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  • मुख्यमंत्री सुक्खू का ऐलान चिट्टे के खिलाफ अब निर्णायक जंग, 15 नवम्बर को एंटी-चिट्टा रैली

    मुख्यमंत्री सुक्खू का ऐलान चिट्टे के खिलाफ अब निर्णायक जंग, 15 नवम्बर को एंटी-चिट्टा रैली

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार 15 नवम्बर से चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई आरम्भ करेगी और इसे समूल नष्ट किया जाएगा। चिट्टे के खिलाफ आगामी तीन माह तक व्यापक और बहुस्तरीय अभियान आयोजित किया जाएगा।

    अभियान का शुभारम्भ 15 नवम्बर, 2025 को शिमला के रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक ‘एंटी चिट्टा रैली’ से किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस रैली का शुभारम्भ करेंगे। इस रैली में प्रदेश से विधायक, गणमान्य व्यक्ति, छात्र और समाज के सभी वर्गों के लोग हिस्सा लेंगे। तीन माह के अभियान के दौरान चिट्टे के खिलाफ बहुस्तरीय कार्रवाई की जाएगी। राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक की जाने वाली यह कार्रवाई अब तक चिट्टा के खिलाफ सबसे बड़ा प्रहार होगा। इस अभियान में सरकार के प्रतिनिधि, पुलिस, विभिन्न विभाग, स्वयंसेवक, विद्यार्थी और अन्य लोग विभिन्न स्तरों पर कार्य करेंगे। इस दौरान नशा निवारण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

    अभियान के दौरान जिला, उपमंडल और अन्य स्तरों पर भी एंटी चिट्टा रैलियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश से चिट्टा के समूल नाश के लिए पुलिस विभाग में एक विशेष सेल गठित किया जाएगा। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदेश में चिट्टा से सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें चिन्हित कर ली गई हैं। इन पंचायतों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जएगा। महाविद्यालयों में एंटी चिट्टा वालंटियर तैयार किये जाएंगे। पुलिस विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए वृहद रूपरेखा तैयार की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों और नशे के सेवन एवं अवैध कारोबार को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन का किया जाएगा। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। समिति में अध्यक्ष सहित सात सदस्य होंगे। समितियों की हर माह नियमित रूप से बैठक आयोजित की जाएंगी, जिसमें क्षेत्र में चिट्टा व चिट्टा से सम्बन्धित गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों से साझा किया जाएगा। ये समितियां स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशा निवारण व इससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। ये समितियां जिला में सम्बन्धित उपायुक्त के माध्यम से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी और समन्वय भी स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा निवारण समितियां पंचायत स्तर पर नशा निवारण, चिट्टे के अवैध कारोबार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    बैठक में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव वित्त डॉ. अभिषेक जैन और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • राज्य की प्रगति पर आधारित दो डेटा रिपोर्टों का मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया विमोचन

    राज्य की प्रगति पर आधारित दो डेटा रिपोर्टों का मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया विमोचन

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के दो प्रमुख सांख्यिकीय प्रकाशनों-हिमाचल प्रदेश सांख्यिकीय सार 2024-25ः डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और सांख्यिकीय वर्ष पुस्तक 2024-25 का विमोचन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में डेटा-अधारित सुशासन को मज़बूत करने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय, पारदर्शी और समयबद्ध डेटा विकास योजनाओं के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे प्रत्येक नागरिक, विशेषकर दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों का विकास सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि 2024-25 संस्करण में नवीन डेटा विज़ुअलाइज़ेशन सुविधाएं जैसे विभिन्न रंगों के उपयोग वाले चार्ट, ग्राफ़, मानचित्र शामिल हैं। इस प्रकार की जानकारी नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, अधिकारियों और आम जनता के लिए अधिक सुलभ, सहज और उपयोगकर्ता के अनुकूल होती है।

