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  • गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार से प्रभावित दुकानदारों के लिए CM Sukhu ने राहत पैकेज किया घोषित

    गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार से प्रभावित दुकानदारों के लिए CM Sukhu ने राहत पैकेज किया घोषित

    शिमला: प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांगड़ा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जहां गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि मालिकों की भूमि अधिग्रहण करने के लिए उन्हें समुचित धनराशि प्रदान कर रही है, वहीं प्रदेश सरकार ने मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए 113 ऐसे परिवारों को 16.76 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया है, जिन्होंने गग्गल हवाई अड्डे के आसपास सरकारी भूमि पर दुकानें एवं अन्य कारोबार आरम्भ किए थे।

    उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा ही गरीब तथा कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि देश में यह पहला ऐसा मामला है जहां सरकारी भूमि पर कारोबार करने वालों को सरकार भूमि अधिग्रहण करने के लिए सहायता राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का उद्देश्य गरीब तथा जरूरतमंद वर्गों के लोगों की मदद करना है तथा सरकार के इस निर्णय से उन्हें अपनी आजीविका अर्जन में सहायता मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री से कांगड़ा जिला के दौरे के दौरान अनेक प्रतिनिधिमंडल भी मिले तथा इन दुकानदारों को सहायता राशि प्रदान करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को सहायता राशि प्रदान कर मुख्यमंत्री ने गरीब लोगों के प्रति अपने संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाया है। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ बनाया है तथा इस जिले में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अनेक बड़ी पर्यटन परियोजनाएं स्वीकृति की हैं। उन्होंने कहा कि गग्गल में बड़ा हवाई अड्डा बनने से कांगड़ा जिला में हाई एंड टूरिस्ट की आमद बढ़ेगी तथा क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे उनकी आर्थिकी में आशातीत बदलाव आयेगा।

     

  • मुख्यमंत्री ने रोहतक में हुए हादसे पर जताया दुःख

    मुख्यमंत्री ने रोहतक में हुए हादसे पर जताया दुःख

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रोहतक में हुए हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और इस हादसे में प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतक में हुए हादसे में जिन परिवारों ने किसी अपने को खोया है ऐसे परिवारों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि और इस हादसे में जो घायल हैं उन्हें 2 लाख रूपए की सहायता सरकार की तरफ से दी जाएगी।

    इसके अलावा हादसे में घायल लोगों का सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए की इस हादसे की पूर्ण जांच जिला उपायुक्त करेंगे और जो भी जान माल का नुकसान हुआ है, आकलन कर उसकी भरपाई के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

  • Himachal News: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रेडक्रॉस सोसायटी के शिविर में की शिरकत

    Himachal News: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रेडक्रॉस सोसायटी के शिविर में की शिरकत

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने यहां हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर एवं निःशुल्क दंत स्वास्थ्य जांच शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। राज्यपाल ने राज्य रेडक्रॉस सोसायटी तथा समाज के प्रति रक्तदाताओं के अमूल्य प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा पीड़ितों एवं जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ करुणा और सामुदायिक कल्याण की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।

    रक्तदान एक महान कार्य है, जिसमें जीवन बचाने और जरूरतमंद लोगों को नई आशा देने की क्षमता होती है। उन्होंने युवाओं से ऐसे मानवीय एवं जनहितकारी कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मोबाइल डेंटल क्लिनिक वैन का निरीक्षण किया और विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण दंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

    राज्यपाल ने रक्तदाताओं को प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी को निरंतर सहयोग देने तथा वर्षों से नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए राजकुमार को सम्मानित किया।इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्य डॉ. साधना ठाकुर, डॉ. किमी सूद, जन स्वास्थ्य दंत चिकित्सा विभाग आईजीएमसी के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भारद्वाज, रक्तदाता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

     

  • प्रदेश सरकार व्यवसाय में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

    प्रदेश सरकार व्यवसाय में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभाग को प्रमाण-पत्र एवं लाइसेंस आदि सेवाओं की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन एवं डिजिटाइज करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के अंतर्गत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    इसी वित्तीय वर्ष में 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।

    राज्य में व्यापार एवं उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा व्यवसाय करने में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 तथा उससे संबंधित नियमों में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत अधिनियम को पूरे प्रदेश में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा तथा दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को चौबीस घंटे संचालन की अनुमति प्रदान की गई है।

    इस निर्णय से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, उद्यमियों को अधिक सुविधाएं प्राप्त होगी तथा उपभोक्ताओं को सुविधा अनुसार खरीदारी करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवसाय करने में सुगमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अनुपालन प्रणाली को सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनके कल्याण को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, श्रम आयुक्त वीरेंद्र शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

