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  • नॉर्वे की राजदूत ने राज्यपाल से की भेंट

    नॉर्वे की राजदूत ने राज्यपाल से की भेंट

    शिमला: भारत, श्रीलंका, भूटान एवं मालदीव में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने आज लोक भवन शिमला में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राजदूत ने राज्यपाल को नॉर्वे के मनमोहक प्राकृतिक-दृश्यों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित एक पुस्तक भेंट की।

    राज्यपाल ने राजदूत का स्वागत करते हुए उन्हें पारंपरिक हिमाचली शॉल एवं टोपी भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने संजौली में बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री ने संजौली में बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम का किया उद्घाटन

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला के संजौली में बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम का उद्घाटन किया। 3.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस स्टेडियम में खेल प्रतियोगिताओं के लिए खुला मैदान, ओपन हॉल, रसोईघर एवं हॉल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव शिमला के तहत आयोजित हिमाचल प्रदेश की पहली ‘चिट्टा जागरूकता वॉलीबॉल प्रतियोगिता’ का भी शुभारंभ किया। उन्होंने प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया तथा विजेता टीम को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने राज्यभर से आई 13 टीमों द्वारा प्रस्तुत मार्चपास्ट की सलामी ली और सभी प्रतिभागियों को नशा निवारण की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने संजौली मैदान के विकास एवं सुधार के लिए एक करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने तथा संजौली होली मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने की घोषणा की।

    सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में ‘खेलो इंडिया’ प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए प्रयासरत है और इस संबंध में संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ा दी है तथा शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला के निकट घटासनी में 10 करोड़ रुपये की लागत से एक स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है।

    अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भी छात्र जीवन में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और वह खिलाड़ियों की समस्याओं और चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए डाइट मनी बढ़ाई गई है। राज्य के भीतर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को प्रतिदिन 400 रुपये तथा राज्य से बाहर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों को प्रतिदिन 500 रुपये डाइट मनी दी जा रही है। इसके अलावा 200 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए हवाई यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

    विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि संजौली मैदान क्षेत्र के सबसे पुराने मैदानों में से एक है और एक बेहतर खेल मैदान विकसित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें नशे से दूर रखना मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शिमला में अन्य खेल मैदानों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक शिवम प्रताप सिंह तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

     

  • मुख्यमंत्री ने 246 करोड़ रुपये की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी

    मुख्यमंत्री ने 246 करोड़ रुपये की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला में 246 करोड़ रुपये लागत की भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के उपयोगिता अवसंरचना तंत्र का आधुनिकीकरण, शहरी सौंदर्यीकरण तथा आम नागरिकों की सुविधा में सुधार करना है।

    इस परियोजना के अंतर्गत छोटा शिमला-विलीपार्क-चौड़ा मैदान, लोक भवन-ओक ओवर तथा शेर-ए-पंजाब-सीटीओ चौक वाया लोअर बाजार क्षेत्रों में एकीकृत भूमिगत यूटिलिटी डक्ट नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद विभिन्न उपयोगिता सेवाओं की व्यवस्थित स्थापना और रखरखाव संभव हो सकेगा, सड़कों की बार-बार खुदाई की आवश्यकता कम होगी तथा प्रदेश की राजधानी के स्वरूप में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, सतत् एवं नागरिक-केंद्रित शहरी अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भूमिगत यूटिलिटी डक्ट के निर्माण से सेवाओं की आपूर्ति बेहतर होगी, रखरखाव कार्यों के कारण होने वाली बाधाएं कम होंगी और शिमला अधिक व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित होगा।

    सुक्खू ने इस पहल को शिमला के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील पत्थर बताते हुए कहा कि शिमला में ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर की आधारभूत संरचना को सदृढ़ करेगी बल्कि शिमला की विरासत एवं प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क से आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव में सुविधा होगी तथा विशेष रूप से भारी हिमपात और प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली एवं दूरसंचार सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

    इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

  • ढली – रामपुर फोर-लेन सड़क का सर्वेक्षण पूराः CM Sukhu

    ढली – रामपुर फोर-लेन सड़क का सर्वेक्षण पूराः CM Sukhu

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के हाटू माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध ‘देव संस्कृति’ के लिए विश्व विख्यात है। यहां के लोगों की अपने देवी-देवताओं में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक प्राचीन मंदिर स्थापित है और राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    पर्यटन और बेहतर संपर्क सुविधा को प्रमुखता प्रदान करते हुए ढली – नारकंडा – रामपुर सड़क को फोर-लेन राजमार्ग में विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना में सुरंग के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि भूस्खलन से होने वाली क्षति को कम किया जा सके और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाटू माता रोपवे परियोजना के निर्माण की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही है और इस परियोजना को नाबार्ड के अंतर्गत प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने में तीन से चार वर्ष का समय लग सकता है, लेकिन सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाटू माता सड़क के सुधार कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है और इस कार्य में पेड़ों को कटान से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होगीं।

    मुख्यमंत्री ने निर्विरोध निर्वाचित नारकंडा नगर पंचायत के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की। नारकंडा में नवनिर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारकंडा में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर विधायक कुलदीप राठौर, देहरा से विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • नाबार्ड के तहत हाटू माता रोपवे परियोजना का किया जाएगा विकास, निर्विरोध निर्वाचित नारकंडा नगर

