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  • राज्यपाल ने जाखू हनुमान मंदिर में माथा टेका

    राज्यपाल ने जाखू हनुमान मंदिर में माथा टेका

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज अपने परिवार सहित शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में पूजा-अर्चना की। राज्यपाल ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

    राज्यपाल ने कहा कि भगवान हनुमान को समर्पित जाखू मंदिर का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है और यह देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थल न केवल आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में सौहार्द, करुणा और सामूहिक कल्याण की भावना को भी प्रेरित करते हैं।

  • पूर्णचन्द के निधन पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने व्यक्त की शोक संवेदना

    पूर्णचन्द के निधन पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने व्यक्त की शोक संवेदना

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भारतीय प्रशासनिक अधिकारी संदीप कुमार और पत्रकार संजीव बॉबी के पिता पूर्णचन्द के निधन पर शोक व्यक्त किया। पूर्णचन्द का 80 वर्ष की आयु में आज जिला हमीरपुर के नादौन में निधन हो गया।

    मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में प्रदेश सरकार परिवार के साथ है। उन्होंने परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

  • बीबीएमबी परियोजनाओं में स्थायी सदस्यता की मांग को लेकर सीएम सुक्खू ने उठाया मुद्दा

    बीबीएमबी परियोजनाओं में स्थायी सदस्यता की मांग को लेकर सीएम सुक्खू ने उठाया मुद्दा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रदेश में विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं डवेलपर्स के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए भू-राजस्व के विशेष मूल्यांकन पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने डवेलपर्स से कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। प्रदेश में कार्यान्वित विभिन्न जल विद्युत् परियोजना डवेलपर्स का यह दायित्व है कि प्रदेश को भू-राजस्व (लैंड रेवन्यू) अदा करें। यह राजस्व प्राप्त करना राज्य का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यशील सभी जल विद्युत् परियोजनाओं को नियमानुसार भू-राजस्व अदा करना चाहिए। भू-राजस्व प्रदान करने की दर के युक्तिकरण के लिए विचार-विमर्श किया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि 25 मैगावाट क्षमता की जल विद्युत् परियोजना डवेलपर्स के साथ इसी संदर्भ में 12 जनवरी को शिमला में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लिए सुनिश्चित संसाधनों का सदुपयोग राज्य के लोगों के हित और विकास के लिए सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जल विद्युत् परियोजना डवेलपर्स की समस्याओं का सार्थक समाधान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक निर्णय लिए हैं। केन्द्र और पड़ोसी राज्यों से अपने हक लेने के लिए मजबूती से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने बीबीएमबी परियोजनाओं में प्रदेश को स्थाई सदस्यता देने तथा वर्ष 1966 से वर्ष 2011 तक के एरियर के लगभग 6500 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने की मांग की है।

    इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बहुमूल्य विचार सांझा किए। विभिन्न हितधारकों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत किया। बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर, विनोद सुल्तानपुरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुक्खू से की मुलाकात

    विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुक्खू से की मुलाकात

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां विधायक विवेक शर्मा के नेतृत्व में ऊना ज़िला के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शीघ्र ही कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे।

    उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उन्हें सहानुभूतिपूर्वक पूरा करने का आश्वासन दिया प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक विनोद सुल्तानपुरी भी उपस्थित थे।

