Category: Government News>Himachal Govt

  • 21 व 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में होंगी एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं: मुख्यमंत्री सुक्खू

    21 व 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में होंगी एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं: मुख्यमंत्री सुक्खू

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गत सायं यहां आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 21 व 22 जनवरी, 2026 को एंटी चिट्टा ग्राम सभा आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन ग्राम सभाओं में चिट्टा से सम्बन्धित विभिन्न सूचनाओं की समीक्षा, चिट्टा की लत में फंसे स्थानीय युवाओं के पुनर्वास सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा और कार्यवाही की जाएगी। इन एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं में अन्य विभागों के अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाएंगे। ग्राम सभा में चिट्टा से सम्बन्धित पंचायत की सम्पूर्ण मैपिंग की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा के दुष्प्रभावों से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश व्यापी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैें। इसी कड़ी में प्रदेश भर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवयेरनेस स्पोर्टस टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। इन टूर्नामेंट में कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबाल की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। ये टूर्नामेंट ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री द्वारा ईनाम राशि भी प्रदान की जाएगी।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिट्टा तस्करी और सप्लाई की चेन को तोड़ने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है। चिट्टा तस्करों की सम्पत्तियों की पहचान कर ली गई है। इन सम्पत्तियों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को चिट्टे के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में एक अध्याय शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों में ग्राम पंचायत प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्यों में भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिट्टा के खिलाफ अभियान में एफपीओ और महिला मंडलों को शामिल करने के निर्देश भी दिए।

    बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु, महाधिवक्ता अनूप रतन, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं की समीक्षा की

    मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं की समीक्षा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों और उपक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने गर्मियों के मौसम में बांधों और जलाशयों से पानी के वाष्पीकरण का वैज्ञानिक और विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई शहरों में बढ़ते धुंध स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि यह जानना जरूरी है कि जलाशयों से वाष्पीकरण का बादल फटने की घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं।

    मुख्यमंत्री ने ग्लेशियरों के पिघलने की दर और इसके बाढ़ प्रबंधन व पर्यावरण पर प्रभाव का भी अध्ययन करने को कहा। उन्होंने बताया कि ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना पारिस्थितिक तंत्र और प्राकृतिक संतुलन के लिए गंभीर खतरा है। बैठक में उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर और फीडर बिलिंग मैपिंग पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 13 जल विद्युत परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 1229 मेगावाट की वृद्धि हुई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • चिट्टा मामले में सख्त कार्रवाई, हिमाचल सरकार ने हटाए 11 पुलिसकर्मी

    चिट्टा मामले में सख्त कार्रवाई, हिमाचल सरकार ने हटाए 11 पुलिसकर्मी

    शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टा तस्करी में शामिल 11 पुलिस कर्मियों को आज सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाए जाने और राज्य सरकार की चिट्टा और नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के तहत की गई है। कार्रवाई अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई और यह स्पष्ट संदेश है कि पुलिस बल में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी चिट्टा और अन्य ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिट्टा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर हो, को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने विभाग की कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

    मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी और गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने चिट्टे से संबंधित सूचना देने वाले नागरिकों के लिए ईनाम राशि की भी घोषणा की। इसके तहत 2 ग्राम तक की सूचना पर ₹10,000, 1 किलो तक ₹5 लाख और 1 किलो से अधिक पर ₹10 लाख तक का पुरस्कार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से 112 आपातकालीन नंबर पर किसी भी जानकारी साझा करने की अपील की।

  • लोहड़ी और मकर संक्रांति के मौके पर हिमाचल के राज्यपाल-मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    लोहड़ी और मकर संक्रांति के मौके पर हिमाचल के राज्यपाल-मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को लोहड़ी व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह त्योहार लोगों के जीवन में खुशहाली व समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोहड़ी का यह त्योहार सभी बुराइयों को समाप्त कर प्रदेशवासियों के जीवन में प्रसन्नता एवं बेहतर स्वास्थ्य लेकर आएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के उत्सव जहां एक ओर परिजनों के साथ खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं, वहीं इनसे आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार उत्सव एवं खुशियों के साथ-साथ नई फसल के आगमन का भी प्रतीक है।