    नाबार्ड के तहत हाटू माता रोपवे परियोजना का किया जाएगा विकास, निर्विरोध निर्वाचित नारकंडा नगर

    शिमला: इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध ‘देव संस्कृति’ के लिए विश्व विख्यात है। यहां के लोगों की अपने देवी-देवताओं में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक प्राचीन मंदिर स्थापित है और राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    पर्यटन और बेहतर संपर्क सुविधा को प्रमुखता प्रदान करते हुए ढली – नारकंडा – रामपुर सड़क को फोर-लेन राजमार्ग में विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना में सुरंग के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि भूस्खलन से होने वाली क्षति को कम किया जा सके और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाटू माता रोपवे परियोजना के निर्माण की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही है और इस परियोजना को नाबार्ड के अंतर्गत प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने में तीन से चार वर्ष का समय लग सकता है, लेकिन सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाटू माता सड़क के सुधार कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है और इस कार्य में पेड़ों को कटान से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होगीं।

    मुख्यमंत्री ने निर्विरोध निर्वाचित नारकंडा नगर पंचायत के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की। नारकंडा में नवनिर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारकंडा में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर विधायक कुलदीप राठौर, देहरा से विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय

    हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग कारणों से पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी। एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में सबसे वाजिब अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी।

    मंत्रिमंडल ने सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 ( पॉलिसी फॉर रेगुलराईजेशन ऑफ सर्टेन एनक्रोचमेंट ऑन गर्वंमेंट लैंड-2026) को मंजूरी दी। यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे में हैं। यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है तथा इसे मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।

    मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की।

    बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर तथा 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं।

    राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के छः नामित प्रोफेसरों को पात्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम होने के कारण एकमुश्त विशेष छूट देने का निर्णय लिया।

    कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरा में 3 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा। 31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई। जॉब ट्रेनीज़ को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया। हमीरपुर जिले के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने की मंजूरी दी गई।

    मण्डलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद सृजित करने का निर्णय भी लिया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा। कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप-मंडलों के पुनर्गठन के माध्यम से चढ़ि़यार में लोक निर्माण विभाग का नया उप-मंडल स्थापित किया जाएगा।

    मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पद भरने का निर्णय लिया। पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोडों के विज्ञापन वापस लेने तथा संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण आरम्भ करने की मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी।

    मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी ताकि चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जा सके। शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।

    बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी। मंत्रिमंडल ने घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी। इससे ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी और अनावश्यक दंड से बचाव होगा।

    मंत्रिमंडल ने ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे। इससे पशुपालकों को रियल-टाइम परमिट उपलब्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैठक में हिम केयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया। संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब 5 लाख रुपये के स्थान पर 7 लाख रुपये तथा 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।

    मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप के उभरते केंद्रों के रूप मे विकसित करना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    बैठक में कांगड़ा जिला के पटोला में 132/33 केवी सब-स्टेशन तथा कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब-स्टेशन के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पावर ट्रासमिशन कॉर्पाेरेशन लिमिटिड के पक्ष में 40 वर्षों की पट्टा (लीज) प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने तथा इसके लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति दी।

    बैठक में नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा सोलन जिला के मानपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के मझेली में प्राथमिक स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने तथा इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों का सृजन कर भरने को स्वीकृति दी।

    बैठक में सोलन जिला के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्रदान करने तथा चंबा जिला के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेले तथा कांगड़ा जिला के इंदौरा स्थित शिवरात्री मेले काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के मेले नेरटी रैत, सोलन जिला के अर्की तहसील के बाड़ीधार मेले सरयांज, चंबा जिला के छिंज मेले गरनोटा तथा मंडी जिला के करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को मंजूरी दी।

    बैठक में शिमला जिले के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय, जुब्बल में स्तरोन्नत करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सहारा योजना का सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी। शिक्षा सचिव ने मंत्रिमंडल केे समक्ष सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित एक प्रस्तुति भी दी।

     

  • अभिनेता रोहिताश्व गौड़ ने राज्यपाल से की भेंट

    अभिनेता रोहिताश्व गौड़ ने राज्यपाल से की भेंट

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से आज लोक भवन में अखिल भारतीय कलाकार संघ के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध अभिनेता रोहिताश्व गौड़ तथा संघ की उपाध्यक्ष रेखा गौड़ ने शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर रोहिताश्व गौड़ ने राज्यपाल को अखिल भारतीय कलाकार संघ की गतिविधियों की जानकारी दी तथा बताया कि 71वीं वार्षिक अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ आज से शिमला में हो गया है, जो 10 जून तक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन में देशभर से हजारों कलाकार भाग लेंगे। प्रतियोगिता के दौरान कुल 27 नाट्य दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जबकि लगभग 260 नृत्य प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी, जो भारत की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेंगी।

