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  • शिक्षा मंत्री से नावर क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की भेंट, महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा

    शिक्षा मंत्री से नावर क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की भेंट, महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा

    शिमला: जुब्बल-कोटखाई विधानसभा के नावर क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल के महीनों में लिए गए प्रगतिशील निर्णयों के कारण यह क्षेत्र एक शिक्षा हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे छात्रों को अपने घरद्वार के निकट बेहतरीन शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित हो रही हैं।

    प्रतिनिधिमंडल ने राजकीय महाविद्यालय टिक्कर में चार वर्षी एकीकृत बीएड कार्यक्रम की घोषणा के लिए शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण निर्णय क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करेगा और छात्रों को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय सावड़ा में स्नातकोत्तर कक्षाओं की शुरुआत के लिए भी शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। इससे अब छात्र बीवॉक (हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म), बीवॉक (रिटेल एंड फाइनेंस) और एमए अंग्रेजी, एमए हिन्दी और एमकॉम जैसे पीजी कोर्स कर सकेंगे। इसके साथ ही एलबीएस राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर में दो वर्षीय बी.पी.एड. कोर्स को स्वीकृति प्रदान की गई है। स्थानीय छात्रों के साथ-साथ प्रदेशभर के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे।

    प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्कूलों में सीबीएसई लागू होने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे। उन्होंने प्रदेश के लिए स्वीकृत दो केंद्रीय विद्यालयों में से एक कोटखाई में खोलने के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रगति नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (पॉलिटेक्निक विंग), इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजीनियरिंग (आईटीआई विंग), बी-टेक सिविल इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक सिविल इंजीनियरिंग जैसे नए कोर्स शुरू होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया। इन प्रयासों से यह क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरेगा।

    प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां शिक्षा मंत्री के निरंतर प्रयासों और क्षेत्र की जरूरतों को प्राथमिकता देने के कारण ही संभव हो सकी हैं। उन्होंने क्षेत्र से जुड़े कई विकासात्मक मुद्दे भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखे। रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश और क्षेत्र का विकास वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर जुब्बल-कोटखाई कांग्रेस अध्यक्ष मोती लाल डेरटा, ग्राम पंचायत प्रधान, उप-प्रधान, स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम: सीएम सुक्खू ने नए लैब भवन का लोकार्पण किया

    प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम: सीएम सुक्खू ने नए लैब भवन का लोकार्पण किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला के निकट दाड़ी में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 3.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्षेत्रीय प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण किया।

    यह प्रयोगशाला 938.44 वर्ग मीटर में फैली हुई है, जिसमें 234.61 वर्ग मीटर में प्रयोगशाला भवन का निर्माण किया गया है। इसके बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के लिए किया जाएगा। इस बहुमंजिला भवन में बिजली, जल आपूर्ति के साथ अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे इस प्रयोगशाला के संचालन में सहायता मिलेगी।

    प्रयोगशाला में पानी और अपशिष्ट जल की गुणवत्ता जांच, वायु गुणवत्ता निगरानी और सूक्ष्मजीव परीक्षण के लिए अलग-अलग अनुभाग बनाए गए हैं, जिससे विभिन्न पर्यावरणीय परीक्षण और निगरानी कार्य गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित किए जा सकेंगे। भवन में सैंपल संग्रहण कक्ष, रसायन व कांच सामग्री भंडारण कक्ष, रिकॉर्ड कक्ष, मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिए समुचित व्यवस्था की गई हैै, जिससे कार्यों का निष्पादन सुगमतापूर्वक किया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रयोगशाला के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त बजट का प्रदान किया है। इसे एनएबीएल मानकों के अनुरूप बनाया गया है। आधुनिक संरचना, उन्नत विश्लेषण क्षमता और बेहतर सुरक्षा प्रावधानों के साथ यह नया भवन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तकनीकी क्षमता, कार्यकुशलता और सेवा स्तर को और अधिक बेहतर करेगा।

    इस अवसर पर आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, हरीश जनारथा एवं सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, एपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा, नगर निगम धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रवीण गुप्ता और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • धर्मशाला मैराथन-2025 के लिए मुख्यमंत्री ने की जर्सी लॉन्चिंग

    धर्मशाला मैराथन-2025 के लिए मुख्यमंत्री ने की जर्सी लॉन्चिंग

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला में मैराथन-2025 की आधिकारिक जर्सी लॉंच की। यह आयोजन 25 दिसम्बर, 2025 को प्रस्तावित है। इस आयोजन का उद्देश्य शारीरिक तंदरुस्ती को बढ़ावा देना, खेल पर्यटन को सशक्त बनाना और धौलाधार की मनोरम पहाड़ियों की सुंदरता को उजागर करना है। उपस्थित लोगों ने धौलाधार पर्वतमाला तथा क्षेत्र की जीवंत सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित जर्सी के डिज़ाईन की सराहना की।