  • किसानों के लिए फार्मर आईडी जरूरी, एग्रीस्टेक के तहत रजिस्ट्रेशन तेज

    किसानों के लिए फार्मर आईडी जरूरी, एग्रीस्टेक के तहत रजिस्ट्रेशन तेज

    शिमला: कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने यह बताया कि प्रदेश के सभी किसानों एवं बागवानों के लिए फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य हो गया है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों एवं बागवानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, लक्षित एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से भारत सरकार की एग्रीस्टैक (AgriStack) पहल के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) का कार्य किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत प्रदेश के सभी किसानों एवं बाग़वानी की यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि कृषि एवं बाग़वानी विभाग द्वारा समन्वित रूप से इस कार्य को क्रियान्वित किया जा रहा है। फार्मर आईडी तैयार होने के उपरांत किसान/बाग़वान लाभार्थी के रूप में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि, बागवानी, प्राकृतिक खेती, बीज, उर्वरक, सिंचाई, फसल बीमा अनुदान, पीएम किसान सम्मान निधि योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे एवं बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे। फार्मर आईडी बनाने हेतु किसानों/बाग़वानों को आधार आधारित प्रमाणीकरण (eKYC/OTP) की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। यह प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल, सुरक्षित एवं पारदर्शी है। किसान स्वयं भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए वे घर बैठे ऑनलाइन फार्मर आईडी बना सकते हैं।

    ऑनलाइन पंजीकरण के लिए किसान गूगल पर Farmer Registry Himachal Pradesh सर्च कर सकते हैं अथवा सीधे वेबसाइट https://hpfr.agristack.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर NIC डैशबोर्ड के माध्यम से “Farmer” विकल्प पर क्लिक कर पहले अपना यूजर अकाउंट बनाना होगा। इसके पश्चात् किसान अपनी भूमि एवं कृषि से संबंधित विवरण भरकर आवेदन जमा कर सकते हैं। सभी जानकारियों के सफल सत्यापन के उपरांत फार्मर आईडी जारी कर दी जाएगी।

    जिन किसानों एवं बाग़वानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा हो, वे अपने निकटतम लोकमित्र केंद्र में जाकर निःशुल्क फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। जहां उन्हें आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त्त किसान संबंधित कृषि/बाग़वानी अधिकारी से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों एवं बाग़वानों से आग्रह किया कि वे समय रहते अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना, अनुदान अथवा सहायता से वंचित न रहना पड़े। यह पहल किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

  • मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोलन अस्पताल के ट्रामा सेंटर व विशेषज्ञ सुविधाओं के लिए 50 करोड़ रुपये की घोषणा की

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोलन अस्पताल के ट्रामा सेंटर व विशेषज्ञ सुविधाओं के लिए 50 करोड़ रुपये की घोषणा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला सोलन के कंडाघाट में दिव्यांग जन के लिए स्थापित किए जाने वाले दिव्यांग जन शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समावेशी विकास और कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार इस केन्द्र का शिलान्यास निर्माण कार्य लगभग 25 प्रतिशत पूर्ण होने पर ही किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिव्यांगजन शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र 45 बीघा भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जिसपर 200 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इस केन्द्र के पहले चरण का कार्य इस वर्ष अक्तूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। केंद्र में 300 दिव्यांग बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल मैदान तथा आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने इस केन्द्र में 500 किलोवाट क्षमता की नई सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के निर्देश भी दिए।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह संस्थान दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा, विशेष शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाएगा। इसके साथ ही दिव्यांगता की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों सहित समाज के वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा कई महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का संकल्प सरकार ने लिया था, जिसे आज साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह दिव्यांगजनों की शिक्षा के लिए प्रदेश में अपनी तरह का पहला केन्द्र है और यह देश भर के लिए मॉडल बनकर उभरेगा।

    उन्होंने कहा कि इस संस्थान के अंतर्गत 15 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महिलाओं के लिए कामकाजी छात्रावास का निर्माण भी किया जाएगा। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण, वित्तीय सहायता, पुनर्वास सेवाएं, शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को 625 रुपये से 3,750 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में 1,150 रुपये से 1,700 रुपये तक की राशि प्रदान की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि विवाह के लिए 40 से 74 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर 50 हजार रुपये का विवाह अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला के हीरानगर में बौद्धिक रूप से अविकसित दिव्यांग बच्चों के लिए राज्य का पहला आवासीय विशेष विद्यालय स्थापित किया गया है, जहां 6 से 18 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है।

    उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। बस स्टेशनों और बसों में रैंप और रेलिंग की व्यवस्था की गई है तथा सरकारी अस्पतालों में व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में भी दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोलन अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ सुविधाओं और ट्रामा सेंटर के लिए 50 करोड़ रूपये, सिविल अस्पताल कण्डाघाट के लिए 5 करोड़ रूपये और कण्डाघाट में खेल मैदान के लिए 1 करोड़ रूपये प्रदान करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जोगिन्द्रा बैंक के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.(कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का सोलन विधानसभा क्षेत्र में पधारने पर स्वागत किया और क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के साथ-साथ सोलन जिला में भी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए पगों की विस्तृत जानकारी दी।

    विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी तथा विवेक शर्मा, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, सोलन नगर निगम के महापौर ऊषा शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरूण शर्मा, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर, निदेशक ईसोमसा सुमित खिमटा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • गोद लिए स्कूलों की निगरानी सख्त, सीएम सुक्खू ने अधूरे विकास कार्य को जल्द पूरे करने के दिए निर्देश

    गोद लिए स्कूलों की निगरानी सख्त, सीएम सुक्खू ने अधूरे विकास कार्य को जल्द पूरे करने के दिए निर्देश

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘अपना विद्यालय-हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यहां शुक्रवार सायं सभी जिला के उपायुक्तों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत ज़िला स्तर से लेकर उप-मंडल स्तर तक के विभिन्न अधिकारी शिक्षण और अन्य गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों को गोद लेने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में इस कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए स्कूलों की सूची पांच जनवरी, 2026 तक सरकार को प्रस्तुत की जाए।

    उन्होंने कहा कि हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत सभी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और जिला के वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार स्कूल गोद लेंगे। वे इन स्कूलों में प्रतिमाह छात्रों से संवाद करेंगे। उपायुक्त गोद लिए हुए स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी महीने में एक बार इन स्कूलों का दौरा कर युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें करियर और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी संबंधी जानकारी दें। उपर्युक्त व्यक्तित्व, जिन्हें स्कूल पैट्रनर्ज भी कहा जाता है, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति के साथ मिलकर शिक्षा और स्कूल की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य करते हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 4,231 स्कूलों (1,950 प्राथमिक, 59 माध्यमिक, 664 उच्चत्तर और 1,558 वरिष्ठ माध्यमिक) को गोद लिया जा चुका है।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान के करने लिए वचनबद्ध है ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके। इसके लिए सभी संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमज़ोर बच्चों का सही मार्गदर्शन करना है ताकि वह उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें। इस पहल के माध्यम से उपायुक्त, स्थानीय स्कूल प्रबन्धन और सरकार के बीच एक सेतु का कार्य करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करेंगे कि शिक्षा के सुधार की दिशा में दिए जा रहे बजट का सही इस्तेमाल हो।

    अधिकारियों के शैक्षणिक संस्थानों के दौरे पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को नशे की बुराइयों से अवगत करवाया जाएगा और उनमें राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को मज़बूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के सभी जिलों में चिट्टा तस्करों से सम्बन्धित अवैध सम्पत्ति की विस्तृत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिट्टा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चिट्टा तस्करों की अवैध सम्पत्ति को जब्त किया जाएगा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने चिट्टा कारोबार से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी समयबद्ध रूप से सख्त कार्रवाई करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों को उन सभी निर्माण कार्यों को अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिनका निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके दृष्टिगत समुचित धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए वन-भूमि से सम्बन्धित स्वीकृति प्रक्रिया को विशेष अधिमान देने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के चयन से सम्बन्धित पूर्ण विवरण लिया तथा इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • नव वर्ष पर शिमला से राज्यपाल का संदेश—नशे से दूर रहें, दूसरों को भी जागरूक करें

    नव वर्ष पर शिमला से राज्यपाल का संदेश—नशे से दूर रहें, दूसरों को भी जागरूक करें

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिमला विंटर कार्निवल के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और प्रदेश में बढ़ते नशे के ख़तरे पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए एकजुट और सतत प्रयासों का आह्वान किया। कार्निवल के दौरान नव वर्ष के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने प्रत्येक नागरिक से आग्रह किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लें। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल ने कहा कि शिमला विंटर कार्निवल हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और प्रसिद्ध आतिथ्य परंपरा का जीवंत प्रतिबिंब बनकर उभरा है। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने कार्निवल के तीसरे संस्करण को एक प्रमुख आकर्षण बना दिया।