     

  • सेब बागवानी से जुड़े विषयों पर मुख्यमंत्री की अहम बैठक

    सेब बागवानी से जुड़े विषयों पर मुख्यमंत्री की अहम बैठक

    शिमला: बागवानी विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 13 जनवरी, 2026 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश के किसान और बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सचिवालय में बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी भी इस बैठक में उपस्थित रहेंगे।

    उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के बागवानों के लिए चिंता का विषय है। इसी उद्देश्य के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बागवानों और किसान-बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में पूर्व विधायक व किसान सभा के अध्यक्ष राकेश सिंघा, संयुक्त किसान मंच के सह-संयोजक संजय चौहान, स्टोन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा, प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष चौहान और अन्य बागवान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

  • मुख्यमंत्री ने चिलगोजा पौधों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    मुख्यमंत्री ने चिलगोजा पौधों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय शिमला से भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण एवं सहयोगात्मक संबंधों को और सुदृढ़ करते हुए भूटान को चिलगोजा के पौधों का उपहार प्रेषित किया।

    वाहन को हरी झंडी दिखाने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और भूटान के मैत्रिपूर्ण, सौहार्द व भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा भूटान को पांच लाख रूपये मूल्य के चिलगोजा के और बीज भी प्रदान किये जाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा भूटान के वन विभाग के अधिकारियों को चिलगोजा के पौधे उगाने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए उनके वन विभाग की टीम शीघ्र ही हिमाचल आएगी। प्रदेश सरकार चिलगोजा गतिविधियों में स्थानीय महिला मंडलों को भी शामिल करेगी और इसके लिए उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व भी भूटान को चिलगोजा के 50 किलोग्राम बीज प्रदान किए जा चुके हैैंं।
    चिलगोजा पश्चिमी हिमालय की बहुमूल्य प्रजाति है, जो पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता और स्थानीय आजीविका से गहराई से जुड़ी हुई है।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार वन संवर्धन के लिए अनेक पहल कर रही है और राज्य में वन आवरण के विस्तार को लेकर अनेक योजनाएं चला रही है। सरकार के प्रयासों से वन क्षेत्र लगभग 55 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है। इस वर्ष लगभग 9,000 हेक्टेयर वन भूमि पर विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के अंतर्गत पौधरोपण किया जा रहा है, इसमें 60 प्रतिशत फलदार पौधे शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना बंजर पहाड़ियों को हरा भरा करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 600 हेक्टेयर बंजर पहाड़ियों पर पौधरोपण किया गया है। वनों की रक्षा एवं प्रबन्धन के लिए 2019 वन मित्र की नियुक्ति की गई है, जिन्हें वृक्षारोपण, अग्नि सुरक्षा, राल दोहन सहित विभिन्न वानिकी कार्यों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    प्रदेश सरकार जन सहयोग से हरित आवरण में बढ़ोतरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, ग्रीन एडॉप्शन योजना सहित अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम केहर सिंह खाची, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा एवं मलेन्द्र राजन, प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • अर्की बाजार में लगी आग पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने जताया शोक

    अर्की बाजार में लगी आग पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने जताया शोक

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार देर रात घटित सोलन जिले के अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड पर गहरा दुःख व्यक्त किया है, जिसमें आठ वर्षीय बच्चे की मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने सूचना मिलते ही जिला प्रशासन कोे युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि आग को बुझाने के लिए अर्की अग्निशमन विभाग के साथ-साथ जिला शिमला के बालूगंज, जिला सोलन के बनलगी और अम्बुजा सीमेंट कम्पनी के अग्निशमन वाहनों को तुरंत घटना स्थल की ओर रवाना किया गया। अग्निशमन विभाग के द्वारा आग पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक संजय अवस्थी मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस घटना में घायल दो लोगों का उपचार नागरिक अस्पताल अर्की में किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को इन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को तुरन्त सहायता उपलब्ध करने के निर्देश दिए है तथा जिला प्रशासन को इस घटना की गहन जांच करने के आदेश दिए। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