    राज्यपाल ने अखिल भारतीय कलाकार संघ द्वारा नाटक, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति राष्ट्र की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित रखने, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने तथा युवा पीढ़ी में रचनात्मकता को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता जैसे मंच उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं, साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदर्शन कलाओं के प्रचार-प्रसार तथा देश की सांस्कृतिक धरोहर को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

     

  • कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार द्वारा शिमला से 06 जून, 2026 को जारी प्रेस वक्तव्य

    कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार द्वारा शिमला से 06 जून, 2026 को जारी प्रेस वक्तव्य

    शिमला: पूर्व विधायक नीरज भारती द्वारा पार्टी की कार्यप्रणाली पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विचारों की अभिव्यक्ति की आजादी देती है लेकिन पार्टी के संबंध में नीरज भारती द्वारा की गई टिप्पणी का वह खंडन करते हैं।

    प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि पार्टी और सरकार अनुशासन से चलती है। यदि नीरज भारती को पार्टी की कार्यप्रणाली से संबंधित कोई नाराजगी थी तो वे इसे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के समक्ष रख सकते थे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं जन प्रतिनिधि रहे हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ कार्य किया है। उन्हें उपाध्यक्ष के पद पर आसीन रहते हुए जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता थी। इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने से पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है और उनका राजनैतिक कद कम हुआ है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह की बातें रखना पूर्णत अनुचित है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने विचारों और मूल्यों के लिए जानी जाती है और वर्तमान प्रदेश सरकार की कथनी और करनी में समरूपता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार किसानों को मजबूत कर रही है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं जिनका लाभ सीधा किसानों को मिल रहा है। राज्य सरकार ने किसान आयोग बनाने का भी निर्णय लिया है जिससे किसान लाभान्वित होंगे। प्रदेश सरकार ओपीएस बहाली, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना, राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना जैसी अनेक जनहितैषी योजनाओं से समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम शुरू किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके अलावा 156 सीबीएसई स्कूल भी खोले गए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के साथ-साथ पैट स्कैन, थ्री टेस्ला एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, ताकि प्रदेश में ही मरीज़ों को सस्ता और सुलभ इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ‘अपना परिवार-सुखी परिवार’ योजना के तहत अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रति माह देने का निर्णय लिया है। इस योजना से एक लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश सरकार ने राज्य मेें परिवर्तनकारी पहल की हैं। इनके सकारात्मक परिणाम धरातल पर नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार की नीतियों पर विश्वास व्यक्त कर रही है।

  • मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पत्रकार डॉ. चंद्र त्रिखा की पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पत्रकार डॉ. चंद्र त्रिखा की पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वरिष्ठ पत्रकार एवं युगमार्ग के संस्थापक संपादक डॉ. चंद्र त्रिखा की पत्नी सुशीला त्रिखा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशीला त्रिखा संवेदनशील और दयालु व्यक्त्वि की धनी थीं। उन्होंने शोक-संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

     

  • राज्यपाल ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर आयोजित वार्षिक व्याख्यान में हुए शामिल

    राज्यपाल ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर आयोजित वार्षिक व्याख्यान में हुए शामिल

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने गत सांय पंचानद शोध संस्थान अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषयक वार्षिक व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब गांव, किसान, युवा और महिलाएं देश के विकास की यात्रा में सशक्त भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधुनिक कृषि, कौशल विकास और उद्यमिता आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं।

    उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2047 में भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब लक्ष्य केवल आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनना ही नहीं, बल्कि ऐसा विकसित देश बनना होगा जो समावेशी, आत्मनिर्भर, नवाचार-प्रेरित और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 का दृष्टिकोण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक राष्ट्रीय मिशन है।

     

    राज्यपाल ने वर्ष 1983 में स्थापित पंचानद शोध संस्थान द्वारा समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर शोध, बौद्धिक विमर्श और जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे सार्थक कार्यों की सराहना की।गुप्ता ने भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने डिजिटल तकनीक, नवाचार, स्टार्ट-अप, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और वित्तीय समावेशन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय संतुलन और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्त्व दिया जाना चाहिए। भारत के डिजिटल परिवर्तन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का डिजिटल मॉडल आज विश्व के लिए एक उदाहरण बन गया है।

    राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश प्रतिभा और संभावनाओं से भरपूर राज्य है। उन्होंने युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी की आकांक्षा न रखें, बल्कि रोजगार सृजक बनें।

    राज्यपाल ने कहा कि भारत का विकास केवल नीतियों से नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, ज्ञान, चरित्र और देशभक्ति से संभव है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने राधिका धीमान की पुस्तक ‘पुराण पुरुषः सिक्ख के सूत्र’ और अमरदीप सिंह की पुस्तक ‘मन बुद्धि का विकासः सिक्खी के सूत्र’ का विमोचन भी किया। इससे पूर्व, पंचानद शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने राज्यपाल को सम्मानित किया तथा ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं साई इटरनल फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य राज कुमार वर्मा तथा पंचानद शोध संस्थान के राष्ट्रीय सह-निदेशक प्रो. मनु सूद ने राज्यपाल का स्वागत किया और विकसित भारत की परिकल्पना पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अनेक शिक्षाविद्, शोधकर्ता, सामाजिक चिंतक तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।