिस्सा ले सकते हैं। सोशल मीडिया पर यह कल्चर काफी चर्चा में भी है।इनविटिन है प्लेटफॉर्म का नाम
कातिया लेकर्स्की ने इसी साल इनविटिन नाम का प्लेटफॉर्म शुरु किया है। एक दिन जब वह फ्रांस में शादी में गई तो उन्हें और उनके घर वाले लोगों को देखकर लगा कि ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनको शादी में आमंत्रित नहीं किया जाता। उनकी छोटी बेटी ने इस दौरान उनसे सवाल किया कि – हम क्यों नहीं किसी शादी में जा सकते? और उस दौरान कातिया के दिमाग में एक आइडिया आया उन्होंने सोचा क्यों न शादी के लिए टिकट बेचे जाए ताकि जोड़े कुछ पैसे जमा कर पाए और अजनबी लोग भी शादी में शामिल हो पाए।View this post on Instagramशादी का निकल जाएगा खर्च
अब इस प्लेटफॉर्म पर काफी जोड़े अपनी शादी का खर्चा निकालने के लिए टिकट बेच रहे हैं। कुछ लोग पैसे के लिए ऐसा ही करते हैं क्योंकि शादी करना महंगा होता है और कुछ लोग इसको मजे और अनुभव के लिए करते हैं। लोग शादी में शामिल होने के लिए सैंकड़ों यूरो देने के लिए तैयार है। लॉरेन जो अजनबियों की शादी में गई है उन्होंने कहा कि उनका परिवार छोटा है इसलिए उन्हें कम शादियों में जाने का मौका मिलता है। उन्हें अलग-अलग शादियों में जाकर सजावट संगीत और डांस देखना बहुत अच्छा लगता है।यूजर्स हुए परेशान
कुछ जोड़े अपनी शादी के अनुभव को और मजेदार बनाने के लिए अजनबियों को बुलाते हैं। इस पोस्ट के बाद अब सोशल मीडिया पर यूजर्स अलग-अलग तरह के रिएक्शन्स दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि – शादियों को तो पवित्र रहने दो। वहीं अन्य ने लिखा कि – पैसा एक दिन पूरी तरह से इंसानियत ही बर्बाद कर देगा। -

एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं Millennials और Gen Z Generation, जानें कैसे?
नई दिल्ली: Gen Z शब्द आपने कई बार सुना होगा लेकिन Millennial यह शायद कम सुना हो। यह दोनों ही अलग-अलग जनरेशन के लोगों के लिए इस्तेमाल होता है। जो लोग 1981 से साल 1996 में पैदा हुए हैं उनको जनरेशन Millennial कहते हैं। वहीं जो लोग 1997-2012 के बीच में पैदा हुए हैं। उनको जनरेशन Z कहते हैं। यहां पर सिर्फ नामों का ही फर्क नहीं होता बल्कि दोनों जनरेशन की सोच, समझ और हाव भाव में भी काफी फर्क है। आज आपको बताते हैं कि कैसे यह दोनों जनरेशन एक-दूसरे से अलग है।कौन होते हैं Millennial?
1981 से साल 1996 तक पैदा होने वाले लोग मिलेनियल्स ने पास से दुनिया को बदलते हुए देखा है। इस पीढ़ी ने बचपन में लैंडलाइन फोन इस्तेमाल किए और रेडियो-कैसेट टेप पर गाने भी सुने। वहीं आज की पीढ़ी लैंडलाइन की जगह स्मार्टफोन चला रही है। रेडियो और कैसेट की जगह होम थिएटर, स्पॉटिफाई का इस्तेमाल कर रही है। समय बदलने के साथ-साथ इस जनरेशन ने भी खुद को स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और डिजिटल टेक्नोलॉजी की तेज रफ्तार दुनिया में ढाल लिया है। दोनों ही जनरेशन में सोच का अनोखा मिश्रण है। ये नॉस्टैल्जिया में पुराने गानों की प्लेलिस्ट बनाते हैं लेकिन इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी और एआई जैसी नई चीजों को भी अपनाने से पीछे नहीं हटते हैं।कौन होते हैं Gen Z?