    राज्यपाल ने शिमला नगर निगम तथा आयोजन समिति को सांस्कृतिक उत्सव को सामाजिक जागरूकता के साथ सफलतापूर्वक जोड़ने के लिए बधाई दी और कहा कि यह कार्निवल अब शिमला शहर और प्रदेश की एक सशक्त सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।ऐसे आयोजनों से जुड़ी व्यापक जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित पर्यटन, प्रकृति और परंपराओं की रक्षा तथा सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना हमारे सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    राज्यपाल ने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जागरुकता और सामूहिक संकल्प को अहम बताते हुए समाज से आह्वान किया कि एक स्वस्थ और नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के निर्माण के लिए सभी मिलकर कार्य करें।
    इससे पूर्व शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर को सम्मानित किया। राज्यपाल ने ‘वॉयस ऑफ शिमला सीजन-3’ के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए, जिसमें प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये सौरव अत्री को, द्वितीय पुरस्कार 31 हजार रुपये पूनम पंडित को तथा तृतीय पुरस्कार 21 हजार रुपये सुभाष को प्रदान किया गया। उन्होंने शिमला विंटर कार्निवल की स्मारिका का भी विमोचन किया। प्रसिद्ध हास्य कलाकार अहसान कुरैशी तथा जानी-मानी बॉलीवुड गायिका हेमा सरदेसाई की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां संध्या की प्रमुख आकर्षण रहीं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, उप-महापौर उमा कौशल, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, आयुक्त नगर निगम शिमला भूपेंद्र अत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

  • हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 से खुलेंगे उद्यमिता के नए अवसर: मुख्यमंत्री

    हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 से खुलेंगे उद्यमिता के नए अवसर: मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि उद्योग विभाग द्वारा 3 से 5 जनवरी, 2026 तक शिमला में हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश के लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव व्यापारिक आयोजन के साथ प्रदेश के हजारों छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्ट-अप के सपनों को साकार करने में मील पत्थर साबित होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमएसएमई फेस्ट ‘पहाड़ों का हुनर अब वैश्विक मंच पर’ थीम से आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश सरकार के आत्मनिर्भर हिमाचल के संकल्प को साकार करते हुए नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दौरान स्टार्ट-अप अवार्ड, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रदेश की लोक कलाओं और हस्तशिल्प भी प्रदर्शित किए जाएंगे। यह फेस्ट महिला उद्यमिता, ग्रामीण उद्यम और वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) को भी प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

    उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्टदृ2026 में तीन दिन तक फैक्ट्री आउटलेट्स और प्रदर्शनी स्टॉलों के माध्यम से प्रदेश के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा ग्रीन मोबिलिटी, फार्मास्यूटिकल्स, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक चिप जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान बायर-सेलर मीट, ज्ञान सत्र और नेटवर्किंग से महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश की आर्थिकी को बढ़ावा मिलेगा।

  • नव वर्ष 2026: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आभार जताया, विकास का संकल्प दोहराया

    नव वर्ष 2026: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आभार जताया, विकास का संकल्प दोहराया

    शिमला: नव वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से प्रदेशभर से आए लोगों ने ओक ओवर और राज्य सचिवालय, शिमला में भेंट की और उन्हें नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।

    सुबह से ही कैबिनेट मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य कर्मचारी मुख्यमंत्री को नए साल की शुभकामनाएं देने पहुंचे। इसके अलावा राज्य के सभी जिला से बड़ी संख्या में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी।

    नव वर्ष की शुभकामनाओं के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के लिए हरित और सतत ऊर्जा के उचित दोहन पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने रोजगार के और अधिक अवसर पैदा करने के लिए हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के अनुरूप सार्वजनिक सेवाओं को अधिक कुशल और सुलभ बनाने के लिए कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करेगी।