     

  • राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल से भेंट की

    राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल से भेंट की

    शिमला: राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने आज लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने वासुदेव देवनानी को हिमाचली शॉल एवं टोपी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी उपस्थित थे।

     

  • प्राधिकरण की बैठक में 5877 करोड़ निवेश के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंज़ूरी

    प्राधिकरण की बैठक में 5877 करोड़ निवेश के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंज़ूरी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां आयोजित राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 32वीं बैठक में 5877.01 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को मंज़ूरी प्रदान की गई। इससे राज्य में 13,355 रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

    यह बैठक राज्य सरकार की उन लगातार प्रयासों का हिस्सा थी जिनका उद्देश्य आसान मंजूरी प्रक्रियाओं और निवेशकों को सुविधाएं देकर प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना, बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है।

    बैठक में दी गईं स्वीकृतियां एक प्रगतिशील और समावेशी औद्योगिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य सरकार की मज़बूत प्रतिबद्धता को उजागर करती हैं। राज्य सरकार आसान डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम अपनाकर व्यापार में सुगमता को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रस्तावों का अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाव हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक आधार में बढ़ती विविधता को दर्शाता है। इसमें फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक और पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, कास्मेटिक्स, स्टील आदि क्षेत्रों के प्रस्ताव शामिल हैं।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ऐसे श्रम-प्रधान उद्योगों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया जो हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोज़गार के अवसर पैदा कर सकें। साथ ही, उन्होंने एक ऐसा प्रगतिशील औद्योगिक वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता जताई जो आर्थिक विकास और पर्यावरण की स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखे। उन्होंने विभाग को अगले दो महीनों के भीतर नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति को अधिसूचित करने का निर्देश दिया, ताकि हिमाचल दूसरे पड़ोसी राज्यों के साथ मुकाबला कर सके।

    बैठक के दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य के निवेशक-अनुकूल वातावरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कई क्षेत्रों, विशेषकर रक्षा और फार्मा में तेज़ी से एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। सक्रिय नीतियों, मज़बूत बुनियादी ढांचे और कुशल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस के ज़रिए हम निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान बना रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57 प्रतिशत है, जो 32 सेे 35 प्रतिशत की राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। बैठक में मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, वित्त सचिव डा. अभिषेक जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, श्रम एवं रोजगार सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन सचिव सुशील कुमार सिंगला, उद्योग निदेशक यूनुस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

  • मुख्य सचिव ने आगामी मानसून की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की

    मुख्य सचिव ने आगामी मानसून की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की

    शिमला: मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने आज यहां जिला प्रशासन और विभिन्न संबंधित विभागों के साथ आगामी मानसून सीजन की तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने मानसून में भारी बारिश के कारण आपदाओं और उनसे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य की तैयारियों को और मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समय रहते चेतावनी प्रणाली, बाढ़ नियंत्रण तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया है।

    उन्होंने अधिकारियों को दूर-दराज और अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री और आपातकालीन ईंधन का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, बांध प्राधिकरणों को चेतावनी संबंधी सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने तथा अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से पहले स्थानीय लोगों को पूर्व सूचना देना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग लगातार बदलते मौसम की स्थिति पर नजर रख रहा है और राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है। बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मानसून पूर्वानुमान, पिछले मौसम के रुझानों तथा चेतावनी प्रणालियों पर प्रस्तुति दी। इसके अलावा केंद्रीय जल आयोग ने बाढ़ पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से संबंधित जानकारी साझा की।

    राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के प्रतिनिधियों ने मानसून के दौरान अपनी तैयारियों और उपलब्ध उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, होम गार्ड्स, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन सेवाओं सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी तैयारियों के बारे में अवगत करवाया।

    इससे पूर्व, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने राज्य में मानसून तैयारियों के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। विभिन्न विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा स्वास्थ्य, पुलिस, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी), कृषि, बागवानी, वन, पशुपालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले ऑस्ट्रेलिया के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले ऑस्ट्रेलिया के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क

    चंडीगढ़: ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से संत कबीर कुटीर में शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों ने क्रिकेट एवं खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा मुख्यमंत्री और माइकल क्लार्क ने क्रिकेट भी खेला।