    सुक्खू ने कहा कि आज के तेज़ी से बदलते आर्थिक परिदृश्य में, सतत और समावेशी विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इन प्रकाशनों में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, आधारभूत अधोसंरचना, वित्त, डिजिटल सेवाओं और जन कल्याण कार्यक्रमों सहित प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि ये प्रकाशन आधुनिक, प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन के प्रति हिमाचल प्रदेश की प्रतिबद्धता में एक महत्त्वपूर्ण मील पत्थर साबित होंगे। जटिल डेटा को सरल दृश्य रूपों में परिवर्तित करने का उद्देश्य जनता की सार्वजनिक डेटा से संबंधित समझ में वृद्धि करना, शैक्षणिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी अधोसंरचना को मज़बूत करना है।

    सचिव (आर्थिक एवं सांख्यिकी) डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि डिजिटल हिमाचल पोर्टल पर भी यह डेटा ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इससे पारदर्शी तरीके से डेटा तक जनता की पहुंच सुनिश्चित होती है। उन्होंने लोगों के लिए सेवाएं प्रदान करने और योजनाओं के निर्माण में तकनीक के उपयोग के प्रदेश सरकार के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों और संस्थागत स्रोतों से डेटा को व्यवस्थित रूप से संकलित कर ग्राफिकल रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह संस्करण डेटा विश्लेषण को सुगम बनाने, साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और ठोस नीति निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

    आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा ने कहा कि सांख्यिकीय सारांश के उन्नत प्रारूप को प्रशासकों, योजनाकारों, शोधकर्ताओं और हितधारकों की मदद के लिए बनाया गया है ताकि कम समय में सार्थक योजनाएं तैयार किया जा सकें। उन्होंने सटीक एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध करवाने के लिए विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये प्रकाशन अब विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और आम जनता के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। डिजिटल पहुंच से व्यापक प्रसार संभव होगा और पूरे राज्य में आँकड़ों पर आधारित निर्णय लेने की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।

    इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह के.के. पंत, प्रधान सचिव, वित्त देवेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 29.50 करोड़ की पांच विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 29.50 करोड़ की पांच विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के लिए 29.50 करोड़ रुपये लागत की पांच विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने संगड़ाह तहसील के माइना बाग में 6.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन और नोहराधार में 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सब मार्किट यार्ड चरण-1 का उद्घाटन किया।

    उन्होंने दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका जी-ददाहू बिरला सड़क, जल शक्ति विभाग उप-मंडल नोहराधार के अंतर्गत रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए 17.89 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधा और ग्राम पंचायत भराड़ी, नोहराधार के गांव चोकन, ठांडी, हरिजन बस्ती चुमानु और कुदाग के लिए 94 लाख की ग्रेविटी जलापूर्ति योजना रोंडी पुल का शिलान्यास किया। उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी और अन्य गणमान्य माइना बाग में मौजूद थे।

  • जनकल्याण के एजेंडे पर CM Sukhu सक्रिय, केंद्र से मांगी स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की प्रतिबद्धता

    जनकल्याण के एजेंडे पर CM Sukhu सक्रिय, केंद्र से मांगी स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की प्रतिबद्धता

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत सायं नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से उनके आवास पर भेंट की।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसरंचना को सुदृढ़ करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतगर्त अगले वित्त वर्ष में आवंटन में वृद्धि, प्रदेश के लिए 3 गहन चिकित्सा खंड स्थापित करने की स्वीकृति शीघ्र प्रदान करने तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अनुपात बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि प्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अगले वित्त वर्ष में आवंटन में 200 करोड़ की वृद्धि की जाए।

    उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बढ़ाने का आग्रह भी किया ताकि 90:10 का अनुपात बना रहे। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आग्रह किया कि प्रदेश के लिए तीन गहन चिकित्सा खंड स्थापित करने की अनुमति शीघ्र प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यह खंड प्रदेश में गंभीर रोगों से पीड़ित रोगियों के बेहतर उपचार के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।

    इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को हिमाचल में इस वर्ष आपदा से हुए नुकसान तथा प्रदेश सरकार द्वारा अधोसरंचना विकास एवं आपदा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने प्रदेश हित में राज्य की ऋण सीमा में 2 प्रतिशत की वृद्धि का मामला केंद्रीय वित्त मंत्री से उठाने का आग्रह भी किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