  • सीएम सुक्खू बोले— बिजली बिक्री से एचपीएसईबीएल ने कमाए 300 करोड़ रुपये

    सीएम सुक्खू बोले— बिजली बिक्री से एचपीएसईबीएल ने कमाए 300 करोड़ रुपये

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) ने 31 दिसंबर 2025 तक बिजली बिक्री से 300 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 206 करोड़ रुपये था। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नीति, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और सुधारात्मक फैसलों का परिणाम है, जिससे बिजली क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए राज्य में हिमाचल प्रदेश विद्युत ग्रिड कोड लागू किया गया है, जिससे संचालन राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हुआ है और आपूर्ति अधिक सुरक्षित व निर्बाध बनी है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शिमला और धर्मशाला में 1.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वहीं काला अंब जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में एससीएडीए प्रणाली लागू होने से बिजली नुकसान में करीब 4 प्रतिशत की कमी आई है।

    उन्होंने बताया कि डिजिटल सुधारों और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया से बिजली बिलिंग और आईटी सेवाओं पर होने वाला खर्च 46 प्रतिशत तक घटा है। साथ ही, एचपीएसईबीएल में 2,100 से अधिक युवाओं की भर्ती को मंजूरी दी गई है, जिससे सेवाओं में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में बिजली और सोलर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • सिरमौर हादसे पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का शोक संदेश, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना

    सिरमौर हादसे पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का शोक संदेश, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना

    शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सिरमौर जिला के हरिपुरधार के पास हुए एक निजी बस के दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

    शिक्षा मंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा। रोहित ठाकुर ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

  • युवाओं को गांव में ही रोजगार: मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना से बढ़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

    युवाओं को गांव में ही रोजगार: मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना से बढ़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

    शिमला: देश में ‘फल राज्य’ के रूप में अपनी पहचान कायम करने वाले हिमाचल प्रदेश में अब ‘नीली क्रान्ति’ से किसानों के जीवन में समृद्धि आ रही है। वर्तमान राज्य सरकार ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के ध्येय के साथ अनेक क्षेत्रों में नवाचार प्रयास किए और मत्स्य क्षेत्र में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मछली पालकों के लिए प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना वरदान साबित हो रही है।

    युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्ष 2024-25 में शुरू की गई इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। राज्य में वर्ष 2022-23 में 17,000 मीट्रिक टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया था। वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर लगभग 19,000 मीट्रिक टन हो गया है। गोविंद सागर, पोंग डैम और कोल डैम जैसे जलाशयों में बढ़ते मछली उत्पादन ने यह साबित किया है कि आधुनिक प्रबंधन और लोगों की भागीदारी से गांवों में ही स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। वर्तमान में यह योजना बिलासपुर, मंडी, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा में लागू की जा रही है। योजना के तहत एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को लाया गया है जिससे मत्स्य क्षेत्र में संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का कहना है कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश की विकास यात्रा में उन्हें साझेदार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के तहत युवाओं को कार्प मछली पालन के लिए 12.40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर इकाई लागत तय की गई है, जिसके लिए सरकार द्वारा 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत मछली पालकों का आर्थिक बोझ कम हो रहा है।

    योजना के तहत छोटे मछली पालकों के 500 वर्ग मीटर की इकाई के लिए भी सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार आधुनिक बू्रड बैंक भी स्थापित कर रही है। जिला सोलन के नालागढ़ में कार्प मछली ब्रूड बैंक और पतलीकूहल में ट्राउट मछली बू्रड बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्रूड बैंक को लगभग पांच करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित किया जा रहा है। इससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज मिलेंगे। वित्त वर्ष 2025-26 में भी इस योजना के तहत 5 हेक्टेयर क्षेत्र में नए मछली तालाब बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए 50 लाख रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश सरकार गांव-देहात में ही लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवा कर उनके जीवन में खुशहाली ला रही है। सरकार की मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना से राज्य में मत्स्य क्रान्ति आ रही है जिससे मछली पालन से जुड़े 20,000 से अधिक परिवारों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।