जनरेशन Z की बात करें तो जो लोग 1997 से 2012 के बीच में पैदा हुए हो। यह पीढ़ी पूरी तरह से इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में पली बढ़ी है। इसी वजह से यह तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए मिलेनियल्स से कही बेहतर हैं। बचपन से ही ऑनलाइन जानकारी, ऐप्स और टेक्नोलॉजी से जुड़े रहने के कारण यह तेजी से बदलती हुई दुनिया में खुद को आसानी से ढाल लेते हैं और हमेशा अपडेटेड ही रहते हैं। रिपोर्ट्स यह कहती हैं कि यह पीढ़ी अपने फैसले भी खुद लेना ही पसंद करती है। इसके अलावा दूसरे के साथ अपनी जरुरतें और इच्छा को भी महत्व देती है। करियर के मामले में भी यह लोग सोच-समझकर ही फैसले लेते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर की रेस से दूर अपने टैलेंट और पसंद का करियर ही यह लोग चुनते हैं। इस जनरेशन का मानना है कि लोगों से घुलने-मिलने या दोस्ती करने के लिए वाइब्स मैच होना बहुत जरुरी है। यदि वाइब्स मैच हो तो बात आसानी से जम जाती है और माहौल अच्छा लगता है। इससे रिश्तों में नैचुरल कंफर्ट भी आता है।ऑफिस वर्क को लेकर Gen Z की सोच
एक सर्वे के मुताबिक, 47% GEN Z दो साल के बाद अपनी नौकरी छोड़ देते हैं वहीं उतने ही लोग नौकरी के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस को प्राथमिकता देते हैं। Gen Z at Workplace टाइटल वाली इस रिपोर्ट में 5350 से ज्यादा जनरेशन जेड और 500 एचआर प्रोफेशनल्स युवाओं के सर्वे से तैयार हुई है। इनका मानना है कि ऑफिस में कूल माहौल होना चाहिए न कि टॉक्सिक। ये जनरेशन अपनी मेंटल हेल्थ को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी देती है। इनका मानना है कि ऑफिस ऐसा होना चाहिए जहां पर लोग अपनी वर्क लाइफस को अच्छे से बैलेंस कर पाएं। जनरेशन Z ऑफिस में फेवरेटिज़्म (पक्षपात) के खिलाफ होती है। इनका मानना है कि हर कर्मचारी को उसकी मेहनत, प्रदर्शन और उसके कौशल के आधार पर ही काम और मेहनत का फल मिलना चाहिए न कि रिलेशन्स या पसंद-नापसंद के अनुसार। यदि ऑफिस में प्रमोशन, अवसर या जिम्मेदारियां सिर्फ कुछ मनपसंदीदा लोगों को मिलती हैं तो Gen Z इसको न सिर्फ गलत मानते हैं बल्कि खुलकर सवाल भी उठाते हैं। जेन Z जनरेशन के 78% लोग अपने करियर ग्रोथ के लिए नौकरी बदलने में विश्वास रखते हैं। खासतौर पर एचआर प्रोफेशन्स के 71% युवा यही मानते हैं कि अच्छी सैलेरी होनी चाहिए। नई पीढ़ी में 25% लोग ऐसे होते हैं जो नौकरी बदलते समय मोटिवेशन से ज्यादा सैलरी को अहमियत देते हैं।खुलकर खर्च करना चाहती है ये जनरेशन
रिपोर्ट Gen Z के बारे में यह भी बताती है कि यह जनरेशन सेविंग करने से ज्यादा खर्च करने में विश्वास रखती है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि जनरेशन जेड आबादी के खर्च के रुझान से यह पता चलता है कि 2035 तक यह 2 लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच जाएगा। स्नैक इंक के अनुसार, 37.7 करोड़ से ज्यादा जनरेशन जेड आबादी के साथ भारत एक युवा राष्ट्र बन चुका है। ये आबादी खपत के जरिए अगले दो दशकों में भारत के विकास के भविष्य को एक नया आकार दे सकती है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि 2050 तक जनरेशन Z आबादी के सीधे तौर पर 250 अरब डॉलर खर्च कर लेगी और 2035 तक ये आंकड़ा 1.8 लाख रुपये डॉलर तक पहुंच जाएगा।दोनों जनरेशन की बॉडी लैंग्वेज में ही काफी फर्क
