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  • गरीब परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया ऐलान

    गरीब परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया ऐलान

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के उन पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग को सुदृढ़ करने के लिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेगी। पंचायतों में कनिष्ठ अभियन्ताओं के पद भी भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक अधिकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। समाज के वंचित, उपेक्षित और क़मजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से कार्यान्वित की जा रही हैं।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग़रीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है। मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता जनहित है और समाज में पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की मूल भावना है।

    इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव पंचायती राज सी. पालरासु, निदेशक पंचायती राज राघव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • डोडरा-क्वार सड़क परियोजना को लेकर लोक निर्माण मंत्री ने केंद्र से सहयोग मांगा

    डोडरा-क्वार सड़क परियोजना को लेकर लोक निर्माण मंत्री ने केंद्र से सहयोग मांगा

    शिमला: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गत सांय नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री ने डोडरादृक्वार क्षेत्र (लारोटदृकीतरवारी) की तीन लंबित सड़क परियोजनाओं को पीएमजीएसवाई-1 के तहत मंजू़री प्रदान करने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि यह योजना अब बंद हो चुकी है, लेकिन डोडरादृक्वार एक दुर्गम क्षेत्र है, जहां भौगोलिक परिस्थितियां बहुत कठिन हैं। इन सड़कों के बनने से वहां रहने वाले ग्रामीण लोगों को सुविधा होगी। लोक निर्माण मंत्री ने केंद्र सरकार से विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए लंबित 76 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया, ताकि निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा सके।

    इसके अलावा, विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश के लिए पीएमजीएसवाई-4 के तहत 294 सड़क प्रस्तावों को मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को पहले ही अधिकार प्राप्त समिति द्वारा अनुशंसित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई-4 के तहत बनने वाली सड़कें उन बस्तियों को जोड़ेंगी, जो अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं। इससे ग्रामीण लोगों का जीवन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह 294 सड़क परियोजनाएं कुल 1,538 किलोमीटर लंबी हैं और 250 से अधिक बस्तियों सहित सड़क सुविधा से वंचित 429 बस्तियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सड़कों का विशेष महत्त्व है, क्योंकि राज्य की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और सड़कों के माध्यम से ही संपर्क और विकास संभव है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक निर्माण मंत्री को हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को लंबित राशि जारी करने के निर्देश भी दिए।

  • शिमला के CM सुक्खू ने स्वास्थ्य सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार का किया ऐलान

    शिमला के CM सुक्खू ने स्वास्थ्य सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार का किया ऐलान

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग, नेशनल हेल्थ मिशन और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक से अधिक ऑनलाइन सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, इसके लिए नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी जो दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान करने से समय और साधनों की बचत होने के साथ ही सेवाओं में सुगमता और गुणवत्ता आएगी। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और अस्पतालों में मरीजों के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत मैपिंग का कार्य पंचायत स्तर तक सुनिश्चित किया जाए तथा इसमें मरीज के उपचार से सम्बन्धित डेटा भी शामिल किया जाए। उन्होंने आभा कार्ड का एकीकरण हिम परिवार पोर्टल से करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के डिजिटलीकरण से लोगों को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी, साथ ही सेवाओं की निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र और प्रभावी बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के ऑनलाइन रिकार्ड से बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी और निर्णय क्षमता भी प्रभावी होगी। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा स्वस्थ नागरिक-सशक्त राज्य के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जापान इन्टरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि स्वास्थ्य संस्थान आधुनिक उपकरणों से लैस हों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा में सुधार के लिए सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी की घोषणा की

    मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा में सुधार के लिए सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी की घोषणा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी बनाई जाएगी। इस पॉलिसी के तहत सीनियर रेजिडेंट के पदों का युक्तिकरण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीनियर रेजिडेंटशिप में जीडीओ का कोटा 66 प्रतिशत किया जाएगा। अभी इसका अनुपात जीडीओ व सीधी भर्ती द्वारा पचास-पचास प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, नाहन, हमीरपुर व नेरचौक में नए विषयों में एमडी व एमएस करवाई जाएगी। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना और सुदृढ़ होगी।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जो डीएम और एमसीएच सुपरस्पेशलिस्ट फील्ड में हैं उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्च तकनीकयुक्त स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त किये जाएंगे, जिसमें से 500 चिकित्सा महाविद्यालयों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किये जाएंगे। इसके लिए प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट हमीरपुर जिला से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोगी मित्र की कार्यप्रणाली के लिए विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में रोगी मित्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि चमियाणा अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय टांडा व आईजीएमसी शिमला में भी पायलट आधार पर 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की मदद के लिए रोगी मित्र तैनात किये जाएंगे। इन संस्थानों में रोगी मित्र कांऊटर भी स्थापित किये जाएंगे।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय की विभिन्न ओपीडी में मरीजों से सम्बन्धित विभिन्न डेटा दर्ज करने के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर भी तैनात किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा को सशक्त करने के लिए नवोन्मेषी उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं ताकि इस क्षेत्र में प्रदेश, देश का अग्रणी राज्य बने।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकर (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी, विशेष सचिव स्वास्थ्य अश्वनी शर्मा एवं जितेन्द्र सांजटा, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य गोपाल बेरी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री के हाथों राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का नया कैलेंडर जारी

    मुख्यमंत्री के हाथों राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का नया कैलेंडर जारी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का वार्षिक कैलेंडर-2026 जारी किया। इस अवसर पर बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को बैंक की विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष में सरकार के निर्देशों के अनुसार पात्र लोगों को ऋण मुहैया करवाया गया। इस अवसर पर बैंक के प्रबन्ध निदेशक हरीश गज्जू और महाप्रबन्धक आर.एम. झमाल्टा उपस्थित थे।

     

  • गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया सोवाका लैब का उद्घाटन

    गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया सोवाका लैब का उद्घाटन

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति से न केवल उसके परिवार बल्कि समाज का भी विकास होता है। स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज, मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर राष्ट्र की नींव रखते हैं। हरियाणा सरकार ने इसी सोच के साथ आधुनिक जांच और उपचार सुविधाओं को आमजन तक सुलभ बनाया है और प्रदेश में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत सीटी स्कैन, एमआरआई, हैमो डायलिसिस और कैथ लैब जैसी उन्नत सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को गुरुग्राम में सोवाका लैब के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उद्घाटन समारोह में डॉ. लाल पैथ लैब के चेयरमैन पद्मश्री ब्रिगेडियर डॉ. अरविंद लाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत व अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निरंतर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा आज किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही है। हरियाणा सरकार इसके अलावा भी अनेक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मुहैया करवा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच लैब व्यक्ति के जीवन में अहम भूमिका निभाती हैं, यदि व्यक्ति समय रहते अपने स्वास्थ्य की जांच करवाए तो वह बहुत सारी गंभीर बीमारियों से बच सकता है।

    मेडिकल व हेल्थ हब बन रहा गुरुग्राम

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज गुरुग्राम तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेडिकल व हेल्थ हब के रूप में गुरुग्राम की अपनी विशिष्ट पहचान बन रही है और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में आज एक और मील का पत्थर इस लैब के रूप में स्थापित होने से मजबूत सुरक्षा चक्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह लैब स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाएगी। उन्होंने गरीब व जरूरतमंद लोगों को भी विशेष सुविधाएं देने का आह्वान किया। इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, पटौदी विधायक बिमला चौधरी व अन्य मौजूद रहे।  
  • ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का असर, एचपीएसईबीएल में करोड़ों की बचत: मुख्यमंत्री

    ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का असर, एचपीएसईबीएल में करोड़ों की बचत: मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य विद्युत् बोर्ड लिमेटिड (एचपीएसइबीएल) में कई डिजिटल और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं जो राज्य सरकार की व्यवस्था परिवर्तन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदेश सरकार पारदर्शी खरीद प्रक्रिया, तकनीकी आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देकर न केवल उपभोक्ता सेवाओं में सुधार कर रही है बल्कि वित्तीय अनुशासन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का उद्देश्य न केवल पुरानी व्यवस्थाओं में सुधार, बल्कि इन्हें और अधिक प्रभावशाली बनाना है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी ख़रीद प्रक्रिया अपनाने और मंहगी आउटसोर्सिंग पर निर्भरता कम करने से एचपीएसइबीएल के बिजली बिलिंग और एंटरप्राइज रिर्सोस प्लानिंग (इआरपी) सहायता सेवाओं पर होने वाला खर्च 46 प्रतिशत तक कम हुआ है। इन सेवाओं पर वार्षिक खर्च 12.29 करोड़ रुपये से घटकर 6.68 करोड़ रुपये रह गया है।

    इन सुधारों से प्रतिवर्ष लगभग 5.61 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी, जिससे तीन वर्षों में कुल 16.83 करोड़ रुपये का लाभ होगा। इस राशि का उपयोग जन कल्याणकारी कार्यों और आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा। इज़ ऑफ लिविंग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचपीएसइबीएल का डिजिटलीकरण राज्य के लगभग 29 लाख घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि नए बिजली कनैक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन, स्मार्ट बिलिंग, प्रीपेड सेवाएं, ऑनलाइन बिल भुगतान और डिजिटल शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं से प्रक्रियागत देरी कम हुई है और उपभोक्ताओं को पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं को सशक्त बनाने और कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए एचपीएसइबीएल में एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एग्रीगेट टेक्नीकल और कमर्शियल (एटीएंडसी) हानि को कम करने, स्मार्ट और प्रीपेड मीट्रिंग के माध्यम से समय पर बिलिंग और राजस्व वसूली सुनिश्चित करने, राजस्व घाटा कम करने तथा परिचालन व्यय के युक्तिकरण पर विशेष बल दे रही है।

    उन्होंने कहा कि बेहतर बिजली ख़रीद योजना, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और बिज़नेस इंटेलीजेंस (बीआई) जैसे आधुनिक तकनीकी प्लेटफोर्म के एकीकरण से बोर्ड की वित्तीय स्थिरता और अधिक मजबूत होगी तथा प्रदेश में निर्बाध और गणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य संस्थानों को आत्मनिर्भर, जवाबदेही और तकनीक आधारित बनाना है ताकि वर्ष 2027 तक एक आधुनिक और आत्मनिर्भर हिमाचल की मजबूत नींव रखी जा सके।

  • जनसेवाओं को आसान बनाने के लिए हिम परिवार पोर्टल में एआई का होगा प्रयोग

    जनसेवाओं को आसान बनाने के लिए हिम परिवार पोर्टल में एआई का होगा प्रयोग

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जन सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग में हिमाचल प्रदेश देश का नंबर वन राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में अधिकांश सरकारी सेवाएं आज कंप्यूटर माउस की एक क्लिक पर आम नागरिकों को उपलब्ध करवाई जा रही है, जो सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    मुख्यमंत्री सोमवार गत सायं सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आईटी एंड ई-गवर्नेंस इन हिमाचल प्रदेश की सामान्य सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभाग द्वारा विकसित विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी आधारित एप्लीकेशन्स और सॉफ्टवेयर की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन्हें और अधिक नागरिक-हितैषी, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विकसित ‘हिम उपस्थिति’ एप्लीकेशन की गहन समीक्षा की तथा इसे और अधिक दक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘हिम एक्सेस पोर्टल’ में प्रदेश सरकार के सभी कर्मचारियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा तथा सभी सरकारी कर्मचारियों को एक माह के भीतर इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने एसेट मैपिंग एप्लीकेशन का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से नागरिकों की संपत्ति से संबंधित संपूर्ण एवं नीवनतम विवरण उपलब्ध होगा, जिससे आधारभूत संरचना के विकास, प्रभावी नीति निर्माण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिम सेवा पोर्टल में राजस्व सेवाओं की बेहतर और त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने के उददेश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दस्तावेज़ सत्यापन एवं प्रमाणीकरण प्रणाली को एकीकृत किया जा रहा है। यह प्रणाली राजस्व सेवाओं में प्रथम स्तर की जांच के रूप में कार्य करेगी, जिससे न केवल राजस्व अधिकारियों को सशक्त बनाया जा सकेगा बल्कि नागरिकों को भी अधिक सुगम और पारदर्शी सेवाएं प्राप्त होंगी। वर्तमान में राजस्व सेवाओं से जुड़ी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदनों का मैनुअल सत्यापन करना पड़ता है, जिससे अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ जाता है। दस्तावेज़ों में मामूली त्रुटियां, जैसे धुंधली फोटो या गलत प्रारूप, आवेदन निरस्त होने का कारण बनती हैं। इसके चलते अधिकारी अपना बहुमूल्य समय केवल प्रारंभिक जांच में व्यय करते हैं और नागरिकों को भी बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