  • CM Sukhu ने वित्त मंत्री से की मुलाकात, ऋण सीमा बढ़ाने का किया आग्रह

    CM Sukhu ने वित्त मंत्री से की मुलाकात, ऋण सीमा बढ़ाने का किया आग्रह

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत वित्तीय सहायता, ऋण एवं अनुदान के लिए उदार दृष्टिकोण अपनाने तथा प्रदेश को वित्त वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए ऋण सीमा में दो प्रतिशत की वृद्धि का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के सतत् प्रयासों से हालांकि राज्य के राजस्व में वृद्धि हो रही है लेकिन राजस्व घाटा अनुदान में नियमित कमी तथा पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान के दृष्टिगत हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि में प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में कमी आई है। वर्ष 2020-21 के 10249 करोड़ रुपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में यह घटकर मात्र 3257 करोड़ रुपए रह गया है।

    उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 18000 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। इस अवधि में प्रदेश में 1321 लोगों की मृत्यु भी हुई। इस कारण प्रदेश के संसाधन एवं श्रम शक्ति में भी कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर दर के हाल ही में किए गए युक्तिकरण से कर आधार कम होने से प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

    उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल की कठिन परिस्थितियों के दृष्टिगत हिमाचल को उदार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए जा रहे उपायों की जानकारी भी प्रदान की।

    केन्द्रीय वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रदेश की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत अतिरिक्त सहायता प्रदान करने और बाह्य वित्त पोषित परियोजनाओं के तहत विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं के लिए अतिरिक्त स्वीकृति पर भी विचार किया जाएगा।

    राज्य सभा सांसद एवं हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार यादव और केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • राज्यपाल की पहल, कुल्लू और चंबा के आपदा प्रभावितों को मिलेगी मदद

    राज्यपाल की पहल, कुल्लू और चंबा के आपदा प्रभावितों को मिलेगी मदद

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज कुल्लू और चंबा जिलों के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक राहत सामग्री के दो वाहनों को राजभवन से रवाना किया। राहत सामग्री हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से इन क्षेत्रों में चल रहे पुनर्वास प्रयासों के अंतर्गत सहायता के लिए भेजी गई है। राहत सामग्री में रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के 74 सेट, 300 तिरपाल, 280 कंबल, 20 आश्रय उपकरण किट और आवश्यक अन्य घरेलू सामान शामिल हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी आपदाग्रस्त लोगों को समय पर सहायता प्रदान करने में सराहनीय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के माध्यम से राहत कार्य जारी रहेंगे और अगर आवश्यक हुआ तो जिला प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों की मांग के आधार पर अतिरिक्त सहायता भेजी जाएगी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा और राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य भी उपस्थित थे।

  • हिमाचल को मिलेगा हाई-टेक मौसम नेटवर्क, CM Sukhu ने रखी बड़ी मांग

    हिमाचल को मिलेगा हाई-टेक मौसम नेटवर्क, CM Sukhu ने रखी बड़ी मांग

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत सायं नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में त्वरित चेतावनी उपलब्ध करवाने के लिए डॉप्लर वेदर रडार और समुचित संख्या में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति, वैश्विक ऊष्मीकरण एवं मौसम में परिवर्तन के कारण प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस कारण राज्य में व्यापक स्तर पर नुकसान हो रहा है। उन्होंने किन्नौर जिला में एक डॉप्लर वेदर रडार और प्रदेश में 150 स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया ताकि इनके माध्यम से पूरे राज्य में अग्रिम चेतावनी प्रणाली का लाभ मिल सके। उन्होंने आग्रह किया कि यह प्रणालियां अगले मानसून सीजन से पूर्व स्थापित की जाएं।

    मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति जिला के लिए एक डॉप्लर वेदर रडार स्वीकृत करने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री से आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मौसम डेटा को केंद्र द्वारा अधिसूचित अग्रिम चेतावनी एजेंसियों के डेटा के साथ एकीकृत किया जाना आवश्यक है। इससे एकीकृत जानकारी एवं समयबद्ध अग्रिम चेतावनी प्राप्त होने में सुगमता होगी। उन्होंने कांगड़ा-हमीरपुर जोन में सीस्मिक प्रयोगशाला एवं डेटा विश्लेषण केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया।

    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और उच्च क्षमता युक्त केंद्र की स्थापना प्रदेश सहित अन्य पर्वतीय राज्यों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री ने हमीरपुर जिला में मौसम डेटा केंद्र, प्रदेश के उंचाई वाले क्षेत्रों में दो अतिरिक्त वायु निगरानी प्रणालियां और शेडो जोन में कॉम्पैक्ट वेदर रडार स्थापित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं में अप्रत्याशित वृद्धि के दृष्टिगत अत्याधुनिक चेतावनी एवं डेटा अनुश्रवण और विश्लेषण प्रणाली की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री से प्रदेश में अंतरिक्ष विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स कार्यक्रम, कृत्रिम मेधा एवं संबंद्ध तकनीक की अद्यतन जानकारी के लिए रिफ्रेशर कोर्स, पर्यावरण संरक्षण एवं समग्र विकास के दृष्टिगत पौध आधारित पैकेजिंग प्रणाली तैयार करने के लिए अनुसंधान तथा विकास केंद्र और प्रदेश में पर्वतीय जैविक संसाधनों के समग्र उपयोग के लिए जैव उत्पादन हब (बायो मैन्यूफेक्चरिंग हब) की स्थापना के लिए प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह भी किया। प्रदेश में प्राकृतिक कृषि एवं लैवेंडर सहित लेमन ग्रास और पुष्प खेती के विषय में भी बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने अवगत करवाया कि हिमाचल प्राकृतिक कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश सरकार की इस पहल से कृषक व्यापक स्तर पर लाभान्वित हो रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने हिमाचल सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य की विभिन्न मांगों पर शीघ्र उचित निर्णय लिया जायेगा।

    भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार यादव तथा केंद्रीय राज्य मंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • CM Sukhu ने किया बड़ा ऐलान, सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों का बनेगा अलग कैडर, ममलीग को मिला तहसील का दर्जा

    CM Sukhu ने किया बड़ा ऐलान, सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों का बनेगा अलग कैडर, ममलीग को मिला तहसील का दर्जा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के ममलीग में एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए ममलीग उप-तहसील को स्तरोन्नत कर तहसील बनाने की घोषणा की। उन्होंने ममलीग में लोक निर्माण विभाग का उप मण्डल खोलने तथा स्कूल की छत्त के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 50 हजार रुपए देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर रही है और पारदर्शिता के लिए माई डीड परियोजना आरंभ की गई है, जिससे भूमि की रजिस्ट्री के लिए आम लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने गहन अध्ययन किया और सुधारात्मक कदम उठाए, जिसके आज सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में देश भर में 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से गुणात्मक सुधार आया और आज हिमाचल प्रदेश 5वें स्थान पर पहुंच गया है। पूर्व में वर्षभर अध्यापकों की ट्रांसफर होती रहती है, जिससे बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ता था। लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने कड़े फैसले लिए। उन्होंने कहा कि जो स्कूल पिछली भाजपा सरकार ने मात्र राजनीतिक लाभ के लिए खोले थे, वर्तमान सरकार ने उन्हें बंद करने का फैसला लिया। गांव में पढ़ने वाले बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। आज ममलीग में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण शुरू हो गया है।

    उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए प्रथम चरण में प्रदेश में 100 स्कूल सीबीएसई आधारित बनाए जा रहे हैं, जिनमें राज्य सरकार सभी विषयों के अध्यापक नियुक्त किए जाएंगे और अध्यापकों का अलग कैडर होगा। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अलग ड्रेस कोड होगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई शुरू कर दी गई है।