मिलेनियल्स और जेन Z की बॉडी लैंग्वेज में भी बहुत फर्क है। मिलेनियल्स में पुराने समय की विनम्रता और नए दौर की आत्मविश्वास भरी एनर्जी का मिक्सचर दिखता है। यह किसी से बात करते हुए सिर हिलाकर ध्यान से सुनते हैं और फिर अपनी बात रखते हैं। मिलेनियल्स कभी-कभी अपनी बात सामने वाले से इसलिए नहीं कहते कि उसको बुरा लग जाएगा और या फिर वो जज न करें। इनका यह भी मानना होता है कि यदि किसी को कुछ कह दिया तो आगे उनके लिए दिक्कत होगी परंतु जेन Z इनसे बिल्कुल ही अलग है। जेन Z जनरेशन अपने व्यूज लोगों के सामने रखने में विश्वास रखते हैं। यह बातचीत के दौरान जल्दी-जल्दी प्रतिक्रिया दे देते हैं। अपने चेहरे के एक्सप्रेशन भी बहुत बदलते हैं और हाथों का इस्तेमाल खुलकर करते हैं। इसके अलावा जेन Z मिलेनियल्स के मुकाबले मेें कैमरा के सामने ज्यादा कॉन्फिडेंट होते हैं। वीडियो कॉल, सेल्फी और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की आदत से इनकी बॉडी लैंग्वेज में कैमरा कॉन्फिडेंस साफ दिखता है। इसके अलावा कपड़ों के मामले भी यह हर ट्रेंड सेट करते हैं और उसको तुरंत अपना भी लेते हैं। -

कुछ मिनटों में ही साफ होगी जंग लगी लोहे की कड़ाही, अपनाएं ये तरीका
लाइफस्टाइलः लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल भारत में आम बात है। कई लोग इसमें बनी सब्जियां और पकवान बेहद स्वाद से खाते हैं। वहीं लोहे की कड़ाही में बना खाना सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है, लेकिन इस्तेमाल करने के बाद काली और जिद्दी जंग लगी कड़ाही को साफ करना मुश्किल होता है, जिससे बहुत ही ज्यादा मेहनत लगती है। लंबे समय तक गंदगी और जंग लगी रह जाए तो घंटों रगड़ने तक की जरूरत पड़ती है। अब इसको साफ करने का आसान तरीका का आ गया है जिससे एक मिनट में लोहे की कड़ाही साफ हो जाएगी।
इसके लिए सबसे जरूरी है एक टुकड़ा फिटकरी। यही वह जादूई चीज है जो आपकी कड़ाही को बिल्कुल नए जैसा बना देगी। इसी के साथ पानी, डिटर्जेंट पाउडर, एक स्टील स्क्रबर या जूना तथा डिशवॉश लिक्विड की भी जरूरत होगी। सबसे पहले आप कड़ाही को गैस पर रख दें और उसमें एक कप पानी डाल दें। जब तक पानी गर्म हो रहा है, आप फिटकरी के टुकड़े को अच्छी तरह से पीस लीजिए। इस तरह आपको एक चम्मच फिटकरी का पाउडर मिल जाएगा। जब कड़ाही में पानी गर्म हो जाए तो इस पाउडर को डाल दीजिए।
फिटकरी डालने के बाद आपको एक चम्मच डिटर्जेंट पाउडर भी डालना है और अब कुछ मिनट तक झाग बनने तक पकने दीजिए। फिटकरी और डिटर्जेंट का झाग बनने के दौरान आप चम्मच की मदद से घोल को किनारे पर भी लगाते जाएं ताकि कड़ाही का हर एक हिस्सा जल्दी साफ हो जाए।