    एआई आधारित यह प्रणाली दस्तावेज अपलोड के समय ही उनका स्वतः स्कैन कर लेगी और तुरंत पहचान कर लेगी कि दस्तावेज स्पष्ट हैं या नहीं, सही है या नहीं तथा कहीं कोई आवश्यक हस्ताक्षर या विवरण तो अनुपस्थित नहीं। इसके साथ ही आवेदन पत्र में भरी गई व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, जन्म तिथि और आधार संख्या को अपलोड किए गए दस्तावेज़ों में उपलब्ध विवरण से मिलान कर किसी भी प्रकार की विसंगति को चिन्हित किया जाएगा। यदि कोई कमी पाई जाती है तो आवेदक को आवेदन जमा करने से पहले ही तत्काल सूचना मिल जाएगी, जिससे वह उसी समय त्रुटि को सुधार सकेगा।

    इस पहल से नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान बेहतर अनुभव मिलेगा और अनावश्यक अस्वीकृति की आशंका समाप्त होगी। वहीं, राजस्व अधिकारियों को भी प्रशासनिक जांच की ज़िम्मेदारी से राहत मिलेगी और वे पात्रता तथा तथ्यों के वास्तविक सत्यापन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। इससे आवेदनों का निस्तारण तेज़ होगा और अधिकारियों के पास पहुंचने वाले आवेदन लगभग स्वीकृति के लिए तैयार होंगे। उन्होंने हिम परिवार पोर्टल में पंचायत स्तर तक संपूर्ण मैपिंग सुनिश्चित करने, विभिन्न सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के समावेश तथा इसे प्रदेश सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल में भूमि से संबंधित डाटा को भी सम्मिलित किया जाएगा, जिससे लक्षित लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ब्लॉकचेन तकनीक को ई-गवर्नेंस में चरणबद्ध रूप से शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित प्रणालियों से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, निर्णय प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने और शिकायत निवारण को तेज करने में मदद मिलेगी, जबकि ब्लॉकचेन तकनीक से डाटा सुरक्षा, पारदर्शिता और रिकॉर्ड प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक स्मार्ट, डिजिटल और भविष्य-उन्मुख हिमाचल प्रदेश का निर्माण करना है, जहां शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह, कुशल और नागरिक-केंद्रित हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लोक मित्र केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि ये केंद्र ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जन सेवाओं की रीढ़ हैं। उन्होंने लोक मित्र केंद्र धारकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, ताकि आम लोगों को बेहतर और निर्बाध सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

    मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (डीटीजी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने कहा कि डेलाइट के प्रमुख सरकारी सम्मेलन ‘आरोहण-2025’ में हिमाचल प्रदेश को अपनी दूरदर्शी डिजिटल शासन पहल ‘हिम परिवार परियोजना’ के लिए विशेष मान्यता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य ने रणनीतिक रूप से डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए एक भविष्य-उन्मुख, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था का निर्माण किया है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (डीटीजी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव के के पंत और श्याम भगत नेगी विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।’