    सुक्खू ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती के साथ-साथ आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने सिर्फ भवन बनाने पर ध्यान दिया तथा वहां सुविधाएं प्रदान करने और स्टाफ की भर्ती पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान सरकार एम्स दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी पर तीन हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। हमारे प्रयासों से अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू कर दी गई है। चमियाणा, आईजीएमसी शिमला और टांडा में ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 75 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे एक ही ब्लड सैंपल से मरीजों के कई टेस्ट एक साथ हो सकेंगे।

    वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा दो वर्षों में गाय के दूध का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 51 रुपए तथा भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपए प्रति लीटर किया गया है। सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं और पांगी क्षेत्र में उगाई गई जौ को 60 रुपए प्रति किलो, जबकि मक्की को 40 रुपए और कच्ची हल्दी को 90 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से किसानों को उनकी मेहनत का उचित फल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछली भाजपा सरकार ने पांच बड़े कस्टमाइज्ड पैकेज के तहत 5000 बीघा जमीन मात्र 14 करोड़ रुपए दे दी जबकि इस जमीन का मूल्य 1000 करोड़ रुपए है। इसके अलावा उन्हें बिजली व पानी भी फ्री कर दिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने से हिमाचल प्रदेश को नुकसान हुआ और उसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने मुआवजा जुलाई 2022 तक दिया। उसके बाद से हिमाचल प्रदेश को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को 50 हजार करोड़ रुपए अधिक मिले लेकिन उसे प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए खर्च नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश को कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।

    इससे पूर्व ममलीग पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ममलीग के पूर्व विद्यार्थियों, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा को स्कूल प्रबंधन की ओर से सम्मानित किया।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार उनके नेतृत्व में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आज ममलीग में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए राज्य सरकार विशेष पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं और आधुनिक चिकित्सा मशीनें स्थापित की जा रही हैं।

    इस अवसर पर विधायक राम कुमार चौधरी, संजय अवस्थी, सुरेश कुमार, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस नेता शिव कुमार, राहुल ठाकुर, जतिन साहनी, कर्नल संजय शांडिल, उपायुक्त मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने सोलन में 27.43 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर दिया विकास को नई रफ्तार

    मुख्यमंत्री ने सोलन में 27.43 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर दिया विकास को नई रफ्तार

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन विधानसभा क्षेत्र के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 27.43 करोड़ रुपये की लागत की 5 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। उन्होंने 8.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सायरी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन, 59 लाख रुपये की लागत से निर्मित वन विश्राम गृह, सेरीघाट का उद्घाटन किया। उन्होंने ममलीग ग्राम पंचायत के बशील में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने ममलीग ग्राम पंचायत के कायसू में 2 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र और ममलीग में 16.34 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला भी रखी।

     

  • हिमाचल में जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति पर मंथन, समिति करेगी स्थल निरीक्षण

    हिमाचल में जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति पर मंथन, समिति करेगी स्थल निरीक्षण

    शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सामान्य विकास समिति की बैठक सोमवार को समिति के सभापति केवल सिंह पठाानिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। समिति ने शौंगटांग कड़छम, काशंगप्प् एवं चांजू-प्प्प् विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में विभागीय प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी ली तथा विभागीय अधिकारियों को इन परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। पठानिया ने कहा कि परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में विलंब के कारण प्रदेश को वित्तीय नुकसान सहना पड़ रहा है इसलिए इन्हें समयबद्ध पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

     

    समिति ने इन तीनों परियोजनाओं का निरीक्षण करने का भी निर्णय लिया। समिति द्वारा विद्युत विकास विभाग की वित्तीय वर्ष 2023-24 की अनुदान मांगों की समीक्षा भी की गई। इस बैठक में समिति के सदस्य विधायक राकेश कालिया, विनोद कुमार, रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल, दलीप ठाकुर, सुदर्शन सिंह बबलु और हरदीप सिंह बाबा, सचिव विद्युत राकेश कंवर, निदेशक सिविल सुरेंद्र कुमार, निदेशक (वित्त) नरेश ठाकुर, निदेशक (विद्युत) मनीष महाजन उपस्थित रहे।