    नगर निगम धर्मशाला द्वारा ज़िला प्रशासन कांगड़ा के सहयोग से आयोजित इस मैराथन का उद्देश्य स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम धर्मशाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह जर्सी केवल खेल विशेष नहीं है, बल्कि इस मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए सम्मान का प्रतीक है। इच्छुक उम्मीदवार मैराथन (42.195 किलोमीटर), हाफ मैराथन (21.075 किलोमीटर) एवं अन्य कम दूरी की श्रेणियों के लिए धर्मशाला मैराथन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करवा सकते हैं।

    पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर, नगर निगम धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा, पूर्व महापौर देवेन्द्र जग्गी, उपायुक्त हेमराज बैरवा, नगर निगम के आयुक्त जफ़र इकबाल, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन और नगर निगम के पार्षदगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • चिट्टे के खिलाफ जनजागरण अभियान को CM की मजबूती, नशे की संपत्तियों का ब्यौरा 10 दिसंबर तक अनिवार्य, प्रदेश भर में एंटी-चिट्टा वॉकथॉन की तैयारी

    चिट्टे के खिलाफ जनजागरण अभियान को CM की मजबूती, नशे की संपत्तियों का ब्यौरा 10 दिसंबर तक अनिवार्य, प्रदेश भर में एंटी-चिट्टा वॉकथॉन की तैयारी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला में नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की छठी राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक गति एवं दिशा देने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश से चिट्टा और सभी मादक पदार्थों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। बैठक में राज्य सरकार के संबंधित विभागों के अतिरिक्त एन.सी.बी., ई.डी., डी.आर.आई, डाक विभाग और आर.पी.एफ. जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 234 अत्याधिक संवेदनशील पंचायतों में सीआईडी और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। उन्होंने उपायुक्तों को इन पंचायतों में नशा निवारण समितियां गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिला में नियमित तौर पर नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं, अभिभावकों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला मंडलों एवं अन्य स्वयंसेवी संगठनों से प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी जिला प्रशासन को नशे से अर्जित की गई संपत्तियों की निशानदेही कर 10 दिसंबर तक सरकार को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन संपत्तियों को ध्वस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा की तस्करी में 60 सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, जिनमें 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 5 को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि अन्य के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने चिट्टा तस्करी में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों का विवरण भी सरकार को 10 दिसंबर तक भेजने को कहा।

    उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एंटी चिट्टा वॉकथॉन जिला और सब डिवीजन स्तर पर भी आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में न केवल सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित कर रही है बल्कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों की काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास तंत्र को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों में ड्रग टैस्ट अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों-कॉलेजों में एंटी-ड्रग क्लब, प्रहरी क्लब और साथी शिक्षा कार्यक्रम को और सक्रिय बनाया गया है। प्रदेश में भांग की खेती पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फार्मा इकाइयों की सख्त जांच की जा रही है। उन्होंने अभियोजन निदेशालय को एनडीपीएस मामलों में तेज अपील निपटान, बरी मामलों की समीक्षा तथा दोषसिद्धि दर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब अधिकारियों की एसीआर में नशा नियंत्रण से जुड़े सप्लाई, डिमांड और हार्म रिडक्शन के मानक भी शामिल किए जाएंगे।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एंटी-चिट्टा अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रदेश में ‘चिट्टा सूचना इनाम योजना’ आरम्भ करने जा रही है तथा चिट्टा की सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग 112 नम्बर पर कॉल करके या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे सकते हैं। इनाम 30 दिन के भीतर दे दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से प्रदेश से मादक पदार्थ चिट्टा को खत्म करने के लिए अपना सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार युवाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले तीन वर्षों में 28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5642 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए तथा 8216 गिरफ्तारियां एवं 36.657 किलो चिट्टा बरामद किया गया, जो पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीआईटी एनडीपीएस लागू किया गया है। 46 कुख्यात तस्कर हिरासत में लिए गए और 48 करोड़ रुपये की अवैध संपति जब्त की गई।

    हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने पंचायतों को रेड-येलो-ग्रीन वर्गों में बांटकर 12000 व्यक्तियों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय माना जा रहा है। बैठक में अवगत करवाया गया कि 17 व 18 नवम्बर को राज्यव्यापी नाका संचालन के दौरान 16,441 वाहन चेक किए गए, 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए तथा भारी मात्रा में नशे की सामग्री पकड़ी गई। 22 नवम्बर को 121 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई तथा दस शीर्ष तस्कर नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया गया। इसके अतिरिक्त 25 नवम्बर को शिक्षण संस्थानों के आसपास अभियान छेड़कर 41 परिसरों और 598 दुकानों की तलाशी की गई तथा 12 केस दर्ज और 385 चालान किए गए।

    बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव एम. सुधा देवी, राकेश कंवर, सुशील कुमार सिंघला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

  • हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात

    हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात

    शिमला: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस दौरान उनकी पत्नी भी मौजूद रही।

  • धर्मशाला में समृद्धि भवन का उद्घाटन, मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा – ‘जन सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा’

    धर्मशाला में समृद्धि भवन का उद्घाटन, मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा – ‘जन सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा’

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला में 24.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित समृद्धि भवन का लोकार्पण किया। इस भवन के निर्मित होने से क्षेत्र के लोगों को आधुनिक व सुविधाजनक सेवायें उपलब्ध होंगी।

    भूकंप जोन-5 को ध्यान में रखते हुए इस भवन को बेहतरीन अधोसंरचना के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिससे भवन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। 2,511 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित इस भवन में एक धरातल तल, चार मंजिले और दो बेसमेंट हैं। बेसमेंट में 80 गाड़ियों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें स्टाफ़ और आम जनता के वाहनों के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन में स्मोक डिटेक्टर के साथ अग्निशमन के पुख्ता इंतज़ाम, 50 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग टैंक, 30,000-लीटर की जल संग्रहण क्षमता, डीजी सेट और इंटरकॉम की सुविधाएं शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक निपुणता, नागरिक सेवाओं और सतत प्रशासन के लिए एक अत्याधुनिक हब के तौर पर समृद्धि भवन के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि यह भवन महत्त्वपूर्ण स्थान पर स्थित है और इससे धर्मशाला में विभिन्न कामकाज सुविधाजनक होंगे। यह भवन राज्य में शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए एक मॉडल के रूप में भी स्थापित होगा।

    इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर, धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, एपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • युवाओं संग सीएम सुक्खू की एंटी-चिट्टा वॉकथॉन, धर्मशाला में दिया जागरूकता संदेश

    युवाओं संग सीएम सुक्खू की एंटी-चिट्टा वॉकथॉन, धर्मशाला में दिया जागरूकता संदेश

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिले के धर्मशाला में एंटी-चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व किया। यह वॉकथॉन दाड़ी ग्राउंड से शुरू होकर पुलिस ग्राउंड में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। वॉकथॉन के दौरान बच्चे नशा विरोधी नारे लगाते हुए ऊर्जा और उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। मुख्यमंत्री स्वयं दाड़ी ग्राउंड से पुलिस ग्राउंड तक बच्चों के साथ पैदल चले। कई स्थानों पर उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें इस लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक उनके साथ सेल्फी ली।

    पुलिस ग्राउंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने चिट्टा माफिया को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि देवभूमि में नशा तस्करों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पीआईटी एण्ड एनडीपीएस अधिनियम को लागू नहीं किया गया था, लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसे प्रभावी रूप से लागू किया है और अब तक 46 बड़े तस्करों को इस कानून के तहत हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि नशे से कमाए गए हर अवैध धन को जब्त किया जाएगा और राज्य सरकार ने इस अधिनियम को पूरी तरह लागू कर नशे में संलिप्त लोगों पर कड़ी कर्रवाई सुनिश्चित की है। अब तक 46 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया हिमाचल है और जब तक चिट्टे का अंतिम अंश भी समाप्त नहीं हो जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। यह केवल तस्करों के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और नशा माफिया को जड़ से उखाड़ने की दिशा में एक निर्णायक संघर्ष है। उन्होंने कहा कि जो भी हमारी आने वाली पीढ़ी को नशे की ओर धकेलने की कोशिश करेगा, वह सीधे जेल जाएगा और उसका खेल यहीं खत्म होगा।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि एएनटीएफ, एसटीएफ पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभागों के साथ-साथ हर नागरिक अब चिट्टे के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि आज वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की रक्षा करने वाली एक ढाल की तरह यहां उपस्थित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा के लिए एक व्यापक युद्ध है, जो अब मिशन मोड में प्रवेश कर चुका है।