  • मुख्यमंत्री की पहल, बच्चों को मिले देश देखने का अवसर

    मुख्यमंत्री की पहल, बच्चों को मिले देश देखने का अवसर

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज सुबह हिमाचल प्रदेश सचिवालय से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई), सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रहने वाले ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को एक विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण पर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी बच्चों से संवाद किया और उनसे भ्रमण का भरपूर आनंद लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्हें ज्ञान अर्जन और विभिन्न विषयों को जानने व समझने के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।

    इस भ्रमण में प्रदेश के इन तीन बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे कुल 52 बच्चे भाग ले रहे हैं। यह भ्रमण कार्यक्रम 15 जनवरी, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके दौरान बच्चे देश के विभिन्न प्रमुख शहरों और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत राज्य सरकार इन बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक अवसर भी प्रदान कर रही है। इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक संस्थानों से परिचित करवाना है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

    यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चे चंडीगढ़-दिल्ली-आगरा-गोवा-चंडीगढ़ का भ्रमण करेंगे। इस दौरान बच्चों को विभिन्न आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव भी करवाया जाएगा, जिनमें वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी, मेट्रो रेल सेवा, हवाई यात्रा, क्रूज यात्रा तथा हॉप-ऑन हॉप-ऑफ पर्यटन बस शामिल हैं। दिल्ली भ्रमण के दौरान बच्चे लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। इसके अलावा वे आगरा में ताजमहल का भ्रमण किया जाएगा।

    गोवा प्रवास के दौरान बच्चे उत्तर गोवा के कलंगुट, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच, डोना पाउला, भारतीय समुद्र विज्ञान संस्थान एवं क्रूज यात्रा, जबकि दक्षिण गोवा में चर्च, मंगेशी मंदिर, वार्का बीच, पणजी शहर और स्पाइस गार्डन का भ्रमण करेंगे। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा, देश के प्रति समझ और सामाजिक चेतना विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा, सुविधा और देखभाल में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

    मुख्यमंत्री पद की शपथ के उपरान्त ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित टूटीकडी स्थित बालिका आश्रम में जाकर राज्य के निराश्रित बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सम्पूर्ण ज़िम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया। इन वर्गों के लिए क़ानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना। 28 फरवरी 2023 से ‘मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना’ के तहत 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जेब खर्च, करियर काउंसलिंग, देश-विदेश भ्रमण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। स्टार्ट-अप आरम्भ करने के लिए 2 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा.(कर्नल) धनी राम शांडिल विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. पंकज ललित, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम का द्वितीय चरण

    मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम का द्वितीय चरण

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पीटरहॉफ, शिमला में आयोजित ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर हिमाचल प्रदेश निरंतर सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और नागरिकों की उभरती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार शहरी विकास की नई, समावेशी और टिकाऊ दिशा निर्धारित कर रही है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना, 15 म्यूिनसिपल शेयरड सर्विसेज़ सेंटरज, 09 ऑनलाइन सर्विसेज़, मुख्यमंत्री शहरी डिजिटल पहचान योजना, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पुरस्कार योजना, सेंट्ररल बिज़िनेस डिस्ट्रिक्ट-हमीरपुर एवं शिमला तथा शहरी विकास विभाग में हाइड्रोलिक पार्किंग का शुभारम्भ किया।

    मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के लाभार्थियों को सेटलमेंट लेटर तथा अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को अवार्ड लेटर प्रदान किए। उन्होंने सराहनीय कार्य के लिए शहरी स्थानीय निकायों को पुरस्कृत भी किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शहरी विकास विभाग ने 4 संस्थाओं तथा उपक्रमों के साथ विकास कार्यों के दृष्टिगत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए।

    मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शहरी निकायों में एक ही पोर्टल पर सभी जन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हिम सेवा सुविधा पोर्टल इस तरह की सेवाएं प्रदान करने वाला देश में सबसे अनूठा प्रयास है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला सब्ज़ी मंडी में लगभग 400 करोड़ रूपये की लागत से शॉपिंग कम्पलेक्स बनाया जाएगा। हमीरपुर में शहर के सौंदर्यीकरण के लिए 150 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। हमीरपुर में ओल्ड बस स्टैंड के स्थान पर आधुनिक शैली से शॉपिंग काम्पलेक्स बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित 707 करोड़ रूपये की योजनाएं शीघ्र ही कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही शिमला शहर में 500 करोड़ रूपये की लागत से अतिरिक्त सुविधाओं का विकास किया जाएगा। नगर निगम शिमला क्षेत्र की तर्ज़ पर प्रदेश की अन्य नगर निगम क्षेत्र में यूटिलिटी डक्ट बनाई जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि बद्दी के समीप बनाए जाने वाले विश्व स्तरीय हिम-चण्डीगढ़ शहर के दृष्टिगत शीघ्र ही कन्सलटेंट नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी स्थानीय निकायों में कामकाजी व्यवस्था को मजबूत करने, जन भागीदारी बढ़ाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नवोन्मेषी पहल कर रही है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी निरन्तर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा नवंबर, 2024 तक प्रदेश में 60 शहरी स्थानीय निकाय कार्यरत थे, जबकि अब प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अधिक क्षेत्रों को शहरी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता के साथ 75 सशक्त शहरी स्थानीय निकायों का सुदृढ़ ढांचा स्थापित किया गया है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कोई भी योजना तभी सार्थक होती है। जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना के अंतर्गत शहरी गरीबों को 120 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जा रहा है।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तकनीक भविष्य के शहरी विकास का मजबूत आधार बन रही है। इसके माध्यम से राजस्व वृद्धि, कर संग्रहण में पारदर्शिता और संपत्ति सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। वर्तमान में 36 शहरी स्थानीय निकायों में जीआईएस आधारित मैपिंग कार्य आरंभ किया गया है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने छोटे दुकानदारों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऐसे दुकानदारों, जिन पर एक लाख रुपये तक का ऋण बकाया है और जिन्हें बैंकों द्वारा गै़र-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित किया गया है, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार, जिन दुकानदारों पर एक लाख से दो लाख रुपये तक का बकाया ऋण है, उन्हें भी एक लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नागरिक सेवा मंच के माध्यम से शहरी सेवाओं को डिजिटल युग से जोड़ा गया है। पहले चरण में नौ ऑनलाइन सेवाएं प्रारंभ की गईं, जिनमें 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण किया। आज दूसरे चरण में नौ नई सेवाओं का शुभारंभ किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार तथा जनता के बीच दूरी कम होगी।

    उन्होंने कहा कि 47.37 करोड़ रुपये की स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत 15 क्लस्टर आधारित एकीकृत नागरिक सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां प्रमाण-पत्र, लाइसेंस, शिकायत निवारण, सूचना प्रौद्योगिकी सहायता, लेखा एवं विधिक परामर्श सहित सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल डोर प्लेट के माध्यम से प्रत्येक शहरी घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जा रही है, जो शहरी शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया अध्याय सिद्ध होगी। इसके साथ ही हैदराबाद स्थित आईआईसीटी सीएसआईआर के सहयोग से 5 से 20 टीपीडी क्षमता वाले बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे कचरे से ऊर्जा, जैविक खाद और चक्रीय अर्थ-व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष 100 में स्थान प्राप्त करने वाले निकायों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के शहरों में जनसंख्या के अनुरूप आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के बाद उनका सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करने के लिए दक्षता तथा समर्पण से कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों की कार्यशैली में बदलाव आया है, हर क्षेत्र में समावेशी विकास के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने शहरी विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरों में विकास के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है।

    प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार ने कहा कि शहरी क्षेत्र में विभिन्न जन सेवाएं प्रदान करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है और ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है। जन शिकायतों के निवारण के लिए समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। निदेशक शहरी विकास नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, प्रदेश भर से शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि और गणमान्य उपस्थित थे।