    मुलाकात के दौरान माइकल क्लार्क ने मुख्यमंत्री के खेल प्रेम और क्रिकेट के प्रति उनके उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक गेंद फेंकी और मुख्यमंत्री ने उस पर शानदार छक्का जड़ दिया।

    माइकल क्लार्क ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं तथा दोनों देशों के बीच खेलों के माध्यम से सहयोग और अधिक मजबूत हो सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल प्रतिभाओं की भूमि है और यहां अनेक विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार हुए हैं। उन्हें विश्वास है कि राज्य में क्रिकेट की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और भविष्य में यहां से और भी उत्कृष्ट क्रिकेटर सामने आएंगे।

    उन्होंने कहा कि वह हरियाणा में अधिक समय बिताने के इच्छुक हैं ताकि राज्य के युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव का लाभ दे सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्रिकेट अकादमी स्थापित करने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। माइकल क्लार्क ने कहा कि वह युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को भारत लाने के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों को भी ऑस्ट्रेलिया ले जाने की दिशा में कार्य करना चाहते हैं, ताकि दोनों देशों के युवा क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और अनुभव प्राप्त करने के अधिक अवसर मिल सकें।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने माइकल क्लार्क का हरियाणा में स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगा।

    इस अवसर मुख्यमंत्री के पॉलीटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने नार्वे की कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया

    मुख्यमंत्री ने नार्वे की कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश और नॉर्वे प्राकृतिक संरक्षण के साथ सतत विकास के साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रहे हैं। दोनों के मध्य सहयोग से ऐसे नवाचारपूर्ण समाधान विकसित होंगे, जो न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि विश्व के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे।

    मुख्यमंत्री ने आज यहां भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर के साथ इस संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकॉनोमी) एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति, सतत पर्यटन, कचरा-मुक्त पर्यटन स्थलों के विकास, जलवायु-अनुकूल शहरी विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, डिजिटल गवर्नंेस तथा स्मार्ट सिटी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश निर्माण एवं विध्वंस मलबे के प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण के क्षेत्र में नॉर्वे की विशेषज्ञता, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और उन्नत प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाएगा। प्रदेश सरकार सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में नॉर्वे के साथ सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

    उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए विशेष रूप से पर्यटन, हरित ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नॉर्वे के संस्थानों, विशेषज्ञों और तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर ऐसे नवाचारपूर्ण एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करना चाहती है, जिन्हें अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।

    सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश ने हरित आवरण को 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रसायनमुक्त प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और मजबूत कृषि तंत्र को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मक्की, गेहूं, दूध और कच्ची हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।

    शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव देवेश कुमार, निदेशक शहरी विकास नीरज चड्ढा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

    भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आज शिमला में आयोजित ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमारी पहचान तथा राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। वर्तमान समय में युवाओं को अपनी संस्कृति, परम्पराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बन सकें।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस प्रेरणादायी आयोजन के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार को बधाई दी तथा परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की ज्ञान परम्परा, अध्यात्म, विज्ञान, दर्शन और मानव कल्याण की संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। हमारे वेद, उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण तथा अन्य महान ग्रन्थ जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। भारतीय संस्कृति का मूल संदेश ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है, जो सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की प्रेरणा देता है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा को भी समान महत्त्व दिया जाना चाहिए। ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब वह व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील मानव और राष्ट्र के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बनने की प्रेरणा दे। राज्यपाल ने कहा कि युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रारम्भ किया गया ‘विचार क्रांति अभियान’ आज भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बना हुआ है। व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण का उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

    उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे बड़ी शक्ति हैं। आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में तकनीकी दक्षता जितनी आवश्यक है, उतने ही आवश्यक चरित्र, अनुशासन, संवेदनशीलता और संस्कार भी हैं। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नैतिकता, राष्ट्र भक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

    राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश के अनेक विद्यालयों के हजारों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया, जो इस बात का प्रमाण है कि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और विरासत को जानने एवं समझने के प्रति उत्सुक है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना की, जो बच्चों में संस्कारों और नैतिक मूल्यों का बीजारोपण कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह लक्ष्य तभी प्राप्त होगा, जब देश की युवा शक्ति ज्ञान, कौशल, संस्कार और राष्ट्रभक्ति से समृद्ध होगी। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने जीवन में सत्य, सेवा, अनुशासन और सदाचार के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी संस्कृति पर गर्व करें, राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनें। यही हमारे महान राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होगी।

    इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, गायत्री परिवार के राज्य संयोजक वी.के. भटनागर, उप संयोजक गिरिजानंद, गायत्री परिवार के सदस्य तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।