    सरकार के सामने कई चुनौतियां थीं और उन्होंने उनका डटकर सामना किया। बड़े नशा तस्करों और अंतर-राज्यीय गिरोहों की रीढ़ तोड़ने में सरकार सफल रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की और चिट्टा के बारे में सूचना साझा करने पर पुरस्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दो ग्राम तक के चिट्टे की सूचना के लिए 10 हजार रुपये, पांच ग्राम के लिए 25 हजार रुपये, 25 ग्राम के लिए 50 हजार रुपये, एक किलो के लिए पांच लाख रुपये तथा एक किलो से अधिक मात्रा में चिट्टे की सूचना देने के लिए 10 लाख रुपये ईनाम राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़े गिरोह के सूचना देने वाले को पांच लाख रुपये से अधिक की ईनाम राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिट्टे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया गया है। उन्होंने लोगों से इस संबंध में किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशा निवारण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर गुब्बारों और पैराग्लाइडर के माध्यम से भी चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, हिमाचल पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर, राकेश कालिया, सुरेश कुमार, संजय अवस्थी, मलेन्द्र राजन, हरीष जनारथा, नीरज नैयर, रणजीत सिंह, हरदीप सिंह बावा, कमलेश ठाकुर, अनुराधा राणा, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी व अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में राज्यपाल दंपत्ति की सहभागिता, गोरखपुर में दिखा सक्रिय रुझान

    मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में राज्यपाल दंपत्ति की सहभागिता, गोरखपुर में दिखा सक्रिय रुझान

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल एवं लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला ने आज उत्तर प्रदेश में गोरखपुर दौरे के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत अपने फॉर्म भरे। कार्यक्रम के तहत उन्होंने बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत की तथा मतदाता सूची के चल रहे पुनरीक्षण कार्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करने में निर्वाचन तंत्र के प्रयासों की सराहना की।

    इस अवसर पर शुक्ल ने कहा कि मतदाता लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ हैं और प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मताधिकार नागरिकों को राष्ट्र के भविष्य को निर्धारित करने की शक्ति प्रदान करता है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से वंचित न रहे।

    उन्होंने सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर युवाओं, महिलाओं, नव-पात्र मतदाताओं तथा हाल ही में स्थानांतरित हुए लोगों से इस विशेष अभियान का पूरा लाभ उठाने और स्वयं को मतदाता सूची में विधिवत दर्ज करवाने का आह्वान किया।

  • वीरेन्द्र ठाकुर को सूचना एवं जन संपर्क विभाग से सेवा निवृत्ति पर सम्मानित किया गया

    वीरेन्द्र ठाकुर को सूचना एवं जन संपर्क विभाग से सेवा निवृत्ति पर सम्मानित किया गया

    शिमला: सूचना एवं जन संपर्क निदेशालय में आज अधीक्षक ग्रेड-1 वीरेन्द्र ठाकुर की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह आयोजित किया गया। वीरेन्द्र ठाकुर ने 28 जनवरी, 1987 को विभाग में क्लर्क के पद पर अपनी सेवाएं शुरू की थीं। लगभग 39 वर्षों की अवधि में उन्होंने ईमानदारी, प्रतिबद्धता और कर्तव्यनिष्ठा से विभाग में विशेष पहचान बनाई। अपने कार्यकाल के दौरान वे अनुशासित, विश्वसनीय और जिम्मेदार अधिकारी रहे। विभाग की विभिन्न शाखाओं को मजबूत बनाने में उनका योगदान महत्त्वपूर्ण रहा। उनका कार्य व्यवहार, पेशेवर दक्षता और जिम्मेदारियों को सहजता से निभाने की क्षमता ने उन्हें विभाग का मूल्यवान सदस्य बनाया।

    इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक महेश पठानिया ने उनके स्वस्थ, खुशहाल और सुखद जीवन की कामना करते हुए विभाग के लिए उनके योगदान की सराहना की।वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उन्हें सुखद, शांतिपूर्ण एवं आनंदमय जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।

  • CM Sukhu ने विंग कमांडर नमांश स्याल को किया सम्मानित

    CM Sukhu ने विंग कमांडर नमांश स्याल को किया सम्मानित

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के पटियालखर गांव पहुंचकर दुबई एयर शो के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुःखद घटना में राष्ट्र ने एक बहादुर सुपुत्र और साहसी पायलट को खो दिया है। हर हिमाचली उनके अदम्य साहस, कर्त्तव्यनिष्ठा और देश सेवा पर गर्व करता है। राष्ट्र उनके इस सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखेगा। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि इस दुःख की घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक कमलेश ठाकुर व सुरेश कुमार भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।