अब गैस बंद करने के बाद कड़ाही को हल्का ठंडा कर लीजिए, फिटकरी और फिटर्जेंट के पानी को अलग बाउल में निकाल लें। एक स्क्रबर लेकर कड़ाही को थोड़ा घिस लीजिए, इस दौरान फिटकरी वाले पानी का इस्तेमाल करते जाएं। अच्छी तरह से क्लीन करने के बाद कड़ाही को सूखे कपड़े से पोंछ लें। आखिरी में जंग से बचाने के लिए सरसों का तेल लगा दें।
ये है इसके पीछे की साइंस
दरअसल आप फिटकरी को गर्म पानी में डालते हैं यह पानी में घुल जाती है और हल्का एसिडिक घोल बनाती है। ये घोल जंग और कालेपन पर काम करता है। फिटकरी का एसिडिक घोल लोहे पर लगी जंग की ऊपरी परत को ढीला कर देता है। इसके अलावा तेल, मसाले और खाने के बचे टुकड़े से जमी गंदगी और कालेपन को भी ढीला करता है। तभी, फिटकरी के मदद से कड़ाही फटाफट साफ हो जाती है। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए इंटरनेट से ली गई जानकारी के आधार पर हैं। इसकी सत्यता और सटीकता की जिम्मेदारी हमारा चेनल नहीं लेता है। -

Rakshabandhan पर भाइयों के लिए बनाएं Homemade साबूदाना बर्फी, ऐसे करें तैयार
लाइफस्टाइलः कल रक्षाबंधन का त्योहार देशभर में मनाया जाएगा। भाई-बहनों के लिए यह दिन खास होता है। इस दिन भाई-बहन एक-दूसरे को तोहफे देने के साथ ही तरह-तरह की मिठाइयां भी खिलाते हैं। ऐसे में बाजार की मिठाइयों में मिलावट का डर रहता है। ऐसे में बहनें अपने भाइयों के लिए होम-मेड मिठाइयां भी तैयर कर सकती है। अगर आप खुद अपने हाथों से अपने भाई के लिए मिठाई बनाएंगे तो उन्हें काफी अच्छा लगेगा। ऐसे में आप अपने भाई को खास और सेहतमंद साबूदाना बर्फी की मिठाई बनाकर सरप्राइज दें।
साबूदाना बर्फी बनाने के लिए क्या चाहिए
– कटोरी साबूदाना
– छोटी चम्मच पिसी चीनी
– बड़ी चम्मच दूध (नारियल/बादाम का दूध भी इस्तेमाल किया जा सकता है)
– 1 छोटा चम्मच घी
– 1 छोटा चम्मच सूखा नारियल
– ¼ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
– 1 बड़ा चम्मच कटे हुए काजू और बादाम
– सजावट के लिए कटे हुए पिस्तेऐसे तैयार करे साबूदाना बर्फी?
– बर्फी बनाने के लिए सबसे साबूदाना को एक सूखी कड़ाही में ड्राई रोस्ट कर लें। इसे धीमी आंच पर तब तक चलाते रहें जब तक कि साबूदाना हल्का सुनहरा और फूला हुआ न हो जाए। जब ये भुन जाए तो इसे ठंडा होने रख दें।– जब साबूदाना ठंडा हो जाए तो इसे मिक्सर या ग्राइंडर की मदद से बारीक पीस लें।
– अब एक बड़ा सा बाउल लें उसमें साबूदाना पाउडर को पिसी हुई चीनी, सूखे नारियल और इलायची पाउडर के साथ मिलाएं। इसमें धीरे-धीरे दूध डालें और सब कुछ मिलाकर एक आटे जैसा गाढ़ा और स्मूद पेस्ट बनाएं।
– साबूदाना बर्फी का पेस्ट तैयार है. एक प्लेट में घी लगाकर इस मिक्स को उस पर इवनली फैलाएं। इसे एक स्पैचुला या चम्मच से धीरे से फ्लैट करें।
– इसे लगभग 10-15 मिनट के लिए जमने के लिए छोड़ दें। फिर एक चाकू की मदद से चौकोर या डायमंड शेप के टुकड़ों में काट लें। इसके ऊपर कटे हुए पिस्ते और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें।