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  • मुख्यमंत्री सुक्खू का स्वागत करते हुए धर्मशाला में उमड़ी भीड़

    मुख्यमंत्री सुक्खू का स्वागत करते हुए धर्मशाला में उमड़ी भीड़

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार सायं विधानसभा शीतकालीन सत्र के लिए कांगड़ा जिला के धर्मशाला पहुंचे।

    इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, एपीएमसी कांगड़ा की अध्यक्ष निशु मोंगरा, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गर्मजोशी से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर, 2025 तक धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होगा।

  • CM Sukhu ने किया ऐलान, विदेश में युवाओं को मिलेंगे करियर के नए अवसर

    CM Sukhu ने किया ऐलान, विदेश में युवाओं को मिलेंगे करियर के नए अवसर

    शिमला: राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) लिमिटेड के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नून फूड एलएलसी (किराना व खाद्य वितरण) के लिए 300 डिलीवरी राइडर्ज की भर्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इच्छुक पुरूष उम्मीदवार 29 नवंबर 2025 तक गूगल फॉर्म लिंक https://forms.gle/t2ewUU4qCykidLWL7 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    यह भर्ती एचपीएसईडीसी द्वारा श्रम और रोजगार विभाग और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत भर्ती एजेंसी के सहयोग से आयोजित की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को 2500 दिरहम का मासिक वेतन, कमीशन और टिप के साथ, लगभग 70,000 से 1,00,000 रुपये मिलेंगे। अभ्यर्थियों के चेहरे या गर्दन पर टैटू नहीं होनी चाहिए और रंग-अंधता स्वीकार्य नहीं है। वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य रहेगा।

    उन्होंने बताया कि आवेदक के लिए 10वीं न्यूनतम योग्यता रखी गई है और आवेदक को बेसिक इंग्लिश का ज्ञान होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 20 से 37 वर्ष निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी के पास गियर मोटरसाइकिलों के लिए कम से कम आगामी एक वर्ष के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक है।

    उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की तैनाती के बाद यूएई ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए 5,500 दिरहम का शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 1000 दिरहम प्रस्थान के समय और शेष 4,500 दिरहम, 500 दिरहम की नौ मासिक किश्तों में वेतन से काटे जाएंगे।

    बिना वैध पासपोर्ट वाले उम्मीदवारों को भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को विदेश मंत्रालय द्वारा अनुमोदित 35,400 रुपये और 1,500 रुपये का चिकित्सा शुल्क भी देना होगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में विभिन्न जिलों में एक सप्ताह का भर्ती अभियान आयोजित किया जाएगा। विस्तृत स्थान और कार्यक्रम के लिए, उम्मीदवार स्थानीय श्रम और रोजगार कार्यालय या एचपीएसईडीसी की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • हरित पहल में किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हुआ समझौता, 50 हजार से ज्यादा किसान होंगे लाभान्वित

    हरित पहल में किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हुआ समझौता, 50 हजार से ज्यादा किसान होंगे लाभान्वित

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज यहां हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने सिंगापुर स्थित कंपनी प्रोक्लाइम के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। प्रदेश सरकार की ओर से वन बल मुख्य डॉ. संजय सूद और कंपनी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी केविन कुमार कंदसामी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना जलवायु संरक्षण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी। इससे प्रदेश के 50 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। इसके अंतर्गत किसानों की भूमि और खेतों की मेड़ों पर पेड़ लगाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश्रा दिए कि किसानों को पौधारोपण के लिए आर्थिक सहायता और अन्य सहयोग प्रदान किया जाए। किसानों को पांच वर्ष के उपरान्त कार्बन क्रेडिट का लाभ मिलेगा और कंपनी के मुनाफे का 30 प्रतिशत हिस्सा भी किसानों को दिया जाएगा। यह योजना तीन चरणों में लागू होगी, जिससे प्रदेश का हरित आवरण बढ़ेगा और किसान समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा, भूमि कटाव में कमी आएगी, खेतों में जैव विविधता बढ़ेगी और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे।

    पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील सिंगला, प्रोक्लाइम कंपनी के तकनीकी निदेशक सम्राट सेनगुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • सरकार की नई पहल: मंत्रिमंडल की बैठक में लिए महत्वपूर्ण फैसले

    सरकार की नई पहल: मंत्रिमंडल की बैठक में लिए महत्वपूर्ण फैसले

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों को घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए मिलने वाली धनराशि 70,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया।

    मंत्रिमंडल ने आग लगने की स्थिति में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए सात लाख रुपये का विशेष सहायता पैकेज प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया है। प्रदेश में आपदा की स्थिति के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए वायुसेना को 4.32 करोड़ रुपये स्वीकृति किए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य में पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय लिया।

    मनरेगा के अंतर्गत 150 दिनों का रोजगार उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। व्यक्तिगत कार्यों के अंतर्गत रिटेनिंग वॉल निर्मित करने के लिए दो लाख रुपये तक की राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर रोगी-सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्रों की नियुक्ति का निर्णय लिया है।

    मंत्रिमंडल ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल के 800 पदों के सृजन एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की है। सोलन जिला के कंडाघाट और सिरमौर जिला के राजगढ़ में उप-अग्निशमन केंद्र खोलने के साथ-साथ 46 पद सृजित कर इन्हें भरने तथा चार फायर टेंडर खरीदने को मंजूरी दी गई। जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग में 150 कनिष्ठ अभियंता (सिविल) को जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया गया है।

    बैठक में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में नौ सुपर स्पेशियलिटी विभागों के सृजन एवं 73 पदों (प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट) के सृजन और भरने को स्वीकृति दी गई।

    मंत्रिमंडल ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा में सुपर स्पेशियलिटी विभाग के लिए 27 सीनियर रेजिडेंट के पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया है। मंडी जिला के श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में नई पुलिस पोस्ट खोलने एवं आवश्यक पदों के सृजन और भरने की मंजूरी प्रदान की गई।

    बैठक में पुलिस विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पांच पदों का सृजन और भरने का निर्णय लिया गया। धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (नॉर्थ रेंज) में डिजिटल फॉरेंसिक सुविधा के लिए पांच पदों का सृजन और भरने को स्वीकृति दी गई।

    मंत्रिमंडल ने 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने का निर्णय लिया है। जिस दिव्यांगजन के अभिभावक यदि सरकारी, अर्ध-सरकारी, बोर्डों या निगमों के कर्मचारी या पेंशनर हों, उसके लिए पुरानी पात्रता शर्त को समाप्त कर दिया गया है। बैठक में राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत 1000 पेट्रोल और डीजल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सी में बदलने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

    मंत्रिमंडल ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का स्पेशल टास्क फोर्स में विलय कर गृह विभाग के अधीन एक एकीकृत स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य संचालन क्षमता में सुधार और नशे से जुड़े मामलों से निपटने के लिए एक प्रभावी एजेंसी तैयार करना है। इसके साथ ही प्रदेश में पंचायत स्तर पर एंटी-चिट्टा अभियान चलाने को भी मंजूरी प्रदान की गई।

    बैठक में सड़क सुरक्षा को और मजबूती देने के उद्देश्य से हाईवे पेट्रोलिंग के लिए दस इलेक्ट्रिक बाइकों की खरीदने का निर्णय लिया गया। कांगड़ा जिला में हरिपुर तहसील से हरिपुर और बिलासपुर कानूनगो वृत्तों को विभाजित कर बनखंडी में नया कानूनगो वृत्त बनाने का निर्णय लिया गया है।

    मंत्रिमंडल ने वन भूमि पर खनिज रियायतों के अनुदान के लिए वन विभाग को आशय पत्र जारी करने का अधिकार प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में ‘मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना’ को शहरी क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों और 10 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले खुदरा विक्रेताओं तक विस्तार देने का निर्णय लिया गया है। योजना के अंतर्गत एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्ति) घोषित हो चुके छोटे दुकानदारों को बैंक के माध्यम से एक लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी जिसका वहन प्रदेश सरकार करेगी।

    मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के बमसन और हमीरपुर विकास खंडों के पुनर्गठन की भी मंजूरी प्रदान की है। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर को समर्पित विज्ञान महाविद्यालय में परिवर्तित करने और एकीकृत बी.एड (बी.एससी.) कार्यक्रम आरम्भ करने के लिए एक यूनिट शुरू करने को स्वीकृति दी गई है। बैठक में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र), हमीरपुर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, हमीरपुर (छात्रा) का विलय कर अगले शैक्षणिक सत्र से सह-शैक्षिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया।

    मंत्रिमंडल ने धर्मशाला, नादौन, चायलकोटी तथा जिला शिमला के टिक्कर स्थित राजकीय महाविद्यालयों में चार वर्षीय एकीकृत बी.एड कार्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, जिला शिमला में राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर में दो वर्षीय बी.पी.एड कार्यक्रम शुरू करने और लोहराब स्थित फाइन आर्ट्स कॉलेज में नए विषय शुरू करने तथा कांगड़ा जिला के हरिपुर गुलेर स्थित महाविद्यालय को फाइन आर्ट्स महाविद्यालय में परिवर्तित करने का भी निर्णय लिया गया है।

    बैठक में सरकारी स्कूलों के 805 प्रधानाचार्यों की पदोन्नति के लिए डीपीसी आयोजित करने को भी स्वीकृति दी गई जिसकी अध्यक्षता सचिव (शिक्षा) करेंगे।

  • NHA-154ए पर तटबंध मरम्मत को केंद्र की हरी झंडी, 93.55 करोड़ रुपये स्वीकृत: विक्रमादित्य सिंह

    NHA-154ए पर तटबंध मरम्मत को केंद्र की हरी झंडी, 93.55 करोड़ रुपये स्वीकृत: विक्रमादित्य सिंह

    शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार के निरंतर और प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत सरकार ने नेशनल हाईवे-154ए के संवेदनशील स्थानों पर तटबंधों की विशेष मरम्मत के लिए 93,55,59,489 रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज बताया कि मानसून के दौरान इस राष्ट्रीय राजमार्ग को बार-बार होने वाले नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार निरन्तर इस मामले को केंद्र से उठा रही थी। चंबा जिला में मानसून आपदा के बाद हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया गया और उन्होंने स्वयं जाकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत चर्चा की। आकलन के उपरान्त त्वरित वित्तीय सहायता के लिए इस प्रस्ताव को प्राथमिकता के साथ केंद्र सरकार को भेजा गया। भूस्खलन, कटाव और सड़क टूटने की घटनाओं के कारण यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए यह मामला गंभीरतापूर्वक केन्द्र से उठाया गया था।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के बाद केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लोक निर्माण विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का परीक्षण कर तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना चंबा जिला के चक्की-बनीखेत-चंबा-भरमौर सड़क मार्ग के संवेदनशील तटबंधों की विशेष मरम्मत से संबंधित है। योजना को पूरी सावधानी के साथ कार्यान्वित किया जाएगा ताकि अनावश्यक विलम्ब और लागत बढ़ोतरी से बचा जा सके।

    विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस कार्य योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 30 प्रतिशत कार्य, वर्ष 2026-27 में संपूर्ण कार्य और उसके बाद वर्ष 2031-32 तक नियमित रखरखाव का प्रावधान किया गया है। इससे इन संवेदनशील हिस्सों की लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और सड़क की मजबूती में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय के लिए रखरखाव की यह स्वीकृति प्रदेश सरकार के प्रयासों का परिणाम है।

    लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि एनएच-154ए पर्यटन, व्यापार और स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण मार्ग है। तटबंधों की मजबूती से भारी बारिश के समय सड़क बंद होने की घटनाएं भी कम होगी। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर बार-बार होने वाली सड़क धंसने की घटनाएं न केवल यात्रियों के लिए घातक हैं, बल्कि यह आवश्यक सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित करती है।

    विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह स्वीकृति राज्य में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार अन्य संवेदनशील राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भी इसी प्रकार की स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पूरे प्रदेश में निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए शिमला में तैनात मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी को आहरण एवं वितरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी कार्य सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किए जाएंगे।

    लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सड़क अवसंरचना को उन्नत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। केंद्र द्वारा एनएच-154ए के लिए दी गई यह बड़ी स्वीकृति भी इन्हीं निरंतर प्रयासों और प्रभावी फॉलो-अप का परिणाम है।

  • अवैध शराब माफिया पर एक्शन, अप्रैल से लगातार जब्ती अभियान में बड़ी सफलता

    अवैध शराब माफिया पर एक्शन, अप्रैल से लगातार जब्ती अभियान में बड़ी सफलता

    शिमला: आबकारी विभाग ने प्रदेश भर में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पूरे राज्य में विभाग की विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं और इस वित्त वर्ष में अभी तक 523 केस दर्ज किए है। विभाग ने 21637.166 लीटर अवैध शराब के साथ-साथ 33308.900 लीटर लाहन प्रदेश के विभिन्न स्थानों से बरामद की है। पिछले महीने यानी अक्तूबर में ही दक्षिण क्षेत्र शिमला में 309.340 लीटर अवैध शराब व 12 लीटर लाहन, मध्य क्षेत्र मंडी में 2678.225 लीटर अवैध शराब व 14 लीटर लाहन व उत्तरी क्षेत्र पालमपुर में 529.150 लीटर शराब व 4870 लीटर लाहन बरामद की है। इसके अलावा पुलिस जिला बद्दी में 286.09 लीटर अंग्रेजी शराब, कुल्लू में 2090.625 लीटर अंग्रेजी शराब, मंडी में 528.350 लीटर अंग्रेजी शराब, ऊना में 286.045 लीटर अंग्रेजी शराब अवैध शराब पकडी गई है। सरकार द्वारा जिला प्रभारियों को इस कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    वहीं, अक्तूबर माह में ही विभाग ने पुलिस जिला नुरपुर के डमटाल क्षेत्र के गांव मिलवान, ठाकुरद्वारा, बरोटा, बेला लुडाचा, उलेहरियां में भारी मात्रा में गैर-कानूनी शराब और कई चालू भट्टियां जब्त की गई जिन्हें टीम ने कानून के मुताबिक सही कार्रवाई करने के बाद मौके पर ही नष्ट कर दिया।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सूक्खू के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने जिला स्तर पर विशेष विभागीय टीमों का गठन किया है। इन टीमों के माध्यम से अवैध शराब के विरूद्व पूरे राज्य मे सघन अभियान चलाया जा रहा है ताकि अवैध शराब गतिविधियों को रोका जा सके। आबकारी विभाग ने प्रदेश में इन अवैध शराब गतिविधियों को रोकने के लिए 35 विशेष टीमें गठित की हैं। 4-4 टीमें कुल्लू तथा चम्बा जिले में, 3-3 टीमें शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, ऊना जिले तथा नूरपुर पुलिस जिले में, 2-2 टीमें कांगड़ा, सिरमौर, हमीरपुर जिले तथा बी.बी.एन. पुलिस जिले में तथा 1 टीम किन्नौर जिले में तैनात की गई हैं ताकि अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।

    आबकारी आयुक्त यूनुस ने बताया कि राज्य सरकार अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखकर नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में ला रही है ताकि शराब के अवैध कारोबार से सरकार के राजस्व को हानि न पहुंचे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह अवैध शराब व कारोबार से जुड़ी कोई भी सूचना विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे दूरभाष नम्बर 0177-2620426 तथा व्हाट्स ऐप नम्बर 94183-31426 व जोनल समाहर्ता 0177-2620426 (दक्षिण क्षेत्र), 01894-230186 (उतरी क्षेत्र) व 01905-223499 (मध्य क्षेत्र) पर साझा करें, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।

  • युवा नेतृत्व संवाद: राज्यपाल ने युवाओं को भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया

    युवा नेतृत्व संवाद: राज्यपाल ने युवाओं को भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में आयोजित ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद एवं नशामुक्त भारत अभियान’ कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, जिज्ञासा और सृजनात्मक शक्ति ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएगी।

    राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में युवाओं की भूमिका सबसे प्रमुख है। युवा देश के सपनों को गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि छात्र-छात्राएं शिक्षा को केवल करियर का माध्यम न समझें, बल्कि समाज परिवर्तन, नवाचार और राष्ट्रीय सेवा का साधन बनाएं। अपने अंदर नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रीयता की भावना का विकास करें। जब युवा सक्रिय होते हैं, राष्ट्र प्रगति करता है।

    उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले वर्ष तक जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। देश में स्टार्टअप, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष अनुसंधान और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार युवाओं की सहभागिता का परिणाम है। एक विकसित, सशक्त और नशामुक्त भारत का निर्माण तभी संभव है जब युवा जागरूक, अनुशासित और समर्पित हों। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग आप ही से होकर जाता है। अपनी क्षमता पर विश्वास रखें, अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और नशे जैसी बुराइयों से स्वयं भी दूर रहें तथा दूसरों को भी बचाएं।

    शुक्ल ने नशामुक्ति पर जोर देते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सिंथेटिक ड्रग्स के जाल में फंसाने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है, जिससे बचाने के लिए समाज को साथ आना होगा।

    राज्यपाल ने कहा कि हमें नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। युवाओं को गलत आदतों से बचाने के लिए जागरूकता, संवाद, परिवार का सहयोग और शैक्षिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि नशे से दूर रहें, खेल, योग, संगीत, कला और सकारात्मक गतिविधियों से जीवन को ऊंचा उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से उन्होंने नशामुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया और उच्च शैक्षणिक संस्थानों से प्रारंभ यह अभियान अब पंचायत स्तर तक पहुंच चुका है। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश सरकार के ठोस एवं सार्थक प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कुलपति से विश्वविद्यालय में योग और खेल गतिविधियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

    राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है, जहां युवाओं की ऊर्जा और संकल्प भारत के भविष्य को नई दिशा देते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की टीम को किए जा रहे सार्थक कार्यों के लिए बधाई दी।

    कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और विकसित भारत व नशामुक्त भारत विषय पर छात्रों द्वारा तैयार चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने सरदार पटेल की प्रेरणादायक यात्रा को छायाचित्रों के माध्यम से संकलित करती एक पुस्तक का विमोचन भी किया।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय द्वारा विकसित भारत व नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कहानी लेखन, भाषण, चित्रकला और कविता पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यपाल ने सम्मानित किया। कहानी लेखन में एमएलएसएम डिग्री कॉलेज सुन्दरनगर के चंदन जस्वाल ने प्रथम, लंबा थाच की पुनम ठाकुर ने द्वितीय और जागृति बीएड कॉलेज मंडी की प्रोमिला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में वल्लभ महाविद्यालय मंडी की उर्मिता ठाकुर प्रथम, एसपीयू की सोनाक्षी द्वितीय और जागृति बीएड कॉलेज की प्रिंयका तृतीय रही। चित्रकला प्रतियोगिता में एसपीयू के धु्रव ने प्रथम, जागृति बीएड कॉलेज की आशा ने द्वितीय और एमएलएसएम की मिनाक्षी ने तृतीय स्थान हासिल किया। कविता पाठ में राजकीय महाविद्यालय रिवालसर की पूजा शर्मा प्रथम, एमएलएसएम सुन्दरनगर के शौरभ और एंजलीना द्वितीय और वल्लभ महाविद्यालय मंडी के ओजस्वी तृतीय स्थान पर रहे।

    राज्यपाल ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं की प्रतिभा और उनका संकल्प विकसित भारत की दिशा तय करेगा। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी तथा विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद व नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण राजेश कुमार ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया जबकि कुल सचिव शशिपाल नेगी ने सभी का धन्यवाद किया। छात्र-छात्राओं ने विकसित भारत व नशामुक्त भारत पर लघु नाटिका, कविता तथा भाषण भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी वीरेंद्र भट्ट शर्मा, राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, एडीएम डॉ. मदन कुमार, एसडीएम मंडी रुपिंदर कौर, कुल सचिव शशि पाल नेगी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

  • तीन लोगों की मौत से राज्य में शोक, सीएम और डिप्टी सीएम ने जताई पीड़ा

    तीन लोगों की मौत से राज्य में शोक, सीएम और डिप्टी सीएम ने जताई पीड़ा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिला के गांव टाहलीवाल में आज सुबह हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में दो लोग घायल भी हुए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उप-मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने की भी प्रार्थना की।

  • मुख्यमंत्री Sukhu ने दून विधानसभा क्षेत्र के लिए लोक निर्माण विभाग मंडल की घोषणा की

    मुख्यमंत्री Sukhu ने दून विधानसभा क्षेत्र के लिए लोक निर्माण विभाग मंडल की घोषणा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला सोलन के दून विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग का मंडल खोलने की घोषणा की है। उन्होंने बद्दी नागरिक अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता 100 करने और एसडीएम कार्यालय के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये तथा खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणाएं की।

    उन्होंने कहा कि बद्दी में बढ़ती आबादी के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। यहां एक आधुनिक बस स्टैंड बनाया जाएगा जिसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बद्दी, बरोटीवाला और चंडी के स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा भी की।

    बद्दी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर आंखें मूंद लेने के लिए प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपये मूल्य की 5,000 बीघा ज़मीन सिर्फ़ 1.12 करोड़ रुपये में बड़े उद्योगपतियों को दे दी। कस्टमाइज्ड पैकेज की आड़ में स्टांप ड्यूटी माफ़ कर दी गई और पांच साल तक 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली और मुफ़्त पानी देने का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के संसाधनों के संरक्षक हैं इसलिए राज्य की संपत्तियों को लूटने नहीं देंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना में भी हिमाचल के हितों की रक्षा कर रही है, इसीलिए केंद्र से मिले 30 करोड़ रुपये वापस कर दिए और पार्क को खुद विकसित करने का निर्णय लिया है। भाजपा का सोशल मीडिया सेल मुझे इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि मैंने भ्रष्टाचार के दरवाजे बंद कर दिए और विधवाओं, अनाथ बच्चों, महिलाओं, मजदूरों और किसानों के अधिकारों को सुनिश्चित किया। पूर्व भाजपा सरकार 75,000 करोड़ रुपये का कर्ज और कर्मचारियों से संबंधित 10,000 करोड़ रुपये की देनदारियां छोड़ गई है। उन्होंने कहा कि चुनावी लाभ के लिए भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में बिना बजट और कर्मचारियों का प्रावधान किए कई संस्थान खोले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय विधायक चौधरी राम कुमार हमेशा दून विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए चिंतित रहते हैं। उन्हें दून के लोगों की परवाह है और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए अथक प्रयास करते हैं।

    वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर 21वें स्थान पर था। हमने शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाए और पहली कक्षा से ही अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा शुरू की और स्कूल निदेशालयों का विलय किया। जिससे हमें राष्ट्रीय स्तर पर पांचवें स्थान पर पहुंचने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य में 100 सीबीएसई स्कूल खोले जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार ला रही है। अस्पतालों में उन्नत तकनीक और आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए 3,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कई चुनौतियों के बावजूद, हिमाचल आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार विभागों में बड़े पैमाने पर भर्तियां करने जा रही है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती के पेपर लीक हो गए थे। हमने आयोग को भंग कर दिया, क्योंकि हम पारदर्शिता और योग्यता आधारित भर्तियों में विश्वास करते हैं। वर्तमान सरकार आम जनता की सरकार है और भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।

    सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों की लगातार सहायता कर रही है। उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज जारी किए। प्रदेश सरकार ने सहायता सुनिश्चित करने के लिए नियमों में बदलाव किया और आज प्रभावित परिवारों को अपने घर फिर से बनाने के लिए 7 लाख रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से सहायता लेने के लिए भाजपा के सभी सातों सांसदों के साथ केंद्र जाने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री ने 1,500 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन हमें अभी तक धनराशि नहीं मिली है और प्रदेश सरकार अकेले ही आपदा प्रभावित परिवारों का दर्द बांट रही है।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राहत नियमावली के अनुसार दून विधानसभा क्षेत्र के 18 आपदा प्रभावित परिवारों को 17,62,000 रुपये की राहत राशि और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 15 लाभार्थियों को अंतिम किश्त के रूप में 17,03,000 रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत तीन क्षय रोगियों को पोषण किट भी प्रदान कीं।

    चौधरी राम कुमार ने लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से उनके पिता चौधरी लज्जा राम चार बार विधायक रहे और अब वह स्वयं भी दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। मुख्यमंत्री के सहयोग से उनके क्षेत्र में 475 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले से ही चल रहे हैं और आज लगभग 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि 50 बिस्तरों वाले नए बद्दी अस्पताल का लोकार्पण एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले तीन वर्षों में दून विधानसभा क्षेत्र में कई बड़े कार्यालय खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का इस विधानसभा क्षेत्र के लोगों से विशेष लगाव है इसलिए विकास कार्य बिना किसी बाधा के प्रगति पर हैं।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, बावा हरदीप, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस नेता शिव कुमार, सुरेंद्र सेठी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की जयंती पर CM Sukhu ने किया नमन, अर्पित की पुष्पांजलि

    पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की जयंती पर CM Sukhu ने किया नमन, अर्पित की पुष्पांजलि

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के विकास में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी निर्णयों ने भारत को मजबूत आधार प्रदान कर सशक्त बनाया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन, आर्थिक सुधार, बैंकों के राष्ट्रीयकरण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण में उनकी भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, हरीश जनारथा, मलेंद्र राजन, रणजीत सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।